CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 170201 व्यवसाय के सामान्य तथा निरंतर कार्य से प्राप्त राशि जानी जाती है:


A. आयगत प्राप्ति।

B. पूँजीगत व्यय।

C. आयगत व्यय।

D. पूँजीगत प्राप्ति।

Right Answer is: A

SOLUTION

यह सेवा तथा माल के विक्रय द्वारा सामान्य तथा निरंतर प्राप्त राशि होती है। व्यवसाय द्वारा व्यावसायिक माल के विक्रय से प्राप्त राशि का आयगत प्राप्ति होती है। उदाहरण के लिए एक फर्नीचर विक्रेता के लिए टेबल तथा कुर्सियों के विक्रय से प्राप्त राशि आयगत प्राप्ति होती है।


Q. 170202 वित्तीय विवरणों में शामिल है:


A. तलपट तथा चिट्ठा।

B. व्यापारिक, लाभ एवं हानि खाता तथा चिट्ठा।

C. जर्नल, खाताबही तथा तलपट।

D. लाभ एवं हानि खाता तथा चिट्ठा।

Right Answer is: B

SOLUTION

वित्तीय विवरणों में व्यापारिक, लाभ एवं हानि खाता तथा चिट्ठा शामिल होता है। वित्तीय विवरणों को खाताबही तथा रोकड़ बही से तैयार किये गये तलपट से तैयार किया जाता है।


Q. 170203 शुद्ध लाभ बराबर होता है:


A. सकल लाभ - क्रय + प्रत्यक्ष व्यय।

B. विक्रय - क्रय - प्रत्यक्ष व्यय।

C. सकल लाभ + अन्य आयें - अप्रत्यक्ष व्यय।

D. शुद्ध विक्रय - परिचालन लागत।

Right Answer is: C

SOLUTION

शुद्ध लाभ अर्थात व्ययों तथा हानियों पर अतिरिक्त आय। शुद्ध लाभ = सकल लाभ + अन्य आयें - अप्रत्यक्ष व्यय।


Q. 170204 व्यापारिक तथा लाभ एवं हानि खाते को जाना जाता है:


A. आय विवरण।

B. पूँजीगत प्राप्ति।

C. आयगत प्राप्ति।

D. आस्थगित आयगत व्यय।

Right Answer is: A

SOLUTION

आय विवरण के दो भाग होते हैं, एक व्यापारिक खाता जो सकल लाभ एवं हानि को प्रदर्शित करता है तथा दूसरा लाभ एवं हानि खाता जो शुद्ध लाभ एवं हानि प्रदर्शित करता है।


Q. 170205 शुद्ध विक्रय तथा बिके माल की लागत को रिकॉर्ड किया जाता है:


A. लाभ एवं हानि खाते में।

B. तलपट में

C. व्यापारिक खाते में

D. चिट्ठे में।

Right Answer is: C

SOLUTION

शुद्ध विक्रय तथा बिके माल की लागत को केवल व्यापारिक खाते में रिकॉर्ड किया जाता है। सभी प्रकार की प्रत्यक्ष लागतों को व्यापारिक खाते में रिकॉर्ड किया जाता है। यह हमें सकल लाभ एवं हानि के बारे में बताता है।


Q. 170206 ऐसी मद जो व्यवसाय की आय क्षमता में वृद्धि करती है, जानी जाती है:


A. आयगत प्राप्ति।

B. पूँजीगत व्यय।

C. पूँजीगत प्राप्ति।

D. आयगत व्यय।

Right Answer is: B

SOLUTION

यह व्यवसाय की आय क्षमता में वृद्धि करता है। वहीं दूसरी तरफ आयगत व्यय लाभ कमाने के लिए किये जाते हैं।


Q. 170207 आय विवरण तथा चिट्ठे को एक साथ कहा जाता है:


A. खाताबही।

B. तलपट।

C. अंतिम खाते।

D. लाभ एवं हानि खाता।

Right Answer is: C

SOLUTION

जब दो विवरण (आय विवरण तथा चिट्ठा) एक साथ होते हैं, तो उन्हें अंतिम खातों के रूप में जाना जाता है। इसे अंतिम खाते कहलाते हैं क्योंकि यह अंत में खाते तैयार करने की प्रक्रिया है। यह सभी व्यावसायिक लेनदेनों का सारांश होता है।


Q. 170208 प्रशासनिक एवं कार्यालय प्रबंधन व्यय में शामिल होता है:


A. गोदाम व्यय।

B. विक्रय पर भाड़ा।

C. अंकेक्षण शुल्क।

D. ऐजेंट का कमीशन।

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रशासनिक एवं कार्यालय प्रबंधन व्यय में अंकेक्षण शुल्क, कार्यालय वेतन, मुद्रण तथा स्टेशनरी, डाक तथा टेलीफोन शुल्क आदि शामिल होता है।


Q. 170209 व्यापार के लाभ एवं हानि की गणना करने के लिए व्यवसाय द्वारा तैयार किया जाने वाला खाता होता है:


A. लाभ एवं हानि खाता।

B. चिट्ठा।

C. व्यापारिक खाता।

D. तलपट।

Right Answer is: A

SOLUTION

लाभ एवं हानि का निर्धारण करने के लिए एक व्यवसाय द्वारा लाभ एवं हानि खाता तैयार किया जाता है तथा अवधि के अंत में वित्तीय स्थिति का पता लगाने के लिए चिट्ठा तैयार किया जाता है।


Q. 170210 शुद्ध विक्रय घटाईये बिके माल की लागत बराबर होती है:


A. सकल लाभ के।

B. सकल हानि के

C. शुद्ध हानि के

D. परिचालन लाभ के

Right Answer is: A

SOLUTION

सकल लाभ को निम्नलिखित समीकरण के प्रारूप में दिखाया जा सकता है: सकल लाभ = शुद्ध विक्रय - बिके माल की लागत। इसकी गणना व्यापारिक खाता तैयार कर की जाती है। व्यापारिक खाते में शुद्ध विक्रय तथा उत्पादन की सभी प्रत्यक्ष लागतें शामिल होती है।


Q. 170211 सकल लाभ को किस खाते के क्रेडिट पक्ष में हस्तांतरित किया जाता है?


A. तलपट।

B. व्यापारिक खाता।

C. चिट्ठा।

D. लाभ एवं हानि खाता।

Right Answer is: D

SOLUTION

सकल लाभ का निर्धारण व्यापारिक खाता तैयार कर किया जाता है तथा तत्पश्चात् इसे लाभ एवं हानि खाते के क्रेडिट पक्ष में हस्तांतरित किया जाता है।


Q. 170212 शुद्ध क्रय जोड़िए प्रारंभिक रहतिया घटाईये अंतिम रहतिया बराबर होता है:


A. विक्रय।

B. समायोजित विक्रय।

C. क्रय।

D. समायोजित क्रय।

Right Answer is: D

SOLUTION

समायोजित क्रय = शुद्ध क्रय + प्रारंभिक रहतिया - अंतिम रहतिया। इसे व्यापारिक खाते में दिखाया जाता है।


