CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 166501 केंद्र (–a, –b) और त्रिज्या (a2 – b2) वाले वृत्त (circle) का समीकरण है:


A. (x – a)2 + (y – b)2 = a2 – b

B. (x + a)2 + (y + b)2 = a2 – b2

C. (x – a)2 + (y + b)2 = a2 + b2

D. (x – a)2 + (y – b)2 = (a2 – b2)

Right Answer is: B

SOLUTION

बिंदु (x1, y1) से होकर जाने वाले और त्रिज्या ‘r’ वाले वृत्त का मानक समीकरण (General equation) है:
(x - x1)2 + (y - y1)2 = r2
अतः, अभीष्ट वृत्त का समीकरण है:
(x + a)2 + (y + b)2 = a2 – b2


Q. 166502 परवलय (parabola) y2=12x की नाभि (focus) और नाभिलंब जीवा (latus rectum) के निर्देशांक (coordinates) ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166503 यदि किसी अतिपरवलय (hyperbola) में, दीर्घ अक्ष (major अक्ष) की लंबाई 12 cm और लघु अक्ष (minor अक्ष) की लंबाई 8 cm है, तो इस अतिपरवलय की नाभियों (foci) के निर्देशांक (coordinates) ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166504
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166505 मूल बिंदु (origin) पर शीर्ष (vertex) वाले परवलय (parabola) का समीकरण ज्ञात कीजिए। परवलय y-अक्ष के सापेक्ष सममित (symmetric) है और (3,–5) से होकर जाता है।
Right Answer is:

SOLUTION

परवलय (parabola) का शीर्ष (vertex) मूल बिंदु (origin) पर है और यह y-अक्ष के सापेक्ष सममित (symmetric) है, अर्थात् परवलय का अक्ष, y-अक्ष के अनुदिश (along) स्थित है।
परवलय चौथे चतुर्थांश (quadrant) में स्थित एक बिंदु (3, –5) से होकर जाता है। अतः, परवलय चौथे चतुर्थांश में स्थित है और इसका मानक समीकरण (standard equation) x2 = – 4ay है। बिंदु (3, –5) इस वक्र पर स्थित है, तो
              (3)2 = –4a (–5)

                 9 = 20a
                 a = (9/20)

      इस प्रकार, परवलय का समीकरण है:

               x2 = – 4(9/20)y
                   = – (9/5)y


Q. 166506
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166507 परवलय (parabola) y2= 16x के लिए नाभि (focus) के निर्देशांक (coordinates), परवलय का अक्ष, नियता (directrix) का समीकरण और नाभिलंब जीवा (latus rectum) की लंबाई ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

दिए गए परवलय में y2 है, अतः परवलय का अक्ष x-अक्ष है।
दिए गए परवलय का रूप y2 = 4ax है। अतः,

      a = 4

नाभि (focus) (4, 0) पर स्थित है।

नियता (directrix) का समीकरण है: x = - 4

नाभिलंब जीवा (latus rectum) की लंबाई= 4a 
                                  
           = 4(4)
                                  
           = 16


Q. 166508 सिद्ध कीजिए कि रेखा x + y = 5, वृत्त x2 + y2-2x-4y+3=0 को स्पर्श करती है। साथ ही, स्पर्श बिंदु (point of contact) ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है: रेखा का समीकरण x + y=5  और वृत्त का समीकरण x2+y2-2x-4y+3=0 है
इन्हें सरल करने पर, हम प्राप्त करते हैं:

दी गई रेखा और स्पर्शज्या
(tangent) संपाती बिंदुओं (coincident points) (2, 3) और (2, 3) पर एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं।
इस प्रकार, रेखा वृत्त को स्पर्श करती है और स्पर्श बिंदु (point of contact) (2, 3) है।
 


Q. 166509 उस वृत्त (circle) का समीकरण ज्ञात कीजिए, जो बिंदु (2, 4) से होकर जाता है और जिसका केंद्र, रेखाओं x – y = 4 और 2x + 3y = -7 के प्रतिच्छेद बिंदु (point of intersection) पर स्थित है।
Right Answer is:

SOLUTION

दी गई रेखाओं के समीकरणों को हल करने पर, हम प्राप्त करते हैं:

x = 1 और y = - 3

वृत्त का केंद्र (1, - 3) पर है।

वृत्त (2, 4) से होकर जाता है।


Q. 166510 निम्नलिखित प्रतिबंधों को संतुष्ट करने वाले दीर्घवृत्त (ellipse) का समीकरण ज्ञात कीजिए:
(4, 0 ) पर शीर्ष (vertices) और (3, 0 ) पर नाभियाँ (foci)।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166511 दीर्घवृत्त (ellipse) 49x2+25y2=1225 की नाभियों (foci) और शीर्षों (vertices) के निर्देशांक (coordinates), दीर्घ अक्ष (major axis) और लघु अक्ष (minor axis) की लंबाइयाँ, उत्केंद्रता (eccentricity) और नाभिलंब जीवा (latus rectum) की लंबाई ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION




Q. 166512 समतल का समीकरण (equation of the plane), जिसके निर्देशांक अक्षों (coordinate axes) पर अंतःखंड (intercepts) 2, -3, 6 हैं, होगा:


A.

2x – 3y + 6z = 1

B.

3x – 2y + z = –6

C.

3x + 2y + z = 6

D.

3x – 2y + z = 6

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 166513 y-अक्ष के दिक्-कोसाइन (direction cosines) हैं:


A.

1, 1, 1

B.

0, 1, 0

C.

1, 0, 0

D.

0, 0, 1

Right Answer is: B

SOLUTION

चूँकि y-अक्ष x, y, z-अक्षों पर क्रमशः 90°, 0°, 90° के कोण बनाता है, अतः इसके दिक्-कोसाइन (direction cosines) cos 90°, cos 0°, cos 90°, अर्थात  0, 1, 0 हैं।


Q. 166514 मस्जिद के प्रारूप का वर्णन कीजिये ?
Right Answer is:

SOLUTION

मस्जिद की दो विशेषताएँ थीं-

दीवार में एक मेहराब, जो मक्का (किबला) की दिशा का संकेत देती है और एक मंच (मिम्बर) जहाँ से शुक्रवार को दोपहर की नमाज के समय प्रवचन दिए जाते हैं।

इमारत में एक मीनार जुड़ी होती है जिसका उपयोग नियत समयों पर प्रार्थना हेतु लोगों को बुलाने के लिए किया जाता है। मीनार नए धर्म के अस्तित्व का प्रतीक है।

शहरों और गाँवों में लोग समय का अंदाजा पाँच दैनिक प्रार्थनाओं और साप्ताहिक प्रवचनों की सहायता से लगाते थे।


Q. 166515 ख़लीफ़ा की पतनोन्मुख सत्ता के क्या प्रभाव हुए थे?
Right Answer is:

SOLUTION

9 वीं शताब्दी में खलीफा की पतनोन्मुख अवस्था में, अरब साम्राज्य अनेक स्वतंत्र राज्यों में विभाजित हो गया, तुर्क में कई खानाबदोश जनजातियां अस्तित्व में थीं,इन जनजातियों ने इस्लाम को उनके धर्म के रूप में अपनाया तुर्कों ने स्वतंत्र राज्यों के रूप में गजनी और गौर राज्यों की स्थापना की, उन राज्यों ने भारत में एक मुस्लिम साम्राज्य की स्थापना की


Q. 166516 इस्लाम के आगमन से पूर्व, अरबों के सामाजिक जीवन को परिभाषित कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

इस्लाम के आगमन से पूर्व, अरब अनेक जनजातियों में विभाजित थे ये जनजातियां एक-दूसरे के साथ लगातार युद्ध की स्थिति में रहती थीं, उनका जीवन कठिन था एवं वे निर्धनता का जीवन व्यतीत करते थे, वे स्वभावतः अंधविश्वासी थे, और अनेक देवी-देवताओं की पूजा किया करते थे, कुछ अरब व्यापार में भी सलंग्न थे, व्यापार के उद्देश्य से वे लोग कारवाँ के साथ दूरस्थ स्थानों की यात्रा किया करते थे


Q. 166517 खिलाफत का क्या अर्थ है और इसके क्या उद्देश्य थे?
Right Answer is:

SOLUTION

सन् 632 में पैगम्बर मुहम्मद के देहांत के बाद, कोई भी व्यक्ति वैध रूप से इस्लाम का अगला पैगम्बर होने का दावा नहीं कर सकता था। इसके परिणामस्वरूप, उनकी राजनैतिक सत्ता, उत्तराधिकार के किसी सुस्थापित सिद्धान्त के अभाव में उम्मा को हस्तांतरित कर दी गई। इससे नवाचारों के लिए अवसर उत्पन्न हुए। सबसे बड़ा नव-परिवर्तन यह हुआ कि खिलाफत की संस्था का निर्माण हुआ, जिसमें समुदाय का नेता (अमीर अल-मोमिनिन) पैगम्बर का प्रतिनिधि (खलीफा) बन गया। खिलाफत के दो प्रमुख उद्देश्य थे- एक तो कबीलों पर नियंत्रण कायम करना, जिनसे मिलकर उम्मा का गठन हुआ था और दूसरा, राज्य के लिए संसाधन जुटाना।


Q. 166518 सूफी कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

मध्यकालीन इस्लाम के धार्मिक विचारों वाले लोगों का एक समूह सूफी कहलाता था। ये लोग तपश्चर्या और रहस्यवाद के जरिये खुदा का अधिक गहन एवं और अधिक वैयक्तिक ज्ञान प्राप्त करना चाहते थे।

वे मुहम्मद के शब्दों और कर्मों का अनुकरण करने, और पारंपरिक रूप से गरीबी और संयम का जीवन अपनाने का प्रयास करते हैं।

समाज जितना अधिक भौतिक पदार्थों और सुखों की ओर लालायित होता था, सूफी लोग उतना ही अधिक संसार का त्याग करना चाहते थे और केवल खुदा पर भरोसा (तवक्कल)करना चाहते थे। सूफी आनंद उत्पन्न करने और प्रेम तथा भावावेश उदीप्त करने के लिए संगीत समारोहों (समा) का उपयोग करते थे।

