CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

PreviousNext

Q. 168501 1 डिग्री देशांतर का समय अंतर:


A.

4 सेकंड के अंतर का कारण होता है।

B.

4 मिनट के अंतर का कारण होता है।

C.

4 घंटे के अंतर का कारण होता है।

D.

4 सेकंड के अंतर का कारण होता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

पृथ्वी अपना एक चक्कर लगभग 24 घंटे में पूरा करती है। देशांतरों की कुल संख्या लगभग 360 डिग्री होती है।
इस प्रकार,  24 x 60 / 360 = 4 मिनट


Q. 168502 देशांतरों की कुल संख्या:


A.

340 होती है।

B.

350 होती है।

C.

370 होती है।

D.

360 होती है।

Right Answer is: D

SOLUTION

देशांतरों की कुल संख्या 360° होती हैं, जो 0 डिग्री के पूर्व एवं पश्चिम दोनों ओर 180° में बँटे होते हैं।


Q. 168503 ग्रीनिच बेधशाला से गुजरने वाली याम्योत्तर को :


A.

याम्योत्तर माना गया है।

B.

प्रमुख याम्योत्तर माना गया है।

C.

विशाल याम्योत्तर माना गया है।

D.

अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा माना गया है।

Right Answer is: B

SOLUTION

सुविधाजनक गणना के लिए ग्रिनिच वेधशाला से गुजरने वाली देशांतरीय याम्योत्तर को अंतर्राष्ट्रीय समझौते के द्वारा प्रमुख याम्योत्तर माना गया है तथा इसे 0° का मान दिया गया है। पूरे विश्व में समय की गणना इस याम्योत्तर के संदर्भ में होती है।


Q. 168504 याम्योत्तर:


A.

विषुवत वृत्त को समकोण पर काटते हैं।

B.

30 डिग्री कोण पर काटते हैं।

C.

180 डिग्री कोण पर काटते हैं।

D.

360 डिग्री कोण पर काटते हैं।

Right Answer is: A

SOLUTION

सभी याम्योत्तर की लंबाई समान होती है। किसी स्थान का देशांतर उस स्थान के प्रमुख याम्योत्तर के पूर्व या पश्चिम में उस स्थान की कोणीय दूरी होती है। ये याम्योत्तर विषुवत वृत्त को समकोण पर काटते हैं।


Q. 168505 ध्रुवों से विषुवत रेखा की ओर बढ़ने पर देशान्तरों के बीच की दूरी


A.

पहले कम होती हैं फिर बढती हैं।

B.

समान रहती हैं।

C.

घटती जाती है।

D.

बढ़ती जाती है।

Right Answer is: D

SOLUTION

देशान्तर रेखाएँ उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव पर एक बिन्दु पर मिल जाती हैं। ध्रुवों से विषुवत रेखा की ओर बढ़ने पर देशान्तरों के बीच की दूरी बढ़ती जाती है। विषुवत रेखा पर इनके बीच की दूरी अधिकतम (111.32 किमी.) होती है।


Q. 168506 ग्लोब पर सबसे बड़ा वृत्त:


A.

कर्क रेखा होता है।

B.

अण्टार्कटिक वृत्त होता है।

C.

विषुवत वृत्त होता है।

D.

आर्कटिक वृत्त होता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

विषुवत वृत्त सबसे बड़ा वृत्त है तथा यह ग्लोब को दो बराबर भागों में बाँटता है। इसे बृहत वृत्त भी कहा जाता है। अन्य सभी समांतर रेखाएँ आनुपातिक रूप से आकार में विषुवत वृत्त से छोटी होती हैं, इन्हें लघु वृत्त कहा जाता है।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/11/20121011269861001349930739245oct.jpg


Q. 168507 ग्लोब पर पूर्व से पश्चिम दिशा में समांतर रेखाएँ :


A.

देशांतर कहलाती हैं।

B.

अक्षांश कहलाती हैं।

C.

समवर्षा रेखा कहलाती हैं।

D.

समताप रेखा कहलाती हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

अक्षांश समांतर एक-दूसरे के समांतर पूर्व से पश्चिम दिशा में खींची गई क्षैतिज रेखाएँ हैं। ये सभी समांतर पूर्ण वृत्त का निर्माण करते हैं। विषुवत वृत्त सबसे बड़ा वृत्त होता है। अन्य सभी समांतर रेखाएँ विषुवत वृत्त से ध्रुवों की ओर बढ़ने से, आनुपातिक रूप से आकार में छोटी होती जाती हैं।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/11/20121011258810001349930610243oct.jpg


Q. 168508 भारत को दो बराबर भागों में बाँटने वाला अक्षांश:


A.

कर्क रेखा है।

B.

विषुवत वृत्त है।

C.

मकर रेखा वृत्त है।

D.

आर्कटिक वृत्त है।

Right Answer is: A

SOLUTION

भारत उत्तरी गोलार्ध में स्थित है। इसका अक्षांशीय विस्तार 8o4′ उत्तर से 37o6′ उत्तर तक है। कर्क रेखा का अक्षांश 23½º उत्तर है, जो भारत को लगभग दो भागों में बाँटता है।


Q. 168509 याम्योत्तर वह रेखाएँ होती हैं, जो:


A.

विषुवत वृत्त पर मिलती हैं।

B.

ध्रुवों पर मिलती हैं।

C.

पश्चिम से पूर्व में मिलती हैं।

D.

कहीं नहीं मिलती हैं।

Right Answer is: A

SOLUTION

देशांतर याम्योत्तर उत्तर से दक्षिण की ओर गुजरने वाली लंबवत् रेखाएँ होती हैं। वे ध्रुवों पर मिलती हैं। देशांतर याम्योत्तर अर्द्धगोलाकार होती हैं। ये याम्योत्तर विषुवत वृत्त को समकोण पर काटते हैं। Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2012/10/11/20121011147873001349930371240oct.jpg


Q. 168510 भूमध्य रेखा की लम्बाई क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी की भूमध्य रेखा की लम्बाई 40075016.6846 मीटर अथवा लगभग 40075 किलोमीटर है|


Q. 168511 भूमध्य रेखा की लम्बाई क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी की भूमध्य रेखा की लम्बाई 40075016.6846 मीटर अथवा लगभग 40075 किलोमीटर है|


Q. 168512 अक्षांश किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अक्षांश, पृथ्वी की सतह पर एक बिन्दु से भूमध्यीय समतल तक बना कोण होता है, जिसे ग्लोब के केन्द्र पर नापा जाता है।


Q. 168513 सबसे बड़ी अक्षांश रेखा कौन सी है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमध्य रेखा सबसे बड़ी अक्षांश होती है, जिसकी परिधि 40,075 किमी० होती है|


Q. 168514 रम्ब प्रक्षेपण द्वारा बनाए रखे गए सार्वभौमिक गुण का नाम बताईए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

रम्ब प्रक्षेपण एक समान क्षेत्र प्रक्षेपण है जिसमे क्षेत्रों को सही ढंग से दर्शाया जाता हैं। यह प्रक्षेपण को दिशा बरकरार रखती है।