Q. 170213 ऐसे व्यय जो व्यापारिक या लाभ एवं हानि खाते का भाग होते हैं, कहलाते हैं:


A. आयगत व्यय।

B. पूर्वदत्त व्यय।

C. पूँजीगत व्यय।

D. आयगत प्राप्ति।

Right Answer is: A

SOLUTION

व्यापारिक या लाभ एवं हानि खाते में दिखाये गये व्यय आयगत व्यय होते हैं। ऐसे व्ययों के लाभ एक वर्ष के भितर समाप्त हो जाते हैं। हालांकि पूँजीगत व्ययों को चिट्ठे में दिखाया जाता है।


Q. 170214 व्यापार खाता अथवा व्यापारिक खाते से क्या आशय है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापारिक खाते से आशय एक ऐसे खाते से है जिससे क्रय एवं विक्रय के द्वारा सकल (कुल) लाभ या हानि का ज्ञान होता है। इसके बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि विक्रय की रकम व्यापारी द्वारा क्रय किए गए माल एवं उस पर किए गए व्ययों से कम है अथवा अधिक है। कम होने पर हानि तथा अधिक होने पर लाभ होता है। इसमें गत वर्ष का शेष माल, वर्ष में क्रय किया गया या निर्मित माल, माल के निर्माण या क्रय सम्बन्धी व्यय, बेचा गया माल तथा वर्ष के अन्त में बचे हुए शेष माल आदि का लेखा होता है।


Q. 170215 व्यापारिक खाता बनाने के उद्देश्य, आवश्यकता, लाभ अथवा महत्व बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापार खाता बनाने के प्रमुख उद्देश्य या महत्व निम्नलिखित हैं –

(1)   सकल लाभ व सकल हानि ज्ञात करना

(2)   गत वर्षों के क्रय-विक्रय से चालू वर्ष के क्रय-विक्रय की तुलना करना

(3)   व्यापार सम्बन्धी व्यय और सकल लाभ बिक्री के अनुसार कम हैं या अधिक, इसका पता लगाना

(4)   सम्पूर्ण प्रत्यक्ष व्ययों का लाभ  पर प्रतिशत ज्ञात करना

(5)   बिक्री पर लाभ की दर का पता लगाना


Q. 170216 ‘सम्भावित दायित्व’ से क्या आशय है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐसे दायित्व जो भविष्य में देय हो भी सकते हैं और नहीं भी जैसे - सरकारी मुकदमा आदि।


Q. 170217
प्रारंभिक पूँजी 60,000, आहरण 7,000 रु, वर्ष के दौरान लगायी गई पूँजी 9,000 रु, अंतिम पूँजी 1,25,000 रु। लाभ एवं हानि की गणना कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 170218
निम्नलिखित सूचनाओं से प्रयुक्त कच्चे माल की गणना कीजिए:
कच्चे माल का प्रारंभिक रहतिया 43,000 रु; वर्ष के दौरान क्रय 2,20,000 रु; आवक भाड़ा 17,000 रु; कच्चे माल का विक्रय 20,000 रु; कच्चे माल का अंतिम रहतिया 30,000 रु; अवशिष्ट का विक्रय 2,500 रु; अर्द्ध निर्मित माल का अंतिम रहतिया 40,000 रु।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 170219 आयोजन करने के मुख्य उद्देश्य बताइये ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आयोजन करने के निम्न उद्देश्य हैं-
i. सम्पत्ति के अपलेखन हेतु। 
ii. सम्पत्ति के मूल्य ह्रास हेतु  व्यवस्था करने के लिये
iii. सम्पत्ति के मरम्मत या नवीनीकरण हेतु व्यवस्था करने के लिये। 
iv. ज्ञात दायित्वों के लिये आयोजन करना जिनकी राशि का सही निर्धारण नहीं किया जा सकता ।
v. भावी हानियों की व्यवस्था हेतु आदि


Q. 170220 सामान्य संचय का निर्माण क्यों किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सामान्य संचय का निर्माण निम्न उद्देश्यों के लिये किया जाता है-
i. भविष्य की किसी भी अज्ञात हानि को पूरा करने के लिये। 
ii. व्यापार का विस्तार करने के लिये। 
iii. व्यापार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिये। 
iv. लाभांश की दर को सामान बनाये रखने के लिये। 
 v. कार्यशील पूँजी में वृद्धि हेतु


Q. 170221 सकल लाभ एवं शुद्ध लाभ में अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सकल लाभ एवं शुद्ध लाभ में निम्नलिखित अंतर है-

अन्तर का आधार

सकल लाभ

शुद्ध लाभ

लाभ की स्थिति

यह माल के क्रय-विक्रय पर हुआ लाभ है।

यह सकल लाभ में से अप्रत्यक्ष व्यय घटाने के बाद का लाभ है।

प्रगति का ज्ञान

इससे व्यापार की प्रगति का वास्तविक ज्ञान प्राप्त नहीं होता है।

इससे व्यापार की प्रगति का वास्तविक ज्ञान प्राप्त होता है।

 


Q. 170222 क्या संचय एक दायित्व है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संचय एक दायित्व है, क्योंकि संचय की दशा में सिर्फ हम व्यवसाय की अज्ञात एवं अनिश्चित हानियों की पूर्ति के लिये लाभों के कुछ भाग को व्यवसाय में रोक लेते है। लेकिन वास्तव में लाभों पर स्वामियों का ही अधिकार होता है, इसलिए यह एक दायित्व है

संचयों को आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में दर्शाया जाता है।


Q. 170223 व्यापार खाता अथवा व्यापारिक खाते से क्या आशय है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापारिक खाते से आशय एक ऐसे खाते से है जिससे क्रय एवं विक्रय के द्वारा सकल (कुल) लाभ या हानि का ज्ञान होता है। इसके बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि विक्रय की रकम व्यापारी द्वारा क्रय किए गए माल एवं उस पर किए गए व्ययों से कम है अथवा अधिक है। कम होने पर हानि तथा अधिक होने पर लाभ होता है। इसमें गत वर्ष का शेष माल, वर्ष में क्रय किया गया या निर्मित माल, माल के निर्माण या क्रय सम्बन्धी व्यय, बेचा गया माल तथा वर्ष के अन्त में बचे हुए शेष माल आदि का लेखा होता है।


Q. 170224 व्यापारिक खाता बनाने के उद्देश्य, आवश्यकता, लाभ अथवा महत्व बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापार खाता बनाने के प्रमुख उद्देश्य या महत्व निम्नलिखित हैं –

(1)   सकल लाभ व सकल हानि ज्ञात करना

(2)   गत वर्षों के क्रय-विक्रय से चालू वर्ष के क्रय-विक्रय की तुलना करना

(3)   व्यापार सम्बन्धी व्यय और सकल लाभ बिक्री के अनुसार कम हैं या अधिक, इसका पता लगाना

