CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 167801 अटलांटिक महासागर की धारा हैं :


A.

अलास्का की धारा

B.

गल्फ स्ट्रीम

C.

क्यूरोशियो (जापान) धारा

D.

हम्बोल्ट (पेरू) धारा

Right Answer is: B

SOLUTION

अटलांटिक महासागर की धारा गल्फ धारा है। यह एक गर्म जल धारा है जो गर्म जल को ठंडे जल क्षेत्रों में पहुँचाती है।


Q. 167802 हिन्द महासागर की धारा :


A.

पश्चिम पवन प्रवाह है।

B.

पूर्वी पवन प्रवाह है।

C.

उत्तरी पवन प्रवाह है।

D.

दक्षिण पवन प्रवाह है।

Right Answer is: A

SOLUTION

हिंद महासागर की धारा पश्चिम पवन प्रवाह है। यह एक ठंडी जल धारा है जो ठंडा जल गर्म जल क्षेत्रों में लाती है।


Q. 167803 ज्वारों का उपयोग :


A.

गुरुत्वाकर्षण उत्पन्न करने में किया जाता है।

B.

विद्युत शक्ति उत्पन्न करने में किया जाता है।

C.

खनिज उत्पन्न करने में किया जाता है।

D.

चट्टानों को उत्पन्न करने में किया जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

ज्वारों का उपयोग विद्युत शक्ति उत्पन्न करने में किया जाता है।


Q. 167804 तरंग शिखर एवं गर्त :


A.

तरंग आकार से संबंधित है।

B.

तरंग लंबाई से संबंधित है।

C.

तरंग के उच्चतम एवं निम्नतम बिंदु से संबंधित है।

D.

तरंग गति से संबंधित है।

Right Answer is: C

SOLUTION

तरंग शिखर एवं गर्त, तरंग के उच्चतम एवं निम्नतम बिंदु से संबंधित है।


Q. 167805 सुनामी तरंगों का कारण :


A.

सूर्य का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव है।

B.

चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव है।

C.

पवनें हैं।

D.

समुद्र में भूकंप का आना है।

Right Answer is: D

SOLUTION

सुनामी तरंगों का कारण समुद्र में भूकंप का आना है।


Q. 167806 तरंग आयाम :


A.

तरंग की ऊँचाई है।

B.

तरंग की चौड़ाई है।

C.

तरंग की आधी ऊँचाई है।

D.

यह लगातार दो लहरों के बीच का समय अंतराल है।

Right Answer is: C

SOLUTION

यह तरंग की ऊँचाई का आधा होता है।


Q. 167807 धाराओं की गति एवं उत्पत्ति को प्रभावित करने वाला कारक :


A.

नदी प्रवाह

B.

जल का घनत्व एवं लवणता

C.

ज्वार-भाटा

D.

प्रचलित पवनें

Right Answer is: B

SOLUTION

जल का घनत्व एवं लवणता, तट का आकार एवं दिशा, गुरुत्वाकर्षण बल धाराओं की गति एवं उत्पत्ति को प्रभावित करने वाले कारक हैं।


Q. 167808 समुद्र तट तक पहुँचने पर तरंग के धीमा होने का कारण :


A.

घर्षण होता है।

B.

वेग होता है।

C.

गुरुत्वाकर्षण होता है।

D.

पवन की दिशा होती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

जैसे ही एक तरंग महासागरीय तट पर पहुँचती है इसकी गति कम हो जाती है। ऐसा गत्यात्मक जल के मध्य आपस में घर्षण होने के कारण होता है तथा जब जल की गहराई तरंग के तरंगदैर्ध्य के आधे से कम होती है, तब तरंग टूट जाते हैं।


Q. 167809 क्यूरोशियो धारा :


A.

अटलांटिक महासागर की एक धारा है।

B.

प्रशांत महासागर की एक धारा है।

C.

हिंद महासागर की एक धारा है।

D.

आर्कटिक महासागर की एक धारा है।

Right Answer is: B

SOLUTION

क्यूरोशियो धारा को जापान धारा भी कहा जाता है। यह विश्व में गल्फ स्ट्रीम के बाद दूसरी सबसे शक्तिशाली धारा है। यह पश्चिमी उत्तरी प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली पश्चिमी सीमारेखा है।


Q. 167810 धाराओं की दिशा परिवर्तित करने वाले किन्हीं दो कारकों की विवेचना कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

धाराओं की दिशा परिवर्तित करने वाले दो कारक -1. प्रचलित पवनों का प्रभाव-प्रचलित पवने अपने मार्ग में पड़ने वाले जल राशि को अपनी दिशा के अनुरूप धकेलती हुई चलती है जिससे जल राशि प्रवाहित होती है।2. पृथ्वी की दैनिक गति- पृथ्वी की दैनिक गति का प्रभाव जल धाराओं के प्रवाह और उनकी गति पर पड़ते है।


Q. 167811 भूमध्यरेखीय धारा या गिनी की धारा का जन्म किस प्रकार होता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उत्तरी व दक्षिणी विषुवतरेखीय जल धाराएँ,  दक्षिणी अमेरिका के पूर्वी तट से टकराती हैंकुछ जल विषुवत रेखा के शान्त खंड से होकर गिनी तट से टकराता है। इसी उल्टे बहाव को विपरीत भूमध्यरेखीय धारा या गिनी की धारा कहते है।


Q. 167812 किसी एक शीतोष्ण धारा के बारे में बताइये ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दक्षिणी अटलांटिक धारा दक्षिणी अफ्रीका के पश्चिमी तट से टकराकर उत्तर की ओर मुड़ जाती है। इसे बेंग्वेला धारा कहते हैंयह ब्राजील की गर्म एवं फाकलैंड की ठण्डी धारा का मिश्रण हैयह न अधिक गर्म ओर न अधिक ठण्डी है। इसी कारण से इस धारा को शीतोष्ण धारा माना जाता है।


Q. 167813 दक्षिणी विषुवतरेखीय धारा का जन्म किस प्रकार होता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दक्षिणी विषुवतरेखीय धारा, सैंट रॉक अन्तरीप से टकराकर दो भागों में विभाजित हो जाती है। उत्तरी धारा को हम उत्तरी ब्राजील धारा तथा दक्षिणी धारा को दक्षिणी ब्राजील धारा के नाम से जानते हैं। यह एक गर्म धारा है।


Q. 167814 पारितंत्र एक --------- है।


A.

जीवन का तंत्र

B.

जैविक और अजैविक घटकों से मिलकर बना तंत्र

C.

जंतुओं का तंत्र

D.

वनस्पतियों का तंत्र

Right Answer is: B

SOLUTION

जैविक और अजैविक घटकों से मिलकर बना तंत्र एवं उनका एक दूसरे से अंतर्सम्बन्ध पारितंत्र के रूप में जाना जाता है। यह स्थलीय एवं जलीय दो प्रकार का होता है।


Q. 167815 मरुस्थल बायोम का मृदा प्रकार होता है :


A.

सरंध्रित मृदा व साथ ही ह्यूमस की पतली परत

B.

पोषक तत्त्वों से भरपूर व जैव पदार्थों का बहुत कम या न होना

C.

अम्लीय व पोषक तत्त्वों की कमी

D.

उपजाऊ जलोढ़

Right Answer is: B

SOLUTION

मरुस्थल पानी और पौधों की कमी की वजह से कई मायनों में बहुत भंगुर होते हैं। मरुस्थल में पौधों को विकसित होने में लंबा समय लगता है। मृदाओं में प्रायः प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं क्योंकि अच्छे उत्पादन के लिए उन्हें केवल जल की आवश्यकता होती है और इनमें जैव पदार्थ बहुत कम या नहीं होते हैं।


Q. 167816 भूमि पर विभिन्न बायोम की सीमाओं का निर्धारण मुख्य रूप से होता है :


A.

जलवायु द्वारा

B.

तापमान द्वारा

C.

मानव गतिविधियों द्वारा

D.

