CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 169101 किसी श्रृंखला क

  माध्य  विचलन को  परिभाषित  करें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी श्रृंखला के विभिन्न मूल्यों के उस श्रृंखला के संख्यात्मक औसत (जैसे समांतर माध्य या मध्यिकाद) से निकाले गए विचलनों के समांतर माध्य को, उस श्रृंखला का माध्य विचलन कहा जाता है।


Q. 169102 चतुर्थक विचलन और अर्द्ध अंतर-चतुर्थक परास को परिभाषित करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंतर-चतुर्थक परास किसी वितरण में माध्य के 50% मानों पर आधारित होता है| उच्च चतुर्थक (Q3) और निम्न चतुर्थक(Q1) के बीच का अंतर होता है।

अंतर-चतुर्थक परास के आड़े को चतुर्थक विचलन (Q.D.) कहते हैं|


Q. 169103 परास को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परास श्रृंखला में सबसे अधिक और सबसे कम मान के बीच का अंतर है। इस प्रकार

परास= वितरण में अधिकतम मान – वितरण में न्यूनतम मान


Q. 169104 परिक्षेपण का सापेक्ष मान क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परिक्षेपण का सापेक्ष माप वह माप है जो इकाइयों से मुक्त होता है, क्योंकि इसकी गणना निरपेक्ष माप को औसत से भाग करके उसके प्रतिशत के रूप में की जाती है।


Q. 169105 परिक्षेपण आंकड़ों

  परिक्षेपण  को परिभाषित  करें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परिक्षेपण आंकड़ों की केंद्रीय प्रवृत्ति से आंकड़ों की विचरणशीलता को मापता है।


Q. 169106 परिक्षेपण का निरपेक्ष मान क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परिक्षेपण का निरपेक्ष मान आंकड़ों की विचरणशीलता को उन्हीं इकाइयों में व्यक्त करता है, जिनमें आंकड़ों को व्यक्त किया गया हो।


Q. 169107

  चतुर्थक  विचलन का  परिकलन करने का  सूत्र बताएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चतुर्थक विचलन का परिकलन करने का सूत्र है: 

QD= [(उच्च चतुर्थक Q3 -निम्न चतुर्थक Q1)∕2]


Q. 169108 असमूहीकृत आंकड़े और समूहीकृत आंकड़े के लिए माध्य विचलन का परिकलन करने के सूत्र बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

असमूहीकृत आंकड़ों का सूत्र है

माध्य विचलन = ∑|d|∕N

समूहीकृत आंकड़ों का सूत्र है:

माध्य विचलन = ∑f|d|∕∑f


Q. 169109 मानक विचलन समां

  मानक  विचलन को  परिभाषित  करें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानक विचलन समांतर माध्य से विचलनों के वर्ग के समांतर माध्य का धनात्मक वर्गमूल है।


Q. 169110

  परिक्षेपण  को मापने के  लिए एक  आरेखीय  पद्धति बताएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लारेंज़ वक्र परिक्षेपण को मापने के लिए एक आरेखीय पद्धति है। लोरेंज वक्र की सम वितरण रेखा से दूरी परिक्षेपण के मान को इंगित करती।   


Q. 169111 परिक्षेपण को मापने के उदेश्य बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परिक्षेपण को मापने के कुछ उद्देश्य इस प्रकार हैं –

  • एक औसत की विश्वसनीयता का परीक्षण करने के लिए।
  • दो या दो से अधिक श्रृंखलाओं का तुलनात्मक अध्ययन करने के लिए।
  • विचरण के माप तथा उसके कारणों को जानकर विचरण को नियंत्रित करने के लिए, एवं
  • आगे का सांख्यिकीय विश्लेषण करने के लिए।


Q. 169112 किसी प्रतिदर्श को समझने के लिए परिक्षेपण का माप केंद्रीय मूल्य से अच्छा संपूरक है। टिप्पणी करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह सही ही कहा गया है कि किसी प्रतिदर्श को समझने के लिए परिक्षेपण का माप केंद्रीय मूल्य से अच्छा संपूरक है

केंद्रीय प्रवृत्ति का माप अर्थात औसत, प्रतिदर्श के आवृत्ति वितरण की सभी विशेषताओं को प्रदर्शित नहीं करता है। परिक्षेपण श्रृंखला में आंकड़ों के विस्तार और फैलाव को बतलाता है।


Q. 169113 मानक विचलन की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानक विचलन समांतर माध्य से लिए गए सभी विचलनों के वर्ग का माध्य मूल्य है। इसे एक छोटे ग्रीक अक्षर सिग्मा अर्थात σ से परीक्षित किया जाता है।

 मानक विचलन की विशेषताएं हैं:

i)          मानक विचलन को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।

ii)                   इसमें कठिन परिकलन की आवश्यकता होती है|

iii)                  यह चर के सभी मान पर आधारित होता है।

iv)      यह समांतर माध्य से विचलनों पर आधारित होता है।

यह और सांख्यकीय प्रबंधन में सक्षम होता है।


Q. 169114 पूर्ण नकारात्मक सहसंबंध है?


A.

-1 से कम

B.

+1 से अधिक

C.

-1 के समान

D.

शून्य के समान

Right Answer is: C

SOLUTION

पूर्ण नकारात्मक सहसंबंध तब होते हैं जब rr = -1। ऐसे में सहसंबंध को एक सीधी नीचे की तरफ जाती हुई रेखा से दिखाया जाता है।


Q. 169115 इसके प्रसरण का धनात

  X का  मानक विचलन   होता है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

सहसंबंध का परिकलन XX और YY के बीच सहप्रसरण के रूप में किया जाता है और इसे X X और YY के बीच मानक विचलन के द्वारा विभाजित किया जाता है।


Q. 169116 Y = a + bX दिए गए रेखीय समीकरण में b tकिस को सूचित करता है?


A. अवरोधन term

B. रेखा की ढलान

C. आंकड़ों की इकाई

D. सह-संबंध

Right Answer is: B

SOLUTION

रेखा की ढलान को b से बताया जाता है।


Q. 169117 Y = a + bX दिए गए रेखीय समीकरण में अवरोधन term को किस के द्वारा सूचित किया जाता है?


A. a

B. b

C. X

D. Y

Right Answer is: A

SOLUTION

दिए गए रेखीय समीकरण में अवरोधन ermको a aसे बताया जा सकता है। यह वह बिंदु है जिसमें रेखा Y-अक्ष पर अवरोधित करती है।


Q. 169118 X और Y के बीच रेखीय सहसंबंध इस समीकरण के द्वारा दिया जा सकता है:


A. Y = X2

B. Y = a + bX

C. Y = X3

D. Y = a +X2

Right Answer is: B

SOLUTION

सहसंबंध चरों के बीच केवल रेखीय संबंधों की दिशा और गहनता का अध्ययन करते हैं और मापते हैं|


Q. 169119

  यदि  सहप्रसरण का  मूल्य शून्य  है तो  सहसंबंध होगा<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

सहसंबंध गुणांक के संकेत X और Y के बीच सह-प्रसरण के संकेत के द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।


