CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 169201 प्रकीर्ण आरे

  प्रकीर्ण  आरेख के कुछ  अवगुण बताएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रकीर्ण आरेख के कुछ अवगुण इस प्रकार हैं:

i)              सटीकता में कमी: एक प्रकीर्ण आरेख सहसंबंध सटीकता से मापन नहीं कर सकता। अर्थात प्रकीर्ण आरेख सहसंबंध का मात्रात्मक माप नहीं है।

ii)            अनुमानित सहसंबंध: एक प्रकीर्ण आरेख सहसंबंध का एक अनुमानित विचार देता है।

iii)          सीमित उपयोगिता: दो से अधिक चरों के मामले में प्रकीर्ण आरेख से सहसंबंध को मापना संभव नहीं है।


Q. 169202 स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध परिकलन करने के चरणों को विवरण करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध निम्न चरणों के द्वारा परिकलित किया जाता है:

चरण 1: चरों के विभिन्न मदों की कोटियाँ निर्धारित करें| 

चरण 2: कोटियों के बीच अंतर पता करके इसे DD से सूचित करें।

चरण 3: इन अंतरों के वगों का योह निकलें।

चरण 4: उसके बाद निम्न सूत्र का प्रयोग करें:

r = 1-6∑D2/ N (N2-1)

जहां:  r = सहसंबंध का गुणांक

∑D2= संबंधित कोटियों के अंतरों के वर्गों का योग

N= अवलोकनों के जोड़ों की संख्या


Q. 169203 स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध कब परिकलित किया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध दो चरों में विविध मद मूल्य की कोटियों पर आधारित है। यह निम्नलिखित परिस्थितियों में उपयोगी होता है-

·         जब हमें  वभिन्न गुणवत्ताओं के बीच संबंध को परिमाणीकृत करने की आवश्यकता होती है|

·         जब चरों के चरम मानों का कार्ल पियरसन सहसंबंध गुणांक चरम मानों से रहित सहसंबंध गुणांक से काफी भिन्न हो तब कोटि-सहसंबंध चरों के बीच संबंध का बेहतर माप होता है|

·         जब चरों के वास्तविक परिमाण या मूल्य नहीं पाए जा सकते हों| जैसे अगर हमें वजह और लम्बाई में सहसंबंध जानना हो लेकिन हमारे पास इनको मापने का कोई साधन न हो तब हम इनको कोटिबद्ध करके इनका स्पीयरमैन कोटि सहसंबंध निकाल सकते हैं|


Q. 169204 चरों में संबंध को मापने के लिए सहप्रसरण की बजाए सहसंबंध को अधिक महत्व क्यों दिया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्ल पियरसन के द्वारा सुझाया गया ‘r’ अर्थात सहसंबंध का गुणांक साहचर्य के लिए मुख्य है क्योंकि:

यह दो विभिन्न आंकड़ों के बीच तुलना करता है। सहप्रसरण की गणना करने के लिए निम्न सूत्र का प्रयोग किया जाता है:

X और Y का गुणांक= ∑ xy /N

सहप्रसरण संबंध को मापने का एक निरपेक्ष माप है। जबकि सहसंबंध का गुणांक संबंध का एक सापेक्ष मापन है जो मापन की इकाई से मुक्त है।

इस प्रकार संबंध मापने के लिए कार्ल पियरसन सहसंबंध को महत्ता दी जाती है।


Q. 169205 क्या सहसंबंध कार्य कारण संबंध को लागू करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सहसंबंध कार्य कारण संबंध को लागू नहीं करता है। जब दो चरों को सहसंबंध परिकलित किया जाता है, तो इसका अर्थ है कि दो चर धनात्मक या ऋणात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। जब दो चरों में सहसंबंध होता है तो इसका अर्थ यह नहीं होता कि उनमें से एक कारण है और दूसरा प्रभाव है।

उदाहरण के लिए, शिशुओं की मृत्यु और बारिश के बीच सहसंबंध हो सकता है, मगर यह कहना सही नहीं होगा की मौसम की वजह से शिशुओं की मृत्यु होती है। बारिशों संकरात्मक बिमारियां जैसे मलेरिया,डेंगू आदि का खतरा बढ़ जाता है और इस वजह वर्षा के मौसम में शिशुओं की मृत्यु अधिक हो सकती है|


Q. 169206 सरल सहसंबंध गुणांक की तुलना में कोटि सह-संबंध कब अधिक उपयुक्त होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरल सहसंबंध गुणांक की तुलना में कोटि सहसंबंध निम्न परिस्थितियों में अधिक उपयुक्त है:

i)                    जब आंकड़े गुणवत्तापरक प्रवृत्ति के होते हैं जैसे सौंदर्य, ईमानदारी आदि, क्योंकि इन्हें अर्थपूर्ण तरीके से मापा नहीं जा सकता है।

ii)                  जब विभिन्न मद मूल्यों की कोटि चर में दी जाती है।

iii)                जब चरम मूल्य उपस्थित होते हैं।


Q. 169207 कार्ल पियरसन के सहसंबंध गुणांक को परिकलित करने के तीन सूत्र बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्ल पियरसन के सहसंबंध के गुणांक ( r ) की कोई इकाई नहीं होती है। यह एक शुद्ध संख्या है।

सहसंबंध के गुणांक को निम्न पद्धतियों से परिकलित किया जा सकता है:

1.      संशोधित विधि

जहाँ

X = Xश्रंखलाओं की मदें

Y = Y श्रंखलाओं की मदें

x=X- X का माध्य और y=Y- Y का माध्य

2.      प्रत्यक्ष विधि

 

N = अवलोकनों की संख्या

3.      पद विचलन विधि

जहाँ

यहाँ पर A तथा C क्रमशः X तथा Y के कल्पित मान हैं। h तथा k समापवर्तक हैं।


Q. 169208 निम्नलिखित तालिका अर्थशास्त्र में अंक और अध्ययन पर बिताए गए घन्टों को प्रदर्शित करती है। सह-संबंध का पता लगाएं।
अर्थशास्त्र में अंक 24 26 32 33 35 30
पढने के घंटे 12 35 19 30 30 15
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अर्थशास्त्र में अंक

पढने के घंटे

x=X- Xका माध्य

y=Y-Yका माध्य

x2

y2

xy

24

20

-6

-5

36

25

30

26

30

-4

5

16

25

-20

32

20

2

-5

4

25

-10

33

30

3

5

9

25

15

35

30

5

5

25

25

25

30

20

0

-5

0

25

0

 = 0.344

कोटि सहसंबंध 0.344 है जो अर्थशास्त्र में हासिल अंक और अध्ययन पर बिताया गया समय का सम्बन्ध बताता है।


Q. 169209

  निम्न  आंकड़ों के  लिए कोटि  सहसंबंध को परिकलित  करें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पहले निर्णायक द्वारा दी गई कोटियाँ

दूसरे निर्णायक द्वारा दी गई कोटियाँ

D

D2

1

2

-1

1

2

3

-1

1

3

5

-2

4

4

1

3

9

5

6

-1

1

6

4

2

4

 

 

 


Description: /stryde/images/2015/08/19/20150819237823001439979055.png

r = 1-[(6 X 20)/(63-6)] = 0.43

कोटि सहसंबंध 0.43 है| यह दो न्यायाधीशों की कोटियों के बीच धनात्मक सहसंबंध बताता है।


Q. 169210 स्पीयरमैन के कोटि सहसंबंध के गुण और अवगुण के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्पीयरमैन के कोटि सहसंबंध के गुण निम्नलिखित हैं:

i)      यह कार्ल पियरसन की पद्धति की तुलना में समझना और परिकलित करना आसान है।

ii)    जब आंकड़े गुणवत्तात्मक प्रवृत्ति के होते हैं जैसे सौंदर्य, ईमानदारी, बुद्धिमत्ता आदि, तो इसे सफलता से प्रयोग किया जा सकता है।

iii)   जब वास्तविक आंकड़ों के स्थान पर चरों में विभिन्न मूल्य मदों की श्रेणियां दी जाती हैं, यह सहसंबंध के परिमाण का पता लगाने के लिए इकलौती पद्धति है।

