CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 167601 एस्कर क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एस्कर एक लंबा, संकीर्ण, उर्ध्वाकार ढालू टीला है जो बर्फ (हिमनदों) के साथ संपर्क में अनियमित रूप से जमा स्तरीकृत तलछट या  एक खुली या संलग्न नहर से बना है ग्रीष्म ऋतु में हिमनद के पिघलने से जल हिमतल के ऊपर से प्रवाहित होता है अथवा इसके किनारों से रिसता है या बर्फ  के छिद्रों से नीचे प्रवाहित होता है। यह जलधारा अपने साथ बड़े गोलाश्म, चट्टानी टुकड़े और छोटा चट्टानी मलबा बहाकर लाती है जो हिमनद के नीचे इस बर्फ  की घाटी में जमा हो जाते हैं। ये  बर्फ पिघलने के बाद एक वक्राकार कटक के रूप में मिलते हैं।


Q. 167602 ग्लेशियर छोटी पहाड़ियों और मैदानों में ऊंचे पहाड़ों को कम करने का काम कैसे पूरा करते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हिमनदों से प्रबल अपरदन होता है जिसका कारण इसके अपने भार से उत्पन्न घर्षण है। हिमनद द्वारा कर्षित चट्टानी पदार्थ (प्रायः बड़े गोलाश्म व शैलखंड) इसके तल में ही इसके साथ घसीटे जाते हैं या घाटी के किनारों पर अपघर्षण व घर्षण द्वारा अत्यधिक अपरदन करते हैं। हिमनद अपक्षय रहित चट्टानों का भी प्रभावशाली अपरदन करते हैं, जिससे ऊँचे पर्वत छोटी पहाडि़यों व मैदानों में परिवर्तित हो जाते हैं।


Q. 167603 ड्रमलिन क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ड्रमलिन हिमनद मृत्तिका के अंडाकार समतल कटकनुमा स्थलरूप हैं जिसमें रेत व बजरी के ढेर होते हैं। ड्रमलिन के लम्बे भाग हिमनद के प्रवाह की दिशा के समानांतर होते हैं। ये एक किलोमीटर लम्बे और 30 मीटर तक ऊंचे होते हैं। ड्रमलिन का हिमनद सम्मुख भाग स्टॉस कहलाता है जो पृच्छ भागों की अपेक्षा तीखा तीव्र ढाल लिए होता है। ड्रमलिन का निर्माण हिमनद दरारों में भारी चट्टानों मलबे के भरने व उसके बर्फ के नीचे रहने से होता है।


Q. 167604 युवाला का निर्माण कैसे होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब घोल रंध्र व डोलाइन इन कंदराओं को छत के गिरने से या पदार्थों के स्खलन द्वारा आपस में मिल जाते हैं, तो लम्बी, तंग तथा विस्तृत खाइयाँ निर्मित होती हैं जिन्हें युवाला कहते हैं। धीरे-धीरे चूनायुक्त चट्टानों के अधिकतर भाग इन गर्तों व खाइयों के हवाले हो जाता है और पूरे क्षेत्र में अत्यधिक अनियमित पतले व नुकीले कटक आदि रह जाते हैं।


Q. 167605 बाढ़ के मैदानों और प्राकृतिक तटबंधों का गठन कैसे होता हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बाढ़ के मैदान: ये नदी के निक्षिपण से विकसित होते है। निक्षेपों नदियों द्वारा लाये जाते है और बाढ़ के दौरान अत्यधिक पानी से किनारो पर फैल जाते है। तब अवसाद बाढ़ के साथ समतल मैदानों पर नदी के किनारे जमा हो जाते है।

प्राकृतिक तटबंध: वे नदियों के बड़े किनारे के साथ पाए जाते हैं। वे मोटे निक्षेपण की कम, रेखीय और समानांतर लकीरें है। वे तब बनते हैं जब पानी का वेग कम होता है और नदी के तत्काल किनारे पर तलछट जमा हो जाती है।


Q. 167606 जलोढ़ पंख क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब नदी उच्च स्थलों से बहती हुई गिरिपद व मंद ढाल के मैदानों में प्रवेश करती है तो जलोढ़ पंख का निर्माण होता है। साधारणतया पर्वतीय क्षेत्रों में बहने वाली नदियाँ भारी व स्थूल आकार वेफ नद्य-भार को वहन करती हैं। मंद ढालों पर नदियाँ यह भार वहन करने में असमर्थ होती हैं तो यह शंवुफ के आकार में निक्षेपित हो जाता है जिसे जलोढ़ पंख कहते हैं।


Q. 167607 वी आकार और यू आकार की घाटी में अंतर बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वी आकार की घाटी

यू आकार की घाटी

1. वी आकार घाटी अपने युवा चरणों नदियों द्वारा मुड़ी हुई होती है।

1. यू आकार घाटी पहाड़ी क्षेत्रों में ग्लेशियरों द्वारा गठित होती है।

2. यह कटावदार नदियों की कार्रवाई द्वारा गठित होती है।

2. यह पूर्व में मौजूदा घाटियों का एक संशोधित रूप है।

3. यह गर्तो और घाटियों के साथ जुड़ा हुआ है।

3. यह झुकी हुई घाटियों के साथ जुड़ा हुआ है।


Q. 167608 किन मायनों में रेगिस्तानी इलाकों में हवा अपरदन का कारण बनती है? उनमें से प्रत्येक के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पवन मुख्य रूप से तीन तरीकों से, रेगिस्तानी इलाकों में कटाव का कारण बनता है। ये:

(i) अपवहन - इस प्रक्रिया में, अपक्षय द्वारा मुक्त कण हवा से उड़ जाते हैं।

(ii) अपघर्षण - हवा में मौजूद धूल और रेत के कण वातावरण में रहते है। वे हवा के औजार के रूप में जाने जाते हैं चूँकि वे चट्टानों की नीचे से कटाई, घिसाई और खाँचन आदि करते है इस कार्रवाई को अपघर्षण के रूप में जाना जाता है।

(iii) क्षयण - हवा में रेत के कण भी एक दूसरे से टकराते है और कम होते है और घर्षण से गोल हो जाते है। इस प्रक्रिया को क्षयण कहा जाता है।


Q. 167609 हवा की अपरदनात्मक काम समझाइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हवा पानी और बर्फ की तरह चट्टानों पर बहुत कम कटाव की कार्रवाई करती है। उनके द्वारा लाये गये मुक्त कण या रेत के कंकड़ चट्टानों के लिए उपकरण के रूप में काम करते हैं। हवा का यह काम जमीन के करीबी ऊंचाइयों तक सीमित रहता है चूँकि यह ऊपर हवा में उंचाई तक इन कणों को ले जाने में असमर्थ है। पवन की कार्रवाई भी कंकड़ो पर निर्भर करती है, ऊपर उठते है या जमीन के साथ चले जाते है। हवा की गति और लम्बे समय तक इसका उड़ाना जारी रहता है, यह कटाव का काम को भी प्रभावित करते हैं।