Q. 169120 सहसंबंध का चिन्ह किसके द्वारा निर्धारित होता है?


A. मानक विचलन

B. X औरY के बीच सहप्रसरण

C. X प्रसरण

D. Y प्रसरण

Right Answer is: B

SOLUTION

X और Y के बीच सहप्रसरण के संकेत सहसंबंध गुणांक को निर्धारित करते हैं। rr के मूल्य में कोई इकाई नहीं होती।


Q. 169121 r की एक विशेषता है कि यह:


A. मूल और पैमाने में परिवर्तन से अप्रभावित रहता है

B. मूल और पैमाने में परिवर्तन से प्रभावित होता है

C. पैमाने से प्रभावित होता है मगर मूल से नहीं

D. मूल से प्रभावित होता है मगर पैमाने से नहीं

Right Answer is: A

SOLUTION

r की एक विशेषता यह है कि इसका मूल्य मूल और पैमाने में परिवर्तन से अप्रभावित होता है।


Q. 169122 सहसंबंध गुणांक एक इकाई नहीं होता क्योंकि:


A. यह एक निरपेक्ष माप है

B. यह एक सापेक्ष माप है

C. यह चरों को सूचित करता है

D. यह विशेषताओं के मूल्य को प्रदर्शित करता है

Right Answer is: B

SOLUTION

यह सह-प्रसरण को चरों के मानक विचलन से विभाजित करके प्राप्त होता है।


Q. 169123 सहसंबंध का मूल्य किसके बीच होता है?


A. 0 और 1

B. -1 और 0

C. -1 और +1

D. 1 और 2

Right Answer is: C

SOLUTION

सहसंबंध कभी ऋणात्मक एक से कम नहीं होता या धनात्मक एक से अधिक नहीं होता।


Q. 169124 वे उपाय जो सहसंबंध का परिमाण निर्धारित कर सकते हैं वे हैं:


A. कार्ल पियर्सन और स्पीयरमैन सहसंबंध

B. सहप्रसरण

C. प्रकीर्ण आरेख और माध्यिका

D. धनात्मक सहसंबंध और ऋणात्मक सहसंबंध

Right Answer is: A

SOLUTION

सहसंबंध को मापने की सभी गणितीय पद्धतियों में, कार्ल पीयरसन की पद्धति को सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है। इसे गुणन गतिविधि सहसंबंध गुणांक भी कहते हैं। यह संबंधित चरों के औसत और सम्बन्धित मानक विचलनों के औसत से विचलनों के गुणन पर आधारित होता है।


Q. 169125 दो चर तब धनात्मक रूप से जुड़े होते हैं, जब वे:


A. एक ही दिशा में बढ़ते हैं

B. विपरीत दिशा में बढ़ते हैं

C. स्थाई रहते हैं

D. आनुपातिक रूप में बढ़ते हैं

Right Answer is: A

SOLUTION

दो चर तब धनात्मक होते हैं जब वे एक ही दिशा में बढ़ते या घटते हैं। वे या तो एक साथ उठ सकते हैं या गिर सकते हैं।


Q. 169126 सामान्य तौर पर स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध सूत्र क्या होगा?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध निम्न सूत्र से परिकलित किया जाता है:

r = 1-6∑D2/ N (N2-1)

जहां:  r = सहसंबंध का गुणांक

∑D2= संबंधित कोटियों के अंतरों के वर्गों का योग

N= अवलोकनों के जोड़ों की संख्या


Q. 169127 रेखीय सहसंबंध क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

रेखीय सहसंबंध में, दो चरों में परिवर्तन का अनुपात एक समान होता है।


Q. 169128 सहसंबंध की सीमा क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सहसंबंध की सीमा यह है कि यह सहप्रसरण तो मापता है लेकिन कार्य कारण नहीं बताता है। अर्थात, सहसंबंध यह नहीं बताता कि X की वजह से Yy में उतार चढ़ाव होता है या Y की वजह से Xy में उतार चढ़ाव होता है ।


Q. 169129 क्या सरल सहसंबंध गुणांक किसी भी प्रकार के संबंधों को माप सकता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरल सहसंबंध दो चरों के बीच केवल रेखीय संबंधों को माप सकता है। यह अरेखीय संबंधों को नहीं माप सकता|


Q. 169130 प्रकीर्ण आरेख से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रकीर्ण आरेख दो चरों के बीच संबंध का रेखीय विश्लेषण करने के लिए एक सांख्यिकीय उपकरण है।

प्रकीर्ण आरेख में प्रकीर्ण बिंदुओं के सामीप्य की कोटि और उनकी व्यापक दिशा के आधार पर चरों के आपसी संबंध की जानकारी प्राप्त की जाती है|


Q. 169131 ऋणात्मक सहसंबंध क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब दो चर विपरीत दिशा में आगे बढ़ते हैं, तब सहसंबंध ऋणात्मक होता है। अर्थात् एक चर बढ़ता है तो दूसरा घटता है।उदाहरण के लिए, कीमत में कमी के कारण मांग की मात्रा में वृद्धि हाती है।


Q. 169132 धनात्मक पूर्ण सहसंबंध क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब दो चर एक ही दिशा में आगे बढ़ते हैं, तब सहसंबंध धनात्मक होता है। अर्थात् एक चर बढ़ता है तो दूसरा भी बढ़ता है। 

उदाहरण के लिए, अधिक शिक्षित लोग, अधिक आय कमाते हैं।


Q. 169133 सहसंबंध चरों के बीच

  सहसंबंध  को परिभाषित  करें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सहसंबंध चरों के बीच संबंधों की गहनता एवं दिशा का अध्ययन और मापन करता है| उदाहरण के लिए, तापमान में वृद्धि होने पर ऊनी कपड़ों की मांग कम हो जाती है और इसके विलोमतः, सर्दियों में ऊनी कपड़ों की बिक्री में वृद्धि हो जाती है।


Q. 169134 परास की विशेषताओं को बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परिक्षेपण का माप करने के लिए परास सबसे सरल पद्धति होती है। यह किसी भी श्रृंखला के सबसे अधिक और कम मान के बीच का अंतर होता है।

R= L-S

यहाँ, R= परास, L= अधिकतम मान, S= न्यूनतम मान।  

 

परास की विशेषताएं निम्न हैं:

·         परास को बहुत ही स्पष्टता से परिभाषित किया गया है।

·         यह बहुत ही सरल है और इसे परिकलित करना और व्याख्या करना बहुत सरल है।

·         यह चरों के सभी मापों पर निर्भर नहीं होता है।

·         यह चरम मानों के द्वारा प्रभावित होता है।

·         इसमें संबंधित चरों के समान ही इकाई होती है। 


Q. 169135 हमें क्यों किसी विशेष मान से परिक्षेपण का माप करना चाहिए? क्या परास और चतुर्थक विचलन कुछ मान के बारे में विचलन मापते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हमें कुछ खास मानों से परिक्षेपण मापना चाहिए क्योंकि यह किसी श्रृंखला के परिक्षेपण और अवलोकनों में एकरूपता के बारे में बेहतर विचार प्रदान कर सकते हैं।