Q. 168515 विकासनीय और गैर-विकासनीय सतह के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विकासनीय सतह

गैर-विकासनीय सतह

i) इसे चपटा किया जा सकता है और अक्षांश और देशांतर का एक नेटवर्क इस पर दर्शाया जा सकता है।

i) यह सिकोड़े, तोडे या बढ़ाए बिना चपटा नहीं किया जा सकता।

ii) सिलेंडर, कोन और समतल विकास के सतह के गुण है।

ii) दुनिया भर में एक या गोलाकार सतह गैर-विकास के सतह का गुण है।


Q. 168516 मानचित्र प्रक्षेपण को उनकी विशेषताओं के आधार पर वर्गीकृत कीजिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानचित्र प्रक्षेपण को उनकी विशेषताओं के आधार पर मानचित्र चार प्रकार के होते हैं। वे इस प्रकार हैं:

1. बराबर क्षेत्र या लेक्सोड्रोम या रंब रेखा प्रक्षेपण।

2. यह सच है कि आकार या समक्षेत्रा प्रक्षेप प्रक्षेपण।

3. यह सच असर या दिगंश प्रक्षेपण।

4. सम-दूर या वास्तविक पैमाने प्रक्षेपण।


Q. 168517 विकास के सतह की प्रकृति के आधार पर मानचित्र प्रक्षेपण को वर्गीकृत कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विकास के सतह की प्रकृति के आधार पर प्रक्षेपण को वर्गीकृत किया जाता है:


Q. 168518 समदूरस्थ प्रक्षेपण पूरी तरह से सही क्यों नहीं है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समान दूरी या वास्तविक पैमाने प्रक्षेपण वे है जहां दूरी यावास्तविक पैमाने को ढंग से बनाए रखा गया है। तथापि पूरे प्रक्षेपण में इसे सही ढंग से पैमाने में बनाए रखना संभव नहीं है। इसे केवल कुछ चयनित समानताओ और शिरोबिंदु के साथ आवश्यकता के अनुसार सही ढंग से रखा जा सकता है।


Q. 168519 'पृथ्वी का छोटा रूप' क्या है? इस मॉडल के लक्षण क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी के मॉडल को छोटी मापनी की सहायता से कागज की समतल सतह पर दर्शाया जाता है। इस मॉडल की विशेषताऍ है:

i) यह मॉडल लगभग गोलाभ होता है।

ii) इसमें ध्रुव का व्यास विषुवतीय व्यास से छोटा होता है।

iii) इस पर रेखाजाल को स्थानांतरित किया जा सके।


Q. 168520 वे सार्वभौमिक गुण क्या हैं जिन्हे मानचित्र प्रक्षेपण के दौरान संरक्षित करने की जरूरत होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सार्वभौमिक गुणों को मानचित्र प्रक्षेपण के दौरान संरक्षित करने की जरूरत होती है:

i)  क्षेत्र के दिए गए किन्ही भी बिंदुओ के बीच दूरी

ii)  क्षेत्र की आकृति

iii) आकार या सटीकता में इस क्षेत्र के क्षेत्र

iv) एक और बात करने के लिए इस क्षेत्र के असर के किसी भी बिंदु का निर्देशन


Q. 168521 निम्नलिखित के लिए आप कौन-से प्रक्षेपण का प्रयोग करेंगे? i) विश्व महासागरीय मार्ग ii) गन्ने का वितरण iii) ड्रेनेज पैटर्न iv) संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i) मर्केटर प्रक्षेपण

ii) बेलनाकार सम क्षेत्र प्रक्षेपण

iii) मर्केटर प्रक्षेपण

iv) एक मानक अक्षांश रेखा वाला शंवुफ प्रक्षेप


Q. 168522 उन रेखाओं के बीच अंतर बताइए जो रेखाजाल का निर्माण करती है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

रेखाएं जो ग्लोब पर रेखाजाल का निर्माण करती है वे अक्षांशों और देशांतर के शिरोबिंदु के समानांतर होती हैं।

समानांतर: भूमध्य रेखा से एक जगह से उत्तर या दक्षिण की कोणीय दूरी को अक्षांश कहा जाता है है। भूमध्य रेखा से पूर्व-पश्चिम में खींची हुई समानांतर रेखाओ को अक्षांश कहा जाता हैं। 90 º अक्षांश रेखाए पर भूमध्य रेखा के उत्तर और 90 º अक्षांश रेखाए भूमध्य रेखा के दक्षिण है।

मध्याह्न : जो कडी उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव को जोड़ती है उसे देशांतर का शिरोबिंदु कहा जाता है। ग्रीनविच के माध्यम से गुजरने वाले मध्याह्न को प्रधान मध्याह्न के रूप में जाना जाता है। प्रधान मध्याह्न के पूर्व और पश्चिम की ओर 180 शिरोबिंदु हैं। इस प्रकार सभी 360 शिरोबिंदु हैं।

 


Q. 168523 मानक समानांतर के साथ शंक्वाकार प्रक्षेपण की प्रमुख विशेषताओं को बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानक समानांतर के साथ शंक्वाकार प्रक्षेपण की विशेषताऍ इस प्रकार है:

i. समानांतर पैमाने केवल मानक समानांतर के साथ सही है। उत्तर और दक्षिण में आगे बढ़ने के लिए यह अतिशयोक्तिपूर्ण है।

ii. सभी समानताएं गहरे चक्र के वृत्तांश हैं और समान रूप से स्थित है।

iii. मध्याह्न पैमाने हर जगह सही है।

iv. ध्रुव एक चाप का प्रतिनिधित्व करता है।

v. शिरोबिंदु और समानताएं सही कोण पर एक दूसरे को काटती है।

vi. आकार के विरूपण मानक समानताओ के दोनों ओर उत्तर और दक्षिण के रूप में होता है, प्रक्षेपण न तो बराबर होता है और न ही यथाकृतिक प्रक्षेप होता है।


Q. 168524 दिगंश और यथाकृतिक प्रक्षेपण के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दिगंश प्रक्षेपण

यथाकृतिक प्रक्षेपण

i) इसे वास्तविक आकार प्रक्षेपण भी कहा जाता है।

i) इसे वास्तविक प्रभाव प्रक्षेपण भी कहा जाता है।

ii) विभिन्न क्षेत्रों के आकार को सही ढंग से चित्रित किया जाता हैं।

ii)  केंद्र से सभी बिंदुओं की दिशा का सही ढंग से प्रतिनिधित्व करते है।

iii) आकार को क्षेत्र और दूरी की कीमत पर बनाए रखा है।

iii) मानचित्र प्रक्षेपण में अन्य गुणों को बनाए रखा है जैसे- दूरी, क्षेत्र और आकार।

iv) वैमानिक चार्ट और अन्य नक्शे के लिए प्रयुक्त, जहां दिशात्मक संबंध महत्वपूर्ण हैं।

iv) नेविगेशन प्रयोजनों के लिए उपयोग।


Q. 168525 मानचित्र का प्रक्षेपण करने के संदर्भ में महत्वपूर्ण भौगोलिक संबंध क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानचित्र का प्रक्षेपण करने के संदर्भ में महत्वपूर्ण भौगोलिक संबंध निम्नलिखित हैं:

i) भूभाग, जल निकाय या राजनीतिक इकाइयों के आकार।

ii) भूभाग, जल निकाय या राजनीतिक निकायों के क्षेत्र।

iii) स्थानों की दूरी।


Q. 168526 मानचित्र प्रक्षेपण को वर्गीकृत करने के लिए इस्तेमाल किये गए मापदंड पर चर्चा करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानचित्र प्रक्षेपण निम्नलिखित मानदंडों का उपयोग कर वर्गीकृत किया जा सकता है

