CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 168901 संविधान सभा एक प्रतिनिधिक संगठन थी, आप यह कैसे कह सकते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

सभी धर्मों के सदस्यों को संविधान सभा में प्रतिनिधित्व दिया गया। अनुसूचित जातियों के 20 सदस्य थे। जहाँ तक राजनीतिक दलों का सवाल है विभाजन के बाद संविधान सभा में काँग्रेस का वर्चस्व था और उसे 82 प्रतिशत सीटें प्राप्त थीं। काँग्रेस स्वयं विविधताओं से भरी हुई एक ऐसी पार्टी थी जिसमें लगभग सभी विचारधाराओं की नुमाइंदगी थी।


Q. 168902 संविधान सभा का गठन कैसे हुआ?
Right Answer is:

SOLUTION

कैबिनेट मिशन (1946) ने संविधान सभा (सीए) की स्थापना का प्रस्ताव पारित किया। इसके सदस्य 1935 में स्थापित प्रांतीय विधान सभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष विधि से चुने गए।

प्रांतों को 292 सदस्य चुनने थे जबकि देशी रियासतों ने 93 सदस्यों को नामांकित किया था।


Q. 168903 ‘भारतीय संविधान की शक्तियों के बंटबारे’ का उदाहरण दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय संविधान शक्ति को एक समान धरातल पर विधयिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं और स्वतंत्र संवैधानिक निकाय जैसे निर्वाचन आयोग आदि में बाँट देता है। अवरोध और संतुलन के कुशल प्रयोग ने भारतीय संविधान की सफलता सुनिश्चित की है।


Q. 168904 संविधान को पलट देने को किस प्रकार रोका जा सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

संविधान को किसी के द्वारा पलटने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि, उसकी (किसी लोकतांत्रिक संस्था की) रचना इस प्रकार की जाय ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी एक संस्था का सारी शक्तियों पर एकाधिकार न हो। यह विभिन्न संस्थाओं में शक्तियों के बँटबारा द्वारा किया जा सकता है।


Q. 168905 जो लोग संविधान का समर्थन करते हैं, आपकी राय में उस समाज में बुनियादी नियमों की विषय-वस्तु क्या हो सकती है?
Right Answer is:

SOLUTION

कोई भी संविधान अपने सभी नागरिकों की स्वतंत्रता और समानता की जितनी अधिक सुरक्षा करता है उसकी सफलता की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। कोई भी संविधान खुद से न्याय के आदर्श स्वरूप की स्थापना नहीं करता लेकिन उसे लोगों को विश्वास दिलाना पड़ता है कि वह बुनियादी न्याय को प्राप्त करने के लिए ढाँचा उपलब्ध कराता है।


Q. 168906 भारतीय संविधान अपने तैयारी के वक्त उस समय की व्यापक राष्ट्रीय सहमति को परिलक्षित करता है, यह आप कैसे कह सकते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय संविधान उन लोगों द्वारा तैयार किया गया, जिनको जनता का व्यापक विश्वास प्राप्त था। ये लोग समाज के विभिन्न वर्गों के नुमाइंदगी कर रहे थे  जिसमे सभी धर्म, क्षेत्र, जाति, वर्ग, यहां तक कि व्यवसायी और महिलाएँ भी सम्मिलित थी


Q. 168907 संविधान का कौन-सा प्रावधान बिना किसी बहस के पारित हुआ था?
Right Answer is:

SOLUTION

सार्वभौम मताधिकार का प्रावधान बिना किसी बहस के पारित हुआ था जो संविधान सभा की लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का साक्षी है।


Q. 168908 संविधान लोगों की मौलिक पहचान किस प्रकार व्यक्त करता है?
Right Answer is:

SOLUTION

संविधान के माध्यम से ही किसी समाज की एक सामूहिक इकाई के रूप में पहचान होती है। कुछ बुनियादी नियमों और सिद्धांतों पर सहमत होकर हम अपनी मूलभूत राजनीतिक पहचान बनाते हैं।


Q. 168909 लोगों के अधिकार को कब सीमित किया जा सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

राजनीतिक आपातकाल अथवा संविधान में उल्लिखित कोई और विशेष स्थिति के दौरान ही सिर्फ मौलिक अधिकारों को सीमित किया जा सकता है


Q. 168910 संविधान सरकार की शक्ति को किस प्रकार से सीमित करता है?
Right Answer is:

SOLUTION

संविधान लोगों को मौलिक अधिकार प्रदान करता है। अगर किसी को लगता है कि उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो वे इसके खिलाफ उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय जा सकते हैं।


Q. 168911 हमारे संविधान सभा ने राष्ट्रीय आंदोलन से विरासत किस प्रकार से प्राप्त किए थे?
Right Answer is:

SOLUTION

एक तरह से संविधान सभा केवल उन सिद्धांतों को मूर्त रूप और आकार दे रही थी जो उसने राष्ट्रीय आंदोलन में प्राप्त किए थे। राष्ट्रीय आंदोलन में उन प्रश्नों पर चर्चा हुई थी जो संविधान बनाने के लिए प्रासंगिक थे, जैसे - भारत में सरकार का स्वरूप और संरचना किसी होनी चाहिए, हमें किन मूल्यों का समर्थन करना चाहिए, किन असमानताओं को दूर किया जाना चाहिए आदि। उन बहसों से प्राप्त निष्कर्षों को ही संविधान में अंतिम रूप प्रदान किया गया।


Q. 168912 ‘भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज है’ इस कथन का क्या मतलब है, व्याख्या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय संविधान कठोर और लचीला दोनों है। इसका अर्थ यह है कि संविधान के कुछ प्रावधान समय की जरूरत के अनुसार बदले जा सकते हैं, जबकि कुछ अन्य जो मूल ढाँचे’ के हैं उन्हें आसानी से नहीं बदले जा सकते हैं। प्रावधानों में परिवर्तन और ऐसे परिवर्तन पर सीमा लगाकर, संविधान ने सही संतुलन कायम करके यह सुनिश्चित किया है कि यह लोगों द्वारा सम्मानित दस्तावेज़ के रूप में जीवित रहेगा। अतः इसे “जीवंत दस्तावेज के रूप में वर्णित किया गया है।


Q. 168913 सरकार लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किस प्रकार करती है?
Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय संविधान सरकार को वह सामर्थ्य प्रदान करता है जिससे वह कुछ सकारात्मक लोक-कल्याणकारी कदम उठा सके, जैसे कि समुचित जीवन-स्तर प्रदान करना। भारतीय संविधान के अध्याय 4 में उल्लिखित राज्य के नीति-निर्देशक तत्व भी सरकार से लोगों की कुछ आकांक्षाएँ पूरी करने की अपेक्षा करता है।


Q. 168914 सांख्यिकी की अवधारणा का व्‍याख्‍या कीजिए। इसकी सीमाओं पर भी प्रकाश डालिए।
Right Answer is:

SOLUTION

सांख्यिकी आंकड़ों के संकलन, विश्लेषण, निर्वचन या स्पष्टीकरण और प्रस्तुति से संबंधित एक गणितीय विज्ञान है।

निम्नसांख्यिकी की सीमाएं हैं-

· व्‍यक्तिगत इकाइयों के लिए उपयोगी नहीं होती-यह ''तथ्‍यों के समूह'' से संबंधित है। एक व्‍यक्तिगत तथ्‍य का अध्‍ययन सांख्यिकी के क्षेत्र से बाहर होता है।

· गुणात्‍मक पहलू का अध्‍ययन नहीं करती-इसे केवल मात्रात्‍मक आंकडों पर लागू किया जा सकता है।यह बुद्धि, ईमानदारी, निर्धनता, सुन्‍दरता, कल्‍याण आदि गुणात्‍मक तथ्‍यों को पेश नहीं करती ।

· सांख्यिकी औसत से संबंधित है-हम आंकडों की सहायता से केवल औसत की गणना कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, पिछले दस वर्षों में गेहूं का औसत उत्‍पादन 250 क्विंटलहै। इसका यह मतलब नहीं है कि गेहूं का उत्‍पादन हर वर्ष बराबर था। इसलिए, सांख्यिकीय ज्ञान औसत जानने के लिए उपयोगी है।

· सांख्यिकी का दुरूपयोग किया जा सकता है- सांख्यिकी का जानबूझ कर आंकडों को घुमाकर या हेरफेर कर दुरूपयोग किया जा सकता है जैसे एक वकील अपनी बात साबित करने के लिए नियमों में हेरफेर कर सकता है तथा अनुभवहीन और अप्रशिक्षित व्‍यक्ति गलत निर्णय दे सकते हैं।

· परिणाम गलत साबित हो सकते हैं-सांख्यिकीय नियम प्रकृति में संभाव्‍यता वाले होते हैं। सांख्यिकी के परिणाम केवल अनुमान पर आधारित होते हैं न कि परिशुद्ध पर, उदाहरण के लिए, यदि एक सिक्‍के को एक बार उच्चाहलने पर चित आने की संभावना आधी है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि यदि हम सिक्‍के को 10 बार उछाले, तो हमें हमेशा 5 बार चित और 5 बार पटप्राप्‍त होगा।


Q. 168915 सांख्यिकी के कार्यक्षेत्र की व्‍याख्‍या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

सांख्यिकी का कार्यक्षेत्र-

· व्‍यापारिकपूर्वानुमान- सांख्यिकीय विधियां व्‍यापारिक पूर्वानुमानों के लिए उपयोगी होती हैं। एक उद्यमी को बिक्री, संप्राप्ति, कीमत, मांग आदि के संबंध में अपनी भावी योजनाओं के पूर्वानुमान के लिए पिछली अवधि के आंकडों का उचित विश्‍लेषण करना चाहिए।