 

परास और चतुर्थक विचलन किसी खास मान या औसत से परिक्षेपण नहीं मापते हैं। परास और चतुर्थक विचलन मानों के वितरण को नहीं मापते|


Q. 169136

  परिक्षेपण  के एक अच्छे  माप की  विशेषताएँ  बताएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक अच्छे परिक्षेपण के माप की विशेषताएँ इस प्रकार हैं

 

  • यह स्पष्ट रूप से परिभाषित होना चाहिए।
  • यह समझने और गणना करने में सरल होना चाहिए।
  • यह आंकड़ों के सभी अवलोकनो पर आधारित होना चाहिए।
  • इसका बीजगणित विशलेषण करना संभव होना चाहिए।
  • यह एक ही जनसंख्या से लिए गए विभिन्न प्रतिदर्शों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
  • यह चरम मूल्यों से अप्रभावित होना चाहिए।


Q. 169137 माध्य विचलन की विशेषताएं बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

श्रृंखला का माध्य विचलन उसकी केंद्रीय प्रवृत्ति अर्थात माध्य, माध्यिका या बहुलक से विचलन का समांतर औसत है। हालांकि बहुलक को आम तौर पर संज्ञान में नहीं लिया जाता है, क्योंकि उसका मान कभी कभी मध्यवर्ती होता है। सैद्धांतिक रूप से विचलन की गणना करते समय विचलन के + औरसंकेतों को अनदेखा किया जाता है। यदि हम विचलन के संकेतों को अनदेखा नहीं करते हैं तो माध्य के लिए माध्य विचलन शून्य होगा।

माध्य विचलन की मुख्य विशेषताएं निम्न हैं:

·         माध्य विचलन को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।

·         यह चरों के हर मूल्य पर आधारित है|

·         इसमें कठिन परिकलन की आवश्यकता होती है|

·         यह वितरण के समांतर माध्य या माध्यिका से विचलन पर आधारित है।

यह और बीजगणितीय प्रबंधन में सक्षम नहीं है।


Q. 169138 चतुर्थक विचलन की विशेषताओं को बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चतुर्थक विचलन को अर्द्ध-अंतर-चतुर्थक परास के रूप में भी जाना जाता है।

यह उच्च चतुर्थक (Q3) और निम्न चतुर्थक (Q1) के बीच अंतर का आधा होता है| प्रतीकात्मक रूप से: चतुर्थक विचलन = (Q3- Q1)/2

परास के विपरीत यह चरम मानों से प्रभावित नहीं होता। इसमें भी परास जैसी ही विशेषताएं होती हैं।

 

चतुर्थक विचलन की विशेषताएं निम्न हैं:

i)                     चतुर्थक विचलन स्पष्ट रूप से परिभाषित है|

ii)                   चतुर्थक विचलन को परिकलित करना और इसकी व्याख्या करना बहुत ही सरल है।

iii)                  यह चर के सभी मूल्यों पर निर्भर नहीं है।

iv)                 इसमें सम्बन्धित चर वाली ही इकाई होती है।


Q. 169139 विचलन का गुणांक परिक्षेपण का प्रासंगिक उपाय है। हम परिक्षेपण के किसी भी माप के प्रयोग से विचरणशीलता के गुणांक को परिकलित कर सकते हैं जैसे परास, चतुर्थक विचलन, माध्य विचलन और मानक विचलन। इन मामलों में विचरणशीलता के गुणांक के प्रयोग का वर्णन करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हम विचरणशीलता के गुणांक को निम्नानुसार परिकलित कर सकते हैं:

i)                     परास गुणांक: परास के संबंध में परिक्षेपण के प्रासंगिक माप को परास के गुणांक के रूप में जाना जाता है। यह माप के इकाइयों से स्वतंत्र होती है। इसे निम्न समीकरण को लागू करके हासिल किया जाता है।

परास गुणांक = (L-S)/(L+S)

यहाँ, L सबसे अधिक मान है और S सबसे कम मान है।

ii)                   चतुर्थक विचलन गुणांक: चतुर्थक विचलन के संबंध में प्रासंगिक माप को चतुर्थक विचलन गुणांक कहते हैं। इसे निम्नानुसार प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त किया जा सकता है:

चतुर्थक विचलन गुणांक: = (Q3-Q1)/(Q3+Q1)

iii)                  माध्य विचलन गुणांक= माध्य विचलन/ समांतर माध्य या माध्यिका या बहुलक)। यदि माध्य विचलन को परिकलित करते समय माध्य का प्रयोग किया जाता है तब माध्य विचलन गुणांक माध्य से माध्य विचलन को माध्य से विभाजित किया जाता है। मगर यदि माध्यिका से विचलन लिए जाते हैं, तो विभाजिन माध्यमिका से होगा।

मानक विचलन गुणांक= मानक विचलन/ समांतर माध्य। अर्थात (σ /m)×100 | मानक विचलन का अनुपात सबसे आम रूप से प्रयुक्त विचरणशीलता के गुणांक हैं।  


Q. 169140 परिक्षेपण का सर्वश्रेष्ठ माप कौन सा है और क्यों?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानक विचलन को परिक्षेपण के सर्वश्रेष्ठ माप के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह परिक्षेपण के अच्छे माप की सभी विशेषताओं को पूरा करता है।

i)                     मानक विचलन को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाता है और इसमें कोई अस्पष्टता नहीं होती।

ii)                   मानक विचलन पूरी श्रृंखला का प्रतिनिधित्व करता है। यह चरों के सभी मूल्यों पर आधारित होता है।

iii)                  मानक विचलन उतार चढ़ाव से कम प्रभावित होता है। यह विचरण शीलता की तुलना करने के लिए परिक्षेपण का सर्वश्रेष्ठ माप है।

iv)                 मानक विचलन को एक फैलाव, सह संबंध आदि में और सांख्यकीय विश्लेषण के लिए प्रयोग किया जा सकता है।


Q. 169141 एक उदाहरण के साथ परिक्षेपण शब्द के अर्थ की व्याख्या करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परिक्षेपण एक सांख्यकीय माप है जो किसी श्रृंखला के मानों के फैलाव को प्रदर्शित करता है। परिक्षेपण से अर्थ है आंकड़ों की विचरणशीलता को उनके केंद्रीय रुझान से मापना।

उदाहरण के लिए पांच परिवारों की औसत प्रतिदिन आय है रु. 30, रु. 40 रु. 60, रु. 70 और रु.100 आय का समांतर मान है रु. 60  हम समांतर माध्य से निम्न विचलन पाते हैं:

उपरोक्त मानक विचलन माप को परिक्षेपण का माप कहते हैं।


Q. 169142 माध्य विचलन और मानक विचलन के बीच अंतर करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

माध्य विचलन और मानक विचलन के बीच निम्नलिखित अंतर है:

i)       माध्य विचलन की गणना करते समय बीजगणितीय संकेत जैसे धन (+) और ऋण (-) को अनदेखा किया जाता है जबकि मानक विचलन की गणना करते समय संकेतों को मानयता दी जाती है।

ii)      माध्य विचलनों का परिकलन तीनों औसतों अर्थात माध्य, माध्यिका और बहुलक में से किसी से भी किया जा सकता है मगर मानक विचलन का केवल समांतर माध्य से ही परिकलन किया जाता है।

iii)    माध्य विचलन को और बीजगणितीय समीकरण के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता है जबकि मानक विचलन और बीजगणितीय प्रबन्धन में सक्षम होता है।

iv)    मानक विचलन को माध्य विचलन से श्रेष्ठ माना जाता है|

v)     मानक विचlलन की तुलना में माध्य विचलन की गणना करना और उसे समझना सरल है।

vi)    माध्य विचलन परिक्षेपण का निश्चित मापन नहीं है, परन्तु मानक विचलन एक निश्चित माप है।   


Q. 169143 माध्य विचलन के गुणों और अवगुणों का वर्णन करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

श्रृंखला का माध्य विचलन उसकी केंद्रीय प्रवृत्ति अर्थात माध्य, माध्यिका या बहुलक से विविध मदों के विचलन का समांतर औसत है।

माध्य विचलन के गुण-

i)                     इसे समझना और परिकलित करना सरल है।

ii)          यह आंकड़ों के हर मूल्य पर आधारित है और इस प्रकार यह श्रृंखला का पूरी तरह से प्रतिनिधित्व करने में सक्षम है।

iii)         इसे किसी भी औसत से परिकलित किया जा सकता है अर्थात माध्य, माध्यिका या बहुलक से।

iv)                 यह चरम मदों के मानों से कम प्रभावित होता है

v)          यह विभिन्न वितरणों की तुलना को सुगम करता है।

 

माध्य विचलन के अवगुण:

i)            यह धन (+) और ऋण (-) के चिन्हों को अनदेखा करता है जो गणित की द्रष्टि से सही नहीं हैं।

ii)          विभिन्न औसतों से विचलन अलग होंगे| इसकी वजह से सही निष्कर्ष निकालना कठिन हो जाता है।

iii)         यह बीजगणितीय समीकरण निकालने में सक्षम नहीं है|

iv)        बहुलक से माध्य विचलन परिकलन विश्वसनीय नहीं होता है क्योंकि कई मामलों में बहुलक मध्यवर्ती नहीं होता है।


Q. 169144 परिक्षेपण के माप के रूप में चतुर्थक विचलन के गुण और अवगुणों का वर्णन करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चतुर्थक विचलन (Q.D.) को अर्द्ध-अंतर-चतुर्थक परास के रूप में भी जाना जाता है। यह उच्च चतुर्थक (Q3) और निम्न चतुर्थक (Q1) के अंतर का आधा होता है।

चतुर्थक विचलन के गुण:-

i)                     इसे समझना और परिकलित करना सरल है|

ii)          यह चरम मान से बहुत ही कम प्रभावित होता है।

iii)         यह दी गई श्रृंखला के 50% मदों का अध्य्यन करने में सहायक होता है।

iv)        इसे मुक्तांत वितरण वाले आंकड़ों के लिए भी मापा जा सकता है।

v)                   यह अस्थिर वितरणों में उपयोगी होता है।

 

चतुर्थक विचलन के अवगुण:

i)            यह और गणितीय उतार चढ़ाव के लिए सक्षम नहीं होता है।

ii)          यह पूरी तस्वीर प्रस्तुत नहीं करता है क्योंकि चतुर्थक विचलन का मूल्य श्रंखला के हर मद पर निर्भर नहीं होता| क्योंकि चतुर्थक विचलन पहले 25% और अंतिम 25%) मदों को अनदेखा करता है|

iii)       इसका मान प्रतिदर्श के उतार चढ़ाव से प्रभावित होता है।


Q. 169145 परिक्षेपण के माप के रूप में परास के गुणों और अवगुणों का वर्णन करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परास किसी भी श्रृंखला के अधिकतम तथा न्यूनतम मान के बीच का अंतर होता है।

परास के गुण:-

i)            यह परिक्षेपण का परिकलन करने के लिए सबसे सरल पद्धति है।

ii)                   परास को समझना सबसे सरल है|

iii)         परास का परिकलन करने के लिए केवल सबसे अधिक और सबसे कम मान ही पर्याप्त होते हैं।  विभिन्न वर्गों के सभी मानों को जानना आवश्यक नहीं होता है।

iv)        परास पुनरावृत्तियों से प्रभावित नहीं होता।

 

परास के अवगुण :-

i)           परास वर्गों के सभी मानों को को संज्ञान में नहीं लेता है।

ii)                   यह परिक्षेपण का निश्चित माप नहीं होता है।

iii)        इसे मुक्तांत श्रेणियों के मामले में नहीं परिकलित किया जा सकता है।  

iv)        यह दो चरम मूल्यों के अंदर वितरण प्रवृत्तियों के बारे में कोई संकेत नहीं देता।


Q. 169146 यदि n 10 है और D2 33 है, तो कोटि सहसंबंध मूल्य ......... होगा
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

कोटि सह संबंध का सूत्र है: Description: /stryde/images/2015/08/19/20150819581679001439962239.png तो r = 1 – [(6 * 33) / (103 – 10)] = 0.8


Q. 169147 जूते के आकार और बुद्धि के बीच सहसंबंध की प्रवृत्ति ....... होती है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: D

SOLUTION

इन दो चरों के बीच कोई कार्य कारण सम्बन्ध नहीं है| इसलिए इनका सहसंबंध शून्य होगा|


Q. 169148 पू

  दिखाए  गए चित्र में  सहसंबंध का  प्रकार  है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

यदि सभी बिंदु एक ही रेखा पर हों तथा रेखा ऊपर की ओर बढ़ती हुई हो, तब ऐसे सहसंबंध को पूर्ण धनात्मक कहते हैं।


Q. 169149 एक ऋणात्मक सहसंबंध का एक उदाहरण है:


A. किसी वस्तु का मूल्य और मांग

B. किसी वस्तु का मूल्य और पूर्ति

C. पारिवारिक आय और व्यय

D. शिक्षा और आय

Right Answer is: A

SOLUTION

किसी वास्तु की मांग और मूल्य दोनों ही चर विपरीत दिशा में बढ़ते हैं इसलिए उनमें ऋणात्मक सहसंबंध हैं।


Q. 169150 स्पीयरमैन कोटि सहसंबंध में, यदि मूल्य D2 है 0, तो कोटि सहसंबंध है:


A. 1

B. -1

C. 0

D. 2

Right Answer is: A

SOLUTION

स्पीयरमैन कोटि सहसंबंध का विकास ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक सी. ई. स्पीयरमैन ने किया था। इसे rk =1 – { ( 6 ∑ D2) / N3  - N} के सूत्र से व्यक्त किया जाता है।


Q. 169151 यदि दो चरों के बीच में कारण और प्रभाव संबंध हैं तो उनका सहसंबंध होगा:


A. अर्थपूर्ण

B. बेकार

C. प्रभावी

D. सरल

Right Answer is: A

SOLUTION

जब दो चर आपस में सहसम्बन्धित होते हैं तो इसका अर्थ यह है कि इनमें कारण और प्रभाव संबंध है।