एक ईरानी सूफी बयाजिद बिस्तामी पहला व्यक्ति था, जिसने अपने आपको खुदा में लीन (फना) करने के महत्व को अपने उपदेश में बतलाया था। जिसमें रहस्यवादी खुद उस समय पूरी तरह से परमात्मा में लीन हो जाता है, जिस क्षण उसे स्वयं उसकी एवं उसके आसपास की वस्तुओं की कुछ सुध नहीं रहती।


Q. 166519 अल-कानून फिल तिब (चिकित्सा के सिद्धान्त) क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

पुस्तक चिकित्सा के सिद्धान्त (अल-कानून फिल तिब) की रचना इब्न सिना (980-1037) द्वारा की गई थी, जो व्यवसाय की दृष्टि से एक चिकित्सक और दार्शनिक था, यह दस लाख शब्दों वाली पांडुलिपि थी, जिसमें उस समय के औषधशास्त्रियों द्वारा बेची जाने वाली 760 औषधियों का उल्लेख किया गया है और उसके द्वारा अस्पतालों (बीमारिस्तान) में किए गए प्रयोगों तथा अनुभवों की जानकारी भी दी गई है। इस पुस्तक में आहार-विज्ञान (आहार के विनियमन के जरिए उपचार) के महत्त्व पर प्रकाश डाला गया है। यह बताया गया है कि जलवायु और पर्यावरण का स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है, और कुछ रोगों के संक्रामक स्वरूप की जानकारी दी गई है। इस पुस्तक का उपयोग यूरोप में एक पाठ्यपुस्तक के रूप में किया जाता था जहाँ लेखक को एविसेन्ना के नाम से जाना जाता था। यह कहा जाता है कि एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक और कवि उमर खय्याम अपनी मृत्यु से ठीक पहले यह पुस्तक पढ़ रहे थे।


Q. 166520 खलीफा शासित क्षेत्रों में कर-संग्रहण किस प्रकार किया जाता था और इसके क्या परिणाम रहे थे?
Right Answer is:

SOLUTION

1.अरबों द्वारा जीती गई भूमि पर, जो मालिकों के हाथों में रहती थी, कर (खराज) लगता था, जो खेती की स्थिति के अनुसार पैदावार के आधे से लेकर उसके पांचवें हिस्से के बराबर होता था।

2. मुसलमान उपज का दसवां (उश्र) हिस्सा कर के रूप में भुगतान करते थे।

3. जब गैर-मुसलमान कम कर देने के उद्देश्य से मुसलमान बनने लगे तो उससे राज्य की आय कम हो गई।

4. इस समस्या को दूर करने के लिए कराधान की एकसमान नीति अपनाई गई।


Q. 166521 अरब जगत के उत्थान में अबु खलीफा '(उमय्यद खलीफा) की भूमिका के बारे में बताइये ।
Right Answer is:

SOLUTION

अबु खलीफा की अवधि को सर्वाधिक बौद्धिक और सांस्कृतिक उत्कृष्टता की अवधि के रूप में देखा गया था, अब्बासिद(अबु) ने खिलाफत को दमिश्क से बगदाद स्थानांतरित कर दिया, जो कि व्यापार और संस्कृति के एक शानदार शहर के रूप में उभरा

अरबों ने अन्य संस्कृतियों और सभ्यताओं की अच्छाइयों को अवशोषित और आत्मसात कर लिया, उन्होंने सर्वोत्तम विचारों, कौशल और वैज्ञानिक ज्ञान को अपनाया

अब्बासिद खलीफा ने अरबी में विभिन्न प्राचीन सभ्यताओं के सामूहिक ज्ञान को अनुवादित करने के लिए बगदाद में द हाउस ऑफ़ विस्डम (ज्ञान का घर) की स्थापना की, अरब जगत, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का केंद्र बन गया


Q. 166522 इस्लाम के मुख्य सिद्धांतों की व्याख्या कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

इस्लाम के मुख्य सिद्धांत हैं -

अ.ईश्वर, सिर्फ एक ही है, और मुहम्मद उसका पैगम्बर है

ब.मुसलमानों को दिन में पाँच बार नमाज़ अदा करनी चाहिए

स.उन्हें, रमजान के पवित्र महीने के दौरान सुबह से शाम तक रोज़े रखने चाहिए

द.उनके धन का एक हिस्सा दान में देकर गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए

ई.उन्हें अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार मक्का की तीर्थयात्रा करनी चाहिए

इसके अलावा, पैगंबर मुहम्मद ने मूर्ति पूजा को प्रतिबंधित कर अन्य लोगों के प्रति सद्व्यवहार करने के महत्व पर बल दिया


Q. 166523 इस्लाम धर्म की शिक्षाओं एवं सिद्धांतों का वर्णन कीजिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

हजरत मोहम्मद एक मनुष्य और शिक्षक के रूप में विश्व के सम्पूर्ण इतिहास में एक बेमिसाल विभूति थे हजरत मोहम्मद ने इस्लाम धर्म की स्थापना की
इस्लाम धर्म के प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं -

समता, समानता और बंधुत्व इस्लाम धर्म के लोग मानते हैं  अल्लाह एक है और हम सभी उसके बन्दे हैं हजरत मोहम्मद अल्लाह का पैगाम लेन वाले पैगम्बर है हजरत मोहम्मद ने जब अल्लाह का पैगाम लोगों को दिया हजरत मोहम्मद के अनुसार आत्मा अमर है  

प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म की रक्षा करनी चाहिए परन्तु दूसरों के धर्म को कभी हानि नहीं पहुँचानी चाहिए मोहम्मद साहब के अनुसार अल्लाह और आत्मा में सीधा सम्बन्ध है और मूर्तिपूजा करना आडम्बरयुक्त जीवन का प्रतीक है।

इस्लाम धर्म की शिक्षाएं -

 नमाज   -प्रतिदिन पाँच बार नमाज पढ़ना
रमजान  - रमजान के पवित्र महीने में रोजा रखना
कलमा             - अल्लाह एक है और मोहम्मद उसके पैगम्बर हैं
ज़कात- अपनी उपार्जित आय से गरीबों में दान करना
हज  - पूरे जीवन में एक बार मक्का की तीर्थयात्रा करना


Q. 166524 क्रूसेड (धर्मयुद्ध) का क्या अर्थ है और वे क्यों लड़े गए थे?
Right Answer is:

SOLUTION

1092 में बगदाद के सलजुफ सुल्तान,मलिक शाह की मृत्यु के बाद उसके साम्राज्य का विघटन हो गया। इससे बाइजेन्टाइन सम्राट एलेक्सियस प्रथम को एशिया माइनर और उत्तरी सीरिया को फिर से हथियाने का मौका मिल गया। पोप अर्बन द्वितीय के लिए ईसाई धर्म की जीवट प्रवृत्ति को फिर से जीवित करने का एक अवसर था। 1095 में, पोप ने बाइजेन्टाइन सम्राट के साथ मिलकर पुण्य देश (होली लैंड) को मुक्त कराने के  लिए ईश्वर के नाम पर युद्ध के लिए आह्वान किया। 1095 और 1291 के बीच पश्चिमी यूरोपीय ईसाइयों ने पूर्वी भूमध्यसागर के तटवर्ती मैदानों में मुस्लिम शहरों के खिलाफ युद्धों की योजना बनाई और फिर लगातार अनेक युद्ध लड़े गए। इन लड़ाइयों को बाद में धर्मयुद्धका नाम दिया गया।


Q. 166525 विजीत भूमि पर खलीफा द्वारा स्थापित प्रशासनिक संरचना का वर्णन कीजिये ?
Right Answer is:

SOLUTION

विजीत किए गए सभी प्रांतों का प्रशासन के प्रमुख गवर्नर (अमीर) और कबीलों के मुखिया (अशरफ) थे। केन्द्रीय राजकोष (बैत अल-माल) अपना राजस्व मुसलमानों द्वारा अदा किए जाने वाले करों से और इसके अलावा धावों से मिलने वाली लूट में अपने हिस्से से प्राप्त करता था। खलीफा के सैनिक, जिनमें अधिकतर बेदुइन थे, रेगिस्तान के किनारों पर बसे शहरों, जैसे कुफा और बसरा में शिविरों में रहते थे, ताकि वे अपने प्राकृतिक आवास स्थलों के निकट और खलीफा की कमान के अंतर्गत बने रहें। शासक वर्ग और सैनिकों को लूट में हिस्सा मिलता था और मासिक अदायगियाँ (अता) प्राप्त होती थीं। गैर-मुस्लिम लोगों द्वारा करों (खराज और जज़िया)को अदा करने पर, उनका सम्पत्ति का और धार्मिक कार्यों को संपन्न करने का अधिकार बना रहता था। यहूदी और ईसाई राज्य के संरक्षित लोग (धिम्मीस) घोषित किए गए और अपने सामुदायिक कार्यों को करने के लिए उन्हें काफी अधिक स्वायत्तता दी गई थी।


Q. 166526 शिक्षा के क्षेत्र में इस्लामी जगत को यूनानी दर्शन और विज्ञान का क्या योगदान था?
Right Answer is:

SOLUTION

1)सिकंदरिया, सीरिया और मेसोपोटामिया के स्कूलों में, जो कभी सिकन्दर के साम्राज्य के भाग थे, अन्य विषयों के साथ-साथ यूनानी दर्शन, गणित और चिकित्सा की शिक्षा दी जाती थी। 2)उम्मयद और अब्बासी खलीफाओं ने ईसाई विद्वानों से यूनानी और सीरियाक भाषा की किताबों का अनुवाद कराया। अल-मामून के शासन में अनुवाद एक सुनियोजित क्रियाकलाप बन गया था।

3)बगदाद में पुस्तकालय-व-विज्ञान संस्थान (बायत अल-हिक्मा), जहाँ विद्वान काम करते थे, की स्थापना की गई।

4)अरस्तु की कृतियों, यूक्लिड की एलीमेंट्स और टोलेमी की पुस्तक एल्मागेस्ट की ओर अरबी पढ़ने वाले विद्वानों का ध्यान दिलाया गया।

5)खगोल विज्ञान, गणित और चिकित्सा के बारे में भारतीय पुस्तकों का अनुवाद भी इसी काल में अरबी में किया गया। ये रचनाएँ यूरोप में पहुँची और इनसे दर्शन-शास्त्र और विज्ञान में रुचि उत्पन्न हुई।


