CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 168401 भूकंप जैसी आपदाओं से निपटान के कुछ उपाए बताईये?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूकंप अचानक घटित होता है, इसमें जान-माल का सबसे ज्यादा नुकसान होता है| इससे निपटने के निम्न उपाए हैं:
i. भूकंप नियंत्रण केन्द्रों की स्थापना
ii. भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लोगो में इसके प्रति जागरूकता|
iii. भूकंप प्रभावित क्षेत्रो में घर तथा दुकानों की डिज़ाइन में सुधार लाना |


Q. 168402 प्राकृतिक आपदाओं में से किन्ही दो प्रकार की आपदाओं का उल्लेख कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्राकृतिक आपदा भिन्न भिन्न प्रकार की होती है|
इनमे से दो मुख्य आपदा है:
i. वायुमंडलीय आपदा: सूखा, करकपात, उष्ण कटिबंधीय तूफान
ii. भौमिक : भूस्खलन, ज्वालामुखी, मृदा अपरदन


Q. 168403 मनुष्य के विकाशात्मक गतिविधियों के कारण होने वाले आपदाओ का नाम बताईये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बहुत से ऐसी आपदाएं हैं जिनका मुख्य कारण प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से मानव ही है:
i. भोपाल गैस त्रासदी
ii. चेरनोबिल
नाभिकीय आपदा


Q. 168404 भारत के उत्तरी क्षेत्र तथा हिमालय में अधिक मात्रा में भूकंप क्यों आते है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत के उत्तरी क्षेत्र तथा हिमालय पृथ्वी के अभिसरित परिसीमा में स्थित है| इस स्थान की विशेषता यह है की यहाँ दो प्लेट(भारतीय एवं यूरेशियन प्लेट) एक दूसरे के करीब आने के कारण एक दूसरे से टकराती है; जोकि भूकंप जैसे आपदा के लिए शक्ति संचालक के रूप में काम करती है| इसी कारण के भारत के उत्तरी क्षेत्र एवं हिमालय को ज्यादातर भूकंप के झटके महसूस होते हैं|


Q. 168405 सूखा की स्थिति किसे कहते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी भी क्षेत्र में जब एक लंबे समय तक कम वर्षा, अत्यधिक वाष्पीकरण और जलाशयों तथा

भूमिगत जल के अत्यधिक प्रयोग कारण से भूतल पर जल की कमी हो जाए, उस परिस्थिति को सूखा कहा जाता है| इस परिघटन में कई मौसम विज्ञान संबंधी तत्व जैसे वाष्पोत्सर्जन, भौम जल, मृदा में नमी, वाष्पीकरण, कृषि पद्धतियां, जल भंडारों की आपूर्ति, उगाये जाने वाली फ़सल, सामाजिक तथा आर्थिक गतिविधियाँ आदि शामिल हैं| यह मुख्यतः चार प्रकार के होते है|

  • मौसम विज्ञान संबंधी सूखा
  • कृषि सूखा
  • जल विज्ञान संबंधी सूखा
  • पारिस्थितिक सूखा


Q. 168406 किसी भी देश में आपदाओं को प्रभावित करने वाले कारको बारे में संक्षिप्त में लिखो।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आपदाओ को प्रभाबित करने वाले कारक कुछ इस प्रकार है।

1. किसी भी क्षेत्र के ऐतिहासिक और सामाजिक स्थिति के साथ उसके के आर्थिक विकास या एक क्षेत्र का स्तर आपदा के जोखिम को प्रभावित करता है।

2. आपदाओं की तीव्रता किसी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति पर भी निर्भर करता है।


Q. 168407 प्राकृतिक आपदा किसे कहते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्राकृतिक आपदा उन अप्रेक्षित घटनाओ को कहा जाता है जिनके घटित होने में कुछ ऐसे ताकतें होती हैं जो मनुष्य के नियंत्रण में नही होती| जैसेकि चक्रबात, सुनामी, सूखा व अकाल, बाढ़ आदि| इन की बजह से भरी मात्रा में जान माल का नुकसान होता है क्योंकि यह थोड़े से समय में बिना चेतावनी के घटित होती हैं|


Q. 168408 उष्ण कटिबंधीय तूफान की उत्पत्ति के लिए कौन-सी परिस्थितियाँ अनुकूल हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक चक्रवात के गठन के लिए निमालिखित परिस्थितियां जरुरी हैं|
i. गर्म
और नम हवा की अधिक मात्र में सतत आपूर्ती
ii. शक्तिशाली कोरिओली का वल
iii. क्षोभ मंडल में होने वाली वायुमंडलीय अस्थिरता
iv. वायु का निम्न दाव


Q. 168409 भूस्खलन की आपदा को कम करने के लिए किये जाने वाले कुछ जरुरी प्रयासों का वर्णन कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूस्खलन की आपदा को कम करने के लिए, निम्नलिखित प्रयास किये जाने चाहिए:

1. पहाड़ों की ढलानों बृक्ष रोपण करना चाहिए।

2. पहाड़ों की ढलानों पर सड़कों का निर्माण नहीं किया जाना चाहिए।

3. पहाड़ों की ढलानों पर भवनों का निर्माण नहीं किया जाना चाहिए।


Q. 168410 भारत के नक़्शे पर उष्णकटिबंधीय चक्रवात संभावित क्षेत्रों को दर्शायें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 168411

सुनामी को परिभाषित करें एवं उनके कारणों को दर्शायें <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूकंप और ज्वालामुखी की बजह से महासागरीय धरातल में अचानक हलचल पैदा होती है | जिसके कारण महासागरीय जल अचानक विस्थापित हो कर ऊध्र्वाधर ऊँची तरंगें पैदा करता हैं| इन्ही लहरोँ को सुनामी अथवा भूकंपीय समुद्री लहरें कहा जाता है। सुनामी शब्द की उत्पत्ति दो जापानी शब्द सु” (बंदरगाह) एवं नामी” (लहर) हुई है|

सुनामी के कारण:

समुद्र में स्थित धरतलिय जल का अचानक विस्थापन निम्नलिखित कारणों से होता है:

  1. भूकंपीय गतिविधि
  2. अन्त: समुद्री भूस्खलन
  3. ब्रह्मांडीय प्रभाब

भूकंपीय गतिविधि: यह सुनामी के सब से आम कारण है| उभय अन्त: समुद्री विवर्तन तथा प्रविष्ठन क्रिया कलाप समुद्री जल में तीब्र हलचल उत्त्पन्न करती हैं, जिसके कारण उर्ध्वाधर ऊँची तरंगें पैदा होती है|

अन्त: समुद्री भूस्खलन: समुद्र में होने वाले ज्वालामुखी विस्फोट अन्त: समुद्री भूस्खलन का मुख्य कारण है जिसके समुद्री तल के अवसादी चट्टान टूटती है एवं इसके प्रभाव से समुद्री जल का विस्थापन शुरू होता है | इसलिए यह सुनामी का दूसरा मुख्य कारण है |

ब्रह्मांडीय प्रभाब : कभी कभी बड़े आकर के उल्का भी सुनामी का कारण हो सकते है| जब कोई बड़े आकार का उल्का समुद्र में गिर जाता है, तो समुद्री जल का विस्थापन होता है और सुनामी की उत्पत्ति होती है|


Q. 168412 भारत में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करें और इस आपदा के निवारण के कुछ उपाय बताएँ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्र इस प्रकार से हैं:

1. हिमालय और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

2. पश्चिमी घाट और नीलगिरी पहाड़ियों की ढलान तथा उच्च वर्षा क्षेत्र

3. उत्तर पूर्वी क्षेत्र

4. खनन एवं अवतलन के कारण, झारखंड, ओड़िसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, आदि राज्य

अधिकतर क्षेत्रों में भूस्खलन स्थानीय कारकों द्वारा प्रभावित होते हैं जिनके निपटन के लिए क्षेत्र विशेष उपायों का प्रयोग किया जाता है| इनमे से कुछ उपाए निम्नलिखित है:
i. इन क्षेत्रों में सड़क एवं बांध आदि का निर्माण वर्जित है|
ii. घाटियों और मध्यम ढलानों के क्षेत्रों में कृषि कार्य भी सिमित है|
iii. इन क्षेत्रो में सीढ़ीदार खेती को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए|


Q. 168413 भारत के नक्शे पर, भूकंप के आशंका वाले क्षेत्रों को चिन्हित कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 168414 स्थलाकृतिक मानचित्र:


A.

उच्चावच एवं अपवाह को दर्शाता है।

B.

बस्तियों को दर्शाता है।

C.

संचार के साधनों को दर्शाता है।

D.

उपरोक्त सभी

Right Answer is: D

SOLUTION

स्थलाकृतिक मानचित्र बृहत् मापनी मानचित्र होते हैं जिनका उपयगो स्थलाकृतिक विवरण को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है। इन मानचित्रों में उच्चावच, अपवाह, कृषि-भूमि, वन, बस्ती, परिवहन के साधन, स्कूलों की स्थिति, डाकघरों तथा अन्य सेवाओं एवं सुविधाओं को दर्शाने के लिए समान रंगों तथा प्रतीकों का प्रयोग किया जाता है।


Q. 168415 भूसंपत्ति मानचित्र और स्थलाकृतिक मानचित्र :


A.