i) वैश्विक गुण: वैश्विक गुणों के आधार पर,

प्रक्षेपण को बराबर क्षेत्रो या होमोलोग्राफीय प्रक्षेपण, यथाकृतिक प्रक्षेपण,

दिगंश प्रक्षेपण और सम-दूर के प्रक्षेपण  में वर्गीकृत किया जाता हैं।

ii) प्रकाश के स्रोत: प्रकाश के स्रोत के स्थान के आधार पर, प्रक्षेपण को शंकु क्षेत्र त्रिविम अरीय मापक और लिखने का प्रक्षेपण संबंधी के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।

iii) विकास योग्य सतह: विकास के सतह की प्रकृति के आधार पर प्रक्षेपण को बेलनाकार, शंक्वाकार और शीर्षबिंदु अनुमानों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।

iv) तकनीकी ड्राइंग: निर्माण की विधि के आधार पर, प्रक्षेपण को परिप्रेक्ष्य, गैर परिप्रेक्ष्य और परम्परागत में वर्गीकृत किया जा सकता है।


Q. 168527 मानचित्र प्रक्षेपण के चयन के मानदंड क्या हैं? मानचित्र प्रक्षेपण पर सुझाव दीजिए जिसे विभिन्न अक्षांशों और अधिकार क्षेत्र के आकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानचित्र प्रक्षेपण का चयन निर्भर करता है:

i. उद्देश्य जिसके लिए आकड़ो का प्रयोग किया जाता है

ii. गुण जिसकी विकृति कम है

iii. सीमा और क्षेत्र का स्थान

अक्षांशीय क्षेत्र का अधिकार:

क) कम-अक्षांश - बेलनाकार प्रक्षेपण

ख) मध्य अक्षांश - शंक्वाकार प्रक्षेप

ग) ध्रुवीय अक्षांश - प्लानर प्रक्षेपण

आकार के क्षेत्र का अधिकार:

क) पूर्व-पश्चिम सीमा - शांकव या बेलनाकार

ख) उत्तर-दक्षिण सीमा - बेलनाकार

ग) स्क्वायर या परिपत्र - प्लानर


Q. 168528 प्रक्षेपण को पहचानें। चित्र की मदद से इस प्रक्षेपण के निर्माण के विभिन्न चरण नीचे लिखें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह एक शंक्वाकार प्रक्षेपण है। इसका प्रयोग मध्य अक्षांश क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है।

शंक्वाकार प्रक्षेपण के निर्माण के चरण:

i) ग्लोब पर एक शंकु लपेटें।

ii) प्रकाश की मदद से कोन पर रेखाजाल नेटवर्क की छाया को प्रक्षेपित करे।



iii) शंकु को लंबाई में काटें।

iv) एक प्रक्षेपण खुली हुई फ्लैट शीट पर प्राप्त किया जाता है।

 


Q. 168529 एक मानक समानांतर के साथ शंक्वाकार प्रक्षेपण के उपयोग और सीमाओं को बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सीमाएं:

i. इस प्रक्षेपण का आकार और क्षेत्र अत्यधिक विकृत है।

ii. एक विपरीत गोलार्द्ध में चरम विकृतियाँ जिसमे मानक समानांतर का चयन किया जाता है।

iii. बड़े क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपयुक्त नहीं है चूँकि ध्रुव के साथ और निकट विकृति के रूप में भूमध्य रेखा बड़ी है।

उपयोग:

i. इस प्रक्षेपण का सामान्यतः सीमित अक्षांशीय और लम्बी देशन्तरीय सीमा के साथ मध्य अक्षांश के क्षेत्रों दिखाने के लिए प्रयोग किया जाता है।

ii.भूमि की लंबी संकीर्ण पट्टी मानक समानांतर के समानांतर चल रही है और पूर्व-पश्चिम का विस्तार सही ढंग से इस प्रक्षेपण पर दिखाया गया है।

iii. दिशा के साथ मानक समानांतर का प्रयोग रेलवे, सड़कों, संकीर्ण नदी घाटियों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को दर्शाने के लिए किया जाता है।


Q. 168530 दो पहाड़ियों या कटकों का बीच का निम्न क्षेत्र कहलाता हैं:


A.

पठार

B.

घाटी

C.

रेत के टीले

D.

बरखान

Right Answer is: B

SOLUTION

एक घाटी दो पहाड़ियों या कटकों के बीच भूमि का निम्न क्षेत्र है, जो एक नदी या हिमानी के पार्श्व अपरदन के परिणामस्वरुप बनती है|


Q. 168531 जब V-आकार की समोच्च रेखाओं को विपरीत तरीके से दिखाया जाता है, तो यह दर्शाता है:


A.

पर्वतस्कंध

B.

नतछाद

C.

मैदान

D.

पर्वत

Right Answer is: A

SOLUTION

पर्वत श्रृंखलाओं से घाटी की ओर की झुकी हुई उत्तल ढाल वाली आकृति को स्पर या पर्वतस्कंध कहा जाता है|


Q. 168532 दो समोच्च रेखाओं के बीच की क्षैतिजीय दूरी को कहते हैं:


A.

ढाल

B.

क्षैतिज तुल्यांक

C.

क्षैतिज प्रवणता

D.

क्षितिज

Right Answer is: B

SOLUTION

जब ढाल मंद हो तो क्षैतिज तुल्यांक भी कम होता है|


Q. 168533 भिन्न-भिन्न ऊंचाइयों पर बनी दो समोच्च रेखाएँ आम तौर पर:


A.

एक दूसरे को काटती हैं

Right Answer is: B

SOLUTION

दो भिन्न-भिन्न ऊंचाइयों पर बनी समोच्च रेखाएँ एक दूसरे को कभी नहीं काटतीं|


Q. 168534 संदर्श दृश्य से समतलमिति दृश्य में फ़ोटोग्राफ़ का परिवर्तन करना:


A.

आस्ट्रोफ़ोटो कहा जाता है।

B.

उपग्रह फ़ोटो कहा जाता है।

C.

आर्थोफ़ोटो कहा जाता है।

D.

इन्फ्ररेड फ़ोटो कहा जाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

वायव फ़ोटो से मानचित्र बनाने के पूर्व उनके संदर्श दृश्य से समतलमिति दृश्य में परिवर्तन करना आवश्यक होता है। इस तरह के रूपांतरित चित्रों को आर्थोफ़ोटो कहा जाता है।


Q. 168535 कैमरा लेंस एवं चित्रित धरातल के बीच की लम्बवत दूरी को :


A.

केंद्रीय बिंदु कहा जाता है।

B.

मुख्य बिंदु कहा जाता है।

C.

उड्डयन तुंगता कहा जाता है।

D.

अधोबिंदु कहा जाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

विमान जहाँ से फ़ोटोग्राफ़ लिया जाता है और धरातल के बीच की लम्बवत दूरी उड्डयन तुंगता है।


Q. 168536 वायव फ़ोटोग्राफ़ :


A.

संदर्श प्रक्षेप का एक प्रकार है।

B.

केंद्रीय प्रक्षेप का एक प्रकार है।

C.

समांतर प्रक्षेप का एक प्रकार है।

D.