· निर्णय लेना- किसी व्‍यवसाय को शुरू करने से पहले, एक व्‍यापारी को कच्‍चे माल, मजदूरी दर आदि जैसी आदानों की कीमतों से संबंधित पर्याप्‍त आंकडें एकत्रित करने होते है।

· गुणवत्‍ता नियंत्रण- किसी भी उत्‍पाद का गुणवत्‍ता नियंत्रण उपयुक्‍त सांख्यिकीय आंकडों पर आधारित होता है। एक उत्‍पाद की विभिन्‍न उत्‍पादन प्रक्रियाओं की जांच करने केलिए विभिन्‍न सांख्यिकीय उपकरणों का प्रयोग किया जाता है।

· नये उद्यम की खोज- आधुनिक व्‍यवसायिक गतिविधियों में, एक नये उत्‍पाद की मांग और पूर्ति के संबंध में सूचनाओं का अध्‍ययन करना महत्‍वपूर्ण हो गया है।

· व्‍यापार चक्रों का अध्‍ययन- सांख्यिकीय विधियां व्‍यापार चक्रों के अध्‍ययन के लिए बहुत उपयोगी है। सांख्यिकीय उपकरणों की सहायता से, हम किसी भी देश की मुद्रास्‍फीति और अपस्‍फीति स्थितियों का मूल्‍यांकन कर सकते हैं।

· योजना के लिए उपयोगी-सांख्यिकीय उपकरण निर्यात, आयात, उत्‍पादन आदि के संबंध में विभिन्‍न निणयों को लेने में सरकार की मदद करते हैं। इन तथ्‍यों और आंकडों के आधार पर योजनाओं को क्रियान्‍वित किया जाता है। राष्‍ट्रीय संसाधनों का समुचित उपयोग करने के लिए नियोजन सबसे अच्‍छा तरीका है।


Q. 168916 अनुमानित मूल्य और समष्टि विशेष के वास्तविक मूल्य के बीच अंतर को ________ कहते हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रतिचयन त्रुटियाँ, प्रतिदर्श सर्वेक्षण में होती है। ये त्रुटियाँ संयोगवश होती हैं|


Q. 168917 यादृच्छिक प्रतिचयन के तहत, जनसंख्या में से इकाइयों का चयन ______ के आधार पर होता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

यादृच्छिक प्रतिचयन विधि में, जनसंख्या से प्रतिदर्श यादृच्छिकता से लिए जाते हैं जिसमें जनसंख्या के सभी तत्वों के चयनित होने की समान संभावना होती है।


Q. 168918 वे त्रुटियाँ जो प्रतिक्रियाओं का गलत संग्रहण के कारण आती हैं -


A.

अनुत्तर संबंधी त्रुटियाँ

B.

प्रतिचयन त्रुटियाँ

C.

प्रतिदर्श अभिनति

D.

आँकड़े अर्जन में त्रुटियाँ

Right Answer is: D

SOLUTION

कभी कभी अन्वेषक की लापरवाही की वजह से प्रतिक्रियाएं सही दर्ज नहीं होतीं। यह त्रुटि आँकड़े अर्जन में त्रुटियों के रूप में जानी जाती है।


Q. 168919 दो सा

  भारत  में जनगणना  हर  साल पर की  जाती है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: D

SOLUTION

एक जनगणना व्यवस्थित जनसंख्या के बारे में जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया है।


Q. 168920 बहुविकल्पी प्रश

    व्यक्तिवाचक  प्रशन नहीं  हैं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

बहुविकल्पी प्रशनों में प्रश्न के कुछ संभव उत्तर दिए होते हैं तथा उत्तरदाताओं को उनमें से किसी पर निशान लगाना होता है।


Q. 168921 प्रतिचयन त्रुटि के अलावा अन्य त्रुटियों का मुख्य वर्गीकरण हैं


A.

अप्रतिचयन त्रुटियां

B.

निष्पक्ष त्रुटियां

C.

माप त्रुटियां

D.

समूह त्रुटियां

Right Answer is: A

SOLUTION

अप्रतिचयन त्रुटियाँ सांख्यिकी में गलती, गलत अवलोकन, उपयोग हुआ गलत सूत्र या अधूरे आँकड़ों के कारण होती हैं।


Q. 168922 RGI का अर्थ है


A.

भारत के महापंजीकार

B.

भारत के क्षेत्रीय जनरल।

C.

भारत के रजिस्ट्रार राज्यपाल

D.

भारत के क्षेत्रीय गवर्नर।

Right Answer is: A

SOLUTION

RGI एक राष्ट्रीय स्तर की संस्था है जो विभिन्न महत्वपूर्ण आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों पर आँकड़ों का संग्रहण , संशाधन और सारणीयां करती है |


Q. 168923 जो व्यक्ति वास्तव में आँकड़े एकत्र करता है वह ____कहा जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रगणक वह व्यक्ति होता है जो क्षेत्र में जाकर प्रत्यक्ष रूप से सांख्यिकीय सूचना जमा करता है। प्रगणक द्वारा एकत्र आँकड़े प्राथमिक आँकड़े होते हैं।


Q. 168924 आँकड़ों का वर्गीकरण और तालिका रूप में प्रस्तुति को ____ कहा जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

आंकड़ो का तालिकाओं के रूप में प्रस्तुतिकरण और आयोजन को आँकड़ों का संगठन कहा जाता है।


Q. 168925 अगर जांच के मामले में उत्तरदाता मुखबिर और साक्षर हैं तो अन्वेषक आंकड़ों के संग्रहण के लिए ______ विधि चुन सकता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

अगर उत्तरदाता शिक्षित हों, तब प्रश्नावली भेजकर आँकड़ों का संग्रह करने की विधि उपयोग हो सकती है।


Q. 168926 _____ में साक्षात्कारकर्ता से अध्ययन का उद्देश्य समझा जा सकता है और प्रतिवादी के प्रश्नों का जवाब देने का अवसर दिया जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

व्यक्तिक साक्षात्कार के माध्यम से साक्षात्कारकर्ता अध्ययन का उद्देश्य समझा जा सकता है और प्रतिवादी के प्रश्नों का जवाब भी डे सकता है।


Q. 168927 एक चुनाव के बाद टेलीविजन नेटवर्क द्वारा उपलब्ध कराए गए चुनाव के परिणाम के अनुमान को ____ कहा जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

मतदान केंद्रों से बाहर निकल रहे मतदाताओं से यादृच्छिक रूप से उनकी प्राथमिकता पूछ कर उसके आधार पर चुनाव के परिणाम की भविष्यवाणी करने को निर्गम निर्वाचन या एग्जिट पोल कहा जाता है।


Q. 168928 चयनकर्ता के हितों के प्रतिकूल होने के कारण किसी भी प्रतिचयन में उत्पन्न होने वाली त्रुटियों को कहा जाता है


A.

अप्रतिचयन त्रुटियाँ

B.

प्रतिचयन त्रुटियाँ

C.

माप में त्रुटियाँ

D.

निष्पक्ष त्रुटियाँ

Right Answer is: A

SOLUTION

अप्रतिचयन त्रुटियाँ आमतौर पर माप उपकरणों में त्रुटि से आती हैं। जैसे - मापन के साधन या आँकड़ों को संभालने की प्रणाली में कोई गलती या प्रयोगकर्ता द्वारा अस्पष्ट परिभाषाओं, दोषपूर्ण प्रश्नावली, अपर्याप्त और अकुशल शोधकर्त्ता का प्रयोग।


Q. 168929 _____ सर्वेक्षण में जनसँख्या के किसी भी प्रेक्षण के चुने जाने की संभावना बराबर होती है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

यादृच्छिक प्रतिचयन विधि में, जनसंख्या से प्रतिदर्श यादृच्छिकता से लिए जाते हैं जिसमें जनसंख्या के सभी तत्वों के चयनित होने की समान संभावना होती है।


Q. 168930 आँकड़े संग्रह करने के एक विधि है -


A.

यादृच्छिक सर्वेक्षण

B.

जानबूझकर सर्वेक्षण

C.

टेलीफोन पर साक्षात्कार

D.

संवाददाता विधि

Right Answer is: C

SOLUTION

टेलीफोन साक्षात्कार विधि में अन्वेषक लोगों से फोन पर सवाल पूछते हैं। यह विधि सस्ती है और एक छोटी समय अवधि में आयोजित किया जा सकता है।


Q. 168931 जो आँकड़े प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त जानकारी पर आधारित होते हैं, वे कहलाते हैं -


A.

सरल आँकड़े

B.

कच्चे आँकड़े

C.

द्वितीयक आँकड़े

D.

प्राथमिक आँकड़े

Right Answer is: D

SOLUTION

प्राथमिक आँकड़ें प्रगणकों को नियुक्त करके सीधा क्षेत्र से एकत्रित किये जाते हैं तथा इसका उद्देश्य है विशेष जाँच।


Q. 168932 ___ प्रक्रिया में जनसंख्या का एक भाग ही जांचा जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रतिचयन सर्वेक्षण में जनसंख्या के एक भाग यानि प्रतिदर्श से आँकड़े संग्रह करके और उसका अध्ययन करके कोई निष्कर्ष निकाला जाता है। 


Q. 168933 वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराने व्यक्ति कहलाता है -


A.

अन्वेषक

B.

प्रगणक

C.

प्रतिवादी

D.

