CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 168601 एक अंकीय प्रतिबिंब में एक पिक्सल का अंकीय मान :


A.

नंबर होता है।

B.

अंकीय नंबर होता है।

C.

अंकीय मान होता है।

D.

अंकीय बार होता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

एक डिजिटल नंबर एक पिक्सल के विकिरण मान का औसत होता है। यह मान संवेदक द्वारा प्राप्त विद्यतु-चुंबकीय ऊर्जा पर आधारित है। इसकी गहनता का स्तर इसके प्रास को व्यक्त करता है।


Q. 168602 पंक्तियों एवं स्तंभों पर क्रमानुसार व्यवस्थित अंकिक संख्या:


A.

प्रतिबिंब के रूप में जाना जाता है।

B.

अंकीय बिम्ब के रूप में जाना जाता है।

C.

वायव फ़ोटोग्राफ़ी के रूप में जाना जाता है।

D.

फोटोग्राफ़िक प्रतिबिम्ब के रूप में जाना जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

अंकीय प्रतिबिंब अलग-अलग पिक्चर तत्त्वों के मेल से बनते हैं। इन्हें पिक्सल कहा जाता है। प्रत्येक पिक्सल का एक अंकीय मान होता है और धरातल के द्विविमीय बिंब को इंगित करता है।


Q. 168603 सुदूर संवेदन में प्रयोग की जाने वाली ऊर्जा तरंगें :


A.

पराबैंगनी किरणें हैं।

B.

अवरक्त किरणें हैं।

C.

रेडियो तरंगें हैं।

D.

गामा किरणें हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

सुदूर संवेदन में प्रयोग की जाने वाली ऊर्जा तरंगें दृश्य, अवरक्त व माइक्रोवेव तरंगें हैं। अवरक्त तरंगें मुश्किल से दिखाई देती हैं। ये गर्म विकिरण होती हैं, सभी गर्म निकाय अवरक्त किरणों के स्रोत होते हैं।


Q. 168604 संवेदना के आंकड़े का स्वचालित अभ्यास में गुणात्मक व मात्रात्मक दोनों ही प्रकार की विशेषताएँ:


A.

अंकीय बिम्ब प्रक्रमण तकनीक है।

B.

चाक्षुष निर्वचन है।

C.

क्रमवीक्षण है।

D.

प्रक्रमण है।

Right Answer is: B

SOLUTION

गुणात्मक व मात्रात्मक दोनों ही प्रकार की विशेषताएँ चाक्षुष निर्वचन अथवा अंकीय बिम्ब प्रक्रमण तकनीक द्वारा प्राप्त की जा सकती हैं। चाक्षुष निर्वचन करना एक स्वचालित अभ्यास है, जो बिंबों में किसी भी वस्तु को देखकर उसकी पहचान करता है। दूसरी तरफ, डिजिटल इमेज से हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर दोनों के संयुक्त प्रयोग से ही इच्छित सूचनाएँ प्राप्त की जा सकती हैं।


Q. 168605 जब भूपृष्ठ वस्तुओं से ऊर्जा परावर्तित होती हैं, तो यह वायुमंडल में :


A.

नष्ट हो जाती है।

B.

उपस्थिति रहती है।

C.

उत्पन्न होती है।

D.

पुनः प्रवेश करती है।

Right Answer is: D

SOLUTION

जब भू-पृष्ठ वस्तुओं से ऊर्जा परावर्तित होती हैं, तो यह पुनः वायुमंडल में प्रवेश करती है। वायुमंडल में गैस, जलकण व धूलकण आदि व्याप्त हैं। वस्तुओं द्वारा परावर्तित ऊर्जा इन वायुमंडलीय घटकों के संपर्क में आती है और वास्तविक ऊर्जा की विशेषताओं में परिवर्तन आ जाता है।


Q. 168606 --------------- सूर्य प्रकाश किरण का कोण व उस वस्तु की ऊँचाई का द्योतक है।


A.

आकार

B.

आकृति

C.

छाया

D.

गठन

Right Answer is: C

SOLUTION

छाया सूर्य प्रकाश किरण का कोण व उस वस्तु की ऊँचाई पर निर्भर करती है।
कुछ वस्तुओं की आकृति उनकी छाया के अभाव में पहचान पाना मुश्किल होता है। उदाहरण के रूप में, एम्पायर स्टेट बिल्डिंग, कुतुब मीनार, भवनों पर बनीं जल टंकियाँ केवल छाया द्वारा ही पहचानी जा सकती हैं। छाया, प्रतिबिंब व्याख्या का महत्त्वपूर्ण कारक है, उपग्रही प्रतिबिम्बों की व्याख्या में छाया कम महत्त्वपूर्ण है।


Q. 168607 पूरे क्षेत्र का विस्कब्रूम क्रमवीक्षक का प्रकाशीय सिरा एक निश्चित आयाम का होता है, जिसे :


A.

कुल दृष्टि क्षेत्र (TFOV) क्षेत्र कहा जाता है।

B.

उच्च विभेदन दृश्य विकिरणमापी (HRVR) क्षेत्र कहा जाता है।

C.

तात्क्षणिक दृष्टि (IFOV) क्षेत्र कहा जाता है।

D.

स्पॉट उच्च विभेदन दृश्य (SPOT HRV) क्षेत्र कहा जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

विस्कब्रूम क्रमवीक्षक में एक घूमने वाला दर्पण व एकमात्र संसूचक लगा होता है। संवेदक का वह पूरा क्षेत्र, जहाँ तक यह पहुँच सकता है, उसे स्कैनर का कुल दृष्टि क्षेत्र कहा जाता है वहीँ पूरे क्षेत्र का विस्कब्रूम क्रमवीक्षक का प्रकाशीय सिरा एक निश्चित आयाम का होता है, जिसे तात्क्षणिक दृष्टि (IFOV) क्षेत्र कहा जाता है।


Q. 168608 क्रमवीक्षक दर्पण के दृश्य स्थल के आर-पार हिलने पर एकत्रित ऊर्जा संसूचक तक पहुँचकर विद्युतीय संकेतों को उत्पन्न करते हैं और ये संकेत पुनः


A.

फ़ोटोग्राफ़ में परिवर्तित होते हैं।

B.

आंकड़े में परिवर्तित होते हैं।

C.

क्रमवीक्षक पंक्ति में परिवर्तित होते हैं।

D.

अंकों में परिवर्तित होते हैं।

Right Answer is: D

SOLUTION

क्रमवीक्षक दर्पण के दृश्य स्थल के आर-पार हिलने पर एकत्रित ऊर्जा संसूचक तक पहुँचकर विद्युतीय संकेतों को उत्पन्न करते हैं और ये संकेत पुनः अंकों में परिवर्तित होते हैं, जिन्हें चुम्बकीय पट्टी पर रिकॉर्ड करने के लिए आंकिक कहा जाता है।


Q. 168609 ------------------------ ऊर्जा के बृहत्तर परिसर तथा विकिरण, परावर्तित, उत्सर्जित, अवशोषित तथा पारगत ऊर्जा स्वरूप का अधिकतम उपयोग करते हैं जिनका तापमान 0° केल्विन से अधिक है।


A.

मानव नेत्र

B.

फ़ोटोग्राफिक निकाय

C.

सुदूर संवेदन युक्तियाँ

D.

भौगोलिक सूचना निकाय

Right Answer is: C

SOLUTION

मानवीय नेत्र एवं फ़ोटोग्राफिक निकाय दोनों ही धरातलीय पदार्थों से प्रदीप्त कुल प्रकाश ऊर्जा के सूक्ष्म भाग में कार्य करते हैं। दूसरी तरफ वर्तमान सुदूर संवेदन युक्तियाँ ऊर्जा के बृहत्तर परिसर तथा विकिरण, परावर्तित, उत्सर्जित, अवशोषित तथा पारगत ऊर्जा स्वरूप का अधिकतम उपयोग करते हैं जिनका तापमान 0° केल्विन या -273° सेल्सियस से अधिक है।


Q. 168610 ------- से किरणों का प्रकीर्णन होता है।


A.

कार्बन डाइआक्साइड

B.

हाइड्रोजन

C.

धूल के कणों

D.

जल के अणु

Right Answer is: C

SOLUTION

कार्बन डाईऑक्साइड, हाइड्रोजन व जलकण अवरक्त किरणों को अवशोषित कर लेते हैं, जबकि धूलकणों से नीली किरणों का प्रकीर्णन होता है। अतः ऊर्जा, जो या तो अवशोषित हो जाती है या वायुमंडलीय घटक जिसको प्रकीर्ण करते हैं, वह उपग्रहों में विद्यमान संवेदक तक नहीं पहुँच पाती और इन वस्तुओं की विशेषताएँ अभिलेखित नहीं हो पातीं।


Q. 168611 विभेदन तीन प्रकार के ह

विभेदन कितने प्रकार के होते हैं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विभेदन तीन प्रकार के होते हैं|


Q. 168612 त्रियक रंगी मिश्र में जलाशय एवं घने वन किन रंगों में प्रतीत होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

त्रियक रंगी मिश्र में जलाशय नीला तथा घने वनस्पति लाल रंग में प्रतीत होते हैं|


Q. 168613 आँकड़ा उत्पाद के आधार पर संवेदकों को कितने भागों में विभाजित किया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आँकड़ा उत्पाद के आधार पर संवेदकों को 2 वर्गों में विभाजित किया गया है:
1. फ़ोटोग्राफी;
2. फोटोग्राफ रहित आंकिक संवेदक।

 

  1.  