Q. 166527 कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य द्वारा क्या सहायता प्रदान की गई थी? कौनसी फसलों का उत्पादन किया जाता था ?
Right Answer is:

SOLUTION

नये अधिग्रहीत प्रदेशों में बसी हुई आबादी का प्रमुख व्यवसाय कृषि था। कृषि भूमि का सर्वोपरि  नियंत्रण राज्य के हाथों मे था।

भू-राजस्व आय का मुख्य स्रोत था। कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य ने विभिन्न उपाय लागू किए। राज्य ने सिंचाई प्रणालियों, बांधों और नहरों के निर्माण, कुओं की खुदाई के लिए सहायता दी। इस्लामी कानून में उन लोगों को कर में रियायत दी गई, जो जमीन को पहली बार खेती के काम में लाते थे। किसानों की पहल और राज्य  के समर्थन के जरिए खेती-योग्य भूमि का विस्तार हुआ और प्रमुख प्रौद्योगिकीय परिवर्तनों के अभाव की स्थिति में भी उत्पादकता में वृद्धि हुई। बहुत-सी नयी फसलों, जैसे - कपास, संतरा,केला, तरबूज, पालक और बैंगन की खेती की गई और यूरोप को उनका निर्यात भी किया गया।


Q. 166528 रिक्त स्थानों की पूर्ती कीजिये -
क. मुहम्मद तुग़लक ने अपनी राजधानी में स्थापित की ।
ख. बहमनी वंश का सबसे महान शासक था ।
ग. रेवातिद्वीप का आधुनिक नाम है ।
ध. डोमिन्गो पाएस ने की यात्रा की ।
ड़. विजयनगर की स्थापना में हुई ।
च. बहमन शाह ने बहमनी राज्य को प्रान्तों में बांटा ।
Right Answer is:

SOLUTION

क. दौलताबाद 
ख. फिरोजशाह 
ग. गोवा 
ध. विजयनगर 
ड.. 1336 
च. चार  


Q. 166529 निम्न लिखित में रिक्त स्थानों की पूर्ती कीजिये -
क. इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग दिन में .................. बार नमाज पढ़ते है ।
ख. इस्लाम धर्म के लोग मानते है की .................. एक है।
ग. अल्लाह को मानने वाले सब लोग .................. है ।
घ. सन 1190 ई० के बाद भारत में .................. लोगों ने अपना राज्य स्थापित कर लिया था ।
ड़. ................... खलीफा पैगम्बर के .................. मने जाते थे।
च. अरबों ने कई संस्कृत ग्रंथों के .................. भाषा में अनुवाद किया ।
Right Answer is:

SOLUTION

क. पाँच बार 
ख. अल्लाह
ग. बराबर   
घ. तुर्क 
ड़. उत्तराधिकारी 
च. अरबी 


Q. 166530 कितने धर्मयुद्ध लड़े गए थे? प्रत्येक का संक्षेप में वर्णन कीजिये।

Right Answer is:

SOLUTION

 

अब्बासी वंश जब इसके दुर्बल साम्राज्य पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा था, उस समय उसे यूरोप से एक नए खतरे का सामना करना पड़ा। रोमन कैथोलिक पोप ने मुसलमानों से पवित्र भूमि को अधिग्रहित करने के लिए सैन्य अभियान या धर्मयुद्ध शुरू करने के लिए ईसाई राजाओं और सामंतों को प्रोत्साहित किया। ईसाइयों और मुसलमानों के बीच तीन धर्मयुद्ध लड़े गए थे।

प्रथम धर्मयुद्ध (1098-1099) में, फ्रांस और इटली के सैनिकों ने सीरिया में एंटीओक और जेरूसलम पर कब्जा कर लिया। शहर में मुसलमानों और यहूदियों की विद्वेषपूर्ण हत्याएँ की गईं और शहर पर विजय प्राप्त कर ली गई, जिसके बारे में ईसाइयों और मुसलमानों दोनों ने काफी लिखा है। मुस्लिम लेखकों ने ईसाइयों (जिन्हें फिरंगी अथवा इम्फीजी कहा जाता था) के आगमन का उल्लेख पश्चिमी लोगों के आक्रमण के रूप में किया है। इन्होंने सीरिया-पिफलिस्तीन के क्षेत्र में जल्दी ही धर्मयुद्ध द्वारा जीते गए चार राज्य स्थापित कर लिए। इन क्षेत्रों को सामूहिक रूप से आउटरैमर (समुद्रपारीय भूमि) कहा जाता था और बाद के धर्मयुद्ध इसकी रक्षा और विस्तार के लिए किए गए।

आउटरैमर प्रदेश कुछ समय तक भली-भांति कायम रहा, लेकिन जब तुर्कों ने 1144 में एडेस्सा पर कब्जा कर लिया तो पोप ने एक दूसरे धर्मयुद्ध (1145-1149) के लिए अपील की। एक जर्मन और फ़्रांसीसी सेना ने दमिश्क पर कब्जा करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हरा कर घर लौटने के लिए मजबूर कर दिया गया। इसके बाद आउटरैमर की शक्ति धीरे –धीरे क्षीण होती गई। धर्मयुद्ध का जोश अब खत्म हो गया और ईसाई शासकों ने विलासिता से जीना और नए-नए इलाकों के लिए लड़ाई करना शुरू कर दिया। सलाह अल-दीन (सलादीन) ने एक मिस्री-सीरियाई साम्राज्य स्थापित किया और ईसाइयों के विरुद्ध  धर्मयुद्ध करने का आह्वान किया, और उन्हें 1187 में पराजित कर दिया। उसने पहले धर्मयुद्ध के लगभग एक शताब्दी बाद, जेरूसलम पर फिर से कब्जा कर लिया।उस समय के अभिलेखों से संकेत मिलता है कि ईसाई लोगों के साथ सलाह अल-दीन का व्यवहार दयामय था, जो विशेष रूप से उस तरीके के व्यवहार के विपरीत था, जैसा पहले ईसाइयों ने मुसलमानों और यहूदियों के साथ किया था। हालांकि उसने द चर्च ऑफ दि होली सेपलकर की अभिरक्षा का काम ईसाइयों को सौंप दिया था, लेकिन बहुत-से गिरजाघरों को मस्जिदों में बदल दिया गया, और जेरूसलम एक बार पिफर मुस्लिम शहर बन गया। इस शहर के छिन जाने से, 1189 में तीसरे धर्मयुद्ध के लिए प्रोत्साहन मिला, लेकिन धर्मयुद्ध करने वाले फिलिस्तीन में कुछ तटवर्ती शहरों और ईसाई तीर्थयात्रियों के लिए जेरूसलम में मुक्त रूप से प्रवेश के सिवाय और कुछ प्राप्त नहीं कर सके । मिस्र के शासकों, मामलुकों ने अंततः 1291 में धर्मयुद्ध करने वाले सभी ईसाइयों को समूचे फिलिस्तीन से बाहर निकाल दिया। धीरे-धीरे यूरोप की इस्लाम में सैनिक दिलचस्पी समाप्त हो गई और उसका ध्यान अपने आंतरिक राजनीतिक और सांस्कृतिक  विकास की ओर केन्द्रित हो गया।

इन धर्मयुद्धों ने ईसाई-मुस्लिम सम्बन्धों के दो पहलुओं पर स्थायी प्रभाव छोड़ा। इनमें से एक था,मुस्लिम राज्यों का अपने ईसाई प्रजाजनों की ओर कठोर रुख, जो लड़ाइयों की कड़वी यादों और मिली-जुली आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा की जरूरतों का परिणाम था। दूसरा था, मुस्लिम सत्ता की बहाली के बाद भी पूर्व और पश्चिम के बीच व्यापार में इटली के व्यापारिक समुदायों (पीसा,जेनोआ और वैनिस)का अधिक प्रभाव।


Q. 166531 इस्लामी जगत में शहर का विन्यास किस प्रकार का था? वर्णन कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

1)जैसे-जैसे शहरों की संख्या में तेज् से बढ़ोतरी हुई, वैसे ही इस्लामी सभ्यता फली-फूली ।बहुत-से नए शहरों की स्थापना की गई, जिनका उद्देश्य मुख्य रूप से अरब सैनिकों (जुंड) को बसाना था, जो स्थानीय प्रशासन की रीढ़ थे। इस श्रेणी के फौजी शहरों में, जिन्हें मिस्र कहा जाता था(इजिप्ट का अरबी नाम), कुफा और बसरा इराक में, और फुस्तात तथा काहिरा मिस्र में थे।अब्बासी खिलाफत (800) की राजधनी के रूप में अपनी स्थापना के बाद आधी शताब्दी के अंदर बग्दाद की जनसंख्या बढ़ कर लगभग दस लाख तक पहुँच गई थी। इन शहरों के साथ-साथ दमिश्क, इस्फ़हान और समरकंद जैसे कुछ पुराने शहर थे, जिन्हें नया जीवन मिल गया था।खाद्यान्नों और शहरी विनिर्माताओं के लिए कच्ची सामग्री, जैसे कपास और चीनी के उत्पादन में वृद्धि की गई जिससे इन शहरों के आकार और इनकी जनसंख्या में बढ़ोतरी हुई। इस प्रकार संपूर्ण क्षेत्र में शहरों का एक विशाल जाल विकसित हो गया। एक शहर दूसरे शहर से जुड़ गया और परस्पर संपर्क एव कारोबार बढ़ गया।

2)शहर के केंद्र में दो भवन-समूह होते थे, जहाँ से सांस्कृतिक और आर्थिक शक्ति का प्रसारण होता था: उनमें एक मस्जिद (मस्जिद अल-जामी) होती थी जहाँ सामूहिक नमाज़ पढ़ी जाती थी। यह इतनी बड़ी होती थी कि दूर से दिखाई दे सकती थी। दूसरा भवन-समूह केंद्रीय मंडी (सुक) था, जिसमें दुकानों की कतारें होती थीं, व्यापारियों के आवास (फंदक) और सर्राफ का कार्यालय होता था। ये दोनों इमारतें मुस्लिम साम्राज्य के सांस्कृतिक और आर्थिक शक्ति का प्रदर्शन करती थीं।

3) मस्जिद के रूप में धार्मिक भवन की केंद्रीय उपस्थिति, मध्यकालीन इस्लामी शहर, विशेष रूप से सार्वजनिक जीवन में, धर्म की प्राथमिक भूमिका का साक्षी है