स्पीयरमैन के कोटि सहसंबंध के अवगुण निम्नलिखित हैं:

i)         इस पद्धति को समूहीकृत पुनरावृत्त वितरणों में सहसंबंध की गणना करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह केवल व्यक्तिगत अवलोकनों पर लागू होती है।

ii)       अगर मूल्यों की संख्या बहुत बड़ी हो अर्थात 30 से अधिक हो, तो कोटियाँ और उनके अंतरों को जानना बहुत कठिन हो जाता है।

iii)      इस पद्धति में कार्ल पियरसन की पद्धति की तुलना में शुद्धता की कमी होती है। यह केवल कोटियों का ही प्रयोग करती है। वास्तविक मूल्यों को संज्ञान में नहीं लिया जाता है।


Q. 169211 प्रकीर्ण आरेख क्या है? यह XX और YY दो चरों के बीच संबंधों के रूप को निर्धारण करने में कैसे सहायता करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रकीर्ण आरेख दो चरों के बीच संबंध का रेखीय विश्लेषण करने के लिए एक सांख्यिकीय उपकरण है।

प्रकीर्ण आरेख में, प्रकीर्ण बिंदुओं के सामीप्य की कोटि और उनकी व्यापक दिशा के आधार पर चरों के आपसी संबंध की जानकारी प्राप्त की जाती है।

यदि सभी बिंदु एक ही सीधी रेखा पर आते हैं, तो सहसंबंध पूर्ण होता है। जब रेखा नीचे के कोने से ऊपर दाएं की तरफ जाती है, तो सहसंबंध धनात्मक होता है और जब यह शीर्ष बाएँ से नीचे दाएँ की तरफ आती है तो यह ऋणात्मक होता है।

सामान्य रूप से सहसंबंध पूर्ण से कम होता है।  जितने अधिक बिंदु सीधी रेखा के नज़दीक होंगे, उतना ही सहसंबंध दृढ़ होगा। और जब प्रकीर्ण बिंदु सरल रेखा के चारों तरफ फैले हुए होते हैं तब सहसंबंध शून्य माना जाता है।


Q. 169212 निम्नलिखित परिकल्पित आंकड़ों से जन्म एवं मृत्यु दर के बीच सहसंबंध को अभिकलित करें:
वर्ष 2009 2010 2011 2012 2013 2014
जन्म दर 24 27 32 33 35 30
मृत्यु दर 15 20 22 24 27 24
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

X

Y

x

y

x2

y2

xy

24

 

27

 

32

 

33

 

35

 

30

15

 

20

 

22

 

24

 

27

 

24

- 9

 

- 6

 

- 1

 

0

 

2

 

-3

- 9

 

- 4

 

- 2

 

0

 

3

 

0

81

 

36

 

1

 

0

 

4

 

9

81

 

16

 

4

 

0

 

9

 

0

81

24

2

0

6

0

∑x = -17

∑y= -12

∑x2 =131

∑y2= 110

∑XY = 113

 

r =0.93

सह-संबंध का मूल्य 0.93 है, जो यह बताता है कि मृत्यु दर और जन्म दर के बीच लगभग पूर्ण सहसंबंध है|


Q. 169213 सहसंबंध के परिमाण की चर्चा करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दो मूल्यों के बीच संबंधों का निर्धारण सहसंबंध गुणांक के परिणामात्मक मूल्यों के द्वारा किया जा सकता है। सहसंबंध के परिमाण को निम्न मदों के अंतर्गत अध्ययन किया जा सकता है:

  1. पूर्ण सहसंबंध:  जब दो चरों में परिवर्तन एकदम अनुपातिक होता है तो उसे पूर्ण सहसंबंध कहते हैं। अगर समान आनुपातिक परिवर्तन एक ही दिशा में होते हैं, तो इसे पूर्ण धनात्मक सहसंबंध कहते हैं और मूल्य को +1 से वर्णित किया जाता है। और अगर समान अनुपात में परिवर्तन विपरीत दिशा में होते हैं तो इसे पूर्ण ऋणात्मक सहसंबंध कहते हैं, और मूल्य को -1 से वर्णित किया जाता है।
  2. शून्य सहसंबंध:  सहसंबंध के गुणांक का मूल्य शून्य हो सकता है। इसका अर्थ है वहां लगभग शून्य या कोई भी सहसंबंध नहीं है।
  3. सहसंबंध के सीमित परिमाण: सामाजिक विज्ञान में, चरों में सहसंबंध हो सकता है, मगर एक चर में वृद्धि हमेशा ही दूसरे चर में किसी अनुकूल या समान वृद्धि या कमी के साथ नहीं आती है। जब एक ही दिशा में दो चरों में असमान अनुपात में परिवर्तन होते हैं तो सहसंबंध को सीमित धनात्मक कहते हैं, और जब विपरीत दिशा में असमान अनुपात में परिवर्तन होते हैं तो सहसंबंध ऋणात्मक कहलाता है।

सहसंबंध के परिमाण

परिमाण

धनात्मक

ऋणात्मक

  1. पूर्ण
  2. उच्च

 

 

  1. मध्यम

 

 

 

  1. कम

 

 

  1. अनुपस्थित

+1

+0.75 और +1 के बीच

+0.25  और +0.75 के बीच

0 और +0.25

के बीच

शून्य

-1

0.75 और -1 के बीच

-0.25 और -0.75 के बीच

-0 और –0.25

0 के बीच

शून्य


Q. 169214 समान्‍तर माध्‍य का अर्थ स्‍पष्‍ट कीजिए। समान्‍तर माध्‍य के गुणों व दोषों की विवेचना कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समान्‍तर माध्‍य वह संख्‍या है जो किसी श्रृंखला के सभी मदों के मूल्‍यों के जोड़ को उनकी कुल संख्‍या से भाग देने पर प्राप्‍त होती है। संक्षेप में, समान्‍तर माध्‍य किसी श्रृंखला की सभी मदों का एक औसत मान होता है।

समान्‍तर माध्‍य के गुण-

1. सरल- इस माध्‍य को समझना बहुत आसान है।

2. सभी मूल्‍यों पर आधारित- यह श्रेणी के सभी मूल्‍यों पर आधारित होता है इसलिए यह एक प्रतिनिधि माध्‍य है।

3. स्थिर- यह निदर्शन के परिवर्तनों से बहुत कम प्रभावित होता है।

4. बीजगणितीय विवेचन- समान्‍तर माध्‍य का बीजगणितीय विवेचन संभव है इसलिए इसको उच्‍चतर सांख्यिकीय विश्‍लेषण में बहुत अधिक प्रयोग किया जाता है।

5. निश्‍चित- इसका मूल्य हमेशा निश्चित रहता है। श्रेणी चाहे जिस क्रम में लिखी जाए, समान्‍तर माध्‍य सदैव एक ही रहता है।

6. तुलना का आधार- इसके आधार पर समूह की तुलना करना आसान होता है।

समान्‍तर माध्‍य के दोष-

1. हास्‍यास्‍पद परिणाम- इसके द्वारा कभी कभी भ्रमात्‍मक एवं असंगत निष्‍कर्ष निकल आते हैं जो हास्‍यास्‍पद होते हैं। उदाहरण के लिए  यदि एक परिवार में 4 बच्‍चें है और दूसरे में 3, तो उनका समान्‍तर माध्‍य Description: Description: Description: Description: /stryde/images/2015/03/04/20150304190809001425448359.gif बच्‍चे हुआ। जो एक अवास्‍तविक औसत माप होगी, क्‍योंकि बच्‍चों को अंशों में विभाजित नहीं किया जा सकता।

2. चरम मूल्‍यों का प्रभाव- समान्‍तर माध्‍य पर चरम मूल्‍यों का अधिक प्रभाव पड़ता है। श्रेणी में आने वाली बड़ी संख्‍या माध्‍य को अपनी ओर खींच लेती है।

3. प्रतिनिधि तथा अवास्‍तविक- समान्‍तर माध्‍य वह मूल्‍य हो सकता है जिसका श्रेणी में बिल्‍कुल ही अस्तित्‍व न हो। उदा0 4, 8 और 9 का औसत Description: Description: Description: Description: /stryde/images/2015/03/04/20150304816827001425448389.gif है जो कि श्रेणी की कोई मद ही नहीं है।

4. गणना संबंधी कठिनाइयां- इसकी गणना किसी एक मद या मूल्‍य की कमी होने पर नहीं की जा सकती।

5. मूल्‍यों का समान महत्‍व- समान्‍तर माध्‍य में सभी मूल्‍यों को समान महत्‍व या भार दिया जाता है जो कि अवास्‍तविक और त्रुटिपूर्ण है।

6. भ्रमात्‍मक निष्‍कर्ष- कभी कभी समान्‍तर माध्‍य के आधार पर निकाले गये निष्‍कर्ष गलत एवं भ्रमात्‍मक होते हैं। इनसे श्रेणी की रचना या बनावट का ज्ञान नहीं हो पाता।