Q. 168614 फ़ोटोग्राममिति किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फ़ोटोग्राममिति, वायव फ़ोटो के द्वारा विश्वसनीय मापन के विज्ञान एवं तकनीक से संबंधित है| फ़ोटोग्राममिति की सहायता से, फ़ोटो की परिशुद्ध लंबाई, चैड़ाई एवं ऊँचाई की माप का निर्धारण किया जाता है|


Q. 168615 भारत में सबसे पहले वायव फ़ोटो कब लिया गया था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में सबसे पहले 1920 में बड़े पैमाने पर आगरा शहर का वायव फ़ोटो लिया गया था| इसके इरावदी डेल्टा के वनों का वायु सर्वेक्षण किया गया, जो कि 1923-24 के दौरान पूरा हुआ था|


Q. 168616 किस प्रकार के वायव फोटोग्राफ ऊर्ध्वाधर अक्ष से कैमरा अक्ष पर जानबूझकर विचलन के साथ प्राप्त किये जाते हैं? कहां ऐसी तस्वीरों का प्रयोग किया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अल्प तिर्यक फोटोग्राफ और अति तिर्यक फोटोग्राफ ऊर्ध्वाधर अक्ष के साथ कैमरे अक्ष में एक जानबूझकर विचलन के साथ किये जाते हैं। तस्वीरों के इस प्रकार को प्रारम्भिक सर्वेक्षण में उपयोग किया जाता है।


Q. 168617 वृहद मापनी फोटोग्राफ और मध्यम मापनी फोटोग्राफ में अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वृहद मापनी फोटोग्राफ

मध्यम मापनी फोटोग्राफ

जब एक वायव फोटो की मापनी 1:15,000 तथा इससे बृहत होती है, तो इस प्रकार के फोटोग्राफ को बृहत मापनी फोटोग्राफ कहते हैं।

वायव फोटो, जिसकी मापनी 1:15,000 से 1: 30,000 के मध्य होती है, उसे सामान्यतः मध्यम मापनी फोटोग्राफ कहा जाता है।


Q. 168618 ऊर्ध्वाधर वायव फोटोग्राफी का उपयोग क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्ध्वाधर वायव फोटोग्राफी का उपयोग निम्नलिखित प्रयोजनों के लिए किया जाता हैं:

1. स्थलाकृतिक मानचित्रण

2. विषयगत मानचित्रण

3. रिमोट सेंसिंग


Q. 168619 ऊर्ध्वाधर अक्ष और प्रकाशीय अक्ष अलग कैसे हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कैमरा लेंस केंद्र से धरातलीय तल पर दिए गए लंब को ऊर्ध्वाधर अक्ष कहा जाता है, जबकि लेंस के केंद्र से फोटो की सतह पर खींची गई साहुल रेखा को फोटोग्राफी/प्रकाशीय अक्ष कहते हैं।


Q. 168620 मानचित्र से सीधे ही वायव फोटोग्राफी का पता क्यों नही लगाया जा सकता है? यह कैसे किया जा सकता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानचित्र से सीधे ही वायव फोटोग्राफी का पता नही लगाया जा सकता है क्योकि क्षेत्रफल मापीय नियंत्रण (प्रक्षेपण) और एक मानचित्र के परिप्रेक्ष्य और वायव फोटोग्राफी में बुनियादी अंतर है। यहां तक संगत वायव फोटोग्राफी में सुसंगत पैमाने की जरूरत नहीं होती है जब तक कि वे एक समतल क्षेत्र से न लिये गए हो। वायव फोटोग्राफी को दृश्य परिप्रेक्ष्य से को ध्यान से क्षेत्रफल मापीय नियंत्रण (प्रक्षेपण) में तब्दील किये जाने की जरूरत है। इससे पहले इन्हे मानचित्र विकल्प के रूप में प्रयोग में लाया जा सकता है।


Q. 168621 आरेख की मदद से समानांतर प्रक्षेप के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

इस प्रक्षेप में, प्रक्षेपित किरणें समांतर होती हैं, परंतु यह आवश्यक नहीं है कि वे लंब हो।

उदाहरण के लिए, त्रिभुज ABC को LL1 रेखा पर प्रक्षेपित किया गया है, जिसका प्रक्षेपित त्रिभुज ABC है।


Q. 168622 आरेख की मदद से लंबकोणीय प्रक्षेप के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लंबकोणीय प्रक्षेपण में धरातलीय दूरियाँ, लक्ष्य कोण तथा क्षेत्र सभी किसी लक्ष्य के उच्चता अंतरों से मुक्त होते हैं। मानचित्र, धरातल पर लंबकोणीय प्रक्षेप होते हैं। उदाहरण के लिए ABC कोण की प्रक्षेपित किरणें रेखा LL1 के लंबवत् हैं।



Q. 168623 आरेख की मदद से केंद्रीय प्रक्षेपण के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

केंद्रीय प्रक्षेपण में सभी सीधे लाइने एक ही बिंदु पर आकर मिलती है, अर्थात केद्रीय प्रक्षेप में संगत बिंदुओं को मिलाने वाली सभी सीधी रेखाएँ, अर्थात् वह सीधी रेखा, जो वस्तु एवं आकृति के संगत बिंदुओं को जोड़ती है, एक ही बिंदु से होकर गुजरती है। लेंस के द्वारा प्रक्षेपित आकृति को केद्रीय प्रक्षेप माना जाता है। प्रक्षेपित किरणें Aa, Bb एवं Cc एक ही बिंदु O से गुज़रती हैं, जिसे संदर्श केंद्र कहते हैं।



Q. 168624 हम किस प्रकार ऊर्ध्वाधर फोटोग्राफ और लगभग ऊर्ध्वाधर वायव फोटोग्राफ प्राप्त करते है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्ध्वाधर फोटोग्राफ: वेव फोटो के दो विशिष्ट अक्ष होते है जो कमरे के केंद्र में बनते है एक धरातलीय तल की ओर एवं दूसरा फोटो के तल की ओर। कैमरा लेंस केंद्र से धरातलीय तल पर दिए गए लंब को ऊर्ध्वाधर अक्ष कहा जाता है लेंस के केंद्र से फोटो की सतह पर खींची गई साहुल रेखा को फोटोग्राफ/ऑप्टिकल अक्ष कहते हैं। जब फोटो की सतह को धरातलीय सतह के समांतर रखा जाता है, तब दोनों अक्ष एक-दूसरे से मिल जाते हैं।

लगभग ऊर्ध्वाधर वायव फोटोग्राफ: दोनों सतहों के बीच समांतरता प्राप्त करना काफी कठिन होता है, क्योंकि वायुयान पृथ्वी की वक्रीय सतह पर गति करता है। इसलिए फोटोग्राफ के अक्ष ऊर्ध्वाधर अक्ष से विचल हो जाते हैं। यदि इस प्रकार का विचलन धनात्मक या ऋणात्मक 3° के भीतर होता है, तो लगभग ऊर्ध्वाधर वायव फोटोग्राफ प्राप्त होते हैं।


Q. 168625 वायव फोटोग्राफी प्रयोग करने के लिए विकसित दो विधियों के सिद्धांतो की व्याख्या कीजिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वायव फोटोग्राफी प्रयोग करने के लिए दो तरीके हैं:

संदर्श बिंदु: यह वायव फोटोग्राफी से विश्वसनीय माप बनाता है। फोटोग्राममिति के सिद्धांत, इस प्रकार के फोटो की परिशु दध लंबाई, चौड़ाई एवं ऊँचाई की माप प्रदान करते हैं। इसलिए स्थलाकृतिक मानचित्रों को तैयार करने एवं उन्हें अद्यतन बनाने में, ये अत्यधिक उपयोगी सिद्ध होते हैं।

प्रतिबिंब निर्वचन: यह वस्तुओं के स्वरूपों को पहचानने तथा उनके सापेक्षिक महत्त्व से संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रिया है। प्रतिबिंब निर्वचन के सिद्धांत के प्रयोग से वायव फोटो की गुणात्मक जानकारियाँ ज्ञात की जा सकती हैं, जैसे- भूमि उपयोग, स्थलाकृतियों के प्रकार, मिट्टी के प्रकार इत्यादि।

वायव फोटोग्राफ का इस प्रकार भूमि उपयोग परिवर्तन का विश्लेषण करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।


Q. 168626 मापनी के आधार पर कितने प्रकार की वायव फोटोग्राफी पायी जाती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वायव फोटोग्राफी के निम्न तीन प्रकार पैमाने के आधार पर पहचाने जाते हैं।

1. वृहत मापनी फोटोग्राफी: वायव फोटो की मापनी 1:15,000 तथा इससे बृहत को वृहत मापनी फोटोग्राफी कहते हैं।

2. मध्यम मापनी फोटोग्राफी: मध्यम मापनी फोटोग्राफी की मापनी 1:15,000 से 1:30,000 के मध्य होती है।