साक्षात्कारकर्ता

Right Answer is: C

SOLUTION

अपेक्षित जानकारी या कुछ समस्या के बारे में आँकड़े उपलब्ध कराने व्यक्ति प्रतिवादी कहलाता है|


Q. 168934 बारंबारता बहुभुज पर एक टिप्‍पणी लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बारंबारता बहुभुज असतत और सतत श्रृंखला के चित्रीय प्रदर्शन की एक विधि है। बारंबारंता बहुभुज एक क्षेत्रफल चार्ट है जिसको आयत में सभी आयतों के ऊपरी छोर के मध्‍य बिंदुओं को जोडकर बनाया जाता है। यदि श्रेणी के मध्‍य बिंदु दिये हुये है तो बारंबारता बहुभुज का आयत के बिना भी निर्माण जा सकता है। जब कई बारंबारता वितरणों की एक ही ग्राफ पर तुलना करनी होती है तो बारंबारता बहुभुज का आयत के पार भी एक लाभ है।


Q. 168935 दंड आरेख और आयत चित्र के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक दंड आरेख एक आयमी होता है क्‍योंकि दंड कीऊंचाईमहत्वपूर्णहोती है न कि दंड की चौडाई। एक आयत चित्र द्विआयमी होता है क्‍योंकिआयतकीऊंचाईआवृत्तिको दर्शाती है जबकि आयत की चौडाई वर्ग अंतराल को दर्शाती है। एक दंड आरेख का आरेखीय प्रस्‍तुतिकरण होता है जबकि आयत चित्र एक सतत श्रृंखला के एक आवृत्ति वितरण का चित्रमय प्रदर्शन है।


Q. 168936 आयत चित्र पर एक टिप्‍पणी लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आयत चित्र एक क्षेत्रफल चार्ट है जिसमें एक दंड का क्षेत्रफल उसी अंतरालों से जुड़ी बारंबारताओं को प्रदर्शित करता है। एक आयात चित्रX-अक्ष से लिये गये वर्ग अंतरालों के स्‍तम्‍भों पर लम्‍बवत् दंडों से बना होता है और उनकी संबंधित आवृत्तियों कोY-अक्ष पर बनाया जाता है। फिर दंडों कीऊंचाईआवृत्तियों के जमाव की माप है। आयत चित्र आवृत्ति वितरण को प्रदर्शित करने के लिए सबसे लोकप्रिय उपकरणों में से एक है।


Q. 168937 आरेखों के मुख्‍य लाभों की व्‍याख्‍या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आरेखों के निम्‍नलिखित मुख्‍य लाभ हैं-

1) आकर्षक और लोकप्रिय- एक साधारण आदमी भी जिसकी कोई सांख्यिकीय पृष्ठिभूमि नहीं है वह भी आरेखों को आसानी से समझ सकता है। आरेख विभिन्‍न क्षेत्रों जैसे आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक तथा अन्‍य क्षेत्रों में भी लोकप्रिय हैं। आरेखों के संदर्भ में, 'एक चित्र की 1000 शब्‍दों के बराबर अहमियत होती है', यह बहुत सही प्रतीत होता है।

2) सारणियों की अपेक्षा आरेख अधिक प्रभावी होते हैं क्‍योंकि वे मन पर अधिक स्‍थायी प्रभाव डालते हैं।

3) तुलनात्‍मक अध्‍ययन करने के लिए आरेख हमारी मदद करते हैं।

4) आरेखीय प्रस्‍तुतिकरण समय, श्रम और धन में मामलें में किफायती है।

5) आरेख आगामी प्रवृत्ति के पूर्वानुमान लगाने में मदद करते हैं।

6) अपनी सादगी, आकर्षक प्रस्‍तुतिकरण और आरेखीय प्रस्‍तुति के मनोरंजक मानों के कारण आंकडों की सार्वभौमिक स्‍वीकार्यता है।


Q. 168938 वृत्‍त आरेख की व्‍याख्‍या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वृत्‍त आरेख में, एक चर के विभिन्‍न भागों को एक गोले के टुकडों द्वारा विभिन्‍न भागों में दर्शाया जा सकता है। यह एक वृत्‍त आरेख है क्‍योंकि पूरा ग्राफ एक वृत्‍त की तरह लगता है और इसके घटक वृत्‍त से कटे हुए टुकडों के समान होते हैं। इस आरेख में दी हुयी सभी मदों को 360 डिग्री के बराबर हैं और अनुपातिक रूप से परिकलित कोणों की डिग्री विभिन्‍न मदों का प्रतिनिधित्‍व करती हैं। जब मानों के वितरित प्रतिशत को आरेखीय रूप में प्रस्‍तुत करना होता है तब वृत्‍त आरेख का प्रयोग किया जाता है। वृत्‍त आरेखों को वृत्‍तीय चार्ट भी कहा जाता है। उदाहरण भोजन, वस्‍त्र, किराया, शिक्षा ईंधन आदि जैसी विभिन्‍न मदों पर एक परिवार द्वारा किये गये व्‍यय को एक वृत्‍त आरेख द्वारा प्रस्‍तुत किया जा सकता है।


Q. 168939 ज्‍यामितीय आरेख को आप किस प्रकार वर्गीकृत कर सकते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ज्‍यामितीय आरेख को दो प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है- दंड आरेख और वृत्‍त आरेख।

दंड आरेख- दंड आरेख को तैयार करना बहुत सरल है। दंडों की एकसमान चौडाई होनी चाहिए। दंड आरेख तीन प्रकार के हो सकते हैं- सरल दंड आरेख, बहु दंड आरेख, घटक दंड आरेख।

वृत्‍त आरेख- यह आरेख सम्‍पूर्ण और घटक दोनों क्षेत्र को दिखा सकता है। वृत्‍त आरेख के एक गोले का क्षेत्रफल अपनी त्रिज्‍या के वर्ग के समानुपाती होता है। इस विधि में मान को प्रतिशत के आधार पर प्रयोग किया जाता है न कि निरक्षेप आधार पर।


Q. 168940 'आरेख सारणियों की तुलना में कम यर्थाथ होते है परंतु आंकडों को बहुत प्रभावी ढंग से प्रस्‍तुत करते हैं'- व्‍याख्‍या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आरेखों की सीमाओं में से एक सीमा यह है कि आरेख उतने शुद्ध नहीं होते है जितनी कि सारणी इसलिए वे केवल सही के लगभग अनुमान देते हैं। इसलिए, जहां अधिक शुद्धता की आवश्‍यकता होती है वहां आरेख उपयुक्‍त नहीं होते हैं। हालांकि, आरेखों का सबसे महत्‍वपूर्ण लाभ यह है कि आरेख सारणियों की अपेक्षा आंकडों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्‍तुत करते हैं क्‍येांकि आरेख आंकडों की मुख्‍य विशेषताओं के समझने को सुगम बनाते हैं।


Q. 168941 वर्गीकरण और सारणीयन के बीच अंतर स्‍पष्‍ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वर्गीकरण

सारणीयन

1. चूंकि आंकडें सारणीयन से पहले वर्गीकृत किये जाते है इसलिए वर्गीकरण, सारणीयन का आधार है।

1. केवल वर्गीकृत आंकडों को ही सारणी के रूप में प्रस्‍तुत किया जा सकता है। यह वर्गीकरण के बाद का एक चरण है।

2. संग्रहित आंकडों को उनकी विशेषताओं के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।

2. संगठित आंकडों को विभिन्‍न स्‍तम्‍भों और पंक्तियों में विभाजित किया जाता है।

3. यह सांख्यिकीय विशेषण की एक विधि है।

3. यह आंकडों के प्रस्‍तुतिकरण की एक विधि है।

4. आंकडों को विभिन्‍न समूहों और उप समूहों में वर्गीकृत किया जाता है।

4. आंकडों को उपशीर्षक और अवशीर्ष में प्रस्‍तुत किया जाता है।

5. वर्गीकरण की प्रक्रिया में मौलिक आंकडों का प्रयोग किया जाता है।

5. मौलिक और व्‍युत्‍पन्‍न (जैसे प्रतिशत और अनुपात) अर्थात् दोनों आंकडों का प्रयोग किया जाता है।


Q. 168942 आंकडों की आरेखीय प्रस्‍तुतिकरण से क्‍या तात्‍पर्य है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आरेखीय प्रस्‍तुतिकरण दंड आरेखों, आयतों, चित्रों, मानचित्रों आदि जैसे आरेखीय रूपों में आंकडों को प्रस्‍तु‍त करने की विधि है। आरेखीय प्रस्‍तुतिकरण सांख्यिकीय आंकडों को एक आकर्षक ढंग से दिखलाने की सबसे लोकप्रिय विधि है।

आरेख संख्‍यात्‍मक आंकडों के सम्‍पूर्ण अर्थ को एक झलक में देखने के लिए हमारी मदद करते हैं। आरेखों को बनाते समय निम्‍नलिखित सामान्‍य नियमों पर ध्‍यान दिया जाना चाहिए-

1) शब्‍दों के न्‍यूनतम उपयोग और उचित आकार के साथ साफ सुथरे अर्था‍त् आकर्षक होने चाहिए।

2) शीर्षक उपयुक्‍त होना चाहिए।

3) आरेख उचित और सही पैमाने के चयन से बनाए जाने चाहिए।

4) पाद टिप्‍पणी आरेख के निचले भाग में दी जानी चाहिए।

5) परिक्षेपण को स्‍पष्‍ट करने के लिए अनुक्रमणिका महत्‍वपूर्ण होती है।

6) आरेख बाये से दायें या नीचे से ऊपर की ओर बनाए जाने चाहिए।


Q. 168943 तोरण क्‍या है? चित्रात्‍मक प्रस्‍तुति के साथ तोरण के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

तोरण आंकडों के एक दिये हुये समुच्‍चय के लिए एक संचयी आवृत्ति वक्र है। संचयी आवृत्तियों पर निर्भर तोरण दो प्रकार के होते हैं- से कम और से अधिक।