वनस्पति द्वारा

Right Answer is: A

SOLUTION

बायोम जंतु एवं वनस्पति का एक समुदाय है जो बड़े भौगोलिक क्षेत्र में फैला हुआ है। भूमि पर विभिन्न बायोम की सीमाएँ मुख्य रूप से जलवायु द्वारा निर्धारति होती हैं।


Q. 167817 सूक्ष्म जीवाणुओं द्वारा कार्बोहाइड्रेट्स ऑक्सीजन प्रक्रिया द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड में परिवर्तित होकर पुनः


A.

वायुमंडल में आ जाती है

Right Answer is: A

SOLUTION

सूक्ष्म जीवाणुओं द्वारा कार्बोहाइड्रेट्स ऑक्सीजन प्रक्रिया द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड में परिवर्तित होकर पुनः वायुमंडल में आ जाती है|


Q. 167818 उष्णकटिबंधीय घास का मैदान जाना जाता है :


A.

प्रेयरी के रूप में

B.

स्टैपी के रूप में

C.

सवाना के रूप में

D.

वेल्ड के रूप में

Right Answer is: B

SOLUTION

उष्णकटिबंधीय घास के मैदान या सवाना, विषुवत पर उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों के उत्तर और दक्षिण में स्थित हैं। दक्षिण अमेरिका में कई बड़े सवाना पाए जाते हैं।


Q. 167819 खनिज लवण सीधे ------------ आते हैं :


A.

भू-पर्पटी से

B.

जल चक्र से

C.

वायुमंडल से

D.

वन बॉयोम से

Right Answer is: A

SOLUTION

जब घुलनशील लवण जल चक्र में सम्मिलित हो जाते हैं, तब ये अपक्षय प्रक्रिया द्वारा पृथ्वी की पर्पटी पर और फिर बाद में समुद्र तक पहुँच जाते हैं।


Q. 167820 वायुमंडल में ------ नाइट्रोजन होती है।


A. 22%

B. 78%

C. 98%

D. 75%

Right Answer is: B

SOLUTION

शुद्ध और शुष्क वायु में नाइट्रोजन 78 प्रतिशत, ऑक्सीजन, 21 प्रतिशत, आर्गन 0.93 प्रतिशत कार्बन डाई ऑक्साइड 0.03 प्रतिशत तथा हाइड्रोजन, हीलियम, ओज़ोन, निऑन, जेनान, आदि अल्प मात्रा में उपस्थित रहती हैं।


Q. 167821 प्रकाश-संश्लेषण क्रिया का प्रमुख सह-परिणाम है :


A.

कार्बन डाइऑक्साइड

B.

हाइड्रोजन

C.

ऑक्सीजन

D.

नाइट्रोजन

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड कार्बनिक यौगिकों और ऑक्सीजन में बदल जाती है


Q. 167822 पारितंत्र के दो प्रकार होते हैं, वे हैं :


A.

समुद्री और स्वच्छ जल पारितंत्र

B.

स्थलीय तथा जलीय पारितंत्र

C.

वायुमंडलीय एवं स्थलमंडलीय पारितंत्र

D.

वन तथा घास का मैदान पारितंत्र

Right Answer is: B

SOLUTION

पारितंत्र मुख्यतः दो प्रकार के हैं : स्थलीय पारितंत्र व जलीय पारितंत्र। स्थलीय पारितंत्र को पुनः ‘बायोम’ में विभक्त किया जा सकता है। जलीय पारितंत्र को समुद्री पारितंत्र व ताजे जल के पारितंत्र में बाँटा जाता है।


Q. 167823 अजैविक कारकों के अंतर्गत शामिल हैं :


A.

उत्पादक

B.

उपभोक्ता

C.

सूर्य का प्रकाश

D.

अपघटक

Right Answer is: D

SOLUTION

अजैविक कारकों में तापमान, वर्षा, सूर्य का प्रकाश, आर्द्रता, मृदा की स्थिति व अजैविक या अकार्बनिक तत्त्व; कार्बन डाई आक्साइड, जल, नाइट्रोजन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम आदि सम्मिलित हैं।


Q. 167824 स्वच्छ जल के पारितंत्र में शामिल हैं :


A.

महासागर

B.

तटीय ज्वारनदमुख

C.

प्रवाल भित्ति

D.

सरिताएँ

Right Answer is: D

SOLUTION

स्वच्छ जल के पारितंत्र में झीलें, तालाब, सरिताएँ, कच्छ व दलदल शामिल हैं।


Q. 167825 जैव भू-रासायनिक चक्र को कितने वर्गों में बाँटागया है ? उनके नाम बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जैव भू-रासायनिक चक्र दो प्रकार के हैं - एक गैसीय चक्र और दूसरा तलछटी चक्र


Q. 167826 1 झीलें न

जलीय बायोम  के विभिन्न प्रदेशों के नाम बताएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. झीलें, नदियाँ, सरिताएँ व अन्य आर्द्र भूमि ताजा जल बायोम में आते हैं|

2. महासागर, प्रवाल- भित्ति, लैगून व ज्वारनद समुद्र जल बायोम में आते हैं|


Q. 167827 जलीय बायोम को कितने वर्गों में विभाजित किये हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जलीय बायोम को दो वर्गों में बाँटा गया है, जैसे कि  – ताजा जल बायोम एवं समुद्र जल का बायोम


Q. 167828

घास भूमि बायोम में पाए जाने वाले जंतुओं के नाम बताएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

घास भूमि बायोम में शामिल जंतुओं हैं: जिराफ, जेबरा, भैंस, चीता, लक्कड़बग्घा, हाथी, चूहे, साँप व अन्य कीड़े आदि जीव।


Q. 167829 मरूस्थलीय बायोम में किस प्रकार की मृदा पायी जाती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मरूस्थलीय बायोम में पाए जाने वाले मृदा एक मुख्य विशेषताएं है - पोषक तत्त्वों से भरपूर व जैव पदार्थों का कमी या न होना। 


Q. 167830 पारितंत्र में ऊर्जा प्रवाह किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खाद्य शृंखला की प्रक्रिया में एक स्तर से दूसरे स्तर पर ऊर्जा के रूपांतरण को ऊर्जा प्रवाह (फ्लो ऑफ़ एनर्जी) कहते हैं।


Q. 167831 इकोलोजी (Ecology) शब्द का अर्थ क्या है? इस शब्द का प्रवर्तक कौन है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

इकोलोजी (Ecology) शब्द का अर्थ घर का विज्ञान| अर्थात, पृथ्वी पर पौधों, मनुष्यों, जन्तुओं व सूक्ष्म जीवाणुओं के घर- के रूप में इस शब्द का अध्ययन किया गया है | जर्मन प्राणीशास्त्री अर्नस्ट हैक्कल इस शब्द का प्रवर्तक है|


Q. 167832 पोषक तत्व क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जीवों के पोषण के लिए एक आवश्यक पदार्थों है, जो जीवों को ऊर्जा या संरचनात्मक घटक प्रदान करते है।


Q. 167833 अपघटक क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अपघटक, वे हैं, जो मृत जीवों पर निर्भर हैं, जैसे- कौवा और गिद्ध, तथा कुछ अन्य अपघटक, जैसे -बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्म जीवाणु मृतकों को अपघटित कर उन्हें सरल पदार्थों में परिवर्तित करते हैं।


Q. 167834 होमो सेपियन्स कौन हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानव का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियन्स है।


Q. 167835 जीवों के जीवित रहने, बढ़ने व विकसित होने का मुख्य कारण क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जैविक घटकों का भूमि, वायु व जल के साथ पारस्परिक आदान-प्रदान जीवों के जीवित रहने, बढ़ने व विकसित होने में सहायक होता है।