लघुमान मानचित्र होते हैं।

B.

बृहत् मापनी मानचित्र होते हैं।

C.

अति लघुमान मानचित्र होते हैं।

D.

मध्यम मापनी मानचित्र होते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

भूसंपत्ति मानचित्र और स्थलाकृतिक मानचित्र बृहत् मापनी मानचित्र होते हैं। बृहत मापनी मानचित्रों में छोटे क्षेत्रों को अपेक्षाकृत बृहत मापनी के द्वारा दिखाया जाता है। बृहत् मापनी मानचित्रों को 1:50,000 या अधिक मापनी पर व्यक्त किया जाता है।


Q. 168416 भित्ति मानचित्र और एटलस मानचित्र :


A.

लघु मापनी मानचित्र होते हैं।

B.

बृहत् मापनी मानचित्र होते हैं।

C.

मध्यम मापनी मानचित्र होते हैं।

D.

अति बृहत् मापनी मानचित्र होते हैं।

Right Answer is: A

SOLUTION

भित्ति मानचित्र और एटलस मानचित्र लघु मापनी मानचित्र होते हैं। ये मानचित्र बृहत् क्षेत्र जैसे पूरे देश को प्रदर्शित करते हैं। ये कम विस्तार को प्रदर्शित करते हैं। लघु मापनी मानचित्र में 1:250,000 से छोटी मापनी पर व्यक्त किया जाता है।


Q. 168417 सर्वे ऑफ़ इंडिया की स्थापना:


A.

1867 में की गई थी।

B.

1667 में की गई थी।

C.

1767 में की गई थी।

D.

1761 में की गई थी।

Right Answer is: C

SOLUTION

पूरे देश के तत्कालीन मानचित्रों को बनाने के लिए 1767 में सर्वे ऑफ इंडिया की स्थापना की गई। सर्वे ऑफ़ इंडिया विभिन्न मापनियों के आधार पर पूरे देश का मानचित्र तैयार करता है।


Q. 168418 प्राचीन भारतीय विद्वानों द्वारा सम्पूर्ण विश्व:


A.

5 द्वीपों में बाँटा गया।

B.

6 द्वीपों में बाँटा गया।

C.

7 द्वीपों में बाँटा गया।

D.

3 द्वीपों में बाँटा गया।

Right Answer is: C

SOLUTION

प्राचीन भारतीय विद्वानों द्वारा सम्पूर्ण विश्व को 7 द्वीपों में बाँटा गया। जम्बू द्वीप के आसपास 6 द्वीप थे- प्लक्ष, शाल्मली, कुश, क्रौंच, शाक एवं पुष्कर। जम्बू द्वीप धरती के मध्य में स्थित है और इसके मध्य में इलावृत नामक देश है। इस इलावृत के मध्य में स्थित है सुमेरू पर्वत।


Q. 168419 भारत में मानचित्र बनाने के कार्य का आरम्भ :


A.

मध्यकाल में हुआ था।

B.

वैदिक काल में हुआ था।

C.

अशोक के शासनकाल में हुआ था।

D.

आधुनिक काल में हुआ था।

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत में मानचित्र बनाने का कार्य वैदिक काल में शुरू हो गया था, जब खगोलीय यथार्थता एवं ब्रह्मांडिकी रहस्योद्घाटन के प्रयत्न किए गए थे। आर्यभट्ट, वाराहमिहिर तथा भास्कर आदि के पौराणिक ग्रंथों में इन अभिव्यक्तियों को सिद्धांत या नियम के निश्चित रूप में दिखाया गया था।


Q. 168420 19वीं एवं 20वीं शताब्दी में ------के उपयोग ने मानचित्र बनाने के कार्य को और भी अधिक तेज़ कर दिया।


A.

मानचित्रकला

B.

वायव फोटोग्राफ़ी

C.

ज्यामिती

D.

उपरोक्त में से कोई नहीं।

Right Answer is: B

SOLUTION

वायव फोटोग्राफ़ी सूदूर संवेदन का एक हिस्सा है। इस तकनीक में पृथ्वी की तस्वीरें विमान कैमरा द्वारा ली जाती हैं जो तस्वीर लिए जाने वाले क्षेत्र के ऊपर उड़ता है। इससे सतह पर होने वाले सर्वेक्षणों के तरीकों को सहयोग मिला।


Q. 168421 आधुनिक मानचित्रकला की नींव :


A.

यूनानियों द्वारा रखी गई।

B.

अरबों द्वारा रखी गई।

C.

यूनानियों और अरबों द्वारा रखी गई।

D.

रोमनों द्वारा रखी गई।

Right Answer is: C

SOLUTION

यूनानी और अरब, विद्वान काफी कुशल गणितज्ञ थे जो उन्हें अच्छा मानचित्र निर्माता बनाता था। पृथ्वी की परिधि की माप तथा मानचित्र बनाने में भौगोलिक निर्देशांक की पद्धति के उपयोग जैसे कुछ महत्त्वपूर्ण योगदान यूनानी एवं अरब भूगोलविदों द्वारा दिए गए।


Q. 168422 सबसे प्राचीन मानचित्र :


A.

हड़प्पा और मोहनजोदड़ो में पाए गए थे।

B.

मेसोपोटामिया में पाए गए थे।

C.

हुआंग हो घाटी में पाए गए थे।

D.

सिंध में पाए गए थे।

Right Answer is: B

SOLUTION

सबसे प्राचीन मानचित्र मेसोपोटामिया में पाए गए थे। यह चीनी मिट्टी की टिकिया पर बनाए गए थे जिसे 2,500 ईसा पूर्व का माना जाता है।


Q. 168423 एक गोलाकार सतह को, समतल सतह पर दर्शाने की प्रणाली:


A.

मानचित्र कहलाती है।

B.

मानचित्र प्रक्षेप कहलाती है।

C.

मानचित्र परिवर्तन कहलाती है।

D.

मानचित्र निर्माण कहलाती है।

Right Answer is: B

SOLUTION

मानचित्र प्रक्षेप एक समतल सतह पर अक्षांश और देशांतर की रेखाजाल स्थानांतरित करने की विधि है। इस प्रकार के मूलज परिवर्तन के कारण जीऑयड के वास्तविक स्वरूप की दिशाओं, दूरियों, क्षेत्रों तथा आकारों में अपरिहार्य परिवर्तन होते हैं।


Q. 168424 मानचित्र बनाने की कला एवं विज्ञान:


A.

गणितीय भूगोल है।

B.

खगोल विज्ञान है।

C.

मानचित्रकला है।

D.

भू-आकृति विज्ञान है।

Right Answer is: C

SOLUTION

मानचित्रकला भूगोल की एक प्राचीन शाखा है। यह मानचित्र, चार्ट, खाका तथा अन्य प्रकार के ग्राफ़ बनाने की कला, विज्ञान तथा तकनीक और उनका अध्ययन तथा उपयोग है।


Q. 168425 प्रधान दिग्बिंदु :


A.

भू नियंत्रण दिग्बिंदु होते हैं।

B.

उत्तर, दक्षिण, पूर्व एवं पश्चिम होते हैं।

C.

मानचित्र पर कोई दिग्बिंदु होते हैं।

D.

ग्लोब पर कोई दिग्बिंदु होते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

सामान्यतः चार दिशाएँ उत्तर, दक्षिण, पूर्व एवं पश्चिम मानी जाती हैं। इन्हें प्रधान दिग्बिंदु कहा जाता है। प्रधान दिग्बिंदुओं के बीच कई अन्य मध्यवर्ती दिशाएँ होती हैं।


Q. 168426 भूसंपत्ति मानचित्र:


A.

उच्चावच आकृतियों को प्रदर्शित करता है।

B.

संपत्ति की सीमाओं को प्रदर्शित करता है।

C.

सम्पूर्ण विश्व को प्रदर्शित करता है।

D.

संचार के साधन को प्रदर्शित करता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

भूसंपत्ति मानचित्र कृषित भूमि की सीमाओं का निर्धारण कर तथा नगरों में निजी मकानों की योजना को दर्शाकर उनके स्वामित्व को दर्शाने के लिए बनाया जाता है। ये मानचित्र सरकार द्वारा विशेष रूप से भूमिकर, लगान की वसूली एवं स्वामित्व का रिकॉर्ड रखने के लिए बनाए जाते हैं।


Q. 168427 भूसंपत्ति मानचित्र:


A.

लघु मापनी मानचित्र होते हैं।

B.

बृहत् मापनी मानचित्र होते हैं।

C.

अति लघु मापनी मानचित्र होते हैं।

D.

उपरोक्त में से कोई नहीं होते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

भूसंपत्ति मानचित्र बृहत मापनी पर बनाए जाते हैं, जैसे- गाँवों का भूसंपत्ति मानचित्र 1 : 4, 000 की मापनी पर तथा नगरों का मानचित्र 1: 2, 000 और इससे अधिक मापनी पर बनाए जाते हैं।    


Q. 168428 मानचित्र:


A.