से कम तोरण- से कम तोरण को वर्ग अंतरालों की ऊपरी सीमा के समाने आलेखित किया जाता है।

से अधिक तोरण- से अधिक तोरण को वर्ग अंतरालों की निम्‍नतम सीमा के सामने आलेखित किया जाता है।

 


Q. 168944 एक अच्‍छी सांख्यिकीय सारणी की कौन सी आवश्‍यक बातें होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक अच्‍छी सांख्यिकीय सारणी की आवश्‍यक बातें निम्‍नलिखित हैं-

1) एक सांख्यिकीय सारणी संक्षिप्‍त, आसानी से समझ में आने वाली और संभ्रमों से मुक्‍त होनी चाहिए। जब भी आवश्‍यक हो इसका स्‍पष्‍टीकरण देना चाहिए।

2) स्‍पष्‍ट, निश्‍चित और स्‍वयं व्‍याख्यित शीर्षक होना चाहिए।

3) उपशीर्षक और अवशीर्ष स्‍पष्‍ट और संक्षिप्‍त तथा सुव्‍यस्थित होने चाहिए।

4) हैड नोट्स स्‍पष्‍ट और इकाइयों को दर्शाने वाले होने चाहिए।

5) विचारों में समानता होनी चाहिए।

6) सारणी की लंबाई और चौडाई संतुलित होनी चाहिए।

7) शब्‍दों के संक्षिप्‍त नामों से प्रयोग नहीं होना चाहिए।

8) सम्‍पूर्ण योग को दर्शाने के लिए योगों और उप योगों को सारणी में दिखाया जाना चाहिए।


Q. 168945 दण्‍ड आरेख से आप क्‍या समझते हैं? दण्‍ड आरेख के प्रकारों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दण्‍ड आरेख से अभिप्राय ऐसे चित्र से है जिसमें आंकडों को दण्‍डों या आयतों के रूप में प्रकट किया जाता है।

दण्‍ड आरेखों के प्रकार-

(1) सरल दण्‍ड आरेख-सरल दण्‍ड आरेख वे चित्र होते हैं जो एक ही प्रकार के संख्‍यात्‍मक तथ्‍यों के विभिन्‍न मूल्‍यों को दण्‍ड के द्वारा प्रकट करते हैं। दण्‍डों की चौड़ाई एक समान होती है किन्‍तु दण्‍डों की लम्‍बाई में मूल्‍यानुसार परिवर्तन होता है। दण्‍ड आरेख के द्वारा केवल एक ही प्रकार के आंकडों को प्रस्‍तुत किया जा सकता है। सरल दण्‍ड आरेख दो प्रकार के होते हैं-

(क) उदग्र या खडें दण्‍ड आरेख- जब दण्‍डों को सीधे या खडें रूप में बनाया जाता है तो ऐसे आरेख को उदग्र या खडे दण्‍ड आरेख कहते है। 

(ख) क्षैतिज दण्‍ड आरेख- जब दण्‍डों को सीधे लेटी दशा में बनाया जाता है तो ऐसे आरेख को क्षैतिज दण्‍ड आरेख कहते हैं।

(2) बहुगुणी दण्‍ड आरेख-एक ही समय में दो या दो से अधिक तथ्‍यों सम्‍बन्‍धी आंकड़ों के तुलनात्‍मक अध्‍ययन के लिए बहुगुणी दण्‍ड आरेख का प्रयोग किया जाता है। इनका प्रयोग विभिन्‍न तथ्‍यों जैसे- जन्‍मदर एवं मृत्‍यु दर की तुलना करने के लिए किया जाता है। एक ही समय से संबंधित सभी दण्‍डों को साथ-साथ मिलाकर बनाया जाता है। फिर थोडा खाली स्‍थान छोड़कर दूसरे समय के दण्‍ड आरेख बनाये जाते है। दण्‍डों की लंबाई पदों के मूल्‍य पर निर्भर करती है। चरों में अंतर स्‍पष्‍ट करने के लिए विभिन्‍न तथ्‍यों संबंधी दण्‍डों को अलग-अलग रंग या शेड भरकर दर्शाया जाता है।

(3) उप विभाजित या अन्‍तर्विभक्‍त दण्‍ड आरेख-उप विभाजित दण्‍ड आरेख ऐसा दण्‍ड आरेख होता है जिसमें किसी तथ्‍य के कुल मूल्‍य तथा उप-विभाजित को प्रदर्शित किया जाता है। ऐसे आरेख में सम्‍पूर्ण मूल्‍य का एक दण्‍ड बनाकर उसका उप-विभाजन कर दिया जाता है। प्रत्‍येक दण्‍ड के विभिन्‍न भागों को अलग अलग दिखाने के लिए उनमें विभिन्‍न रंग भर दिये जाते हैं।


Q. 168946 बहुलक = ___________ मध्यिका – 2 माध्य


A.

1

B.

4

C.

3

D.

2

Right Answer is: C

SOLUTION

कार्ल पियर्सन के अनुसार असमितीय वितरण के माध्य, मध्यिका तथा बहुलक के बीच में एक आनुभाविक संबंध होता है, जो इस प्रकार है | बहुलक = 3 मध्यिका – 2 माध्य 


Q. 168947 माध्य, मध्यिका तथा बहुलक के बीच में आनुभाविक संबंध की अवधारणा किसने प्रतिपादित की थी ?


A. क्रौक्सटन और कॉडन

B. कैनी

C. कार्ल पियर्सन

D. मार्शल

Right Answer is: C

SOLUTION

कार्ल पियर्सन के अनुसार असमितीय वितरण के माध्य, मध्यिका तथा बहुलक के बीच में एक आनुभाविक संबंध होता है, जो इस प्रकार है | बहुलक = 3 मध्यिका – 2 माध्य 


Q. 168948 समूहन विधि द्वारा बहुलक का अभिकलन तब किया जाता है जब _________
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

समूहन विधि द्वारा बहुलक का अभिकलन तब किया जाता है जब •एक शृंखला के मद एक से अधिक मान पर केंद्रित हों| •अधिकतम बारंबारता तथा अगली अधिकतम बारंबारता में अंतर बहुत कम हों|


Q. 168949 वह मान या मद का मूल्य जो शृंखला में सबसे अधिक बार दोहराया जाता है _____ कहलाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

वह मान या मद का मूल्य जो श्रृंखला में सबसे अधिक बार दोहराया जाता है बहुलक कहलाता है| बहुलक सर्वाधिक प्रेक्षित आंकड़ा मान है|


Q. 168950 दिए हुए आंकड़ों के लिए बहुलक ज्ञात करें 22, 10, 15, 22, 20, 11, 22, 16, 22, 12
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

निरिक्षण विधि के द्वारा यह ज्ञात होता है कि बहुलक 22 है | 


Q. 168951 Q3 क्या प्रदर्शित करता है?


A.

25 % मदों का मान Q3 से कम होता है

Right Answer is: D

SOLUTION

आंकड़ों में 75 % मदों का मान Q3 से कम और 25 %  मदों का मान Q3 से अधिक होता है | 


Q. 168952 द्वितीय चतुर्थक को हम और किस नाम से जानते है ?


A. मध्यिका

B. बहुलक

C. माध्य

D. आलेख

Right Answer is: A

SOLUTION

 


Q. 168953 चतुर्थक वे माप है जो आंकड़ों को ____ बराबर भागों में विभाजित करते है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

चतुर्थक वे माप है जो आंकड़ों को चार बराबर भागों में विभाजित करते है और प्रत्येक भाग में प्रेक्षणों की संख्या बराबर होती है|


Q. 168954 प्रतिचयन त्रुटियों को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रतिचयन त्रु‍टियों को निम्‍नलिखित सोपानों की सहायता से नियंत्रित किया जा सकता है:-

1. प्रतिदर्श सावधानी के साथ चुने जाने चाहिए।

2. अन्‍वेषक को अच्‍छी तरह से प्रशिक्षित किया जाना चाहिए ताकि वह प्रतिदर्श का चयन करते समय त्रुटियां न करें।

3. यादृच्छिक आधार पर परीक्षण की एक जांच यह देखने के लिए की जा सकती है कि एक प्रतिनिधि जनसंख्‍या को प्रतिदर्श में शामिल किया गया है या नहीं।


Q. 168955 प्रश्नावली में किस किस तरह से प्रशन पूछे जा सकते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रश्नों की प्रकृति तथा प्रकार इस प्रकार हो सकते हैं:

वैकल्पिक प्रश्न- इस प्रकार के सवालों में, उत्तर हाँ या ना के रूप में होता है।

बहुविकल्पी प्रश्न- इसमें प्रश्न के कुछ संभव उत्तर दिए होते हैं तथा उत्तरदाताओं को उनपर निशान लगाना होता है।

विशिष्ट उत्तर के साथ प्रश्न - इन प्रश्नों का उत्तर केवल एक ही तरह दिया जा सकता है तथा इसका और कोई उत्तर नहीं हो सकता, जैसे जन्म तिथि।

खुले उत्तर वाले प्रश्न- इसमें उत्तरदाता एक ही प्रकार से जवाब देने के लिए बाध्य नहीं होता। 


Q. 168956 द्वितीयक आंकडों को संगृहीत करने के महत्‍वपूर्ण स्रोतों का उल्‍लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. प्रकाशित स्रोत-