Q. 167610 'मरूद्यान' क्या है? यह कैसे गठित होते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सतत अपस्फीति के परिणामस्वरूप भूमि की सतह क्रमिक तौर पर कम होती है, अधिक से अधिक अवसाद हवा की कटावदार कार्रवाई से निकाल जाता है। कटाव तब तक जारी रहता है जब तक यह भू-जल स्तर तक नही पहुँच जाता है। भू-जल रेगिस्तानी इलाकों में भी मौजूद हो सकता है। जब रेगिस्तान की सतह भूजल के स्तर से कम होती है, तब हवा ढीले और नम कणों को उठाकर दूर ले जाने में असक्षम होती है। जब ये गड्ढे नीचे की ओर पहुँचते हैं तब यह पानी की सतह को काटकर 'मरूद्यान' का निर्माण करते है। मरूद्यान ताड के पेड़ो एक छोटे समूह या कुछ सौ वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र हो सकता है।


Q. 167611 इन्सेलबर्ग के गठन की संक्षेप में चर्चा कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हवा की कटावदार कार्य के परिणामस्वरूप रेत और धूल का बहुत क्षय होता है लेकिन कुछ चट्टानों का समूह यहाँ स्थित रहता है और रेगिस्तान की सतह का निर्माण करता है। यह विशेषता 'इन्सेलबर्ग' के रूप में जानी जाती है। यह जर्मन शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ 'द्वीप माउंटेन' है। 'इन्सेलबर्ग' को बोर्नहार्डट के रूप में भी जाना जाता है, वैज्ञानिक के नाम के बाद पहले जिन्होंने उनके मूल की व्याख्या की। कभी कभी ये पहाड़ियाँ कठोर चट्टानों पर टोपी के रूप में पिरामिड की तरह और कभी - कभी ये गुंबद के आकार की होती हैं जो ग्रेनाइट से बनती है।


Q. 167612 रेगिस्तान में हवाओं की कटावदार भू आकृतियाँ क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हवा गर्म रेगिस्तान में अपक्षय के प्रमुख कारको में से एक हैं। हवाऍ बहुत तेज गति के साथ रेगिस्तान में बहती है और उनके रास्ते में अवरोधों के विक्षोभ पैदा करती हैं। अनेक दिलचस्प भू आकृतियाँ रेगिस्तान में हवाओं का कटावदार गतिविधियों द्वारा बनाई जाती हैं। उनमें से कुछ हैं

(i) पेडीमेंट - पर्वतों के पाद पर मलबे रहित अथवा मलबे सहित मंद ढाल वाले चट्टानी तल।

(ii) पदस्थली - रेगिस्तान में आकृति विहीन मैदान।

(iii) प्लाया - रेगिस्तान में बेसिन के मध्य में गठित उथली झीले।

(iv) छत्रक चट्टाने - व्यापक ऊपरी हिस्सा और संकीर्ण आधार होने से चट्टाने रेगिस्तान में एक मशरूम आकार जैसी दिखाई देती है।

(v) अपवाहन गर्त - पवनों के एक ही दिशा में स्थायी प्रवाह से चट्टानों के अपक्षय जनित पदार्थ या असंगठित मिट्टी का अपवाहन होता है। इस प्रक्रिया से उथले गर्त बनते है।


Q. 167613 बरखान क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बरखान वर्धमान या हवा की सीधी दिशा में गठित चंद्रमा के आकार के रेत के टीले हैं। वायु की ओर दिशा उत्तल और कोमल है जबकि अनुवात दिशा ढलान है। इनके सिरों को क्षृंग कहा जाता है। अधिकांश टिब्बे रेगिस्तान में और उनमें से कुछ विशेष रूप से मानव बस्तियों के पास स्थापित हो जाते है।


Q. 167614 वह गैस जो वायुमंडल के अधिकांश हिस्सों का गठन करती है :


A.

ऑक्सीजन

B.

नाइट्रोजन

C.

आर्गन

D.

कार्बन डाइआक्साइड

Right Answer is: B

SOLUTION

वायुमंडल में अनेक गैसें हैं जिनका मिश्रित स्वरुप वायु है। मुख्य गैसें नाइट्रोजन और ऑक्सीजन हैं जो वायुमंडल में क्रमशः 78 प्रतिशत और 21 प्रतिशत पाई जाती हैं।


Q. 167615 निम्नलिखित में से एक पृथ्वी की सतह है :


A.

क्षोभमंडल

B.

समतापमंडल

C.

मध्यमंडल

D.

एस्थेनोस्फीयर

Right Answer is: D

SOLUTION

एस्थेनोस्फीयर पृथ्वी के अंतरतम में स्थलमण्डल के नीचे स्थित एक परत है। शेष सभी पृथ्वी के वायुमंडल की परतें हैं।


Q. 167616 क्षोभमंडल हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि :


A.

इसमें ओजोन परत होती है।

B.

सभी मौसमी घटनाएँ यहीं घटित होती हैं।

C.

यह ऊर्जा के हानिकारक रूपों से हमें बचाती है।

D.

इसमें विद्युत आवेशित कण होते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

वायुमंडल की सबसे निचली सतह को क्षोभमंडल कहा जाता है। इसकी सीमाएँ ध्रुवों पर 8 किलोमीटर और विषुवत वृत्त पर 16 किलोमीटर मोटाई के बीच होती है। मौसम में परिवर्तन इसी संस्तर में होता है।


Q. 167617 पृथ्वी की सतह पर कॉर्बन डाईऑक्साइड एवं जलवाष्प के पाए जाने की ऊँचाई होती है :


A.

केवल 80 किलोमीटर तक

B.

केवल 90 किलोमीटर तक

C.

केवल 100 किलोमीटर तक

D.

केवल 110 किलोमीटर तक

Right Answer is: B

SOLUTION

वायुमंडल की ऊपरी परतों में गैसों का अनुपात इस प्रकार बदलता है जैसे कि 120 कि॰मी॰ की ऊँचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा नगण्य हो जाती है। इसी प्रकार, कार्बन डाईऑक्साइड एवं जलवाष्प पृथ्वी की सतह से 90 कि॰मी॰ की ऊँचाई तक ही पाये जाते हैं।


Q. 167618 वायुमंडल के कुल द्रव्यमान का 99 प्रतिशत भाग स्थित होता है :


A.

32 किलोमीटर की ऊँचाई पर

B.

42 किलोमीटर की ऊँचाई पर

C.

55 किलोमीटर की ऊँचाई पर

D.

62 किलोमीटर की ऊँचाई पर

Right Answer is: A

SOLUTION

वायु पृथ्वी के द्रव्यमान का अभिन्न भाग है तथा इसके कुल द्रव्यमान का 99 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की सतह से 32 कि॰मी॰ की ऊँचाई तक स्थित है।


Q. 167619 ओज़ोन में ऑक्सीजन के कितने परमाणु होते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ओज़ोन ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बनती है, इसे O3 से प्रदर्शित किया जाता है| यह वायुमंडल की ऊपरी परत में कम मात्रा में पाई जाती है|


Q. 167620 कार्बन डाई ऑक्साइड विकिरण के समय किस तरह का व्यवहार करती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्बन डाई ऑक्साइड, पृथ्वी पर सौर विकिरण के लिए पारदर्शी है तथा पृथ्वी की सतह से जाने वाले पार्थिव विकिरण के लिए अपारदर्शी है| कार्बन डाई ऑक्साइड का बढ़ता अनुपात वैश्विक मौसम और जलवायु को प्रभावित करता है| इससे जलवाष्प के साथ ग्रीन हाउस प्रभाव की उत्पत्ति होती है|