3. लघु मापनी फोटोग्राफी: 1: 30, 000 से लघु मापक वाले फोटोग्राफ को लघु मापनी फोटोग्राफ कहा जाता है।


Q. 168627 एक फोटो की मापनी की गणना कीजिए, जब एक वायव तस्वीर पर दो बिन्दुओ के बीच की दूरी 5 सेमी और इन्ही दो बिन्दुओ के बीच की धरातलीय दूरी 50 किमी है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Sp = Dp: Dg

= 5 सेमी: 50 किमी

= 5 सेमी: 50 Χ 100,000 सेमी

= 1: 1,000,000

= 1 इकाई 1,000,000 इकाइयों को व्यक्त करती है

    इसीलिए, Sp = 1: 50,000


Q. 168628 अल्प तिर्यक फोटोग्राफ और अति तिर्यक फोटोग्राफ के मध्य अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अल्प तिर्यक फोटोग्राफ

अति तिर्यक फोटोग्राफ

ऑप्टिकल अक्ष का विचलन ऊर्ध्वाधर अक्ष से<30 डिग्री होता है।

ऑप्टिकल अक्ष का विचलन ऊर्ध्वाधर अक्ष से >30 डिग्री होता है।

क्षेत्र ऊर्ध्वाधर तस्वीरों से भी बड़ा होता है लेकिन अति तिर्यक तुलना में छोटा।

अति तिर्यक फोटोग्राफ का विस्तार क्षेत्र बड़ा होता है।

इसे प्रारम्भिक सर्वेक्षण में प्रयोग किया जाता है।

अति तिर्यक फोटोग्राफ प्रारम्भिक सर्वेक्षण और निदर्शी प्रयोजनों के लिए उपयुक्त है क्योकि यह भूमि की सतहों के वास्तविक परिप्रेक्ष्य का ध्यान रखता है।


Q. 168629 एक वायव फोटो में दो बिन्दुओ के बीच की दूरी को 4 से.मी. मापा जाता है। उन्हीं दो बिन्दुओ के बीच धरातल पर वास्तविक दूरी 2 कि.मी. है, तो वायव फोटो की मापनी की गणना करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Sp= फोटो की दूरी:धरातलीय दूरी

= 4 सेमी: 2 किमी

= 4 सेमी: 2 X 100,000 सेमी

= 1: 200,000/4

= 1: 50,000 सेमी

= 1 इकाई 50,000 इकाइयों को व्यक्त करती है

इसीलिए, Sp = 1: 50,000


Q. 168630 एक वायव फोटो में दो बिन्दुओ के बीच की दूरी को 5 से.मी. मापा जाता है। उन्हीं दो बिन्दुओ के बीच धरातल पर वास्तविक दूरी 10 कि.मी. है, तो वायव फोटो की मापनी की गणना करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 168631 मौसम संबंधी आकलन के लिए भेजे गए उपग्रह:


A.

ध्रुव के निकट सूर्य समकालिक कक्ष में स्थापित होते हैं।

B.

भू-स्थैतिक में स्थापित होते हैं।

C.

मध्यवर्ती कक्ष में स्थापित होते हैं।

D.

दीर्घवृत्ताकार उपग्रह कक्ष में स्थापित होते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

मौसम संबंधी आकलन व संचार के लिए भेजे गए उपग्रह भू-स्थैतिक हैं। इन उपग्रहों का परिभ्रमण कक्ष पृथ्वी के परिभ्रमण दिशा से समायोजित है। ये उपग्रह अंतरिक्ष में लगभग 36,000 कि.मी. की उफँचाई पर स्थापित हैं। INSAT श्रेणी के उपग्रह इसके उदाहरण हैं।


Q. 168632 एक ----------- किसी लक्ष्य के प्रतिबिंब को पंक्ति दर पंक्ति रूप में प्राप्त करते हैं।


A.

फ़ोटोग्राफ़ संवेदक

B.

फ़ोटोग्राफ़ रहित संवेदक

C.

अंकीय कैमरा

D.

उपग्रह

Right Answer is: B

SOLUTION

फ़ोटोग्राफ़ संवेदक संवेदक (कैमरा) किसी भी लक्ष्य बिंदुओं को एक क्षण विशेष में उद्भाषित कर अभिलेखन कर लेता है। दूसरी ओर फ़ोटोग्राफ़ रहित संवेदक किसी लक्ष्य के प्रतिबिंब को पंक्ति दर पंक्ति रूप में प्राप्त करते हैं। ये संवेदक स्कैनर के नाम से जाने जाते हैं।


Q. 168633 संवेदक द्वारा एकत्रित विकिरणों को विद्युतीय क्रिया द्वारा:


A.

प्रतिबिंब में परिवर्तित कर देते हैं।

B.

फ़ोटोग्राफ़ में परिवर्तित कर देते हैं।

C.

अंकीय बिंब में परिवर्तित कर देते हैं।

D.

एफसीसी में परिवर्तित कर देते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

संवेदक एकत्रित ऊर्जा को विद्युतीय क्रिया द्वारा आँकड़ों के रूपों को अंकीय बिंब में बदल देते हैं। ये आंकिक संख्याएँ पंक्ति व स्तंभ में क्रमानुसार व्यवस्थित होते हैं। इन संख्याओं को आँकड़ों से निर्मित प्रतिबिंबों में परिवर्तित किया जा सकता है।


Q. 168634 विद्युत् चुम्बकीय विकिरण के तरंगदैर्ध्य एवं आवृत्ति को चित्र में दर्शाएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 168635 सुदूर

प्रतिबिम्ब निर्वचन के तत्व को संक्षेप में समझाएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सुदूर संवेदन प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त चित्र हमे भूपृष्ठ की वस्तुओं के बारे में संक्षिप्त ज्ञान प्रदान करता है एवं इसे प्राप्त करने की प्रक्रिया को प्रतिम्बिम्ब निर्वचन कहा जाता है जिसमे हम भिन्न-भिन्न आधार पर वस्तुओं की पहचान की जाती है| प्रतिबिम्ब निर्वचन के इन आधारों को प्रतिबिम्ब निर्वचन के तत्व के रूप में जाना जाता है| यह है
i. आभा या रंग : विद्युत् चुम्बकीय ऊर्जा धरातलीय वस्तुओं से अंतः क्रिया के बाद परावर्तित जो कर संवेदकों तक पहुंचती है| यही परावर्तित ऊर्जा वस्तुओं के विशेषताओं के अनुरूप भिन्न भिन्न रंगों में सुदूर संवेदी चित्रों में प्रकट होती है|
ii. गठन : यह रंग सामंजस्य या धूसर आभा में सूक्ष्म भिन्नता से संबंधित है जो छोटे प्रतिरूपों के पुनरावृत्ति का एक वर्ग में भी जाना जाता है| गठन के आधार पर प्रतिबिम्बों को स्थूल एवं सूक्ष्म रूप में वर्गीकृत किया गया है|
iii. आकार: कभी-कभी किसी विशेष वस्तु को उसके आकार के आधार पर पहचाना जा सकता है जैसे की औद्योगिक संकुल स्थान, रिहायशी इलाका, शहर बीचों बीच स्थित खेल परिसर आदि|  
iv. आकृति: किसी वस्तु की आकृति उसे पहचानने में मदद करता हैं। कुछ वस्तुओं  जैसे मस्जिद व मंदिर की आकृति इतनी विशिष्ठ होती हैं कि उन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है।
v. छाया: किसी वस्तु की छाया सूर्य की रोशनी के कोण और वस्तु की ऊंचाई पर निर्भर करती है। कुछ वस्तुओं की आकृति इतनी जटिल होती है कि उन्हें उनकी छाया के अभाव में पहचान पाना मुश्किल होता है। उदाहरण: क़ुतुब मीनार
vi. प्रतिरुप: प्रतिरूप, परिदृश्य पर वस्तुओं के धरातलीय व्यवस्था है। प्राकृतिक व मानव-निमित व्यवस्थित धरातलीय प्रतिरूपों में आकार व वस्तुओं के अंतसम्बन्धों  की पुनरावृत्ति होती है। उदाहरण के लिए, नियोजित रिहायशी क्षेत्रों को आसानी से पहचाना जा सकता है अगर वे एक ही प्रतिरूप का पालन करते हैं।
vii. साहचर्य: वस्तुओं को उनके आपसी संबंधों के सहायता से पहचाना जा सकता है| उदहारण किसी आवासीय क्षेत्र के निकट खेल का मैदान अथवा स्कूल का होना, किसी बड़े सहर में रेस कोर्स या स्टेडियम का होना इत्यादि|


Q. 168636 विस्कब्रूमक्रमवीक्षकके क्रमवीक्षण प्रक्रिया को चित्र के माध्यम से दर्शायें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विस्कब्रूम क्रमवीक्षक एकमात्र संसूचक वाला एक घूमने वाला दर्पण है| इसका विन्यास इस प्रकार किया जाता है कि एक चक्कर पूरा करने पर संसूचक स्पेक्ट्रम के दृश्य एवं अवरक्त क्षेत्रों में बहुत सारे संकरे स्पेक्ट्रमी बैन्डों में प्रतिबिम्ब प्राप्त करते हैं| यह संसूचक दृश्य क्षेत्र के 900 से 1200 के मध्य प्रसर्पी होता है| मध्य में क्रमवीक्षण के लिए संवेदक का प्रकाशीय सिरा एक निश्चित आयाम का होता है जो तात्क्षणिक दृष्टि क्षेत्र के नाम से जाना जाता है|


