CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

PreviousNext

Q. 168101 अपवाह प्रतिरूपों को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अपवाह प्रतिरूपों को प्रभावित करने वाले कारक अधःस्थ शैल के प्रकार, मिट्टी, उच्चावच, जलवायु और मानव गतिविधि हैं। मुख्य अपवाह प्रतिरूप द्रुमाकृतिक, जालीनुमा, आयताकार तथा अरीय अपवाह प्रतिरूप हैं।

 


Q. 168102 अपवाह किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अपवाह जल की वह मात्रा है जो पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में ढाल का अनुसरण करते हुए प्रवाहित होता है।


Q. 168103 नदी किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नदी भूतल पर प्रवाहित एक जलधारा है जिसका स्रोत प्रायः कोई झील, हिमनद, झरना या बारिश का पानी होता है तथा किसी सागर अथवा झील में गिरती है।


Q. 168104 कोसी नदी के बारे में बताये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कोसी नदी गंगा नदी का सबसे बड़ी सहायक नदियों में से एक है। कुल लंबाई गंगा के साथ अभिसरण करने के लिए अपने स्रोत से 729 किमी दूर है। इसका अपवाह पूर्वी नेपाल से है और कई नहरो से बिहार के सहरसा जिले में प्रवेश करती है। पिछले 250 वर्षों में, इसका पूर्व से पश्चिम तक 120 किलोमीटर से अधिक का मार्ग बदल गया है। कोसी को "बिहार के दु:ख" के रूप में भी जाना जाता है, जैसे कि यह बाढ़ के कारण होती है और अक्सर अपने मार्ग को स्थानांतरित करती है।


Q. 168105 तंग घाटी क्या है? कोई भी दो उदाहरण दे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह एक गहरी और संकरी घाटी का गठन पहाड़ों या पठारों पर कटाव की लंबी प्रक्रिया के कारण होता है उदाहरण के लिए कोलंबिया नदी घाटी और संयुक्त राज्य अमेरिका में नियाग्रा घाटी।


Q. 168106 पूरब में बहने वाली नदियों और पश्चिम से बहने वाली नदियों के बीच कोई भी दो अंतर लिखें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूरब में बहने वाली नदियाँ

पश्चिम से बहने वाली नदियाँ

i) वे बंगाल की खाड़ी में अपने पानी का निर्वहन करती है।

i) वे अरब सागर में अपने पानी का निर्वहन करती है।

ii) इनका पथ कुछ सहायक नदियों के साथ लम्बा होता है। उदाहरण: गोदावरी और कावेरी

ii) इनका पथ कुछ सहायक नदियों के साथ छोटा होता है।


Q. 168107 भारत में नदियों को जोड़ने की सामाजिक-आर्थिक लाभ क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में नदियों को जोड़ने की सामाजिक-आर्थिक लाभ हैं:

1) क्षेत्रों से अधिशेष पानी को पानी कमी वाले क्षेत्रों को विशेष रूप से बाढ़ के दौरान हस्तांतरित किया जा सकता है।

2) पन बिजली को नदियों को आपस जोड़ने से क्षेत्रों में उत्पन्न किया जा सकता है।


Q. 168108 गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा के किन्ही भी तीन मुख्य विशेषताओ को लिखें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा के तीन मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:-

(i) यह बंगाल की खाड़ी के मुहाने पर दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा है।

(ii) इसका निर्माण ब्रह्मपुत्र और गंगा की कई छोटी नदियों अर्थात सहायक नदियों के बंटवारे के कारण हुआ है।

(iii) यह सबसे अधिक घनी आबादी और उपजाऊ का डेल्टा है।

 


Q. 168109 'नदी बहाव प्रवृति' शब्द से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नदी बहाव प्रवृति समय की एक अवधि में इसके प्रवाह का स्वरूप है एक नदी के चैनल में वर्षपर्यंत जल प्रवाह के प्रारूप को नदी बहाव प्रवृत्ति कहा जाता है।


Q. 168110 भारत के प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र को स्वरूप प्रदान करने वाली तीन प्रमुख भूगर्भिक घटनाओं का वर्णन करों
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत के प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र को निम्न भूगर्भिक घटनाओं ने स्वरूप प्रदान किया है।

क.   प्रारंभिक टर्शियरी काल के दौरान प्रायद्वीप के पश्चिमी पार्श्व का अवतलन होने के कारण यह समुद्रतल से नीचे चला गया।

ख.   हिमालय में होने वाले प्रोत्थान के कारण प्रायद्वीप खंड के उत्तरी भाग का अवतलन हुआ और परिणामस्वरूप भ्रंश द्रोणियों का निर्माण हुआ।

ग.    इसी काल में प्रायद्वीप खंड उत्तर-पश्चिम दिशा से, दक्षिण-पूर्व दिशा में थोड़ा झुक गया जिससे  इसका अपवाह बंगाल की खाड़ी की ओर उन्मुख हो गया।


Q. 168111 परिभाषित करें क) अपवाह द्रोणी ख) भ्रंश घटियाँ
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

क) अपवाह द्रोणी - यह एक मुख्य नदी और उसकी सहायक नदियों द्वारा आच्छादित भूमि की सतह का एक खंड है, जो आमतौर पर एक जल निकासी का विभाजन करके पड़ोसी घाटियों से अलग किया जाता है।

ख) भ्रंश घटियाँ- यह भ्रंश की कार्रवाई के द्वारा बनाई गई हाइलैंड्स या पर्वत श्रृंखला के बीच एक संकीर्ण और रैखिक के आकार का तराई है।


Q. 168112 भारतीय नदियों के साथ जुडी किन्ही भी चार समस्याओं का उल्लेख करो।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय नदियों के साथ जुडी चार समस्याएं हैं:

1) पर्याप्त मात्रा में पानी की अनुपलब्धता

2) नदी जल प्रदूषण

3) पानी का असमान मौसमी प्रवाह

4)  नदी के पानी में गाद का जमाव


Q. 168113 झील क्या है? झीलों के कोई भी दो लाभ लिखें?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पानी का वह निकाय जो पृथ्वी की सतह पर धंसे हुए रूप में स्थित हो और पूरी तरह से जमीन से घिरा हो, एक झील के रूप में जाना जाता है। झील सहायक होती हैं:

(i) नदी का प्रवाह नियमित हो।

(ii) जल विद्युत विकास करना।

 


Q. 168114 कोरोमंडल तट सामान्यतः


A.

जनवरी एवं फरवरी माह में शुष्क रहता है।

B.

जुलाई तथा अगस्त माह में शुष्क रहता है।

C.

मार्च और अप्रैल माह में शुष्क रहता है।

D.

मई एवं जून माह में शुष्क रहता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

जुलाई या अगस्त में, गंगा के डेल्टा तथा ओड़िसा के तटीय भागों में हर तीसरे या पाँचवें दिन प्रचंड तूफ़ान मूसलाधार वर्षा करते हैं। जबकि इन्हीं महीनों में मात्र एक हजार किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित तमिलनाडु का कोरोमंडल तट शांत एवं शुष्क रहता है।


Q. 168115 दिसम्बर में अधिकतम सूर्यताप:


A.

कन्याकुमारी में पाया जाता है।

B.

पुणे में पाया जाता है।

C.

कोलकाता में पाया जाता है।

D.

लेह में पाया जाता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

दिसंबर की रात में जम्मू और कश्मीर के द्रास में रात का तापमान -45° सेल्सियस तक गिर जाता है, जबकि उसी रात को कन्याकुमारी का  तापमान लगभग 20° सेल्सियस रहता है।


Q. 168116 मानसून निवर्तन :


A.

पश्चिमी तटीय मैदानों से पूर्वी तटीय मैदानों के ओर लौट चुका होता है।

B.

उत्तर-पूर्व से पश्चिम तट की ओर लौट चुका होता है।

C.

उत्तर से दक्षिण की ओर लौट चुका होता है।

D.