लंबकोणीय प्रक्षेप का एक प्रकार है।

Right Answer is: B

SOLUTION

वायव फ़ोटोग्राफ़ केंद्रीय प्रक्षेप होते हैं क्योंकि यह बहुत ऊँचाई पर से क्षेत्र का आलोकन करता है जहाँ से कैमरा की किरणें लगभग लंबवत गिरती हैं।


Q. 168537 मापन के आधार पर वायव फ़ोटोग्राफ़ :


A.

तीन प्रकारों में वर्गीकृत किए जा सकते हैं।

B.

चार प्रकारों में वर्गीकृत किए जा सकते हैं।

C.

पाँच प्रकारों में वर्गीकृत किए जा सकते हैं।

D.

छह प्रकारों में वर्गीकृत किए जा सकते हैं।

Right Answer is: A

SOLUTION

मापन के आधार पर वायव फ़ोटोग्राफ़ को बृहत्-पैमाना फ़ोटोग्राफ़, मध्यम-पैमाना फ़ोटोग्राफ़ और लघु-पैमाना फ़ोटोग्राफ़ में विभाजित किया जा सकता है।


Q. 168538 फ़ोटोग्राममिति का इस्तेमाल :


A.

मानचित्र बनाने में किया जा सकता है।

B.

स्थलाकृतिक मानचित्र को बनाने और नवीनतम करने में किया जा सकता है।

C.

चित्रों के निर्वचन में किया जा सकता है।

D.

मानचित्रों को नवीनतम करने में किया जा सकता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

फ़ोटोग्राममिति का इस्तेमाल स्थलाकृतिक मानचित्र को बनाने और नवीनतम करने के लिए एक आँकड़ा स्रोत के रूप में किया जा सकता है। 


Q. 168539 भारत में वायव फ़ोटो को लेने के लिए सरकारी तौर पर अधिकृत एजेंसियों की कुल संख्या :


A.

एक है।

B.

दो है।

C.

तीन है।

D.

चार है।

Right Answer is: C

SOLUTION

भारत में तीन उड्डयन एजेंसियों - भारतीय वायु सेना, वायु सर्वेक्षण कंपनी (कोलकाता) तथा राष्ट्रीय सुदूर संवेदी संस्था (हैदराबाद) को भारत में वायव फ़ोटो को लेने के लिए सरकारी तौर पर अधिकृत किया गया है।


Q. 168540 इरावदी डेल्टा के वनों का वायु सर्वेक्षण :


A. 1920-21 के दौरान पूरा हुआ था।

B. 1921-22 के दौरान पूरा हुआ था।

C. 1922-23 के दौरान पूरा हुआ था।

D. 1923-24 के दौरान पूरा हुआ था।

Right Answer is: D

SOLUTION

भारतीय सर्वेक्षण विभाग के वायु सर्वेक्षण के द्वारा इरावदी डेल्टा के वनों का वायु सर्वेक्षण किया गया, जो कि 1923-24 के दौरान पूरा हुआ था।


Q. 168541 भारत में वायव फ़ोटोग्राफ़ी का प्रथम उपयोग:


A.

1995 में किया गया था।

B.

1930 में किया गया था।

C.

1920 में किया गया था।

D.

1940 में किया गया था।

Right Answer is: C

SOLUTION

1920 में बड़े पैमाने पर आगरा शहर की वायव फ़ोटोग्राफ़ी ली गई थी। यह प्रथम बार था जब भारत में वायव फ़ोटोग्राफ़ी का इस्तेमाल किया गया था।


Q. 168542 वायव फ़ोटो के माध्यम से विश्वसनीय माप लेने का विज्ञान एवं तकनीक :


A.

फ़ोटोग्रैमी कहलाता है।

B.

फ़ोटोग्राममिति कहलाती है।

C.

वायु-फ़ोटोग्राफ़ी कहलाता है।

D.

प्रतिबिंब निर्वचन कहलाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

फ़ोटोग्राममिति में वायव फ़ोटो के माध्यम से लंबाई, चौड़ाई तथा ऊँचाई को परिशुद्धता से मापा जाता है।


Q. 168543 प्रकाश की किरणों के बंडल का उत्पत्ति बिंदु:


A.

उत्पत्ति का केंद्र कहा जाता है।

B.

संदर्श बिंदु कहा जाता है।

C.

कैमरे की आँख कहा जाता है।

D.

कैमरा लेंस कहा जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रत्येक प्रकाश किरण जो कैमरा लेंस के माध्यम से फिल्म की सतह तक पहुँचती है जिसे गणितीय रूप से एकल बिंदु माना जाता है, वह संदर्श बिंदु है।


Q. 168544 लक्ष्यों के बिंबों को पहचानने एवं उनके सापेक्षिक महत्त्व के संबंध को जानने का कार्य :


A.

प्रतिबिंब वर्गीकरण के रूप में जाना जाता है।

B.

प्रतिबिंब विश्लेषण के रूप में जाना जाता है।

C.

प्रतिबिंब निर्वचन के रूप में जाना जाता है।

D.

प्रतिबिंब प्रक्रिया के रूप में जाना जाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रतिबिंब निर्वचन विम्बविधान से जानकारी प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।


Q. 168545 उड़ान की दिशा में खींचे गए एक ही क्षेत्र के दो क्रमिक फ़ोटोग्राफ़ :


A.

प्रवाह के रूप में जाने जाते हैं।

B.

क्रैब के रूप में जाने जाते हैं।

C.

पश्च व्यापन के रूप में जाने जाते हैं।

D.

अग्र व्यापन के रूप में जाने जाते हैं।

Right Answer is: D

SOLUTION

क्रमिक फ़ोटोग्राफ़ लेते समय सामान्यतः तस्वीरों का अति व्यापन हो जाता है। यह अग्र व्यापन के रूप में जाना जाता है और इसे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है।


Q. 168546 सूचक चिह्न जो कैमरे के किनारों से जुड़े होते हैं:


A.

सूचक कहे जाते हैं।

B.

निर्देश चिह्न कहे जाते हैं।

C.

लाघव चिह्न कहे जाते हैं।

D.

अधोबिंदु कहे जाते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

जब फिल्म को निकाला जाता है, तब ये निर्देश चिह्न फिल्म निगेटिव पर दिखाई देते हैं।


Q. 168547 वायुयानों में प्रयोग किया जाने वाला विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया परिशुद्ध कैमरे को :


A.

पिनहोल कैमरा कहा जाता है।

B.

सेंसर कैमरा कहा जाता है।

C.

वायु-कैमरा कहा जाता है।

D.

उपग्रह कहा जाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

1911 में पहली बार एक रूसी सैन्य इंजीनियर द्वारा एक विशेष अर्ध स्वचालित वायु-कैमरा बनाया गया। इस वायु-कैमरा का उपयोग प्रथम विश्व युद्ध के दौरान किया गया था।


Q. 168548 प्रकाशीय अक्ष में 3 डिग्री से अधिक विचलन वाला फ़ोटोग्राफ़:


A.

नत फ़ोटोग्राफ़ कहा जाता है।

B.

ऊर्ध्वाधर फ़ोटोग्राफ़ कहा जाता है।

C.

अतितिर्यक फ़ोटोग्राफ़ कहा जाता है।

D.