Q. 168637 बहुवर्ण

बहुवर्णक्रमीय स्कैनर की कार्य प्रणाली समझाईये <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बहुवर्णक्रमीय स्कैनर में परावर्तित किरणों के रूप में सुचनाओं को पंक्ति दर पंक्ति अभिलेखन करके दृश्य में परिवर्तन करती है| इस प्रक्रिया के दौरान मशीन चालित क्रमवीक्षण दर्पण दृश्य क्षेत्र के समकोण पर आगे व पीछे हिलता है, एवं क्रमवीक्षण की जाने वाली पंक्ति की लंबाई निर्धारित करता है| यह  दृश्य क्षेत्र के नाम से जाना जाता है| क्रमवीक्षण विधि द्वारा सूचना प्राप्त करने की इस विधि को बिट बॉय बिट कहा जाता है| इस प्रक्रिया में बनने वाले दृश्य कोष्ठिकाओं से बना हुआ होता है, और इस से दृश्य चित्र का क्षेत्रीय विभेदन को निर्धारित होती है| क्रमवीक्षण दर्पण के आर पार हिलने के कारण इसमें एकत्रित होने वाली ऊर्जा संसूचक तक पहुँचती है और पुनः इसे विद्युतीय संकेतों में परिवर्तित करती है| अंततः ये संकेत अंको में परिवर्तित होते है, जिन्हें आंकिक कहा जाता है और इन्हें चुम्बकीय पट्टी पर अभिलेखित किया जाता है|


Q. 168638

सुदूर संवेदनों के विभिन्न विभेदनोंकी व्याख्या कीजिये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

धरातलीय अवस्थाओं के बारे उपयोगी सूचनाओं का निष्कर्षण सुदूर संवेदकों के विभिन्न विभेदनों द्वारा ही संभव है| यह है:

धरातलीय विभेदन : भूपृष्ठ पर साथ-साथ स्थित किसी दो वस्तुओं को पहचानने की संवेदक की क्षमता को धरातलीय विभेदन कहा जाता है|

वर्णक्रमीय स्पेक्ट्रम विभेदन : यह संवेदक के विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम के अलग अलग बैंडो में सूचना अभिलेखन की क्षमता को दर्शाता है | इन से मल्टीस्पेक्ट्रल चित्रों की प्राप्ति होती है|

रेडियोमीट्रिक विभेदन : अलग अलग लक्ष्यों के पहचान के इस विभेदन का प्रयोग किया जाता है| रेडियोमीट्रिक विभेदन की वृद्धि के साथ ही विकिरण का अंतर कम होता जाता है जिनसे दो अलग वस्तुओं की पहचान करने में आसानी होती है|


Q. 168639 सुदूरसंवेदनकी कौन-कौन सी अवस्थाये होती हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सुदूर संवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों से हो कर गुजरती है|

1 ऊर्जा स्त्रोत : सुदूर संवेदन प्रक्रिया के प्रमुख उपादान इसका ऊर्जा स्त्रोत होता है| इसके अलावा क्षणदीप्ति उपकरणों के ऊर्जा स्त्रोत को भी सूचना प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जा सकता है|

2. ऊर्जा का संचरण स्त्रोत से पृथ्वी के धरातल तक: सूर्य से प्राप्त किरण जब पृथ्वी के सतह पर पड़ी किसी वस्तु से टकराती है तो इनमें से कुछ उस बस्तु द्वारा अवशोषित होती है एवं कुछ विकिरित हो जाती हैं| इन किरणों को विद्युत् चुम्बकीय विकिरण कहा जाता है, जो वातावरण में अपनी गति के दौरान ऊर्जा की क्षति के कारण अपना गुण परिवर्तन करती है| इस परिवर्तन के कारण सुदूर सम्बेदकों द्वारा इनका चित्रण भी भिन्न-भिन्न प्रकार के होते हैं|

3. पृथ्वी के धरातल के  साथ ऊर्जा की अन्योन्यक्रिया : स्त्रोतों से संचरित ऊर्जा धरातलीय वस्तुओं के साथ अन्योन्यक्रिया करती है और इनके द्वारा ऊर्जा का अवशोषण, प्रेषण, परावर्तन व उत्सर्जन होता है। क्योंकि सतह पर स्थित समस्त वस्तुएं एक समान नहीं हैं, इन से होने वाली ऊर्जा का अन्योन्यक्रिया तथा अन्य प्रक्रियाएं भी एक समान नही होती हैं| 

4. वायुमंडल से परावर्तित/उत्सर्जित ऊर्जा का प्रवंधन : अन्योन्य क्रिया के पश्चात वस्तुओं से ऊर्जा परावर्तित हो कर वायुमंडल में प्रवेश करती है| वायुमंडल में स्थित गैस, जलकण व धूलकण के कारण परावर्तित ऊर्जा के विशेषताओं में भी परिवर्तन आता है| इनमे से कुछ ऊर्जा वायुमंडलीय घटकों द्वारा अवशोषित अथवा प्रकिर्णित हो जाती है| अतः संवेदकों द्वारा इनका अभिलेखन संभव नहीं होता |

5. परावर्तित तथा  उत्सर्जित ऊर्जा का अभिसुचन:  परावर्तित एवं उत्सर्जित ऊर्जा का अभिलेखन उपग्रहों में स्थित संवेदक को द्वार किया जाता है जो की पृथ्वी के सतह से लगभग 700 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया गया है|

6. प्राप्त ऊर्जा का अभिसारण : यह परावर्तित ऊर्जा विद्युत् चुंबकीय ऊर्जा के रूप में  संवेदकों द्वारा संगृहीत होती है संवेदक इनमें छिपी सूचनाओं को बिंब का रूप देती हैं| उसके बाद इन्ही बिम्बों को अंकीय रूप अथवा आंकड़ों के माध्यम से पृथ्वी पर स्थापित धरातलीय केन्द्रों को प्रेषित किया जाता हैं

7. आंकड़ो से विषयानुरूप सूचना सामग्री का निष्कर्षण : धरातलीय केन्द्रों में आंकडों की एकत्रीकरण के दौरान पायी गयी त्रुटियों को दूर किया जाता है एवं शुद्ध आंकिक आँकड़ों का बिंब प्रकमण तकनीक के द्वारा एवं चाक्षुष विधि  से विश्लेषण किया जाता है। उसके पश्चात भिन्न भिन्न विषयानुसार इनसे सूचना प्राप्त की जाती है|

8. निष्कार्षित सूचनाओं का मानचित्र एवं सारणी के माध्यम से अभिसारण : अंततः विषयी मानचित्रों के रूप में इन विश्लेषित सूचनाओं को रूपांकित किया जाता है|


Q. 168640 सुदूर संवेदन को परिभाषित करें तथा इसके फायदे और सीमायों का भी वर्णन करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सुदूर संवेदन के फायदे:

  • यह वास्तविक समय के आधार परविश्वसनीय जानकारी प्रदान करता है|
  • यह एक बड़े क्षेत्र का संक्षिप्त दृश्य प्रदान करता है|
  • जमीनी सर्वेक्षण के तुलना में यह अधिक किफायती है |
  • यह किसी भी क्षेत्र तथा उस पर होने वाले कार्यों का एक से अधिक बार आंकड़ा प्राप्त कर सकता है|

सुदूर संवेदन की सीमायें

  • यह जानकारी प्राप्त करने के अन्य माध्यमों के तुलना में अधिक महंगा है|
  • मानक रंग संयोजन हमे कई बार भ्रमित कर देता है |
  • स्पेक्ट्रम के कई बैंड आज भी अन्वेषण के परे हैं|
  • वातावरण में स्थित बाधाएं जैसे वादल एवं घने कोहरे के कारण कई बार पृथ्वी के सतह पर स्थित वस्तुएं उपग्रह चित्र में साफ़ प्रतीत नहीं होता |


Q. 168641 पवन वेगमापी का प्रयोग:


A.

पवन की गति के निर्धारण में किया जाता है।

B.

पवन की दिशा के निर्धारण में किया जाता है।

C.

पवन की आर्द्रता के निर्धारण में किया जाता है।

D.

पवन तापमान के निर्धारण में किया जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

पवन वेगमापी यंत्र का उपयोग वायु की दिशा निर्धारित करने में किया जाता है। पवन की गति के साथ ही यह यंत्र पवन की बहाव दिशा की सूचना भी देता रहता है।


Q. 168642 वायुमंडलीय दाब:


A.

वायुघनत्वमापी द्वारा दर्ज किया जाता है।

B.

वायुदाबमापी द्वारा दर्ज किया जाता है।

C.

आर्द्रतामापी द्वारा दर्ज किया जाता है।

D.