Q. 167836 खाद्य जाल क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खाद्य शृंखलाएँ पृथक अनुक्रम न होकर एक दूसरे से जुड़ी होती हैं। अधिकांश पशु एक से अधिक खाद्य श्रृंखला के हिस्से होते हैं क्योंकि अपनी ऊर्जा की आवश्यकता पूर्ति के लिए वे एक से अधिक प्रकार के भोजन का भक्षण करते हैं। प्रजातियों के इस प्रकार जुड़े होने को खाद्य जाल (फ़ूड बेब) कहा जाता है।


Q. 167837 पारितंत्र के उत्पादक किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पारितंत्र के उत्पादकों में सभी हरे पौधे सम्मिलित हैं, जो प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया द्वारा अपना भोजन बनाते हैं।


Q. 167838 जैवमण्डल या जीवमंडल क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जैवमंडल पृथ्वी का वह भाग है, जहाँ सभी पौधों, जंतुओं, प्राणियों (जिसमें पृथ्वी पर रहने वाले सूक्ष्म जीव भी हैं) और उनके चारों तरफ के पर्यावरण जैसे की स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल के विविध घटकों के साथ उन जीवों के पारस्परिक अंतर्संबंध को कहते है। जैवमंडल के कारण ही, पृथ्वी पर पादपों एवं जन्तुओं का जीवन सम्भव होता है।


Q. 167839 अनुक्रमण किसे कहते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्थानांतरी कृषि में वनों को साफ करने से प्रजातियों के वितरण में बदलाव लाता है। यह परिवर्तन प्रतिस्पर्धा के कारण है, जहाँ द्वितीय वन-प्रजातियों जैसे- घास, बाँस और चीड़ आदि के वृक्ष प्रारंभिक प्रजातियों के स्थान पर उगते हैं और प्रारंभिक वनों की संरचना को बदल देते हैं। यही अनुक्रमण कहलाता है।


Q. 167840 पारिस्थितिक संतुलन का अर्थ क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी पारितंत्र या आवास में जीवों के समुदाय में परस्पर गतिक साम्यता की अवस्था ही पारिस्थितिक संतुलन है।


Q. 167841 जल

पृथ्वी के जलचक्र को एक चित्र के माध्यम से दर्शाएँ <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जल चक्र पृथ्वी पर उपलब्ध जल के एक रूप से दूसरे में परिवर्तित होने या एक स्थान से दूसरे स्थान को गति करने की चक्रीय प्रक्रिया है| जल - वाष्प - बादल - हिमपात - वर्षा  - इसी रूप से पृथ्वी जलचक्र संपूर्ण होते है |

 


Q. 167842 पृथ्वी के जलचक्र कि व्याख्या कीजिये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जल चक्र पृथ्वी पर उपलब्ध जल के एक रूप से दूसरे में परिवर्तित होने या एक स्थान से दूसरे स्थान को गति करने की चक्रीय प्रक्रिया है जिसमें कुल जल की मात्रा का क्षय नहीं होता बस रूप परिवर्तन और स्थान परिवर्तन होता है। इस चक्र में पानी (द्रव) , जो वाष्प बनकर वायुमण्डल में जाता है फिर संघनित होकर बादल बनता है और फिर बादल बनकर ठोस (हिमपात) या द्रव रूप में या वर्षा  के रूप में सतह पर बरसता है। ऐसे ही, पृथ्वी जलचक्र संपूर्ण होते है |


Q. 167843 नाइट्रोजन यौगीकीकरण से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नाइट्रोजन यौगीकीकरण (Nitrogen fixation) एक ऐसा प्रक्रिया है, जिसके द्वारा वायुमण्डल की नाइट्रोजन अमोनियम में बदल जाती है। वायुमण्डलीय नाइट्रोजन या आणविक नाइट्रोजन  अपेक्षाकृत अक्रिय पदार्थ है जो अन्य रसायनों से आसानी से क्रिया नहीं करता और नया यौगिक नहीं बनाता। किन्तु यौगीकरण की प्रक्रिया से ही नाइट्रोजन परमाणु को मुक्त कर देता है और यह दूसरे तरीकों से उपयोग में लाया जा सकता है।


Q. 167844 मरूस्थलीय बायोम को कितने भागों में बाँटा गया है? उनके नाम बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मरूस्थलीय बायोम को चार वर्गों में बर्गीकृत किया गया है, जैसेकि

1. गर्म व उष्ण मरुस्थल,

2. अर्धशुष्क मरुस्थल,

3. तटीय मरुस्थल,

4. शीत मरुस्थल


Q. 167845 वन बायोम को कितने भागों में बाँटा गया है? उनके नाम बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वन बायोम को तीन मुख्य वर्गों में बर्गीकृत किया है, जैसे की - उष्ण कटिबंधीय,  शीतोष्ण कटिबंधीय , बोरियल आदि|

उष्ण कटिबंधीय वन बायोम को फिर से दो वर्गों में विभाजित किया है| जैसे की – भूमध्यरेखीय बायोम एवं पर्णपाती बायोम |


Q. 167846 बायोम का अर्थ क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बायोम, पौधों व प्राणियों का एक समुदाय है, जो एक बड़े भौगोलिक क्षेत्र में पाया जाता है।  विशेष परिस्थितियों में पादप व जंतुओं के  अंर्तंसंबंधो के कुल योग को ‘बायोम’  कहते हैं। उदाहरन - वन, घास क्षेत्र, मरुस्थल बायोम आदि|


Q. 167847 पारितंत्र में ऑक्सीजन चक्र कैसे बनते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रकाश-संश्लेषण क्रिया का प्रमुख सह-परिणाम ऑक्सीजन है। यह कार्बोहाइड्रेट्स के ऑक्सीकरण में सम्मिलित है जिससे ऊर्जा, कार्बन-डाइ-ऑक्साइड व जल विमुक्त होते हैं। ऑक्सीजन चक्र बहुत ही जटिल प्रक्रिया है। बहुत से रासायनिक तत्त्वों और सम्मिश्रणों में ऑक्सीजन पाई जाती है। यह नाइट्रोजन के साथ मिलकर नाइट्रेट बनाती है तथा बहुत से अन्य खनिजों व तत्त्वों से मिलकर कई तरह के ऑक्साइड बनाती है जैसे- आयरन ऑक्साइड, एल्यूमिनियम ऑक्साइड, आदि। सूर्यप्रकाश में प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया के दौरान, जल अणुओ के विघटन से ऑक्सीजन उत्पन्न होती है और पौधों की वाष्पोत्सर्जन प्रक्रिया के दौरान भी यह वायुमंडल में पहुंचती हैं।


Q. 167848 पारिस्थितिकीय पिरैमिड का क्या अर्थ हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक प्रजाति अपने आहार के आधार पर एक या एक से अधिक पोषण तल पर मौजूद रह सकती है। वे जीव, जिनका भोजन वनस्पतियों से समान चरणों में प्राप्त होता है, एक पोषण तल या ट्रोफिक लेवल में आते हैं। पोषण तल, पोषण संरचना एवं कार्यों को सामान्यतया पारिस्थितिकीय पिरामिड द्वारा दर्शाया जाता है, जिसमें उत्पादक आधार तैयार करते हैं और उसके बाद के स्तर क्रमशः मंजिलें तैयार करते हैं। उत्पादक होने के नाते हरी वनस्पतियां पहले पोषण तल पर आती हैं। शाकाहारी दूसरी मंजिल या तल पर माने जाते हैं। मांसाहारी, जो शाकाहारियों को अपना आहार बनाते हैं, तीसरे पोषण तल पर आते हैं, जबकि जो मांसाहारी जो मांसाहारियों का ही भक्षण करते हैं, वे चतुर्थ पोषण तल पर माने जाते हैं।


Q. 167849 चराई खाद्य शृंखला और अपरद खाद्य शृंखला के बीच अंतर बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चराई खाद्य शृंखला पौधों (उत्पादक) से आरंभ होकर माँसाहारी (तृतीयक उपभोक्ता) तक जाती है, जिसमें शाकाहारी मघ्यम स्तर पर हैं। हर स्तर पर ऊर्जा का ह्रास होता है, जिसमें श्वसन, उत्सर्जन व विघटन प्रक्रियाएं सम्मिलित हैं। खाद्य शृंखला में तीन से पाँच स्तर होते हैं और हर स्तर पर ऊर्जा कम होती जाती है।