Q. 167621 गैस-निष्कासन किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब कार्बन डाई ऑक्साइड, जलवाष्प, सल्फर डाई ऑक्साइड और नाइट्रोजन जैसी गैसें पृथ्वी की आतंरिक सतह से ज्वालामुखी और अन्य प्रक्रियाओं द्वारा मुक्त होती हैं, तो यह गैस-निष्कासन कहलाता है|


Q. 167622 ओजोन परत के रिक्तीकरण की रक्षा के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण रणनीतियाँ क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दो सबसे महत्वपूर्ण रणनीतियाँ है जो विकसित और विकासशील देश की रक्षा ओजोन परत रिक्तीकरण से कर सकते हैं:

1. क्लोरो फ्लोरो कार्बन के उत्पादन और खपत (सीएफसी) को कम करना।

2. क्लोरो फ्लोरो कार्बन के लिए विकल्प ढूँढना उपयोग के लिए निर्भरता को कम करने के लिए।


Q. 167623 क्षोभ मंडल सबसे महत्वपूर्ण परत क्यों है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सभी मौसम संबंधी प्रक्रियाऍ इस परत में होती है। जल वाष्प की बड़ी मात्रा में इस परत में उपलब्ध है, जो संक्षेपण के लिए जिम्मेदार है और बादलों के गठन और धूल के कणों में कई मौसम घटना संबंधी घटनाओ को जन्म देती है।


Q. 167624 व्यक्ति के लिए वातावरण का क्या महत्व है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वायुमंडल पृथ्वी को रहने योग्य बनाता है। यह जीवन समर्थन गैसे है जैसे- ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड। यहाँ जल वाष्प का संग्रह है। यह उल्का को गिरने से बचाता है। यह अल्ट्रा वायलेट किरणों को अवशोषित करता है और एक ग्रीन हाउस के रूप में सभी कृत्यों से ऊपर अत्यधिक गर्म और ठंडे की मध्यस्थता करता है।


Q. 167625 किस परत के बीच हवाई जहाज उड़ान भरते है और क्यों?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हवाई जहाज समताप मंडल में उड़ते है। इस परत में हवा की गति क्षैतिज होती है। यह जेट हवाई जहाज के लिए आदर्श उड़ान की स्थितियाँ प्रदान करता है यह बादलों और अन्य मौसम की गड़बड़ी से मुक्त है।


Q. 167626 समताप मंडल की विशेषतायें क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समताप मंडल पृथ्वी की सतह से ऊपर वातावरण की दूसरी परत है। इसकी ऊंचाई 40 से 50 किमी पर भिन्न होती है। इस परत में तापमान बहुत कम होता है और मुख्य रूप से समान होता है। यह बादलों के एक गैर-संवहनी क्षेत्र है जहां धूल के कण और जल वाष्प पूरी तरह से अनुपस्थित हैं। यह जोन वायुमंडलीय परिवर्तन से मुक्त है।


Q. 167627 मौसम और जलवायु में जल वाष्प और धूल कण महत्वपूर्ण तत्व क्यों होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वे संक्षेपण के सभी रूपों का स्रोत हैं और सूर्य से प्राप्त ऊष्मा को अवशोषित करता है। वे वातावरण की स्थिरता को प्रभावित करते हैं क्योंकि हवा, पराग, नमक में मौजूद धूल के कण हवा में घूमते रहते हैं। वे सकारात्मक चार्ज के साथ नाभिक के रूप में कार्य करते है और बादलों का उत्पादन करने के लिए नकारात्मक पानी का हिस्सा करता है।


Q. 167628 वातावरण के तापमान में वृद्धि क्यों हुई है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा जल ईंधन की वजह से पिछले कुछ दशकों में बढ़ी है। इसके अतिरिक्त इतने सारे कारखानों और वाहनों और इनसे उत्सर्जित धुआं वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर में वृद्धि का कारण है। जिससे वातावरण का तापमान बढ़ रहा है।


Q. 167629 जल वाष्प वातावरण की अन्य गैसों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण क्यों हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वातावरण की अन्य गैसों की तुलना में जल वाष्प सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है इसका एक हिस्सा अवशोषित द्वारा पृथ्वी की सतह तक पहुँचने आतपन की मात्रा कम कर देता है। यह भी पृथ्वी की निकलने वाली गर्मी को बरकरार रखता है, जिससे बहुत गर्म या बहुत ठंडा बनने से पृथ्वी को रोका जाता है।


Q. 167630 पृथ्वी की सतह पर अल्ट्रा वायलेट विकिरण के कोई भी चार हानिकारक प्रभावों की सूची दें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अल्ट्रा वायलेट विकिरण के हानिकारक प्रभाव:

1. ये मनुष्य और जानवरों के बीच त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और अंधेपन का कारण है।

2. ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कम करती हैं, इस प्रकार के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को विकृत कर देता हैं।

3. वे फसल उत्पादन प्रभावित करते हैं और भोजन की कमी का कारण है।

4. ओजोन की कमी ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण से पृथ्वी की जलवायु को प्रभावित कर सकती हैं।


Q. 167631 समताप मंडल की क्या विशेषताए हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह 50 किमी की ऊंचाई तक फैली हुई है। इस परत में तापमान 20 किमी की ऊंचाई तक एक समान बना रहता है। बाद में यह ओजोन की उपस्थिति के कारण 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक बढ़ जाता है। ओजोन सूर्य के सबसे हानिकारक अल्ट्रा वायलेट किरणों को अवशोषित कर लेती है। बादल इस परत में अनुपस्थित होते हैं और धूल कण और जल वाष्प भी बहुत कम होती हैं।


Q. 167632 कार्बन डाइऑक्साइड का क्या महत्व है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्बन डाइऑक्साइड मौसम की एक बहुत ही महत्वपूर्ण गैस है यह आने वाली सौर विकिरण के लिए पारदर्शी है लेकिन बाहर करने के लिए अपारदर्शी स्थलीय विकिरण है। यह स्थलीय विकिरण के एक हिस्से को अवशोषित करती है और पृथ्वी की सतह की ओर से कुछ हिस्सा वापस भेजती है। यह ग्रीन हाउस प्रभाव के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है।


Q. 167633 वातावरण का मूल क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वातावरण क्रमिक परिवर्तन का परिणाम है, जो पांच अरब साल पहले मुख्यतः लोहे की ठंड के कणों, मैग्नीशियम और ग्रेफाइट की अभिवृद्धि से शुरू हुआ। तब पृथ्वी का वायुमंडल प्रकाश गैसों बनाए रखने के लिए बहुत छोटा था। गुरुत्वीय पतन और रेडियो सक्रिय क्षय पृथ्वी के गर्म होने का कारण होता है और सामग्री केंद्रीय ठोस निकल को विभेदित करती है - लौह अयस्क, तरल, लोहा, सिलिकेट। इस तरह अगैसयकरण ने वातावरण बनाने जगह ले ली।


Q. 167634 जल वाष्प से पूरी तरह से पूरित हवा :


A.

निरपेक्ष आर्द्रता कहलाती है।

B.

असंतृप्त हवा कहलाती है।

C.

ओस बिंदु कहलाती है।

D.