पवनवेगमापी द्वारा दर्ज किया जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

वायुमंडलीय दाब का मापन वायुदाबमापी द्वारा किया जाता है। यह मिलीबार में मापा जाता है। मानक वायुमंडलीय दाब 1,013.25 मिलीबार है।


Q. 168643 वायु का तापमान :


A.

वायुदाबमापी द्वारा दर्ज किया जाता है।

B.

वर्षामापी द्वारा दर्ज किया जाता है।

C.

तापमापी द्वारा दर्ज किया जाता है।

D.

पवन वेगमापी द्वारा दर्ज किया जाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

वायु का तापमान तापमापी द्वारा दर्ज किया जाता है। तापमान सामान्यतः सेल्सियस या सेंटीग्रेड (C) या फारेनहाइट (F) पैमाने पर दर्ज किया जाता है। तापमान की एक अन्य इकाई केल्विन भी है।


Q. 168644 सामान्य अवस्था में समुद्र तल पर वायु का दाब :


A.

2.03 किलो प्रति वर्ग सेंटीमीटर होता है।

B.

2.04 किलो प्रति वर्ग सेंटीमीटर होता है।

C.

1.03 किलो प्रति वर्ग सेंटीमीटर होता है।

D.

1.04 किलो प्रति वर्ग सेंटीमीटर होता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

सामान्य अवस्था में समुद्र तल पर वायु का दाब 1.03 किलो प्रति वर्ग सेंटीमीटर होता है। इसे यदि अन्य इकाइयों में व्यक्त करें तो यह 1,013.25 मिलीबार या 760 मिमी हेक्टोग्राम के रूप में होगा।


Q. 168645 पूरे देश की मौसम वेधशालाएँ प्राप्त आंकड़ों को --------- स्थित केंद्रीय वेधशाला को दिन में दो बार भेजती हैं।


A.

दिल्ली

B.

मुंबई

C.

पुणे

D.

कोलकाता

Right Answer is: C

SOLUTION

पूरे देश की मौसम वेधशालाएँ प्राप्त आंकड़ों को पुणे स्थित केंद्रीय वेधशाला को दिन में दो बार भेजती हैं।


Q. 168646 कॉडेड मौसम चार्ट :


A.

मौसम चार्ट के रूप में जाना जाता है।

B.

मौसम मानचित्र के रूप में जाना जाता है।

C.

सिनाप्टिक मौसम चार्ट के रूप में जाना जाता है।

D.

क्लोरोप्लेथ मानचित्र के रूप में जाना जाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

अनेक मौसम वेधशालाओं से प्राप्त आंकड़ों को विशेष कोड का उपयोग कर एकल चार्ट में समाविष्ट किया जाता है। इस प्रकार के मौसम चार्ट को सिनाप्टिक मौसम चार्ट के रूप में जाना जाता है।


Q. 168647 मौसम पूर्वानुमान के लिए प्राथमिक यंत्र :


A.

तापमापी हैं।

B.

मौसम चार्ट हैं।

C.

वायुदाबमापी हैं।

D.

मानचित्र हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

मौसम पूर्वानुमान के लिए मौसम चार्ट प्राथमिक यंत्र हैं क्योंकि ये वायुराशियों, वायुदाब यंत्रों आदि को खोजने में सहयोग करते हैं।


Q. 168648 समान वायुदाब वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ :


A.

समवर्षा रेखाएँ कहलाती हैं।

B.

समताप रेखाएँ कहलाती हैं।

C.

समदाब रेखाएँ कहलाती हैं।

D.

आइसोहेल कहलाती हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

मानचित्र पर सागर तल के बराबर घटाए हुए वायुदाब से तुलनात्मक रूप में समान वायुदाब वाले स्थानों को मिलाकर खीची जाने वाली रेखा, समदाब रेखाएँ होती हैं।


Q. 168649 उच्च एवं न्यून तापमापी में इस्तेमाल किए जाने वाले दो द्रव :


A.

पारा और जल हैं।

B.

जल एवं अल्कोहल हैं।

C.

अल्कोहल तथा ब्रोमाइन हैं।

D.

पारा एवं अल्कोहल हैं।

Right Answer is: D

SOLUTION

उच्च एवं न्यून तापमापी में इस्तेमाल किए जाने वाले दो द्रव पारा एवं अल्कोहल हैं क्योंकि अन्य द्रवों की तुलना में तापमान बढ़ने एवं घटने पर क्रमशः उनमें विस्तार एवं सिकुड़न होती है।


Q. 168650 भारत के मौसम मानचित्र को प्रतिदिन तैयार करने वाला विभाग:


A.

विश्व मौसम विज्ञान संगठन है।

B.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग है।

C.

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण है।

D.

नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर है।

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत के मौसम मानचित्र को प्रतिदिन तैयार करने वाला विभाग भारतीय मौसम विज्ञान विभाग है, जो यह कार्य भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह (इनसैट) की सहायता से करता है।


Q. 168651 तुल्यकारी उपग्रह मौसम स्थित का प्रेक्षण :


A.

सतह से करता है।

B.

वायु की ऊपरी परतों से करता है।

C.

अंतरिक्ष से करता है।

D.

वायु की निचली परतों से करता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

तुल्यकाली उपग्रह से मौसम से संबंधित अंतरिक्ष-आधारित सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।


Q. 168652 निम्नलिखित में से मौसम वेधशाला में उपयोग में न लाए जाने वाला उपकरण :


A.

तापमापी है।

B.

पवन वेगमापी है।

C.

अमीटर है।

D.

वायुदाबमापी है।

Right Answer is: C

SOLUTION

अमीटर एक उपकरण है जिसका इस्तेमाल सर्किट में विद्युत प्रवाह को मापने के लिए किया जाता है। मौसम विज्ञान वेधशाला में इसका उपयोग नहीं किया जाता है।


Q. 168653 भारत में मौसम प्रेक्षण को कितनी श्रेणियों में विभाजित किया गया है?


A.

दो

B.

तीन

C.

चार

D.

पाँच

Right Answer is: D

SOLUTION

भारत में, मौसम वेधशालाओं को उनके यंत्रों तथा प्रतिदिन लिए गए प्रेक्षणों की संख्या के आधार पर सामान्यतः पाँच वर्गों में विभाजित किया गया है।


Q. 168654 अधिकतम और न्यूनतम तापमापी में भरे जाने वाले तरल पदार्थ के नाम लिखे
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अधिकतम और न्यूनतम तापमापी के नली के निचले भाग तथा बल्ब में भरे जाने वाले तरल पदार्थ अल्कोहल है|


Q. 168655 तापमापी का आविष्कार किसने किया था ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

तापमापी का आविष्कार ऐन्डर्स सेल्सियस ने किया था।


Q. 168656 मौसम का अर्थ क्या हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मौसम का अर्थ है किसी निर्दिष्ट स्थान एवं समय पर वायुमंडलीय दाब, तापमान, आर्द्रता, वर्षण, मेघमयता तथा पवन की दृष्टि से वायुमंडल की दशा या स्थिति से हैं|


Q. 168657 मौसम उपग्रह क्या हैं? किस उपग्रह के द्वारा अंतरिक्ष-आधारित सूचनाएँ प्राप्त होती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मौसम उपग्रह, विभिन्न मौसम संबंधी तत्त्वों के  धरातलीय प्रेक्षण के साथ-साथ वायुमंडल की ऊपरी परतों का भी व्यापक तथा विस्तृत प्रेक्षण करते हैं।  तुल्यकाली उपग्रह से मौसम से संबंधित अंतरिक्ष-आधारित सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।


Q. 168658

सेंटीग्रेड तथा फ़ारेनहाइट मापनी के कोई भी दो अंतर बताएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सेंटीग्रेड मापनी

फ़ारेनहाइट मापनी

सेंटीग्रेड तापमापी ऐन्डर्स सेल्सियस के नाम पर रखा गया है। 

फ़ारेनहाइट तापमापी गेब्रियल फारेनहाइट के नाम पर रखा गया है। 

इस तापमापी पर पिघलते हुए हिम का तापमान 0°C तथा उबलते हुए पानी का तापमान 100°C होता है।

 

इस तापमापी पर पानी का हिमांक एवं क्वथनांक क्रमश 32°C एवं 212°C होता है। 


Q. 168659 भारतीय मौसम संबंधी प्रेक्षणों के उच्चतम वर्ग कौन-सा हैं? और इस वर्ग में किन किन विशिष्ट यंत्रों की सुविधा पाए जाते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय मौसम संबंधी प्रेक्षणों के उच्चतम वर्ग - वर्ग-1 है। इस वर्ग की वेधशालाओं में निम्नलिखित विशिष्ट यंत्रों की सुविधा पाए जाते हैं -

  • अधिकतम एवं न्यूनतम तापमापी
  • पवनवेगमापी एवं वात-दिग्दर्शी
  • शुष्क एवं आर्द्र बल्ब तापमापी
  • वर्षामापी
  • वायुदाबमापी


Q. 168660 भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह कौन-कौन सी मौसमी परिघटनाओं के प्रेक्षण उपलब्ध कराता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह तापमान, मेघावरण, पवन एवं अन्य मौसम परिघटनाओं के मूल्यवान प्रेक्षण उपलब्ध कराता है।