उत्तर पश्चिम भारत से बंगाल और उसके बाद केरल की ओर लौट चुका होता है।

Right Answer is: D

SOLUTION

अक्तूबर और नवंबर के महीनों को मानसून के निवर्तन की ऋतु कहा जाता है। सितंबर के अंत में सूर्य के दक्षिणायन होने की स्थिति में गंगा के मैदान पर स्थित निम्न वायुदाब की द्रोणी भी दक्षिण की ओर खिसकना आरंभ कर देती है। इससे दक्षिण-पश्चिमी मानसून कमजोर पड़ने लगता है।    


Q. 168117 अक्टूबर माह के गर्म होने का कारण :


A.

वर्षा में कमी होता है।

B.

उच्च तापमान और उच्च आर्द्रता का संयोजन होता है।

C.

शुष्क गर्म मौसम होता है।

D.

व्यापक मेघ आवरण होता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

मानसून के निवर्तन की ऋतु में आकाश स्वच्छ हो जाता है और तापमान बढ़ने लगता है। जमीन में अभी भी नमी होती है। उच्च तापमान और आर्द्रता की दशाओं से मौसम कष्टकारी हो जाता है। आमतौर पर इसे ‘कार्तिक मास की ऊष्मा’ कहा जाता है।


Q. 168118 पश्चिमी राजस्थान में तापमान की अतिश्यता का सबसे प्रमुख कारण है –


A.

वनस्पति

B.

धरातल का स्वभाव

C.

मानसून

D.

हवायें

Right Answer is: B

SOLUTION

पश्चिमी राजस्थान में तापमान की अतिश्यता का सबसे प्रमुख कारण है – धरातल का स्वभाव, इसी कारण राजस्थान की जलवायु शुष्क से उपआर्द्र मानसूनी जलवायु है अरावली के पश्चिम में न्यून वर्षा, उच्च दैनिक एवं वार्षिक तापान्तर निम्न आर्द्रता तथा तीव्रहवाओं युक्त जलवायु है।


Q. 168119 केरल एवं कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में पड़ने वाली पूर्व मानसून वर्षा :


A.

चेरी वर्षा कहलाती हैं।

B.

आम्र वर्षा कहलाती हैं।

C.

चक्रवातीय वर्षा कहलाती हैं।

D.

पूर्व वर्षा कहलाती हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

ग्रीष्म ऋतु के खत्म होने से पहले खासतौर पर केरल व कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में मानसून बौछारें पड़ती हैं । इस तूफानी वर्षा का स्थानीय नाम आम्र वर्षा है क्योंकि इससे आम जल्दी पक जाते हैं ।


Q. 168120 सर्दियों के मौसम में भारत के सबसे आरामदायक क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सर्दियों के मौसम में सबसे अधिक आरामदायक क्षेत्रों में कर्नाटक के आंतरिक भाग, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु हैं।


Q. 168121 असम और बंगाल में बिजली और वज्रध्वनि के साथ आने वाली आंधी को क्या कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बिजली और वज्रध्वनि के साथ आने वाली आंधी को असम में स्थानीय स्तर पर 'बारडोली चीराह' और बंगाल में 'काल बैसाखी' कहा जाता है ।   


Q. 168122 आप 'ऋतु' से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक महीने तक सामान्य मौसम पैटर्न को ऋतु कहा जाता है। सामान्य तौर पर इन्हें शीत, ग्रीष्म और वर्षा ऋतु का तौर पर जानते हैं जबकि विशेष रूप से इन्हें बसंत, ग्रीष्म, बरसात, सुहावनी, शरद और बर्फ़बारी के तौर पर जानते हैं।


Q. 168123 आप 'जलवायु' शब्द से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी क्षेत्र में एक लम्बे समय लगभग तीन दशक तक मौसम की लगातार औसत स्थिति का देखा जाना जलवायु कहलाता है। 


Q. 168124 कोरिओलिस बल क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह बल पृथ्वी के घूर्णन के कारण है। यह पूर्वोत्तर व्यापारिक हवाओं को उत्तरी गोलार्ध में दायी दिशा में और दक्षिणी गोलार्ध में बायीं ओर विक्षेपित करती है। इसे फेर्रेल के सिद्धांत के रूप में कहा जाता है।


Q. 168125 आप ऊपरी हवा परिसंचरण से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ये क्षोभ मंडल में एक संकीर्ण क्षेत्र के माध्यम से बहने वाली उच्च वेग की हवाऍ हैं।


Q. 168126 असम और बंगाल की तड़ितझंझा के स्थानीय नाम का उल्लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

असम में तड़ितझंझा का स्थानीय नाम 'बारदोली छिरहा' है और बंगाल में इसे 'कल बैसाखी' कहा जाता है।


Q. 168127 'लू' शब्द से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह उत्तरी मैदानों में पंजाब से बिहार में बह रही गर्म, शुष्क और तीव्र हवाऍ है गर्मी के दिनों में दिल्ली और पटना के बीच ये हवाऍ उच्च तीव्रता के साथ बहती है।


Q. 168128 उत्तर भारत के दो सुखाग्रस्त क्षेत्रों के नाम लिखिए। [½+½]
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दक्षिणी राजस्थान


Q. 168129 प्राकृतिक आपदा के दो उदाहरण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अ. भूकम्प ब. सूनामी


Q. 168130 कौनसी व्यापारिक हवाऍ दक्षिण पश्चिम मानसून से संबंधित है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमध्य रेखा पार करने के बाद दक्षिण पूर्व व्यापारिक हवाऍ दक्षिण पश्चिम मानसून के रूप में जाना जाता है, जब यह भारत में प्रवेश करती है।


Q. 168131 आप मौसम से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

महीने के लिए मौसम के आम स्वरूप को मौसम कहा जाता है। ये हैं: सामान्य रूप में सर्दी, गर्मी, बरसात के मौसम है, जबकि वसंत, ग्रीष्म, बरसात, ठंडा, शरद ऋतु, और बर्फबारी के मौसम विशेष हैं।


Q. 168132 अल-नीनो को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह सामयिक और गर्म समुद्री धारा है जो कि दिसंबर के महीने के दौरान पेरू तट के निकट दिखाई देता है।


Q. 168133 भौतिक विशेषताऍ जलवायु को कैसे प्रभावित करते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जलवायु के निम्नलिखित घटकों को प्रभावित कर भौतिक विशेषताऍ जलवायु को प्रभावित करती है:

i) हवा का तापमान

ii) वायु-दाब

iii) हवाओं की दिशा

iv) बारिश की मात्रा


Q. 168134 अल-नीनो का प्रमुख प्रभावो को भारत के संदर्भ में उदाहरण के साथ बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अल-नीनो के प्रभाव:

i) इससे 10 डिग्री सेल्सियस उष्णकटिबंधीय प्रशांत के पानी की सतह का तापमान बढ़ जाता है।

ii)  यह दुनिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बाढ़ और सूखे का कारण बनता है।

iii) यह हिंद महासागर की मानसूनी हवाओं को भी प्रभावित करता है और गंभीर सूखे कारण बनता है। उदाहरण - 1987 का गंभीर सूखा और 1990 में मानसून की देरी।


Q. 168135 भारत की जलवायु पर प्रमुख भौगोलिक प्रभावों की चर्चा करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत की जलवायु पर भौगोलिक प्रभावो की चर्चा नीचे की गयी हैं:

i) उत्तरी पहाड़ दक्षिण पश्चिम मानसून के बंगाल की खाड़ी शाखा की राह में आते है और उसे दो भागों में विभाजित करते हैं।

ii) नमी से लदी हवाऍ दक्षिणी-पश्चिमी मानसूनी हवाओं दक्षिणी मेघालय के पठार से ऊपर उठने के लिए मजबूर करती हैं और बारिश का कारण बनती है और मौसिनराम को दुनिया में अत्यधिक वर्षा वाला स्थान बनाता हैं।

iii) पश्चिमी घाट, दक्षिणी-पश्चिमी मानसून हवाओं के अरब सागर शाखा के लिए महान बाधा कारक हैं जो तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश का कारण है। इसके विपरीत कर्नाटक के बड़े हिस्से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु वृष्टि छाया क्षेत्र में स्थित हैं।