अपरद खाद्य शृंखला चराई खाद्य शृंखला से प्राप्त मृत पदार्थों पर निर्भर है और इसमें कार्बनिक पदार्थ का अपघटन सम्मिलित हैं।


Q. 167850

शीतोष्ण कटिबंधीय और बोरियल बायोम के बीच अंतर बताएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

शीतोष्ण कटिबंधीय बायोम

बोरियल बायोम

1. यह बायोम पूर्वी उत्तरी अमेरिका, उत्तरी-पूर्वी एशिया, पश्चिमी व मध्य यूरोप में स्थित हैं |

1. यह बायोम यूरेशिया व उत्तरी अमेरिका का उच्च अक्षांशीय भाग- साइबेरिया का कुछ भाग, अलास्का, कनाडा व स्केंडेनेवियन देश में स्थित हैं|

2. यहाँ तापमान 20° से 30° से॰ वर्षा - समान रूप से वितरित - 750 से 1500 मि.मी. स्पष्ट ऋतुएं तथा असाधारण शीत।

2. यहाँ छोटी आर्द्र ऋतु व मध्यम रूप से गर्म ग्रीष्म ऋतु तथा लंबी (वर्षा रहित) शीत ऋतु। वर्षा मुख्यतः हिमपात के रूप में 400 से 1000 मि॰मी॰

3. यहाँ मध्यम घने चैड़े पत्ते वाले वृक्ष, जैसे की - ओक, बीच, मेप्पल आदि सामान्य प्रजातियाँ और पशुओं में गिलहरी, खरगोश, पक्षी, काले भालू, पहाड़ी शेर व स्कंक आदि पाए जाते हैं |

3. यहाँ सदाबहार कोणधारी वन जैसे - पाइन, फर व स्पू्रस आदि। कठपफोड़ा, चील, भालू, हिरण, खरगोश, भेड़िये व चमगादड़ आदि मुख्य प्राणी पाए जाते हैं।

 


Q. 167851 इकोलोजी  शब्द ग्रीक भाषा क

इकोलोजी शब्द का मतलव समझाएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

इकोलोजी  शब्द ग्रीक भाषा के दो

शब्दों ओइकोसऔर लोजी से मिलकर बना है। ओइकोस का शाब्दिक अर्थ घर तथा लोजीका अर्थ विज्ञान या अध्ययन से है। शाब्दिक अर्थानुसार इकोलोजी-पृथ्वी पर पौधों, मनुष्यों, जतुओं व सूक्ष्म जीवाणुओं के घर- के रूप में अध्ययन है | एक-दूसरे पर आश्रित होने के कारण ही ये एक साथ रहते हैं| जर्मन प्राणीशास्त्री अर्नस्ट हैक्कल, जिन्होंने सर्वप्रथम सन् 1869 में ओइकोलोजी शब्द का प्रयोग किया, पारिस्थितिकी के ज्ञाता के रूप में जाने जाते हैं। जीवधारियों (जैविक) व अजैविक (भौतिक पर्यावरण) घटकों के पारस्परिक संपर्क के अघ्ययन को ही पारिस्थितिकी विज्ञान कहते हैं। अतः जीवधारियों का आपस में व उनका भौतिक पर्यावरण से अंतसंबंधों का वैज्ञानिक अध्ययन ही पारिस्थितिकी है।


Q. 167852 पारितंत्र की संरचना का क्या अर्थ है? उनके मुख्य कारकों के बारे में बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पारितंत्र की संरचना में वहाँ उपलब्ध पौधों व जंतुओं की प्रजातियों का वर्णन सम्मिलित है। यह उनेक (प्राणियों व पौधों की प्रजातियों के) इतिहास, वितरण व उनकी संख्या को भी वर्णित करता है।

संरचना की दृष्टि से, सभी पारितंत्र में जैविक व अजैविक कारक होते हैं।

अजैविक या भौतिक कारकों में तापमान, वर्षा, सूर्य का प्रकाश, आर्द्रता, मृदा की स्थिति व अजैविक या अकार्बनिक तत्त्व; कार्बन डाई आक्साइड, जल, नाइट्रोजन, कैल्शियम, फाँस्पफोरस, पोटाशियम आदि ) सम्मिलित हैं।

जैविक कारकों में उत्पादक, प्राथमिक, द्वितीयक व तृतीयक, उपभोक्ता तथा अपघटक शामिल हैं।


Q. 167853 खाद्य शृंखला (फ़ूड चैन) एवं खाद्य जाल (फ़ूड वयेब) के बीच में अंतर बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पारितंत्रा के जीवाणु एक खाद्य - शृंखला से परस्पर जुड़े हुए होते हैं। उदाहरण के लिए - पौधे पर जीवित रहने वाला एक कीड़ा (बीटल) एक मेंढ़क का भोजन है, जो मेढ़क साँप का भोजन है और साँप एक बाश द्वारा खा लिया जाता है। यह खाद्य क्रम और इस क्रम से एक स्तर से दूसरे स्तर पर ऊर्जा प्रवाह ही खाद्य शृंखला (फ़ूड चैन) कहलाती है। खाद्य शृंखला की प्रक्रिया में एक स्तर से दूसरे स्तर पर ऊर्जा के रूपांतरण को ऊर्जा प्रवाह (फ्लो ऑफ़ एनर्जी) कहते हैं। खाद्य शृंखलाएँ पृथक अनुक्रम न होकर एक दूसरे से जुड़ी होती हैं। उदाहरणार्थ - एक चूहा, जो अन्न पर निर्भर है, वह अनेक द्वितीयक उपभोक्ताओं का भोजन है और तृतीयक माँसाहारी अनेक द्वितीयक जीवों से अपने भोजन की पूर्ति करते हैं। इस प्रकार प्रत्येक माँसाहारी जीव एक से अधिक प्रकार के शिकार पर निर्भर है। परिणामस्वरूप खाद्य शृंखलाएँ आसपास में एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। प्रजातियों के इस प्रकार जुड़े होने (अर्थात् जीवों की खाद्य शृंखलाओं के विकल्प उपलब्ध होने पर) को खाद्य जाल (फ़ूड वयेब) कहा जाता है।


Q. 167854 उत्तरी विषुवतरेखीय धारा के बारे में लिखो ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उत्तरी विषुवतरेखीय धारा विषुवत रेखा के उत्तर में उत्तर-पूर्वी सन्मार्गी पवनों के द्वारा पूर्व से पश्चिम को चलती है, और कैरेबियन सागर के निकट दो भागों में विभाजित हो जाती है। एक धारा उत्तर की ओर गल्फ स्ट्रीम में जाकर मिलती है। दूसरी धारा दक्षिण की ओर चलकर मैक्सिको की खाड़ी में पहुँच जाती है।


Q. 167855 तापमान में भिन्नता सागरों के जल घनत्व को किस प्रकार प्रभावित करती है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सागरों के जल का घनत्व,  तापमान ऊँचा रहने पर घट जाता है। जल हल्का होकर फैलता है, तथा उसकी ऊँचाई बढ़ जाती है। जबकि तापमान गिरने से जल का घनत्व बढ़ जाता है। भारी एवं ठंडा जल संकुचित होकर नीचे बैठ जाता है


Q. 167856 धाराओं की उत्पत्ति के लिए उत्तरदायी कारकों के नाम बताओ ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सागर का जल सदा गतिशील रहता है। सागर में जल की यह गति ढाल के कारण होती है, किन्तु धाराओं की गति का ढाल से कोई संबंध  नहीं होता सन्मार्गी पवनों का प्रवाह, तापमान की भिन्नता और धनत्व में अन्तर, वर्षा की मात्रा में अन्तर आदि कारण धाराओं को जन्म देने में सहायक हैं