Q. 169152 नीचे दिखाए गए आरेख में किस प्रकार का सहसंबंध दिखाया गया है: Description: /stryde/images/2015/10/01/20151001995823001443697387.png


A. पूर्ण धनात्मक सह संबंध

B. पूर्ण ऋणात्मक सह संबंध

C. कमजोर धनात्मक सह संबंध

D. कोई सह संबंध नहीं

Right Answer is: D

SOLUTION

प्रकीर्ण आरेख दो चरों के बीच सहसंबंध की दिशा और परिमाण का एक आरेखीय प्रस्तुतिकरण है। जब प्रकीर्ण बिंदु सरल रेखा के चारों तरफ फैले हुए होते हैं तब सहसंबंध शून्य माना जाता है।


Q. 169153 हमेशा धनात्मक

  सहसंबंध  का गुणांक   होता है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: D

SOLUTION

धनात्मक सहसंबंध के मामले में, दोनों ही चर एक ही दिशा में बढ़ते या घटते हैं। ऋणात्मक सहसंबंध के मामले में दोनों ही चर विपरीत दिशा में बढ़ते या घटते हैं।


Q. 169154 कार्ल पियरसन सह संबंध गुणांक के गुण और अवगुण क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्ल पियरसन का सहसंबंध गुणांक, दो चरों के बीच रेखीय संबंध की सही संख्यात्मक मान की कोटि दर्शाता है।

इसे गुणन आधूर्ण सहसंबंध गुणांक और सरल सहसंबंध गुणांक के नाम से भी जाना जाता है।

 

कार्ल पियरसन सहसंबंध गुणांक के निम्नलिखित गुण हैं:

·         यह हमें चरों के बीच संबंधों की दिशा और श्रेणी को बताता है।

·         यह हर प्रकार के चरों के मदों को संज्ञान में लेता है और इस प्रकार यह चरों के उचित मापन पर आधारित होता है।

·         यह परावर्तन विश्लेषण के अध्ययन में सहायता करता है और हम एक चर के मूल्य का अनुमान दूसरे चर के दिए गए मूल्य से प्राप्त कर सकते हैं।

·         यह एक शुद्ध मान होने के कारण, अलग अलग इकाइयों की श्रेणियों के बीच तुलना की सुविधा देता है।


कार्ल पियरसन के सहसंबंध गुणांक के निम्न अवगुण हैं:

·         यह चरों के बीच हमेशा ही एक रेखीय संबंध का अनुमान लगाता है।

·         यह चरम मदों के द्वारा भी अनावश्यक रूप से प्रभावित होता है।

·         सहसंबंध गुणांक की महत्ता को बताना सरल नहीं होता है। प्राय: इसे गलत ही परिभाषित किया जाता है।

·         अन्य पद्धतियों की तुलना में इसमें समय की खपत अधिक होती है।


Q. 169155 सहसंबंध की व्याख्या करें। इसके मुख्य प्रकार की चर्चा करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सहसंबंध चरों के बीच संबंधों की गहनता एवं दिशा का अध्ययन और मापन करता है। चरों में कार्य कारण संबंध होने पर यह अर्थपूर्ण होता है|

सहसंबंध को निम्नलिखित तीन तरीकों से परिभाषित किया जा सकता है:

1.  धनात्मक और ऋणात्मक सहसंबंध: यदि दोनों ही चर एक ही दिशा में बढ़ते या घटते हैं तो सहसंबंध धनात्मक होता है। उदाहरण के लिए जब आय में वृद्धि होती है तो उपभोग में भी वृद्धि होती है और जब आय में कमी होती है तो उपभोग में भी कमी आती है। इस प्रकार आय और उपभोग में धनात्मक सह संबंध है। जबकि दूसरी ओर, अगर दोनों ही चर विपरीत दिशा में बढ़ते या घटते हैं तो इन्हें ऋणात्मक कहते हैं। उदाहरण के लिए, जब किसी वस्तु के मूल्य गिरते हैं तो उसकी मांग बढ़ती है और मूल्यों के अधिक होने पर मांग कम हो जाती है। इस प्रकार मूल्य और मांग में ऋणात्मक सहसंबंध होता है।  

2.  सरल, आंशिक या बहु सहसंबंध: जब दो चरों का अध्ययन किया जाता है तो यह सरल सहबंध होता है। जब दो या दो से अधिक चार संलग्न होते हैं तो यह आंशिक या बहु सहसंबंध होते हैं।

3.  रेखीय और अरेखीय सहसंबंध: इस प्रकार की विशेषता चरों के बीच में होने वाले परिवर्तन के अनुपात पर निर्भर होती है। जब एक चर में परिवर्तन की मात्रा दूसरे चर में परिवर्तन की मात्रा के स्थाई अनुपात में होते हैं, तो इसे रेखीय सहसंबंध कहा जाता है। जबकि अगर एक चर में परिवर्तन की मात्रा दूसरे चर में परिवर्तन की मात्रा के स्थाई अनुपात में नहीं होगी तो सह-संबंध अरेखीय होगा।  


Q. 169156 सूचकांक में कम भार वाली एक वस्तु के मूल्य में परिवर्तन होने पर सूचकांक में क्या परिवर्तन होगा?


A.

कम प्रभाव

B.

बड़ा प्रभाव

C.

सूचकांक का मान 0 हो जाएगा

D.

सूचकांक का मान 1 हो जाएगा

Right Answer is: A

SOLUTION

किसी मूल्य में कोई परिवर्तन मूल्य सूचकांक में प्रतिबिंबित हो भी सकते हैं या नहीं भी हो सकते हैं। एक सूचकांक औसत परिवर्तन प्रदर्शित को प्रदर्शित करता है।


Q. 169157 सूचकांक के परिकलन में प्रयोग किया जाने वाला वह वर्ष जिसके सन्दर्भ में सूचकांक का परिकलन किया जाता है ________ कहलाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

आधार वर्ष वह अवधि है जिसके सन्दर्भ में चालू वर्ष के मूल्यों की तुलना की जाती है।


Q. 169158 कृषि श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को किसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है?


A. केन्द्रीय सांख्यकीय संस्थान

B. श्रम ब्यूरो

C. सांख्यकी मंत्रालय

D. गृह मंत्रालय

Right Answer is: B

SOLUTION

औद्योगिक श्रमिकों और कृषि श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को श्रम ब्यूरो के द्वारा प्रकाशित किया जाता है।


Q. 169159 थोक मूल्य सूचकांक में निम्न में से क्या सम्मिलित नहीं है?


A. सेवाएं

B. भोजन

C. ईंधन

D. सब्जियां

Right Answer is: A

SOLUTION

थोक मूल्य सूचकांक सामान्य मूल्य स्तर में परिवर्तनों को इंगित करता है।


Q. 169160 ---------वह सूचकांक है जिसमें एक श्रंखला की सभी संख्याओं को समान भार दिया जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

साधारण सूचकांक एक ऐसा सूचकांक है जिसे बिना किसी अतिरिक्त भार के बनाया जाता है। सूचकांक के निर्माण के लिए सम्मिलित वस्तुएं हैं: भोजन, वस्त्र, आवास, प्रकाश, ईंधन, आदि, और इन्हें समान महत्ता दी गयी है।


Q. 169161 भारत में, मुद्रास्फीति की गणना किस सूचकांक का प्रयोग कर की जाती है?


A. थोक मूल्य सूचकांक

B. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

C. उत्पादक मूल्य सूचकांक

D. खुदरा मूल्य सूचकांक

Right Answer is: A

SOLUTION

अप्रैल 2014 से भारतीय रिज़र्व बैंक ने मुद्रास्फीति के मुख्य उपाय के रूप में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को अपनाया है।


Q. 169162 मुद्रा की क्रय शक्ति और वास्तविक मजदूरी की गणना करने के लिए हम निम्न में से किस सूचकांक प्रयोग करते हैं?


A.