संतृप्त हवा कहलाती है।

Right Answer is: D

SOLUTION

एक निश्चित तापमान पर जलवाष्प से पूरी तरह पूरित हवा को संतृप्त कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि हवा इस स्थिति में दिए गए तापमान पर और अधिक आर्द्रता को ग्रहण करने में सक्षम नहीं है।


Q. 167635 जैसे-जैसे हम विषुवत वृत्त से ध्रुवों की ओर चलते हैं :


A.

वर्षा में कमी आती है।

B.

तापमान में गिरावट आती है।

C.

वनस्पति आवरण में वृद्धि होती है।

D.

सूर्य की किरणों में वृद्धि होती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

वर्षण जब पानी के रूप में होता है, उसे वर्षा कहा जाता है। जब तापमान 0° सेंटीग्रेट से कम होता है तब वर्षण हिमतूलों के रूप में होता है जिसे हिमपात कहते हैं। जैसे-जैसे हम विषुवत वृत्त से ध्रुवों की ओर चलते हैं वर्षा में कमी आती है।


Q. 167636 अत्यधिक अपारदर्शी बादल :


A.

पक्षाभ मेघ होते हैं।

B.

स्तरी मेघ होते हैं।

C.

कपासी मेघ होते हैं।

D.

वर्षा मेघ होते हैं।

Right Answer is: D

SOLUTION

वर्षा मेघ सूर्य की किरणों के लिए बहुत ही अपारदर्शी होते हैं। वर्षा मेघ काले बादल होते हैं क्योंकि इनके साथ जल की भारी मात्रा होती है। जल की बूंदें वर्षा, बर्फ, ओले और तुषार जैसे विभिन्न रूपों में नीचे गिरती हैं।


Q. 167637 तुषार ठंडी सतहों पर बनता है, जब संघनन :


A.

जमाव बिंदु से ऊपर चला जाता है।

B.

जमाव बिंदु से नीचे चला जाता है।

C.

अचानक से होता है।

D. जब पानी उबलने लगता हैं

Right Answer is: B

SOLUTION

तुषार संतृप्त हवा से जल का ठोस निक्षेप है। तुषार ठंडी सतहों पर बनता है जब संघनन तापमान के जमाव बिंदु से नीचे होता है, अर्थात् ओसांक जमाव बिंदु पर या उसके नीचे होता है। तुषार रवों के आकार की भिन्नता उपलब्द्ध जल वाष्प तथा समय पर निर्भर करता है। यह सामान्यतः दिखने में पारदर्शी होता है।


Q. 167638 जल वाष्प का जल के रूप में बदलना :


A.

वाष्पीकरण कहलाता है।

B.

संघनन कहलाता है।

C.

उर्ध्वपातन कहलाता है।

D.

संतृप्त कहलाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

जलवाष्प का जल के रूप में बदलना संघनन कहलाता है।


Q. 167639 निरपेक्ष आर्द्रता जिस रूप में व्यक्त की जाती है, वह है :


A.

ग्राम प्रति मीटर

B.

ग्राम प्रति घन मीटर

C.

ग्राम प्रति किलो

D.

ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर

Right Answer is: B

SOLUTION

वायुमंडल में उपस्थित जलवाष्प की वास्तविक मात्रा को निरपेक्ष आर्द्रता कहा जाता है। यह हवा के प्रति इकाई आयतन में जलवाष्प का वजन है एवं इसे ग्राम प्रति घन मीटर के रूप में व्यक्त किया जाता है।


Q. 167640 द्रव से वाष्प में परिवर्तन के लिए उत्तरदायी प्रक्रिया :


A.

संघनन है।

B.

वाष्पोत्सर्जन है।

C.

वाष्पीकरण है।

D.

वर्षा है।

Right Answer is: C

SOLUTION

वाष्पीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जल अपने द्रव रूप से वाष्प रूप में परिवर्तित होता है। वाष्पीकरण का मुख्य कारण ताप है। इस प्रकार स्थल एवं जलाशयों से जल वायुमंडल में स्थानांतरण होता है। महासागर से वाष्पीकरण द्वारा वर्षा के रूप में जल पृथ्वी पर आता है। इस प्रकार वायुमंडल, महासागरों तथा महाद्वीपों के बीच जल का लगातार आदान-प्रदान होता रहता है।


Q. 167641 ओसांक किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हवा के दिए गए प्रतिदर्श (Sample) में जिस तापमान पर संतृप्ता आती है उसे ओसांक कहते हैं।


Q. 167642 संतृप्त वायु किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक निश्चित तापमान पर जलवाष्प से पूरी तरह पूरित हवा को संतृप्त वायु कहा जाता है|  इसका मतलब यह है कि हवा इस स्थिति में दिए गए तापमान पर और अधिक आर्द्रता को ग्रहण करने में सक्षम नहीं है।


Q. 167643 वाष्पीकरण का क्या अर्थ है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वाष्पीकरण वह क्रिया है जिसके द्वारा जल द्रव से गैसीय अवस्था में परिवर्तित होता है। वाष्पीकरण का मुख्य कारण ताप है।


Q. 167644 किसी स्थान पर वर्षण किन किन परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी स्थान पर वर्षा का होना निम्न परिस्थितियों पर निर्भर करता है -

i.तापमान, जिस पर जलवाष्प का संघनन होता है तथा
ii. बादलों के प्रकार आदि ।


Q. 167645 पक्षाभ मेघ कैसे प्रतीत होते हैं? और वे कितनी ऊँचाई में बनते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पक्षाभ मेघ पतले तथा बिखरे हुए बादल होते हैं, जो पंख के रूप में प्रतीत होते हैं। ये 8,000-12,000 मी॰ की ऊँचाई पर बनते हैं|


Q. 167646 पृथ्वी के कौन-से भागों में वर्षा प्रतिवर्ष 50 से॰मी॰ से भी कम वर्षा होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

महाद्वीप के भीतरी भाग के वृष्टि छाया क्षेत्रों में पड़ने वाले भाग तथा ऊँचे अक्षांशों वाले क्षेत्रों में प्रतिवर्ष 50 से॰मी॰ से भी कम वर्षा होती है।


Q. 167647 फुहार क्या होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब वर्षा की बूँदों का आकार बहुत ही छोटा (आधे मिलीमीटर से भी कम) होता है, तो ऐसी बूँदों को फुहार कहते हैं। फुहार स्तरीय व कपासी मेघों द्वारा ही होती है ।


Q. 167648 वृष्टि छाया क्षेत्र किसे कहते है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पवनाभिमुख ढाल पर वर्षा होने के बाद ये हवाएँ जब पहाड़ के दूसरे तथा विपरीत ढाल पर पहुँचती हैं, वे नीचे की ओर उतरती हैं तथा उनका तापमान बढ़ जाता है और उनकी आर्द्रता धारण क्षमता भी बढ़ जाती है परन्तु वर्षा नही कर पाती है इसीलिए पहाड़ के इस प्रतिपवन ढाल सूखे तथा वर्षा विहीन रहते हैं। अतः इस प्रतिपवन भाग में स्थित क्षेत्र को वृष्टि छाया क्षेत्र कहा जाता है। उदाहरण – भारत के दक्कन का पठार