Q. 169215 निम्नलिखित आवृति वितरण से समान्तर माध्य ज्ञात कीजिए:
वर्ग-अन्तराल आवृति
10 - 20 4
20 - 30 12
30 - 40 40
40 - 50 41
50 - 60 27
60 - 70 13
70 - 80 9
80 - 90 4
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रत्यक्ष विधि द्वारा समान्तर माध्य की गणना-

वर्ग-अन्तराल

(x)

आवृति

(f)

मध्य-मान (m)

मध्य मान तथा आवृतियों का गणनफल (fm)

10 - 20

4

15

60

20 - 30

12

25

300

30 - 40

40

35

1400

40 - 50

41

45

1845

50 - 60

27

55

1485

60 - 70

13

65

845

70 - 80

9

75

675

80 - 90

4

85

340

Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/smiley/msn/2014/03/26/58.giff ;k N=150

Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/smiley/msn/2014/03/26/58.giffm = 6950

Description: Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/03/26/201403266052560013958251231.gif


Q. 169216 30, 29, 25, 20, 100, 80 : दिए गए आंकड़ों का का परास क्या होगा?


A. 25

B. 35.

C. 60.

D. 80.

Right Answer is: D

SOLUTION

परास= L - S अर्थात श्रंखला में सबसे अधिक और सबसे कम मान के बीच अंतर। तो इस प्रकार यहाँ। परास = 100 – 20 = 80


Q. 169217 दो या दो से अधिक श्रृंखलाओं को उनकी विचरणशीलता के संबंध में तुलना करने पर हमें किसकी सहायता लेनी होती है?


A. केंद्रीय प्रवृत्ति का माप

B. परिक्षेपण का माप

C. सारणीकरण

D. प्रस्तुतीकरण

Right Answer is: B

SOLUTION

परिक्षेपण का माप आंकड़ों के दो या अधिक समूहों की संगतता और एकरूपता का निर्धारण करने में उपयोगी होता है।


Q. 169218 विचरण गुणांक किसका प्रतिशत रूप है:


A. मानक विचलन

B. माध्य विचलन

C. विचरण

D. चतुर्थक विचलन

Right Answer is: A

SOLUTION

विचरण का गुणांक = (मानक विचलन/ माध्य) ×100


Q. 169219 निम्न में से क्या परिक्षेपण का माप नहीं है:


A. मानक विचलन

B. माध्य विचलन

C. सहसंबंध

D. परास

Right Answer is: C

SOLUTION

परिक्षेपण के माप हैं: परास, चतुर्थक विचलन,  माध्य विचलन, और मानक विचलन|


Q. 169220 वह वक्र जो समान वितरण रेखा के नीचे रहता है, उसे क्या कहते हैं?


A. लारेंज वक्र

B. आवृत्ति वक्र

C. वितरण वक्र

D. परिक्षेपण वक्र

Right Answer is: A

SOLUTION

लारेंज  वक्र हमेशा ही समान वितरण रेखा के नीचे रहता है, जब तक वितरण एकरूप न हो। यदि वितरण एकरूप है तो लारेंस वक्र समान वितरण के साथ जुड़ जाएगा। लारेंस वक्र वितरण रेखा से जितना अधिक दूर होगा, उतना ही अधिक परिक्षेपण होगा।  


Q. 169221 परिक्षेपण का सापेक्ष माप है:


A. चतुर्थक विचलन गुणांक

B. मानक विचलन

C. माध्य विचलन

D. केंद्रीय विचलन

Right Answer is: A

SOLUTION

QD या चतुर्थक विचलन को अर्द्ध –अंतर-चतुर्थक परास भी कहा जाता है। उच्च चतुर्थक (Q3)  और निम्न चतुर्थक(Q1)  के आधे को चतुर्थक विचलन कहा जाता है। प्रतीकात्मक रूप से इसे लिखते हैं: चतुर्थक विचलन = (Q3- Q1)/2


Q. 169222 चतुर्थक विचलन का कम मान क्या बताता है?


A. उच्च माध्य

B. निम्न माध्य

C. उच्च परिक्षेपण

D. निम्न परिक्षेपण

Right Answer is: D

SOLUTION

अंतर-चतुर्थक परास के आधे को चतुर्थक विचलन कहा जाता है। जितना कम चतुर्थक विचलन का माप होगा उतना ही कम परिक्षेपण होगा।


Q. 169223 परिक्षेपण को मापने के लिए आरेखीय पद्धति है:


A. दंड आरेख

B. तोरण

C. लारेंज़ वक्र

D. बारंबारता बहुभुज

Right Answer is: C

SOLUTION

समान वितरण की रेखा से लारेंज़ वक्र का पलायन परिक्षेपण की सीमा को इंगित करेगा।


Q. 169224 परास को केवल उन्हीं वितरणों के लिए चुना जा सकता है जिनमें:


A. केवल ऊपरी सीमा का निर्धारण किया गया है

B. केवल निचली सीमा

C. या तो निचली सीमा को परिभाषित किया गया है या ऊपरी

D. दोनों ऊपरी और निचली सीमा को परिभाषित किया गया है

Right Answer is: D

SOLUTION

परास को मुक्तांत आवृत्ति वितरण के लिए परिकलित नहीं किया जा सकता है। मुक्तांत वितरण वे हैं जिनमें या तो निम्न वर्ग की निम्न सीमा को या उच्च वर्ग की उच्च सीमा का या फिर किसी का भी निर्धारण नहीं किया गया हो।


Q. 169225 सीमा का वह माप जो ये बताता है कि व्यक्तिगत श्रृंखला में मद कितने भिन्न होते हैं वह है .........
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

परिक्षेपण, आंकड़ों के अवलोकनों की उसके औसत से दूरी तथा फैलाव को परिभाषित करता है।


Q. 169226 परिक्षेपण को ठोस तरह से परिभाषित करने वाला निरपेक्ष माप है:


A. मानक विचलन

B. माध्य विचलन

C. परास

D. चतुर्थक विचलन

Right Answer is: A

SOLUTION

मानक विचलन श्रृंखला के समूह में सभी अवलोकनों का प्रयोग करता है| इसमें वितरण के सभी मद सम्मिलित होते हैं और यह हमेशा समांतर माध्य से ही परिकलित्त किया जाता है|


Q. 169227 परिक्षेपण का माप आंकड़ों के मध्य 50% पर कब आधारित होता है?


A. चतुर्थक विचलन में

B. मानक विचलन में

C. माध्य विचलन में

D. समांतर माध्य में

Right Answer is: A

SOLUTION

QD या चतुर्थक विचलन को अर्द्ध –अंतर-चतुर्थक परास भी कहा जाता है। उच्च चतुर्थक (Q3)  और निम्न चतुर्थक(Q1)  के आधे को चतुर्थक विचलन कहा जाता है. प्रतीकात्मक रूप से इसे लिखते हैं: चतुर्थक विचलन = (Q3- Q1)/2


Q. 169228 विभिन्न श्रृंखलाओं में परिक्षेपण की तुलना तब की जा सकती है जब उनके परिक्षेपण को ..................... में मापा जाता है:


A. परास

B. निरपेक्ष माप

C. सापेक्ष माप

D. धनात्मक माप

Right Answer is: C

SOLUTION

चूंकि सापेक्ष माप श्रृंखला की इकाइयों से मुक्त होते हैं, तो उन्हें कई समूहों की तुलना करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है, जिनकी माप की इकाइयां भिन्न होती हैं।


Q. 169229 माध्यिका से लिए गए माध्य विचलन का माप, माध्य से लिए गए माध्य विचलन से होता है।


A. कम

B. अधिक

C. स्थाई

D. लचीला

Right Answer is: A

SOLUTION

माध्यिका से लिए गए विचलनों का माप समांतर मान से लिए गए विचलनों के माप से कम होता है क्योंकि माध्यिका से निरपेक्ष परिक्षेपण का माप माध्य से निरपेक्ष विचलनों के योग से कम होता है।


Q. 169230 एक मुक्तांत वितरण में परिक्षेपण के निम्न माप का परिकलन लिए किया जा सकता है:


A. परास

B. चतुर्थक विचलन

C. माध्य विचलन

D. मानक विचलन

Right Answer is: B

SOLUTION

मुक्तांत विचलन वे विचलन हैं जिनमें या तो न्यूनतम श्रेणी की न्यूनतम सीमा या उच्चतम श्रेणी की उच्च सीमा स्पष्ट नहीं होती है।


Q. 169231 श्रृंखला में सबसे छोटी संख्या 10 और सबसे बड़ी संख्या 90 होने के साथ परास का गुणांक किसके समान होगा?


A. 1.25

B. 1.

C. 0.9.

D. 0.8.

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 169232 हमें किसके आसपास परिक्षेपण का माप करना चाहिए?