बढे हुए पैमाने पर बनाए जाते हैं।

B.

एक ही पैमाने पर बनाए जाते हैं।

C.

लघुमान पैमाने पर बनाए जाते हैं।

D.

किसी पैमाने पर नहीं बनाए जाते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

पृथ्वी की सभी आकृतियों को उनके सही आकार एवं प्रकार में दिखाना असंभव है, इसलिए मानचित्र को मापनी के आधार पर घटाकर बनाया जाता है। मानचित्रों को मापनी तथा प्रक्षेप के आधार पर बनाया जाता है ताकि कागज का प्रत्येक बिंदु स्थल की वास्तविक स्थिति के तदनुरूपी हो।


Q. 168429 कृषित भूमि की सीमाओं का निर्धारण कर उनके स्वामित्व को दर्शाने के लिए:


A.

स्थलाकृतिक मानचित्र को बनाया जाता है।

B.

भूसंपत्ति मानचित्र को बनाया जाता है।

C.

भित्ति मानचित्र को बनाया जाता है।

D.

एटलस मानचित्र को बनाया जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

भूसंपत्ति मानचित्र शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के ‘कैडेस्त्रे ’ शब्द से हुई है, जिसका अर्थ क्षेत्रीय संपत्ति की पंजिका होता है। इन मानचित्रों को कृषित भूमि की सीमाओं का निर्धारण कर तथा नगरों में निजी मकानों की योजना को दर्शा कर उन के स्वामित्व को दर्शाने के लिए बनाया जाता है। ये मानचित्र सरकार द्वारा विशेष रूप से भूमिकर, लगान की वसूली एवं स्वामित्व का रिकॉर्ड रखने के लिए बनाए जाते हैं।


Q. 168430 सम्पूर्ण पृथ्वी या उसके किसी एक भाग का सामान्य प्रदर्शन :


A.

ग्लोब कहा जाता है।

B.

मानचित्र कहा जाता है।

C.

चार्ट कहा जाता है।

D.

मापनी कहा जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

किसी मापनी से लघुकृत हुए आयामों के आधार पर संपूर्ण पृथ्वी या उसके किसी भाग के चयनित, संकेतात्मक तथा सामान्य प्रदर्शन को मानचित्र कहा जाता है।


Q. 168431 पृथ्वी के आकार का सही प्रतिनिधित्व :


A.

मानचित्र करता है।

B.

पृथ्वी का चित्र करता है।

C.

ग्लोब करता है।

D.

प्रक्षेपण करता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

ग्लोब पृथ्वी का सबसे अच्छा नमूना है। यह पृथ्वी के सबसे सटीक आकार को प्रदर्शित करता है। ग्लोब के इस गुण के कारण महाद्वीपों की आकृति एवं आकार इस पर सही प्रदर्शित किए जाते हैं। यह दिशा एवं दूरी को बहुत सटीक प्रदर्शित करता है।


Q. 168432 मानचित्र पर दी गई दूरी तथा वास्तविक दूरी के बीच का अनुपात:


A.

प्रक्षेपण कहलाता है।

B.

पैमाना कहलाता है।

C.

आख्यान कहलाता है।

D.

व्यापकीकरण कहलाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

मानचित्र पर दी गई दूरी तथा वास्तविक दूरी के बीच का अनुपात पैमाना कहलाता है।


Q. 168433 मानचित्र का व्यापकीकरण :


A.

मापनी, स्वरुप एवं उद्देश्य की उचित विशिष्टताओं का सामान्य प्रदर्शन है।

B.

क्षेत्र एवं आकार की उचित विशिष्टताओं का सामान्य प्रदर्शन है।

C.

मापनी एवं आकार की उचित विशिष्टताओं का सामान्य प्रदर्शन है।

D.

उपरोक्त सभी है।

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रत्येक मानचित्र एक निश्चित उद्देश्य के साथ बनाया जाता है। इसलिए यह आवश्यक है कि मानचित्र के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उसकी विषयवस्तु को सावधानीपूर्वक नियोजित किया जाए। ऐसा करते समय, एक मानचित्राकार को चुनी गई विषयवस्तु से संबंधित सूचनाओं को एकत्रित करके आवश्यकतानुसार उसे सरल करता है। 


Q. 168434 1: 500,000 निरूपक भिन्न को एक साधारण प्रकथन में परिवर्तित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्टेप 1:  दोनों पक्षों को व्यक्त करने के लिए एक ही इकाई का उपयोग जाता है

 1 सेमी = 500.000 सेमी

चरण 2:  500,000 सेमी का मीटर में परिवर्तन

1 सेमी = 1 100 मीटर

500,000 सेमी = 500,000 100 किमी

= 5000 मी

इसलिए 1 सेमी पैमाना 5000 मीटर को दर्शाता है या 1 सेमी 5 किमी को दर्शाता है


Q. 168435 एक रैखिक पैमाने से 5 किमी को 4 सेमी से दर्शाइए और पैमाने पर 6 किमी की दूरी को चिह्नित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चरण 1: 4 सेमी मानचित्र पर 5 किमी जमीन को दर्शाता है

  1 सेमी =   5 4 किमी जमीन पर

या फिर 1 सेमी = 1.25 किमी

चरण 2:  चूकि 1 सेमी 1.25 किमी को दर्शाता है। रैखिक पैमाने की लंबाई को दिखाने की जरूरत 6 किमी (6x1.25)   या 7.5 सेमी हो जाएगा।

चरण 3: 8 सेमी लंबाई की रेखा खींचिए, 1 सेमी के अंतराल पर लाइन के निशान लगाइए, और इसे किमी दूरी में लिखें।


Q. 168436 दो स्थानो के बीच जमीन दूरी 3750 मीटर है और मानचित्र पर यह दूरी 3.75 सेमी है। निरूपक भिन्न और मानचित्र के पैमाने का कथन लिखें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निरूपक भिन्न की गणना निम्नलिखित चरणों का उपयोग कर की जा सकती है:

3750 मीटर = (3750 x 100) सेमी

निरूपक भिन्न = मानचित्र दूरी स्थान की दूरी

= 3.75 3750 X 100

= 375 3750 x 10000

= 1 100, 000

निरूपक भिन्न है 1: 100000

पैमाने के वक्तव्य:

1 सेमी 100,000/100,000 (1 किमी=100,000 सेमी) को दर्शाता है

1 सेमी 1 किमी को दर्शाता है


Q. 168437 माप की प्रणाली का उपयोग निम्न तालिका को पूरा करें 1 मिलीमीटर = _______ मीटर __________ = 100.000 सेंटीमीटर __________ = 5280 फीट 220 गज की दूरी = ________ 1 इंच = _________ सेंटीमीटर 1 मील = __________ किमी
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1 मिलीमीटर = 1/1000 मीटर

1 किलोमीटर = 100.000 सेंटीमीटर

1 मील = 5280 फीट

220 गज = 1 फर्लांग

1 इंच = 2.54 सेंटीमीटर

1 मील = 1.61 किमी


Q. 168438 पर्वतस्कंध क्या हैं? उसे समोच्च रेखा और एक अनुप्रस्थ परिच्छेद के द्वारा समझायें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पर्वतस्कंध: पर्वत शृंखलाओं से घाटी की ओर की झुकी हुई उत्तल ढाल वाली आकृति को स्पर या पर्वतस्कंध कहा जाता है। इसे यू आकार की समोच्च रेखा के  द्वारा दर्शाया जाता है, लेकिन विपरीत तरीके से। V के दोनों किनारे ऊँचाई वाले भाग को दिखाते हैं तथा इसकी चोटी निचले हिस्से को।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/10/20121010832132001349849370138oct.jpg


Q. 168439 ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज अंतराल के बीच क्या अंतर हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्ध्वाधर अंतराल: दो उत्तरोत्तर समोच्च रेखाओं के बीच का अंतर हैं इसे समोच्चरेखीय अंतराल भी कहते हैं। यह प्रायः अंग्रेजी के अक्षरों द्वारा लिखा जाता है। किसी भी मानचित्र पर प्रायः इसका मान स्थिर होता है।

क्षैतिज अंतराल: लगातार दो उत्तरोत्तर समोच्च रेखाओं के बीच क्षैतिज दूरी को क्षैतिज अंतराल कहते है।


Q. 168440 सतह के स्थलाकृतियों के अध्ययन के लिए किन-किन विधियों का प्रयोग किया जाता हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वर्षों से मानचित्रों पर उच्चावच लक्षण प्रदर्शित करने के लिए अनेक विधियों का उपयोग होता रहा है। ये विधियाँ हैं: हैश्यूर, पहाड़ी छायांकन, स्तर आभा, बेंच मार्क, स्थानिक ऊँचाई तथा समोच्च रेखाएँ। परंतु सभी स्थलाकृतिक मानचित्रों पर किसी क्षेत्र के उच्चावच को दिखाने के लिए समोच्च रेखा एवं स्थानिक ऊँचाइयों का सर्वाधिक उपयोग किया जाता है।