4)शहर प्रशासकों (जो राज्य के आयन अथवा नेत्र थे)और विद्वानों और व्यापारियों(तुज्जर) के लिए घर होते थे, जो केंद्र के निकट रहते थे।

5)सामान्य नागरिकों और सैनिकों के रहने के क्वार्टर बाहरी घेरे में होते थे, और प्रत्येक में अपनी मस्जिद, गिरजाघर अथवा सिनेगोग(यहूदी प्रार्थनाघर), छोटी मंडी और सार्वजनिक स्नानघर (हमाम) और एक महत्त्वपूर्ण सभा-स्थल होता था।

6)शहर के बाहरी इलाकों में शहरी गरीबों के मकान, देहातों से लाई जाने वाली हरी सब्ज़ियों और फलों के लिए बाजार, काफिलों के ठिकाने और अस्वच्छदुकानें, जैसे चमड़ा साफ करने या रँगने की दुकानें और कसाई की दुकानें होती थीं।

7) मकान, स्थान और निवासियों के अनुसार होते थे जैसे कि झोपड़ियां, अपार्टमेंट अथवा पत्थर या ईंट की बड़ी इमारतें

 

8) शहर की दीवारों के बाहर सराय होते थे। सराय में लोग उस समय आराम कर सकते थे जब शहर के दरवाजे बंद कर दिए गए हों। सभी शहरों का नक्शा एक जैसा नहीं होता था, इस नक्शे में परिदृश्य, राजनीतिक परंपराओं और ऐतिहासिक घटनाओं के आधार पर परिवर्तन किए जा सकते थे।


Q. 166532 इस्लामी जगत में हुए वास्तुकला के विकास का वर्णन कीजिये ?

Right Answer is:

SOLUTION

सांस्कृतिक अर्थ में, शब्द 'इस्लामी जगत' सम्पूर्ण विश्व में मुसलमानों के समुदाय को दर्शाता है। इस्लामी वास्तुकला की सर्वोच्च अभिव्यक्ति मस्जिद और संबंधित धार्मिक इमारतों में झलकती है। धार्मिक इमारतों के माध्यम से, इस्लामी जगत में विविध संस्कृतियों का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है

दसवीं शताब्दी तक एक ऐसी इस्लामी दुनिया उभर आई थी, जिसे यात्री आसानी से पहचान सकते थे।

धार्मिक इमारतें इस दुनिया की सबसे बड़ी बाहरी प्रतीक थीं। स्पेन से मध्य एशिया तक फैली हुई मस्जिदें, इबादतगाह और मकबरों का बुनियादी नमूना एक जैसा था -मेहराबें, गुम्बद, मीनार और सामूहिक प्रार्थना के लिए बड़े आंगन भी इसमें शामिल थे। ये इमारतें मुसलमानों की आध्यात्मिक और व्यावहारिक जरूरतों को अभिव्यक्त करती थीं। इस्लाम की पहली शताब्दी में, मस्जिद ने एक विशिष्ट वास्तुशिल्पीय रूप (खंभों के सहारे वाली छत) प्राप्त कर लिया था जो प्रादेशिक विभिन्नताओं से परे था।

मस्जिद में एक खुला प्रांगण (सहन) होता था, जहाँ पर एक फव्वारा अथवा जलाशय बनाया जाता था और यह प्राँगण एक बड़े कमरे की ओर खुलता, जिसमें प्रार्थना करने वाले लोगों की लंबी पंक्तियों और प्रार्थना (नमाज) का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति (इमाम)  के लिए पर्याप्त स्थान होता था। बड़े कमरे की दो विशेषताएँ थीं- दीवार में एक मेहराब, जो मक्का  (किबला) की दिशा का संकेत देती है और एक मंच (मिम्बर)  जहाँ से शुक्रवार को दोपहर की नमाज के समय प्रवचन दिए जाते हैं। इमारत में एक मीनार जुड़ी होती है जिसका उपयोग नियत समयों पर प्रार्थना हेतु लोगों को बुलाने के लिए किया जाता है। मीनार नए धर्म के अस्तित्व का प्रतीक है। शहरों और गाँवों में लोग समय का अंदाजा पाँच दैनिक प्रार्थनाओं और साप्ताहिक प्रवचनों की सहायता से लगाते थे।

केंद्रीय प्राँगण (इवान)के चारों ओर निर्मित इमारतों के निर्माण का वही स्वरूप न केवल मस्जिदों और मकबरों में, बल्कि काफिलों की सरायों, अस्पतालों और महलों में भी पाया जाता था। उम्मयदों ने नखलिस्तानों में मरुस्थली महलबनाए, जैसे फिलिस्तीन में खिरबत अल-मफजर और जोर्डन में कुसाईर अमरा, जो ठाठदार और विलासपूर्ण निवास-स्थानों और शिकार और मनोरंजन के लिए विश्राम-स्थलों के रूप में काम आते थे। महलों को, जो रोमन और ससानी वास्तुशिल्प के तरीके से बनाए गए थे, लोगों के चित्रों, प्रतिमाओं और पच्चीकारी से भव्य रूप से सजाया जाता था। अब्बासियों ने समरा में बागों और बहते हुए पानी के बीच एक नया शाही शहर बनाया जिसका जिक्र हारुन-अल-रशीद से जुड़ी कहानियों और आख्यानों में किया जाता है।

इस्लामी वास्तुकला में गुंबदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस्लामी वास्तुकला में गुंबदों का सदियों से इस्तेमाल किया गया है। इस्लाम के दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचने पर इस्लामी कला और स्थापत्य कला की कुछ अन्य अद्वितीय और उत्कृष्ट विशेषताओं का जन्म एवं विकास हुआ जिसके अंतर्गत, सुलेख और अमूर्त सजावट सम्मिलित थी । इस तरह की विशेषताओं में  उतनी ही भिन्नताएँ देखी जा सकती हैं जितने  विविध क्षेत्र थे और वे अब तक मौजूद हैं।


Q. 166533 निशापुर पर विजय के बाद, चंगेज़ खान द्वारा शहर के इतने निवासियों की हत्या कर दी गई -


A. 17,47,000.

B. 17,48,000.

C. 17,49,000.

D. 17,50,000.

Right Answer is: A

SOLUTION

निशापुर में, घेराबंदी के दौरान, एक मंगोल राजकुमार को मार दिया गया। इस कारण, चंगेज़ खान ने आदेश दिया कि ‘शहर को इस तरह तबाह किया जाए कि वहां हल चलाया जा सके, और प्रतिशोध को उग्र रूप देने हेतु, बिल्लियों और कुतों को भी जिंदा नहीं चोदना चाहिए।’


Q. 166534 रोम में सीनेट एक संस्था थी जो प्रतिनिधित्व करती थी -


A. अभिजात्य वर्ग

B. शाही लोग

C. आम लोगों का

D. गुलाम

Right Answer is: A

SOLUTION

सीनेट एक संस्था थी जो की अभिजात वर्ग का प्रतिनिधित्व किया करती थी। सीनेटरों में से अधिकांश रोम के अमीर परिवारों और इतालवी जमींदार वर्ग से थे।


Q. 166535 रोमन कृषि लेखकों ने एक महत्वपूर्ण व्यवहार पर ध्यान दिलाया था -


A. गरीब को खाना खिलाना

B. जानवरों का दोहन

C. प्रौद्योगिकी का सुधार

D. श्रम का प्रबंधन

Right Answer is: D

SOLUTION

कोलुमेल्ला एक प्रथम शताब्दी कृषि लेखक था जो दक्षिणी स्पेन से आया था।


Q. 166536 रोमन सम्राट जिसने अलाभकर और महत्वहीन प्रदेशों को छोड़ दिया था


A. कान्स्टैनटाइन प्रथम

B. डायोक्लीशियन

C. टिबेरियस

D. ट्राजन

Right Answer is: B

SOLUTION

माना जाता है कि रोमन साम्राज्य के डायोक्लीशियन ने प्रशासनिक सुविधा के लिए साम्राज्य के कुछ क्षेत्रोँ पर अपने दावों को छोड़ दिया था क्योंकि ये या तो आर्थिक रूप से या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नहीं थे।


Q. 166537 ऑगस्टस के शासन के दौरान, गुलाम की कुल संख्या थी -


A. 3 लाख

B. 4 लाख

C. 5 लाख

D. 6 लाख

Right Answer is: A

SOLUTION

प्राचीन रोमन साम्राज्य में गुलाम, जीवन के लगभग हर पहलू में शामिल थे। दास के कर्तव्य बेहद विविध थे, वे प्रत्येक व्यक्ति के काम पर निर्भर करता था।


Q. 166538 रोमन छावनी शहर जहाँ एक रंगशाला का निर्माण किया गया था -


A. गॉल

B. कांस्टेंटिनोपल

C. सिकंदरिया

D. विन्दोनिसा

Right Answer is: D

SOLUTION

रंगशाला दर्शकों के खेल, संगीत समारोहों, रैलियों या नाटकीय प्रदर्शन के लिए एक खुली हवा स्थल होता था।


Q. 166539 पुस्तक 'रोमन नियर ईस्ट' निम्न द्वारा लिखी गयी थी -


A. एलेक्स

B. एरिक होब्सबौम

C. गॉर्डन चाइल्ड

D. फरगस मिलर

Right Answer is: D

SOLUTION

मिलर ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में एक प्रोफेसर थे। यह पुस्तक 1993 में प्रकाशित हुआ था।


Q. 166540 रोमन साम्राज्य में, उत्पादन के लिए गुलाम समूहों के उपयोग की निम्न के द्वारा निंदा की गयी थी -


A. कोलुमेल्ला

B. ड्रेको

C. स्ट्रैबो

D. प्लिनी

Right Answer is: D

SOLUTION

प्लिनीने दास गिरोहों में काम करने वालो के पैरों में जंजीर बांधने के कार्य की निंदा की थी।


Q. 166541 रोमन साम्राज्य के शासन के दौरानए दक्षिणी गॉल को कहा जाता था


A. बाएटिका

B. कैम्पैनिया

C. गैलिया नार्बोनेंसिस

D. ट्यूनीशिया

Right Answer is: C

SOLUTION

गैलिया नार्बोनेंसिस आधुनिक फ्रांस के दक्षिणी तट पर स्थित है। ऑगस्टस के शा शासनकाल के दौरानए गैलिया नार्बोनेंसिस को उत्तरी गॉल के तीन प्रांतों से अलग करने के लिए यह नाम दिया गया था।