Q. 167857 भूमध्यरेखीय धारा या गिनी की धारा का जन्म किस प्रकार होता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उत्तरी व दक्षिणी विषुवतरेखीय जल धाराएँ,  दक्षिणी अमेरिका के पूर्वी तट से टकराती हैंकुछ जल विषुवत रेखा के शान्त खंड से होकर गिनी तट से टकराता है। इसी उल्टे बहाव को विपरीत भूमध्यरेखीय धारा या गिनी की धारा कहते है।


Q. 167858 किसी एक शीतोष्ण धारा के बारे में बताइये ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दक्षिणी अटलांटिक धारा दक्षिणी अफ्रीका के पश्चिमी तट से टकराकर उत्तर की ओर मुड़ जाती है। इसे बेंग्वेला धारा कहते हैंयह ब्राजील की गर्म एवं फाकलैंड की ठण्डी धारा का मिश्रण हैयह न अधिक गर्म ओर न अधिक ठण्डी है। इसी कारण से इस धारा को शीतोष्ण धारा माना जाता है।


Q. 167859 दक्षिणी विषुवतरेखीय धारा का जन्म किस प्रकार होता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दक्षिणी विषुवतरेखीय धारा, सैंट रॉक अन्तरीप से टकराकर दो भागों में विभाजित हो जाती है। उत्तरी धारा को हम उत्तरी ब्राजील धारा तथा दक्षिणी धारा को दक्षिणी ब्राजील धारा के नाम से जानते हैं। यह एक गर्म धारा है।


Q. 167860 उत्तरी विषुवतरेखीय धारा के बारे में लिखो ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उत्तरी विषुवतरेखीय धारा विषुवत रेखा के उत्तर में उत्तर-पूर्वी सन्मार्गी पवनों के द्वारा पूर्व से पश्चिम को चलती है, और कैरेबियन सागर के निकट दो भागों में विभाजित हो जाती है। एक धारा उत्तर की ओर गल्फ स्ट्रीम में जाकर मिलती है। दूसरी धारा दक्षिण की ओर चलकर मैक्सिको की खाड़ी में पहुँच जाती है।


Q. 167861 तापमान में भिन्नता सागरों के जल घनत्व को किस प्रकार प्रभावित करती है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सागरों के जल का घनत्व,  तापमान ऊँचा रहने पर घट जाता है। जल हल्का होकर फैलता है, तथा उसकी ऊँचाई बढ़ जाती है। जबकि तापमान गिरने से जल का घनत्व बढ़ जाता है। भारी एवं ठंडा जल संकुचित होकर नीचे बैठ जाता है


Q. 167862 धाराओं की उत्पत्ति के लिए उत्तरदायी कारकों के नाम बताओ ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सागर का जल सदा गतिशील रहता है। सागर में जल की यह गति ढाल के कारण होती है, किन्तु धाराओं की गति का ढाल से कोई संबंध  नहीं होता सन्मार्गी पवनों का प्रवाह, तापमान की भिन्नता और धनत्व में अन्तर, वर्षा की मात्रा में अन्तर आदि कारण धाराओं को जन्म देने में सहायक हैं


Q. 167863 ज्वार भाटा कैसे उत्पन्न होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सूर्य व चन्द्रमा के आकर्षण शक्ति सागर जल-तल को नित्यप्रति क्रमशः ऊपर नीचे करती रहती है, जिसे ज्वार भाटा कहते है।


Q. 167864 "भूमध्यरेखीय ज्वार” किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमध्य रेखा पर चन्द्रमा प्रत्येक माह में लम्बवत रहता है जिसके कारण ज्वार की असमान्यता वहाँ न्यूनतम रहती है, अर्थात दीर्ध ज्वार एवं अन्य दिनों के ज्वार में अंतर कम रहता है इसे ही “भूमध्यरेखीय ज्वार” कहते है


Q. 167865 चन्द्रमा ओर पृथ्वी के बीच की निकटतम दूरी कितनी है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चन्द्रमा अपनी कक्ष पर, अंडाकार आकृति में पृथ्वी के चारो ओर घूमता है, ऐसे अवस्था में घूमता हुआ चन्द्रमा जब पृथ्वी से निकटतम दूरी पर आ जाता है, तब यह लगभग 3,56,000 कि.मी. दूर होता हैl  इसके विपरीत जब यह  पृथ्वी से  अत्यधिक दूर  रहता है, तब यह लगभग 4,07,000 कि.मी. दूर होता हैl


Q. 167866 पृथ्वी के परिभ्रमण का ज्वार भाटा पर क्या प्रभाव होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी के परिभ्रमण के कारण प्रत्येक स्थान पर चौबीस घंटे में दो बार ज्वार एवं दो बार भाटा आता है


Q. 167867 ज्वार भाटा किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

महासागरीय जल, सूर्य और चन्द्रमा की आकर्षण शक्ति से ऊपर उठता है, और आगे की ओर बढ़ता है, इस अवस्था को ज्वार कहते है। इसके विपरीत जल के नीचे उतरने अथवा पीछे हटने को भाटा कहा जाता है


Q. 167868 "दैनिक ज्वार-भाटा’ किसे कहते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक ही स्थान पर जब एक ज्वार और एक भाटा आता है, तब इसे `दैनिक ज्वार-भाटा` कहते हैंइनमें 24 घंटे 52 मिनट का अंतर होता है


Q. 167869 "भूमध्यरेखीय ज्वार” किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमध्य रेखा पर चन्द्रमा प्रत्येक माह में लम्बवत रहता है जिसके कारण ज्वार की असमान्यता वहाँ न्यूनतम रहती है, अर्थात दीर्ध ज्वार एवं अन्य दिनों के ज्वार में अंतर कम रहता है इसे ही “भूमध्यरेखीय ज्वार” कहते है


Q. 167870 चन्द्रमा ओर पृथ्वी के बीच की निकटतम दूरी कितनी है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चन्द्रमा अपनी कक्ष पर, अंडाकार आकृति में पृथ्वी के चारो ओर घूमता है, ऐसे अवस्था में घूमता हुआ चन्द्रमा जब पृथ्वी से निकटतम दूरी पर आ जाता है, तब यह लगभग 3,56,000 कि.मी. दूर होता हैl  इसके विपरीत जब यह  पृथ्वी से  अत्यधिक दूर  रहता है, तब यह लगभग 4,07,000 कि.मी. दूर होता हैl


Q. 167871 सिजिगी किसे कहते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सूर्य, चन्द्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में प्रत्येक पूर्णमासी तथा अमावस्या के दिन होते हैं, इस स्थिति को `सिजिगी` कहते हैंl


Q. 167872 पृथ्वी के परिभ्रमण का ज्वार भाटा पर क्या प्रभाव होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी के परिभ्रमण के कारण प्रत्येक स्थान पर चौबीस घंटे में दो बार ज्वार एवं दो बार भाटा आता है


Q. 167873 उत्तरी अन्ध महासागर की किन्हीं दो धाराओं का तटीय जलवायु पर प्रभाव का वर्णन कीजिए। [1+1]
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उत्तरी विषुवतीय धारा - विषुवत रेखा के साथ पश्चिम कि और बहती है व लैटिन अमेरिका के तट के पास दक्षिण विषुवत धारा से मिलकर खाड़ी के जल स्टार को अटलांटिक महासागर के जल स्तर से ऊंचा उठा देती है।

लेब्राडोर धारा - न्यूफ़ाउंडलैंड के पास गल्फस्ट्रीम की जलधारा से मिलकर घना कोहरा पैदा करती है।


Q. 167874 भूमि तथा पौधों

नाइट्रोजन चक्र के बारे में टिप्पणी लिखो<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमि तथा पौधों में विभिन्न विधियों द्वारा वायुमंडल की स्वतंत्र नाइट्रोजन का नाइट्रोजनीय यौगिकों के रूप में स्थायीकरण और उनके पुनः स्वतंत्र नाइट्रोजन में परिवर्तित होने का अनवरत प्रक्रम को नाइट्रोजन चक्र कहा जाता है।