(4)   सम्पूर्ण प्रत्यक्ष व्ययों का लाभ  पर प्रतिशत ज्ञात करना

(5)   बिक्री पर लाभ की दर का पता लगाना


Q. 170225
प्रारंभिक पूँजी 60,000, आहरण 7,000 रु, वर्ष के दौरान लगायी गई पूँजी 9,000 रु, अंतिम पूँजी 1,25,000 रु। लाभ एवं हानि की गणना कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 170226
निम्नलिखित सूचनाओं से प्रयुक्त कच्चे माल की गणना कीजिए:
कच्चे माल का प्रारंभिक रहतिया 43,000 रु; वर्ष के दौरान क्रय 2,20,000 रु; आवक भाड़ा 17,000 रु; कच्चे माल का विक्रय 20,000 रु; कच्चे माल का अंतिम रहतिया 30,000 रु; अवशिष्ट का विक्रय 2,500 रु; अर्द्ध निर्मित माल का अंतिम रहतिया 40,000 रु।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 170227 ‘‘व्यय, पूँजीगत व्यय होता है या आयगत व्यय होता है, इसके व्यवसाय की प्रकृति या उद्देश्य पर निर्भर करता है।’’ उदाहरण की सहायता से स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह कथन 100% सत्य है। फर्नीचर की क्रय पर खर्च की गयी राशि पूँजीगत व्यय होता है परंतु फर्नीचर का कार्य करने वाले व्यवसाय के लिए यह आयगत व्यय होता है। इसीप्रकार, कार्यालय के क्रय पर किया गया व्यय पूँजीगत व्यय होता है, परंतु भवनों का क्रय एवं विक्रय करने वाले व्यवसाय के लिए यह एक आयगत व्यय होता है। इसी तरह, भाडे़ एवं मजदूरी पर किया गया व्यय आयगत व्यय होता है परंतु जब मशीनरी की स्थापना के लिए मजदूरी चुकायी जाती है या कारखाने में मशीनरी को लाने के लिए भाड़ा चुकाया जाता है तो ये पूँजीगत व्यय होते हैं क्योंकि ये स्थायी सम्पत्तियों के मूल्य को बढ़ाती है।


Q. 170228 आयगत व्यय को एक पूँजीगत व्यय के रूप में कब माना जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निम्नलिखित व्ययों की प्रकृति आयगत है, परंतु इन्हें निम्नलिखित परिस्थितियों में पूँजीगत व्ययों के रूप में व्यवहारित किया जाता है:

अ) कच्चा माल तथा स्टोर का माल: जब इन्हें स्थायी सम्पत्ति का निर्माण करने के लिए उपयोग में लिया जाता है तो इन्हें पूँजीगत व्ययों के रूप में व्यवहारित किया जाता है।

ब) मजदूरी: जब यह नये कार्यालय के निर्माण या कार्यालय भवन के पुनर्नवीकरण के लिए चुकता मजदूरी को पूँजीगत व्यय के रूप में व्यवहारित किया जाता है।

स) मरम्मत: जब एक पुरानी मशीनरी का क्रय किया जाता है तथा इसे उपयोग में लेने के लिए व्यय किये जाते हैं। ऐसे व्ययों की प्रकृति पूँजीगत होती है।


Q. 170229 व्यापारिक खाता एवं लाभ-हानि खाते में अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापारिक खाता एवं लाभ-हानि खाते में निम्नलिखित अंतर है-

अन्तर का आधार

व्यापारिक खाता

लाभ-हानि खाता

मद

इसमें माल के क्रय-विक्रय का लेखा किया जाता है।

इसमें कार्यालय के आय-व्यय या लाभ-हानि का लेखा किया जाता है।

व्यय

इसमें प्रत्यक्ष व्यय लिखे जाते हैं।

इसमें अप्रत्यक्ष व्यय लिखे जाते हैं।

खाते

इसमें वास्तविक एवं अवास्तविक दोनों प्रकार के खातों के शेष लिखे जाते हैं।

इसमें केवल अवास्तविक खातों के शेष लिखे जाते हैं।


Q. 170230 आयोजन एवं संचय में क्या अन्तर है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आयोजन और संचय में निम्न अन्तर है-

अन्तर का आधार

        आयोजन

       संचय

अनिवार्य या ऐच्छिक

किसी ज्ञात दायित्व हानि के लिये इसका निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाता है।

संस्था को लाभ होने की दशा में ही इसका निर्माण किया जाता है तथा इसका बनाया जाना ऐच्छिक है

 लेखांकन

 

लाभ-हानि के डेबिट पक्ष में इसका लेखा किया जाता है 

लाभ-हानि नियोजन खाते के डेबिट पक्ष में इसका लेखा किया जाता है।

प्रयोग

जिस हानि के लिये बनाया गया है सिर्फ उसी की पूर्ति के लिये इसका प्रयोग किया जा सकता है।

संचय का प्रयोग किसी भी हानि हेतु किया जा सकता है। (पूँजीगत विशेष संचय को छोड़कर)

लाभांश वितरण

लाभांश वितरण के लिये इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

इसका प्रयोग लाभांश वितरण के लिये किया जा सकता है। (संस्था के अन्तर्नियमों के अनुसार)

चिट्ठे में स्थिति

इसका लेखा दायित्व पक्ष में चालू दायित्व आयोजन शीर्षक के अधीन किया जाता है।

इसका लेखा दायित्व पक्ष में संचय आधिक्य शीर्षक के अधीन किया जाता है।




Q. 170231 स्थगित आयगत व्यय किसे कहते हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कभी-कभी कोई आयगत व्यय ऐसा होता है जिसकी उपयोगिता कई वर्षों तक रहती है, ऐसे व्यय को स्थगित आयगत व्यय कहते हैं। ऐसे व्यय जिस वर्ष में  किए जाते हैं उस वर्ष के लाभ-हानि खाते में ही न डाल कर कई वर्षों के लाभ-हानि खाते में डाले जाते हैं। मान लो,  एक नई फर्म विज्ञापन पर आरम्भ के वर्ष में एक बड़ी रकम व्यय करती है। इस विज्ञापन का लाभ उसे कई वर्षों तक प्राप्त होता रहेगा। यदि उचित होगा कि उस व्यय की समस्त रकम पहले वर्ष में ही लाभ-हानि खाते में न डालकर धीरे-धीरे तीन-चार वर्षों के लाभ-हानि खातों में डाली जाए।


Q. 170232 आयगत व्यय की विशेषताएँ बताईये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) इन व्ययों के अन्तर्गत व्यापार चलाने में सामान्य रुप से व्यय की जाने वाली राशियाँ आती हैं।

(2) आयगत व्ययों की अल्पकालीन उपयोगिता है।

(3) इन व्ययों को बार-बार किया जाता है क्योंकि व्यापार निरन्तर चलता रहता है।

(4) इनका उद्देश्य स्थायी सम्पत्तियों की कार्यक्षमता बनाए रखना है, बढ़ाना नहीं।

(5) ये व्यय व्यवसाय की लाभ उपार्जन शक्ति को बनाए रखते हैं।

(6) आयगत व्यय व्यापारिक एवं लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में दिखाए जाते हैं।


Q. 170233 ‘‘व्यय, पूँजीगत व्यय होता है या आयगत व्यय होता है, इसके व्यवसाय की प्रकृति या उद्देश्य पर निर्भर करता है।’’ उदाहरण की सहायता से स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह कथन 100% सत्य है। फर्नीचर की क्रय पर खर्च की गयी राशि पूँजीगत व्यय होता है परंतु फर्नीचर का कार्य करने वाले व्यवसाय के लिए यह आयगत व्यय होता है। इसीप्रकार, कार्यालय के क्रय पर किया गया व्यय पूँजीगत व्यय होता है, परंतु भवनों का क्रय एवं विक्रय करने वाले व्यवसाय के लिए यह एक आयगत व्यय होता है। इसी तरह, भाडे़ एवं मजदूरी पर किया गया व्यय आयगत व्यय होता है परंतु जब मशीनरी की स्थापना के लिए मजदूरी चुकायी जाती है या कारखाने में मशीनरी को लाने के लिए भाड़ा चुकाया जाता है तो ये पूँजीगत व्यय होते हैं क्योंकि ये स्थायी सम्पत्तियों के मूल्य को बढ़ाती है।