Q. 166542 छठी शताब्दी ईसा पूर्व के यूनानी नियम बनानेवाला जिसने ज्यादातर अपराधों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान किया था -


A. कोलुमेल्ला

B. ड्रेको

C. प्लिनी

D. सोलोन

Right Answer is: B

SOLUTION

620 ई.पू. के आसपास, ड्रेको ने प्राचीन ग्रीस का पहला लिखित कानून बनाया था। इन कानूनों को बहुत कठोर बनाया गया था।


Q. 166543 पर्यवेक्षण आसान बनाने के लिए, कोलुमेल्ला ने ....... कार्यकर्ताओं के समूह की सिफारिश की थी


A. सात का दस्ता

B. आठ का दस्ता

C. नौ का दस्ता

D. दस का दस्ता

Right Answer is: D

SOLUTION

कोलुमेल्ला, एक लेखक, ने वकालत की थी कि दस मजदूरों के दस्तों के लिए कार्य आसान हो सकता है अगर समूह के प्रत्येक व्यक्ति के द्वारा किये जाने वाले कार्य की मात्रा निर्धारित की जाये।


Q. 166544 निम्न के शासन के दौरान रोमन साम्राज्य वर्तमान के ब्रिटेन और जर्मनी तक बढ़ा दिया गया था -


A. डायोक्लीशियन

B. जूलियस सीजर

C. त्राजान

D. वेस्पसियन

Right Answer is: B

SOLUTION

जूलियस सीजर ने पहली सदी ईसा पूर्व के मध्य में ब्रिटेन और जर्मनी जैसे क्षेत्रों तक साम्राज्य का विस्तार किया था।


Q. 166545 सम्राट जिसने रोमन साम्राज्य के विस्तार का एक अभियान चलाया था -


A. ऑगस्टस

B. टिबेरियस

C. त्राजान

D. डायोक्लीशियन

Right Answer is: C

SOLUTION

सामान्य युग की पहली दो शताब्दियों के दौरान, बाहरी युद्ध रोमन साम्राज्य में बहुत कम लड़ा जाता था। इस अवधि में त्राजान ने विस्तार का प्रमुख अभियान चलाया था।


Q. 166546 रोमन साम्राज्य को सबसे अच्छी शराब प्राप्त होती थी -


A. बाइजैकियम

B. कैम्पैनिया

C. गैलिली

D. सिसिली

Right Answer is: B

SOLUTION

ऐतिहासिक रिकॉर्ड से पता चलता हैकि इस क्षेत्र में शराब बनाने का कार्य 13 वीं सदी ईसा पूर्व से चल रहा है


Q. 166547 रोमन सम्राट जिसने उच्च मजदूरी की पेशकश के द्वारा दारा के शहर का निर्माण किया था -


A. अनैस्टेसियस

B. गिलगमेश

C. जूलियस सीजर

D. टिबेरियस

Right Answer is: A

SOLUTION

पांचवीं सदी के सम्राट अनैस्टेसियस ने दारा एक पूर्वी सीमांत शहर का निर्माण किया था उसने पूर्व के श्रमिको को आकर्षित करने के लिए मजदूरों को उच्च मजदूरी की पेशकश की थी


Q. 166548 रोमन सम्राट, जिन्होंने280 से 305 के बीच कई प्रशासनिक बदलाव किये थे


A. ऑगस्टस

B. कोंसटेंटाइन

C. डायोक्लीशियन

D. वेस्पसियन

Right Answer is: C

SOLUTION

उसने एक स्पष्ट सैन्य तानाशाही की स्थापना की और वह रोम के दूसरे चरण के लिए नींव रखने के लिए जिम्मेदार था


Q. 166549 रोम में राजनितिक परिवर्तन कैसे आया?
Right Answer is:

SOLUTION

डिओक्लेटियन के शासन द्वारा राजनितिक परिवर्तन लाया गया|


Q. 166550 बेहतर वेतन और

  रोमन  सेना में  असंतोष  क्यों था <div class= Right Answer is:

SOLUTION

बेहतर वेतन और बेहतर सेवा शर्तों के लिए सेना में असंतोष व्याप्त था|


Q. 166551 सि

  सिंहासन  का  उत्तराधिकार किस  पर आधारित था <div class= Right Answer is:

SOLUTION

सिंहासन का उत्तराधिकार परिवार के वंश पर आधारित था|


Q. 166552 राजा

  रोमन  राजनीति के  मुख्य  खिलाड़ी कौन  थे <div class= Right Answer is:

SOLUTION

राजा, सेना और सीनेट, प्रशासन के प्रमुख अवयव थे।


Q. 166553 रोमन साम्राज्

  रोमन  साम्राज्य  का परिचय  दीजिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

रोमन साम्राज्य प्राचीन रोमन सभ्यता के उत्तर-रोमन गर्रिाज्य के बाद आया। यह साम्राज्य तीन महाद्वीपों में फैला हुआ था। यह 1500 साल तक शेष रहा और अपने-आप में एक शक्तिशाली आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनितिक एवं सैन्य ताकत था।


Q. 166554 इस्लाम धर्म के संस्थापक का नाम बताइये ?
Right Answer is:

SOLUTION

पैगंबर मुहम्मद, इस्लाम धर्म के संस्थापक थे


Q. 166555 धर्मयुद्धों के क्या परीणाम रहे थे?
Right Answer is:

SOLUTION

इन धर्मयुद्धों के परीणाम थे-

1)इनमें से एक था,मुस्लिम राज्यों का अपने ईसाई प्रजाजनों की ओर कठोर रुख, जो लड़ाइयों की कड़वी यादों और मिली-जुली आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा की जरूरतों का परिणाम था। 2)दूसरा था, मुस्लिम सत्ता की बहाली के बाद भी पूर्व और पश्चिम के बीच व्यापार में इटली के व्यापारिक समुदायों का अधिक प्रभाव।


Q. 166556 उम्मयद वंश को किसने उखाड़ फेंका था?
Right Answer is:

SOLUTION

अब्बासियों के नेतृत्व में दवा नामक एक सुनियोजित आंदोलन ने उम्मयद वंश को उखाड़ फेंका । 750 में इस वंश की जगह अब्बासियों ने ले ली जो मक्का के ही थे। अब्बासियों ने उम्मयद शासन को दुष्ट बताया और यह दावा किया कि वे पैगम्बर मुहम्मद के मूल इस्लाम की पुनर्स्थापना करेंगे।


Q. 166557 प्रथम उम्मयद खलीफा कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

मुआविया प्रथम उम्मयद खलीफा थे उन्होंने 661 ईसवी में अली की मृत्यु के बाद स्वयं को खलीफा घोषित कर दिया उम्मयद कुरैश कबीले का एक समृद्ध वंश था।


Q. 166558
इस्लाम में ’शासन’ का महत्व स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

शरिया मुस्लिम समुदाय को निर्देशित करने वाला कानून है । यह कुरान शरीफ व हदीस पर आधारित है। हदीस का अर्थ है - पैगम्बर साहब से जुड़ी परंपराएँ जिनके अंतर्गत उनके शब्द व क्रियाकलाप भी आते है।


Q. 166559 हमें मध्यकालीन मुस्लिम समाज की तस्वीर किसमें मिलती है? इन कहानियों में किस तरह के पात्रों का वर्णन किया गया है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक हजार एक रातें (अलिफ लैला व लैला) की कई कहानियों में हमें मध्यकालीन मुस्लिम समाज की तस्वीर मिलती है। इन कहानियों में नाविकों, गुलामों, सौदागरों और सर्राफों जैसे कई पात्रों का वर्णन है।

 


Q. 166560 व्यापार में भूगोल मुस्लिम साम्राज्य के लिए किस प्रकार सहायक रहा?
Right Answer is:

SOLUTION

मुस्लिम साम्राज्य हिंद महासागर और भूमध्यसागर के व्यापारिक क्षेत्रों के बीच फैला था। पाँच शताब्दियों तक, अरब और ईरानी व्यापारियों का चीन, भारत और यूरोप के बीच के समुद्री व्यापार पर एकाधिकार रहा।


Q. 166561 इस्लामी भूमि के पूर्वी छोर पर व्यापार किस प्रकार संचालित किया जाता था?
Right Answer is:

SOLUTION

पूर्वी सिरे में ईरानी व्यापारी मध्य एशियाई और चीनी वस्तुएँ, जिनमें कागज भी शामिल था, लाने के लिए बगदाद से बुखारा और समरकन्द (तुरान) होते हुए रेशम मार्ग से चीन जाते थे। इस व्यापार में इस्लामी सिक्कों का प्रयोग किया जाता था। दास-दासियों के रूप में स्त्री-पुरुष भी खलीफाओं और सुलतानों के दरबारों के लिए खरीदे जाते थे।


Q. 166562 सिल्क मार्ग के समीपस्थ समरकंद की क्या महत्ता थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

समरकन्द वाणिज्यिक तंत्र में एक महत्त्वपूर्ण कड़ी था। यह तंत्र यूरोपीय वस्तुओं, मुख्यतः फर और स्लाव गुलामों के व्यापार के लिए उत्तर में रूस और स्केंडीनेविया तक फैला हुआ था। समरकंद यूरो-अरब व्यापार के साथ ही इंडो-अरब व्यापार के लिए भी एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती व्यापार केंद्र के रूप में विकसित हुआ।


Q. 166563 केंद्रीय इस्लामी भूमि में पैसे के महत्व में किस कारण से वृद्धि हुई ?
Right Answer is:

SOLUTION

राजकोषीय प्रणाली (राज्य की आय और उसका व्यय) और बाजर के लेन-देन ने इस्लामी देशों में धन के महत्त्व को बढ़ा दिया था। सोने, चाँदी और ताँबे के सिक्वे बनाए जाते थे और वस्तुओं और सेवाओं की अदायगी के लिए भेजे जाते थे।


Q. 166564 किन परिस्थितियों में इस्लाम में लोगों को धन कमाने की अनुमति नहीं थी?
Right Answer is:

SOLUTION

इस्लाम लोगों को धन कमाने से नहीं रोकता था, बशर्ते कि कुछ निषेध् संबंधी नियमों का पालन किया जाए।