आय सूचकांक

B.

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

C.

थोक मूल्य सूचकांक

D.

खुदरा मूल्य सूचकांक

Right Answer is: B

SOLUTION

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक या जीवन निर्वाह सूचकांक धन की क्रय शक्ति और वास्तविक आय में परिवर्तन मापने में सहायता करता है।


Q. 169163 बढ़ता है

  अवस्फीति  के दौरान  मुद्रा का  मूल्य <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

यह मुद्रा स्फीति की एकदम विपरीत स्थिति है जहां वस्तुओं के मूल्य बढ़कर अपने उच्त्तम स्तर पर पहुँच जाते हैं और परिणामस्वरूप मुद्रा का मूल्य कम हो जाता है ।


Q. 169164 वर्तमान/चालू अवधि की मात्राओं को भार के रूप में प्रयोग करते हुए भारित समूहीकरण पद्धति के द्वारा परिकलित सूचकांक को क्या कहते हैं?


A.

पाशे का मूल्य सूचकांक

B.

लेस्पेयर का मूल्य सूचकांक

C.

फिशर का मूल्य सूचकांक

D.

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

Right Answer is: A

SOLUTION

पाश्चे का मूल्य सूचकांक वर्तमान अवधि की मात्राओं को भार के रूप में प्रयोग करता है।


Q. 169165 औद्योगिक श्रमिक के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सबसे अधिक भार वाला मद है निम्न में से कौन सा है?


A.

भोजन

B.

आवास

C.

वस्त्र

D.

मनोरंजन

Right Answer is: A

SOLUTION

जीवन निर्वाह के लिए भोजन अपरिहार्य है। इस प्रकार सूचकांक को तैयार करते समय सबसे अधिक महत्व भोजन को दिया जाता है।


Q. 169166 _____ परिकलित करने के लिए वस्तुओं को वृहद रूप से तीन श्रेणियों (मुख्य वस्तुएं, ईंधन, बिजलीऔर ल्यूब्रिकेंट्स और निर्मित उत्पाद) में विभाजित किया जाता है?


A. आय सूचकांक

B. उपभोक्ता सूचकांक

C. थोक सूचकांक

D. उत्पादन सूचकांक

Right Answer is: C

SOLUTION

थोक मूल्य सूचकांक सामान्य मूल्य स्तर में परिवर्तनों को मापता है।


Q. 169167 वर्ष 2014 के बाद से ही मुद्रा स्फीति की गणना करने के लिए किसका प्रयोग किया जाता है?


A. थोक मूल्य सूचकांक

B. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

C. उत्पादक मूल्य सूचकांक

D. औद्योगिक मूल्य सूचकांक

Right Answer is: B

SOLUTION

पहले थोक मूल्य सूचकांक का प्रयोग मुद्रा स्फीति को मापने के लिए किया जाता था परन्तु अप्रैल 2014 के बाद से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का प्रयोग किया जा रहा है |


Q. 169168 जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और प्रति व्यक्ति आय संकेतक के संयुक्त सूचकांक को क्या कहते हैं?


A. CPI

B. WPI

C. IIP

D. HDI

Right Answer is: D

SOLUTION

HDI, मानव विकास सूचकांक जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और प्रतिव्यक्ति आय संकेतकों के संयुक्त आंकड़े होते हैं।


Q. 169169 औद्योगिक कर्मियों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक क्या मापने के लिए प्रयोग किया जाता है?


A.

दैनिक आहार

B.

दैनिक मजदूरी

C.

सामान्य मुद्रास्फीति

D.

कार्य संतुष्टि

Right Answer is: C

SOLUTION

मुद्रा स्फीति की दर कीमत स्तर को इंगित करती है। कीमत जितनी अधिक होगी उतना ही धन का मूल्य कम होगा और कीमत के कम होने पर मुद्रा का मूल्य अधिक होगा।


Q. 169170 P01= ∑p1q0/∑p0q0×100 के समीकरण का प्रयोग किसमें होता है?


A.

सूचकांक की लेस्पेयर विधि

B.

सूचकांक के पाशे विधि

C.

साधारण सूचकांक

D.

थोक सूचकांक

Right Answer is: A

SOLUTION

जब सूचकांक का परिकलन करने के लिए आधार वर्ष की मात्राओं को भार के रूप में प्रयोग किया जाता है तो इस पद्धति को लेस्पेयर पद्धति कहते हैं।


Q. 169171 जीवन निर्वाह सूचकांक निम्न में से किसे मापने में सहायता करता है?


A.

मुद्रा मजदूरी

B.

वास्तविक मजदूरी

C.

दैनिक मजदूरी

D.

मासिक मजदूरी

Right Answer is: B

SOLUTION

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक या जीवन निर्वाह सूचकांक धन की क्रय शक्ति और वास्तविक आय में परिवर्तन को मापने में सहायता करता है।


Q. 169172 1 जीवन की लाग

    धन की क्रय  शक्ति को  मापता है <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

धन की क्रयशक्ति किसी मुद्रा का मूल्य होता है जिसे वस्तुओं और सेवाओं को उस मात्रा के आधार पर व्यक्त करता है जिसे धन की एक इकाई क्रय कर सकती है।


Q. 169173 वह सूचकांक जो इस प्रश्न का जबाव देने में सहायता करता है कि यदि चालू वर्ष की वस्तुओं की टोकरी का उपभोग आधार वर्ष में हुआ होता और यदि हम इस पर रु 100 खर्च कर रहे होते तो वस्तुओं की उसी टोकरी पर चालू वर्ष में हम कितना व्यय करते?