Q. 170234 पूर्वदत्त व्यय से आप क्या समझते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐसे व्यय को पूर्वदत्त व्यय कहा जाता है, जिसका भुगतान तो चालू वर्ष में कर दिया गया है l लेकिन ऐसे व्यय का सम्बन्ध किसी आगामी वर्ष से होता है l


Q. 170235 एक उदाहरण की सहायता से उपार्जित आय को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उपार्जित आय ऐसी आय को संदर्भित करती है जो लेखांकन वर्ष के दौरान कमा ली गयी परंतु प्राप्त नहीं हुई। उदाहरण के लिए, विनियोगों पर देय परंतु अभी तक अप्राप्त ब्याज।


Q. 170236 31 मार्च 2004 को विवेक की पुस्तक में लेनदारों की कुल रकम 20,000 थी l 5 प्रतिशत की दर से छूट के लिये प्रावधान करना है l उक्त समायोजन के सम्बन्ध में जर्नल में लेखा कीजिये l
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Date

Particulars

L.F.

Dr. 

Cr.

 

Creditors A/c               Dr.

 

1,000

 

 

  To Prov. For Discount A/c

 

 

1,000

 

(Provision recorded)

 

 

 

 

Prov. For Discount A/c Dr.

 

1,000

 

 

   To Profit and Loss A/c

 

 

1,000

 

(Provision transferred to P/L Account)

 

 

 

 

 

 

 

 


Q. 170237 यदि डूबत ऋण की राशि समायोजना में दी गई है l तो प्रविष्टि किस प्रकार होगी?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि डूबत ऋण की राशि समायोजना में दी गई है l तो प्रविष्टि इस प्रकार होगी-

Date

Particulars

L.F.

Dr. 

Cr. 

 

Bad Debts A/c            Dr.

 

 

 

 

   To Debtors A/c

 

 

 

 

(Bad debts recorded)

 

 

 

 

Profit And Loss A/c     Dr.

 

 

 

 

   To Bad Debts A/c

 

 

 

 

(Bad debts transferred to P/L Account)

 

 

 

 


Q. 170238 31 दिसम्बर 2004 को 1,000 का किराया और 2,000 का कमीशन उपार्जित है l आप जर्नल में इनको रिकॉर्ड कीजिये l
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Journal Entries

(For Decembar, 2004)

 

Date

Particulars

L.F.

Dr.

Cr.

Accrued Rent A/c Dr.

1,000

To Rent A/c

1,000

(Accrued rent recorded)

Accrued Commission A/c Dr.

2,000

To Commission A/c

2,000

(Accrued commission recorded)


Q. 170239 यदि कुछ माल आग द्वारा नष्ट हो जाए तो इसके लिए समायोजन प्रविष्टि बताइए l
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Date

Particulars

L.F.

Dr. 

Cr.

 

Loss by Fire A/c.........Dr

 

 

 

 

   To Trading or Purchase A/c

 

 

 

 

(For loss of goods by fire)

 

 

 

 

Profit & Loss A/c.........Dr.

 

 

 

 

   To Loss by Fire  A/c

 

 

 

 

(Loss transferred)

 

 

 


Q. 170240 निम्न सूचनाओं के आधार पर ह्रास के लिये आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिये
मशीनरी 50,000
फर्नीचर 20,000
ह्रास की दर दोनों पर (वार्षिक) 5%
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Date

Particulars

L.F.

Dr.

Cr.

31st

Depreciation A/c Dr.

3,500

Dec.

To Machinery A/c

2,500

To Furniture A/c

1,000

(Depreciation Recorded)

31st

Profit And Loss A/c Dr.

3,500

Dec.

To Depreciation A/c

3,500

(Depreciation Transferred)


Q. 170241 निम्न सूचनाओं के आधार पर पूँजी पर व्याज की प्रविष्टि कीजिये l
पूँजी 1 जनवरी 1,00,000
ब्याज की दर (वार्षिक) 10%
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

 

Date

Particulars

L.F.

Dr.

Cr.

31st

Interest on Capital A/c Dr.

10,000

Dec.

To Capital A/c

10,000

(Interest Recorded)

Profit and Loss A/c Dr.

10,000

To Interest on Capital A/c

10,000

(Interest transferred)


Q. 170242 एक उदाहरण की सहायता से उपार्जित आय को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उपार्जित आय ऐसी आय को संदर्भित करती है जो लेखांकन वर्ष के दौरान कमा ली गयी परंतु प्राप्त नहीं हुई। उदाहरण के लिए, विनियोगों पर देय परंतु अभी तक अप्राप्त ब्याज।


Q. 170243 31 मार्च 2004 को विवेक की पुस्तक में लेनदारों की कुल रकम 20,000 थी l 5 प्रतिशत की दर से छूट के लिये प्रावधान करना है l उक्त समायोजन के सम्बन्ध में जर्नल में लेखा कीजिये l
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Date

Particulars

L.F.

Dr. 

Cr.

 

Creditors A/c               Dr.

 

1,000

 

 

  To Prov. For Discount A/c

 

 

1,000

 

(Provision recorded)

 

 

 

 

Prov. For Discount A/c Dr.

 

1,000

 

 

   To Profit and Loss A/c

 

 

1,000

 

(Provision transferred to P/L Account)

 

 

 

 

 

 

 

 


Q. 170244 यदि डूबत ऋण की राशि समायोजना में दी गई है l तो प्रविष्टि किस प्रकार होगी?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि डूबत ऋण की राशि समायोजना में दी गई है l तो प्रविष्टि इस प्रकार होगी-

Date

Particulars

L.F.

Dr. 

Cr. 

 

Bad Debts A/c            Dr.

 

 

 

 

   To Debtors A/c

 

 

 

 

(Bad debts recorded)

 

 

 

 

Profit And Loss A/c     Dr.

 

 

 

 

   To Bad Debts A/c

 

 

 

 

(Bad debts transferred to P/L Account)

 

 

 

 


Q. 170245 31 दिसम्बर 2004 को 1,000 का किराया और 2,000 का कमीशन उपार्जित है l आप जर्नल में इनको रिकॉर्ड कीजिये l
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Journal Entries

(For Decembar, 2004)

 

Date

Particulars

L.F.

Dr.

Cr.

Accrued Rent A/c Dr.

1,000

To Rent A/c

1,000

(Accrued rent recorded)

Accrued Commission A/c Dr.

2,000

To Commission A/c

2,000

(Accrued commission recorded)


Q. 170246 यदि कुछ माल आग द्वारा नष्ट हो जाए तो इसके लिए समायोजन प्रविष्टि बताइए l
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Date

Particulars

L.F.

Dr. 

Cr.

 

Loss by Fire A/c.........Dr

 

 

 

 

   To Trading or Purchase A/c

 

 

 

 

(For loss of goods by fire)

 

 

 

 

Profit & Loss A/c.........Dr.