वायुमंडल की संरचना का प्रमुख घटक नाइट्रोजन, वायुमंडलीय गैसों का 79 प्रतिशत भाग है। विभिन्न कार्बनिक यौगिक जैसे- एमिनो एसिड, न्यूक्लिक एसिड,विटामिन व वर्णक आदि में यह एक महत्त्वपूर्ण घटक है।

वायुमंडलीय नाइट्रोजन का पौधों तथा जीवों के लिए आवश्यक विविध यौगिकों में परिवर्तन और इन नाइट्रोजन यौगिकों का उनके (मृत जीवों एवं पौधों के) वियोजन के पश्चात् नाइट्रोजन गैस के रूप में पुनः वायुमंडल में लौटने की चक्रीय प्रक्रिया जो कई चरणों में सम्पन्न होती है। वायुमंडलीय नाइट्रोजन से प्राकृतिक प्रक्रिया द्वारा नाइट्रिक एसिड का निर्माण होता है जो वर्षा जल के माध्यम से मिट्टी में पहुंचता है। यहाँ चूनापत्थर तथा क्षारों से अभिक्रिया होने पर नाइट्रेट की उत्पत्ति होती है जिसका संग्रह मिट्टी में होता है जो पौधों के पोषण के काम आती है। मिट्टी से पौधों द्वारा ग्रहण की गई नाइट्रोजन जटिल कार्बनिक योगिकों में परिवर्तित हो जाती है। मिट्टी में विद्यमान विशेष प्रकार के बैक्टीरिया प्राणियों के त्यक्त पदार्थों, सूखे पौधों तथा मृत प्राणियों को सड़ाकर अमोनिया तथा अमोनिया लवण में परिवर्तित कर देते हैं जिसे अन्य प्रकार के बैक्टीरिया नाइट्रेट में बदल देते हैं जिसका संग्रह मिट्टी में होता है। मिट्टी में उपस्थित इस संयुक्त नाइट्रेट को तीसरे प्रकार के (अनाइट्रीकारी) बैक्टीरिया नाइट्रोजन गैस में परिवर्तित कर देते हैं और यह मुक्त होकर पुनः वायुमंडल में वापस पहुंच जाती है। इस प्रकार एक नाइट्रोजन चक्र पूर्ण होता है।

 


Q. 167875

जैव भू-रासायनिक चक्र के बारे संक्षेप्त में चर्चा करे<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी पर जीवन विविध प्रकार के जीवित जीवों के रूप में पाया जाता है। ये जीवधारी विविध प्रकार के पारिस्थितकीय अतसर्बंधों पर जीवित हैं। जीवधारी बहुलता व विविधता में ही जिंदा रह सकते हैं। इसमें (अर्थात्, जीवित रहने की प्रक्रिया में) विधिवत प्रवाह जैसे- ऊर्जा, जल व पोषक तत्त्वों की उपस्थिति सम्मिलित है। इनकी उपलब्धता संसार के विभिन्न भागों में भिन्न है। यह भिन्नता क्षेत्रीय होने के साथ-साथ सामयिक (अर्थात् वर्ष के 12 महीनों में भी भिन्न है) भी है। विभिन्न अध्ययनों से पता चलता है कि पिछले 100 करोड़ वर्षों में वायुमंडल व जलमंडल की संरचना में रासायनिक घटकों का संतुलन लगभग एक जैसा अर्थात् बदलाव रहित रहा है। रासायनिक तत्त्वों का यह संतुलन पौधे व प्राणी उतकों से होने वाले चक्रीय प्रवाह के द्वारा बना रहता है। यह चक्र जीवों द्वारा रासायनिक तत्त्वों के अवशोषण से आरंभ होता है और उनके वायु, जल व मिट्टी में विघटन से पुनः आरंभ होता है। ये चक्र मुख्यतः सौर ताप से संचालित होते हैं। जैवमंडल में जीवधारी व पर्यावरण के बीच ये रासायनिक तत्त्वों के चक्रीय प्रवाह जैव भू-रासायनिक चक्र कहे जाते हैं। बायो’  का अर्थ है जीव तथा ज्यो’ का तात्पर्य पृथ्वी पर उपस्थित चट्टानें, मिट्टी, वायु व जल से है।

जैव भू-रासायनिक चक्र दो प्रकार के हैं - एक गैसीय और दूसरा तलछटी चक्र गैसीय चक्र में पदार्थ का मुख्य भंडार/स्रोत वायुमंडल व महासागर हैं। तलछटी चक्र के प्रमुख भंडार पृथ्वी की भूपर्पटी पर पाई जाने वाली मिट्टी, तलछट व अन्य चट्टानें  हैं।


Q. 167876 पारितंत्र की कार्य प्रणाली की चित्र के साथ व्याख्या करे
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संरचना की दृष्टि से, सभी पारितंत्र में जैविक व अजैविक कारक होते हैं। अजैविक या भौतिक  कारकों में तापमान, वर्षा, सूर्य का प्रकाश, आर्द्रता, मृदा की स्थिति व अजैविक या अकार्बनिक तत्त्व; कार्बन डाई आक्साइड, जल, नाइट्रोजन, कैल्शियम, फाँस्पफोरस, पोटाशियम आदि ) सम्मिलित हैं। जैविक कारकों  में उत्पादक, प्राथमिक, द्वितीयक व तृतीयक, उपभोक्ता तथा अपघटक शामिल हैं।

उत्पादकों में सभी हरे पौधे सम्मिलित हैं, जो प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया द्वारा अपना भोजन बनाते हैं। प्रथम श्रेणी के उपभोक्ताओं में शाकाहारी जंतु जैसे-हिरण, बकरी, चूहे और सभी पौधों पर निर्भर जीव शामिल हैं। द्वितीयक श्रेणी के उपभोक्ताओं में सभी माँसाहारी जैसे- साँप, बाघ, शेर आदि शामिल हैं। कुछ माँसाहारी, जो दूसरे माँसाहारी जीवों पर निर्भर हैं, उन्हें चरम स्तर के शीर्ष माँसाहारी के रूप में जाना जाता है। जैसे- बाज़ और नेवला आदि। अपघटक, वे हैं, जो मृत जीवों पर निर्भर हैं (जैसे- कौवा और गिद्ध, तथा कुछ अन्य अपघटक, जैसे -बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्म जीवाणु मृतकों को अपघटित कर उन्हें सरल पदार्थों में परिवर्तित करते हैं। प्राथमिक उपभोक्ता, उत्पादक पर निर्भर हैं, जबकि प्राथमिक उपभोक्ता, द्वितीयक उपभोक्ताओं के भोजन बनते हैं। द्वितीयक उपभोक्ता फिर तृतीयक उपभोक्ताओं के द्वारा खाए जाते हैं। अपघटक प्रत्येक स्तर पर मृतकों पर निर्भर होते हैं। ये अपघटक इन्हें (मृतकों को) विभिन्न पदार्थों, जैसे- कार्बनिक व अकार्बनिक अवयवों और मिट्टी की उर्वरता के लिए पोषक तत्त्वों में परिवर्तित कर देते हैं।

 


Q. 167877 पारितंत्र क्या है? पारितंत्र को कितनी वर्गों में विभाजित किये जाते हैं ? उनके बारे में संक्षेप बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी विशेष क्षेत्र में किसी विशेष समूह के जीवधारियों का भूमि, जल अथवा वायु (अजैविक तत्त्वों) से ऐसा अर्तंसंबंध जिसमें ऊर्जा प्रवाह व पोषण शृंखलाएं स्पष्ट रूप से समायोजित हों, उसे पारितंत्र कहा जाता है| विभिन्न बायोम की सीमा का निर्धारण जलवायु व  पारितंत्र मुख्यतः दो प्रकार के हैः स्थलीय  पारितंत्र व जलीय पारितंत्र ।