Q. 168661 भारतीय मौसम संबंधी प्रेक्षणों का वर्गीकरण किस आधार पर किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में, मौसम वेधशालाओं तथा भारतीय मौसम संबंधी प्रेक्षणों को उनके यंत्रों एवं प्रतिदिन लिए गए प्रेक्षणों की संख्या के आधार पर सामान्यतः पाँच वर्गों में विभाजित किया गया है।


Q. 168662 कौन-सा संगठन विश्व भर में मौसम संबंधी प्रेक्षणों का समन्वय करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ), जो संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) का एक विशेष एजेंसी है, दुनिया भर के सभी वेधशालाओं द्वारा उठाए मौसम संबंधी प्रेक्षणों का समन्वय करता है।


Q. 168663 पहला मौसम मानचित्र कब और क्यों बना था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सन् 1688 में एडमंड हिलेरी ने 30° उत्तर एवं दक्षिण अक्षांशों के लिए एक मानचित्र का प्रकाशन किया था, जिसमें व्यापारिक पवनों तथा प्रचलित माँनसून पवनों की दिशाओं को प्रदर्शित किया गया था।


Q. 168664

वर्षामापी  क्या है  इनकी कार्यप्रणाली का चर्चा करे <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वर्षामापी  एक मौसम यंत्र हैं, जिसके द्वारा वर्षा की मात्रा को मापा जाता है। वर्षामापी यंत्र में धातु का सिलिंडर होता है, जिस पर एक गोलाकार कीप लगा होता है। कीप का व्यास सामान्यतः 20 से.मी. होता है। वर्षा के पानी को इसमें इकठ्ठा किया जाता है तथा मापक ग्लास के द्वारा इसे मापा जाता है। सामान्यतः वर्षा को मिलीमीटर या सेंटीमीटर की इकाई में मापा जाता है।


Q. 168665 निम्नलिखित मौसमी परिघटनाओं को मापने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले यंत्रों का नाम बताएं :
1. वायुदाब की सतत रिकार्ड
2. हवा की दिशा
3. हवा के वेग
4. हवा की आद्रता
5. दिन के अधिकतम और न्यूनतम तापमान
6. वर्षा की मात्रा
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मौसमी परिघटनाओं को मापने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले यंत्र निम्न हैं :

1. वायुदाब की सतत रिकार्ड - निर्द्रव वायुदाबमापी
2. हवा की दिशा – वात दिग्दर्शी 
3. हवा के वेग – पवन-वेगमापी
4. हवा की आद्रता – आद्र एवं शुष्क बल्ब तापमापी
5. दिन के अधिकतम और न्यूनतम तापमान - अधिकतम और न्यूनतम तापमापी
6. वर्षा की मात्रा – वर्षामापी


Q. 168666 वायुदाबमापी क्या है? वायुदाब लेखी कैसे कार्य करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक वायु दाब लेखी वायुदाब की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है और यह यंत्र भी निर्द्रव वायुदाबमापी यंत्र की भाँति कार्य करता है। विस्थापन की अधिकता के लिए कई वायु रहित बक्सों को एक-दूसरे के उपर रखा जाता है। लीवरों के एक तंत्र से यह गति बढ़ जाती है, जिससे इसका अभिलेखन एक घूर्णी ढोल से संलग्न कागज पर स्वलेखी कलम से होता है। वायुदाब लेखी यंत्र के पाठ्यांक सदैव शुद्ध नहीं होते हैं, इसलिए पारा वायुदाबमापी यंत्र के साथ तुलना करके मानक बनाए जाते हैं। 


Q. 168667 अधिकतम एवं न्यूनतम तापमापी यंत्रों के कार्यों की व्याख्या करे
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वायु के तापमान को मापने के लिए उच्च तापमापी एवं निम्न तापमापी का उपयोग किया जाता है | अधिकतम तापमापी को दिन के उच्चतम तापमान को अंकित करने के लिए बनाया जाता है। जैसे ही तापमान बढ़ता है, नली का पारा ऊपर की ओर बढ़ने लगता है, किन्तु जब पारा ठंडा होता है, तब यह नली में संकीर्णन के कारण नीचे की ओर नहीं जा पाता है। पारे को नीचे लाने के लिए इसे फिर से व्यवस्थित किया जाता है। न्यूनतम तापमापी के द्वारा दिन के न्यूनतम तापमान का प्रेक्षण किया जाता है। इस तापमापी में पारे के स्थान पर अल्कोहल का उपयोग किया जाता है। जब तापमान घटता है, तो नली में रखी धातु की पिन नीचे चली जाती है तथा न्यूनतम तापमान पर जाकर रूक जाती है |


Q. 168668 विश्व स्तर पर मौसम संबंधी प्रेक्षणों को कितनी स्तरों में अभिलिखित किया जाता है? किसी एक स्तर के बारे में बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विश्व स्तर पर मौसम संबंधी प्रेक्षणों को तीन स्तरों पर अभिलिखित किया जाता है |  ये हैं: धरातलीय वेधशालाएँ, उपरितन वायु वेधशालाएँ तथा अंतरिक्ष स्थित प्रेक्षण प्लेटफार्म |

धरातलीय वेधशालाएँ - एक आदर्श धरातलीय वेधशाला में अनेक मौसम तत्त्वों, जैसे- तापमान, अधिकतम एवं न्यूनतमद्ध, वायुदाब, आर्द्रता, मेघ, पवन एवं वर्षा को मापने तथा अभिलेखन करने वाले यंत्र होते हैं। ये प्रेक्षण संपूर्ण विश्व में, दिन के एक निश्चित समय पर लिए जाते हैं, जिसे विश्व मौसम विज्ञान संस्थान द्वारा तय किया जाता है। इसमें प्रयुक्त यंत्र अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होते हैं, ताकि विश्व स्तर पर प्रेक्षणों में समानता रखी जा सके।


Q. 168669 मौसम मानचित्र एवं चार्ट को कैसे बनाया जाता हैं? और वे हमारे लिए कितने उपयोगी हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निश्चित घंटों पर लिए गए प्रेक्षणों को कोड के द्वारा पूर्वानुमान केंद्रों पर प्रेषित किया जाता है। केंद्रीय कार्यालय, इन सूचनाओं का अभिलेख रखता है, जिसके आधार पर मौसम मानचित्र एवं मौसम चार्ट बनाए जाते हैं। मौसम मानचित्र और मौसम चार्ट हमारे लिए उपयोगी होते हैं। वे मौसम की भविष्यवाणी के लिए प्राथमिक उपकरण प्रदान करते हैं। वे विविध वायुराशि, वायुदाब प्रणाली आदि को चिन्हित करने तथा पहचान ने में मदद करते हैं| वे पायलटों, रक्षा कर्मियों, किसानों और मछुआरों जैसे लोगों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं।


Q. 168670 मौसम संबंधी पूर्वानुमान का क्या महत्व हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मौसम संबंधी पूर्वानुमान की मदद से खराब मौसम जैसे तूफान, चक्रवात, भारी बारिश आदि होने की संभावना पर पहले से ही सुरक्षा उपाय करने में सहायता मिलती है। कुछ दिन पहले मौसम का पूर्वानुमान किसानों, पोत के नाविक दल, पायलट, मछुआरों, सैनिकों आदि के लिए बहुत-ही उपयोगी होता है। मौसम की पूर्वानुमान से जहाजों और हवाई जहाज के चालक दल के सदस्यों के लिए बहुत आवश्यक है, क्योंकि खराब मौसम उनके कार्य में बिघ्न घटाते है और अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण होते है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले मछुआरों को मौसम के पूर्वानुमान पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है क्योंकि समुद्री तूफान उनके जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।


Q. 168671 शुष्क बल्ब तापमापी एवं आर्द्र बल्ब तापमापी का क्या उपयोग हैं ? उनके कार्यप्रणाली का व्याख्या करे
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वायु में उपस्थित आर्द्रता को मापने के लिए शुष्क बल्ब तापमापी एवं आर्द्र बल्ब तापमापी का उपयोग किया जाता है| शुष्क बल्ब तथा आर्द्र बल्ब तापमापी एक ही तरह के होते हैं, जो एक लकड़ी के तख्ते पर स्थित होते हैं। शुष्क तापमापी का बल्ब वायु में खुला रहता है, जबकि आर्द्र तापमापी का बल्ब गीले मलमल के कपड़े से लिपटा होता है। इसके एक सिरे को आसुत जल से भरे छोटे बर्तन में डुबोए रखकर इसे लगातार गीला रखा जाता है। आर्द्र बल्ब से वाष्पीकरण होने पर इसका तापमान घट जाता है, क्योंकि वाष्पीकरण की दर वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा पर निर्भर करती है। वायु में जितनी अधिक आर्द्रता होगी, वाष्पीकरण की दर उतनी ही कम होगी, फलस्वरूप, शुष्क एवं आर्द्र बल्बों के बीच के पाठ्यांकों का अंतर कम होगा। दूसरी तरफ, जब वायु शुष्क होती है, तब आर्द्र बल्ब की सतह से वाष्पीकरण तेजी से होगा, जो इसके तापमान को कम कर देगा तथा दोनों के पाठ्यांकों का अंतर अधिक होगा। इसलिए आर्द्र एवं शुष्क बल्ब के पाठ्यांक का अंतर आर्द्रता के सापेक्ष वायुमंडल की अवस्था को निर्धारित करता है। अंतर जितना ही अधिक होगा, वायु उतनी ही अधिक शुष्क होगी।