A. कुछ ख़ास मानों से

B. श्रृंखला के किसी एक मान से

C. श्रृंखला के सभी मानों से

D. श्रृंखला के किन्ही दो मानों से

Right Answer is: A

SOLUTION

हमें किसी ख़ास मान से परिक्षेपण का माप करना चाहिए, क्योंकि किसी ख़ास मान से परिक्षेपण का माप परास से परिक्षेपण के मान से बेहतर है।


Q. 169233 विदेशी व्यापार

   सरकार  व्यापार  बाधाए लगाती  है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

भारत सरकार ने विदेशी व्यापार और विदेशी निवेश पर कुछ व्यापार बाधाओं को तय कर रखा है जिससे भारतीय व्यापारियों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाया जा सके और विदेशी व्यापार को नियमित किया जा सके।


Q. 169234 क्या मूल्य में कोई परिवर्तन कीमत सूचकांक में प्रतिबिंबित होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मूल्य में कोई भी परिवर्तन किसी सूचकांक में प्रतिबिंबित हो सकता है और नहीं भी। एक सूचकांक औसत के आधार पर परिवर्तन प्रदर्शित करता है। उदाहरण के लिए जब यह कहा जाता है कि वर्ष 2012-13 में सूचकांक 110 तक बढ़ गया तो इसका अर्थ है कि सभी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य सामूहिक रूप से 10% तक बढ़ गए हैं। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं होता कि सभी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य एकसमान रूप से 10% तक बढे हैं। किसी वस्तु का मूल्य 10% से कम बढ़ सकता है या 10% से कम हो सकता है।


Q. 169235 सरल समूहित कीमत सूचकांक के बारे में चर्चा करें। इसकी क्या सीमाएं हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरल समूहित कीमत सूचकांक एक अभारित या सरल सूचकांक है। इस खास सूचकांक के निर्माण की पद्धति निम्न सूत्र के माध्यम से दी गई है:

 सूचकांक (P01 )= ∑P1/∑P0×100

जहाँ ‘0’ आधार वर्ष है और ‘1’ उस वर्ष के लिए है जिसके लिए सूचकांक का निर्माण किया जाना है अर्थात चालू वर्ष।

∑P1= चालू वर्ष के लिए विभिन्न वस्तुओं के मूल्यों का योग।

∑P0= आधार वर्ष के लिए विभिन्न वस्तुओं के मूल्यों का योग।

हालांकि यह एक सरल पद्धति है और इसे समझना भी सरल है, मगर इसके अपने कुछ गुण और अवगुण हैं। आम तौर पर विविध वस्तुओं के मूल्य के माप की इकाई समान नहीं होती है। (वे रु।/किग्रा। रु/मीटर, और रु।/लीटर आदि) तो सरल समूहीकृत कीमत या परिणामात्मक सूचकांक का सीमित प्रयोग होता है। इसमें मदों को उनकी महत्ता के आधार पर भार भी नहीं प्रदान किए जाते हैं।


Q. 169236 सूचकांक निर्माण का फिशर सूत्र लिखें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सूचकांक का फिशर का सूत्र है:

P01= √ (∑p1q0/∑p0q0×∑p1q1/∑p0q1)×100

जहाँ,‘0’ आधार वर्ष के लिए है और ‘1’ चालू वर्ष के लिए है, और ‘p’ कीमत के लिए और ‘q’ वस्तुओं की मात्रा ।


Q. 169237 मूल्यानुपातों की सामान्य विधि की चर्चा करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मूल्यानुपातों की सामान्य विधि सरल सूचकांक का परिकलन करने की एक विधि है। इस विधि के अंतर्गत सभी मूल्यानुपातों को विविध मदों से हासिल कर लिया जाता है और फिर इन अनुपातों का औसत किसी भी केन्द्रीय प्रवृत्ति के मापन के प्रयोग कर परिकलित किया जाता है अर्थात समांतर माध्य, माध्यिका, ज्यामितीय माध्य या हारमोनिक माध्य। जब समांतर माध्य को इन अनुपातों के औसत प्राप्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है तो सूचकांक की गणना करने के लिए सूत्र है:

मूल्य समानुपात (R) = P1/P0×100

इसके उपरान्त, इन मूल्यानुपातों के औसत को हासिल किया जाता है:

P01=∑R/N

जहाँ,   N= वस्तुओं की संख्या

            P1= चालू वर्ष के मूल्य

            P0= आधार वर्ष के मूल्य

गुण:

i)                    सूचकांक चरम मदों से प्रभावित नहीं होता है। प्रत्येक मद को समान महत्ता दी जाती है।

ii)                  सूचकांक उन इकाइयों के द्वारा प्रभावित नहीं होते हैं जिसमें मूल्य प्रदर्शित होते हैं या अन्य शब्दों में, हम इस मामले में व्यक्तिगत मूल्यों का निरपेक्ष स्तर देख सकते हैं।

अवगुण:

i)                    समानुपातों में समान महत्व का अनुमान किया जाता है। यह अनुमान हमेशा सही नहीं हो सकता है।

ii)                  एक उचित औसत का चयन करना भी समस्या हो सकती है।


Q. 169238 उन विविध क़दमों की व्याख्या करें जो औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के निर्माण में संलग्न हैं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के निर्माण में निम्नलिखित कदम संलग्न हैं:

i)                    उद्योगों का वर्गीकरण: मुख्य उद्योगों को निम्न मुख्य मदों के अंतर्गत समूहीकृत किया जाता है: क) खनन और उत्खनन ख) विनिर्माण, ग) विद्युत्

ii)                  आधार वर्ष का चयन: आधार वर्ष आर्थिक स्थिरता का वर्ष होना चाहिए। यह चालू वर्ष से बहुत दूर या बहुत पास नहीं होना चाहिए।

iii)                औद्योगिक उत्पादन से सम्बन्धित आंकड़े| विभिन्न उद्योगों के उत्पादन से संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाते हैं।

iv)                भार: भार विभिन्न उद्योगों की सापेक्ष महत्ता के आधार पर प्रदान किए जाते हैं। ये भार विभिन्न उद्योगों के शुद्ध निर्गत के मूल्यों, निवेश की गयी पूंजी और राष्ट्रीय आय में उनके योगदान पर आधारित होते हैं।

v)                  सूत्र: औद्योगिक उत्पादन पर सूचकांक का परिकलन निम्नलिखित सूत्र के प्रयोग से किया जाता है:

सूचकांक= ∑ (q1/q0) W¨×100/ ∑W

जहां, q1= चालू वर्ष की मात्रा

q0= आधार वर्ष की मात्रा

W = भार


Q. 169239 सूचकांक की विशेषताओं का वर्णन करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सूचकांक की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं: 

1.सूचकांक परिमाण के परिवर्तन मापने में सक्षम होते हैं जो घटना की जटिल एवं सघन विशेषताओं के कारण प्रत्यक्ष रूप से मापन योग्य नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए, किसी भी देश में किसी व्यापारिक गतिविधि में परिवर्तन का प्रत्यक्ष मापन नहीं किया जा सकता है, मगर सूचकांक की सहायता से व्यापारिक गतिविधि में सापेक्ष परिवर्तन का अध्ययन करना संभव है।

2.सूचकांक को प्रतिशत के आधार पर व्यक्त किया जाता है। वे समय में या स्थानों के बीच चरों में होने वाले सापेक्ष परिवर्तनों को मापते हैं। सूचकांक एक समयावधि में परिवर्तनों को मापने के लिए प्रयोग किए जाते हैं। इस प्रकार हम कृषि उत्पादन, औद्योगिक उत्पादन, आयात, निर्यात आदि की तुलना दो भिन्न समयावधि में कर सकते हैं।

3.सूचकांक किसी चर या चरों के समूह में निवल परिवर्तनों को मापते हैं। वे एक एकल संख्या में शुद्ध परिवर्तनों का वर्णन करती हैं।

4.      सूचकांक विशेष औसत होते हैं। सरल औसतों के बदले सूचकांक को उन स्थितियों में तुलना के उद्देश्य के लिए प्रयोग किया जाता है जहां दो या अधिक श्रंखलाएँ विभिन्न इकाइयों में व्यक्त की जाती हैं।