Q. 168441 स्थलाकृतिक मानचित्र के द्वारा किसी भी क्षेत्र के लोगों के व्यवसाय को हम कैसे जान सकते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी भी स्थान के लोगों के व्यवसाय को हम उस क्षेत्र की भूमि उपयोग एवं वस्तियों के प्रकार के द्वारा जान सकते हैं| उदाहारण के लिए, ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतर लोगों का मुख्य पेशा कृषि होता हैं| आदिवासी क्षेत्र में लकड़ी काटने के काम अधिक महत्वपूर्ण होता हैं जवकि मछली पकड़ने का काम तटीय क्षेत्र में अधिक होते हैं|

वैसे ही शहरों नौकरी और व्यापार आदि लोगों का मुख्य पेशा होते हैं|


Q. 168442 U आकार की घाटी कैसी बनती है? इसे स्थलाकृतिक मानचित्र में कैसे प्रदर्शित किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यू आकार की घाटी

ऊँचाई पर स्थित हिमानियों के पार्श्व अपरदन के  कारण इस प्रकार की घाटी का निर्माण होता है। इसका निचला तल चैड़ा एवं चपटा तथा किनारे खड़े होते हैं, जिसके कारण इसका आकार यू अक्षर के समान प्रतीत होता है। हिमनदों के प्रवाह के कारण V आकार की घाटी U आकार की घाटी में परिवर्तित होती है | U आकार की घाटी के सबसे निचले हिस्से को सबसे भीतर स्थित समोच्च रेखाओं के द्वारा दर्शाया जाता है तथा इसके दोनों किनारों के बीच का अंतर अधिक होता है। बाहर की ओर स्थित दूसरी समोच्च रेखाओं के लिए एक समान अंतराल के साथ समोच्च रेखाओं का मान बढ़ता जाता है


Q. 168443 समोच्च रेखाओं के मूल लक्षण क्या हैं? उनमे से 4 मूल लक्षणों के बारे में बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समोच्च रेखाओं के कुछ मूल लक्षण:-

1.      समोच्च रेखाएँ समान ऊंचाई वाले स्थान को दर्शाती हैं।

2.      समोच्च रेखाएँ एवं उनकी आकृतियाँ स्थलाकृति के ढाल एवं ऊँचाई को दर्शाती हैं।

3.      पास-पास खींची, अधिक घनी समोच्च रेखाएँ तीव्र ढाल को तथा दूर-दूर खींची हुई, कम घनी समोच्च रेखाएँ मंद ढाल को प्रदर्शित करती हैं।

4.      दो या दो से अधिक समोच्च रेखाओं के एक-दूसरे से मिलने से उर्ध्वाधर वाली आकृतियाँ, जैसे- भृगु अथवा जलप्रपात आदि प्रदर्शित होते हैं।


Q. 168444 समोच्च रेखाओं के अंतराल से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समोच्च रेखाएँ समुद्र तल से विभिन्न उर्ध्वाधर  अंतरालों, जैसे- 20, 50, 100 मीटर पर खींची जाती हैं। इसे समोच्च रेखाओं का अंतराल कहा जाता है। इसे सामान्यतः मीटर में व्यक्त किया जाता है। एक स्थान से दूसरे स्थान पर ढाल प्रकृति के अनुसार दो समोच्च रेखाओं के बीच की क्षैतिजीय दूरी में अंतर होता है, जबकि उनके बीच का उर्ध्वाधर अंतराल अचल होता है। क्षैतिज दूरी, जिसे क्षैतिज तुल्यांक के नाम से भी जाना जाता है, मंद ढाल के लिए अधिक एवं तीव्र ढाल के लिए कम होती है।


Q. 168445 निम्नलिखित स्थलाकृतिओं की समोच्च रेखाओं के द्वारा अनुप्रस्थ परिच्छेद बनाएं एवं उसके बारे में लिखे
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पठार: एक विस्तृत चपटा उठा हुआ भूभाग, जिसकी ढाल अपेक्षाकृत पाश्र्वों पर खड़ी होती है तथा जो आसपास के मैदान या समुद्र से ऊँची उठी होती है, वह पठार कहलाती है। पठारों को दर्शाने वाली समोच्च रेखाएँ सामान्यतः किनारों पर पास-पास तथा भीतर की ओर दूर-दूर होती हैं।


Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/10/20121010832132001349849370136oct.jpg

V आकार की घाटी

यह V अक्षर की तरह दिखाई देती है। V आकार की घाटी पर्वतीय क्षेत्रों में पायी जाती है। V आकार की घाटी का निचला भाग भीतरी समोच्च

रेखाओं के द्वारा दिखाया जाता है,  जो पास-पास स्थित होती हैं तथा जिनके समोच्च का मान कम होता है। बाहर की ओर स्थित समोच्च रेखाओं का मान एक समान रूप से बढ़ता है।

 

Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/10/20121010832132001349849370137oct.jpg

 

पर्वतस्कंध: पर्वत शृंखलाओं से घाटी की ओर की झुकी हुई उत्तल ढाल वाली आकृतियों को स्पर या पर्वतस्कंध कहा जाता है। इसे U आकार की समोच्च रेखा के द्वारा दर्शाया जाता है, लेकिन विपरीत तरीके से। U के दोनों किनारे ऊँचाई वाले भाग को दिखाते हैं तथा इसकी चोटी निचले हिस्से को।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/10/20121010832132001349849370138oct.jpg


Q. 168446 स्थालाकृतिक शीट संख्या 63K/12 का अध्ययन करके निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें -
1. मानचित्र के सबसे उच्च बिंदु की ऊंचाई ज्ञात करें। 2. जमटिहवा नदी मानचित्र के किस भाग से होकर बह रही है? 3. कुयारदरी नाले के पूर्व में स्थित मुख्य बस्ती का नाम बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

        i.            मानचित्र के इस क्षेत्र में सबसे उच्च बिंदु की ऊंचाई लगभग 200 मीटर है|

      ii.            जमटीवा नदी इस क्षेत्र की दक्षिण पूर्वी दिशा में बहती है।

    iii.            कुयारदरी नाले के पूर्व में स्थित मुख्य बस्ती का नाम बंधवा है |

    iv.            इस क्षेत्र में प्रकीर्ण प्रकार के ग्रामीण वस्तियाँ हैं|

      v.            सिपू नदी के बीच में सफेद धब्बे खुली झाड़ को दर्शाते हैं|

    vi.            इस स्थलाकृतिक मानचित्र में दर्शायी गई दो प्रकार की वनस्पतियों हैं - पर्णपाती जंगल और काँटेदार वनस्पति।

  vii.            कुयारदरी नदी दक्षिण-पश्चिम की ओर प्रबाहित हो रही है।

viii.            निम्न खाजुरी बाँध इस क्षेत्र की उत्तर में स्थित है।


Q. 168447 स्थलाकृतिक शीट संख्या 63K/12 में दिखायी गयी स्थलाकृतियों तथा अन्य विषयसमूहों का अध्ययन करें तथा निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें- Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/10/20121010398219001349849198233oct.jpg
1. 1 : 50, 000 कथन को मापक के एक साधारण कथन में बदलें। 2. इस स्थलाकृतिक मानचित्र में दर्शायी गयी मुख्य बस्तियों के नाम लिखें। 3. गंगा नदी के बहाव कौन-सी दिशा में है? 4. गंगा नदी के किस किनारे पर भतौली स्थित है? 5. गंगा नदी के किनारे किस प्रकार की ग्रामीण बस्तियाँ अवस्थित हैं? 6. उन गाँवों/बस्तियों के नाम लिखें, जहाँ डाकघर स्थित है? 7. क्षेत्र में पीला रंग क्या दर्शाता है? 8. भतौली गाँव के लोगों के द्वारा नदी को पार करने के लिए परिवहन के किस साधन का उपयोग किया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. 1 सेमी 50,000 सेमी या 500 मीटर की दूरी का प्रतिनिधित्व करता है।

2. कछवा, मोझवन, और बजहाँ, इस क्षेत्र की प्रमुख वस्तियाँ हैं |

3. गंगा, दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर बहती है।

4. भतौली गाँव गंगा के दक्षिणी तट पर स्थित है।

5. गंगा नदी के किनारे वृत्ताकार ग्रामीण बस्तियाँ पायी जाती हैं।

6. टोली और प्रेम का पुरा नामक डाकघर इस क्षेत्र में पाए जाते हैं |

7. पीला रंग, कृषि योग्य भूमि क्षेत्र को दर्शाता है।

8. भतौली गाँव के लोगों को नदी पार करने के लिए नाव का इस्तेमाल करना पड़ता हैं|


Q. 168448 निम्नलिखित लक्षणों के लिए रूढ़ चिन्ह एवं संवेकेतों को बनाइए: (i) पक्की सड़क (ii) पुल सहित पगडंडी (iii) रेल लाइन (iv) गाँव (v) पूजा करने के स्थान (vi) अंतर्राष्ट्रीय सीमा रेखाएँ (vii) तल चिन्ह
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/10/20121010914703001349849107230oct.jpg