अभिवर्धित फ़ोटोग्राफ़ कहा जाता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

ऊर्ध्वाधर अक्ष से प्रकाशीय अक्ष में 3° से अधिक विचलन वाला फ़ोटोग्राफ़ नत फ़ोटोग्राफ़ होता है।


Q. 168549 अल्प तिर्यक फ़ोटोग्राफ़:


A.

15° से 20° के अभिकल्पित विचलन के साथ लिए जाते हैं।

B.

15° से 25° के अभिकल्पित विचलन के साथ लिए जाते हैं।

C.

15° से 30° के अभिकल्पित विचलन के साथ लिए जाते हैं।

D.

15° से 35° के अभिकल्पित विचलन के साथ लिए जाते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

15° से 30° के अभिकल्पित विचलन के साथ लिए गए वायव फोटो को अल्प तिर्यक फ़ोटोग्राफ़ कहते हैं। इसका उपयोग प्रायः प्रारंभिक सर्वेक्षणों में होता है।


Q. 168550 -------- में धरातलीय दूरियाँ, कोण अथवा क्षेत्र सभी किसी लक्ष्य के उच्चता अंतरों से मुक्त होते हैं।


A.

समांतर प्रक्षेप

B.

लंबकोणीय प्रक्षेप

C.

केंद्रीय प्रक्षेप

D.

एक्सोनोमेट्रिक प्रक्षेपण

Right Answer is: B

SOLUTION

लंबकोणीय प्रक्षेप समांतर प्रक्षेप का एक रूप है जिसका उपयोग द्वि-आयामों में त्रि-आयामी वस्तु का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है।


Q. 168551 फ़ोटो दूरी एवं धरातलीय दूरी के मध्य क्या संबंध होता हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फ़ोटो दूरी एवं धरातलीय दूरी के मध्य संबंध स्थापित करना|

क.   इसके लिए, एक वायव फ़ोटो में दो पहचानने योग्य बिन्दुओं के बीच की धरातलीय दूरी आवश्यक होती है|

ख.   धरातल पर दो बिन्दुओं के बीच की दूरी Dgमापी गयी है और वायव फ़ोटो पर यह दूरीDpमापी गयी है|

ग.    वायव फ़ोटो की मापनी को Dp एवं Dg के अनुपात में मापा जाता है|


Q. 168552 वायव फ़ोटो के क्या लाभ हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वायव फ़ोटो के लाभ इस प्रकार हैं:

·         बेहतर विहंगम दृश्य

·         ऐतिहासिक अभिलेखन

·         अत्यधिक संवेदनशीलता

·         त्रिविम संदर्श


Q. 168553 एक भूगोलवक्ता फ़ोटो का उपयोग किस प्रकार से कर सकता हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक भूगोलवक्ता फ़ोटो का उपयोग निम्न के लिए करता है:

·         प्राकृतिक और मानवीय वातावरण की व्याख्या करने के लिए

·         विश्व के विभिन्न स्थानों की तुलना करने के लिए

·         समय के साथ स्थानों में परिवर्तन प्रदर्शित करने के लिए


Q. 168554 नदी को पार करती हुई समोच्च रेखाएँ जब आपस में मिल जाती हैं, तो दर्शाती हैं:


A. जलप्रपात

B. रैपिड

C. U-आकार की घाटी

D. पठार

Right Answer is: A

SOLUTION

किसी नदी तल पर काफ़ी ऊँचाई से पानी का अचानक ऊध्वार्धर गिरना जलप्रपात कहलाता है|


Q. 168555 बिलकुल पास-पास बनी समोच्च रेखाएँ जो आपस में जुडी हुई प्रतीत होती हैं, दर्शाती हैं:


A.

जलप्रपात

B.

रैपिड

C.

भृगु

D.

पर्वतस्कंध

Right Answer is: C

SOLUTION

भृगु अत्यधिक तीव्र ढाल या खड़े पार्श्वों वाली भू-आकृति है|


Q. 168556 संकेंद्री समोच्च रेखाएँ जो नियमित अंतराल पर होती हैं, दर्शाती हैं:


A.

घाटी

B.

शंक्वाकार पहाड़ी

C.

U-आकार की घाटी

D.

जलप्रपात

Right Answer is: B

SOLUTION

एक शंक्वाकार पहाड़ी आसपास की भूमि से लगभग सामान रूप से उठी होती है|


Q. 168557 जब ढाल में समोच्च रेखाएँ ऊपरी भाग में दूर-दूर तथा निचले भाग में पास-पास होती हैं, तो वे दर्शाती हैं:


A.

पर्वतस्कंध

B.

टीला

C.

भृगु

D.

उत्तल ढाल

Right Answer is: D

SOLUTION

अवतल ढाल के विपरीत, उत्तल ढाल का ऊपरी भाग मंद एवं निचला भाग खड़ा होता है|


Q. 168558 जब ढाल में समोच्च रेखाएँ निचले भाग में दूर-दूर तथा ऊपरी भाग में पास-पास होती हैं, तो वे दर्शाती हैं:


A.

उत्तल ढाल

B.

अवतल ढाल

C.

भृगु

D.

जलप्रपात

Right Answer is: B

SOLUTION

जब उच्चावच स्थलाकृति का निचला भाग मंद ढाल वाला एवं ऊपरी भाग खड़े ढाल वाला हो, तो उसे अवतल ढाल कहा जाता है|


Q. 168559 जब समोच्च रेखाएँ एक दूसरे से काफी दूर होते हैं, तो वे दर्शाते हैं:


A.

खड़ी ढाल

B.

अवतल ढाल

C.

मंद ढाल

D.

उत्तल ढाल

Right Answer is: C

SOLUTION

जब किसी स्थलाकृति के ढाल का कोण बहुत कम होता है, तो ढाल मंद होती है|


Q. 168560 मानचित्र पर समोच्च रेखाओं को काटती हुई छोटी सरल रेखाएँ कहलाती हैं:


A.

हैश्यूर

B.

आइसोहाइट

C.

समोच्च रेखाएँ

D.

आइसोबार

Right Answer is: A

SOLUTION

मानचित्र पर समोच्च रेखाओं को लम्बवत काटती हुई महत्तम ढाल की दशा में खींची गयी छोटी सरल रेखाएँ हैश्यूर कहलाती हैं| ये भूमि के ढाल में अंतरों का बोध भी कराती हैं|


Q. 168561 वे काल्पनिक रेखाएँ जो समुद्र तल के ऊपर सामान ऊँचाई वाले स्थानों को जोड़ती हैं, कहलाती हैं:


A.

आइसोहैलाइन

B.

आइसोबार

C.

समोच्च रेखाएँ

D.

हैश्यूर

Right Answer is: C

SOLUTION

समोच्च रेखाएँ समुद्र तल के ऊपर सामान ऊँचाई वाले स्थानों को जोडती हैं| एक स्थलाकृतिक मानचित्र समोच्च रेखाओं से बनाया गया मानचित्र है|


Q. 168562 एक मानचित्र जो किसी क्षेत्र को समोच्च रेखाओं द्वारा दर्शाता है, कहलाता है:


A.

वर्णमापी मानचित्र

B.

समोच्च मानचित्र

C.

राजनैतिक मानचित्र

D.

प्राकृतिक मानचित्र

Right Answer is: B

SOLUTION

एक समोच्च मानचित्र द्वारा हम किसी भी क्षेत्र की स्थलाकृतियों को आसानी से दिखा सकते हैं|


Q. 168563 स्थलाकृतिक मानचित्र तैयार किये जाते हैं:


A.