  • सरकारी प्रकाशन
  • अर्द्ध-सरकारी प्रकाशन
  • अंतर्राष्‍ट्रीय प्रकाशन
  • निजी प्रकाशन
  • शोध प्रकाशन

2. अप्रकाशित स्रोत- कभी कभी शोध कार्य प्रकाशित नहीं होते हैं। ये द्वितीयक आंकड़ों के महत्‍वपूर्ण स्रोत हो सकते हैं।


Q. 168957 डाक द्वारा प्रश्नावली भेजकर आँकड़े संगृहीत करने की विधि की लाभ और हानियों का वर्णन कीजिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

डाक द्वारा प्रश्नावली भेजकर आँकड़े संगृहीत करने की विधि के लाभ इस प्रकार हैं:

•जब जाँच का क्षेत्र बड़ा होता है, तब यह विधि काफ़ी उपयोगी साबित होती है।

•इस प्रकार की जाँच से समय और पैसे बचते हैं क्योंकि डाक करने का खर्चा व्यक्तिगत उपस्थिति से कम होता है।

•इस विधि द्वारा आँकड़ों का संग्रह वास्तविक होता है तथा शोधकर्त्ता के अनुसार होता है।

•चूँकि सूचना उत्तरदाता द्वारा ही दी गई होगी इसलिए यह शोधकर्त्ता की अभिनति से मुक्त होगी।

इस विधि की कुछ हानियाँ इस प्रकार हैं:

•अगर उत्तरदाता अशिक्षित हो, तब यह विधि असफल हो जाएगी।

•यह संभव है कि उत्तरदाता समय से प्रश्नावली वापस न करें या उन्हें भेजे ही नहीं।

•अपर्याप्त जानकारी की स्थिति में, अन्य प्रश्नों को पूछना संभव नहीं होता।

•क्योंकि जाँच के विषय में समझाने के लिए कोई भी नहीं होता है, अतः ऐसा हो सकता है की सूचनादाता को प्रश्न समझ ना आए।


Q. 168958 आंकड़ें संगृहित करने की प्रेषित प्रश्‍नावली स्रोत की व्‍याख्‍या कीजिए। इसका प्रयोग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रेक्षण प्रश्नावली विधि में शोधकर्त्ता जांच के क्षेत्र से संबंधित सवालों की एक सूची तैयार करके उत्तरदाताओं को डाक. ईमेल या संक्षिप्त सन्देश सेवा (SMS) द्वारा भेजता हैऔर भरी हुई प्रश्नावली गोपनीय रूप से एक निर्धारित समय अवधि के भीतर उत्तरदाताओं द्वारा शोधकर्त्ता को वापस भेज दी जाती है।

इस विधि को प्रयोग करते समय निम्न बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए:

  • सरलता -प्रश्नावली सरल मुद्दे से संबंधित होनी चाहिए तथा उसमे अप्रासंगिक सवाल नहीं होने चाहिए।
  • कम से कम गैर-प्रतिक्रिया -अगर प्रतिदर्श बड़ा रखा जाएगा, तो प्रतिक्रिया का अनुपात अधिक होगा।
  • संलग्न दस्तावेज़ -प्रश्नावली को वापस भेजने के लिए, एक आत्म संबोधित और मुहर लगा लिफाफा प्रश्नावली के साथ संलग्न भेजा जाना चाहिए।
  • पद टिप्पणी- प्रश्न को स्पष्ट करने के लिए पद टिप्पणियाँ आवश्य देनी चाहिए|


Q. 168959 आंकड़ों के प्रकाशित स्रोतों का वर्णन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आँकड़ों के विभिन्न प्रकाशित स्रोत निम्न हैं:

 

सरकारी प्रकाशन:

भारत में केंद्र और राज्य सरकार विभिन्न प्रकार के आँकड़े प्रकाशित करते हैं, जैसे कि आर्थिक सर्वेक्षण, पंचवर्षीय योजना, वेतन पर सांख्यिकीय सार जनगणना के आँकड़े, राष्ट्रीय आय तथा उत्पादन के आँकड़े आदि।

 

अर्द्ध-सरकारी प्रकाशन-

विभिन्न अर्द्ध सरकारी संगठन जैसे वाणिज्य मण्डल, बीमा कंपनियां, व्यापार संघ आँकड़ों का संग्रहण तथा प्रकाशन करते हैं जिनका उपयोग अन्य विभागों या संगठनों द्वारा द्वितीयक आँकड़ों के रूप में किया जाता है।

 

समितियों और आयोगों की रिपोर्टें: विशेष क्षेत्र के संबंध में सूचना संग्रहित करने के लिए सरकार विभिन्न समितियों तथा आयोगों को संगठित करती है। इस तरह के आकंड़ों को नीति निर्माण और कानूनों के निर्माण के लिए एकत्रित किया जाता है।

पत्रिकाएँ तथा अखबार: दैनिक अख़बार तथा पत्रिकाएँ पर्याप्त मात्रा में आँकड़े प्रदान करते हैं।

अनुसंधान संस्थानों का प्रकाशन: शोधार्थी अपने अध्ययन के क्षेत्र में, अनुसंधान संगठनों और संस्थाओं से विभिन्न आँकड़े एकत्रित करते हैं तथा अन्य शोधकर्ताओं या संगठनों के अनुसंधान को सुविधा प्रदान करते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय निकायों का प्रकाशन: विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय निकाय जैसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, विश्व स्वास्थ्य संगठन, आदि अपने निष्कर्ष और टिप्पणियाँ आवर्त रिपोर्टों के माध्यम से प्रकाशित करते हैं।


Q. 168960 इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम से आँकड़ों के संग्रह की प्रक्रिया के लाभ और हानियाँ बताइए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम से आँकड़ों के संग्रह के निम्नलिखित लाभ होते हैं:

•दुनिया के किसी भी दूरस्थ कोनों से किसी भी प्रकार की सूचना कम समय में प्राप्त की जा सकती है।

•पैसे, समय और श्रम के परिप्रेक्ष्य से यह विधि किफ़ायती है।

•एकत्र तथ्य, विषय के अनुसार प्रामाणिक और विश्वसनीय होते हैं।

•यह विधि किसी भी प्रकार के अधिमान से मुक्त है तथा इसमें पक्षपात की भी गुंजाईश नहीं है।

इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम से आँकड़ों के संग्रह की निम्नलिखित हानियाँ हैं:

अविकसित क्षेत्रों में, लोग नवीनतम तकनीकों का उपयोग करने के लिए साक्षर या जागरूक नहीं होते हैं।
वहाँ हार्डवेयर की उपलब्धता में भी कमी हो सकती है जैसे फ़ोन, कंप्यूटर या इंटरनेट की सुविधा न होना।


Q. 168961 एक अच्‍छी प्रश्‍नावली बनाने के लिए आवश्‍यक किन्‍हीं पांच गुणों का वर्णन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक अच्छी प्रश्नावली के गुण इस प्रकार हैं:

1. प्रश्‍नों की सीमित संख्‍या: प्रश्‍नों की संख्‍या सीमित होनी चाहिए। अत्‍यधिक प्रश्‍न प्रतिक्रिया की दर को कम कर सकते हैं।

2. सरलता: प्रश्‍न छोटे, सरल और प्रासंगिक होने चाहिए। हमें अनावाश्‍यक शब्‍दों और वाक्‍यांशों से बचना चाहिए।

3. गणना: प्रश्‍नों की गणना होनी चाहिए और उत्‍तरदाओं की ओर से बहुत अधिक मानसिक कार्य से जुडे प्रश्‍नों से बचा जाना चाहिए।

4. दोहरी नकारात्‍मकता: दोहरी नकारात्‍मकता वाले प्रश्‍नों से बचा जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, क्‍या यह सही है कि आपने कल अखबार नहीं पढ़ा था|

5.उचित क्रम: प्रश्‍न सामान्‍य से विशिष्‍ट की ओर बढ़ने चाहिए। उदाहरण के लिए, क्‍या आपने वार्षिक छुट्टियां फ्रांस में बितायी?' दो भागों में पूछा जाना चाहिए। 'क्‍या आप हर वर्ष वार्षिक छुट्टी लेते हो?' द्वितीय, क्‍या आपने कभी वार्षिक छुट्टियां फ्रांस में बिताई|


Q. 168962 प्राथमिक और द्वितीयक आंकड़ों के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

 


Q. 168963 आँकड़ों के द्वितीयक स्रोतों के कुछ गुण और अवगुण समझाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

द्वितीयक आँकड़े संग्रह विधि के कुछ मौलिक लाभ इस प्रकार हैं:

  • द्वितीयक आँकड़े किसी भी प्रकाशित स्रोत से एकत्र करने में सुविधाजनक होते हैं।
  • द्वितीयक आँकड़ों का संग्रहण कम खर्चीला होता है क्योंकि यह पहले से ही किसी अन्य संस्था द्वारा संग्रहित किया जा चुका होता है।
  • द्वितीयक आँकड़ों का संग्रहण प्राथमिक आँकड़ों के संग्रहण से कम समय लेता है।
  • द्वितीयक आँकड़े विभिन्न स्रोत जैसे पत्रिकाओं, वेबसाइटों आदि से आसानी से उपलब्ध होते हैं।
  • द्वितीयक आँकड़ों की विश्वसनीयता आँकड़ों का संग्रहण करने वाले संगठन पर निर्भर करती है।

द्वितीयक आँकड़ों के संग्रहण की कुछ हानियाँ इस प्रकार हैं :