Q. 168449 निम्नलिखित स्थलाकृतिओं के समोच्च रेखाओं के द्वारा अनुप्रस्थ परिच्छेद बनाएं एवं उसके बारे में लिखे
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अवतल ढाल: जब उच्चावच स्थलाकृति का निचला भाग मंद ढाल वाला एवं ऊपरी भाग खड़े ढाल वाला हो, तो उसे अवतल ढाल कहा जाता है। इस प्रकार के ढाल में समोच्च रेखाएँ निचले भाग में दूर-दूर तथा ऊपरी भाग में पास-पास होती हैं।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/10/20121010808892001349848841131oct.jpg

जलप्रपात: किसी नदी तल पर काफ़ी ऊँचाई से पानी का अचानक उर्ध्वाधर गिरना जलप्रपात कहलाता है। मानचित्र पर नदी को पार करती हुई समोच्च रेखाओं के परस्पर मिल जाने से जलप्रपात को पहचाना जा सकता है ।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/10/20121010808892001349848841132oct.jpg

शंक्काकार पहाड़ी: यह आसपास की भूमि से लगभग समान रूप से उठी होती है। एक शंक्वाकार, समान ढाल वाली पहाड़ी के लिए समोच्च रेखाएँ संकेंद्री  एवं नियमित अंतराल पर होंगी। समोच्च रेखाओं का मान केंद्र की ओर बढ़ता जाता है| ऐसी आकृतियाँ मुख्यतः ज्वालामुखी क्षेत्र में पाई जाती हैं |   Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/10/20121010808892001349848841133oct.jpg


Q. 168450 पृथ्वी के प्रत्येक टाइम ज़ोन का विस्तार:


A.

15 डिग्री देशांतर होता है।

B.

24 डिग्री देशांतर होता है।

C.

36 डिग्री देशांतर होता है।

D.

90 डिग्री देशांतर होता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

पृथ्वी 24 समय जोन में विभाजित है। पृथ्वी के प्रत्येक टाइम ज़ोन का विस्तार 15 डिग्री देशांतर होता है। प्रत्येक 15 डिग्री देशांतर पर एक घंटे के समय का अंतर होता है।


Q. 168451 यदि ग्रिनिच में 10 बजे हों तो 74 डिग्री पश्चिम देशांतर पर स्थित न्यूयॉर्क में स्थानीय समय :


A.

सुबह 5.04 बजे होंगे।

B.

शाम 5.04 बजे होंगे।

C.

4.57 बजे होंगे।

D.

शाम 4.57 बजे होंगे।

Right Answer is: B

SOLUTION

ग्रिनिच एवं न्यूयॉर्क शहर के समय के बीच का अंतर = देशांतर का 74 डिग्री कुल समय का अंतर = 74 x 4 = 296 मिनट                                               = 4 घंटे 56 मिनट
समय का अंतर 4 घंटे 56 मिनट होगा।
न्यू यॉर्क शहर प्रमुख याम्योत्तर के पश्चिम में स्थित है इसलिए ग्रिनिच के सापेक्ष स्थानीय समय 4 घंटे 56 मिनट कम होगा अर्थात शाम 5.04 बजे होंगे।


Q. 168452 अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा :


A.

याम्योत्तर से होकर गुजरती है।

B.

160° याम्योत्तर से होकर गुजरती है।

C.

180° याम्योत्तर से होकर गुजरती है।

D.

90° याम्योत्तर से होकर गुजरती है।

Right Answer is: C

SOLUTION

अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा एक काल्पनिक रेखा है जो लगातार दो दिनों को अलग करती है। इसे तारीखों के भ्रम की स्थिति से बचने के लिए बनाया गया था। 180° देशांतर रेखा लगभग उसी स्थान पर स्थित है, जहाँ से अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा गुजरती है। अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा एक सीधी रेखा नहीं है। यह प्रशांत महासागर में अनेक द्वीपों से होकर गुजरती है। प्रमुख याम्योत्तर के पूर्व में समय घटता है तथा पश्चिम में बढ़ता है।


Q. 168453 सौराष्ट्र एवं अरुणाचल प्रदेश के मध्य स्थानीय समय का अंतर:


A.

1 घंटे होता है।

B.

2 घंटे होता है।

C.

3 घंटे होता है।

D.

0 घंटे होता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत में 68°7' पूर्व और 97°25' पूर्व देशांतर के बीच लगभग 30 डिग्री अंतर है। सौराष्ट्र एवं अरुणाचल प्रदेश के मध्य स्थानीय समय का अंतर है:
30 x 4 = 120 मिनट या 2 घंटे


Q. 168454 भूमध्य रेखा के बारे में आप क्या जानते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमध्य रेखा उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के मध्य में खींची जाती है| भूमध्य रेखा के उत्तर और दक्षिण के संबंध में पृथ्वी की सीमा का निर्धारण अक्षांशों से किया जाता है| इसे महावृत्त भी कहा जाता है, जो ग्लोब को दो बराबर भागों में विभाजित करती है|


Q. 168455 देशों में एक से अधिक मानक मध्याह्न की क्या ज़रूरत है? किन्ही भी दो ऐसे देशों के उदाहरण दे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूर्व और पश्चिम के विस्तार के साथ बड़े देश एक से अधिक समय क्षेत्र पाने के लिए एक से अधिक मानक मध्याह्न चुन सकते हैं। देश जैसे रूस, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका में एक से अधिक समय क्षेत्र है।


Q. 168456 आप प्रधान याम्योत्तर, या ग्रीनविच रेखा से क्या समझते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी पर 0° देशान्तर पर खींची गई मध्याह्न रेखा प्रधान मध्याह्न रेखा, प्रधान याम्योत्तर, या ग्रीनविच रेखा कहलाती है। दुनिया का मानक समय इसी रेखा से निर्धारित किया जाता हैं|


Q. 168457 दुनिया के लिए मानकीकृत समय क्यों महत्वपूर्ण है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दुनिया एक वैश्विक गांव बन गया है। इसीलिए प्रधान मध्याह्न के समतुल्य अंतरराष्ट्रीय एकरूपता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इस प्रकार ग्रीनविच मीन टाइम को पूरी दुनिया के मानकीकृत समय के रूप में अपनाया गया है।


Q. 168458 मानक मध्याह्न को क्यों चुना गया?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंको की सुविधा के लिए ग्रीनविच वेधशाला के माध्यम से निकली देशांतर मध्याह्न को एक अंतरराष्ट्रीय समझौते से प्रधान मध्याह्न के रूप में अपनाया गया है। इसे 0 डिग्री का मूल्य दिया गया है। दुनिया भर में सभी समयो की गणना इस मध्याह्न के संदर्भ में की जाती है।


Q. 168459 ग्रीनविच और 90 डिग्री देशांतर पर स्थित जगह के बीच समय का अंतर क्या होगा?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्थान और ग्रीनविच के बीच का देशांतरीय अंतर 90 डिग्री है।

कुल समय का अंतर = 90X4

= 360 मिनट

= 360/60 घंटे

= 6 घंटे

ग्रीनविच और 90 डिग्री देशांतर पर स्थित जगह के बीच समय का अंतर छह घंटे है। यदि स्थान मुख्य मध्याह्न के पश्चिम में स्थित है, तो फिर समय उस जगह का ग्रीनविच की तुलना में छह घंटे कम हो जाएगा। यदि स्थान मुख्य मध्याह्न के पूर्व में स्थित है, तो फिर समय उस जगह का ग्रीनविच की तुलना में छह घंटे अधिक हो जाएगा।


Q. 168460 प्रत्येक मानक मध्याह्न 7.5 डिग्री का गुणांक क्यों है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानक मेरिडियन एक तरीके से चयन किया जाता है जो 15° डिग्री या 7.5° से विभाज्य हैताकि मानक समय और ग्रीनविच मीन टाइम के बीच भिन्नता को एक घंटे या आधे घंटे के गुणकों रूप में व्यक्त किया जा सके। इसकी गणना करना आसान है और सुविधाजनक रूप से इसका अनुसरण किया जा सकता है।


Q. 168461 देशांतर और समय के बीच संबंध के बारे में बताएं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

देशांतर और समय के बीच एक सम्बन्ध है। जैसे-जैसे पृथ्वी घुमाती हैं प्रत्येक जगह पर स्थानीय समय के रूप में सूर्यास्त और सूर्योदय होता है। देशांतर के एक ही मध्याह्न पर सभी स्थानों पर एक ही समय होता है और अलग शिरोबिंदु पर स्थित जगहों पर अलग-अलग स्थानीय समय होते है। 1 डिग्री देशांतर के अंतर से चार मिनट का अंतर होता है। इस प्रकार, हर 15° एक घंटे का अंतर होता है। पश्चिम की दिशा में हर 15° पर एक घंटे घटाना होगा। पूर्व दिशा में हर 15° पर एक घंटे को जोड़ना होगा।