स्थलीय पारितंत्र को पुनः बायोममें विभाजित किया जाता है। बायोम, पौधों व प्राणियों का एक समुदाय है, जो एक बड़े भौगोलिक क्षेत्र में पाया जाता है। पृथ्वी पर अपक्षय संबंधी तत्त्व करते हैं। अतः विशेष परिस्थितियों में पादप व जंतुओं के अंर्तंसंबंधो के कुल योग को बायोमकहते हैं। इसमें वर्षा, तापमान, आर्द्रता व मिट्टी संबंधी अवयव भी शामिल हैं। संसार के कुछ प्रमुख पारितंत्र: वन, घास क्षेत्र, मरुस्थल और टुण्ड्रा पारितंत्र हैं।

जलीय पारितंत्र को समुद्री पारितंत्र व ताजे जल के पारितंत्र में बाँटा जाता है। समुद्री पारितंत्र में महासागरीय, तटीय ज्वारनदमुख, प्रवाल भित्ति, पारितंत्र सम्मिलित हैं। ताजे जल के पारितंत्र में झीलें, तालाब, सरिताएँ, कच्छ व दलदल शामिल हैं।


Q. 167878 देशी वनस्पति विहीन महाद्वीप है :


A.

दक्षिण अमेरिका

B.

उत्तरी अमेरिका

C.

ऑस्ट्रेलिया

D.

अंटार्कटिका

Right Answer is: D

SOLUTION

अपनी विशिष्ट कठोर जलवायु के कारण अंटार्कटिका पर कोई भी देशी वनस्पति या जंतु नहीं पाए जाते हैं।


Q. 167879 भारत सरकार के द्वारा वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम को पारित करने का वर्ष था :


A.

1970

B.

1969

C.

1972

D.

1975

Right Answer is: C

SOLUTION

भारत सरकार ने विभिन्न प्रकार की प्रजातियों को बचाने, संरक्षित करने और विस्तार करने के लिए, वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम सन् 1972 में पारित किया है।


Q. 167880 निम्नलिखित में से कौन एक तरीका जैव-विविधता संरक्षण के लिए नहीं सुझाया गया है?


A.

संकटापन्न प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रयास करने चाहिए।

B.

वन्य जीवों व पौधों का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, नियमों के अनुरूप होना चाहिए।

C.

प्रत्येक देश को वन्य जीवों के आवास को चिह्नित कर उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना चाहिए।

D.

नई प्रजातियों के लिए शोध होने चाहिए।

Right Answer is: D

SOLUTION

जैव-विविधता संरक्षण के लिए सुझाए गए तरीकों में नई प्रजातियों के लिए शोध नहीं शामिल था।


Q. 167881 सन् 1992 में जैव-विविधता के सम्मेलन में लिए गए संकल्पों पर कितने देशों द्वारा हस्ताक्षर किया गया है?


A.

150

B.

155

C.

160

D.

162

Right Answer is: B

SOLUTION

जैव-विविधता के सम्मेलन में लिए गए संकल्पों का भारत सहित अन्य 155 देशों ने हस्ताक्षर किया है। 


Q. 167882 रेड पांडा है :


A.

एक सुभेद्य प्रजाति

B.

एक संकटापन्न प्रजाति

C.

एक दुर्लभ प्रजाति

D.

एक विदेशज प्रजाति

Right Answer is: B

SOLUTION

संकटापन्न प्रजातियाँ वे सभी प्रजातियाँ हैं, जिनके लुप्त हो जाने का खतरा है। रेड पांडा एक ऐसी ही प्रजाति है|


Q. 167883 ऊष्णकटिबंधीय वर्षावन में पृथ्वी की प्रजातियों के प्रतिनिधित्व का प्रतिशत है :


A.

60

B.

50

C.

40

D.

70

Right Answer is: B

SOLUTION

ऊष्णकटिबंधीय वर्षावन पृथ्वी पर पाई जाने वाली प्रजातियों के 50 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं।


Q. 167884 ब्राजील के रियो-डी-जेनेरो में हुए जैव-विविधता के सम्मेलन का वर्ष था :


A. 1990

B. 1991

C. 1992

D. 1993

Right Answer is: C

SOLUTION

सन् 1992 में ब्राजील के रियो-डी-जेनेरो में जैव-विविधता के सम्मेलन का आयोजन किया गया था।


Q. 167885 आनुवांशिक जैव-विविधता का सम्बन्ध है :


A.

प्रजातियों की विविधता से

B.

प्रजातियों में जीन की विविधता से

C.

प्रजातियों के रूपों में विविधता से

D.

पौधों की प्रजातियों में विविधता से

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रजातियों में जीन की विविधता आनुवांशिक जैव-विविधता के रूप में जाना जाता है। यह विविधता प्रजातियों की जनसँख्या के स्वस्थ नस्ल के लिए आवश्यक है।


Q. 167886 जैव-विविधता हॉट-स्पॉट का अर्थ है :


A.

कम प्रजातियों वाले क्षेत्र होते हैं।

B.

समृद्ध प्रजातियों वाले क्षेत्र होते हैं।

C.

प्रजातियों में विविधता

D.

नगण्य प्रजातियों वाला क्षेत्र

Right Answer is: B

SOLUTION

वे क्षेत्र जो प्रजातियों में समृद्ध हैं, जैव-विविधता के हॉट-स्पॉट के रूप में जाने जाते हैं।


Q. 167887 निम्नलिखित में से कौन एक स्तर नहीं है जिस पर जैव-विविधता का अध्ययन किया जाता है?


A.

आनुवंशिक विविधता

B.

प्रजातीय विविधता

C.

पारिस्थितिकी तंत्र विविधता

D.

एप्लाइड विविधता

Right Answer is: D

SOLUTION

एप्लाइड विविधता पर जैव-विविधता का अध्ययन नहीं किया जाता है।


Q. 167888 वह देश, जो उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में स्थित हैं, उनमें संसार की सर्वाधिक प्रजातीय विविधता पाई जाती है। उन्हें कहा जाता है:


A.

नेशनल पार्क(National parks)

B.

महा विविधता केंद्र’ (Mega diversity centres)

C.

हॉट स्पॉट (Hot spots)

D.

प्रजातीय जैव-विविधता (Species diversity)

Right Answer is: B

SOLUTION

वह देश, जो उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में स्थित हैं, उनमें संसार की सर्वाधिक प्रजातीय विविधता पाई जाती है। उन्हें ‘महा विविधता केंद्र’ (Mega diversity centres) कहा जाता है।


Q. 167889 जैव-विविधता :


A.

विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर घटती है।

B.

विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर बढ़ती है।

C.

किसी निश्चित पैटर्न का अनुगमन नहीं करती है।

D.

ध्रुवों पर जैव विविधता अधिकतम होती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

जैव-विविधता विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर घटती है।


Q. 167890 जैव-विविधता महत्वपूर्ण है :


A.

पशु अस्तित्व के लिए

B.

मानव अस्तित्व के लिए

C.

विकास के लिए

D.

वनस्पति अस्तित्व के लिए

Right Answer is: B

SOLUTION

जैव-विविधता मानव अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है।


Q. 167891 राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य स्थापित करने का उद्देश्य है :


A.

शिकार करना

B.

वन्य जीवों का संरक्षण करना

C.

मनोरंजन करना

D.

पालतू जानवर पालना

Right Answer is: B

SOLUTION

राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य स्थापित किए जाने का उद्देश्य वन्य जीवों का संरक्षण करना है।


Q. 167892 जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण भाग है :


A.

भू-विविधता

B.

फसल विविधता

C.

सांस्कृतिक विविधता

D.