Q. 167649 गुप्त उष्मा किसे कहते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जलीय वाष्प में संग्रहीत ताप को गुप्त उष्मा कहा जाता है| जिस तापमान पर जल वाष्पीकृत होना शुरु करता है, उसे वाष्पीकरण की गुप्त उष्मा कहा जाता है।


Q. 167650 पृथ्वी के कौन-से भागो में प्रति वर्ष 200 से॰मी॰ से अधिक वर्षा होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विषुवतीय पट्टी, शीतोष्ण प्रदेशों में पश्चिमी तटीय किनारों के पास के पर्वतों के वायु की ढाल पर तथा मानसून वाले क्षेत्रों के तटीय भागों में वर्षा बहुत अधिक अर्थात प्रति वर्ष 200 से॰मी॰ से अधिक होती है।


Q. 167651 कपासी मेघ कैसे होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ये बहुत अधिक घने और विस्तृत होते हैं। ये देखने में धुनी हुई रुई के ढेर जैसे दिखाई देते हैं। ये गुम्बदाकार या फूल गोभी जैसे आकार के होते हैं। इनका आधार काले रंग का होता है।


Q. 167652 धुंध क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

धुंध साधारणत: धुँए, धूल तथा लवण आदि कणों के आसपास जल के कणों के इकट्टा हो जाने के कारण होता है। इससे दृश्यता प्रभावित होती है। मौसम विज्ञान की अनुसार धुंध, वायुमण्डल के नीचले भाग की दृश्यता को प्रभावित करते है ।


Q. 167653 पहाड़ के कौन-सी ढाल वृष्टि छाया क्षेत्र में आते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पहाड़ के प्रतिपवन ढाल वृष्टि छाया क्षेत्र में आते हैं|


Q. 167654 हिमटोपी या हिमनद में जल की कुल मात्रा :


A. 0.25% होती है।

B. 3.25% होती है।

C. 2.05% होती है।

D. 0.05% होती है।

Right Answer is: C

SOLUTION

जल की अधिकतम मात्रा महासागरों(97.25%) में होती है उसके बाद हिमटोपी या हिमनद में होती है।


Q. 167655 लवणता का सम्बन्ध :


A.

जल में अवसादों की कुल मात्रा से है।

B.

जल में अशुद्धियों की कुल मात्रा से है।

C.

जल में लवण की कुल मात्रा से है।

D.

जल में ऊष्मा की कुल मात्रा से है।

Right Answer is: C

SOLUTION

लवणता वह शब्द है जिसका उपयोग समुद्री जल में घुले हुए नमक की मात्रा को निर्धारित करने में किया जाता है। यह एक सामान्य शब्द है जो विभिन्न लवणों जैसे- सोडियम क्लोराइड, मैग्नीशियम और कैल्शियम सल्फेट तथा बायोकार्बोनेट के स्तर का वर्णन करने के लिए प्रयोग किया जाता है।


Q. 167656 गल्फ स्ट्रीम (गर्म धारा) :


A.

अटलांटिक महासागर में उत्पन्न होती है।

B.

प्रशांत महासागर में उत्पन्न होती है।

C.

हिन्द महासागर में उत्पन्न होती है।

D.

आर्कटिक महासागर में उत्पन्न होती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

गल्फ स्ट्रीम उत्तरी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली गर्म पानी की एक प्रमुख महासागरीय धारा हैं। यह धारा उत्तरी अक्षांश के पास मेक्सिको की खाड़ी से उत्पन्न होकर उत्तर पूर्वी दिशा की ओर पश्चिमी यूरोप के पश्चिमी तट तक प्रवाहित होती हैं। मेक्सिको की खाड़ी में उत्पन्न होने के कारण इसे खाड़ी की धारा (गल्फ स्ट्रीम) के नाम से जाना जाता है।


Q. 167657 महासागर के अधस्तल के कौन-सी जगह पर कैनियन (गभीर खड्ड) एवं खाइयाँ दिखाई देती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ढाल का किनारा महाद्वीपों के समाप्ति को इंगित करता है और इसी प्रदेश में कैनियन (गभीर खड्ड) एवं खाइयाँ दिखाई देते हैं।


Q. 167658 कौन-सी महासागर में लगभग 10,000 से अधिक समुद्री टीले एवं निमग्न द्वीप उपस्थित हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रशांत महासागर में अनुमानतः 10,000 से अधिक समुद्री टीले एवं निमग्न द्वीप उपस्थित हैं।


Q. 167659 दुनिया में सबसे बड़ा मध्य-महासागरीय कटक कौनसा हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मध्यवर्ती अटलांटिक पर्वत श्रेणी सबसे बड़ी और अविच्छिन्न जलमग्न पर्वत श्रेणी है जो अटलांटिक महासागर के मध्य में उत्तर से दक्षिण तक जाती है। इसकी कुल लम्बाई 64000 किलोमीटर तक है|


Q. 167660 वाष्पन वाष्पोत्सर्जन का मतलव क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वाष्पन वाष्पोत्सर्जन एक संमिलित रूप है जहां वाष्पीकरण एवं पौंधो द्वारा वायुमंडल में जल की स्थानांतरण एक साथ होते हैं| इस प्रक्रिया को समय की प्रति इकाई मिलीमीटर में व्यक्त किया जाता है।


Q. 167661 महासागर की 500 मीटर की गहराई में तापमान कितना होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

महासागर की 500 मीटर की गहराई में महासागरीय तापमान 20 डिग्री से॰ से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है|


Q. 167662 उच्चतम लवणता वाले क्षेत्रों के नाम बताएं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उच्चतम लवणता वाले क्षेत्रों में शामिल हैं :
i. मृत सागर में (238%॰)
ii. टर्की की वाँन झील (330%॰)
iii. ग्रेट साल्ट झील (220%॰)


Q. 167663 काले सागर में लवणता की क्या स्थिति है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

काले सागर की लवणता नदियों के द्वारा अधिक मात्रा में लाए जाने वाले ताजे जल के कारण कम होती है।


Q. 167664 बंगाल की खाड़ी में लवणता कम क्यों पायी जाती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बंगाल की खाड़ी में गंगा नदी के जल के मिलने से लवणता कम पाई जाती है|


Q. 167665 हैलोक्लाईन किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लवणता साधारणतः गहराई के साथ बढ़ती है| हैलोक्लाईन एक ऐसा क्षेत्र है जहां लवणता तीव्रता से बढ़ती है।


Q. 167666 भूमध्यसागर की उच्च लवणता का कारण क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमध्यसागर में अधिक तथा उच्च मात्रा में वाष्पीकरण के कारण ही इस क्षेत्र में उच्च लवणता प्राप्त होती है।


Q. 167667 महाद्वीपीय उत्थान किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

महाद्वीपीय उत्थान -  जैसे-जैसे पृथ्वी की सतह के ढाल नीचे उतरती जाती है, वैसे-वैसे वे अपनी ढाल खोते जाते हैं। जब इस ढाल की प्रवणता 0.5 से एक अंश के मध्य हो जाती है, तो उसे महाद्वीपीय उत्थान कहते हैं। इस उत्थान की समाप्ति वितल मैदान पर हो जाती है |


Q. 167668 बाल्टिक समुद्र की लवणता कम होने के क्या कारण हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बाल्टिक समुद्र की लवणता कम होती है, क्योंकि इसमें बहुत अधिक मात्रा में नदियों का पानी प्रवेश करता है।