Q. 168672 स्टीवेंसन

स्टीवेंसन स्क्रीन क्या है  इसकी व्याख्या करे<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्टीवेंसन स्क्रीन का उपयोग तापमापी को वर्षण एवं सूर्य की सीधी किरणों से बचाने के लिए किया जाता है। वायु इसके चारों ओर सुगमता से घूम सकती है। परंपरागत स्टीवेंसन स्क्रीन मुख्यतः लकड़ी का बना होता है, जिसके किनारे झरोखेदार होते हैं, जिससे वायु का सुगमता से प्रवेश हो सके। विकिरण को परावर्तित करने के लिए इसे श्वेत रंग से रंगा जाता है। स्टीवेंसन स्क्रीन के उद्देश्य वायुमंडलीय वायु के तापमान, आर्द्रता और दबाव को मापने के लिए एक मानकीकृत पर्यावरण प्रदान करना है।


Q. 168673 निम्नलिखित मानचित्र का अध्ययन करके उल्लेखित प्रश्नों के उत्तर दे
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

  1. मानचित्र 1 शीत ऋतु और मानचित्र 2 ग्रीष्म ऋतु को दर्शाता हैं |
  2. मानचित्र 2 में दर्शाएँ गएँ सर्वोच्च समदाब रेखा का मान 1020 मिलीबार है तथा यह देश के उत्तर-पश्चिमी भागों से गुजरता है|
  3. मानचित्र 1 में दर्शाएँ गएँ सर्वोच्च समदाब रेखा का मान 1010 मिलीबार हैं और यह देश के दक्षिण- पश्चिमी भाग (अरब सागर में) में स्थित है और इसी मानचित्र के निम्न समदाब रेखा का मान 997 मिलीबार हैं और यह देश के पश्चिमी भागव में स्थित है |
  4. दोनों मानचित्र में तापमान वितरण के प्रतिरूप क्षितिज के समानांतर पाया जा रहा हैं |
  5. मानचित्र 2 के दक्षिणी भाग में सर्वोच्च औसत तापमान और उत्तरी भाग में न्यूनतम औसत तापमान देखा जा रहा हैं|
  6. तापमान और वायुदाब के वितरण के बीच के सबंध यह है कि जहां तापमान अधिक है, यहाँ वायुदाब कम होगा और जहां तापमान कम है, यहाँ वायुदाब अधिक होगा।


Q. 168674 वास्तविक कार्यकारी और नाममात्र कार्यकारी के मध्य अंतर बताइये?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वास्तविक कार्यकारी वह है, जब कार्यकारी शक्तियां किसी राष्ट्र के राजा या राष्ट्रपति के पास हों, और वह उनपर स्वयं भी कार्य करता हो| एक वास्तविक कार्यकारी को डी-फैक्टो कार्यकारी भी कहा जाता है|

नाममात्र कार्यकारी वह है, जब उसके नाम की कार्यकारिणी और प्रशासन की पूर्ण शक्तियां किसी राष्ट्र के राजा या राष्ट्रपति के पास निहित हों, लेकिन कार्यान्वयन की वास्तविक शक्ति मंत्रिमंडल के पास होती है|


Q. 168675 ‘कार्यपालिका’शब्द का अर्थ

कार्यपालिका का वर्णन कीजिये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

‘कार्यपालिका’शब्द का अर्थ है- एक व्यक्ति का समूह जो नियमों और विनियमों के कार्यान्वयन पर ध्यान दे| दूसरे शब्दों में कार्यपालिका  सरकार की वह शाखा है, जो विधानसभा द्वारा अपनाए गए नियमों और विनियमों के कार्यान्वयन के लिए उत्तरदायी है| कार्यपालिका सरकार का वह अंग है जो कार्यान्वयन और प्रशासन के लिए जिम्मेदार होता है|


Q. 168676

भारत के कैबिनेट की विशेषताओं की गंभीरता से जांच कीजिये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संसदीय सरकार में, कैबिनेट को संसद की समिति के रूप में वर्णित किया गया है| कैबिनेट में कार्यकारी और विधायी शाखाएं दोनों आती हैं| बगेहोट (Bagehot) ने कैबिनेट का वर्णन; हाइफन (जो जोड़ता है), बक्कल (जो कार्यकारी और विधायी भागों को आपस में बांधता है) के रूप में किया है| कैबिनेट की विशेषताए इस प्रकार से हैं:

  • कैबिनेट: वास्तविक कार्यकारी
  • संसद द्वारा तैयार वास्तविक कार्यकारी
  • वास्तविक कार्यकारी और विधायिका के बीच लिंक
  • प्रधान मंत्री की अध्यक्षता
  • राजनीतिक एकरूपता
  • कैबिनेट: विधायिका के लिए उत्तरदायी
  • कार्यकारी; विधायिका के अधीनस्थ
  • पार्टी सरकार
  • मंत्रालय की निजी और सामूहिक उत्तरदायित्व
  • विपक्षी दल
  • मंत्रिमंडल की गोपनीयता


Q. 168677 ‘कैबिनेट मंत्री’ और ‘मंत्रिपरिषद’ के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

‘कैबिनेट मंत्री’ और ‘मंत्रिपरिषद’ के मध्य अंतर निम्न प्रकार से है:

पहला, ‘मंत्रिपरिषद’ एक ऐसा निकाय है, जिसे संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त है, जबकि कैबिनेट एक छोटा निकाय है और इसका गठन प्रशासनिक सुविधा के लिए किया गया है|

दूसरा, परिषद एक विशाल निकाय है| इसमें 40 से भी अधिक मंत्री हो सकते हैं, जबकि कैबिनेट एक छोटा निकाय है, उसमें आम तौर पर 15 से 20 सदस्य होते हैं|

तीसरा, कैबिनेट के सभी सदस्य मंत्रिपरिषद के सदस्य होते हैं, लेकिन मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य कैबिनेट मंत्री नहीं हो सकते हैं|


Q. 168678 राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने की प्रक्रिया का वर्णन करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संविधान के अनुच्छेद 61 के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा संविधान के प्रावधानों के उल्लंघन पर संसद के किसी सदन द्वारा उस पर महाभियोग लगाया जा सकता है| इसके लिए आवश्यक है:

  • राष्ट्रपति को 14 दिन पहले लिखित सूचना दी जाए, जिस पर उस सदन के एक चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर हों|
  • संसद के उस सदन, जिसमें महाभियोग का प्रस्ताव पेश है, के दो तिहाई सदस्यों द्वारा पारित कर देने पर प्रस्ताव दूसरे सदन में जाएगा|


Q. 168679 राष्ट्रपति के कार्यकाल और कार्यकाल में बने रहने की स्थति का वर्णन कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और वह तब तक अपने पद पर बना रहेगा जब तक कि उसका उत्तराधिकारी पद की शपथ ग्रहण नहीं कर लेता है| वह पुनर्निर्वाचन के लिए पात्र होता है| राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति को संबोधित कर अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग कर सकता है|

राष्ट्रपति लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो| यदि संसद के किसी भी सदन का कोई भी सदस्य राष्ट्रपति पद के लिए चुना जाता है तो उसे राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पूर्व ही वह पद त्यागना होगा| वह किसी सरकारी लाभ के पद पर न हो|


Q. 168680 भारत के उप-राष्ट्रपति पद की योग्यताएं क्या-क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत के उप-राष्ट्रपति पद की योग्यताएं निम्न प्रकार से हैं:

  • वह भारत का नागरिक हो|
  • वह 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो|
  • वह राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो|


Q. 168681 संसदीय और अध्यक्षीय कार्यकारी के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरकार के प्रमुख के अंतर्गत, सामंजस्य से संसदीय कार्यकारी में विधायिका और कार्यकारी कार्य विधानसभा में सामान्यतः बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधान मंत्री कहा जाता है| संसद में कार्यकारी इसके कार्यों के लिए उत्तरदायी होती है, यहाँ तक कि राज्य का प्रमुख राजा या राष्ट्रपति भी हो सकता है|

अध्यक्षीय कार्यकारी में राज्य का प्रमुख राष्ट्रपति होता है| वह सरकार का भी प्रमुख होता है| सामान्यतः राष्ट्रपति का चुनाव सीधे तौर पर लोगों द्वारा किया जाता है और वह विधायिका के लिए जवाबदेह भी नहीं होता है|