Q. 168136 भारत के अक्षांशीय सीमा किस प्रकार भारत की जलवायु को परिभाषित करती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत 6°4' उत्तर और 37°6' उत्तर अक्षांश के बीच स्थित है। कर्क रेखा देश को दो भागों में विभाजित करती हैं। दक्षिणी भाग जो भूमध्य रेखा के करीब हैं, उष्ण कटिबंध में स्थित है और यहाँ साल भर उच्च तापमान रहता है। वहीं दूसरी ओर, उत्तरी भाग गर्म समशीतोष्ण क्षेत्र में स्थित हैं और यहाँ विशेष रूप से सर्दियों में कम तापमान होता है।


Q. 168137 हिमालय पर्वत श्रृंखला की जलवायु के महत्व का उल्लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हिमालय पर्वत श्रृंखला की जलवायु का महत्व नीचे दिया गया है:

i) ये पर्वत श्रृंखला भारत और मध्य एशिया के बीच एक जलवायु के विभाजन के रूप में कार्य करती है।

ii) ये पर्वत श्रृंखला मानसूनी हवाओं और वर्षा के स्वरूप को प्रभावित करती है।

iii) सर्दियों के दौरान, वे मध्य एशिया ठंडी और शुष्क हवाओं से भारत की रक्षा करती है।

iv) वे बारिश को दक्षिण पश्चिम मानसूनी हवाओं को उत्तरी भारत की सीमाओं को पार करने से रोकने वाले भौतिक निकाय के रूप में कार्य करते है।


Q. 168138 हिमालय भारतीय जलवायु को कैसे प्रभावित करती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हिमालय 'बुलंद चोटियाँ प्रभावी जलवायु के विभाजन के रूप में कार्य करती है। वे आर्कटिक सर्किल के पास से आने वाले ठंडी हवाओं से भारत की रक्षा करता है। यह भारत में बारिश से भरे बादलों को बरसने के लिए भी मजबूर करता है। हिमालय भारत को उष्णकटिबंधीय जलवायु का एक स्पर्श, गर्म और आर्द्र ग्रीष्मकाल और सूखी सर्दी देता है।


Q. 168139 भारत में वर्षा के असमान वितरण के कारणों पर चर्चा करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में वर्षा के असमान वितरण के कारण :
1.  पहाड़ी और वन वाले क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज की जाती है क्योंिक ऊँचाई और घने जंगल वातावरण को ठंडा बनाते हैं और वर्षा बूंदों को गिरने के लिए मजबूर करते हैं।
2. कम ऊंचे क्षेत्रों में अल्प वर्षा होती है क्योंकि वे मानसून के समय वर्षा वाले बादलों को रोकने में असफल होते हैं।

 

3. वर्षा वाली हवाओं के रास्ते में जो क्षेत्र पहले आते हैं वहां अधिक वर्षा होती है और जो क्षेत्र बाद में आते हैं वहां कम वर्षा होती है।

 


Q. 168140 'राष्ट्रीय बाढ़ नियंत्रण कार्यक्रम' के बारे में विस्तार से बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राष्ट्रीय बाढ़ नियंत्रण कार्यक्रम 1954 में लागू किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों में बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान करना हैं, बाढ़ को रोकने के लिए योजनाओं का निर्माण करना है और बाढ़ नियंत्रण के उपायों में एकीकृत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण शामिल करना है। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • लगभग 14.4 लाख हेक्टेयर भूमि को पहले से ही बाढ़ से सुरक्षा प्रदान की गई है।
  • 17,000 से अधिक किलोमीटर की दूरी पर तटबंधों का पहले से ही निर्माण किया गया था।
  • 4721 गांवों के जमीन के स्तर को उठाया गया है।
  • हीराकुंड, भाखड़ा नांगल, नागार्जुन सागर आदि नदी परियोजनाऍ बाढ़ नियंत्रण के उपायों का हिस्सा थी और इसके परिणामस्वरूप बाढ़ से 4 लाख हेक्टेयर भूमि की रक्षा हुई है।
  • बाढ़ की भविष्यवाणी भी कार्यक्रम का एक हिस्सा है। भारत के केंद्रीय जल आयोग 300 से अधिक बाढ़ स्टेशनों से एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर बाढ़ का पूर्वानुमान लगाते है जो 66 नदी घाटियों में फैला हुआ है।
  • उपग्रहों के उपयोग के माध्यम से भविष्यवाणी बाढ़ का पता लगाने और बाढ़ की सटीक भविष्यवाणी करने में प्रभावी हुई है। 14 से अधिक बाढ़ पूर्वानुमान स्टेशनों ने पहले से उपग्रहों के इनसैट श्रृंखला से बाढ़ का पता लगाया है।
  • औसतन 4000 पूर्वानुमान हर साल जारी किए जाते हैं जो 95% सटीक होते है। 


Q. 168141 मानसूनी हवाओं और भारत की जलवायु पर उनके प्रभाव का एक विस्तृत विवरण दे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानसून हवाऍ गर्मियों और सर्दियों के दौरान पूरी तरह से अपनी दिशा में अलग-अलग क्षेत्रों में सतह दबाव के स्थानांतरण अनुसार परिवर्तनं कर लेती है। मानसून हवाओं का प्रभाव उनके प्रकार के संदर्भ में विस्तार से बताया जा सकता है अर्थात, पूर्वोत्तर मानसून हवाऍ और दक्षिण-पश्चिम मानसून हवाऍ।

A) पूर्वोत्तर मानसून हवाऍ: ये हवाऍ भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमोत्तर भाग में उच्च दबाव के क्षेत्र और भारतीय प्रायद्वीप के आसपास के जल निकायों के आसपास कम दबाव वाले क्षेत्र के विकास के कारण सर्दियों के दौरान बहती है।

पूर्वोत्तर मानसूनी हवाओं के प्रभाव:

i)  इन हवाओं के प्रभाव के तहत, मौसम की स्थिति सूखी और ठंडी रहती हैं।

ii) इन हवाऍ शुष्क होती हैं। अतः वे भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश का कारण नहीं है।

iii) ये हवाऍ नम हो जाती है जब बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरती है और कोरोमंडल तट के साथ बारिश लाती है।

B) दक्षिण पश्चिम मानसूनी हवाऍ: ये हवाऍ गर्मियों के दौरान ही शुरू होती है जब उच्च दबाव क्षेत्र में भारतीय प्रायद्वीप के आसपास के जल निकायों के साथ और तिब्बती पठार के पास कम दबाव का क्षेत्र विकसित होता है।

i)  इन हवाओं के प्रभाव के तहत मौसम की स्थिति गर्म और नम रहती हैं।

ii) इन हवाओं समुद्र के प्रवाह और नमी से भरी हुई होती हैं। इसलिए वे पूरे देश के लिए बारिश लाती है।


Q. 168142 जेट प्रवाह को परिभाषित करें। जेट प्रवाह के विभिन्न प्रकारो और भारत की जलवायु पर उनके प्रभाव का उल्लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जेट प्रवाह मजबूत गहन संकीर्ण क्षैतिज धारा और पश्चिम की ओर बहने वाली हवाऍ है जो क्षोभ मंडल की ऊपरी परत में बहती है। जेट प्रवाह के दो प्रकार के होते हैं:

A) पश्चिमी जेट प्रवाह- सर्दियों के दौरान, धारा समुद्र के स्तर से ऊपर 8 किमी की ऊंचाई पर प्रवाहित होती है। यह उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र से अधिक बहती है। यह हिमालय के उत्तर में चलती है मोटे तौर पर तिब्बती हाइलैंड्स के समानांतर बहती है। तिब्बती हाइलैंड्स दो शाखाओं में पश्चिमी जेट धाराओं का विभाजन करता है अर्थात उत्तरी शाखा- तिब्बती हाइलैंड्स के उत्तर में और दक्षिणी शाखा- हिमालय के दक्षिण में। दक्षिणी शाखा का भारत में सर्दियों के मौसम पर महत्वपूर्ण प्रभाव है।