Q. 168462 हम एक जगह के अक्षांश को कैसे निर्धारित कर सकते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक जगह के अक्षांश को सूरज के अवलोकन के द्वारा निर्धारित किया जा सकता है। सूर्य के कोण को अक्षांश में अंतर निर्धारित करने के लिए पृथ्वी पर दो बिन्दुओ से मापा जाता है। प्रत्येक स्थान पर सूर्य के सर्वोच्च कोण से दो बार के बीच का अंतर हमें देशांतर में मतभेद बताता है। ध्रुव तारे की ऊंचाई भी एक जगह के अक्षांश को निर्धारित कर सकती हैं।


Q. 168463 भारत में 82 ° 30 'ई को मानक मध्याह्न क्यों माना जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत के देशांतरीय अंतर 30 डिग्री 68 ° 7' पूर्व और 97 ° 25' पूर्व देशांतर के बीच है। इसीलिए पूर्वी और पश्चिमी सीमा के बीच दो घंटे का अंतर है। इस अंतर से बचने के लिए एक केंद्रीय मध्याह्न के स्थानीय समय को पूरे देश के लिए समय के रूप में लिया जाता है। 82 ° 30 'पूर्व देशांतर मिर्जापुर (भारत के बीच में) के माध्यम से गुजरता है। इस प्रकार यह भारत के लिए मानक मध्याह्न माना जाता है।


Q. 168464 निरपेक्ष स्थान और सापेक्ष स्थान स्थान के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निरपेक्ष स्थान

सापेक्ष स्थान

यह ग्रिड प्रणाली के समन्वय पर आधारित एक स्थिति है।

यह अन्य स्थानों के संबंध में स्थित एक जगह है।

अक्षांश और देशांतर का उपयोग सटीक स्थान को खोजने के लिए किया जाता हैं।

कुछ तय स्थलों पर स्थान को खोजने के लिए उपयोग किया जाता है।

उदा.; रोम 42º उत्तर और 13º पूर्व पर स्थित है

उदा .; यह स्कूल, पार्क, अस्पताल, आदि हो सकते है


Q. 168465 स्थानीय समय और मानक समय के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्थानीय समय

मानक समय

1. एक जगह का स्थानीय समय उसका मध्याह्न समय है।

1. मानक समय एक क्षेत्र का केंद्रीय मध्याह्न समय है।

2. एक ही मध्याह्न पर स्थान समय एक ही होता है।

2. देश में सभी स्थानों पर एक समान समय होता है।

3. एक जगह का समय दोपहर की धूप से माना जाता है।

3. इसका सूर्य के स्थान के साथ कोई संबंध नहीं है।


Q. 168466 अक्षांशों की महत्वपूर्ण विशेषताऍ बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अक्षांशों की महत्वपूर्ण विशेषताएं इस प्रकार हैं: -

i) अक्षांश क्षैतिज रेखाओ का विस्तार पूर्व-पश्चिम दिशा में हैं।

ii) वे एक दूसरे के समानांतर हैं।

iii) वे की लगातार अंतराल पर खींची गयी हैं।

iv) वे ध्रुव की ओर आकार में कम होती हैं।

v) उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में 89 रेखाऍ प्रत्येक में समान हैं।

vi) अक्षांश भूमध्य रेखा के उत्तर या दक्षिण के संबंध में पृथ्वी की सीमा तक व्यक्त है।


Q. 168467 पृथ्वी की ग्रिड प्रणाली क्या है? एक स्केच मानचित्र की मदद से समझाओ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी के चारों ओर की काल्पनिक रेखाऍ दो रेखाओ के सेट से बनी हैं; अक्षांश और देशांतर। अक्षांश रेखाऍ पूर्व-पश्चिम दिशा की ओर और देशांतर पृथ्वी पर उत्तर-दक्षिण दिशा में बनी हुई हैं। इनका प्रयोग दुनिया में किसी भी जगह के स्थान को खोजने के लिए किया जाता है।


 


Q. 168468 अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा टेढ़ी-मेढ़ी क्यों हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा एक काल्पनिक रेखा होती है, जो दो लगातार कैलेंडर तिथियों को अलग करती है| यह रेखा सीधी नहीं होती है| यह सात स्थानों पर टेढ़ी-मेढ़ी है| यह प्रशांत महासागर में कई द्वीपों से होकर गुजरती है| तिथियों के मध्य भ्रान्ति को समाप्त करने के लिए इसे बनाया गया है| यह 1800 देशांतर के समान है| अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करने के लिए एक दिन जोड़ा या घटाया जाता है| इस प्रकार, पूर्व की तिथियाँ पश्चिम की तुलना में एक दिन आगे होती हैं तथा पश्चिम की तिथियाँ पूर्व की तिथियों से एक दिन पीछे होती हैं|


Q. 168469 देशांतर शिरोबिंदु के किसी भी छह विशेषताओं बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i) प्रत्येक मध्याह्न अर्द्ध सर्कल है और उत्तरी ध्रुव से दक्षिण ध्रुव तक फैली हुई है।

ii) लगातार दो शिरोबिंदुओ के बीच की दूरी भूमध्य रेखा पर अधिक हो जाती है और ध्रुव की ओर कम हो जाती है।

iii) देशांतर में 360 रेखाऍ होती हैं।

iv) दायें कोण पर भूमध्य रेखिय शिरोबिंदु एक दूसरे को काटते है।

v) सभी शिरोबिंदु लंबाई में बराबर हैं।

vi) देशांतर 0 डिग्री से 180 ° पूर्व की ओर और पश्चिम की ओर प्रमुख मध्याह्न पर भिन्न होते है।


Q. 168470 गणितीय सूत्र द्वारा प्रक्षेपित करके बनाया जाने वाला प्रक्षेप:


A.

संदर्श प्रक्षेप कहा जाता है।

B.

असंदर्श प्रक्षेप कहा जाता है।

C.

रूढ़ प्रक्षेप कहा जाता है।

D.

शंक्वाकार प्रक्षेप कहा जाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

गणितीय या रूढ़ प्रक्षेप वे प्रक्षेप होते हैं, जिनको गणितीय गणना एवं सूत्रों के द्वारा बनाया जाता है तथा इनका संबंध प्रक्षेपित प्रतिबिंब के साथ कम होता है।


Q. 168471 दिगंशीय प्रक्षेप:


A.

समान क्षेत्र होते हैं।

B.

शुद्ध धारक होते हैं।

C.

सही-सही आकृति होती है।

D.

शुद्ध मापन होते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

दिगंशीय प्रक्षेप वह है, जिसमें केंद्र से सभी बिंदुओं की दिशाओं को सही-सही दर्शाया जाता है। ये प्रक्षेप नौपरिवहन के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं।  


Q. 168472 --------- एक अविकासनीय पृष्ठ होता है।


A.

शंकु

B.

बेलन

C.

ग्लोब

D.

समतल

Right Answer is: C

SOLUTION

ग्लोब एक अविकासनीय सतह होती है, जिसे बिना सिकोड़े, खंडित किए अथवा तोड़े-मोड़े चपटा नहीं किया जा सकता। इसकी सतह में अविकासनीय पृष्ठ के गुण होते हैं । इसलिए सभी गुणों जैसे- आकृति, आकार तथा दिशा आदि का ग्लोब से अनुरेखण लगभग असंभव है।


Q. 168473 ----------में, समतल सतह ग्लोब के किसी एक ध्रुव से स्पर्श करता है तथा इस पर रेखाजाल को प्रक्षेपित किया जाता है।


A.

रूढ़ प्रक्षेप

B.

शंक्वाकार प्रक्षेप

C.

खमध्य प्रक्षेप

D.

बेलनी प्रक्षेप

Right Answer is: C

SOLUTION

खमध्य प्रक्षेप में समतल सतह ग्लोब के किसी बिंदु को स्पर्श करता है तथा इस पर रेखाजाल को प्रक्षेपित किया जाता है, सामान्यतः सतह को ग्लोब पर इस प्रकार रखा जाता है कि वह ग्लोब के किसी एक ध्रुव से स्पर्श करे। क्षेत्र एवं आकृति का विरूपण केंद्र बिंदु से बढ़ जाता है।


Q. 168474 बेलनाकार प्रक्षेप :


A.

शंक्वाकार विकासनीय पृष्ठ का उपयोग करके बनाया जाता है।

B.

गोलाकार विकासनीय पृष्ठ का उपयोग करके बनाया जाता है।

C.

बेलनाकार विकासनीय पृष्ठ का उपयोग करके बनाया जाता है।

D.

समतल विकासनीय पृष्ठ का उपयोग करके बनाया जाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

एक कागज का बना बेलन ग्लोब को लपेट लेता है तथा उस पर समांतरों एवं याम्योत्तरों को प्रक्षेपित किया जाता है। जब बेलन को काट कर खोला जाता है, तब यह समतल कागज पर बेलनी प्रक्षेप प्रदान करता है।


Q. 168475 विकासनीय पृष्ठ वह होता है, जिसे :


A.

घुमाया जा सकता है।

B.

समतल किया जा सकता है।

C.

बढ़ाया जा सकता है।

D.