  • यह प्राथमिक आँकड़ों से कम यथार्थ होते हैं चूँकि ये विशेष उद्देश्य के लिए संग्रहित नहीं किये जाते हैं।
  • द्वितीयक आँकड़े अनुसंधान के सभी विशिष्ट प्रयोजनों के लिए उपलब्ध नहीं होते हैं।
  • · कुछ स्थितियों में द्वितीयक आँकड़े उचित और पर्याप्त सूचना प्रदान नहीं कर पाते।
  • · द्वितीयक आँकड़ों में मौलिकता का अभाव होता है क्योंकि एक ही आँकड़े का उपयोग विभिन्न उद्देशों के लिए किया जाता है।
  • द्वितीयक आँकड़ों का प्रयोग तथा आँकड़ों के स्रोत का चुनाव सावधानीपूर्वक करना पड़ता है।


Q. 168964 आँकड़ों के प्राथमिक स्रोतों के कुछ गुण और अवगुण समझाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आँकड़ों के प्राथमिक स्रोतों के कुछ मौलिक लाभ इस प्रकार हैं:

•प्राथमिक आँकड़े अधिक सटीक होते हैं क्योंकि ये क्षेत्र से संग्रहित किये जाते हैं।

•प्राथमिक आँकड़े वास्तविक होते हैं तथा ये प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त सूचना पर आधारित होते हैं।

•प्राथमिक आँकड़े अधिक विश्वसनीय होते हैं क्योकि शोधकर्त्ता आँकड़ों को सीधे स्रोत से संग्रहित करता है।

•प्राथमिक आँकड़े कुछ विशेष उद्देश्य के लिए एकत्रित किये जाते हैं।

•प्राथमिक आँकड़े क्षेत्र स्रोत से विस्तृत जानकारी के साथ एकत्र किये जाते हैं।

 

प्राथमिक आँकड़े अधिक प्रामाणिक और विश्वसनीय होते हैं परन्तु इसकी कुछ हानियाँ भी हैं जो इस प्रकार हैं:

•प्राथमिक आँकड़ों का संग्रह एक महंगी प्रक्रिया है।

•प्राथमिक आँकड़ों का संग्रह करने के लिए कई प्रगणकों को नियुक्त करने की आवश्यकता होती है।

•प्राथमिक आँकड़ों को स्रोत से सीधा संग्रहित किया जाता है अतः इनका संग्रह अधिक समय लेता है।

•प्राथमिक आँकड़ों को एकत्र करने के लिए शोधकर्त्ता को अत्यधिक कुशल होना चाहिए।

•कई स्थितियों में आँकड़े उपस्थित नहीं होते हैं इसलिए प्राथमिक आँकड़ों का सग्रहण संभव नहीं हो पाता।


Q. 168965 प्राथमिक आंकड़ों से क्या तात्पर्य होता है? प्राथमिक आंकड़ों को एकत्रित करने की विधियां समझाइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्राथमिक आँकड़ें वे आंकड़ें होते हैं, जिन्हें अनुसंधानकर्ता अपने उद्देश्य के लिए सबसे पहले प्रारम्भ से अंत तक स्वंय एकत्रित करता है।

प्राथमिक आंकड़ों के संकलन की प्रमुख विधियां निम्नांकित हैं-

(1) प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुसंधान- इस विधि के अनुसार अनुसंधानकर्ता स्वयं अनुसंधान क्षेत्र में जाकर सूचना देने वालों से प्रत्यक्ष तथा सीधा सम्पर्क स्थापित करके आंकड़ें एकत्रित करता है। अर्थात् अनुसंधानकर्ता प्रत्यक्ष रूप से प्रत्येक व्यक्ति के पास जाकर उससे अनुसंधान संबंधी प्रश्न पूछता है और आवश्यक सूचनाएं प्राप्त करता है।

(2) अप्रत्यक्ष मौखिक अनुसंधान- इस विधि में अनुसंधानकर्ता वास्तविक सूचना देने वालों के पास न जाकर ऐसे व्यक्तियों या साक्षियों से सम्पर्क स्थापित करता है, जो मांगी गई सूचना से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित हैं।

(3) स्थानीय स्रोतों से सूचना प्राप्ति - इस विधि में अनुसंधानकर्ता अनुसंधान क्षेत्र के विभिन्न भागों से सूचना प्राप्त करने हेतु स्थानीय प्रतिनिधि या एजेन्ट नियुक्त करता है। ये एजेन्ट संवाददाता कहलाते हैं जो समय-समय पर अपने ढंग से सूचनाएं एकत्रित करके अनुसंधानकर्ता के पास भेजते रहते हैं।

(4) सूचकों से प्रश्नावलियां भरवाना- आंकड़े एकत्रित करने की यह एक वैज्ञानिक विधि है। इस विधि में अनुसंधानकर्ता जांच से संबंधित एक प्रश्नावली तैयार करता है। प्रश्नावली में प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के लिए रिक्त स्थान छोड़ा जाता है। प्रश्नावली की अनेक प्रतियां छपवा ली जाती है। फिर उन्हें सूचना देने वाले के पास डाक द्वारा भेज दिया जाता है। इसके साथ एक अनुरोध पत्र भी भेजा जाता है जिसमें प्रश्नावली को एक निश्चित तिथि तक भरकर भेजने की प्रार्थना की जाती है। इसे डाक विधि भी कहते हैं।

(5) गणकों द्वारा अनुसूचियां भरवाना - इस विधि के अनुसार अनुसंधानकर्ता अनुसंधान से संबंधित प्रश्नों की अनुसूची तैयार करता है। इन अनुसूचियों को प्रत्यक्ष रूप से सूचकों के पास नहीं भेजा जाता वरन् कुछ गणक नियुक्त कर दिये जाते हैं, जो घर-घर जाकर सूचकों से पूछताछ करके स्वयं अनुसूचियां भरते हैं।


Q. 168966 वर्ग सीमा के निर्धारण के लिए हम कितनी विधियाँ अपना सकते हैं?


A.

दों विधियाँ

B.

तीन विधियाँ

C.

चार विधियाँ 

D.

पांच विधियाँ

Right Answer is: D

SOLUTION

वर्ग सीमा के निर्धारण की दो विधियाँ हैं, एक समावेशी विधि और दूसरी अपवर्जी विधि|


Q. 168967 वर्ग सीमा वर्ग अंतराल काल

वर्ग के दो छोर  कहलाते हैं<div class= Right Answer is: A

SOLUTION

वर्ग के दो छोर वर्ग सीमा कहलाते हैं| निम्नतम मान निम्न वर्ग सीमा होती है और उच्चतम मान उच्च वर्ग सीमा होती है|


Q. 168968 अन्वेषक द्वारा अपने मूल रूप में प्रस्तुत एकत्र आंकड़ों को क्या कहा जाता है?


A.

सांख्यिकीय आंकडें

B.

अपरिष्कृत आँकड़े

C.

संगठित आँकड़े

D. पूर्ण आंकडें

Right Answer is: B

SOLUTION

अपरिष्कृत आँकड़े अत्यधिक असंगठित होते हैं, इनको संभालना दुष्करहैं , और अपरिष्कृत आँकड़ों से कोई अर्थपूर्ण निष्कर्ष निकालना कठिन है|


Q. 168969 वर्गीकरण अलग अलग ­­­­­_______ में आँकड़ों की व्यवस्था करने की प्रक्रिया है
Right Answer is: C

SOLUTION

वर्गीकरण वह प्रक्रिया है जिसमे सभी मदों को विभिन्न वर्गों में उनकी विशेषताओं के अनुसार व्यवस्थित किया जाता है|


Q. 168970 संकलन संगठन प्र

अपरिष्कृत आँकड़ों का उचित  आवश्यक हैं<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

अपरिष्कृत आँकड़े अत्यधिक असंगठित होते हैं इसलिए आंकड़ों को एकत्रित करने के बाद, अगला चरण होता है उन्हेंसंगठित करना तथा वर्गीकृत रूप में प्रस्तुत करना|


Q. 168971 संतत चर विविक

  सिमित या  सटीक चर   कहलाता है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

विविक्त चरवह चर है जो दो मानों के बीच सभी संभव मानोंको नहीं ले सकता| उदाहरण के लिए: एक कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या, एक घर में कमरों की संख्या आदि| यह 1.2, 2/6 आदि जैसे मान नहीं ले सकते हैं| 


Q. 168972

  बारंबारतावितरणजिसमेकेवलएकचरशामिलहोताहैउसे  कहतेंहैं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

एक-विचर बारंबारता वितरण वह बारंबारता वितरण है जिसमे केवल एक चर होता है| उदाहरण के लिए: सारणी बारंबारता के एक चर को दर्शाती है| 


Q. 168973 ________तार्किक और व्यवस्थित क्रम के अनुसार अलग-अलग वर्गों में आंकड़ों के समूहीकरण की एक प्रक्रिया है:


A.

बारंबारता

B.

चर

C.

श्रेणी

D.