Q. 169240 भारित सूचकांक का निर्माण करने के लिए विधियों के बारे में संक्षेप में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारित सूचकांकों का निर्माण करने के लिए दो प्रविधियां हैं:

i) मूल्यानुपातों की माध्य विधि: इस विधि के अंतर्गत वस्तुओं को उनकी मात्रा के अनुसार ही भार प्रदान किए जाते हैं। मूल्य समानुपातों के भार को भारों के कुल योग से विभाजित किया जाता है। इस प्रकार:

P01=∑RW/∑W

यहाँ, W= भार

          R= मूल्य सापेक्ष= P1/ P0 

ii) भारित समूहित विधि: इस विधि के अंतर्गत वस्तुओं को खरीदी गयी मात्रा के अनुसार ही भार प्रदान किया जाता है। निम्नलिखित लोकप्रिय विधियां हैं:

a)   जब आधार वर्ष की मात्राएँ भार के रूप में प्रयोग की जाती हैं तो इस विधि को लेस्पेयर विधि कहते हैं। इसका सूत्र निम्न प्रकार है:

 P01= ∑p1q0/∑p0q0×100

b)     जब चालू वर्ष की मात्राओं को भार के रूप में प्रयोग किया जाता है, तो इस विधि को पाशे की विधि के रूप में जाना जाता है। इसका सूत्र निम्न प्रकार है:

P01=∑p1q1/∑p0q1×100 

c)     जब आधार और चालू वर्ष की मात्राओं को भार के रूप में प्रयोग किया जाता है तो इसे फिशर की विधि कहते हैं। इस विधि में लेस्पेयर और पाशे की विधि संयुक्त होती है। इसका सूत्र निम्न प्रकार है:

P01= √ (∑p1q0/∑p0q0×∑p1q1/∑p0q1)×100 = √ (L×P)

जहां ‘0’ आधार वर्ष के लिए है और 1 उस वर्ष के लिए है जिस वर्ष के लिए सूचकांक का निर्माण करना है, अर्थात चालू वर्ष।


Q. 169241 उपभोक्ता कीमत सूचकांक से क्या अर्थ है? उपभोक्ता कीमत सूचकांक की उपयोगिता के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ता कीमत सूचकांक वह सूचकांक है जो उपभोक्ता के जीवन यापन के मानकों का आधार वर्ष के साथ तुलना में चालू वर्ष के मूल्य स्तर में परिवर्तन के प्रभावों का मापन करता है। उपभोक्ता कीमत सूचकांक को उपभोक्ता द्वारा दी गयी वस्तुओं और सेवाओं के लिए दिए गए मूल्य में समय के साथ औसत परिवर्तन को मापने के लिए बनाया है। ऐसे सूचकांक जीवन निर्वाह की लागत में दिशा और मात्रा को बताते हैं और इस प्रकार इन्हें जीवन निर्वाह लागत सूचकांक भी कहते हैं।

निम्नलिखित बिंदु उपभोक्ता कीमत सूचकांक की उपयोगिता की व्याख्या करते हैं:

i)         उपभोक्ता कीमत सूचकांक वस्तुओं और सेवाओं की दी गयी मात्रा की खुदरा कीमतों को मापते हैं।

ii)       उपभोक्ता कीमत सूचकांक मजदूरी मोल-भाव और महंगाई भत्ता आदि का निर्धारण करने में सहायक होते हैं।

iii)      सरकार वेतन नीति, मूल्य नीति, किराया नियंत्रण, कराधान और आर्थिक नीतियों का गठन करने के लिए ऐसे सूचकांकों का प्रयोग कर सकते हैं।

iv)     ऐसे सूचकांकों को विशेष वस्तुओं के बाज़ार रुझानों का विश्लेषण करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

ये सूचकांक धन और वास्तविक आय की क्रय शक्ति में परिवर्तन को मापने में सहायता करते हैं।


Q. 169242 थोक कीमत सूचकांक से आप क्या समझते हैं? थोक कीमत सूचकांक के प्रयोग लिखे
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

थोक कीमत सूचकांक उस सूचकांक को परिलक्षित करता है जो थोक के मूल्य में औसत परिवर्तन का मापन करता है।यह सामान्य मूल्य स्तर में परिवर्तन का संकेतक होता है। इसकी रचना वस्तुओं के साथ संलग्न उचित भार के द्वारा होती है जिन्हें तीन समूहों में विभाजित किया गया है:

i) प्राथमिक वस्तुएं जैसे खाद्य एवं अखाद्य वस्तुएं

ii) ईंधन, शक्ति, प्रकाश और स्नेहक

iii)विनिर्मित उत्पाद

थोक कीमत सूचकांक के निम्नलिखित प्रयोग हैं:

a)       इसे वस्तुओं के विभिन्न समूहों या फिर पूर्ण के रूप में मुद्रास्फीति की दर को मापने के लिए प्रयोग किया जाता है।

b)       इसे भविष्य के मूल्यों की भविष्यवाणी करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।

c)       इसे भविष्य की मांग और पूर्ति की स्थितियों का अनुमान लगाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।

इसे समुच्चय पर कीमतों में परिवर्तन के प्रभाव को समाप्त करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है जैसे राष्ट्रीय आय, राष्ट्रीय गठन आदि।


Q. 169243 सूचकांक की सीमाएं क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सूचकांक के निर्माण की सीमाएँ

·         आधार अवधि का चुनाव : वह अवधि होनी चाहिए जिसमे आर्थिक गतिविधियां सामान्य हो। वह अवधि होनी चाहिए जो चालू वर्ष के न तो बहुत करीब हो और न ही बहुत दूर हो । उदाहरणः वर्ष 2001 और वर्ष 2005 के बीच की तुलना वर्ष 1950 और वर्ष 2005 के बीच की तुलना में अधिक सार्थक है।

·         उद्देश्य : सूचकांक का निर्माण अध्ययन के उद्देश्य से प्रभावित होते हैं। हमें ध्यानपूर्वक सूचकांक के प्रकार के बारे में निर्णय लेना चाहिए। उदाहरणः यदि हमारा उद्देश्य मुद्रा के मूल्य में परिवर्तन के प्रभाव का अध्ययन करना है तो हम उपभोक्ता कीमत सूचकांक का प्रयोग करेंगे।

·         वस्तुओं का चयन : वस्तुएं उद्देश्य के अनुसार समूह का प्रतिनिधित्व करने वाली होनी चाहिए। चयनित इकाइयों का व्यापक रूप से उपभोग किया जा रहा हो । यदि हम औद्योगिक श्रमिकों के लिए जीवन निर्वाह लागत सूचकांक का निर्माण करना चाहते हैं। तो हमे इन श्रमिकों द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं का चयन करना चाहिए।

·         सूत्र का चयन : सूत्र का चयन उद्देश्य पर निर्भर करता है। सामान्य अध्ययन के लिए, साधारण औसत का प्रयोग किया जा सकता है और गहन अध्ययन के लिए एक उपयुक्त भारित माध्य का प्रयोग किया जाना चाहिए।

·         कीमत का चयन : उन वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें सूचकांक में शामिल होनी चाहिए, जिनका आमतौर पर उन लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है जिनके लिए सूचकांक तैयार किया जा रहा है।


Q. 169244 सूचकांक क्या है? सांख्यकीय में इसकी क्या महत्ता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सूचकांक वह सांख्यकीय साधन हैं जो चुने गए आधार वर्ष के संबंध में एक चर के परिमाण में अंतरों को मापता है। वे दो भिन्न स्थितियों में संबंधित चरों के समूह में औसत परिवर्तन का मापन करते हैं। मापे गए अंतर समय या स्थान के अनुसार मापे जाते हैं। इन्हें प्राय: प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है।

सूचकांक सर्वाधिक प्रयुक्त किया जाने वाला सांख्यकीय साधन है। सूचकांक को आर्थिक बैरोमीटर भी कहा जाता है। सूचकांक की महत्ता को निम्नलिखित बिंदुओं से आंका जा सकता है:

1.    मुद्रा के मूल्य में परिवर्तन को मापने में सहायक: सूचकांक को मुद्रा के मूल्य में परिवर्तन के मापन के में सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है। मुद्रा का मूल्य उसकी क्रय शक्ति पर निर्भर करता है जो बदले में वस्तुओं के मूल्य पर निर्भर करती है।