 

 

 

 

   To Loss by Fire  A/c

 

 

 

 

(Loss transferred)

 

 

 


Q. 170247 निम्न सूचनाओं के आधार पर ह्रास के लिये आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिये
मशीनरी 50,000
फर्नीचर 20,000
ह्रास की दर दोनों पर (वार्षिक) 5%
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Date

Particulars

L.F.

Dr.

Cr.

31st

Depreciation A/c Dr.

3,500

Dec.

To Machinery A/c

2,500

To Furniture A/c

1,000

(Depreciation Recorded)

31st

Profit And Loss A/c Dr.

3,500

Dec.

To Depreciation A/c

3,500

(Depreciation Transferred)


Q. 170248 निम्न सूचनाओं के आधार पर पूँजी पर व्याज की प्रविष्टि कीजिये l
पूँजी 1 जनवरी 1,00,000
ब्याज की दर (वार्षिक) 10%
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

 

Date

Particulars

L.F.

Dr.

Cr.

31st

Interest on Capital A/c Dr.

10,000

Dec.

To Capital A/c

10,000

(Interest Recorded)

Profit and Loss A/c Dr.

10,000

To Interest on Capital A/c

10,000

(Interest transferred)


Q. 170249 31 दिसम्बर 2001 को योगेश के 10,000 रुपये के देनदार थे l अशोध्य व संदिग्ध ऋण संचिति का पुराना शेष 1,100 रुपये था l वर्ष 2001 में 350 रुपये के अशोध्य ऋण हुये l योगेश देनदारों पर 5% संदिग्ध ऋणों के लिये संचय करता है l आप समायोजन के लिये जर्नल प्रविष्टि कीजिये एवं लाभ-हानि खाते में इन मदों को दर्शाइये l
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Particulars

 

Dr. 

Cr.

Reserve for Bad and Doubt. Debts  A/c

Dr.

350

 

   To Bad Debts A/c

 

 

350

(Bad debts transferred to reserve for bad debts account)

 

 

 

Reserve for Bad and Doubt. Debts A/c

Dr.

250

 

   To Profit and Loss A/c

 

 

250

(Balance transferred to P/L A/c)

 

 

 

                                 Profit and Loss Account

                (For the year ending 31st December, 2001)

Dr.                                                                          Cr.

   Particulars

    

     Particulars

 

 

 

By Old Reserve

1,100

 

 

 

Less: Bad Debts

 350

 

 

 

Less: New Reserve

 500

250

             

 


Q. 170250 समायोजनाओं में ऋण पर गर्भित ब्याज के बारे में बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कभी-कभी तलपट में ऋण की राशि एवं उस पर ब्यीज की दर दी गई होती है, लेकिन समायोजनाओं में इस सम्बन्ध में कुछ नहीं दिया गया होता है। अतः यदि ऋण की राशि एंव अवधि दी हो तो शेष अवधि के लिए ब्याज की राशि निकालकर समायोजन किया जाता है। यदि ब्याज की राशि ऋणी पक्ष में भी दी हो तो उसे कुल देय ब्याज की राशि में से घटाकर दिखाया जाता है तथा शेष राशि को अदत्त व्यय मानकर उसका समायोजन लेखा कर दिया जाता है।

नियम – जर्नल में ऋण पर ब्याज खाता ऋणी तथा अदत्त ब्याज खाता धनी किया जाता है। ऋण पर ब्याज की राशि को लाभ-हानि खाते के ऋणी पक्ष में तथा आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष की ओर ऋण की राशि में जोड़कर दिखाया जाता है।


Q. 170251 31 दिसम्बर 2001 को योगेश के 10,000 रुपये के देनदार थे l अशोध्य व संदिग्ध ऋण संचिति का पुराना शेष 1,100 रुपये था l वर्ष 2001 में 350 रुपये के अशोध्य ऋण हुये l योगेश देनदारों पर 5% संदिग्ध ऋणों के लिये संचय करता है l आप समायोजन के लिये जर्नल प्रविष्टि कीजिये एवं लाभ-हानि खाते में इन मदों को दर्शाइये l
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Particulars

 

Dr. 

Cr.

Reserve for Bad and Doubt. Debts  A/c

Dr.

350

 

   To Bad Debts A/c

 

 

350

(Bad debts transferred to reserve for bad debts account)

 

 

 

Reserve for Bad and Doubt. Debts A/c

Dr.

250

 

   To Profit and Loss A/c

 

 

250

(Balance transferred to P/L A/c)

 

 

 

                                 Profit and Loss Account

                (For the year ending 31st December, 2001)

Dr.                                                                          Cr.

   Particulars

    

     Particulars

 

 

 

By Old Reserve

1,100

 

 

 

Less: Bad Debts

 350

 

 

 

Less: New Reserve

 500

250

             

 


Q. 170252 समायोजनाओं में ऋण पर गर्भित ब्याज के बारे में बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कभी-कभी तलपट में ऋण की राशि एवं उस पर ब्यीज की दर दी गई होती है, लेकिन समायोजनाओं में इस सम्बन्ध में कुछ नहीं दिया गया होता है। अतः यदि ऋण की राशि एंव अवधि दी हो तो शेष अवधि के लिए ब्याज की राशि निकालकर समायोजन किया जाता है। यदि ब्याज की राशि ऋणी पक्ष में भी दी हो तो उसे कुल देय ब्याज की राशि में से घटाकर दिखाया जाता है तथा शेष राशि को अदत्त व्यय मानकर उसका समायोजन लेखा कर दिया जाता है।

नियम – जर्नल में ऋण पर ब्याज खाता ऋणी तथा अदत्त ब्याज खाता धनी किया जाता है। ऋण पर ब्याज की राशि को लाभ-हानि खाते के ऋणी पक्ष में तथा आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष की ओर ऋण की राशि में जोड़कर दिखाया जाता है।


Q. 170253
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 170254 कारखाने द्वारा प्रयुक्त एक उपकरण के निर्माण के लिए कर्मचारी को चुकायी गई मजदूरी होती है:


A. आयगत व्यय।

B. पूँजीगत व्यय।

C. आयगत प्राप्ति।

D. पूँजीगत प्राप्ति।

Right Answer is: B

SOLUTION

कारखाने द्वारा प्रयुक्त एक उपकरण के निर्माण के लिए कर्मचारी को चुकायी गई मजदूरी पूँजीगत व्यय होता है, क्योंकि इसके लाभ एक से अधिक वर्षों के लिए प्राप्त होंगे।


Q. 170255 एक पुरानी मोटर कार के विक्रय या हानि को डेबिट किया जाता है:


A. लाभ एवं हानि खाते में।

B. मोटर कार खाते में।

C. मूल्यह्रास खाते में।

D. रोकड़ खाते में।

Right Answer is: A

SOLUTION

सभी हानियों तथा व्ययों को लाभ एवं हानि खाते में डेबिट किया जाता है। इसलिए, एक पुरानी मोटर कार के विक्रय या हानि को लाभ एवं हानि खाते में डेबिट किया जाता है।


Q. 170256 संचयी शोधन कोष से क्या आशय है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक ऐसा शोधन कोष, जिसमें विनियोग पर अर्जित ब्याज प्रतिवर्ष प्रतिभूतियों में विनियोजित होती रहती है, संचयी शोधन कोष कहलाता है 