Q. 167669 दुनिया की कौन-से महासागर में लवणता में भिन्नता पायी जाती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रशांत महासागर के लवणता में भिन्नता पाई  जाती है| इसके मुख्य कारण है - इस महासागर की विशाल आकार एवं बहुत अधिक क्षेत्रीय विस्तार।


Q. 167670 दुनिया की प्रम

दुनिया की प्रमुख महासागरों के नाम बताएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दुनिया की प्रमुख महासागरों में शामिल है - 

1. प्रशांत महासागर 
2. अटलांटिक महासागर
3. भारतीय महासागर
4. आर्कटिक महासागर


Q. 167671 दुनिया की सबसे गहरी खाई कौन-सी हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रशांत महासागर में स्थित मेरियाना गर्त दुनिया की सबसे गहरी खाई है। इसकी अधिकतम गहराई 11,033 मीटर की है।


Q. 167672 महासागरीय जल के ठंडे होने की मुख्य प्रक्रियाओं के नाम बताएं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

महासागरीय जल के ठंडे होने की मुख्य प्रक्रियाएँ हैं -

(1) समुद्री सतह से ऊष्मा का विकिरण,
(2) वाष्पीकरण।
 

 

 


Q. 167673 प्रवाल द्वीप तथा प्रवाल भित्ति किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उष्ण कटिबंधीय महासागरों में पाए जाने वाले एक निम्न आकार वाले द्वीप हैं जो कि गहरे अवनमन को चारों ओर से घेरे हुए होते हैं। यह मूलत: जीवित या मृत जीवों तथा प्रवाल से बने होते है। देखने में ये टीलों और कटकों की तरह ही दिखते हैं। प्रवाल भित्तियाँ महासागर की विशेष सजावटें हैं। विश्व की सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति क्वींसलैंड तट के निकट है, जो आस्ट्रेलिया में है। भित्ति वाले क्षेत्र नौका संचालन के लिए खतरनाक माने जाते हैं


Q. 167674 वायुमंडलीय सामान्य परिसंचरण प्रमुख रूप से किन-किन विषय पर निर्भर करते हैं? वायुमंडलीय इस परिसंचरण को एक क्रमिक विवरण चित्र द्वारा प्रस्तुत करे
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमंडलीय पवनों का प्रवाह प्रारूप मुख्यतः निम्न बातों पर निर्भर है:

  1. वायुमंडलीय ताप में अक्षांशीय भिन्नता,
  2. वायुदाब पट्टियों की उपस्थिति,
  3. वायुदाब पट्टियों का सौर किरणों के साथ विस्थापन
  4. महासागरों व महाद्वीपों का वितरण तथा
  5. पृथ्वी का घूर्णन।

वायुमंडलीय पवनों के प्रवाह प्रारूप को वायुमंडलीय सामान्य परिसंचरण भी कहा जाता है। यह वायुमंडलीय परिसंचरण महासागीय जल को भी गतिमान करता है, जो पृथ्वी की जलवायु को प्रभावित करता है। वायुमंडलीय सामान्य परिसंचरण को एक क्रमिक विवरण चित्र के द्वारा देखते है:

 


Q. 167675 उष्

चित्र के द्वारा स्थल व समुद्र समीर में अंतर बताएं <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उष्मा के अवशोषण तथा स्थानांतरण में स्थल व समुद्र में भिन्नता पायी जाती है। दिन के  दौरान स्थल भाग समुद्र की अपेक्षा अधिक गर्म हो जाते हैं। अतः स्थल पर हवाएँ ऊपर उठती हैं और निम्न दाब क्षेत्र बनता है, जबकि समुद्र अपेक्षाकृत ठंडे रहते हैं और उन पर उच्च वायुदाब बना रहता है। इससे समुद्र से स्थल की ओर दाब प्रवणता उत्पन्न होती है और पवनें समुद्र से स्थल की तरफ समुद्र समीर के रूप में प्रवाहित होती हैं। रात्रि में इसके एकदम विपरीत प्रक्रिया होती है। स्थल समुद्र की अपेक्षा जल्दी ठंडा होता है। दाब प्रवणता स्थल से समुद्र की तरफ होने पर स्थल समीर प्रवाहित होती है|

 


Q. 167676

भूविक्षेपी पवन क्या है चित्र सहित इस पवन का वर्णन करे<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पवनों का वेग व उनकी दिशा, पवनों को उत्पन्न करने वाले बलों का परिणाम है। पृथ्वी की सतह से 2-3 कि.मी की ऊँचाई पर उपरी वायुमंडल में पवनें धरातलीय घर्षण के प्रभाव से मुक्त होती हैं और दाब प्रवणता तथा कोरिआँलिस बल से नियंत्रित होती हैं। जब समदाब रेखाएँ सीधी हों और घर्षण का प्रभाव न हो, तो दाब प्रवणता बल कोरिआँलिस बल से संतुलित हो जाता है और फलस्वरूप पवनें समदाब रेखाओं के समानांतर बहती हैं। ये पवनें भूविक्षेपी पवनों के नाम से जानी जाती हैं।

 


Q. 167677 वायुमंडल का सामान्य परिसंचरण क्या है और वे महासागर को कैसे प्रभावित करते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वायुमंडल के सामान्य परिसंचरण के संदर्भ में प्रशांत महासागर का गर्म या ठंडा होना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मध्य प्रशांत महासागर की गर्म जलधाराएं दक्षिणी अमेरिका के तट की ओर प्रवाहित होती हैं और पीरू की ठंडी धाराओं का स्थान ले लेती हैं। पीरू के तट पर इन गर्म धाराओं की उपस्थिति एल-निनो कहलाता है। एल-निनो घटना का मध्यप्रशांत महासागर और आस्ट्रेलिया के वायुदाब परिवर्तन से गहरा संबंध है। प्रशांत महासागर पर वायुदाब में यह परिवर्तन दक्षिणी दोलन कहलाता है। इन दोनों (दक्षिणी दोलन/बदलाव व एल निनो) की संयुक्त घटना को ईएनएसओ के नाम से जाना जाता है। जिन वर्षों में ईएनएसओ शक्तिशाली होता है, विश्व में वृहत् मौसम संबंधी भिन्नताएँ देखी जाती हैं। दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी शुष्क तट पर भारी वर्षा होती है, आस्ट्रेलिया और कभी-कभी भारत अकालग्रस्त होते हैं तथा चीन में बाढ़ आती है। इन घटनाओं के ध्यानपूर्वक आकलन से संसार के अन्य भागों की मौसम संबंधी भविष्यवाणी के रूप में इनका प्रयोग किया जाता है।