बारंबारता

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रोफेसर एच. सेक्रिस्ट के अनुसार: एक श्रेणी का वस्तुओं को परिभाषित करने के लिए सांख्यिकीय प्रयोग हो सकता है या वस्तुओं की विशेषताओं के अनुसार कुछ तार्किक क्रम में व्यवस्था की जा सकती है।


Q. 168974 एकविचर वितरण क्‍या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एकल चर के बारंबारता वितरण (जैसे, छात्रों के कुल अंक) को एकविचर कहा जाता है।


Q. 168975 सांख्यिकीय श्रेणी क्‍या होती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक विशेष अनुक्रम या क्रम में आंकडों की सुव्‍यवस्थित व्‍यवस्‍था को सांख्यिकीय श्रेणी के रूप में जाना जाता है।


Q. 168976 मात्रात्‍मक वर्गीकरण क्‍या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कुछ विशेषताओं के आधार पर किये गये वर्गीकरण जिन्हें ऊंचाई,भार,आय आदि जैसी कुछ विशेषताओं के आधार पर मापा जा सकता है उनको मात्रात्‍मक वर्गीकरण कहते है।


Q. 168977 अपरिष्‍कृत आंकड़े क्‍या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अपने मूल रूप में आंकडों को अपरिष्‍कृत आंकडें कहा जाता है। आम तौर पर ये आंकडें असंगठित होते हैं।


Q. 168978 समावेशी श्रृंखला का अर्थ बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समावेशी श्रृंखला के अंतर्गत, वर्गों की उच्‍च वर्ग सीमाओं को उनसे संबंधित वर्गों में सम्मिलित किया जाता है। उदाहरण के लिए, 11-15, 16-20, 21-25 इत्‍यादि।


Q. 168979 एक चर से आप क्‍या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक चर एक विशेषता को दर्शाता है जिसे मापना संभव है और समय के साथ इसके मान में परिवर्तन होता है।


Q. 168980 वर्गीकरण से आप क्‍या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वर्गीकरण एक प्रक्रिया को दर्शाता है जिसके द्वारा संग्रहित आंकडों को उनके गुणों और विशेषताओं के अनुसार वर्गों में समूहित किया जाता है।


Q. 168981 वर्ग-अंतराल और वर्ग सीमा क्‍या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक चर के अधिकतम और न्‍यूनतम मान के बीच अंतर की गणना करके वर्ग को प्राप्‍त किया जा सकता है।  वर्ग के उच्‍चतम और न्‍यूनतम मान के बीच के अंतर को वर्ग विस्‍तार या वर्ग अंतराल कहते है। एक  वर्ग के उच्चतम मान को ऊपरी वर्ग सीमा और वर्ग के निम्नतम मान को निम्न वर्ग सीमा कहा जाता है।


Q. 168982 चर और गुण के बीच उदाहरण सहित अन्‍तर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चर- सांख्यिकी में चर शब्‍द का प्रयोग उन प्रेक्षणों के लिए किया जाता है जिन्हें संख्‍यात्‍मक रूप से मापा जा सकता है। इस प्रकार परिवारों की आय, वस्‍तुओं की कीमत, परिवारों के आकार आदि सभी चर हैं।

गुण- कुछ प्रेक्षण ऐसे होते हैं जिन्‍हें संख्‍यात्‍मक रूप से नहीं मापा जा सकता है जैसे लोगों की आकृति, संगीत के प्रति लगाव। इन्‍हें गुण कहा जाता है। गुणों को श्रेणी दी जा सकती है लेकिन मापा नहीं जा सकता है।


Q. 168983 आंकडों के वर्गीकरण की विभिन्‍न विधियों का उल्‍लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अपने उद्देश्‍य की निर्भरता के आधार पर कई अलग अलग तरीकों से समूहन या वर्गीकरण किया जा सकता है।

उन्‍हें समय के अनुसार समूहित किया जा सकता है। ऐसे प्रकार के वर्गीकरण को कालानुक्रमिक वर्गीकरण के रूप में जाना जाता है। इस प्रकार के वर्गीकरण में, आंकडों को समय के संदर्भ जैसे- वर्षों, महीनों, दशकों आदि के रूप में आरोही या अवरोही क्रम में वर्गीकृत किया जाता है। विशेष वर्गीकरण में आंकडों को भौगोलिक स्थितियों जैसे कि देशों, राज्‍यों, शहरों, बस्तियों आदि के संदर्भानुसार वर्गीकृत किया जाता है।


Q. 168984 वर्गीकरण के उद्देश्य में सरल रूप में तथ्यों को प्रस्तुत करने के उद्देश्यसे आपका क्या अभिप्राय है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरल रूप में तथ्यों को प्रस्तुत करना:

वर्गीकरण का मुख्य उद्देश्य आँकडों को सरल, संक्षेप तथा तार्किक रूप में प्रस्तुतकरनाहोता है ताकि एक सामान्य व्यक्ति आँकड़ों को एक नज़र में समझ सके|

 

उदाहरण के लिए:

·         जनगणना में एकत्रित आँकड़े विशाल और अव्यवस्थित होते हैं।

·         इन आँकड़ों से कोई भी निष्कर्ष निकालना बहुत कठिन होता है|

·         परन्तु जब आँकड़े कुछ सामान्य विशेषताओं के आधार पर वर्गीकृत किये जाते हैं जैसे आयु, व्यवसाय आदि|

·         आँकड़ों को आसानी से समझा जा सकता है|


Q. 168985 बारंबारतावितरण क्‍या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक बारंबारता वितरण मानों को व्‍यवस्थित करने का एक तरीका है जिसमें एक या एक से अधिक चरों को वितरण में लिया जाता है। बारंबारतावितरण दो प्रकार के होते हैं-

विविक्तबारंबारता वितरण- प्रत्‍येक मान कितनी बार एक श्रेणी में आया है मात्रा के अनुसार एक क्रम के रूप में दिखाने के लिए प्राय:इन वितरणों को प्रस्‍तुत किया जाता है।

 

संतत बारंबारतावितरण- ये वितरण उन चरों पर ध्‍यान देते है जो निरंतरऊंचाई, भार आदि जैसी संख्‍या में होते हैं।


Q. 168986 भौगोलिक वर्गीकरणक्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भौगोलिक वर्गीकरण या स्थानिक वर्गीकरण:इसके अंतर्गत आंकड़ो का वर्गीकरण  भौगोलिक स्थितियों जैसे महाद्वीपों, देशों,  राज्यों, शहरों, आदिके आधार पर किया जाता है |

यह वर्गीकरण निम्न के आधार पर किया जा सकता है:

संदर्भ के लिए वर्णमाला क्रम में यातुलना के लिए मानों के आकार के क्रममें|


Q. 168987 वर्गीकरण की विभिन्न विशेषताएं और उद्देश्य क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वर्गीकरणकी विशेषताएँ इस प्रकारहैं:

·         वर्गीकरण का आधार विविधता में एकता है।

·         तथ्यों को सजातीय वर्गों में वर्गीकृत किया जाता है|

·         वर्गीकरण या तो विशेषताओं  या गुणों  या मापों  के अनुसार हो सकता है|

·         वर्गीकरण, वास्तविक या काल्पनिक हो सकता है।

वर्गीकरणके निम्नउद्देश्यहैं:

·         सरल रूप में तथ्यों को प्रस्तुत करना

·         तुलनायोग्य बनाना

·         समानता और विषमताओं के बिंदुओं पर प्रकाश डालना

·         एक संबंध स्थापित करना

·         आँकड़ों को आसानी से समझने लायक बनाना, तथा

·         सारणी के लिए आधार तैयार करना


Q. 168988 संचयी बारंबारता श्रेणी क्या है और इसके दों प्रकार कौन-से हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संचयी बांरबारता श्रेणी में बारंबारताओं का क्रमिक जोड़ है।

संचयी बारंबारता के प्रकार हैः

  • तुलनात्मक रूप से कम:

यह वर्ग मान के सभी मानों जिससे यह संबंधित है उससे कम या बराबर कुल बारंबारता का प्रतिनिधित्व करती है।

  • तुलनात्मक रूप से अधिक

यह वर्ग मान के सभी मानों जिससे यह संबंधित है उससे अधिक या बराबर कुल बारंबारता का प्रतिनिधित्व करती है।


Q. 168989 एक-विचर तथा द्विचर बारंबारता वितरण से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक-विचर बारंबारता वितरण:

वह बारंबारता वितरण है जिसमे केवल एक चर होता है|

उदाहरण के लिए:

सारणी बारंबारता के एक चर को दर्शाती है|

 

जबकि,

 

द्विचर बारंबारता वितरण:

वह बारंबारता वितरण है जिसमे दो चर होते हैं|

उदाहरण के लिए:

20 कंपनियों के द्विचर विक्रय तथा विज्ञापन व्यय का बारंबारता वितरण|


Q. 168990 चर को परिभाषित करें और उसके दों प्रकारों के बरे में बताइए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चर एक वस्तु या विशेषताओं को संदर्भित करता है, जिनको मापा जाना संभव है और जिसके मान समय के साथ बदलते रहते है।

दो प्रकार के चर हैं:

 

संतत चर:

यह वह चर होते हैं जो दो दिए गए मानों के बिच से किसी भी मानको ले सकते हैं|

उदाहरण के लिए: पूर्णाक  मान जैसे 1, 2, आदि|

 

विविक्त चर:

यह वह चर है जो दो मानों के बीच सभी संभव मानोंको नहीं ले सकता|यह सामान्तः भिन्नात्मक नहीं होते हैं| 

उदाहरण के लिए: एक कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या, एक घर में कमरों की संख्या आदि| यह 1.2, 2/6 आदि जैसे मान नहीं ले सकते हैं| 


Q. 168991 सामान्य विशेषताओं के आधार पर कौन कौन सी श्रेणीयां होती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सामान्य विशेषताओं के आधार पर निम्नलिखित श्रेणीयां होती हैं:

काल-श्रेणी: यह काल में क्रमागत बिंदुओं के कुछ चर के मानों की श्रेणी है|

आँकड़े कुछ समय इकाईजैसे की वर्ष, माह, सप्ताह या दिन के संदर्भ में प्रस्तुत किये जाते हैं।उदाहरण के लिए: एक कारखाने का चीनी उत्पादन|

स्थानिक श्रेणी:यह भौगोलिक स्थिति के अनुसार चरों के मानों की श्रेणी है|

 