समतल नहीं किया जा सकता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

अक्षांश एवं देशांतरों के जाल को विकासनीय पृष्ठ पर प्रक्षेपित किया जा सकता है। बेलन, शंकु तथा समतल में विकासनीय पृष्ठ के गुण होते हैं।


Q. 168476 संदर्श प्रक्षेप :


A.

प्रकाश के स्रोत के बिना बनाया जाता है।

B.

प्रकाश के स्रोत के साथ बनाया जाता है।

C.

मानचित्र तकनीक से बनाया जाता है।

D.

गणितीय सूत्र की सहायता से बनाया जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

संदर्श प्रक्षेप मानचित्र प्रक्षेप की एक रेखांकन तकनीक होती है। इसे विकासनीय पृष्ठ पर ग्लोब के याम्योत्तर तथा समांतर से बने जाल के प्रतिबिंब को प्रक्षेपित करके बनाया जा सकता है।


Q. 168477 दो विपरीत याम्योत्तर :


A.

एक अर्द्धवृत्त बनाते हैं।

B.

एक बृहत् वृत्त बनाते हैं।

C.

एक वृत्त-चाप बनाते हैं।

D.

एक पूर्ण वृत्त बनाते हैं।

Right Answer is: D

SOLUTION

देशांतर के याम्योत्तर उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर, एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक खींचे जाते हैं। दो विपरीत याम्योत्तर एक पूर्ण वृत्त अर्थात् ग्लोब की परिधि का निर्माण करते हैं।


Q. 168478 सभी अक्षांश:


A.

समान लंबाई के होते हैं।

B.

समान लंबाई के नहीं होते हैं।

C.

ध्रुव पर मिलते हैं।

D.

अर्द्धवृत्त होते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

अक्षांशों के समांतर ग्लोब के चारों ओर स्थित वे वृत्त हैं, जो विषुवत वृत्त के समांतर एवं ध्रुवों से समान दूरी पर स्थित होते हैं। पृथ्वी की आकृति के कारण वे एक समान लंबाई के नहीं होते हैं। इनका विस्तार ध्रुव पर बिंदु से लेकर विषुवत वृत्त पर ग्लोबीय परिधि तक होता है।


Q. 168479 यथाकृतिक प्रक्षेप में संरक्षित रखे जाने वाला भूमंडलीय गुण:


A.

किसी क्षेत्र के दिए गए बिंदुओं के बीच की दूरी

B.

क्षेत्र की यथार्थ आकृति होती है।

C.

क्षेत्र का क्षेत्रफल होता है।

D.

दिशा होती है।

Right Answer is: B

SOLUTION

यथाकृतिक प्रक्षेप वह है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की आकृति को सही-सही चित्रित किया जाता है जबकि क्षेत्र के आकार को बनाए रखना, क्षेत्र विकृति है। ये छोटे क्षेत्रों के लिए उपयुक्त होता है।


Q. 168480 होमोलोग्राफ़ीय प्रक्षेप :


A.

समदूरस्थ प्रक्षेप है।

B.

समक्षेत्र प्रक्षेप है।

C.

समान आकृति है।

D.

दिगंशीय प्रक्षेप है।

Right Answer is: B

SOLUTION

समक्षेत्र प्रक्षेप या होमोलोग्राफ़ीय प्रक्षेप वह प्रक्षेप होता है जिसमें पृथ्वी के विभिन्न भागों को सही-सही दर्शाया जाता है। इसमें अक्षांश एवं देशांतर रेखाओं का रेखाजाल इस प्रकार से बनाया जाता है कि मानचित्र का प्रत्येक चतुर्भुज क्षेत्रफल में ग्लोब पर स्थित संगत चतुर्भुज के ठीक बराबर होता है।


Q. 168481 रंब रेखा एक सीधी रेखा होती है, जो :


A.

लैम्बर्ट प्रक्षेप पर रेखांकित की जाती है।

B.

बेलनाकार प्रक्षेप पर रेखांकित की जाती है।

C.

मर्केटर प्रक्षेप पर रेखांकित की जाती है।

D.

बोन प्रक्षेप पर रेखांकित की जाती है।

Right Answer is: C

SOLUTION

रंब रेखा या लेक्सोड्रोम मर्केटर प्रक्षेप पर किसी दो बिंदुओं को जोड़ने वाली सीधी रेखा होती है। यह नौपरिवहन के दौरान दिशाओं का निर्धारण करने में बहुत उपयोगी है।


Q. 168482 45 डिग्री उत्तर एवं दक्षिण अक्षांश के मध्य स्थित क्षेत्र के लिए सबसे उपयुक्त प्रक्षेप:


A.

लैम्बर्ट प्रक्षेप है।

B.

मर्केटर प्रक्षेप है।

C.

शंकु प्रक्षेप है।

D.

दिगंशीय प्रक्षेप है।

Right Answer is: A

SOLUTION

लैम्बर्ट प्रक्षेप या बेलनाकार सम-क्षेत्रफल प्रक्षेप केवल विषुवत वृत्त के साथ सही मापन है। ध्रुवों को विषुवत वृत्त के समान एवं समांतर दिखाया जाता है इसलिए ध्रुव की ओर विकृति में वृद्धि होती जाती है।


Q. 168483 विश्व मानचित्र के लिए सबसे कम उपयुक्त मानचित्र प्रक्षेप :


A.

मर्केटर प्रक्षेप है।

B.

लैम्बर्ट प्रक्षेप है।

C.

शंकु प्रक्षेप है।

D.

त्रिविम प्रक्षेप है।

Right Answer is: C

SOLUTION

शंकु प्रक्षेप विश्व मानचित्र के लिए उपयुक्त नहीं है, क्योंकि जिस गोलार्द्ध में मानक अक्षांश वृत्त चुना जाता है, उसके विपरीत गोलार्द्ध में चरम विकृति होती है। जिस गोलार्द्ध में यह बनाया जाता है, उसके लिए भी यह अनुपयुक्त है, क्योंकि उसमें भी ध्रुव पर तथा विषुवत वृत्त के पास विकृति होने के कारण इसका उपयोग बड़े क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए अनुपयुक्त है।


Q. 168484 अक्षांश एवं देशांतर रेखाओं के ------ को समतल पृष्ठ पर उतारना मानचित्र प्रक्षेप है।


A.

अक्षांश

B.

रेखाजाल

C.

देशांतर

D.

विषुवत वृत्त एवं प्रमुख याम्योत्तर

Right Answer is: B

SOLUTION

मानचित्र प्रक्षेप अक्षांशों एवं देशांतरों का जाल को समतल सतह पर स्थानांतरण है।


Q. 168485 ------तब निर्मित होता है जब यह विषुवत वृत्त या ध्रुव के बीच किसी बिंदु पर स्पर्शरेखीय होता है।


A.

शंकु प्रक्षेप

B.

अभिलंब प्रक्षेप

C.

तिर्यक प्रक्षेप

D.

ध्रुवीय प्रक्षेप

Right Answer is: C

SOLUTION

तिर्यक प्रक्षेप ग्लोब स्पर्शरेखीय विकासनीय पृष्ठ की स्थिति पर आधारित एक प्रक्षेप होता है। यदि विकासनीय पृष्ठ जैसे शंकु, सिलेंडर या समतल विषुवत वृत्त या ध्रुव के बीच किसी बिंदु पर स्पर्शरेखीय होता है, तो इसे तिर्यक प्रक्षेप कहा जाता है।


Q. 168486 ग्लोब की सतह के मूल गुण/गुणों जो एक या अन्य विधि का उपयोग कर संरक्षित किए जाते हैं, वह हैं:


A.

प्रदेश की आकृति एवं आकार

B.

दिए गए किसी दो बिंदुओं के बीच की दूरी

C.

किसी एक बिंदु की दिशा

D.

उपरोक्त्त सभी

Right Answer is: D

SOLUTION

मानचित्र प्रक्षेप अधिक विरूपण के बिना समतल कागज पर पृथ्वी को गोलाकार दिखाने का प्रयास है। इस प्रकार क्षेत्र की सही माप, आकृति, दिशा एवं दूरी मानचित्र में संरक्षित करने के लिए चार प्रमुख वैश्विक गुण हैं।


Q. 168487 पृथ्वी के छोटे रूप का अर्थ :


A.

कांच पर पृथ्वी का एक मॉडल होता है।

B.

पृथ्वी का वह मॉडल जो छोटी मापनी की सहायता से कागज के समतल सतह पर दर्शाया जाता है।

C.

कागज पर पृथ्वी की रूपरेखा है।

D.

किसी भी पैमाने के बिना पृथ्वी का मॉडल है।

Right Answer is: B

SOLUTION

पृथ्वी के मॉडल को छोटी मापनी की सहायता से कागज के समतल सतह पर दर्शाया जाता है। यह मॉडल पृथ्वी का छोटा रूप कहलाता है। यह मॉडल लगभग गोलाभ होता है, जिसमें ध्रुव का व्यास विषुवतीय व्यास से छोटा होता है तथा इस पर रेखाजाल को स्थानांतरित किया जा सकता है।


Q. 168488 जब प्रकाश के स्रोत को ग्लोब के मध्य रखा जाता है, तब प्राप्त प्रक्षेप :


A.