Q. 167678 समुद्रतल वायुदाब के विश्व-वितरण का वर्णन करों।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जनवरी व जुलाई महीने का समुद्रतल से वायुदाब का विश्व-वितरण को निचे दिए गए चित्रों में दर्शाया गया है। विषुवत् वृत्त के निकट वायुदाब कम होता है और इसे विषुवतीय क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। 30° उत्तरी व 30° दक्षिणी अक्षांशों के साथ उच्च दाब क्षेत्र पाए जाते हैं, जिन्हें उपोष्ण उच्च वायुदाब क्षेत्र कहा जाता है। पुनः ध्रुवों की तरफ 60° उत्तरी व 60° दक्षिणी अक्षांशों पर निम्न दाब पेटियाँ हैं जिन्हें अधोध्रुवीय निम्नदाब पट्टियाँ कहते हैं। ध्रुवों के  निकट वायुदाब अधिक होता है और इसे ध्रुवीय उच्च वायुदाब पट्टी कहते हैं। ये वायुदाब पट्टियाँ स्थाई नही हैं। सूर्य किरणों के विस्थापन के साथ ये पट्टियाँ विस्थापित होती रहती हैं। उत्तरी गोलार्द्ध में शीत ऋतु में ये पट्टियाँ दक्षिण की ओर तथा ग्रीष्म ऋतु ये उत्तर दिशा की ओर खिसक जाती हैं।

 


Q. 167679 उष्ण कटिबंधीय चक्रवात और बहिरूष्ण कटिबंधीय चक्रवात के प्रमुख विशेषताओं के बारे में लिखे
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊष्णकटिबंधी चक्रवात
1) ये चक्रवात अपने गतिवेग के लिए कुख्यात है और बड़े पैमाने पर विनाश के लिए भी जिम्मेदार होते है।
2) अधिकांश उष्णकटिबंधीय चक्रवात मूलतः 8 डिग्री और 15 डिग्री उत्तर और दक्षिण अक्षांश के एक पट्टी में ही विकसित करना।
3) वे पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ते जाते हैं।
4) वे विशेष रूप से उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में महासागरों के ऊपर का विकसित होता है।
5) इसके कारण व्यापक वर्षा होते हैं।
बहिरूष्ण कटिबंधीय चक्रवात

1) ये चक्रवात दोनों गोलार्द्धों में 35° और 65° अक्षांशों के मध्य केंद्रित होते हैं।
2) बहिरूष्ण कटिबंधीय चक्रवातों में स्पष्ट वाताग्र प्रणालियाँ होती हैं, जो उष्ण कटिबंधीय चक्रवातों में नहीं होती।

3) आगमनकारी चक्रवात काले बादलों की उपस्थिति के द्वारा देखा जाता है।
4) वे पश्चिम से पूर्व की ओर चलते है।


Q. 167680 वाय

वायुदाब का क्षैतिज वितरण चित्र के माध्यम से समझाएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वायुदाब का क्षैतिज वितरण पवनों की दिशा व वेग के संदर्भ में वायुदाब में अल्प अंतर भी अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है। वायुदाब के क्षैतिज वितरण का अध्ययन समान अंतराल पर खींची गयी समदाब रेखाओं द्वारा किया जाता है। समदाब रेखाएँ वे रेखाएँ हैं जो समुद्र तल से एक समान वायुदाब वाले स्थानों को मिलाती हैं। दाब पर ऊँचाई के प्रभाव को दूर करने और तुलनात्मक बनाने के लिए, वायुदाब मापने के  बाद इसे समुद्र तल के स्तर पर घटा लिया जाता है। समुद्रतल पर वायुदाब वितरण मौसम मानचित्रों में दिखाया जाता है। निम्न चित्र में विभिन्न वायुदाब परिस्थितियों में समदाब रेखाओं की आकृति दर्शाया है।

निम्नदाब प्रणाली एक या अधिक समदाब रेखाओं से घिरी होती है जिसके केंद्र में निम्न वायुदाब होता है। उच्च दाब प्रणाली में भी एक या अधिक समदाब रेखाएँ होती हैं जिनके केंद्र में उच्चतम वायुदाब होता है।


Q. 167681 वृष्टि छाया क्षेत्र का अर्थ :


A.

पर्वतों का पवनाभिमुख ढाल होता है।

B.

पर्वतों का प्रतिपवन ढाल होता है।

C.

पर्वतीय क्षेत्र होता है।

D.

तटीय क्षेत्र होता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

वृष्टि छाया क्षेत्र का अर्थ पर्वतों का प्रतिपवन ढाल होता है। वृष्टि छाया क्षेत्रों में पड़ने वाले भाग तथा ऊँचे अक्षांशों वाले क्षेत्रों में प्रतिवर्ष 50 से॰मी॰ से भी कम वर्षा होती है।


Q. 167682 ओस ----------------संबंधित है।


A.

ठंडी हवा के रूप से

B.

नमी के पानी का बूंदों के रूप में जमा होने से

C.

नमी के ओला, बर्फ आदि के रूप में जमा होने से

D.

गर्म हवा से

Right Answer is: B

SOLUTION

जब आर्द्रता धरातल के ऊपर ठोस वस्तु जैसे पत्थर, घास, तथा पौधों की पत्तियों की ठंडी सतहों पर पानी की बूँदों के रूप में जमा होती है, तब इसे ओस के नाम से जाना जाता है। 


Q. 167683 जब जल सीधे ठोस रूप में परिवर्तित होता है, तब उसे :


A.

ऊर्ध्वपातन कहते हैं।

B.

संतृप्त कहते हैं।

C.

वर्षा कहते हैं।

D.

वाष्पीकरण कहते हैं।

Right Answer is: A

SOLUTION

जब जल सीधे ठोस रूप में परिवर्तित होता है, तब उसे ऊर्ध्वपातन कहते हैं।


Q. 167684 तापमान जिस पर पानी का वाष्पन आरम्भ हो जाता है, उसे :


A.

ऊष्मा कहा जाता है।

B.

गुप्त ऊष्मा कहा जाता है।

C.

तापमान कहा जाता है।

D.

वाष्पीकरण कहा जाता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

जिस तापमान पर जल वाष्पीकृत होना शुरु करता है उसे वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा कहा जाता है।


Q. 167685 वायुमंडल, महासागरों तथा महाद्वीपों के बीच जल का आदान-प्रदान---------नहीं हो सकता है।


A.

वाष्पीकरण के द्वारा

B.

संघनन के द्वारा

C.

वर्षण के द्वारा

D.

विकिरण के द्वारा

Right Answer is: D

SOLUTION

पृथ्वी की सतह पर जलाशयों से वायुमंडल में जल का वाष्पीकरण होता है और यही संघनित होकर बादलों का निर्माण करते हैं। तत्पश्चात वर्षा होती है, और पृथ्वी पर जल वापस आ जाता है, जिससे जल चक्र पूरा होता है। वायुमंडल, महासागरों तथा महाद्वीपों के बीच जल का आदान-प्रदान विकिरण के द्वारा नहीं हो सकता है।


Q. 167686 वाष्पीकरण में वृद्धि होती है, जब :


A.

हवा का तापमान बढ़ता है।

B.

हवा की गति बढ़ती है।

C.

हवा का दबाव बढ़ता है।

D.

हवा का संघनन बढ़ता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

दिए गए हवा के अंश में जल को अवशोषित करने एवं धारण रखने की क्षमता तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है। इसलिए हवा के तापमान के बढ़ने के साथ वाष्पोत्सर्जन में वृद्धि होती है।


Q. 167687 निम्नलिखित में से कौन सा एक मानव के लिए वायुमंडल का सबसे महत्त्वपूर्ण घटक है?


A.

जलवाष्प

B.

नाइट्रोजन

C.

धुलकण

D.