Q. 170257 गुप्त संचय को परिभाषित कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐसा संचय, जो व्यवसाय में तो विद्यमान होता है, लेकिन पुस्तकों में जिसको नहीं दर्शाया जाता है, गुप्त संचय कहलाता है।


Q. 170258 संचय कोष से क्या आशय है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि निर्मित सामान्य संचय तथा विशेष संचय के बराबर राशि व्यवसाय के बाहर प्रतिभूतियों में विनियोजित कर दी जाती है तो ऐसे संचय को संचय कोष कहा जाता है


Q. 170259 पूँजीगत संचय को समझाइये ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐसे संचयों को पूँजीगत संचय कहा जाता है, जिनका निर्माण पूँजीगत लाभों से किया जाता है तथा जिनका वितरण अंशधारियों में लाभांश के रूप में नहीं किया जा सकता है।


Q. 170260 आयगत संचय से क्या आशय है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आयगत संचय से आशय ऐसे संचयों से है, जिनका निर्माण व्यवसाय के साधारण लाभों से किया जाता है, तथा इन संचयों को स्वामियों में लाभांश के रूप में बाँटा जा सकता है।


Q. 170261 क्या संचय का बनाया जाना अनिवार्य है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संचय का निर्माण शुद्द लाभ होने पर ही किया जाता है। शुद्द लाभ होने पर भी इसका निर्माण ऐच्छिक होता है कि अनिवार्य


Q. 170262 जीएसटी क्रेडिट क्या होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि इनपुट जीएसटी, आउटपुट जीएसटी की तुलना में अधिक होता है, तो यह जीएसटी क्रेडिट कहलाता है


Q. 170263 संचयी शोधन कोष से क्या आशय है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक ऐसा शोधन कोष, जिसमें विनियोग पर अर्जित ब्याज प्रतिवर्ष प्रतिभूतियों में विनियोजित होती रहती है, संचयी शोधन कोष कहलाता है 


Q. 170264 गुप्त संचय को परिभाषित कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐसा संचय, जो व्यवसाय में तो विद्यमान होता है, लेकिन पुस्तकों में जिसको नहीं दर्शाया जाता है, गुप्त संचय कहलाता है।


Q. 170265 संचय कोष से क्या आशय है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि निर्मित सामान्य संचय तथा विशेष संचय के बराबर राशि व्यवसाय के बाहर प्रतिभूतियों में विनियोजित कर दी जाती है तो ऐसे संचय को संचय कोष कहा जाता है


Q. 170266 पूँजीगत संचय को समझाइये ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐसे संचयों को पूँजीगत संचय कहा जाता है, जिनका निर्माण पूँजीगत लाभों से किया जाता है तथा जिनका वितरण अंशधारियों में लाभांश के रूप में नहीं किया जा सकता है।


Q. 170267 आयगत संचय से क्या आशय है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आयगत संचय से आशय ऐसे संचयों से है, जिनका निर्माण व्यवसाय के साधारण लाभों से किया जाता है, तथा इन संचयों को स्वामियों में लाभांश के रूप में बाँटा जा सकता है।


Q. 170268 क्या संचय का बनाया जाना अनिवार्य है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संचय का निर्माण शुद्द लाभ होने पर ही किया जाता है। शुद्द लाभ होने पर भी इसका निर्माण ऐच्छिक होता है कि अनिवार्य


Q. 170269 आयगत लाभ एवं पूँजीगत लाभ में अन्तर बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐसे लाभ जिनकी प्राप्ति व्यवसाय के दैनिक परिचालन की गतिविधियों द्वारा होती है। आयगत लाभ कहलाते हैं। जबकि ऐसे लाभ जिनकी प्राप्ति व्यवसाय के दैनिक परिचालन की गतिविधियों द्वारा नहीं होती है। पूँजीगत लाभ कहलाते हैं।


Q. 170270 आयोजन करने के मुख्य उद्देश्य बताइये ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आयोजन करने के निम्न उद्देश्य हैं-
i. सम्पत्ति के अपलेखन हेतु। 
ii. सम्पत्ति के मूल्य ह्रास हेतु  व्यवस्था करने के लिये
iii. सम्पत्ति के मरम्मत या नवीनीकरण हेतु व्यवस्था करने के लिये। 
iv. ज्ञात दायित्वों के लिये आयोजन करना जिनकी राशि का सही निर्धारण नहीं किया जा सकता ।
v. भावी हानियों की व्यवस्था हेतु आदि


Q. 170271 सामान्य संचय का निर्माण क्यों किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सामान्य संचय का निर्माण निम्न उद्देश्यों के लिये किया जाता है-
i. भविष्य की किसी भी अज्ञात हानि को पूरा करने के लिये। 
ii. व्यापार का विस्तार करने के लिये। 
iii. व्यापार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिये। 
iv. लाभांश की दर को सामान बनाये रखने के लिये। 
 v. कार्यशील पूँजी में वृद्धि हेतु


Q. 170272 सकल लाभ एवं शुद्ध लाभ में अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सकल लाभ एवं शुद्ध लाभ में निम्नलिखित अंतर है-

अन्तर का आधार

सकल लाभ

शुद्ध लाभ

लाभ की स्थिति

यह माल के क्रय-विक्रय पर हुआ लाभ है।

यह सकल लाभ में से अप्रत्यक्ष व्यय घटाने के बाद का लाभ है।

प्रगति का ज्ञान

इससे व्यापार की प्रगति का वास्तविक ज्ञान प्राप्त नहीं होता है।

इससे व्यापार की प्रगति का वास्तविक ज्ञान प्राप्त होता है।

 


Q. 170273 क्या संचय एक दायित्व है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संचय एक दायित्व है, क्योंकि संचय की दशा में सिर्फ हम व्यवसाय की अज्ञात एवं अनिश्चित हानियों की पूर्ति के लिये लाभों के कुछ भाग को व्यवसाय में रोक लेते है। लेकिन वास्तव में लाभों पर स्वामियों का ही अधिकार होता है, इसलिए यह एक दायित्व है

संचयों को आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में दर्शाया जाता है।


Q. 170274 ऐसी आय जो लेखांकन वर्ष के दौरान देय हो गई परंतु व्यवसाय द्वारा प्राप्त नहीं की गई।


A. विनियोग आय।

B. अग्रिम में प्राप्त आय।

C. उपार्जित आय।

D. प्राप्त कमीशन।

Right Answer is: C

SOLUTION

उपार्जित आय ऐसी आय होती है जिसे चालू वर्ष के दौरान कमा लिया जाता है परंतु चालू वर्ष के अंत तक प्राप्त नहीं किया जाता है, जैसे - प्रतिभूतियों पर ब्याज, कमीशन, किराया आदि।


Q. 170275 एक माह का किराया अभी चुकाया जाना है, समायोजन प्रविष्टि की जायेगी।


A. अदत्त किराया खाते को डेबिट तथा किराया खाते को क्रेडिट।

B. किराया खाते को डेबिट तथा रोकड़ खाते को क्रेडिट।

C. रोकड़ खाते को डेबिट तथा किराया खाते को क्रेडिट।

D. किराया खाते को डेबिट तथा अदत्त किराया खाते को क्रेडिट।

Right Answer is: D

SOLUTION

किराया बकाया है अतः इसे डेबिट किया जाता है। यह एक दायित्व बन जाता है इसलिए, अदत्त किराया खाते को क्रेडिट किया जाता है।