  1. ब्याज लेन-देन (रिबा) गैर-कानूनी थे।
  2. अवैध तरीके से धन प्राप्ति को एक मुस्लिम के लिए हराम समझा जाता है।

 


Q. 166565 आप खलीफा शब्द से क्या समझते हैं ?
Right Answer is:

SOLUTION

खलीफा की उपाधी, अबू बक्र द्वारा शुरू की गई थी, खलीफा को समुदाय के प्रमुख के रूप में माना जाता था, वह लोगों का धार्मिक और राजनीतिक प्रमुख होता था


Q. 166566 आपका हिजरत से क्या अभिप्राय है, एवं हिजरत का क्या महत्त्व था?
Right Answer is:

SOLUTION

622 ई. में मुहम्मद और उनके अनुयायियों को मदीना ओर पलायन करने के लिए बाध्य किया गया था, मक्का से मदीना के लिए यह प्रस्थान हिजरत के रूप में जाना जाता है, हिजरत का क्या महत्त्व यह था कि मुस्लिम कैलेंडर हिजरी की शुरुआत इसी वर्ष से हुई थी


Q. 166567 मुहम्मद ने अमीर अरबों को कैसे नाराज कर दिया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

उसने मूर्ति पूजा पर रोक लगा दी थी, एवं उसने सदव्यवहार की महत्ता पर भी बल दिया था, जिससे अमीर अरब नाराज़ हो गए थे


Q. 166568 मोहम्मद साहब को मक्का छोड़कर मदीना जाने के क्या कारण थे?
Right Answer is:

SOLUTION

अरब में अनेक छोटे-छोटे कबीलों में लगातार एक दुसरे से लड़ते रहते थे

 हजरत मोहम्मद ने कबीलों के बीच आपसी सौहार्द एवं भाईचारा बढ़ाने के लिए यह सन्देश देने लगे की ईश्वर एक है एक मात्र अल्लाह ही सीधे और सरल तरीके से प्रार्थना करनी चाहिए शुरू में मक्का के कई लोगों ने मोहम्मद साहब की बातों का विरोध किया था जिसके कारण मोहम्मद साहब को मक्का छोड़कर मदीना जाना पड़ा  


Q. 166569 इस्लाम धर्म में खलीफाओं की भूमिका पर प्रकाश डालिए ?
Right Answer is:

SOLUTION

मोहम्मद साहब की मृत्यु के पश्चात् अरब में  खलीफाओं का प्रभुत्व स्थापित हो गया खलीफा

को पैगम्बर के उत्तराधिकारी   के रूप में मुस्लिम जगत में धार्मिक गुरु माने  जाते  थे खलीफा  राजनीतिक प्रशासक होता था।


Q. 166570 निम्न लिखित कथनों में से सही व गलत बताएं -
क. हजरत मोहम्मद का जन्म 570 में हुआ था ।
ख. अरबों के छोटे-छोटे कबीले में प्रेम था ।
ग. इस्लाम धर्म के लोग प्रत्येक बुधवार को नमाज जाते है ।
घ. हजरत मोहम्मद ने अल्लाह का पैगाम लोगों को दिया ।
Right Answer is:

SOLUTION

क.  सही
ख. गलत
ग. गलत  
घ. सही


Q. 166571 निम्न लिखित कथनों में से सही व गलत बताएं -
क. मोहम्मद साहब को मक्का छोड़कर मदीना जाने को हिजरत कहा गया ।
ख. खलीफा मुसलमानों में धार्मिक गुरु होते थे ।
ग. दिल्ली के प्रमुख सूफी संत बाबा फरीद थे ।
घ. भारत में 1190 से पहले तुर्क आक्रमण हुए थे ।
Right Answer is:

SOLUTION

क. सही  

ख. सही  

ग. गलत   

घ. गलत


Q. 166572 प्रथम चार ख़लीफ़ाओं के नाम बताइये एवं इस्लामी राज्य में उनकी भूमिका के बारे में बताइये?
Right Answer is:

SOLUTION

पहले खलीफा अबू बकर थे। उन्होंने अनेक अभियानों द्वारा विद्रोहों का दमन किया। दूसरे खलीफा उमर ने उम्मा की सत्ता के विस्तार की नीति को रूप प्रदान किया। तीसरा खलीफा, उथमान ने अधिक नियंत्रण प्राप्त करने के लिए प्रशासन को अपने ही आदमियों से भर दिया। परिणामस्वरूप इराक और मिस्र में विरोध उत्पन्न हो गया। उथमान की मृत्यु के बाद अली को चौथा खलीफा नियुक्त किया गया। अली के समय में ही इस्लाम दो मुख्य सम्प्रदायों  शिया और सुन्नी में विभाजित हो गया था।


Q. 166573 मुहम्मद ने मुख्य रूप से क्या प्रचार किया था और उनके अनुयायियों को क्या कहा जाता था?
Right Answer is:

SOLUTION

पैगम्बर मुहम्मद पेशे से सौदागर थे और भाषा तथा संस्कृति की दृष्टि से अरबी थे। वे मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं करते थे उन्होंने आस्तिकों (उम्मा) के एक ही समाज की सदस्यता का प्रचार किया। पैगम्बर मुहम्मद ने अपने आपको खुदा का संदेशवाहक (रसूल) घोषित किया और यह प्रचार करने का आदेश दिया गया था कि केवल अल्लाह की ही इबादत यानी आराधना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूजा में दैनिक प्रार्थना के रूप में सरल अनुष्ठान शामिल होने चाहिए। उनके अनुयायियों को नैतिक सिद्धांतों जैसे कि दैनिक प्रार्थना (सलत) और नैतिक सिद्धान्त, जैसे खैरात बाँटना और चोरी न करना, का पालन करना चाहिए और उन्हें सामान्य धार्मिक विश्वासों के जरिये आपस में जुड़े होना चाहिए। उनके अनुयायियों को मुसलमान (मुस्लिम) कहा जाता था, उन्हें कयामत के दिन मुक्ति और धरती पर रहते हुए समाज के संसाधनों में हिस्सा देने का आश्वासन दिया जाता था।


Q. 166574 प्राचीन भारतीय इतिहास के साधनों को संक्षेप में बताएं।
Right Answer is:

SOLUTION

प्राचीन इतिहास को भारतीय परिप्रेक्ष्य में जानने के लिए साधनों को तीन शीर्षकों में विभक्त किया जा सकता है - साहित्यिक साक्ष्य, विदेशी यात्रियों के साक्ष्य तथा पुरातात्विक अभिलेख सामग्रियाँ। 

साहित्यिक साक्ष्य :   इसके अंतर्ग्रत विभिन्न साहित्यिक स्रोत जिनमे विभिन्न ऐतिहासिक कृतियाँ जैसे अर्थशास्त्रपृथ्वीराजरासो आते हैं विभिन्न धर्म ग्रन्थ जिनमे बौध जैन हिन्दू ग्रन्थ आते हैं भी इसके प्रमुख भाग है।

विदेशी यात्रियों के वृत्तांत : भारत में शुरू से विभिन्न देशों के निवासी आते रहे हैं । कुछ यात्री ऐसे भी थे जिन्होंने अपनी यात्रा को लिपि बढ़ किया है । इनमे से प्रमुख हैं मेगस्थेनीज़ जिन्होंने मौर्य शासन के बारे में आख्यान लिखा है वही फा हेन ने गुप्त शासक चन्द्रगुप्त के काल का विस्तृत वर्णन किया है इसी प्रकार मध्य काल में भी आये यात्रियों ने अपने वृतांतों से हमें उस काल के विषय में ज्ञान प्रदान किया है ।

पुरातात्विक अभिलेख : ऐतिहासिक स्रोतों के रूप में हमें कई अभिलेख चट्टानों स्तंभों मंदिर की दीवारों व ताम्रपत्रों पर मिलते हैं यह अभिलेख उसको लिखवाने वाले शासक के समय व प्रशासन पर प्रकाश डालते हैं मौर्य सम्राट अशोक का सम्पूर्ण इतिहास उसके द्वारा अभिलेखों से ही ज्ञात होता है इन अभिलेखों से उस शासक की राज्य की सीमा का भी पता चलता था।


Q. 166575 बोलचाल की भाषा का उदभव कब हुआ था ?
Right Answer is:

SOLUTION

बोलचाल की भाषा के उदभव पर विभिन्न मत प्रस्तुत किए गए हैं:

1. यह माना जाता है कि होमो है बिलिस के मस्तिष्क की कुछ खास विशेषताएँ थीं जिसके कारण उनके लिए बात करना संभव रहा होगा।

2. ऊपर दिए गए कथन का यह अर्थ है कि भाषा का विकास 20 लाख साल पहले होना शुरू हो गया था। हालांकि वाक् पथ का विकास समान रूप से महत्वपूर्ण था। वाक् पथ करीब 2,00,000 साल पहले विकसित हुआ था और यह विशेष रूप से आधुनिक मानव से सम्बद्ध था।

3. यह मत दिया गया है कि भाषा और कला का विकास एक ही समय यानि 40,000 से 35,000 वर्ष पूर्व के आसपास हुआ था । बोलचाल की भाषा के विकास को कला के साथ नजदीकी से जोड़कर देखा जाता है क्योंकि दोनों ही संचार के माध्यम हैं।


Q. 166576 दक्षिण फ्रांस में लज़ारत गुफा के अंदर चूल्हे के मिलने से क्या पता चलता है?
Right Answer is:

SOLUTION

लज़ारत गुफा में दो चूल्हे के साक्ष्य मिले हैं । गुफा के अंदर चूल्हे की उपस्थिति से आग के नियंत्रित उपयोग होने का पता चलता है जो एक महत्वपूर्ण आविष्कार था। अनेक कार्यों में इसका उपयोग किया जाता था जैसे कि- गुफा या झोपड़ी को अंदर से गर्म बनाए रखने के लिए, जंगली जानवरों को डराकर भगाने के लिए, खाना पकाने के लिए, उपकरण बनाने के लिए आदि।