लंबकोणीय प्रक्षेप कहलाता है।

B.

त्रिविम प्रक्षेप कहलाता है।

C.

नोमानिक प्रक्षेप कहलाता है।

D.

मर्केटर प्रक्षेप कहलाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

जब प्रकाश के स्रोत को ग्लोब के मध्य रखा जाता है, तब प्राप्त प्रक्षेप नोमानिक प्रक्षेप कहलाता है। यह प्रक्षेप प्रकाश को ग्लोब के केंद्र में रख कर प्राप्त किया जाता है।


Q. 168489 एक मानचित्र प्रक्षेप, जिसमें दिशा एवं आकृति शुद्ध होती है, लेकिन ध्रुवों की ओर यह बहुत अधिक विकृत हो जाती है।


A.

वह लैम्बर्ट का बेलनाकार सम-क्षेत्र प्रक्षेप होता है।

B.

वह मर्केटर प्रक्षेप होता है।

C.

वह शंक्वाकार प्रक्षेप होता है।

D.

वह दिगंशीय प्रक्षेप होता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

याम्योत्तर एवं अक्षांशों के सहारे मापनी का विस्तार उच्च अक्षांशों पर तीव्रता से बढ़ता है। परिणामस्वरूप, ध्रुव के निकटवर्ती देशों का आकार उनके वास्तविक आकार से अधिक हो जाता है।


Q. 168490 लैम्बर्ट के बेलनाकार सम-क्षेत्रफल प्रक्षेप के क्या गुण हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लैम्बर्ट के बेलनाकार सम-क्षेत्रफल प्रक्षेप के गुण

·         सभी समान्तर एवं याम्योत्तर सीधी रेखाएँ होती हैं, जो एक-दूसरे को समकोण पर काटती हैं।

·         ध्रुवीय समान्तर भी विषुवत वृत्त के बराबर होते हैं।

·         मापनी केवल विषुवत वृत्त के पास ही शुद्ध होती है|


Q. 168491 एक मानक अक्षांश रेखा वाले शंकु प्रक्षेप की सीमाये क्या हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक मानक अक्षांश रेखा वाले शंकु प्रक्षेप की सीमाये:

क.   यह प्रक्षेप विश्व मानचित्र के लिए उपयुक्त नहीं है|

ख.   जिस गोलार्द्ध में मानक अक्षांश वृत्त चुना जाता है, उसके विपरीत गोलार्द्ध में चरम विकृति होती है|

ग.    यह विशाल क्षेत्रों को दर्शाने के लिए भी उपयुक्त नहीं है|

घ.    ध्रुव पर तथा विषुवत वृत्त के पास विकृति अधिक होती है|


Q. 168492 मानचित्र पर अक्षांश और देशांतर रेखाओं का क्या महत्त्व हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक मानचित्र पर अक्षांश और देशांतर रेखाएं सदैव ही किसी स्थान की सही स्थिति का बोध कराती हैं|


Q. 168493 मानचित्र प्रक्षेपण के पश्चात पृथ्वी के स्वरूप में क्या परिवर्तन आता हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानचित्र प्रक्षेपण के पश्चात् पृथ्वी की वास्तविक दिशाओं, दूरी, क्षेत्रों और आकारों में परिवर्तन हो सकता है|


Q. 168494 भारतीय मानक समय की गणना:


A.

80°30’ पूर्व से की जाती है।

B.

82°60’ पूर्व से की जाती है।

C.

81°20’ पूर्व से की जाती है।

D.

82°30’ पश्चिम से की जाती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

भारतीय मानक समय का निर्धारण 82°30’ पूर्व से किया जाता है। यह भारत में मिर्ज़ापुर से होकर गुजरती है। भारतीय मानक समय ग्रिनिच माध्य समय से 5 घंटे और 30 मिनट आगे है।


Q. 168495 किसी भी देश का मानक समय :


A.

प्रमुख याम्योत्तर का स्थानीय समय होता है।

B.

180 डिग्री देशांतर का स्थानीय समय होता है।

C.

मानक याम्योत्तर का स्थानीय समय होता है।

D.

प्रथम याम्योत्तर का स्थानीय समय होता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

अधिकांश देशों के एक से अधिक देशांतर हैं। इसलिए, रेलवे, वायुमॉर्ग, संचार आदि के लिए अलग-अलग समय कार्यक्रम के प्रबंधन में मुश्किल होती है। प्रत्येक देश अपनी प्रशासनिक सीमाओं के भीतर समय की एकरूपता बनाए रखने के लिए अपने मानक समय का चयन करते हैं। किसी देश के केंद्रीय याम्योत्तर को उस देश का मानक याम्योत्तर माना जाता है तथा उसके स्थानीय समय को देश का मानक समय माना जाता है।


Q. 168496 किसी देश का मानक याम्योत्तर:


A.

उसका केंद्रीय याम्योत्तर होता है।

B.

देश का प्रथम याम्योत्तर होता है।

C.

देश का अंतिम याम्योत्तर होता है।

D.

कोई भी याम्योत्तर होता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

यह देश का केंद्रीय याम्योत्तर होता है। मानक याम्योत्तर का चुनाव इस तरह किया जाता है कि ये 150° या 7°30' द्वारा विभाजित हों, ताकि मानक समय एवं ग्रिनिच माध्य समय के बीच के अंतर को 1 या आधे घंटे के गुणक के रूप में बताया जा सके। अधिक विस्तार वाले देश एक से अधिक मानक याम्योत्तर चुन सकते हैं।


Q. 168497 विषुवत वृत्त से ध्रुव की ओर अक्षांशों का उपयोग :


A.

समय ज़ोन के निर्धारण में होता है।

B.

पृथ्वी की गति के निर्धारण में होता है।

C.

पृथ्वी के क्षेत्र के निर्धारण में होता है।

D.

तापमंडलों के निर्धारण में होता है।

Right Answer is: D

SOLUTION

विषुवत वृत्त से ध्रुव की ओर अक्षांशों का उपयोग तापमंडलों के निर्धारण में होता है। विभिन्न तापमंडल हैं :
i. 0° से 23½° तक उत्तर और दक्षिण उष्ण कटिबंध
ii. 23½° से 66½° तक शीतोष्ण कटिबंध
iii. 66½° से 90° तक शीत कटिबंध


Q. 168498 सूर्य पूर्व से पश्चिम:


A.

प्रति घंटा 30° देशांतर को पार करता हुआ दिखाई देता है।

B.

प्रति घंटा 15° देशांतर को पार करता हुआ दिखाई देता है।

C.

प्रति घंटा 45° देशांतर को पार करता हुआ दिखाई देता है।

D.

प्रति घंटा देशांतर को पार करता हुआ दिखाई देता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती हुई 360° देशांतर अर्थात् एक चक्कर लगभग 24 घंटे में पूरा करती है। चूँकि, 180° देशांतर प्रमुख याम्योत्तर के पूर्व एवं पश्चिम दोनों ओर स्थित है, इसलिए सूर्य पूर्व से पश्चिमी गोलार्द्ध में जाने में 12 घंटे का समय लेता है। इस प्रकार सूर्य पूर्व से पश्चिम प्रति घंटा 15° देशांतर को पार करता हुआ दिखाई देता है। प्रत्येक 15 डिग्री पश्चिम की ओर जाने पर 1 घंटा घटता है। 15 डिग्री पूर्व की ओर जाने पर 1 घंटा जुड़ता है।


Q. 168499 0 डिग्री और 180 डिग्री के याम्योत्तर:


A.

विषुवत वृत्त पर मिलते हैं।

B.

उत्तरी ध्रुव पर मिलते हैं।

C.

ग्लोब के सभी बिंदुओं पर मिलते हैं।

D.

कहीं भी नहीं मिलते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

देशांतरीय याम्योत्तर अर्द्धगोलाकार होती हैं, जो ध्रुवों पर एक बिंदु पर मिलती हैं। याम्योत्तर की रेखाएँ प्रमुख याम्योत्तर से 180 डिग्री पूर्व और प्रमुख याम्योत्तर से 180 डिग्री पश्चिम क्रमांकित होते हैं। ये दोनों देशांतरीय याम्योत्तर उत्तरी ध्रुव पर मिलते हैं।
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Q. 168500 अक्षांश एवं देशांतर:


A.

प्रतिशत में मापे जाते हैं।

B.

अनुपात में मापे जाते हैं।

C.

डिग्री में मापे जाते हैं।

D.

अंश में मापे जाते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

अक्षांशों एवं देशांतरों को डिग्री या अंश (°) में मापते हैं, क्योंकि ये कोणीय दूरी को प्रदर्शित करते हैं। प्रत्येक डिग्री को 60 मिनट (') में एवं प्रत्येक मिनट को 60 सेकेंड (") में विभाजित किया जाता है। डिग्री/मिनट/सेकेंड = XX° xx’ xx”


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