पश्चिमी जेट धारा के प्रभाव:

1. प्रवाह भारतीय उपमहाद्वीप तक पहुंचने के लिए भूमध्य क्षेत्र से पश्चिमी विक्षोभ में मदद करता है।

ii) यह सर्दियों की बारिश और उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में मूसलधार बारिश एवं पहाड़ी क्षेत्रों में कभी-कभी भारी बर्फबारी का कारण बनता है।

iii)  यह ठंडी हवाओ द्वारा अपनाए जाते है जो भारत के उत्तरी क्षेत्रों से टकराते है।

B) पूर्व जेट प्रवाह - यह पश्चिमी जेट प्रवाह में परिवर्तन करती है। यह गर्मियों के दौरान प्रवाहित होती है और 15 डिग्री अक्षांश के आसपास केंद्रित है। उत्पत्ति का कारण तिब्बत के पठार पर ऊपरी क्षोभ मंडलीय वातावरण का ताप है। जून में यह प्रायद्वीप के दक्षिणी भाग पर 90 किमी/घंटा की अधिकतम गति के साथ बहती है। अगस्त में यह 15 डिग्री अक्षांश और सितंबर में 22 डिग्री अक्षांश तक ही सीमित है।

पूर्व की जेट प्रवाह के प्रभाव:

i) यह भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों से बना है।

ii) इससे दक्षिण-पश्चिम मानसून के अचानक शुरू होने में मदद मिलती है।

iii) इन चक्रवातों के मार्ग सर्वाधिक वर्षा के क्षेत्र हैं।


Q. 168143 महोगनी, जामुन, बांस और ताड़ :


A.

उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन के प्रकार हैं।

B.

शंकुधारी वन के प्रकार हैं।

C.

आर्द्र सदाबहार वन के प्रकार हैं।

D.

ज्वारीय वन के प्रकार हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

आर्द्र क्षेत्र में, जहाँ वार्षिक वर्षा 200 सेंटीमीटर से अधिक होती है वहाँ उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वन बहुतायत होते हैं। यहाँ पाई जाने वाली प्रमुख प्रजातियाँ महोगनी, जामुन, बांस और ताड़ हैं।


Q. 168144 निम्न में से कौन सा प्रोजेक्ट टाइगर का उद्देश्य था:


A.

बाघों को मारना

B.

अवैध शिकार से बाघों को बचाना

C.

बाघों को चिड़ियाघर में रखना

D.

चिड़ियाघर पर फिल्में बनाना

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रोजेक्ट टाईगर 1973 से चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में बाघों की जनसंख्या का स्तर बनाए रखना है, जिससे वैज्ञानिक, सौन्दर्यात्मक सांस्कृतिक और पारिस्थितिक मूल्य बनाए रखे जा सकें।


Q. 168145 भारत में सबसे अधिक फूलों की विविधता :


A. हिमाचल प्रदेश में पाई जाती है।

B. शिवालिक में पाई जाती है।

C. उत्तराखंड में पाई जाती है।

D. उत्तर प्रदेश में पाई जाती है।

Right Answer is: C

SOLUTION

फूलों की सबसे अधिक विविधता राष्ट्रीय उद्यान पुष्प घाटी में पाई जाती है। यह उत्तराखंड राज्य में पश्चिम हिमालय में स्थित है।


Q. 168146 नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान :


A. 1982 में स्थापित किया गया था।

B. 1922 में स्थापित किया गया था।

C. 1985 में स्थापित किया गया था।

D. 2002 में स्थापित किया गया था।

Right Answer is: A

SOLUTION

नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान 1982 में स्थापित किया गया था। इसे 1988 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में चिह्नित किया गया।


Q. 168147 मानसून या उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन :


A.

50 से 100 सेंटीमीटर वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

B.

70 से 200 सेंटीमीटर वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

C.

100 से 200 सेंटीमीटर वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

D.

200 से 250 सेंटीमीटर वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन को मानसून वन भी कहा जाता है। ये वन उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहाँ वार्षिक वर्षा 70 से 200 सेंटीमीटर के बीच होती है। जल उपलब्धता के आधार पर इन वनों को आर्द्र और शुष्क पर्णपाती वनों में विभाजित किया जाता है।


Q. 168148 हिमालयी क्षेत्र के 1000 और 2000 मीटर के बीच :


A.

शंकुधर वन पाए जाते हैं।

B.

आर्द्र शीतोष्ण कटिबंधीय वन पाए जाते हैं।

C.

उष्ण कटिबंधीय वन पाए जाते हैं।

D.

चारागाह पाए जाते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

ऊँचाई बढ़ने के साथ हिमालय पर्वत श्रृंखला में उष्ण कटिबंधीय वनों से टुण्ड्रा में पाई जाने वाली प्राकृतिक वनस्पति पायी जाती है। हिमालय के गिरीपद पर पर्णपाती वन पाए जाते हैं। इसके बाद 1,000 से 2,000 मीटर की ऊँचाई पर आर्द्र शीतोष्ण कटिबंधीय प्रकार के वन पाए जाते हैं।


Q. 168149 बाँस -----------महत्त्वपूर्ण कच्चा माल है।


A.

माचिस के तीली के लिए

B.

पुस्तकों के लिए

C.

काग़़ज उद्योगों के लिए

D.

कालीन उद्योग के लिए

Right Answer is: C

SOLUTION

शहरों में मलिन बस्ती वालों के लिए भी बाँस घर बनाने का एक अति महत्त्वपूर्ण संसाधन है। बाँस को काग़़ज उद्योगों के लिए लंबे रेशे वाले कच्चा माल के रूप में प्रमुख माना जाता है।


Q. 168150 गढ़वाल और कुमाऊँ में पाए जाने वाले ओक वन :


A.

कॉफ़ी के पौधों द्वारा प्रतिस्थापित किए गए थे।

B.

चाय के पौधों द्वारा प्रतिस्थापित किए गए थे।

C.

चीड़ के पेड़ों द्वारा प्रतिस्थापित किए गए थे।

D.

गन्ना के पौधों द्वारा प्रतिस्थापित किए गए थे।

Right Answer is: C

SOLUTION

अंग्रेज, भारत में वनों की आर्थिक महत्ता को समझते थे और इसीलिए उन्होंने इनका बड़े पैमाने पर दोहन करना शुरू किया। इससे वनों की संरचना भी बदलती चली गई। गढ़वाल और कुमाऊँ में पाए जाने वाले ओक के स्थान पर चीड़ के पेड़ उगाए गए, जो रेल पटरी बिछाने के लिए आवश्यक थे।


Q. 168151 आर्द्र शीतोष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन :


A.

शिवालिक में पाए जाते हैं।

B.

पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढलानों में पाए जाते हैं।

C.

पश्चिमी घाट के पूर्वी ढलानों में पाए जाते हैं।

D.

छोटा नागपुर पठार में पाए जाते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

आर्द्र पर्णपाती वन उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहाँ वर्षा 100 से 200 सेंटीमीटर होती है। ये वन उत्तर-पूर्वी राज्यों और हिमालय के गिरीपद, पश्चिमी घाट के पूर्वी ढालों और ओडिशा में उगते हैं।


Q. 168152 पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक न्यूनतम वन :


A.

कुल भू-क्षेत्र का 60% है।

B.

कुल भू-क्षेत्र का 43% है।

C.

कुल भू-क्षेत्र का 33% है।

D.

कुल भू-क्षेत्र का 25% है।

Right Answer is: C

SOLUTION

देश में भौगोलिक क्षेत्र के वांछित 33 प्रतिशत की तुलना में वन क्षेत्र कहीं कम है जैसा यह राष्ट्रीय वन नीति (1952) में उल्लिखित किया गया था। इसे पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक माना गया था।


Q. 168153 वन एवं वन्य जीव संरक्षण के लिए, सरकार द्वारा वनों को कितनी श्रेणियों में वर्गीकृत किया है?


A.