देश की मानचित्र बनाने वाली प्रमुख संस्था द्वारा

B.

देश के नियोजन आयोग द्वारा

C.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा

D.

गृह मंत्रालय द्वारा

Right Answer is: A

SOLUTION

स्थलाकृतिक मानचित्र किसी देश की प्रमुख मानचित्र बनाने वाली संस्था द्वारा बनाया जाता है| भारत के सन्दर्भ में, ये काम भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जाता है|


Q. 168564 किस प्रकार के मानचित्रों को आधार मानचित्र माना जाता है:


A.

विश्व मानचित्र

B.

जनसँख्या मानचित्र

C.

स्थलाकृतिक मानचित्र

D.

भौतिक मानचित्र

Right Answer is: C

SOLUTION

स्थलाकृतिक मानचित्रों को आधार मानचित्र के रूप में प्रयोग किया जाता है, क्योंकि ये विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं|


Q. 168565 जब भीतरी समोच्च रेखाएँ पास-पास हों तथा जिनके समोच्च का मान कम हो, ऐसी रेखाएँ दर्शाती हैं:


A.

U-आकार की घाटी

B.

V-आकार की घाटी

C.

भृगु

D.

महाखड्ड

Right Answer is: B

SOLUTION

V-आकार की घाटियाँ पर्वतीय क्षेत्रों में पायी जाती हैं| इस प्रकार की घाटियों में बाहर की ओर स्थित समोच्च रेखाओं का मान एकसमान रूप से बढ़ता रहता है|


Q. 168566 भीतरी समोच्च रेखाओं के बीच बहुत कम अंतर दर्शाता है:


A.

महाखड्ड

B.

भृगु

C.

पठार

D.

V-आकार की घाटी

Right Answer is: A

SOLUTION

उच्च भागों में, जहाँ नदियों के पार्श्व अपरदन की अपेक्षा ऊर्ध्वार्धर अपरदन की क्रिया तीव्र होती है, वहां तंग घाटी या महाखड्ड का निर्माण होता है|


Q. 168567 ऐसी समोच्च रेखाएँ जो किनारों पर पास-पास और भीतर की ओर दूर-दूर होती हैं, दर्शाती हैं:


A.

पठार

B.

भृगु

C.

शंक्वाकार पहाड़ी

D.

घाटी

Right Answer is: A

SOLUTION

पठार एक विस्तृत चपटा उठा हुआ भूभाग, जिसकी ढाल अपेक्षाकृत पार्श्वों पर खड़ी होती है तथा जो आस-पास के मैदान या समुद्र से ऊंची उठी होती है|


Q. 168568 ऐसी बस्ती जो किसी सड़क, नदी, समुद्र, आदि के किनारे स्थित हो, उसे कहते हैं:


A. संहत बस्ती

B. प्रकीर्ण बस्ती

C. रैखिक बस्ती

D. वृत्ताकार बस्ती

Right Answer is: C

SOLUTION

एक रैखिक बस्ती आम तौर पर किसी सड़क, नदी, समुद्र, आदि के किनारे स्थित होती है|


Q. 168569 जब समोच्च रेखाएं बाहर की ओर एक समान अन्तराल के साथ बढ़ती जाती हैं और घाटी के सबसे निचले हिस्से को सबसे भीतर स्थित समोच्च रेखाओं द्वारा दर्शाया जाता है, तो इसे कहते हैं:


A.

महाखड्ड

B.

पर्वतस्कंध

C.

पठार

D.

U आकार की घाटी

Right Answer is: D

SOLUTION

ऊँचाई पर स्थित हिमानियों के पार्श्व अपरदन के कारण इस प्रकार की घाटी का निर्माण होता है|


Q. 168570 अवतल ढाल को किस प्रकार की समोच्च रेखाओं से दर्शाते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अवतल ढाल में उच्चावच स्थलाकृति का निचला भाग मंद ढाल वाला एवं ऊपरी भाग खड़े ढाल वाला होता है |

अबतल ढाल में समोच्च रेखाओं की मुख्य विशेषताएँ

·               निचले भाग में समोच्च रेखाएं दूर-दूर में स्थित होते हैं  

·               ऊपरी भाग में समोच्च रेखाएं पास-पास में स्थित होते हैं


Q. 168571 यू-आकार की घाटी क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यू आकार की घाटी का निर्माण हिमनदों द्वारा होता है और इसका नामकरण अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर "U" के आधार पर हुआ है जिससे इस घाटी की आकृति मिलती है। यू-आकार की घाटी के सबसे निचले हिस्से को सबसे भीतर स्थित  समोच्च रेखाओं के द्वारा दर्शाया जाता है तथा इसके दोनों किनारों के बीच का अंतर अधिक होता है। अपरदन के कारण इनके दोनों किनारे काफी समानान्तर एव अन्नतोदर ढाल वाले बन जाते हैं।


Q. 168572 उसे उच्चावच मानचित्र किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूपृष्ठ के उत्थान एवं अवनमन, भौतिक लक्षणों या उच्चावच के रूप में जाने जाते हैं। जो मानचित्र, भूपृष्ठ का इस उच्चावच को दर्शाते हैं, उसे उच्चावच मानचित्र कहते हैं।


Q. 168573 पृथ्वी की सतह की प्रमुख स्थलाकृतियों के नाम लिखों?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी की सतह तथा भूपृष्ठ पर पर्वतों, पहाड़ियों, पठारों और मैदानों जैसे विभिन्न स्थलाकृतियां पायी जाती हैं।


Q. 168574 हैश्यूर क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हैश्यूर मानचित्र पर समोच्च रेखाओं को लंबवत् काटती हुई महत्तम ढाल की दिशा में खींची गई छोटी सरल रेखाएँ है। ये भूमि के ढाल में अंतरों का बोध् भी कराती हैं।


Q. 168575 स्थलाकृतिक मानचित्र क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्थलाकृतिक मानचित्र अथवा भूपत्रक (Topographic map) एक बड़े पैमाने पर बना मानचित्र होता है जो सामान्य उद्देश्य के लिये बनाया जाता है और इसमें क्षेत्र का सामान्य विन्यास निरूपित होता है।


Q. 168576 स्थलाकृतिक मानचित्र में क्या दर्शाया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्थलाकृतिक नक्शे, बहुउद्देशीय बड़े पैमाने के नक्शे हैं जो एक छोटे से क्षेत्र को दिखाते हैं। वे स्पष्ट रूप से प्राकृतिक विशेषताओ जैसे- उच्चावच, जल निकासी, वनस्पति आदि और मानव निर्मित विशेषताओ, जैसे- सड़कों, रेलवे, नहरों, बस्तियों, आदि को दर्शाते है।


Q. 168577 पारंपरिक संकेत के लक्षण क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पारंपरिक संकेत की प्रमुख विशेषताऍ कम समय और स्थान में अधिक और व्यापक जानकारी देती हैं। अन्य विशेषताओं में शामिल हैं:

1. निर्माण और समझने में आसान।

2. कम खर्चीला।

3. सार्थक।

4. चिह्न, रंग और अक्षर विभिन्न विशेषताओं और घटनाओ को दर्शाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।