Q. 168682 कैबिनेट के कार्य क्या-क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कैबिनेट के कार्य इस प्रकार से हैं:

  • नीति निर्धारण कार्य: कैबिनेट एक विचारणीय और नीति निर्धारक निकाय है| यह देश की सभी प्रकार की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं पर चर्चा और निर्णय करता है|
  • राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सर्वोच्च नियंत्रण: कैबिनेट एक सर्वोच्च राष्ट्रीय कार्यकारी होता है| यह सम्पूर्ण संघ के सिविल सेवकों के कार्यों का संचालन, पर्यवेक्षण और निर्देश देता है|
  • कैबिनेट एक सह-समन्वयक के रूप में: कई मंत्रियों के कार्यों और सरकार के विभागों का समन्वय और निर्देशन करना भीकैबिनेट का कार्य है|
  • वित्तीय नियंत्रण :कैबिनेट राज्य के सम्पूर्ण व्यय के लिए और इसे पूरा करने के लिए राजस्व जुटाने के लिए उत्तरदायी होता है|
  • नियुक्तियों पर नियंत्रण: सभी नियुक्तियां कैबिनेट के पास सीधे तौर पर नहीं आती हैं| लेकिन राज्यपाल, राजदूतों और प्रमुख पदों पर अन्य नियुक्तियों को सार्वजनिक करने से पूर्व उनपर मंत्रिमंडल में विचार किया जाता है|


Q. 168683 भारत के प्रधान मंत्री की शक्तियों और कार्यों को संक्षेप में लिखिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मंत्रिपरिषद का गठन प्रधान मंत्री करता है, जो औपचारिक रूप से राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किये जाते हैं| वह मंत्रियों के पदों का आवंटन करता है और वह किसी भी मंत्री को इस प्रक्रिया से हटा भी सकता है| मंत्रिपरिषद की बैठकों की अध्यक्षता प्रधान मंत्री करता है| वह सरकार की नीतियों का निर्धारण करता है| वह भिन्न मंत्रियों के कार्यों का समायोजन करता है और अंतर-विभागीय विवादों को सुलझाता है| योजना आयोग का अध्यक्ष भी प्रधान मंत्री ही होता है, वह नियोजन की प्रक्रिया में एक प्रमुख निकाय की भांति कार्य करता है|

प्रधान मंत्री राष्ट्रपति को सभी महत्वपूर्ण मसलों पर सलाह देता है; जैसे नियंत्रक व महालेखा परीक्षक, मुख्य चुनाव आयुक्त, उच्च और उच्चतम न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति| वह राष्ट्रपति को संसद को बुलाने और उसकी मंजूरी पर, लोकसभा को भंग करने और आपातकाल की घोषणा करने पर भी सलाह देता है|


Q. 168684 राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया समझाइये?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राष्ट्रपति 5 वर्ष के लिए चुना जाता है। राष्ट्रपति पद के लिए सीधे जनता के द्वारा निर्वाचन नहीं होता। राष्ट्रपति का निर्वाचन अप्रत्यक्ष तरीके से होता है। इसका अर्थ यह है कि राष्ट्रपति का निर्वाचन आम नागरिक नहीं बल्कि निर्वाचित विधायक और सांसद करते हैं। यह निर्वाचन समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत के सिद्धांत के अनुसार होता है। संविधान के अनुच्छेद 55 के अनुसार, जहाँ तक संभव हो राष्ट्रपति के चुनाव में भिन्न राज्यों के प्रतिनिधित्व का मानक समान होना चाहिए| राज्यों के मध्य इस तरह की एकरूपता के लिए, इसे प्रत्येक राज्य के लिए निर्धारित किया गया है:

  • राज्य की विधानसभा के प्रत्येक चयनित सदस्य के पास उतने वोट होंगे जितने उस राज्य की जनसंख्या को विधानसभा में निर्वाचित सदस्यों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त भागफल में एक हजार का भाग देने पर प्राप्त होगा|
  • प्राप्त भागफल को एक हजार से भाग देने पर यदि संख्या पांच सौ से कम बचती है, तो प्रत्येक व्यक्ति के वोट का मूल्य एक बढ़ जायेगा|
  • विधानसभाओं के कुल निर्वाचित सदस्यों के वोटों की संख्या में संसद के कुल निर्वाचित सदस्यों की संख्या का भाग देने पर संसद के प्रत्येक निर्वाचित सदस्य के वोटों का मूल्य ज्ञात होगा| राष्ट्रपति का निर्वाचन एकसंक्रमणीय मत प्रणाली के अनुसार होता है| चुनाव गुप्त मत पत्र के द्वारा होगा|


Q. 168685 कावेरी जल विवाद में शामिल दो राज्य हैं:
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कावेरी नदी के जल से कर्नाटक और तमिलनाडु के मध्य गंभीर जल विवाद उत्पन्न हो गया| विवाद की जड़ कावेरी नदी के जल के बंटवारे पर प्रश्न चिह्न लगाती है|


Q. 168686 भारतीय संविधान की प्रकृति किस प्रकार की है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय संविधान इंग्लिश संविधान से अधिक कठोर परंतु अमेरिकी संविधान से अधिक लोचदार है।


Q. 168687 लोकतंत्र को पुरानी सामंतवादी व्यवस्था से बेहतर क्यों समझा जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लोकतंत्र को पुराने सामंतीवादी व्यवस्था से इसलिए बेहतर माना जाता है क्योंकि यह लोगों की इच्छा को अच्छी तरह अभिव्यक्त करता है  


Q. 168688 “संविधान की मूल संरचना” का सिद्धांत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किस मामले में दिया गया था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रसिद्ध केशवानंद भारती मामले (1973) में, सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि, संविधान मौलिक अधिकारों समेत किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है,  लेकिन ज्ञातव्य हो कि इससे संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन नहीं हो; इस प्रकार, बुनियादी संरचना का सिद्धांत प्रतिपादित हुआ था।


Q. 168689 संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।


Q. 168690 संविधान की समीक्षा के लिए 2000 में गठित आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सर्वोच्च न्यायालय  के एक सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति वेंकटचलैया संविधान की समीक्षा करने के लिए गठित आयोग के अध्यक्ष थे।


Q. 168691 भारतीय संविधान कब अंगीकृत किया गया था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया था।


Q. 168692 लोकसभा में 85वाँ संशोधन विधेयक कब पेश किया गया था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लोकसभा में 85वाँ संशोधन विधेयक 23 दिसंबर1999, को पेश किया गया था।


Q. 168693 भारत का संविधान कब लागू हुआ था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था।


Q. 168694 मौसम प्रेक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेषीकृत एजेंसी :


A.

यूनेस्को है।

B.

यूनिसेफ है।

C.

यूएनसीटीएडी है।

D.

डब्ल्यूएमओ है।

Right Answer is: D

SOLUTION

मौसम प्रेक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा अधिकृत एजेंसी मौसम विज्ञान संस्थान (डब्ल्यूएमओ) है।


Q. 168695 भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का वर्तमान में मुख्यालय :


A.

चेन्नई में है।

B.

कोलकाता में है।

C.

नई दिल्ली में है।

D.

मुम्बई में है।

Right Answer is: C

SOLUTION

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का वर्तमान में मुख्यालय मौसम भवन, लोधी रोड, नई दिल्ली में स्थित है।


Q. 168696 भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की स्थापना:


A.

1801 में की गई थी।

B.

1850 में की गई थी।

C.

1865 में की गई थी।

D.

1875 में की गई थी।

Right Answer is: D

SOLUTION

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की स्थापना 1875 में कलकत्ता में की गई थी।


Q. 168697 फारेनहाइट पैमाने पर जल का हिमांक:


A.

होता है।

B.

32° होता है।

C.

273° होता है।

D.

100° होता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

फारेनहाइट पैमाने के 32° और 212° पर तथा सेल्सियम पैमाने के 0° और 100° पर क्रमशः जल जमता एवं उबलता है।   


Q. 168698 मौसम संबंधी उपकरणों को वर्षण एवं सूर्य की सीधी किरणों से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया उपकरण :


A.

उच्च तथा न्यून तापमापी

B.

स्टीवेंसन स्क्रीन

C.

निर्द्रव वायुदाबमापी

D.

वायुदाब लेखी

Right Answer is: B

SOLUTION

तापमापी और अन्य सभी मौसम विज्ञान उपकरण जिन्हें सुरक्षात्मक बॉक्स के अंदर रखा जाता है, को स्टीवेंसन स्क्रीन के रूप में जाना जाता है।


Q. 168699 निर्दिष्ट स्थान एवं समय पर वायुमंडलीय तत्वों की दृष्टि से वायुमंडल की दशा :


A.

जलवायु कहलाती है।

B.

मौसम कहलाता है।

C.

प्राकृतिक भूगोल कहलाती है।

D.

वनस्पति कहलाती है।

Right Answer is: B

SOLUTION

मौसम किसी स्थान की अल्पकालिक वायुमंडलीय स्थित है। वायुमंडलीय दाब, तापमान आर्द्रता, वर्षण, मेघमयता तथा पवन की दृष्टि से वायुमंडल की दशा जैसे कारकों पर मौसम निर्भर होता है।


Q. 168700 यदि वायु में आर्द्रता अधिक है, तब आर्द्र एवं शुष्क बल्ब के बीच पाठ्यांक का अंतर -


A.

कम होगा।

B.

अधिक होगा।

C.

समान होगा।

D.

या तो अधिक होगा या कम होगा।

Right Answer is: A

SOLUTION

यदि वायु में आर्द्रता अधिक है, तब वाष्पोत्सर्जन की दर कम होगी, इसलिए आर्द्र एवं शुष्क बल्ब के बीच पाठ्यांक का अंतर कम होगा।


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