आँकड़ेकुछ भौगोलिक भागों के संदर्भ में प्रस्तुत किये जाते हैं जैसे देश, राज्य, शहर आदि|उदाहरण के लिए:विद्यालयों की संख्या|

 

स्थिति श्रेणी: यह स्थिति के अनुसार कुछ चरों के मानों की श्रेणी है|

 

आँकड़े कुछ स्थिति के संदर्भ में प्रस्तुत किये जाते हैं, जैसे कद, आयु, वजन, आय आदि|

उदाहरण के लिए:100 श्रमिकों की साप्ताहिक आय|


Q. 168992 क्‍या वर्गीकृत आंकड़ें अवर्गीकृत आंकड़ों की अपेक्षा में अच्‍छे होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वर्गीकृत आकड़ें कई मायनों में निश्‍चत रूप से अवर्गीकृत आंकड़ों से बेहतर होते हैं।

1. वर्गीकरण एक पद का पता लगाने को आसान बनाकर हमारे समय को बचता है। यदि हम 1000 छात्रों के अंकों में से एक छात्र के उच्‍चतम अंक का पता लगाना चाहते हैं तो हमें सम्‍पूर्ण अवर्गीकृत आंकड़ों में जाना पड़ेगा। यह एक बहुत थकाने वाला काम होगा। लेकिन यदि इसे हम विभिन्‍न वर्गों के अंतर्गत आरोही या अवरोही क्रम में वर्गीकृत करते हैं तो हम इसका आसानी से पता लगा सकते हैं।

2. वर्गीकरण समूहों में सरल रूप से आंकड़ों को संक्षिप्‍त करता है। यह आंकड़ों को देखने और अन्‍य समूहों के साथ इसकी तुलना करने को आसान बनाता है।

आगे कोई भी सुव्‍यवस्थित सांख्यिकीय विश्‍लेषण  किये जाने से पहले उचित संगठन आवश्‍यक होता है जैसे कि औसतों का वर्गीकृत आंकड़ों से परिकलन नहीं किया जा सकता है।


Q. 168993 एक बारंबारतासारणीऔर एक बारंबारतावितरण के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि चर xविविक्‍त है और हमारे पास प्रत्‍येक मान के अनुरूप बारंबारताएंहै तो हमें एक बारंबारता सारणीलेते हैं। इसमें कोई वर्ग अंतराल नहीं होते हैं।

मान लो 100 परिवारों का एक सर्वेक्षण उनके आकार के बारे में जानकारी प्राप्‍त करने के लिए किया जाता है। सर्वेक्षण का परिणाम एक बारंबारता सारणीके रूप में वर्गीकृत किया जायेगा।

(1)

परिवारों का आकार

x

1

2

3

4

5

6

7

8

(2)

परिवारों की संख्‍या

f

5

14

23

38

10

5

3

2

स्‍तम्‍भ (1) जो कि x चर है वह परिवारों के आकार से लिये गये मानों को देता है और स्‍तम्‍भ (2) इससे संबंधित बारंबारताओं को देता है।

एक बारंबारतावितरण मात्रात्‍मक चर के अपरिष्‍कृत आंकडों को वर्गीकृत करने का एक विस्‍तृत तरीका है। यह दिखाता है कि एक चर के विभिन्‍न मान उनकी वर्ग बारंबारताओं के साथ विभिन्‍न वर्गों में कैसे वितरित होते हैं।

100 छात्रों और उनके अंकों का एक सर्वेक्षण इस तरह से दिखेगा-

वर्ग

0-10

10-20

20-30

30-40

40-50

50-60

60-70

70-80

80-90

90-100

आवृत्ति

1

8

6

7

21

23

19

6

5

4

वर्ग अंक

5

15

25

35

45

55

65

75

85

95


Q. 168994 संतत बारंबारता वितरण के विभिन्‍न प्रकारों की व्‍याख्‍या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संतत बारंबारतावितरण विभिन्‍न प्रकार के हो सकते हैं-

समावेशी- समावेशी विधि में, एक वर्ग अंतराल की उच्‍च सीमा अगले वर्ग की एक निम्‍न सीमा के रूप में नहीं दिखाई देगी।

अपवर्जी- अपवर्जी विधि में, एक वर्ग अंतराल की उच्‍च सीमा अगले वर्ग अंतराल की निम्‍न सीमा होती है।

खुले सिरे वाली विधि- खुले सिरे का अर्थ है कि प्रथम वर्ग अंतराल की निम्‍न सीमा और अंतिम वर्ग अंतराल की उच्‍च सीमा वितरण में नहीं दी हुयी होती है। इसका क्रमशः से कम और से अधिक के रूप में उल्‍लेख किया जाता है।

संचयी वितरण- संचयी वितरण में,आवृत्तियां उत्तरोत्तर संचयी होती है। प्रथम वर्ग अंतराल की आवृत्ति स्‍वत ही संचयी होती है और दूसरी संचयी बारंबारतापहली और दूसरी बारंबारताका योग होती है, और इसी तरह जारी रहती है।

मध्‍यमान वितरण- मध्‍यमान श्रृंखला में, एक वर्ग अंतराल का मध्‍यमान और उससे संबंधित बारंबारताएं दी हुयी होगी तथा वर्ग अंतराल के तदनुसार गणना की जानी चाहिए।


Q. 168995 हम एक बारंबारता वितरण कैसे तैयार करते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बारंबारतावितरण तैयार करते समय, निम्‍न चार प्रश्‍नों पर ध्‍यान दिया जाना चाहिए-

1. हमें कितने वर्ग रखने चाहिए?

अधिसंख्‍य वर्गों वालाबारंबारतावितरण बहुत बडा दिखेगा। दूसरी ओर बहुत कम वर्गों होने के कारण सूचना की हानि होगी। सामान्‍यता 5 से 15 के बीच वर्गों की संख्‍या को अच्‍छा माना जाता है।

2. एक वर्ग का आकार क्‍या होना चाहिए?

यह उच्‍चतम मान और निम्‍नतम मान या चर की सीमा के बीच के अंतर पर निर्भर होगा। R सीमा और n वर्गों की संख्‍या का पता लगाकर हम वर्ग के विस्‍तार के रूप में h प्राप्‍त करते हैं। H = R / n

3. हमें वर्ग सीमाएं कैसे निर्धारित करनी चाहिए?

सामान्‍यता बारंबारताका निम्‍नतम मान वर्गों की निम्‍नतम सीमा होती है। फिर हम ऊपरी सीमा प्राप्‍त करने के लिए इसमें वर्ग अंतराल को जोड देते हैं। उदाहरण के लिए यदि 0 निम्‍नतम प्राप्‍त अंक है तब हमारा प्रथम वर्ग 0-10 के रूप में हो सकता है। अगला वर्ग 10-20 होगा। सीमाएं अपवर्जी या समावेशी हो सकती हैं।

4. हमें प्रत्‍येक वर्ग की बारंबारताकैसे प्राप्‍त करनी चाहिए?

जब आंकडों को वर्गों में समूहित किया जाता है तब वर्ग बारंबारताएक विशिष्‍ट वर्ग में मानों की संख्‍या को दर्शाती है। गिनती उस वर्ग के सामने मिलान चिन्‍हों को लगाकर की जाती है।


Q. 168996 सरल दंड-आरेख प्रस्तुत करता है.........................


A.

तीन चरों को

B.

केवल एक चर को

C.

दो या दो से अधिक चरों को

D.

किसी भी चर को नहीं

Right Answer is: B

SOLUTION

सरल दंड-आरेख प्रस्तुत करता हैं केवल एक चर को


Q. 168997 पाई आरेख का दूसरा नाम हैः


A.

वृत्तीय आरेख

B.

दण्ड आरेख

C.

आयत चित्र

D.

बहुभुज

Right Answer is: A

SOLUTION

वृत्त आरेख एक ऐसा वित्तिय आरेख हैए जिसके क्षेत्र को आनुपातिक रूप से क्षेत्रों या घटकों में विभाजित किया जाता हैए जिन्हें यह दर्शाता है। वृत्त चार्ट या पाई आरेख भी कहते हैं


Q. 168998 निम्नलिखित में से कौन सा रेखाचित्रीय प्रस्तुतीकरण का ज्यामितिक रूप नहीं है?


A.

दण्ड आरेख

B.

आयत चित्र

C.

वृतिय (पाई) आरेख

D.

दोनों (1) तथा (3)

Right Answer is: B

SOLUTION

 

ज्यामितीय आरेख को दो वर्गों में बाँटा जा सकता है:
  • दंड आरेख और
  • वृत्त आरेख


Q. 168999 विचलन दण्ड आरेख तोरण प

 को काल श्रेणी आलेख भी कहते हैं<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

अंकगणितीय रैखिक आलेख: · इसको काल श्रेणी आलेख भी कहते हैं| · काल को X-अक्ष पर आलेखित किया जाता है| · चर का मान Y-अक्ष पर आलेखित किया जाता है|


Q. 169000 निम्नलिखित कथनों में से कौनसा कथन सही है?


A.

दण्ड उध्र्वाधर या क्षैतिज दोनों ही प्रकार के हो सकते हैं

B.

दण्डों की चैड़ाई एक जैसी नहीं हती है।

C.

सभी दण्ड एक ही आधार रेखा पर स्थित नहीं होते है।

D.

उपरोक्त सभी

Right Answer is: A

SOLUTION

दण्ड उध्र्वाधर या क्षैतिज दोनों ही प्रकार के हो सकते हैं| दण्डों की चैड़ाई एक जैसी रहती है। सभी दण्ड एक ही आधार रेखा पर स्थित होते है।


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