Q. 168578 समोच्चय रेखाओ और निर्माण रेखाओ के बीच का अंतर बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समोच्चय रेखा: एक समोच्च काल्पनिक रेखा है, जो मानचित्र पर खींची जाती है, समुद्र के स्तर से ऊपर एक ही ऊंचाई वाले स्थान इसमें शामिल है।

निर्माण रेखा: ये टूटी लाइनें हैं। इस विधि का पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्र को दिखाने के लिए आकृति के साथ सहयोग में प्रयोग किया जाता है। ये किसी भी सटीक उपाय इकाइयों के बिना तैयार होती हैं। वे छोटे विवरण का संकेत देती है जिन्हे समोच्चय रेखा से नहीं दिखाया जाता है।


Q. 168579 फोटोग्राफी के आविष्कार से कैसे एक स्थलाकृतिक नक्शे पर आकृति ड्राइंग का तरीका बदल गया है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ग्राउंड सर्वेक्षण और लेवलिंग के तरीकों का पहले स्थलाकृतिक नक्शे पर आकृति आकर्षित करने के लिए इस्तेमाल किया गया। तथापि, फोटोग्राफी और हवाई फोटोग्राफी के उपयोग के आविष्कार के बाद सर्वेक्षण, समतल और मानचित्रण के पारंपरिक तरीकों को बदल दिया गया है।

इसीलिए इन तस्वीरों स्थलाकृतिक मानचित्रण में उपयोग किया जाता है।

 


Q. 168580 आप दुनिया के अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र श्रृंखला से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विश्व के अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र की श्रृंखला के अंतर्गत स्थलाकृतिक नक्शे पूरी दुनिया के लिए मानकीकृत नक्शे का 10,00,000 और 1: 250,000 1 के पैमाने पर निर्माण करने के लिए तैयार किये जाते हैं।


Q. 168581 आपका पृथ्वी की उच्चावच विशेषताओ से क्या मतलब है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी की सतह एक समान नहीं है। यह मैदानों से पठारों और पहाड़ियों से पहाड़ों से भिन्न होते है। पृथ्वी की सतह पर यह उन्नयन और अवसाद पृथ्वी पर उच्चावच विशेषताओ के रूप में जाना जाता है।


Q. 168582 वे विभिन्न कारक क्या हैं जो एक बस्ती के स्थल का निर्धारण करते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कई कारक जो एक बस्ती के स्थल का निर्धारण करते है  :

(i) जल के स्रोत

(ii) भोजन का प्रावधान

(iii) राहत की प्रकृति

(iv) व्यवसाय की प्रकृति और विशेषताए

(v) रक्षा।


Q. 168583 हम कैसे समोच्च रेखाओ से चट्टानो की पहचान करते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक चट्टान का चित्रण समोच्च रेखाओ से जो एक दूसरे के बहुत करीब चलती है और अंत में एक में विलीन हो जाती है। एक चट्टान स्थालाकृति का एक बहुत खड़ा या लगभग लम्बा स्वरूप है।


Q. 168584 ऊर्ध्वाधर अंतराल और क्षैतिज समानता के बीच का अंतर बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्ध्वाधर अंतराल: ऊर्ध्वाधर अंतराल लगातार दो समोच्चय रेखाओ के बीच ऊंचाई में अंतर है।

क्षैतिज अंतराल: क्षैतिज बराबर लगातार दो समोच्चय रेखाओ के बीच क्षैतिज दूरी है।


Q. 168585 कौनसी श्रृंखला निर्देशों के अनुसार तैयार की गई है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जिस पैमाने की श्रृंखला को 1/2":1 मील या 1":2 मील और अक्षांशीय और देशांतरीय सीमा ½º या 30 'के निर्देशों के अनुसार तैयार किया जाता है। नवीनतम श्रृंखला 1: 25,000 पैमाना जिसका अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार 7 ½’ को भी निर्देशों के अनुसार तैयार किया जाता है।


Q. 168586 मिलियन शीट से आपका क्या मतलब है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूरे देश को 4x4 डिग्री शीट में विभाजित करने की योजना है प्रत्येक को 39,40,41 आदि के रूप में गिना जा रहा है उन्हें प्रसिद्ध शहर के नाम या शहर के रूप में भी अंकित किया जा रहा है जैसे दिल्ली-श्रीनगर शीट। इन परतो को मिलियन शीट कहा जाता है।


Q. 168587 महाखड्ड क्या है और यह कैसे एक स्थलाकृतिक नक्शे पर दर्शाया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

महाखड्ड उच्च ऊंचाई क्षेत्रों में बनते हैं, जहां नदी द्वारा खड़े कटाव पार्श्व कटाव से अधिक महत्वपूर्ण है। वे खड़े पक्षों के साथ गहरी और संकरी नदी घाटियाँ हैं।

महाखड्ड को नक्शे पर बहुत बारीकी से दूरी समोच्च लाइनों द्वारा इसके दो पक्षों के बीच छोटे से अंतराल को दिखाने के लिए अंतरतम समोच्च के साथ नक्शे पर दर्शाया जाता है। 


Q. 168588 अवतल और उत्तल ढलान के बीच अंतर करने वाले कोई भी दो दे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अवतल ढलान

उत्तल ढलान

यह अपने ऊपरी भागों में एक कोमल निचले और ढलान वाले हिस्सों में खड़ी है।

इसकेर ऊपरी हिस्से में एक काफी कोमल ढलान है और निचले हिस्से में खड़ी है।

आकृति में निचले हिस्सों में व्यापक है और ऊपरी भागों में संकरे है।

आकृति में ऊपरी भागों में व्यापक है और निचले हिस्सों में संकरे है।


Q. 168589 समोच्च रेखाओं की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समोच्च रेखाओं की मुख्य विशेषताएं निम्न हैं :

क. समोच्च रेखाएँ, समुद्र तल के ऊपर विभिन्न उर्ध्वाधर अंतरालों जैसे- 20, 50, 100 मीटर पर खींची जाती हैं।

ख. इसे समोच्च रेखाओं का अंतराल कहा जाता है |

ग. एक स्थान से दूसरे स्थान पर, दो समोच्च रेखाओं के बीच की क्षैतिजीय दूरी, ढाल की प्रकृति ऊपर निर्भर करता है |

घ. क्षैतिज दूरी को क्षैतिज तुल्यांक के नाम से भी जाना जाता है |

ङ. यह क्षैतिज तुल्यांक, भूमि की मंद ढाल के लिए अधिक एवं तीब्र ढाल के लिए कम होता है |


Q. 168590 पृथ्वी की सतह से उच्चावच विशेषताओं को दिखाने के लिए अलग-अलग तरीके क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानचित्रों पर उच्चावच लक्षणों को प्रदर्शन करने के लिए अनेक विधियों का उपयोग होता है। ये विधियाँ हैं:

  • हैश्यूर
  • पहाड़ी छायांकन
  • स्तर आभा
  • बेंच मार्क
  • स्थानिक ऊँचाई तथा समोच्च रेखा


Q. 168591 फ़िल्म की विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम संवेदनशीलता


A.

0.1 से 0-3 μm के बीच होती है।

B.

0.3 से 0-9 μm के बीच होती है।

C.

0.9 से 0-12 μm के बीच होती है।

D.

0.12 से 0-15 μm के बीच होती है।

Right Answer is: B

SOLUTION

हमारी आँखें विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम के दृश्य क्षेत्रों, अर्थात् 0-4 से 0-7 μm  में देख सकती हैं, जबकि फ़िल्म की संवेदनशीलता 0.3 से 0-9 μm  के बीच होती है।


Q. 168592 ऊर्ध्वाधर फ़ोटोग्राफ़:


A.