दो श्रेणियों में

B.

तीन श्रेणियों में

C.

चार श्रेणियों में

D.

पांच श्रेणियों में

Right Answer is: B

SOLUTION

वन एवं वन्य जीव संरक्षण के लिए, सरकार द्वारा वनों को तीन श्रेणियों आरक्षित वन, सुरक्षित वन और अवर्गीकृत वन में वर्गीकृत किया गया है।


Q. 168154 -------- केशिका क्रिया को बढ़ावा देती है।


A.

वनों की कटाई

B.

अत्यधिक सिंचाई

C.

पानी की कमी

D.

फसल का चक्रीकरण

Right Answer is: B

SOLUTION

शुष्क जलवायु वाली दशाओं में अत्यधिक सिंचाई केशिका क्रिया को बढ़ावा देती है। इसके परिणामस्वरूप नमक ऊपर की ओर बढ़ता है और मृदा की सबसे ऊपरी परत में नमक जमा हो जाता है।


Q. 168155 शुष्क मृदाओं की संरचना :


A.

सामान्यतः दुमटी होती है।

B.

सामान्यतः मृण्मय होती है।

C.

सामान्यतः पांशु होती है।

D.

सामान्यतः बलुई होती है।

Right Answer is: D

SOLUTION

शुष्क मृदाओं का रंग लाल से लेकर भूरा तक होता है। ये सामान्यतः संरचना से बलुई और प्रकृति से लवणीय होती हैं।


Q. 168156 बहुत कम जलोढ़ मृदा क्षेत्र वाला राज्य :


A.

उत्तर प्रदेश है।

B.

उत्तरांखण्ड है।

C.

अरुणाचल प्रदेश है।

D.

गुजरात है।

Right Answer is: C

SOLUTION

अरुणाचल प्रदेश में लाल और पीली मृदा का उच्च संकेद्रण है।


Q. 168157 लाल मृदाएँ :


A.

नाइट्रोजन सामग्री में समृद्ध होती हैं।

B.

कार्बनिक सामग्री में समृद्ध होती हैं।

C.

फॉस्फोरिक एसिड में समृद्ध होती हैं।

D.

लौह सामग्री में समृद्ध होती हैं।

Right Answer is: D

SOLUTION

इस मृदा का लाल रंग रवेदार तथा कायांतरित चट्टानों में लोहे के व्यापक विसरण के कारण होता है। जलयोजित होने के कारण यह पीली दिखाई पड़ती है। इनमें सामान्यतः नाइट्रोजन, फ़ास्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है।


Q. 168158 पर्वतों की ऊपरी ढालों पर, वन मृदाएँ :


A.

मृण्मय

B.

पांशु

C.

दोमट

D.

मोटे कणों वाली होती हैं।

Right Answer is: D

SOLUTION

पर्वत पर्यावरण के आधार पर मृदाओं के गठन और उनकी संरचना में परिवर्तन होता रहता है। घाटियों में ये दुमटी और पांशु होती हैं तथा ऊपरी ढालों पर ये मोटे कणों वाली होती हैं।


Q. 168159 ------------ ढाल प्रवणता वाली भूमि का उपयोग कृषि के लिए नहीं होना चाहिए।


A. 5-7 प्रतिशत

B. 8-10 प्रतिशत

C. 10-12 प्रतिशत

D. 15-25 प्रतिशत

Right Answer is: C

SOLUTION

15 से 25 प्रतिशत ढाल प्रवणता वाली भूमि का उपयोग कृषि के लिए नहीं होना चाहिए। यदि ऐसी भूमि पर खेती करना जरूरी भी हो जाए तो इस पर सावधानी से सीढ़ीदार खेत बना लेने चाहिए।


Q. 168160 शुष्क एवं अर्ध शुष्क क्षेत्रों में कृषि के लिए अनुपयुक्त्त भूमि :


A.

परती भूमि में बदल दी जानी चाहिए।

B.

बंजर भूमि में बदल दी जानी चाहिए।

C.

चारागाहों में बदल दी जानी चाहिए।

D.

आवासीय क्षेत्र में बदल दी जानी चाहिए।

Right Answer is: C

SOLUTION

शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में कृषि योग्य भूमि पर बालू के टीलों के प्रसार को वृक्षों की रक्षक मेखला बनाकर तथा वन्य-कृषि करके रोकने के प्रयास करने चाहिए। कृषि के लिए अनुपयुक्त्त भूमि को चरागाहों में बदल देना चाहिए।


Q. 168161 समोच्च रेखीय सीढ़ीदार खेत बनाना मृदा अपरदन के संरक्षण की एक विधि है, जो :


A.

मरुस्थल क्षेत्र में अपनाई जाती है।

B.

मैदान क्षेत्रों में अपनाई जाती है।

C.

पहाड़ी क्षेत्रों में अपनाई जाती है।

D.

घाटियों में अपनाई जाती है।

Right Answer is: C

SOLUTION

मेढ़बंदी, समोच्च रेखीय सीढ़ीदार खेत बनाना, नियमित वानिकी, नियंत्रित चराई, आवरण फसलें उगाना, मिश्रित खेती तथा शस्यावर्तन आदि उपचार के कुछ ऐसे तरीके हैं जिनका उपयोग पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन को कम करने के लिए प्रायः किया जाता है।


Q. 168162 पीटमय मृदाएँ :


A.

तमिलनाडु में पाई जाती हैं।

B.

पंजाब में पाई जाती हैं।

C.

राजस्थान में पाई जाती हैं।

D.

गुजरात में पाई जाती हैं।

Right Answer is: A

SOLUTION

पीटमय मृदाएँ अधिकतर बिहार के उत्तरी भाग, उत्तराचंल के दक्षिणी भाग, पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों, ओडिशा और तमिलनाडु में पाई जाती हैं।


Q. 168163 पीटमय मृदाएँ :


A.

भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में विकसित होती हैं।

B.

कम वर्षा और शुष्कता वाले क्षेत्रों में विकसित होती हैं।

C.

मध्यम वर्षा वाले क्षेत्रों में विकसित होती हैं।

D.

सूखे और ठंड वाले क्षेत्रों में विकसित होती हैं।

Right Answer is: A

SOLUTION

पीटमय मृदाएँ भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता से युक्त उन क्षेत्रों में पाई जाती हैं जहाँ वनस्पति की वृद्धि अच्छी हो। अतः इन क्षेत्रों में मृत जैव पदार्थ बड़ी मात्रा में इकट्ठे हो जाते हैं, जो मृदा को ह्यूमस और पर्याप्त मात्रा में जैव तत्त्व प्रदान करते हैं।


Q. 168164 कंकड़ परत :


A.

बलुई मृदा में बनती है।

B.

शुष्क मृदा में बनती है।

C.

पीट मृदा में बनती है।

D.

लेटराइट मृदा में बनती है।

Right Answer is: B

SOLUTION

नाइट्रोजन अपर्याप्त और फ़ॉस्फेट सामान्य मात्रा में होती है। नीचे की ओर चूने की मात्रा के बढ़ते जाने के कारण निचले संस्तरों में कंकड़ो की परतें पाई जाती हैं। मृदा के तली संस्तर में कंकड़ों की परत के बनने के कारण पानी का रिसाव सीमित हो जाता है। इसलिए सिंचाई किए जाने पर इन मृदाओं में पौधों की सतत् वृद्धि के लिए नमी सदा उपलब्ध रहती है।


Q. 168165 काली मृदाएँ :


A.

सोडियम एवं पोटैशियम में समृद्ध होती हैं।

B.

चूने और लोहे में समृद्ध होती हैं।

C.

फास्फोरस और कैल्शियम में समृद्ध होती हैं।

D.