A. पाशे का मूल्य सूचकांक

B. मानव विकास सूचकांक

C. लेस्पेयर का मूल्य सूचकांक

D. साधारण मूल्य सूचकांक

Right Answer is: A

SOLUTION

पाशे का मूल्य सूचकांक चालू वर्ष की मात्राओं को भार के रूप में लेता है।


Q. 169174 समान्तर माध्य को परिभाषित कीजिये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समान्तर माध्य वह संख्या है जो किसी श्रेणी के सभी मदों के मूल्यों के जोड़ को उनकी कुल संख्या से भाग देने पर प्राप्त होती है।


Q. 169175 बहुलक की गणना करने की निरीक्षण विधि की व्‍याख्‍या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बहुलक की निरीक्षण विधि से गणना की जा सकती है। इस विधि में, हम केवल श्रेणी का निरीक्षण करके बहुलक का पता लगा सकते है। श्रेणी में सबसे अधिक बार आने वाले मान को बहुलक कहा जाता है। उदाहरण के लिए, 2, 3, 4, 9, 4, 5, 7, 4 जैसी श्रेणी होने के मामले में, बहुलक = 4 है।


Q. 169176 एक समूहीकृत आवृत्ति वितरण श्रेणी में मध्यिका की गणना करने के सूत्र को लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक समूहीकृत आव़त्ति वितरण श्रेणी में मध्यिका की गणना के लिए प्रयुक्‍त सूत्र-

Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/12/2011080127219500131219511236aug.gif

जहां,

M= मध्यिका

N= आव़त्तियों का योग

c.f.= मध्यिका वर्ग के पूर्ववर्ती वर्ग की संचयी आवृत्ति

f= मध्यिका वर्ग की आवृत्ति

C= मध्यिका वर्ग-अंतराल का आकार


Q. 169177 200 मदों का माध्‍य 50 था। बाद में पता चला कि दो मदों को गलती से 192 और 88 के बजाय 92 और 8 पढ़ा गया। सही माध्‍य का पता लगाओ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/07/201408079402630014074092601.jpg


Q. 169178 25 श्रमिक एक कारखानें में कार्यरत है, और उनका औसत मासिक वेतन Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/smiley/msn/2014/08/07/183.gif 2000 है। कारखाने के कुल मासिक वेतन की गणना कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/07/201408076950000014074069561.jpg

इसलिए कारखाने का कुल मासिक वेतन Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/smiley/msn/2014/08/07/183.gif50,000 है।


Q. 169179 एक अच्‍छे औसत के क्‍या लक्षण होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक अच्छे औसत के निम्नलिखित गुण होने चाहिए-

* गणना करने और समझने में आसान

* श्रेणी के सभी प्रेक्षणों पर आधारित

* निदर्शन के परिवर्तन से बहुत कम प्रभावित

* बीजगणितीय अनुप्रयोगों के लिए सक्ष्‍ाम |


Q. 169180 असमूहीकृत आँकड़ों के लिए प्रत्‍यक्ष विधि और पद विचलन विधि द्वारा समांतर माध्‍य की गणना के लिए सूत्र लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समांतर माध् की गणना करने के लिए सूत्र हैं-

1. प्रत्यक्ष विधि

Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/07/201408071977800014074054661.gif

2. पद विचलन विधि

Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/07/201408071977800014074054662.gif

जहां,

X = चर का मान

A = कल्पित माध्

d = कल्पिक माध् से विचलन

N = प्रेक्षणों की कुल संख्या

i = समान गुणक


Q. 169181 नीचे दी गयी श्रेणी से बहुलक की गणना कीजिए।
वर्ग अंतराल 0 - 10 10 - 20 20 - 30 30 – 40 40 - 50
आवृत्ति 2 5 7 5 2
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वर्ग अंतराल

आवृत्ति

0 – 10

2

10 – 20

5

20 – 30

7

30 – 40

5

40 - 50

2



निरिक्षण करने पर हमे ज्ञात होता है कि , श्रृंकि 20 - 30 बहुलक वर्ग है क्योंकि इसकी  अधिकतम आवृत्ति है।
Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/07/20110808971685001312786952209aug.gif

बहुलक = 25


Q. 169182 श्रृंखला के बहुलक मूल्‍य की गणना कीजिए- जिसकी मध्यिका 16 सेटीमीटर और समांतर माध्‍य 20 सेटीमीटर है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समांतर माध्‍य 20 सेटीमीटर और मध्यिका 16 सेटीमीटर से श्रेणी के बहुलक का मूल्‍य होगा-

बहुलक = 3 मध्यिका – 2 समांतर माध्

= 3(16) - 2(20)

= 48 – 40

= 8 सेटीमीटर
बहुलक का मान 8 सेटीमीटर है।


Q. 169183 बहुलक के किन्‍हीं तीन गुणों का वर्णन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बहुलक तीन गुण हैं-

1) सरलता- बहुलक को समझना आसान और गणना करना सरल है।

2) चरम मूल्‍यों से अप्रभावित- बहुलक एक श्रेणी में बहुत बड़ी या बहुत छोटी मदों से प्रभावित नहीं होता है।

3) बिंदुरेखीय निर्धारण- बहुलक के मूल्‍य की आयत चित्र की सहायता से बिंदुरेखीय गणना की जा सकती है।


Q. 169184 तोरण वक्र की सहायता से मध्यिका के मूल्‍य की गणना कैसे की जाती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

तोरण वक्र की सहायता से मध्यिका की गणना करने के लिए मुख्‍य चरण-

क) सबसे पहले 'से कम' और 'से अधिक' विधि से दो तोरण वक्र बनाते है।

ख) दो तोरण के परस्‍पर प्रतिच्‍छेद बिंदु से X- अक्ष पर एक लम् खींचिए।

) Y अक्ष पर प्रतिच्छेदन बिंदु मध्यिका का मान देता है।


Q. 169185 मध्यिका के गुणों को बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मध्यिका के गुण हैं:

1) मध्यिका मूल्‍य निश्चित होता है|

2) इसकी गणना सरल होती है|

3) यह चरम मूल्‍यों से अप्रभावित होता है |
4) अगर आंकडे अपूर्ण है तब भी इसे ज्ञात किया जा सकता है |
5) इसे आरेख के रूप में प्रस्‍तुत किया जा सकता है|
6) यह गुणात्‍मक आंकडों के लिए भी उपयुक्‍त है |


Q. 169186 सरल समांतर माध्‍य और भारित समांतर माध्‍य के बीच मूलभूत अंतर क्‍या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरल समांतर माध् में, श्रेणी की सभी मदों को समान महत् दिया जाता है। दूसरी ओर, भारित समांतर माध् में, विभिन् महत् दर्शाने के लिए विभिन् मदों भार दिया जाता है। भारित समांतर माध् के संदर्भ में विभिन् मूल्यों को उनके सापेक्षिक महत् के अनुसार विभिन् भार दिये जाते हैं। जब छोटे मानों वाली मदों को कम भार दिये जाते हैं और बडे मानों वाली मदों को अधिक भार दिये जाते है, तब सरल समांतर माध् की तुलना में भारित समांतर माध् कम होगा।


Q. 169187 पद विचलन विधि द्वारा माध्‍य की गणना कीजिए।

वर्ग अंतराल

0-10 10-20 20-30 30-40 40-50
बारंबारता 8 12 20 6 4
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 169188 समूहन विधि का प्रयोग करते हुए निम्‍नलिखित श्रेणी से बहुलक की गणना कीजिए।
आकार 0-5 5-10 10-15 15-20 20-25 25-30 30-35
आवृत्ति 1 2 10 4 10 9 2
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समूहन विधि जरूरी है क्योंकि दो वर्ग अंतरालों अर्थात् 10 - 15 और 20 - 25 की अधिकतम आवृत्ति 10 है।