Q. 166577 भारतीय इतिहास लेखन पाश्चात्य विद्वानों के समझ में क्यों नहीं आयी । भारतीय इतिहास लेखन पर प्रकाश डालें ।
Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय इतिहास लेखन की पुरातन अवधारणा आधुनिक से सर्वथा भिन्न थी। प्राचीन भारतीयों ने अपनी संकल्पना के अनुरूप उस काल का इतिहास लिखा, जिसे आधुनिक दृष्टि से देखना सर्वथा अनुचित है। पाश्चात्य विद्वानों ने इसी दृष्टिकोण को अपनाकर भारतीयों को ऐतिहासिक बुद्धि से हीन समझने की गलती की हैं। वास्तव में हमारा अपना इतिहास लेखन था, जिसे वे समझने में विफल रहे। भारतीय इतिहास लेखन की विकास यात्रा काफी लम्बी है। अतः हमारे इतिहास की संकल्पना और लेखन में अन्तर होना स्वाभाविक था। इसके अतिरिक्त भारत में क्षेत्रीय इतिहास लेखन की प्रवृत्ति भी विकसित हुई। मध्य युग में इस्लाम के आगमन के साथ अरबी और ईरानी इतिहास लेखन की प्रवृत्ति भी हमारे देश में प्रविष्ट हुई और कालांतर में वह भारतीय इतिहास लेखन का अंग बन गयी, परन्तु भारतीय इतिहास लेखन का प्रवाह पूर्ववत जारी रहा और अंग्रेजी सत्ता की स्थापना के बाद भारत में पश्चिम का इतिहास लेखन का भी गया। पश्चिम के साम्राज्यवादी इतिहास लेखन की अवधारणा की प्रतिक्रिया स्वरुप भारत में इतिहास लेखन की अन्य कई शैलियाँ विकसित हुई। भारत का वर्तमान इतिहास लेखन विगत चार दशकों में स्रोतों साधनों के उपयोग, शोध की पद्धिति, विषय-वस्तु और वैचारिक दृष्टिकोण के साथ कुछ विकसित हुआ है। हिन्दू काल के भारतीय इतिहास की हम उस समय तक की घटनाओं का क्रमबद्ध वर्णन नहीं कर सकते जब तक कि भारत, विश्व के अन्य देशों के संपर्क में नहीं आया था। फ्लीट ने तो भारतीयों कि इतिहास लेखन की योग्यता पर

Q. 166578 आधुनिक युग में इतिहास की उपयोगिता की विवेचना कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

आधुनिक वैज्ञानिक युग में इतिहास की उपयोगिता असंदिग्ध है, क्योंकि इतिहास मानवीय समाज के विकास की गाथा है। शेक अली का मत है कि इतिहास कि उपेक्षा करने वाले राष्ट्र का कोई भविष्य नहीं होता है। अतः एक राष्ट्र के उत्थान और विकास के लिए इतिहास का अध्ययन आवश्यक है। इतिहास का उद्देश्य कविता के समान मनुष्य को मनोरंजक शिक्षा देना है। यह मात्र आदर्श नही है अपितु हेरोडोटस, लिवी टेसीटस, गिबन तथा मैकाले की कृतियों के अध्ययन से सत्य प्रतीत होता है। इतिहास एक दर्पण है, जहाँ सभी प्रकार की बौद्धिक सामग्री उपलब्ध होती है। बुद्धिमान व्यक्ति यहाँ से अपनी जीवनोपयोगी वस्तुओं को प्राप्त कर सकते हैं। ज्ञानार्जन के लिए वे युद्ध, विजय, साम्राज्य विस्तार तथा शासकों की निरंकुशता तथा शोषण से सम्बंधित इतिहास के पृष्ठों का अवलोकन करते हैं। इतिहास शिक्षाप्रद है। इतिहास मनुष्य को विवेकपूर्ण बनाता है। इतिहास ही विश्व के वर्तमान स्वरुप की पृष्ठभूमि का ज्ञान प्रदान करता है। इतिहास अतीत की गौरवपूर्ण देन है। यह मानव की क्रियाओं तथा उपलब्धियों का कोष है।  भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी इतिहास की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इतिहास हमें मानवीय समाज का ज्ञान भी प्रदान करता है। समाज के स्वरुप, क्रमिक विकास, मानव स्वाभाव तथा मानव प्रगति का विवेचन इतिहास में ही मिलता है। आधुनिक युग में रेल, परिवहन, वायु सेवा तथा चन्द्रमा पर मानव का अवतरण के परोक्ष में इतिहास निहित है। राजनीति में सफलता उसी व्यक्ति को मिल सकती है, जिसे फेड्रिक महान, नैपोलियन बोनापार्ट, चर्चिल और

Q. 166579 नगरों की स्थापना एक धीमी प्रक्रिया थी। स्पष्ट कीजिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

नगरों की स्थापना से कम-से-कम पाँच हजार वर्ष पूर्व घटित घटनाओं ने नगरों की स्थापना में अपना योगदान दिया। इन अत्यंत दूरगामी प्रभाव डालने वाले परिवर्तनों में से एक थाः धीरे –धीरे खानाबदोश ज़िंदगी को छोड़कर खेती के लिए एक स्थान पर बस जाना, जो लगभग दस हजार साल पहले शुरू हो गया था। खेती अपनाने से पहले, लोग अपने भोजन हेतु पेड़-पौधें की उपज एकत्र किया करते थे। धीरे –धीरे उन्होंने भिन्न-भिन्न पौधें के बारे में जानकारी प्राप्त की।  जैसे- वे कहाँ उगते हैं, वे किस मौसम में फलते हैं, आदि-आदि। इस जानकारी के आधार पर उन्होंने पौधे उगाना सीख लिया। पश्चिमी एशिया में, गेहूँ और जौ, मटर और कई तरह की दालों की फसलें उगाई जाती थीं। पूर्वी तथा दक्षिण-पूर्वी एशिया में ज्वार-बाजरा और धन की फसलें आसानी से उगाई जा सकती थीं। ज्वार-बाजरा अफ्रीका में पैदा किया जाता था। उन्हीं दिनों, लोगों ने भेड़-बकरी, ढोर, सूअर और गधे जैसे जानवरों को पालतू बनाना सीख लिया था। तब, पौधें से निकलने वाले रेशों, जैसे रूई तथा पटसन और पशुओं पर उगने वाले रेशों जैसे ऊन आदि से कपड़े बुने जाने लगे थे। कुछ समय बाद, आज से लगभग पाँच हजार साल पहले ढोरों और गधें जैसे पालतू जानवरों को हलों तथा गाडि़यों में जोता जाने लगा था। इन घटनाक्रमों के फलस्वरूप और भी अनेक परिवर्तन हुए। जब लोग फसलें उगाने लगे तो उन्हें एक ही स्थान पर तब तक रहना पड़ता था जब तक कि उनकी उगाई हुई फसल पक न जाए। इसलिए एक स्थान पर बसकर रहना आम बात हो गई और इसके फलस्वरूप, लोग अपने रहने के लिए अधिक स्थायी घर बनाने लगे। इसी बीच कुछ जन-समुदायों ने मिट्टी के बर्तन बनाना भी सीख लिया। अनाज और अन्य उपज इकट्ठी करने के लिए और नए उगाए गए अनाजों से तरह-तरह के भोजन बनाने के लिए इन बर्तनों का इस्तेमाल किया जाने लगा। वस्तुतः खाद्य पदार्थों को अधिक स्वादिष्ट और सुपाच्य बनाने के  लिए, भोजन बनाने की प्रक्रिया पर अधिक ध्यान दिया जाने लगा। साथ ही, पत्थर के औजार बनाने के तरीकों में भी बदलाव आया। हालाँकि औजार बनाने के  पहले वाले तरीके भी चालू रहे पर कुछ औजारों तथा उपकरणों को, घिसाई की विशद प्रक्रिया के जरिये, चिकना और पॉलिशदार बनाया जाने लगा। अनेक नए उपकरण बनाए गए जैसे -अनाज साफ करने के लिए ओखली व मूसल और पत्थर की कुल्हाड़ी, कसिया और फावड़ा जिनसे जुताई के लिए भूमि साफ की जाती थी और बीज बोने के लिए खुदाई की जाती थी।कुछ इलाकों में, लोग ताँबा और टिन (राँगा) जैसी धातुओं के खनिजों का उपयोग करना सीख गए। कभी-कभी, ताँबे के खनिजों को इकठ्ठा करके उनके खास नीले, हरे रंग की वजह से उनका इस्तेमाल किया जाता था। इससे आगे चलकर धातुओं से गहने और औजार बनाने का रास्ता खुल गया। दूरस्थ स्थानों (और समुद्रों) से उत्पन्न होने वाली कुछ अन्य प्रकार की चीज़ो के बारे में भी जानकारी बढ़ती जा रही थी। ये चीजें थीं: लकड़ी, पत्थर, हीरे-जवाहरात, धातुएँ, सीपियाँ और ज्वालामुखी का पक्का जमा हुआ लावा। स्पष्टतः लोग इन चीजों और इनके बारे में अपनी जानकारी के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते रहते थे और उनका प्रसार करते रहते थे। इस प्रकार व्यापार में वृद्धि होती गई, गाँवों और कस्बों का विकास होता गया और लोगों का आवागमन बढ़ता गया, जिसके फलस्वरूप पुराने छोटे-छोटे जन-समुदायों के स्थान पर छोटे-छोटे राज्य विकसित हो गए। यद्यपि ये परिवर्तन बहुत धीमी गति से हुए और इस प्रक्रिया में कई हजार वर्ष लग गए, लेकिन जब शहर स्थापित हो गए और उनका विकास होने लगा तो इन परिवर्तनों की रफतार भी तेज हो गई। इसके अलावा, इन परिवर्तनों के दूरगामी परिणाम निकले। कुछ विद्वानों ने तो इसे क्रांतिकहकर पुकारा, क्योंकि लोगों के जीवन में संभवतः इतना अधिक परिवर्तन आ गया था कि उन्हें पहचानना ही मुश्किल हो गया था।


Q. 166580 मेसोपोटामियानाम का शाब्दिक अर्थ है


A. नदियों के बीच भूमि

B. पहाड़ियों के बीच भूमि

C. समुद्र के बीच भूमि

D. रेगिस्तान के बीच भूमि

Right Answer is: B

SOLUTION

नाम 'मेसोपोटामिया' ग्रीक शब्द 'मेसोस' से लिया गया है, जिसका अर्थ है मध्य, और 'पोटैमोस', जिसका अर्थ है नदी।