मुद्रा की क्रय शक्ति =1/उपभोक्ता कीमत सूचकांक वास्तविक आय या मजदूरी = मुद्रा आय या मजदूरी उपभोक्ता कीमत सूचकांक × 100
मूल्य में परिवर्तन मुद्रा के मूल्य को प्रभावित करेगा। इस प्रकार, कीमत सूचकांक मुद्रा के मूल्य में होने वाले परिवर्तन पर प्रकाश डाल सकता है।

2.    नीति निर्माताओं के लिए सहायक: सूचकांक व्यापारिक समुदाय को उनके निर्णय की योजना बनाने के लिए एक उपयोगी दिशानिर्देश के रूप में कार्य करते हैं। नियोक्ता अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में वृद्धि करने जीवन निर्वाह लागत सूचकांक पर निर्भर होते हैं। सूचकांक मुद्रास्फीति, बेरोजगारी, कृषि, औद्योगिक उत्पादन आदि के लिए नीति निर्माण में आवश्यक दिशानिर्देश की भूमिका निभाते हैं।

3.    कुछ ऐसे भी परिवर्तन होते हैं जिनका माप सूचकांक के बिना संभव ही नहीं हैं। वे प्रासंगिक चरों के समूह के सापेक्ष परिवर्तनों के मापन को संभव करते हैं।

4.    सूचकांक की सहायता से, दो चरों के परिवर्तनों का तुलनात्मक अध्ययन सरल हो जाता है।

5.    सूचकांक किसी परिघटना के सामान्य रुझानों का अध्ययन करने में सहायता करता है जिससे कुछ महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्राप्त किए जा सकें।

6.    सूचकांक प्रति व्यक्ति आय में वास्तविक वृद्धि या गिरावट निर्धारित करने में सहायता करता है।


Q. 169245 मूल्यों के भारित सूचकांक के निर्माण में क- भार और ख- वस्तुओं के चयन के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

) भार का चयन: मूल्यों के भारित सूचकांक की प्रक्रिया में, भार को उनकी सापेक्ष महत्ता के अनुसार विभिन्न वस्तुओं के लिए लिया जाता है।

भार दो प्रकार के हो सकते हैं:

i)परिमाणात्मक भार: यहाँ परिमाण भार का आधार होते हैं।

ii)मात्रा भार: यहाँ भार का आधार मूल्य होता है।

भार वास्तविक या अनुमानात्मक हो सकते हैं। भार का आंकलन करने के लिए कई प्रविधियां होती हैं जैसे लेस्पेयर विधि, पाशे विधि, फिशर विधि आदि|

b) वस्तुओं का चयन: वस्तुओं के प्रतिदर्श का चयन करने के लिए निम्न बिंदुओं को संज्ञान में रखना चाहिए:

i)वस्तुएं सूचकांक के उद्देश्य के लिए प्रासंगिक होनी चाहिए।

ii)चयनित वस्तुओं की संख्या वस्तुओं की प्रतिनिधित्व विशेषता को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त होनी चाहिए। परन्तु संख्या इतनी अधिक न हो कि परिकलन बहुत लम्बा और जटिल हो जाए।
iii)
चयनित वस्तुओं के कई प्रकार का चयन करना चाहिए। जिस प्रकार की वस्तु की मांग सबसे अधिक हो, उसे संख्या में सम्मिलित करना चाहिए।
iv)
वस्तुओं को मानकीकृत होना चाहिए और उसका विवरण करना और समझना सरल होना चाहिए।


Q. 169246 किसी परियोजना को तैयार करने का तीसरा चरण क्या है?


A. लक्षित समूह का चयन

B. रिपोर्ट की तैयारी

C. रिपोर्ट के लिए किसी शीर्षक शीर्षक का चयन

D. आंकड़ों को एकत्र करना

Right Answer is: A

SOLUTION

किसी भी परियोजना रिपोर्ट को तैयार करने में निम्न कदम महत्वपूर्ण होते हैं: (1) परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के चरण निम्नलिखित हैः (2) अध्यनन का क्षेत्र या समस्या को पहचानना (3) लक्ष्य समूह का चुनाव (4) आंकड़ों का संकलन (5) आंकड़ों का संगठन एवं प्रस्तुतीकरण (6) आंकड़ों का विश्लेषण एवं व्याख्या (7) उपसंहार (8)   ग्रंथ सूची


Q. 169247 केन्द्रीय प्रवृत्ति, परिक्षेपण और सह संबंध के माप किसलिए प्रयोग किए जाते हैं ?


A. आंकड़ों को एकत्र करने में

B. लक्षित समूह को पहचनाने में

C. सर्वे का उद्देश्य निश्चित करने में

D. आंकड़ों की व्याख्या करने में

Right Answer is: D

SOLUTION

केन्द्रीय प्रवृत्ति, परिक्षेपण और सह सम्बन्ध के माप को आंकड़ों के विश्लेषण और व्याख्या के लिए प्रयोग किया जाता है।


Q. 169248 निम्न में से कौन सा प्राथमिक आंकड़ों का उदाहरण है ?


A. पत्रिकाएँ, समाचार पत्र आदि

B. साक्षात्कार, ईमेल, फोन आदि

C. किताबें, ब्रोशर आदि

D. अप्रत्यक्ष शोध

Right Answer is: B

SOLUTION

आंकड़ों को एकत्र करने की दो पद्धतियाँ हैं प्राथमिक और द्वितीयक आंकड़े।


Q. 169249 एक मछली पकड़ने वाली नाव के निर्माता की परियोजना रिपोर्ट के लिए लक्षित समूह कौन सा होगा ?


A. किसान

B. व्यापारी

C. मछली निर्यात

D. मछुआरे

Right Answer is: D

SOLUTION

एक मछली पकड़ने वाली नाव के निर्माता की परियोजना रिपोर्ट के लिए मछुआरों से आंकड़ों को एकत्र करना चाहिए क्योंकि मछुआरें मछली पकड़ने के उपकरणों प्रयोग करते हैं।


Q. 169250 वे दस्तावेज जो संस्थान, सरकारी गतिविधियों आदि के विकास के बारे में सूचना देते है वह है:


A. आंकड़े

B. फाइल

C. रिपोर्ट

D. फोल्डर

Right Answer is: C

SOLUTION

वह दस्तावेज जो किसी संस्थान, सरकारी गतिविधी, व्यापार, उत्पाद आदि के विकास के बारे में सूचना देता है, उसे रिपोर्ट कहते हैं।


Q. 169251 सुरक्षित पीने के पानी की उपलब्धता के लिए लक्षित समूह होगा____
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए लक्षित समूह है ग्रामीण और शहरी जनसँख्या। यह लक्षित समूह सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है |


Q. 169252 निम्न में से आंकड़ों के विस्तार को जानने के लिए हम किसका प्रयोग करते हैं?


A.

माध्य विचलन

B.

सूचकाँक संख्या

C.

ग्रंथावली

D.

माध्य

Right Answer is: A

SOLUTION

आंकड़ों के विस्तार को जानने के लिए, हम माध्य विचलन, मानक विचलन और विचरण के गुणांक का प्रयोग करते हैं।


Q. 169253 वे आंकड़े जिसमे _______ होता है, को प्राथमिकता दी जाती है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

जिन आंकड़ों में सबसे कम विचरण हो, वे सबसे अच्छे आंकड़े होते है ।


Q. 169254 आं

  सर्वे  करने से  पूर्व    स्पष्ट होना  चाहिए  <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

सर्वे करने से पूर्व उसका उद्देश्य स्पष्ट होना सबसे अधिक आवश्यक है।


Q. 169255 एकत्र करने

    आंकड़ों का  विश्लेषण  किया जाता है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

आंकड़ों के विश्लेषण के बाद अगला चरण आंकड़ों का निष्कर्ष निकालना होता हैं।


Q. 169256 किसी परियोजना रिपोर्ट को तैयार करते समय आंकड़े एकत्र करने के बाद अगला चरण निम्न में से क्या होता है?


A.

आंकड़ों को सारांशित करना

B.

आंकड़ों को वर्गीकृत करना

C.

आंकड़ों को प्रस्तुत करना

D.

आंकड़ों को सारणीकृत करना

Right Answer is: B

SOLUTION

आंकड़ों को आंकड़ों को एकत्र करने के बाद अगले चरण के रूप में विशेषताओं के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है। वे संख्याएं जिन्हें जांचकर्ता द्वारा एकत्र किया जाता है उन्हें सम्पादन, वर्गीकरण और सारणीकृत करने के द्वारा आयोजित करने की आवश्यकता होती है ।


Q. 169257 ....................के माध्यम से आंकड़े एकत्र करने में धन और समय अधिक व्यय होता है।


A.