वर्ग अंतराल

l

ll

lll

lV

V

Vl

0 – 5

1

3

0

13

0

0

5 – 10

2

12

16

0

10 – 15

10

14

24

15 – 20

4

14

23

20 – 25

10

19

21

25 – 30

9

11

0

30 – 35

2

0

0

0


विश्लेषण सारणी

स्तम्

0-5

5-10

10-15

15-20

20-25

25-30

30-35

I

00

0

I

0

I

0

0

II

0

0

0

0

I

I

0

III

0

0

0

I

I

0

0

IV

0

0

0

I

I

I

0

V

0

0

00

0

I

I

I

VI

0

0

I

I

I

0

0

योग

0

00

2

3

6

3

1



Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/07/20110808985819001312787130210aug.gif

बहुलक (Z) = 24.29


Q. 169189 बहुलक के दोषों की व्‍याख्‍या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बहुलक के दोष -

1) अनिश्चित- दो बहुलक (द्विबहुलकी) या दो से अधिक बहुलक (बहु-बहुलकी) वितरण होने की दशा में बहुलक का निर्धारण नहीं किया जा सकता है।

2) सही प्रतिनिधि नहीं- बहुलक का मूल् श्रेणी की सभी मदों पर धारित नहीं होता है।

3) अस्थिर- सबसे अधिक अस्थिर औसत चूंकि बहुलक की गणना करने के अलग अलग सूत्र अलग अलग मान देते हैं।

4) बीजगणितीय विवेचन संभव नहीं- आंकडों के दो श्रृंखला के बहुलक से हम दो श्रृंखला के संयुक् बहुलक की गणना नहीं कर सकते है।

5) जब मद का वांछित सापेक्ष महत् होता है तब बहुलक उपयुक् नहीं होते है।


Q. 169190 निम्‍नलिखित आंकडों से मध्यिका ज्ञात कीजिए।
अंक 0-10 10-20 20-30 30-40 40-50 50-60 60-70 70-80
आवृत्ति 5 8 7 12 28 20 10 10
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंक (X)

आवृत्ति (f)

c.f.

संचयी आवृत्ति

0 – 10

5

5

10 – 20

8

13

20 – 30

7

20

30 – 40

12

32

40 – 50

28

60

50 – 60

20

80

60 – 70

10

90

70 – 80

10

100

N = 100

50 वीं इकाई 40 - 50 वर्ग-अंतराल में निहित है

सूत्र का प्रयोग-

Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/12/2011080107996100131219649846augem11em2.gif


Q. 169191 विभिन्‍न श्रेणियों से संबंधित मध्यिका की गणना करने की विधि को लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विधियां हैं-

1. व्यक्तिगत श्रेणी

) मध्यिका की अवस्थिति =Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/12/2011080183434500131219624238aug.gifमद का मान

) मध्यिका की अवस्थिति Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/12/2011080183434500131219624239aug.gif मध्यिका का मान होगा |

2. खण्डित श्रेणी

M मध्यिका की अवस्थिति =Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/12/2011080183434500131219624240aug.gifमद का मान

3. सतत श्रेणी

मध्यिका की अवस्थिति = Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/12/2011080183434500131219624241aug.gifमद का आकार माध्यिका वर्ग उन संचयी आवृत्तियों से मेल खाता है जिनमें ऊपर के मूल्य शामिल होते हैं। सही माध्यिक मूल् के निर्धारण के लिए निम् सूत्र को लगाया जाता है:Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/12/2011080183434500131219624242aug.gif


Q. 169192 निम्‍नलिखित श्रृंखला का समांतर माध्‍य 20.5 है।
अंक 10 15 20 x 30 35
छात्रों की संख्‍या 4 6 10 5 3 2
अज्ञात मद का पता लगाओ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंक (X)

छात्रों की संख्‍या (f)

(fX)

10

4

40

15

6

90

20

10

200

X

5

5x

30

3

90

35

2

70

∑f=30

∑fX=490+5x


Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/08/07/201408076554080014074073571.jpg

अज्ञात मद का मान 25 है |


Q. 169193 निम्न समंकों से मध्यिका ज्ञात कीजियेः
वर्ग अंतराल 0 - 10 10 - 20 20 - 30 20 - 40 40 - 50
आवृत्ति 14 16 10 6 4
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मध्यिका की गणना-

वर्ग-अन्तराल

(x)

आवृति

(f)

संचयी आवृत्ति

(m)

0 - 10

14

14 (c.f.)

L1 10 - 20

16 (f)

20

20 - 30

10

30

30 - 40

6

36

40 - 50

4

40

N=40


Q. 169194 अरेखीय सहसंबंध क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अरेखीय सहसंबंध में, दो चरों में परिवर्तन का अनुपात एक समान नहीं होता है।


Q. 169195 सहसंबंध को मापने के लिए प्रमुख विधियाँ कौन सी हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सहसंबंध को मापने के लिए निम्नलिखित तीन प्रमुख विधियाँ हैं:

1.      प्रकीर्ण आरेख विधि

2.      कार्ल पियरसन का सहसंबंध गुणांक

3.      स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध गुणांक


Q. 169196 क्या r की सीमा -1 या +1 से बहार स्थित हो सकती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नहीं, सहसंबंध की सीमा -1 या +1 से बहार स्थित नहीं हो सकती| अगर ऐसा हो तो इसका मतलब है कि सहसंबंध की गणना में कोई त्रुटि है|


Q. 169197

  स्पीयरमैन  के कोटि सहसंबंध  को परिभाषित  करें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध गुणांक व्यक्तिगत मदों के बीच उनके गुणों के आधार पर निर्धारित कोटियों के द्वारा रेखीय सहसंबंध को मापता है। यह ईमानदारी,सुन्दरता,बौद्धिक स्तर, निष्पक्षता आदि गुणवत्ताओं के बीच सहसंबंध का मापन करता है।


Q. 169198 कोटि सहसंबंध गुणांक पियरसन के सहसंबंध गुणांक से किस तरह भिन्न है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कोटि सहसंबंध की गणना वास्तविक आंकड़ों के आधार पर न होकर कोटियों के अनुसार होती हैं। जबकि पियरसन का सहसंबंध गुणांक वास्तविक आंकड़ों पर आधारित है।


Q. 169199 यदि rxy = -1 तो चरों के बीच किस प्रकार का संबंध है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि rxy= -1 हो तो  दो चर ऋणात्मक और रेखीय रूप से संबंधित होंगे| अर्थात दो चरों में परिवर्तन का अनुपात बराबर होगा और विपरीत दिशा में होगा।


Q. 169200 अगर दो चरों के बीच सहसंबंध शून्य हो तो क्या यह माना जा सकता है की वें एक दूसरे से स्वतंत्र हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि दो चरों के बीच सहसंबंध शून्य हो तो इसका अर्थ यह नहीं कि वें अवश्य ही एक दूसरे से स्वतंत्र हैं| सहसंबंध शून्य हो तो इसका मतलब यह है कि दोनों चरों में कोई रेखीय संबंध नहीं है| उनके बीच अरेखीय संबंध फिर भी हो सकता है|


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