रासायनिक विविधता

Right Answer is: B

SOLUTION

जैव-विविधता का एक महत्वपूर्ण भाग ‘फसलों की विविधता’ है, जिसे कृषि जैव-विविधता भी कहा जाता है। विभिन्न प्रकार की फसलों की खेती की जाती है, जिनकी उपयोगिता भोज्य पदार्थ, औषधियाँ और सौंदर्य प्रसाधन आदि बनाने में है।


Q. 167893 आईयूसीएन विश्व की सभी संकटापन्न प्रजातियों के बारे में सूचना किस नाम से प्रकाशित करता है?


A.

रेड लिस्ट

B.

ग्रीन लिस्ट

C.

ब्लू लिस्ट

D.

येलो लिस्ट

Right Answer is: A

SOLUTION

संकटापन्न प्रजातियों में वे सभी प्रजातियाँ सम्मिलित हैं, जिनके लुप्त हो जाने का खतरा है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर द कंज़रवेशन ऑफ नेचर एंड नेचुरल रिसोर्सेज़ (आईयूसीएन) विश्व की सभी संकटापन्न प्रजातियों के बारे में सूचना 'रेड लिस्ट' नाम से प्रकाशित करता है।


Q. 167894 तरंगों का जन्म किस प्रकार से होता है? द्रोणी एवं शिखर क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सागर के तरंगों का जन्म प्राय: पवनों के कारण होता है। तरंग में जल का कुछ भाग ऊपर उठा हुआ और कुछ नीचे दबा हुआ रहता है। तरंग का ऊपर उठा भाग शिखर और नीचे का दबा हुआ भाग खात या द्रोणी कहलाता है। इन्हीं के द्वारा तरंगों की माप ज्ञात की जाती है। एक शिखर से दूसरे शिखर अथवा एक द्रोणी से दूसरी द्रोणी तक की दूरी "तरंग की लम्बाई" कहलाती है। द्रोणी और शिखर के बीच का अन्तर "तरंग की ऊँचाई" कहलाती है। तरंग का आकार वायु के वेग पर निर्भर करता है। वायु के वेग के अनुसार ही तरंगों का आकार छोटा-बड़ा होता है। बन्द सागरों की अपेक्षा खुले सागरों में तरंगों की ऊँचाई अधिक होती है। महासागरों में तरंगों की लम्बाई 100 से 500 मीटर तक और ऊँचाई प्राय: 1.5 से 4.0 मीटर तक हो जाती है। इसकी गति  32 किमी से 65 किमी प्रति घंटा होती है। वस्तुत: तरंगों  की गति सागर की गहराई

Q. 167895 लघु ज्वार कब आते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूर्णमासी तथा अमावस्या के मध्य कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की सप्तमी और अष्टमी की तिथियों में सूर्य और चन्द्रमा पृथ्वी के साथ समकोण बनाते है समकोणीय स्थिति के द्वारा सूर्य और चन्द्रमा, महासागरीय जल को अपनी-अपनी ओर आकर्षित करते हैं


Q. 167896 ज्वार की उत्पत्ति में चन्द्रमा का क्या योगदान है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी का वह भाग जो चन्द्रमा के सामने पढ़ता है, चन्द्रमा की आकर्षण शक्ति से प्रभावित होता है तथा इसके ठीक पीछे वाला भाग सबसे कम प्रभावित होता है अत: सबसे अधिक आकर्षण शक्ति के प्रभाव से, पृथ्वी तल पर सामने पड़ने वाले भाग का जल आकर्षित होकर ऊपर की ओर उठता है, जिससे सागर में उच्चतम ज्वार की स्थिति निर्मित हो जाती है


Q. 167897 अयनवृतीय तथा भूमध्यरेखीय ज्वार किन्हें कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अयनवृतीय ज्वार - सूर्य की उत्तरायण एवं दक्षिणायण स्थिति के साथ-साथ चन्द्रमा भी विषुवत रेखा से कर्क एवं मकर अयन रेखा की ओर झुक जाता हैइसी कारण दीर्ध ज्वार अयनवृतिय (कर्क एवं मकर) दोनों की स्थितियों वाला आता है 

भूमध्यरेखीय ज्वार - भूमध्य रेखा पर चन्द्रमा के प्रत्येक माह में लम्बवत होने के कारण ज्वार की असमान्यता न्यूनतम रहती है
अर्थात दीर्ध ज्वार एवं अन्य दिनों के ज्वार में अंतर कम रहता है, इसे ही “भूमध्यरेखीय ज्वार” कहते है


Q. 167898 ज्वार-भाटा कितने प्रकार के होते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ज्वारों के विभिन्न प्रकार, महासागरों में पाये जाते है, जो निम्नलिखित हैं
1. वृहत अथवा दीर्ध ज्वार 
2. लघु ज्वार 
3. भूमि- उच्च एवं भूमि-निम्न ज्वार 
4. अयनवृतिय तथा भूमध्यरेखीय ज्वार 
5. दैनिक ज्वार-भाटा 
6. अर्ध-दैनिक ज्वार–भाटा 
7. मिश्रित ज्वार भाटा


Q. 167899 ज्वार की उत्पत्ति में चन्द्रमा का क्या योगदान है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी का वह भाग जो चन्द्रमा के सामने पढ़ता है, चन्द्रमा की आकर्षण शक्ति से प्रभावित होता है तथा इसके ठीक पीछे वाला भाग सबसे कम प्रभावित होता है अत: सबसे अधिक आकर्षण शक्ति के प्रभाव से, पृथ्वी तल पर सामने पड़ने वाले भाग का जल आकर्षित होकर ऊपर की ओर उठता है, जिससे सागर में उच्चतम ज्वार की स्थिति निर्मित हो जाती है


Q. 167900 धाराओं की उत्पत्ति के कारणों की व्याख्या कीजिये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i. धरातल पर चलने वाली स्थायी पवनें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से धाराओं को जन्म देती हैं। विश्व की अधिकांश धाराएँ, प्रचलित पवनों का ही अनुगमन करती हैं। हिन्द महासागर में चलने वाली धाराएँ प्रति चार महीने पश्चात मानसून की दिशा परिवर्तन के साथ ही अपनी दिशा बदल देती है।
ii. सागरों के जल का घनत्व,  तापमान ऊँचा रहने पर घट जाता है। जल हल्का होकर फैलता है तथा उसकी ऊँचाई बढ़ जाती है। जबकि तापमान गिरने से जल का घनत्व बढ़ जाता है तथा भारी एवं ठंडा जल संकुचित होकर नीचे बैठ जाता है। परिणामस्वरूप गर्म  जल, धारा के रूप में ठंडे जल की ओर प्रवाहित होने लगता है।
iii. सागरों का जल खारा होता है। खारेपन की यह मात्रा कहीं अधिक और कहीं कम होती है। अधिक खारेपन से जल का घनत्व भी अधिक हो जाता है। जबकि कम खारेपन से उसका घनत्व हल्का रहता है। अधिक घनत्व वाला जल नीचे बैठ जाता है, फलस्वरूप अपने घनत्व को समान रखने के लिए धरातल पर कम  घनत्व के स्थानों से जल,  अधिक घनत्व वाले स्थानों की ओर बहता है। ध्रुवीय और उष्ण कटिबन्धीय सागरों में सतह के,  जल घनत्व के,  अन्तर से ही ठण्डी और गर्म  धाराओं की उत्पति होती है।
iv. धाराओं की प्रवाह दिशा पर महाद्वीपों के आकार तथा बनावट का भी गहरा प्रभाव पड़ता है। दक्षिणी विषुवतीय जल धारा पश्चिम की ओर चलने की अपेक्षा सैंट रॉक अन्तरीप से टकराकर उत्तर तथा दक्षिण को मुड़ जाती है। इसी प्रकार अलास्का तट की बनावट के कारण ही,  अलास्का धारा पश्चिम की ओर बहने लगती है।
v. सागरों में धाराओं का प्रवाह प्राय: गोलाकार देखा जाता है। धाराओं की यह प्रकृति पृथ्वी के परिभ्रमण से सम्बन्धित है


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