Q. 166581 मेसोपोटामिया में शस्त्र मुख्यतः इससे बने थे -


A. काँस्य

B. ताम्र

C. पत्थर

D. लोहा

Right Answer is: A

SOLUTION

मेसोपोतामियन सभ्यता का विकास काँस्य युग के दौरान हुआ| काँस्य का उपयोग मानवीय जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में हुआ।


Q. 166582 मेसोपोटामिया में पुरातत्व इस दौरान शुरू हुआ -


A. 1820 के दशक

B. 1840 के दशक

C. 1860 के दशक

D. 1890 के दशक

Right Answer is: B

SOLUTION

मेसोपोटामिया में पुरातत्व 1840 के दशक में शुरू हुआ| एक-दो स्टालों में, जैसे उरुक और मारी, उत्खनन कई दशकों तक चली|


Q. 166583 मारी में, एक पदाधिकारी ने सूचित किया कि उसे, यह देखकर, चरवाहों द्वारा हमले के बारे में संदेह हुआ -


A. आवाजों का संकेत

B. झंडे द्वारा संकेत

C. धुआँ द्वारा संकेत

D. आग द्वारा संकेत

Right Answer is: D

SOLUTION

मारी के राजाओं को सदा सतर्क एवं सावधन रहना पड़ता था। विभिन्न जन-जातियों के चरवाहों को राज्य में चलने-फिरने की इजाज़त तो थी, परन्तु उन पर कड़ी नज़्ार रखी जाती थी। राजाओं तथा उनके पदाधिकारियों के बीच हुए पत्रा-व्यवहार में इन पशुचारकों की गतिविधियों और शिविरों का उल्लेख किया गया है। एक पदाधिकारी ने राजा को लिखा कि उसने रात को बार-बार आग से किए गए ऐसे संकेतों को देखा, जो एक शिविर से दूसरे शिविर को भेजे थे, और उसे किसी छापे या हमले की योजना के बारे में संदेह हुआ।


Q. 166584 स्वतंत्र बेबीलोन का अंतिम शासक था


A. अलेक्जेंडर

B. अस्सुरबनिपल

C. हम्मुराबी
 

D. नाबोनिदुस

Right Answer is: D

SOLUTION

स्वतंत्र बेबीलोन का अंतिम शासक नाबोनिदुस था|


Q. 166585 मेसोपोटामियन सभ्यता का सबसे प्राचीन ज्ञात मंदिर इस काल का है-


A. 5000 ईसा पूर्व।

B. 4000 ईसा पूर्व।

C. 2000 ईसा पूर्व

D. 1000 ईसा पूर्व

Right Answer is: C

SOLUTION

सबसे प्राचीन ज्ञात मेसोपोटामियन मंदिर, जो दक्षिणी मेसोपोटामिया में स्तिथ था, अधपक्का ईटों से बनाया गया था| यह एक छोटा मंदिर था|


Q. 166586 लैटिन शब्द 'क्यूनीफार्म', 'क्यूनियस' अर्थात 'खूंटा', और 'फोर्मा' जिसका अर्थ है-


A. नुकीला

B. आकार

C. निशान

D. कलम

Right Answer is: B

SOLUTION

मेसोपोटामिया मिट्टी की तख्तियों पर लिखते थे।


Q. 166587 शिलालेख या नक्काशियों के साथ स्टोन स्लैब को कहा जाता है-


A. पट्टलेख

B. जीत

C. उपकरण

D. शिलालेख

Right Answer is: A

SOLUTION

पट्टलेख प्राचीन इतिहास के बारे में जानकारी की महत्वपूर्ण स्रोतों में से एक हैं।


Q. 166588 जिन लोगों ने प्राचीन मेसोपोटामिया में सत्ता प्राप्त की, जिन्होंने मारी शहर में शासन किया, वह थे-


A. अक्कदी

B. असीरियाई

C. एमोराइट

D. आर्मीनियन

Right Answer is: C

SOLUTION

अक्कदी,  एमोराइट, असीरियाई और आर्मीनियन कुछ वर्ग थे, जो प्राचीन मेसोपोटामिया में शासन करते थे।


Q. 166589 मेसोपोटामिया में लेखन इसलिए शुरू किया गया था


A. बहस दर्ज करने के लिए
 

B. धार्मिक पुस्तके लिखने के लिए

C. व्यापार लेनदेन दर्ज करने के लिए

D. गीतों को लिखने के लिए

Right Answer is: C

SOLUTION

जब एक समाज व्यापार में शामिल है, बातचीत, लेनदेन का रिकार्ड रखने के लिए आवश्यक हैं। इस सुविधा के लिए, लेखन विकसित किया गया था।


Q. 166590 मेसोपोटामिया में लेखन इसलिए शुरू हुआ


A. रिकॉर्ड बहस

B. धार्मिक पुस्तकों के बारे में
 

C. रिकॉर्ड व्यापार लेनदेन

D. गीतों को लिखना

Right Answer is: C

SOLUTION

जब एक समाज व्यापार में शामिल है, बातचीत, लेनदेन का रिकार्ड रखने के लिए आवश्यक हैं। इस सुविधा के लिए, लेखन विकसित किया गया था।


Q. 166591 कृषि मेसोपोटामिया में शुरू हुआ -


A. 7000-6000 ईसा पूर्व

B. 6000-5000 ईसा पूर्व

C. 5000-4000 ईसा पूर्व

D. 4000-3000 ईसा पूर्व

Right Answer is: A

SOLUTION

कृषि इराक (मेसोपोटामिया) में 7000-6000 ईसा पूर्व के बीच में विकसित हुई।


Q. 166592 मेसोपोटेमिया परंपरा में, शहर जो कि 'शहर' नाम से जाना गया था, वह था


A. बेबीलोन

B. नीनवे

C. ऊर

D. उरुक

Right Answer is: D

SOLUTION

मेसोपोटेमिया परंपरा में, शहर जो कि 'शहर' नाम से जाना गया था, वह था उरुक|


Q. 166593 साल 2600 ईसा पूर्व तक, मेसोपोटामिया की प्रयुक्त भाषा थी -


A. फ़ारसी

B. सुमेरियन

C. संस्कृत

D. लैटिन

Right Answer is: B

SOLUTION

सुमेरियन मेसोपोटामिया की सबसे पुरानी भाषा थी। यह 2600 ईसा पूर्व के आसपास इस्तेमाल की गयी थी।


Q. 166594 जिस कमरे में मारी के राजा विदेशी अतिथियों से मिलता था, उसके दीवारें इनके द्वारा सजाया गया था -


A. पत्थर

B. दीवार के चित्रों

C. हस्तशिल्प

D. खाल

Right Answer is: B

SOLUTION

मारी मेसोपोटेमिया का एक समृद्ध व्यापारिक शहर था, जहाँ विदेशी लोग अक्सर आते थे। मारी के राजा का महल प्रशासनिक केंद्र था। इसका अक्सर विदेशी पर्यटकों द्वारा दौरा किया गया था। जिस कमरे में वे विदेशी अतिथियों से मिलते थे, वहां की दीवारें को भित्ति-चित्रों द्वारा सजाई गयी थी, जो अतिथियों को हतप्रभ करते थे।


Q. 166595 मारी और बेबीलोन महत्वपूर्ण शहरी केंद्रों के रूप में उभरे


A. 2000 ईसा पूर्व।

B. 20001 ईसा पूर्व।

C. 2002 ईसा पूर्व।

D. 2003 ईसा पूर्व।

Right Answer is: D

SOLUTION

2000 ईसा पूर्व के बाद, मारी की शाही राजधानी विक्सित हुई।


Q. 166596 बब्य्लोनिया के ऊपर असीरियाई वर्चस्व का अंत इस शासक के द्वारा किया गया था


A. नाबोपोलास्सर

B. ज़िम्रिलिम

C. गिलगमेश

D. अलेक्जेंडर

Right Answer is: A

SOLUTION

नाबोपोलास्सर, जो नव बेबीलोन साम्राज्य के पहले राजा थे,  नवम्बर 626 से - अगस्त 605 ईसा पूर्व तक राज किया।


Q. 166597 सुमेरियन महाकाव्य में, एनमर्कर इस शहर के व्यापर की पहली घटना से जुड़ा हुआ है-


A. अक्कड़

B. बेबीलोन

C. ऊर

D. उरुक

Right Answer is: D

SOLUTION

शहरी जीवन, व्यापर और लेखन के बीच में सम्बन्ध का उल्लेख एक लंबे सुमेरियन महाकाव्य में किया गया है| यह एनमर्कर के बारे में है, जो उरुक के सबसे प्राचीन शासकों में से एक थे|


Q. 166598 तकनीकी विभेदक चिह्न जो उरुक के शहरी अर्थव्यवस्था ने देखा था


A. कांस्य उपकरण

B. ईंट स्तंभों के निर्माण

C. कुम्हार का चाक

D. तेल निकलने वाली तकनीक

Right Answer is: C

SOLUTION

मेसोपोटेमिया सभ्यता ने पहिये के सिद्धांत की जल्द से जल्द खोज की थी, दक्षिणी इराक में। कुम्हार के चाक का उपयोग करने के लिए 4000-3000 ईसा पूर्व से इस अवधि के दौरान वापस पता लगाया है।


Q. 166599 पहली मेसोपोटेमिया तख्तियाँ लिखी गई


A. 2200 ईसा पूर्व

B. 3200 ईसा पूर्व

C. 4200 ईसा पूर्व

D. 5200 ईसा पूर्व

Right Answer is: B

SOLUTION

पहली मेसोपोटेमिया तख्तियाँ, 3200 ईसा पूर्व के आसपास लिखी गयी।


Q. 166600 मिट्टी सतह पर मोहरों की छाप के निशान प्राप्त हुए है वह जाने जाते हैं ?


A. तख्ता

B. मुद्रण

C. मोती

D. ढांचा

Right Answer is: B

SOLUTION

मोहरें उन बक्सों पर लगाई जाती थी जिनमें समान रखकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जाता थ। मोहरों की छपाई अर्द्ध गीली मिट्टी की सतह पर बनाई जाती थी फिर उन्हें सूखने दिया जाता था। यह शायद इसलिए किया जाता था जिससे बक्सा अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले या प्रेषक के पास वापस आने के बीच में कहीं ना खोला जाय।


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