कैल्शियम और नाइट्रोजन में समृद्ध होती हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

काली मिट्टी एक परिपक्व मिट्टी है जो मुख्यतः दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार के लावा क्षेत्र में पायी जाती है। इसमें जीवांशों की कम मात्रा पायी जाती है, जबकि चूना, पोटाश, मैग्नीशियम, एल्यूमिना एवं लोहा पर्याप्त मात्रा में मिले रहते हैं।


Q. 168166 ऊसर मृदाएँ :


A.

अम्ल मृदा के रूप में जानी जाती हैं।

B.

जलोढ़ मृदा के रूप में जानी जाती हैं।

C.

लवण मृदा के रूप में जानी जाती हैं।

D.

काली मृदा के रूप में जानी जाती हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

लवण मृदाओं में सोडियम, पौटेशियम और मैग्नीशियम का अनुपात अधिक होता है। अतः ये अनुर्वर होती हैं और इनमें किसी भी प्रकार की वनस्पति नहीं उगती। मुख्य रूप से शुष्क जलवायु और खराब अपवाह के कारण इनमें लवणों की मात्रा बढ़ती जाती है। ऐसी मृदाओं को ऊसर मृदाएँ भी कहते हैं।


Q. 168167 सिंधु-गंगा मैदान के उपजाऊपन का कारण :


A.

हिमालय की नदियों द्वारा जमा की गई जलोढ़ मृदा है।

B.

भारी वर्षा है।

C.

बेहतर सिंचाई सुविधा है।

D.

मोटा वनस्पति आवरण है।

Right Answer is: A

SOLUTION

जलोढ़ मृदा निक्षेपित मृदा होती है जिन्हें नदियों और सरिताओं ने वाहित तथा निक्षेपित किया है।


Q. 168168 निम्नलिखित में से कौन-सा विश्व का सबसे बड़ा जलोढ़ डेल्टा है?


A.

डेल्टा

B.

नील नदी डेल्टा

C.

कार्बनिक डेल्टा

D.

गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा

Right Answer is: D

SOLUTION

गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा विश्व का सबसे बड़ा जलोढ़ डेल्टा है। बांग्लादेश में यह ग्रीन डेल्टा के रूप में जाना जाता है।


Q. 168169 मृदा संवंधित निम्नलिखित संगठनों का पूर्ण रूप लिखें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आई.सी.ए.आर - भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्

यू.एस.डी.ए -संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग


Q. 168170 लैटराइट मृदा भारत के किस क्षेत्र में सबसे अधिक पायी जाती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत के मालाबार तटीय प्रदेशों में लैटराइट मृदा सबसे अधिक पायी जाती है|


Q. 168171 आई सी ए आर के तहत भारत के दो सरकारी संगठनों का नाम बताएं जो मृदा को वर्गीकृत करने के लिए जिम्मेदार है ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आई.सी.ए.आर.) के तत्त्वाधान में राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण ब्यूरो तथा भूमि-उपयोग आयोजन एवं संस्थान ने भारत की मृदाओं को वर्गीकृत किया है |


Q. 168172 भारत में प्राचीन काल के दौरान मृदा के प्रमुख रूप से कितने भागो में वर्गीकृत किया गया था?

A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में प्राचीन काल के दौरान मृदा के दो मुख्य समूहों में बाँटा गया था:
1) उर्वरा
2) उसर


Q. 168173 किस प्रकार की मृदा में कार्बनिक पदार्थों की अधिकता होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

काली मृदा में कार्बनिक पदार्थों अधिक मात्रा में होती है|


Q. 168174 वन्य प्राणी अधिनियम के मुख्य उद्देश्यों पर टिप्पणी लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वन्य प्राणी अधिनियम 1972 में पारित  हुआ था जो वन्य प्राणियों के संरक्षण और रक्षण की कानूनी रूपरेखा तैयार करता है। अधिनियम के दो मुख्य उद्देश्य हैं सूचीबद्ध संकटापन्न प्रजातियों को सुरक्षा प्रदान करना तथा नेशनल पार्क, पशु विहार जैसे संरक्षित क्षेत्रों को कानूनी सहायता प्रदान करना। इस अधिनियम को 1991 में संशोधित कर दिया गया।


Q. 168175 प्रोजेक्ट टाइगर का संचालन कब से किया जा रहा है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रोजेक्ट टाइगर योजना 1973 से चलायी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में बाघों की जनसँख्या का स्तर बनाए रखना है।


Q. 168176 वन्यजीव अभयारण्य से आप का क्या आशय है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

इसमें प्रबंधन के माध्यम से मानव गतिविधियों से किसी क्षेत्र को संरक्षित कर दिया जाता है। अन्य शब्दों में वह स्थान जो सामान्यतः प्राकृतिक क्षेत्र में स्थित होता है को सरकारी या निजी एजेंसी द्वारा जानवरों की विशेष प्रजाति के संरक्षण के लिए आरक्षित कर दिया जाता है। व्यापक संदर्भ में ये संरक्षित क्षेत्र हैं और सीमित संदर्भ में इन्हें पक्षी अभयारण्य कहते हैं।


Q. 168177 पारिस्थितिकी दक्षता का वर्णन करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बायोमास में ऊर्जा की मात्रा का मापन जो एक पौष्टिकता स्तर द्वारा निर्मित है और अगले (उच्च) पौष्टिकता स्तर द्वारा उत्पादित बायोमास भी शामिल है इसे पारिस्थितिकी दक्षता कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, दूसरे के लिए एक पौष्टिकता स्तर से ऊर्जा के हस्तांतरण का प्रतिशत है जिसे पारिस्थितिकी दक्षता कहा जाता है।


Q. 168178 वनस्पतियों और जीव के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वनस्पतियों और जीव के बीच अंतर निम्नलिखित है:

वनस्पति

जीव

1. प्राकृतिक वनस्पति एक विशेष क्षेत्र में बढ़ती है इसे वनस्पति के रूप में जाना जाता है।

2. यह सौर ऊर्जा की मदद से अपना भोजन बनाती है।

3. यह जीवन के पहले ही फार्म पृथ्वी के कालानुक्रमिक इतिहास में पृथ्वी पर दिखाई दिये थे।

1. दुनिया के एक विशेष क्षेत्र में रहने वाले वन्य जीवो को जीव-जंतु कहा जाता है।

2. वे अपने स्वयं के भोजन नहीं बना सकते है इसलिए वे वनस्पतियों पर निर्भर हैं।

3. वे जीव-जंतुओं के बाद पृथ्वी पर विकसित हुए क्योकि वे जीव-जंतुओं पर निर्भर हैं।

 


Q. 168179 "भारत वनस्पतियों और जंतुओं की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध क्षेत्र है।" इस कथन को स्पष्ट करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत वनस्पतियों और जंतुओं की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है इसके निम्नलिखित कारण हैं -
1. भारत में जीव-जंतुओं की व्यापक विविधता का कारण यहाँ के उच्चावच, वर्षा और तापमान की व्यापक श्रेणियाँ हैं। यहाँ 47,000 से अधिक ज्ञात प्रजातियां पायी जाती हैं जिनमें कई लुप्तप्राय हैं।
2. देश के विभिन्न भौतिक विशेषताओं जैसे पहाड़, रेगिस्तान, पठार, नदियाँ, झीलों आदि के क्षेत्रों में वनस्पतियों की विविधताएँ देखी जा सकती है।
3. भारत में 90,000 वन्य प्रजातियां पायी जाती हैं। जिन्हें स्तनधारी - 390, मछलियाँ - 2,546, पक्षी - 2000, कीड़े - 60,000, सरीसृप - 456, घोंघे - 5000, उभयचर - 209 आदि में वर्गीकृत किया जा सकता है।