ऑक्सीजन

Right Answer is: A

SOLUTION

वायुमंडल में नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन, जल वाष्प, और अन्य अनेक गैसें होती हैं। इनमें ऑक्सीजन एक बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व है, क्योंकि यह गैस मानव के श्वशन का आधार है और पीने के जल का प्रमुख घटक है। इस कारण से ऑक्सीजन जीवनदायिनी गैस है।


Q. 167688 संवहनीय वर्षा से संबंधित :


A.

वर्षा जो हवा के ऊपर उठने के कारण होती है।

B.

वर्षा जो संतृप्त वायु की संहति के कारण होती है।

C.

वर्षा जो पर्वतीय ढाल से आकर होती है।

D.

चक्रवाती अभिसरण के कारण जो वर्षा होती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

हवा गर्म हो जाने पर हल्की होकर संवहन धाराओं के रूप में ऊपर की ओर उठती है, वायुमंडल की ऊपरी परत में पहुँचने के बाद यह फैलती है तथा तापमान के कम होने से ठंडी होती है। इसमें गरज तथा बिजली कड़कने के साथ मूसलाधार वर्षा होती है, लेकिन यह बहुत लंबे समय तक नहीं रहती है।


Q. 167689 धुआँ, धूल और नमक के कणों के चारो ओर संघनन से क्या होता है?


A.

कोहरा एवं कुहासा बनता है।

B.

ओस बनती है।

C.

तुषार बनता है।

D.

बादल बनते हैं।

Right Answer is: A

SOLUTION

कोहरे , कुहासे के अपेक्षा अधिक शुष्क होते हैं और जहाँ गर्म हवा की धारा ठंडी हवा के संपर्क में आती है वहाँ ये प्रबल होते हैं। कोहरे छोटे बादल होते हैं जिसमें धूलकण, धुएँ के कण तथा नमक के कण होते हैं। इनके चारो ओर संघनन की क्रिया होती है।


Q. 167690 बादल जो अधिक ऊँचाई (8000 -12000 मीटर) पर बनते हैं, उन्हें :


A.

पक्षाभ मेघ के रूप में जाना जाता है।

B.

कपासी मेघ के रूप में जाना जाता है।

C.

स्तरी मेघ के रूप में जाना जाता है।

D.

वर्षा मेघ के रूप में जाना जाता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

पक्षाभ मेघों का निर्माण 8,000-12,000 मी॰ की ऊँचाई पर होता है। ये हमेशा सफेद रंग के होते हैं।


Q. 167691 सापेक्ष आर्द्रता:


A.

विषुवत वृत्त पर सबसे कम और ध्रुवों की ओर बढ़ती है।

B.

उपोष्णकटिबंधीय प्रतिचक्रवात में अधिकतम होती है।

C.

अक्षांशों के मौसम के साथ बदलती रहती है।

D.

गर्मी की अपेक्षा जाड़े में अधिक होती है।

Right Answer is: C

SOLUTION

निश्चित तापमान पर अपनी पूरी क्षमता की तुलना में वायुमंडल में उपस्थित आर्द्रता के प्रतिशत को सापेक्ष आर्द्रता कहा जाता है।


Q. 167692 पर्वतीय वर्षा:


A.

पवनाभिमुख ढाल पर अधिक होती है।

B.

प्रतिपवन ढाल पर अधिक होती है।

C.

मैदानों पर अधिक होती है।

D.

घाटियों में अधिक होती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

पर्वतीय वर्षा तब होती है जब संहति पर्वतीय ढाल पर आकर ऊपर उठने के लिए बाध्य हो जाती है। हवा ठंडी हो जाती है और वर्षा होती है।


Q. 167693 हवा के दिए गए प्रतिदर्श में जिस तापमान पर संतृप्तता आती है, उसे


A.

संतृप्त बिंदु कहा जाता है।

B.

ओसांक कहा जाता है।

C.

संघनन बिंदु कहा जाता है।

D.

निरपेक्ष आर्द्रता कहा जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

सभी वायु में विभिन्न मात्रा में जल वाष्प होता है। ओस बिंदु हवा में नमी की मात्रा इंगित करता है।


Q. 167694 पहाड़ के कौन-सी ढाल में अधिक वर्षा होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पहाड़ के पवनाभिमुख ढाल में अधिक वर्षा होते हैं|


Q. 167695 संघनन के विभिन्न रूपों क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संघनन के विभिन्न रूपों में शामिल हैं - ओस, तुषार, कोहरा, कुहाशा, बादल, आदि|


Q. 167696 विषवत् वृत्त से 35° से 40° और 45° तथा 65° उ: एवं द: अक्षांशों के बीच वर्षा का वितरण को समझाए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विषवत् वृत्त से 35° से 40° : एवं : अक्षांशों के मध्य, पूर्वी तटों पर बहुत अधिक वर्षा होती है तथा पश्चिम की तरफ यह घटती जाती है। लेकिन विषुवत् वृत्त से 45° तथा 65° : एवं : के बीच पछुआ पवनों के कारण सबसे पहले महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर वर्षा होती है तथा यह पूर्व की तरफ घटती जाती है।


Q. 167697 जलचक्र क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

धरातल से वायुमण्डल में और फिर वायुमण्डल से धरातल में आर्द्रता के लेन-देन का एक निरन्तर चक्र चलता रहता है । इसे जलचक्र कहते हैं| जलाशय के विभिन्न स्रोतों से वाष्पीकरण के द्वारा जल वाष्प वायुमण्डल में पहुँचता रहता है। अनुकुल परिस्थितियाँ पाकर यह जल वाष्प संघनित होकर बादल बनते हैं और बादलों से वर्षा के द्वारा यह जल वाष्प फिर से जलाशयों में पहुँच पाता है। यह चक्र निरन्तर जारी रहता है ।


Q. 167698 उर्ध्वपातन किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उष्मा का ह्रास ही संघनन का कारण होता है। जब आर्द्र हवा ठंडी होती है, तब उसमें जलवाष्प को धारण रखने की क्षमता समाप्त हो जाती है। तब अतिरिक्त जलवाष्प द्रव में संघनित हो जाता है और जब यह सीधे ठोस रूप में परिवर्तित होते हैं तो इसे उर्ध्वपातन कहते हैं।


Q. 167699 वाष्पीकरण क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वह प्रक्रिया, जिसमें तापमान द्वारा जल गैस अवस्था में परिवर्तित होता है, उसे वाष्पीकरण कहते है। वाष्पीकरण की प्रक्रिया ओसांक अवस्था को छोड़कर प्रत्येक तापमान, स्थान व समय में होती है, वाष्पीकरण की दर कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसेकि – जल की उपलब्धता, तापमान, वायु की आद्रता, पवन , और बादलों का आवरण |


Q. 167700 निरपेक्ष आर्द्रता किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वायु के निश्चित आयतन पर उसमें उपस्थित जलवाष्प की वास्तविक मात्रा को निरपेक्ष आर्द्रता कहा जाता है। यह आर्द्रता वायु के निश्चित आयतन पर जलवाष्प के भार को प्रदर्शित करती हैं। इसे ग्राम प्रति घन मीटर के रूप में व्यक्त किया जाता है। हवा द्वारा जलवाष्प को ग्रहण करने की क्षमता पूरी तरह से तापमान पर निर्भर होती है। निरपेक्ष आर्द्रता पृथ्वी की सतह पर अलग-अलग स्थानों में अलग-अलग होती है।


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