स्थलाकृतिक एवं थिमैटिक मानचित्रण के लिए अनुकूल होता है।

B.

सूक्ष्म स्तर अध्ययनों के लिए अनुकूल होता है।

C.

निदर्शी अध्ययनों के लिए अनुकूल होता है।

D.

क्लोरोप्लेथ मानचित्रण के लिए अनुकूल होता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

ऊर्ध्वाधर फ़ोटोग्राफ़ का उपयोग स्थलाकृतिक एवं थिमैटिक मानचित्रण के अलावा सुदूर संवेदन में भी किया जाता है।


Q. 168593 अल्प तिर्यक फ़ोटोग्राफ़ एवं अति तिर्यक फ़ोटोग्राफ़:


A.

चित्रण में उपयोगी होते हैं।

B.

स्थलाकृतिक मानचित्रण में उपयोगी होते हैं।

C.

प्रारंभिक सर्वेक्षण में उपयोगी होते हैं।

D.

थिमैटिक मानचित्रण में उपयोगी होते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रारंभिक सर्वेक्षण क्षेत्र सर्वेक्षण के एक प्रकार का प्रतिनिधित्व करता है जिसका प्रायः उपयोग परियोजना क्षेत्र के भीतर ऐतिहासिक गुणों की उपस्थिति या अनुपस्थिति के बारे में प्रारंभिक जानकारी इकट्ठा करने के लिए किया जाता है।


Q. 168594 आविल जलाशय क्षेत्र:


A.

गहरे नीले रंग में दिखाई देते हैं।

B.

हल्के नीले रंग में दिखाई देते हैं।

C.

मध्यम नीले रंग में दिखाई देते हैं।

D.

बिना किसी रंग में दिखाई देते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

आविल जलाशय क्षेत्र दृश्य स्पेक्ट्रम के नीले व हरे क्षेत्रों की किरणों को अपेक्षाकृत अधिक परावर्तित करते हैं और उपग्रहों से प्राप्त प्रतिबिंबों में ये हल्के नीले रंग में दिखाई देते हैं। यह अधिक परावर्तकता एवं कम अवशोषणांश के कारण होता है।


Q. 168595 शुद्ध जल युक्त भाग उपग्रहों से प्राप्त प्रतिबिंबों में --------नजर आते हैं।


A.

हल्के रंग

B.

गहरे काले रंग

C.

भूरे रंग

D.

रंगहीन

Right Answer is: B

SOLUTION

शुद्ध जल युक्त भाग स्पेक्ट्रम के लाल व अवरक्त वर्णक्रम प्रदेशों में ऊर्जा किरणों का सर्वाधिक अवशोषण करते हैं तथा उपग्रहों से प्राप्त प्रतिबिंबों में ये गहरे काले नजर आते हैं। इसका कारण विशाल अवशोषणांश है।


Q. 168596 सुदूर संवेदन में प्रयोग किया जाने वाला सबसे महत्त्वपूर्ण ऊर्जा का स्रोत:


A.

सूर्य है।

B.

जल है।

C.

इलेक्ट्रॉन है।

D.

परमाणु ऊर्जा है।

Right Answer is: A

SOLUTION

सुदूर संवेदन में ऊर्जा का सबसे महत्त्वपूर्ण स्रोत सूर्य है। किसी वस्तु एवं स्वभाव के विषय में सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए कृत्रिम ऊर्जा का भी उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि फ्लेशगन तथा राडार में प्रयुक्त ऊर्जा बिंब।


Q. 168597 विद्युत-चुम्बकीय विकिरण भिन्नता का रेखांकन :


A.

तरंगदैर्ध्य कहा जाता है।

B.

विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम कहा जाता है।

C.

विद्युत-चुम्बकीय विकिरण कहा जाता है।

D.

सौर विकिरण कहा जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

विद्युत-चुम्बकीय तरंगों का क्रमिक वितरण (तरंगदैर्ध्य या आवृत्ति के अनुसार) अलग समूहों के रूप में होता है और व्यापक रूप से गुण भिन्नता होती है, इसे विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम कहा जाता है। विद्युत-चुम्बकीय विकिरण का सांतत्यक रूप जिसका परिसर उच्च आवृति वाली लघु तरंगी अंतरक्षीय तरंगों से लेकर निम्न आवृति वाली दीर्घ तरंगी रेडियो तरंगों तक होता है।


Q. 168598 एफसीसी प्रतिबिंब में तरंगदैर्ध्य क्षेत्रों के लिए निर्दिष्ट रंग:


A.

पीले, हरे, लाल होते हैं।

B.

हरे, सफेद, काला होते हैं।

C.

नीले, हरे, लाल होते हैं।

D.

नीले, पीले, लाल होते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रतिबिंब में तरंग दैर्ध्य क्षेत्रों के लिए निर्दिष्ट रंग नीले, हरे, लाल होते हैं। उदाहरण के तौर पर एक मानक त्रियक रंगी मिश्र (एफसीसी) में नीला रंग हरे विकिरण क्षेत्र (0.5 से 0.6 माक्रोमीटर) को, हरा रंग लाल विकिरण क्षेत्र (0.6 से 0. 7 माक्रोमीटर) और लाल रंग अवरक्त क्षेत्र (0.7 से 0.8 माक्रोमीटर) वाले विकिरण क्षेत्रों को निर्दिष्टि किए जाते हैं।


Q. 168599 कृत्रिम रूप से उत्पादित रंगीन बिम्ब:


A.

FCC के रूप में जाना जाता है।

B.

FCP के रूप में जाना जाता है।

C.

FCO के रूप में जाना जाता है।

D.

FDT के रूप में जाना जाता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

FCC का अर्थ त्रियक रंगी मिश्र होता है। यह वस्तु का असली रंग प्रदर्शित नहीं करता है जैसा  वे आंखों के लिए प्रतीत होती हैं। कृत्रिम रूप से उत्पादित रंगीन बिम्ब जिसमें नीला, हरा और लाल रंग उन तरंग क्षेत्रों को निर्दिष्टि किया जाता है जो प्राक्रतिक रूप से अलग होते हैं।


Q. 168600 प्रकाश की गति से ऊर्जा का किसी दिक्स्थान अथवा माध्यम से होने वाला प्रवर्धन:


A.

तरंग दैर्ध्य कहा जाता है।

B.

विद्युत-चुम्बकीय वर्णक्रम कहा जाता है।

C.

विद्युत-चुम्बकीय विकिरण कहा जाता है।

D.

सौर विकिरण कहा जाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

विद्युत-चुम्बकीय विकिरण सूर्य से ऊर्जा तरंगों के रूप में विस्तारित होकर प्रकाश गति से पृथ्वी के धरातल तक पहुँचती है। यह ऊर्जा का एक तरंग रूप है। इसका वर्णन तरंग दैर्ध्य या आवृत्ति के संदर्भ में  किया गया है। इसमें विभिन्न प्रकार की तरंगदैर्ध्य प्रतिरूप होते हैं। आवृत्ति और तरंगों के आकार के आधार पर, ऊर्जा तरंगों को विभिन्न तरंगों के समूह में बांटा जाता


PreviousNext