Q. 168180 वन्यजीव क्षेत्रों की कमी के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारण क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वन्यजीव क्षेत्रों की कमी के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारण निम्नलिखित हैं -
1. औद्योगिक और तकनीकी उन्नति से वन संसाधनों के दोहन में तेजी से वृद्धि की है। वनों का बहुत बड़ा हिस्सा कृषि भूमि, मानव बस्ती, सड़कों, खनन एवं जलाशयों के प्रयोजन हेतु साफ़ कर दिया गया।
2. घरेलू मवेशी चराई से वन्य जीवों और उनके निवास स्थान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
3. अभिजात वर्ग द्वारा शिकार को खेल के रूप में लिया गया और सैकड़ों जंगली जानवरों को एक ही शिकार में मार दिया जाता था।


Q. 168181 पारिस्थितिकीय प्रणाली, खाद्य श्रृंखला और खाद्य चक्र को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पारिस्थितिकीय प्रणाली: जैविक और अजैविक जीव के बीच एक आपसी और अन्योन्याश्रित संबंध।

खाद्य श्रृंखला: विभिन्न पौष्टिकता स्तरो के बीच ऊर्जा के स्थानांतरण खाद्य श्रृंखलाबी कहा जाता है उदा गुलाब का पौधा- एफिड्स - बीटल - गिर्गिट - हॉक।

खाद्यचक्र: एक पारिस्थितिकी तंत्र में कई अलग अलग खाद्यचक्र हैं और इनमें से बहुत से एक दूसरे से प्रतिकूल रूप से जुड़े हैं। अंत में सभी पौधे और जानवर पारिस्थितिकी तंत्र में इस जटिल खाद्यचक्र का हिस्सा हैं।


Q. 168182 प्रकाश संश्लेषण के महत्व की परख करे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसमे पौधों कुछ बैक्टीरिया और कुछ प्रोटेस्टेंट चीनी का उत्पादन करने के लिए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा का उपयोग करते है। जो कोशिकीय श्वसन को एटीपी में परिवर्तित कर देते है "ईंधन" का उपयोग सभी जीवित चीजों से किया जाता है। प्रयोग करने योग्य व्यर्थ सूर्य के प्रकाश ऊर्जा का रासायनिक ऊर्जा में रूपांतरण हरे रंग क्लोरोफिल के कार्य के साथ जुड़ा हुआ है। 6H2O + 6CO2 ----------> C6H12O6 + 6O2 यह प्रकाश संश्लेषण का रासायनिक समीकरण है।


Q. 168183 "भारत अत्यंत समृद्ध है और वनों की व्यापक विविधता भी है।" इस वक्तव्य की व्याख्या करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में वनस्पतियों और वन्य जीवजंतुओ की एक समृद्ध विविधता है, इसे निम्न तरीकों के माध्यम से समझाया जा सकता है:

1.  उच्चावच, वर्षा, तापमान आदि में अत्यधिक भिन्नता के कारण जीव-जंतुओं की जंगली किस्म से समृद्ध है। 89,457 वनस्पति की प्रजातियों के रूप में जाने जाते है इनमें से कई लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में हैं।

2. वनस्पतियों की विविधता को भारत के विभिन्न भागों में देखा जा सकता है जैसे कि पहाड़, रेगिस्तान, पठार, नदियाँ, झीलों आदि इन सभी जंगली जीव-जंतुओं में बदलाव होना चाहिए।

3. सभी प्रजातियों को वर्गीकृत किया जा सकता है:स्तनधारी - 390, मछलियाँ - 2546, पक्षी - 1232, कीड़े - 60000, सरीसृप - 456, घोंघे - 5,000, उभयचर - 209।


Q. 168184 कांटेदार जंगलों और सदाबहार जंगलों के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कांटेदार जंगल

सदाबहार जंगल

1. वर्षा: इस प्रकार के जंगलों में बारिश 70 सेमी और उससे भी कम होती हैं।

2. वनस्पति: बबूल, कीकर, पाम, कैक्टस और बबूल मुख्य पौधे हैं।

3. स्थान: गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और उत्तरप्रदेश के अर्द्ध शुष्क क्षेत्रों में पाए जाते है।

 

1. वर्षा: ये डेल्टाई क्षेत्र में विकसित जंगल है और वर्षा से इसका कोई सम्बन्ध नहीं है।

2. वनस्पति: सुंदरी के जंगलों के इस प्रकार के प्रमुख पेड़ है। दूसरे  कुकुरमुत्ता और कोरा हैं।

3. स्थान: वे गंगा, महानदी, कावेरी, कृष्णा और गोदावरी के डेल्टा में पाए जाते हैं।


Q. 168185 वनों के संरक्षण हेतु क्या कदम उठाये गये है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वन जीवन और पर्यावरण के बीच एक जटिल अंतर-संबंध है। ये हमारी अर्थव्यवस्था और समाज को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्रदान प्रदान करती है। इसलिए वनों का संरक्षण मानव जाति के अस्तित्व और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। संरक्षण नीति के आधार पर, निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

1. सामाजिक वानिकी का कार्यान्वयन जिसका अर्थ है वनों के प्रबंधन और संरक्षण और बंजर भूमि पर वनीकरण।

2. शहरी वानिकी स्थापना और सार्वजनिक और निजी भूमि पर पेड़ों के प्रबंधन से संबंधित है।

3. ग्रामीण वानिकी कृषि वानिकी और समुदायिक वानिकी पर जोर या विकास पर बल देता है

4. वनीकरण कई क्षेत्रों में किया जा रहा है।

5. घास के मैदानों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। तेजी से बढ़ने वाले पौधे लगाए जा रहे हैं।

6. वन-संवर्धन के सुधारात्मक तरीकों का अभ्यास किया जा रहा है। वनों के अधीन क्षेत्रों में वृद्धि की जा रही है।


Q. 168186 जीव मंडल आरक्षित क्षेत्र क्या होता है और उसका क्या उपयोग है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जीव मंडल आरक्षित क्षेत्र का आरम्भ यूनेस्को के 'मानव और जीव मंडल योजना' के तहत 1971 में किया गया था। जीव मंडल आरक्षित क्षेत्र के गठन का उद्देश्य सभी जीवों का संरक्षण करना है। यह निगरानी और प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र में परिवर्तन के मूल्यांकन के लिए एक परामर्श प्रणाली के रूप में काम आ सकते हैं।

जीव मंडल आरक्षित क्षेत्र  का उपयोग
1. जंतु एवं वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण।
2. इन दुर्लभ पौधों और जानवरों को उनके सभी प्राकृतिक गुणों के साथ भविष्य की पीढ़ी को स्थानांतरित करना।
3. आसपास के क्षेत्र वनस्पतियों और जंतुओं की उन्नति के लिए शोध कार्य के लिए आरक्षित होते हैं।


Q. 168187 उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन और उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उष्णकटिबंधीय सदाबहार

उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन

1. इन 200 सेमी से ऊपर वर्षा के क्षेत्रों में पाये जाते है।

2. पेड़ों अलग अलग समय अवधि में अपने पत्ते गिराते है ताकि वे पूरे समय सदाबहार दिख सके।  पेड़ो की लंबाई 60 मीटर की ऊंचाई तक होती हैं।

3. ये दुर्गम हैं इसलिए व्यावसायिक रूप से कम उपयोगी है। प्रजातियों की बड़ी संख्या पौधे और जानवर दोनों पाए जाते हैं

4. ये पश्चिमी घाट की ढलानों पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में पाए जाते हैं,

5. इन जंगलों में कुछ महत्वपूर्ण पेड़ आबनूस, महोगनी और शीशम हैं।

1. ये 70 सेमी से 200 सेमी वर्षा तक के क्षेत्रों में बढ़ते है।

2. इन जंगलों के पेड़ सूखी गर्मी के समय में अपने पत्ते गिराते है। इन पेड़ों की ऊंचाई बहुत अधिक नहीं होती हैं, यह 20 मीटर उँचे होते है।

3. ये वन अन्य वनो की तुलना में व्यावसायिक रूप से अधिक उपयोगी होते हैं।

प्रजातियों की कम संख्या इन जंगलों में पायी जाती हैं।

4. ये प्रायद्वीपीय पठार पश्चिमी घाट के पूर्वी ढलानों, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी भाग में पाए जाते हैं।

5. इन जंगलों के महत्वपूर्ण पेड़, साल शीशम, चंदन, खैर आदि हैं।


Q. 168188 भारत के मानचित्र पर निम्नलिखित को अंकित करो: 1. वर्षा वन। 2. उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन। 3. पर्वतीय जंगल। 4. मैंग्रोव वन। 5. उष्णकटिबंधीय कांटेदार जंगल।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 168189 मृदा अवकर्षण का कारण :


A.