Q. 170276 पूँजीगत प्राप्तियों को पहचानिये।


A. दीर्घकालीन ऋण के रूप में एक कम्पनी द्वारा धन प्राप्ति।

B. माल का विक्रय।

C. लाभों की हानि के लिए क्षतिपूर्ति।

D. सेवाओं के विक्रय से प्राप्त राशि।

Right Answer is: A

SOLUTION

एक कम्पनी द्वारा एक दीर्घकालीन ऋण के रूप में राशि प्राप्त करना कम्पनी का साधारण कार्य नहीं होता है इसलिए, इसे पूँजीगत प्राप्ति के रूप में व्यवहारित किया जाता है।


Q. 170277 आय का ऐसा हिस्सा जो आगामी लेखांकन वर्ष से सम्बंधित होता है कहा जाता है।


A. अग्रिम में प्राप्त आय।

B. कमायी गई आय।

C. उपार्जित आय।

D. अदत्त आय।

Right Answer is: A

SOLUTION

आगामी वर्ष से सम्बंधित आय का हिस्से को अग्रिम प्राप्त आय तथा अग्रिम आय के रूप में जाना जाता है।


Q. 170278 उपार्जित आय की राशि को उससे सम्बंधित ----- में जोड़ा जायेगा।


A. आय।

B. व्यय।

C. सम्पत्तियाँ।

D. दायित्व।

Right Answer is: A

SOLUTION

ऐसी आय को लाभ एवं हानि खाते में सम्बंधित आय में जोड़ते हुए दिखाया जायेगा तथा उपार्जित आय के नयी खाते को चिट्ठे के सम्पत्ति पक्ष में दिखाया जायेगा।


Q. 170279 व्यापारिक तथा लाभ एवं हानि खाते को तैयार करते समय ऐसी मदें जिनका आमतौर पर समायोजन आवश्यक होता है।


A. केवल अंतिम खाता।

B. केवल व्यय।

C. केवल आय।

D. सभी मदें यदि इनका समायोजन आवश्यक हो।

Right Answer is: D

SOLUTION

वित्तीय विवरण तैयार करते समय सभी मदों को समायोजित किया जाता है।


Q. 170280 पूर्वदत्त किराया होता है।


A. सम्पत्ति।

B. दायित्व।

C. खर्च।

D. व्यय।

Right Answer is: A

SOLUTION

पूर्वदत्त व्यय एक सम्पत्ति होती है क्योंकि इसका लाभ आगामी लेखांकन वर्ष में प्राप्त होगा।


Q. 170281 यातायात में माल से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह खरीदे गये परंतु चालू वर्ष में अप्राप्त माल को संदर्भित करता है।


Q. 170282 यदि अन्तिम रहतिया समायोजना के रूप में दिया गया है, तो आप इसका लेखा किस प्रकार करेंगे ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि अन्तिम रहतिया समायोजना के रूप में दिया हुआ है, तो उसका लेखा व्यापार खाते के क्रेडिट में और आर्थिक चिट्ठे के सम्पत्ति पक्ष में किया जाता है l


Q. 170283 पूँजी पर ब्याज वाली समायोजना का लेखा किस प्रकार किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूँजी पर ब्याज को लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में और आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में पूँजी में जोड़कर दर्शाया जाता है l


Q. 170284 आहरण पर ब्याज समायोजना लेखा किस प्रकार किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आहरण पर ब्याज वाली समायोजना को लाभ-हानि खाते के क्रेडिट पक्ष में और आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में पूँजी में से घटाकर दर्शाया जाता है l


Q. 170285 समायोजनाओं में क्रय समायोजित किये जाना क्या दर्शाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब क्रय की रासि तलपट में दी हुई हो और इसके साथ समायोजित शब्द लिखें हों तो इसका आशय यह है कि इसमें अन्तिम रहतिया घटा हुआ है। एसी दशा में यदि अन्तिम रहतिया भी तलपट में दिया रहता है तो इस प्रकार के अन्तिम रहतिया को व्यापारिक खाते के क्रेडिट पक्ष में नहीं लिखा जाता है, वरन्  केवल चिट्ठे में सम्पत्ति पक्ष की ओर लिखा जाता है।


Q. 170286 उपार्जित आय को समझाइये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक ऐसी आय को उपार्जित आय माना जाता है, जो अर्जित तो चालू वर्ष में कर ली गयी है, लेकिन जिसकी प्राप्ति चालू वर्ष के अन्त तक नहीं हो पाती है l


Q. 170287 पूर्वदत्त व्यय से आप क्या समझते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐसे व्यय को पूर्वदत्त व्यय कहा जाता है, जिसका भुगतान तो चालू वर्ष में कर दिया गया है l लेकिन ऐसे व्यय का सम्बन्ध किसी आगामी वर्ष से होता है l


Q. 170288 यातायात में माल से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह खरीदे गये परंतु चालू वर्ष में अप्राप्त माल को संदर्भित करता है।


Q. 170289 यदि अन्तिम रहतिया समायोजना के रूप में दिया गया है, तो आप इसका लेखा किस प्रकार करेंगे ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि अन्तिम रहतिया समायोजना के रूप में दिया हुआ है, तो उसका लेखा व्यापार खाते के क्रेडिट में और आर्थिक चिट्ठे के सम्पत्ति पक्ष में किया जाता है l


Q. 170290 पूँजी पर ब्याज वाली समायोजना का लेखा किस प्रकार किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूँजी पर ब्याज को लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में और आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में पूँजी में जोड़कर दर्शाया जाता है l


Q. 170291 आहरण पर ब्याज समायोजना लेखा किस प्रकार किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आहरण पर ब्याज वाली समायोजना को लाभ-हानि खाते के क्रेडिट पक्ष में और आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में पूँजी में से घटाकर दर्शाया जाता है l


Q. 170292 समायोजनाओं में क्रय समायोजित किये जाना क्या दर्शाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब क्रय की रासि तलपट में दी हुई हो और इसके साथ समायोजित शब्द लिखें हों तो इसका आशय यह है कि इसमें अन्तिम रहतिया घटा हुआ है। एसी दशा में यदि अन्तिम रहतिया भी तलपट में दिया रहता है तो इस प्रकार के अन्तिम रहतिया को व्यापारिक खाते के क्रेडिट पक्ष में नहीं लिखा जाता है, वरन्  केवल चिट्ठे में सम्पत्ति पक्ष की ओर लिखा जाता है।


Q. 170293 उपार्जित आय को समझाइये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक ऐसी आय को उपार्जित आय माना जाता है, जो अर्जित तो चालू वर्ष में कर ली गयी है, लेकिन जिसकी प्राप्ति चालू वर्ष के अन्त तक नहीं हो पाती है l


Q. 170294 आयगत व्यय को एक पूँजीगत व्यय के रूप में कब माना जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निम्नलिखित व्ययों की प्रकृति आयगत है, परंतु इन्हें निम्नलिखित परिस्थितियों में पूँजीगत व्ययों के रूप में व्यवहारित किया जाता है:

अ) कच्चा माल तथा स्टोर का माल: जब इन्हें स्थायी सम्पत्ति का निर्माण करने के लिए उपयोग में लिया जाता है तो इन्हें पूँजीगत व्ययों के रूप में व्यवहारित किया जाता है।