प्रत्यक्ष निजी साक्षात्कार

B.

प्रश्नावली पद्धति

C.

टेलेफोनिक साक्षात्कार

D.

मेल की गयी प्रश्नावली

Right Answer is: A

SOLUTION

द्वितीयक आंकड़े के प्रयोग से समय और धन की बचत होती हैं। प्राथमिक आंकड़े के संकलन में धन और समय का अधिक व्यय होता है।


Q. 169258 किसी श्रंखला के औसत या माध्य किसके उदाहरण हैं?


A.

केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप के

B.

परिक्षेपण के माप के

C.

सहसम्बन्ध

D.

प्रकीर्ण आरेख के

Right Answer is: A

SOLUTION

औसत और संबंधों परिकलन करने के लिए कई प्रकार के उपकरण होते हैं। केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप माध्य या औसत का परिकलन करने में सहायता करती  है।


Q. 169259 परियोजना रिपोर्ट निम्न में से किसके निर्माण में सहायता करती है ?


A.

नीति

B.

सारणी

C.

आरेख

D.

चित्र

Right Answer is: A

SOLUTION

परियोजना रिपोर्ट सरकार और निजी संस्थानों के द्वारा नीति निर्माण में सहायता करती हैं।


Q. 169260 सारणी और आरेख निम्न में से किसमें प्रयोग किए जाते हैं?


A.

आंकड़ों को एकत्र करना

B.

आंकड़ों की व्याख्या

C.

आंकड़ों का प्रस्तुतिकरण

D.

लक्षित समूह की पहचान करना

Right Answer is: C

SOLUTION

सारणियाँ और आरेख आंकड़ों के प्रस्तुतिकरण और संघटन में प्रयोग किए जाते हैं।


Q. 169261 सरकारी प्रकाशन और निजी प्रकाशन किस प्रकार के आंकड़ों का स्रोत हैं?


A.

प्राथमिक आंकड़े

B.

द्वितीयक आंकड़े

C.

तृतीयक आंकड़े

D.

आर्थिक आंकड़े

Right Answer is: B

SOLUTION

सरकारी प्रकाशन और निजी प्रकाशन द्वितीयक आंकड़ों के स्रोत हैं। द्वितीयक आंकड़ों से अर्थ उन आंकड़ों से है जिन्हें किसी और संस्था के द्वारा एकत्र किया जाता है और उसे समय, धन और मानवश्रम बचाने के लिए प्रयोग किया जाता है।


Q. 169262 प्रतिदर्श का चयन किस प्रकार कैसे किया जाता है?


A.

नियम के अनुसार

B.

याद्रच्छिक रूप

C.

सावधानी से

D.

लापरवाही से

Right Answer is: B

SOLUTION

किसी भी प्रतिदर्श को बहुत ही याद्रच्छिक रूप से और बहुत ही सावधानीपूर्वक चुना जाता है क्योंकि यह समूह की हर मद का प्रतिनिधित्व करता है। खराब प्रतिदर्श को चुनने से गलत निष्कर्ष निकल सकता है।


Q. 169263 समस्या की पहचान या उद्देश्य तय करने के के बाद उठाया जाने वाला एक कदम हैं:


A.

लक्षित समूह का विश्लेषण

B.

लक्षित समूह का चयन

C.

आंकड़ों को एकत्र करना

D.

आंकड़ों को बनाना

Right Answer is: B

SOLUTION

लक्षित समूह को चुनना वह दूसरा कदम होता है जो सर्वे के उद्देश्य को तय करने के बाद लिया जाता है। उद्देश्यों के अनुसार उचित प्रश्नों को तय करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।


Q. 169264 आप एक युवा उपक्रमी है जो अपनी एक रिटेल दुकान खोलना चाहते हैं और आपने कई तरह के टूथपेस्ट ब्रांड बेचने के लिए चयन करना है । टूथपेस्ट ब्रांड का चयन करने के लिए आपका लक्षित समूह है:


A.

स्थानीय नागरिक

B.

सुदूर रहने वाले नागरिक

C.

केवल माताएं

D.

केवल बच्चे

Right Answer is: A

SOLUTION

लक्षित समूह से अभिप्राय उन लोगों से हैं जिनसे सूचना एकत्र होती है।


Q. 169265 प्रश्नावली किस प्रकार के आंकड़े एकत्र करने का एक उपकरण है?


A.

प्राथमिक आंकड़े

B.

द्वितीयक आंकड़े

C.

तृतीयक आंकड़े

D.

झूठे आंकड़े

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रश्नावली प्राथमिक आंकड़ों को एकत्र करने का एक उपकरण है। यह प्राथमिक आंकड़ों को एकत्र करने का सबसे आम और लोकप्रिय उपकरण है।


Q. 169266

  द्वितीयक  आंकड़ों के  स्रोत के  बारे में  लिखें <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

द्वितीयक आंकड़ों के स्रोत हैं: क-सरकारी प्रकाशन ख- अर्द्धसरकारी प्रकाशन, ग- अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन घ- शोधकर्ताओं के द्वारा किए गए अध्ययन आदि|


Q. 169267 सांख्यिकी को संख्यात

  सांख्यिकी  की परिभाषा  दे <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सांख्यिकी को संख्यात्मक आंकड़ों के संकलन, प्रदर्शन, विश्लेषण तथा निर्वचन के विज्ञान के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।


Q. 169268 किसी कम्पनी के साख पात्रता के बारे में जानकारी प्राप्त करने के भारत में दो प्रमुख संगठन है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, से.बी. और क्रेडिट रेटिंग कंपनियां, क्रिसिल दो ऐसे संगठन है जिनसे किसी कंपनी की के साख पात्रता के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है |


Q. 169269 ऐसे दो संघठनों के नाम लिखिए जिनसे भारत के व्यवसायिक / उद्योगों से सम्बंधित आंकड़े प्राप्त किये जा सकते है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय वाणिज्य और उद्योग संघ (फिक्की) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सी.आई.आई) दो ऐसे संघठन है लिखिए जिनसे भारत के व्यवसायिक / उद्योगों से सम्बंधित आंकड़े प्राप्त किये जा सकते है |


Q. 169270 एक परियोजना

  एक  परियोजना से  आप क्या  समझते है <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक परियोजना एक पूरी तरह से एक सामाजिक परिवेश में की जाने वाली उद्देश्यपरक गतिविधि होती है।


Q. 169271 परियोजना कार्य क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परियोजना पर किए जाने वाले कार्य को परियोजना कार्य कहते हैं।


Q. 169272 एक प्रश्नावली से आप की क्या समझते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक प्रश्नावली किसी पूछताछ के विषय पर जांचकर्ता के द्वारा तैयार प्रश्नों की एक सूची है, जिसमे उत्तर देने वाले को प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं।


Q. 169273

  किन्हीं  तीन  सांख्यकीय  उपकरणों के  नाम बताएं <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

तीन सांख्यकीय उपकरण हैं:

·         समान्तर माध्य

·         माध्य विचलन और

·         मानक विचलन


Q. 169274 अर्थव्यवस्था में निर्गत के स्तर का एक महत्वपूर्ण संकेतक _______ है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: D

SOLUTION

साधारण सूचकांक एक ऐसा सूचकांक है जिसे बिना किसी अतिरिक्त भार के बनाया जाता है। सूचकांक के निर्माण में सम्मिलित वस्तुएं हैं: भोजन, वस्त्र, आवास, प्रकाश, ईंधन, आदि, और इन्हें समान महत्ता दी गयी है।


Q. 169275 वह संख्या जो वस्तुओं के मूल्यों की तुलना करती है व मूल्यों में होने वालें परिवर्तनों को मापती है, क्या कहलाती हैं?