वायु प्रदूषण है।

B.

मृदा अपरदन है।

C.

मृदा का जमाव है।

D.

वर्षा है।

Right Answer is: B

SOLUTION

मृदा अवकर्षण का कारण मृदा अपरदन है।


Q. 168190 सिंधु-गंगा मैदानों की मृदा की प्रमुख विशेषताएँ :


A.

यह तटीय क्षेत्र से प्राप्त होती है।

B.

यह ह्यूमस में समृद्ध है।

C.

यह प्रायद्वीपीय शैलों से निर्मित होती है।

D.

यह कपास उगाने के लिए समृद्ध है।

Right Answer is: B

SOLUTION

गंगा के मैदानी इलाकों की मृदा हिमालयी क्षेत्र से आ रही नदियों द्वारा निक्षेपित होती है और ह्यूमस में बहुत समृद्ध होती है।


Q. 168191 लाल मृदा में :


A.

नाइट्रोजनी पदार्थ की कमी होती है।

B.

लोहे की कमी होती है।

C.

लाल रंग की कमी होती है।

D.

जल की कमी होती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

लाल मिट्टी में नाइट्रोजन, जैविक और फॉस्फोरिक सामग्री की कमी होती है। यह मृदा कृषि के लिए उपजाऊ नहीं मानी जाती है।


Q. 168192 बीहड़:


A.

कश्मीर घाटी में बहुत विस्तृत हैं।

B.

चम्बल द्रोणी में बहुत विस्तृत हैं।

C.

गंगा के मैदानों में बहुत विस्तृत हैं।

D.

पश्चिमी घाटों में बहुत विस्तृत हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

जिस प्रदेश में बीहड़ अधिक संख्या में होते हैं, उसे उत्खात भूमि स्थलाकृति कहा जाता है। चंबल नदी की द्रोणी में बीहड़ बहुत विस्तृत है। इसके अतिरिक़्त ये तमिलनाडु और पश्चिमी बंगाल में भी पाए जाते हैं। देश की लगभग 8,000 हैक्टेयर भूमि प्रतिवर्ष बीहड़ में परिवर्तित हो जाती है।


Q. 168193 मृदा में लवणता की समस्या से निबटने के लिए कृषक :


A.

फ़ास्फोरस मिलाते हैं।

B.

नाइट्रोजन मिलाते हैं।

C.

जिप्सम मिलाते हैं।

D.

चूना मिलाते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

शुष्क जलवायु वाली दशाओं में अत्यधिक सिंचाई केशिका क्रिया को बढ़ावा देती है। इसके परिणामस्वरूप नमक ऊपर की ओर बढ़ता है और मृदा की सबसे ऊपरी परत में नमक जमा हो जाता है। इस प्रकार के क्षेत्रों में, विशेष रूप में पंजाब और हरियाणा में मृदा की लवणता की समस्या से निबटने के लिए जिप्सम डालने की सलाह दी जाती है।


Q. 168194 वन्य प्राणी अधिनियम :


A. 1964 में पास हुआ था।

B. 1972 में पास हुआ था।

C. 1980 में पास हुआ था।

D. 1999 में पास हुआ था।

Right Answer is: B

SOLUTION

वन्य प्राणी अधिनियमए 1972 में पास हुआ, जो वन्य प्राणियों के संरक्षण और रक्षण की कानूनी रूपरेखा तैयार करता है। उस अधिनियम के दो मुख्य उद्देश्य संकटापन्न प्रजातियों को सुरक्षा प्रदान करना तथा नेशनल पार्क, पशु विहार जैसे संरक्षित क्षेत्रों को कानूनी सहायता प्रदान करना है।


Q. 168195 फार्म वानिकी :


A.

शहरी वानिकी का एक भाग है।

B.

ग्रामीण वानिकी का एक भाग है।

C.

सामाजिक वानिकी का एक भाग है।

D.

व्यावसायिक वानिकी का एक भाग है।

Right Answer is: C

SOLUTION

सामाजिक वानिकी का अर्थ है पर्यावरणीय, सामाजिक व ग्रामीण विकास में मदद के उद्देश्य से वनों का प्रबंध और सुरक्षा तथा ऊसर भूमि पर वनरोपण। राष्ट्रीय कृषि आयोग (1976-79) ने सामाजिक वानिकी को तीन वर्गों शहरी वानिकी, ग्रामीण वानिकी और फार्म वानिकी में बाँटा है।  


Q. 168196 नीलगिरी में शीतोष्ण कटिबंधीय वन :


A.

अनूप वन कहे जाते हैं।

B.

शोलास के नाम से जाने जाते हैं।

C.

हुर्रा के नाम से जाने जाते हैं।

D.

मैकाल के नाम से जाने जाते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

नीलगिरी, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों पर पाए जाने वाले शीतोष्ण कटिबंधीय वनों को ‘शोलास’ के नाम से जाना जाता हैं।


Q. 168197 उष्ण कटिबंधीय कांटेदार वन में वृक्षों के नीचे उगने वाली गुच्छ घास की ऊँचाई :


A.

लगभग 2 मीटर होती है।

B.

लगभग 6 मीटर होती है।

C.

लगभग 8 मीटर होती है।

D.

लगभग 10 मीटर होती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

उष्ण कटिबंधीय कांटेदार वन में वृक्षों के नीचे उगने वाली गुच्छ घास की ऊँचाई 2 मीटर तक होती है|


Q. 168198 राजस्थान के पश्चिमी और दक्षिणी भागों में कम वर्षा और ..............प्राकृतिक वनस्पति बहुत विरल है।


A.

अत्यधिक जनसँख्या के कारण

B.

अत्यधिक सिंचाई के कारण

C.

वनों की कटाई के कारण

D.

अत्यधिक पशु चारण के कारण

Right Answer is: D

SOLUTION

राजस्थान के पश्चिमी और दक्षिणी भागों में कम वर्षा और अत्यधिक पशु चारण के कारण प्राकृतिक वनस्पति बहुत विरल है।


Q. 168199 आर्द्र सदाबहार वन :


A.

दक्षिणी सहयाद्रि में पाए जाते हैं।

B.

शिवालिक में पाए जाते हैं।

C.

शिलांग पठार में पाए जाते हैं।

D.

कश्मीर घाटी में पाए जाते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

आर्द्र सदाबहार वन महाराष्ट्र, दक्षिण में कर्नाटक, तमिलनाडु तथा केरल में, बंगाल की खाड़ी में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और पश्चिम बंगाल के उप-पर्वत खंड सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में पाए जाते हैं। ये वन भारत के 10 भौगोलिक क्षेत्रों में से 4 में फैले हुए हैं।


Q. 168200 चंदन वन :


A.

सदाबहार वन के एक उदाहरण हैं।

B.

पर्णपाती वन के एक उदाहरण हैं।

C.

डेल्टाई वन के एक उदाहरण हैं।

D.

काँटेदार वन के एक उदाहरण हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

आर्द्र पर्णपाती वन उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहाँ वर्षा 100 से 200 सेंटीमीटर होती है। ये वन उत्तर-पूर्वी राज्यों और हिमालय के गिरीपद, पश्चिमी घाट के पूर्वी ढालों और ओडिशा में उगते हैं। सागवान, साल, शीशम, हुर्रा, महुआ, आँवला, सेमल, कुसुम और चंदन आदि जैसी प्रजातियों के वृक्ष इन वनों में पाए जाते हैं।


PreviousNext