ब) मजदूरी: जब यह नये कार्यालय के निर्माण या कार्यालय भवन के पुनर्नवीकरण के लिए चुकता मजदूरी को पूँजीगत व्यय के रूप में व्यवहारित किया जाता है।

स) मरम्मत: जब एक पुरानी मशीनरी का क्रय किया जाता है तथा इसे उपयोग में लेने के लिए व्यय किये जाते हैं। ऐसे व्ययों की प्रकृति पूँजीगत होती है।


Q. 170295 व्यापारिक खाता एवं लाभ-हानि खाते में अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापारिक खाता एवं लाभ-हानि खाते में निम्नलिखित अंतर है-

अन्तर का आधार

व्यापारिक खाता

लाभ-हानि खाता

मद

इसमें माल के क्रय-विक्रय का लेखा किया जाता है।

इसमें कार्यालय के आय-व्यय या लाभ-हानि का लेखा किया जाता है।

व्यय

इसमें प्रत्यक्ष व्यय लिखे जाते हैं।

इसमें अप्रत्यक्ष व्यय लिखे जाते हैं।

खाते

इसमें वास्तविक एवं अवास्तविक दोनों प्रकार के खातों के शेष लिखे जाते हैं।

इसमें केवल अवास्तविक खातों के शेष लिखे जाते हैं।


Q. 170296 आयोजन एवं संचय में क्या अन्तर है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आयोजन और संचय में निम्न अन्तर है-

अन्तर का आधार

        आयोजन

       संचय

अनिवार्य या ऐच्छिक

किसी ज्ञात दायित्व हानि के लिये इसका निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाता है।

संस्था को लाभ होने की दशा में ही इसका निर्माण किया जाता है तथा इसका बनाया जाना ऐच्छिक है

 लेखांकन

 

लाभ-हानि के डेबिट पक्ष में इसका लेखा किया जाता है 

लाभ-हानि नियोजन खाते के डेबिट पक्ष में इसका लेखा किया जाता है।

प्रयोग

जिस हानि के लिये बनाया गया है सिर्फ उसी की पूर्ति के लिये इसका प्रयोग किया जा सकता है।

संचय का प्रयोग किसी भी हानि हेतु किया जा सकता है। (पूँजीगत विशेष संचय को छोड़कर)

लाभांश वितरण

लाभांश वितरण के लिये इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

इसका प्रयोग लाभांश वितरण के लिये किया जा सकता है। (संस्था के अन्तर्नियमों के अनुसार)

चिट्ठे में स्थिति

इसका लेखा दायित्व पक्ष में चालू दायित्व आयोजन शीर्षक के अधीन किया जाता है।

इसका लेखा दायित्व पक्ष में संचय आधिक्य शीर्षक के अधीन किया जाता है।




Q. 170297 निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए: [2+2] (1) विनिमय विपत्र (2) ख्याति (3) रूढि़वादिता की प्रथा (4) पूँजीगत व्यय।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) विनिमय विपत्र - विनिमय विपत्र एक प्रकार के साख विपत्र हैं जो उधार विक्रय में सहायता देते हैं। भारतवर्ष में बहुत प्राचीन समय से इनका प्रचलन हुन्डियोंके रूप में होता आ रहा है जो देशी भारतीय भाषाओं में लिखी जाती हैं। विदेशों में इन साख विपत्रों को विनिमय विपत्र या प्रतिज्ञा पत्र का नाम दिया जाता है।

(2) ख्याति - ख्याति एक अदृश्य सम्पवत्ति है। जिसका वर्णन करना आसान है परंतु उसे परिभाषित करना कठिन है। ख्याति कई तत्वों पर निर्भर करती है जैसे व्यवसाय की स्थिति, व्यापारी की इमानदारी, प्रतिष्ठित नाम, श्रेष्ठ उत्पादित वस्तु आदि।

(3) रूढि़वादिता की प्रथा - इस प्रथा के अनुसार भविष्य में हाने वाली समस्त सम्भावित हानियों के लेखे के लिए तो पहले से ही व्यवस्था कर ली जाती है परंतु सम्भावित लाभों को छोड़ दिया जाता है।

(4) पूँजीगत व्यय - कोई भी ऐसा खर्च जो किसी स्थायी सम्पत्ति को क्रय करने अथवा उसके मूल्य में वृद्धि करने के लिए किया जाता है पूँजीगत व्यय कहलाता है।


Q. 170298 क्या भुगतान किया गया जीएसटी क्रय किए गए माल की लागत है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खरीद पर भुगतान की गई जीएसटी (सीजीएसटी और एसजीएसटी अथवा आईजीएसटी) को क्रय खाता से डेबिट नहीं किया जाता है क्योंकि इसे बिक्री पर संग्रह की गई जीएसटी (सीजीएसटी और एसजीएसटी अथवा आईजीएसटी) से समायोजित किया जाता है। इसलिए यह खरीदे गए माल की लागत नहीं है।

क्रय वापसी, माल के आहरण, माल के दान, सैम्पल के रूप में दिए गए माल के समय प्रत्येक प्रकार के भुगतान किए गए जीएसटी (सीजीएसटी और एसजीएसटी अथवा आईजीएसटी) (जिसे इनपुट जीएसटी कहा जाता है) और संग्रह किए गए जीएसटी (सीजीएसटी और एसजीएसटी अथवा आईजीएसटी) (जिसे आउटपुट जीएसटी कहा जाता है) के लिए अलग खाता बनाया जाता है इनपुट जीएसटी (सीजीएसटी और एसजीएसटी अथवा आईजीएसटी) खाता डेबिट किया जाता है


Q. 170299 किस क्रम में इनपुट जीएसटी को आउटपुट जीएसटी से समायोजित किया जा सकता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

माल और/या सेवाओं अथवा दोनों के क्रय पर भुगतान किए गया वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का समायोजन माल और/या सेवाओं अथवा दोनों के विक्रय (आपूर्ति) पर एकत्र किए गए जीएसटी से किया जाता है। जिस क्रम में इसे समायोजित किया जा सकता है, वह निम्नलिखित है:


जब अंतिम खाते तैयार किए जाते हैं तो शेष राशि जीएसटी खाते में समायोजित की जानी चाहिए


Q. 170300 31 मार्च, 2018 को विराट के तलपट का निम्नलिखित प्रासंगिक हिस्सा दिया गया है।
Account title Dr. INR Cr. INR
Input CGST 7,500
Input SGST 7,500
Input IGST 11,250
Output CGST 6,000
Output SGST 6,000
Output IGST 9,000
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Account title

Input INR

Output INR

Balance INR

IGST

11,250

9,000

2,250 (Dr.)

CGST

7,500

6,000

1,500 (Dr.)

SGST

7,500

6,000

1,500 (Dr.)

 

तलपट (केवल प्रासंगिक हिस्सा)

 

Account title

Dr. INR

Cr. INR

Input IGST

2,250

 

Input CGST

1,500

 

Input SGST

1,500

 


चिट्ठा (केवल प्रासंगिक हिस्सा)

Liabilities


INR


Assets


INR

 

 

Input CGST

2,250

 

 

Input SGST

1,500

 

 

Input IGST

1,500

 


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