A. मूल्य सूचकांक

B. मात्रा सूचकांक

C. संवेदी सूचकांक

D. मूल्य और मात्रा सूचकांक

Right Answer is: A

SOLUTION

मात्रा सूचकांक उत्पादन, निर्माण या रोजगार में होने वाले परिवर्तनों को मापती हैं।


Q. 169276 औद्योगिक श्रमिकों के लिए एक उपभोक्ता कीमत सूचकांक क्या मापती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

औद्योगिक श्रमिकों के लिए एक उपभोक्ता कीमत सूचकांक जन साधारण की जीवन निर्वाह लागत पर मूल्य वृद्धि के प्रभाव अर्थात मुद्रास्फीति के प्रभाव का मापन करता है।


Q. 169277 मानव विकास सूचकांक से आप क्या समझते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानव विकास सूचकांक जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और प्रति व्यक्ति आय की संयुक्त सूची है। इस उपाय को किसी देश के कुल विकास को मापने के लिए प्रयोग किया जाता है।


Q. 169278 किन्ही दो प्रकार के उपभोक्ता कीमत सूचकांक का नाम बताएं जिन्हें भारत में मुद्रास्फीति मापने के लिए प्रयोग किया जा रहा है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में तीन प्रकार के कीमत सूचकांक का निर्माण किया जाता है। उनमें से दो हैं:
(a) औद्योगिक श्रमिकों के लिए कीमत सूचकांक
(b) कृषि श्रमिकों के लिए कीमत सूचकांक


Q. 169279 IAP से आप क्या समझते है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कृषि उत्पादों का सूचकांक कृषि उत्पादों में परिवर्तन अभिलेखित करता है। इसे एक अवधि से किसी और अवधि तक उपज के बढ़ने और कम होने के अध्ययन के लिए प्रयोग किया जाता है।


Q. 169280 सरल सूचकांक से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरल सूचकांक वह सूचकांक हैं जिसमें एक श्रृंखला के सभी मदों को समान भार (महत्व) प्रदान किया जाता है।


Q. 169281 भारित सूचकांक से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारित सूचकांक वह सूचकांक है जिसमें विभिन्न भार के आधार पर विभिन्न मदों को विभिन्न महत्व दिया जाता है।


Q. 169282 भारित विधि में भी कौन सी दो उपविधियां है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारित विधि में भी दो उपविधियां है

·         भारित समूहित विधि

·         भारित मूल्यानुपातों की माध्य विधि


Q. 169283 कीमत सूचकांक के दो उदाहरण लिखे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दो प्रकार के कीमत सूचकांक हैं: क)- थोक कीमत सूचकांक और ख- उपभोक्ता कीमत सूचकांक|


Q. 169284 निरपेक्ष अंतर से आप क्या समझते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कीमतों में निरपेक्ष अंतर से अभिप्राय चालू वर्ष और आधार वर्ष की कीमतों में अंतर से है ।


Q. 169285 सूचकांक का अर्थ क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सूचकांक एक ऐसा सांख्यिकीय उपकरण है जो संबंधित चर या चर मूल्यों के समूह में होने वाले परिवर्तनों को मापता है।


Q. 169286 उपभोक्ताओं की विभिन्न श्रेणियों के लिए उपभोक्ता कीमत सूचकांक होना क्यों आवश्यक है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए विभिन्न उपभोक्ता कीमत सूचकांक होना इसलिए आवश्यक है क्योंकि विभिन्न आर्थिक स्थिति से उपभोक्ताओं की उपभोग टोकरी की प्रवृत्ति भिन्न होती है।


Q. 169287 आधार वर्ष को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आधार वर्ष वह अवधि है जिसके सन्दर्भ में चालू वर्ष की तुलना की जाती है।


Q. 169288 सापेक्षिक अंतर से आप क्या समझते है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कीमतों में सापेक्षिक अंतर से अभिप्राय आधार वर्ष की तुलना में कीमतों में अंतर से है |


Q. 169289 सूचकांक निर्माण की पाशे के विधि के बारे में लिखें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सूचकांक निर्माण की पाशे की विधि को निम्नलिखित सूत्र के द्वारा व्यक्त किया गया है:।

P01=∑p1q1/∑p0q1×100 

जहां‘0’ आधार वर्ष को बतलाता है और 1 उस वर्ष के लिए है जिसके लिए सूचकांक का निर्माण किया जाना है अर्थात चालू वर्ष।


Q. 169290 वर्तमान अर्थव्यवस्था के कुछ उपयोगी सूचकांकों का नाम दें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी भी अर्थव्यवस्था की स्थिति को समझने के लिए कुछ सूचकांक हैं, संवेदी सूचकांक, मानव विकास सूचकांक, उत्पादक कीमत सूचकांक, (यह बाद में थोक कीमत सूचकांक को बदल देगा)। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, कृषि उत्पादन सूचकांक।


Q. 169291 एक सरल सूचकांक और भारित सूचकांक के बीच अंतर की व्याख्या करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i)              सरल सूचकांक वह सूचकांक है जिसका निर्माण बिना किसी अतिरिक्त भार दिए हो रहा है। सूचकांक के निर्माण के लिए सम्मिलित वस्तुओं जैसे भोजन, आवास, वस्त्र, प्रकाश, ईंधन आदि को समान महत्व प्रदान किया जाता है। भारित सूचकांक वह सूचकांक है जिसका निर्माण समूह में वस्तुओं को उनके प्रासंगिक महत्व के अनुसार अतिरिक्त भार प्रदान करने के बाद हुआ है। इसके परिणामस्वरूप भारित सूचकांक को घटना के स्तर में औसत परिवर्तनों के एक उचित प्रतिनिधि के रूप में जाना जाता है।


Q. 169292 अर्थशास्त्र के सन्दर्भ में आधार वर्ष को परिभाषित करें। किसी आधार वर्ष का चयन करते समय कौन से कारकों को संज्ञान में रखना चाहिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आधार वर्ष वह अवधि है जिसके सन्दर्भ में चालू वर्ष की तुलना की जाती है। आधार वर्ष का चयन करते समय निम्न बिंदुओं को संज्ञान में रखना चाहिए:

i)       आधार वर्ष सामान्य वर्ष होना चाहिए।

ii)     आधार वर्ष में किसी भी प्रकार से युद्ध, अकाल, सूखे, भूकंप, मंदी आदि की स्थिति नहीं होनी चाहिए।

iii)   आधार वर्ष चालू वर्ष से बहुत दूर भी नहीं होना चाहिए।


Q. 169293 एक कीमत सूचकांक और परिणामात्मक सूचकांक के बीच क्या अंतर है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक कीमत सूचकांक मूल्य से सम्बन्धित होता है और दो अवधियों में कीमत में परिवर्तन का मापन करता है। एक परिणामात्मक सूचकांक उत्पादन, बिक्री, उपभोग आदि का मापन करता है और मात्रा से सम्बन्धित होता है। एक परिणामात्मक सूचकांक उत्पादन की भौतिक मात्रा में परिवर्तन का मापन करता है।


Q. 169294 द्वितीयक आंकड़ों को प्रयोग करते समय क्या क्या सावधानियां अपनानी चाहिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यक्तियों को द्वितीयक आंकड़ों के प्रयोग से पहले  विश्वसनीयता, शुद्धता और उपयुक्तता की जांच करनी चाहिए। ऐसा इसलिए किया जाता क्योंकि आंकड़े एकत्र करने का उद्देश्य एकत्रित द्वितीयक आंकड़ों के उद्देश्य से पृथक होता है।


Q. 169295 आंकड़ों के द्वितीयक स्रोतों को प्राय: कब प्रयोग किया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आंकड़ों के द्वितीयक स्रोतों का प्रयोग किया जाता है जब समय, धन और मानव श्रम की कमी होती है और आवश्यक सूचना किसी अन्य स्रोत से बहुत ही आसानी से उपलब्ध हो जाती है।


Q. 169296 परियोजना की अवधारणा को सबसे पहले किसने प्रतिपादित किया?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अमेरिका में डब्ल्यू. एच. क्लिपत्रिक ने परियोजना और परियोजना कार्य की अवधारणा का प्रतिपादन किया।


Q. 169297 प्राथमिक आंकड़े क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्राथमिक आंकड़े वे आंकड़े हैं जिन्हें जांचकर्ता के द्वारा पहली बार इकट्ठा किया जाता है जैसे जनगणना ।


Q. 169298 कार से जुडी परियोजना के लिए लक्षित समूह कौन सा होगा?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

इस परियोजना में समाज का मध्यम आय और अधिक आय वाला लक्षित समूह होगा।


Q. 169299 प्रश्नावली के लिए उचित प्रश्न बनाने के लिए क्या महत्वपूर्ण हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

शोध के उद्देश्य के अनुसार लक्षित समूह की पहचान या विकल्प किसी भी प्रश्नावली के लिए उचित प्रश्न बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।


Q. 169300 किसी परियोजना को तैयार करने के लिए पहला चरण कौन सा होता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी परियोजना का पहला चरण है समस्या या परियाजना के उद्देश्य की पहचान करना ।


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