CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 170601 लेखांकन सॉफ्टवेयर लेने के पहले किन बातों का ध्यान रखा जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेखांकन सॉफ्टवेयर लेने के पहले ध्यान रखी जाने वाली बातें:
1. लोचपूर्णता: लेखांकन सॉफ्टवेयर लेने के पहले लोचपूर्णता का ध्यान रखा जाना महत्वपूर्ण होता है अर्थात डाटा एंट्री तथा उपलब्धता तथा रिपोर्ट प्रारूप। इसे उपयोगकर्ता, ऑपरेटिंग सिस्टम तथा हार्डवेयर के बिच लोचपूर्ण होना चाहिए।
2. स्थापना तथा रखरखाव लागत: सॉफ्टवेयर का चयन संगठन की आवश्यकतानुसार किया जाता है। एक ऐसा निर्णय लेने के लिए उपलब्ध विकल्प के विश्लेषण लाभ लागत तथा फर्म को उपलब्ध वित्तीय अवसर एक साधारण दिशा निर्देश होता है।
3. संगठन का आकार: संगठन का आकार और व्यापार लेनदेन की मात्रा सॉफ्टवेयर विकल्प को प्रभावित करती है। बड़े संगठन को बहु उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं को पूरा करने, भौगोलिक दृष्टि से बिखरे हुए और जटिल नेटवर्क के माध्यम से जुड़े रहने के लिए याचित सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है।
4. आपनाने की आसानी तथा प्रशिक्षण आवश्यकताऐं: कुछ लेखांकन सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता के अनुकूल होते हैं इसलिए उपयोगकर्ताओं को इसके लिए एक आसान प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। हालांकि, अन्य सूचना प्रणाली से जुड़े हुये कुछ अन्य जटिल सॉफ्टवेयर को एक सतत आधार पर गहन प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
5. उपयोगिता/एमआईएस रिपोर्ट: एमआईएस तथा उपयोग स्तर भी सॉफ्टवेयर के अधिग्रहण को निर्धारित करता है।
6. गोपनीयता का वांछित स्तर: लेखांकन सॉफ्टवेयर खरीदने से पहले एक और बात सुरक्षा सुविधाऐं है जो लेखा प्रणाली में डेटा तक पहुँचने और जोड़ तोड़ से अनधिकृत कर्मियों को रोकती है।
7. डाटा को एक्सपोर्ट/इंपोर्ट की सुविधा: कभी कभी लेखांकन सॉफ्टवेयर से अन्य सिस्टम या सॉफ्टवेयर में डेटाबेस के हस्तांतरण की उम्मीद होती है।
8. विक्रेता की प्रतिष्ठा तथा योग्यता: विक्रेता की प्रतिष्ठा और क्षमता एक और महत्वपूर्ण बात होती है। यह इस पर निर्भर करता है कि विक्रेता इस साॅफ्टवेयर विकास के व्यवसाय में कितने समय से है।


Q. 170602 उपयोग के लिए तैयार, व्यवस्थित तथा आवश्यकतानुसार निर्मित सॉफ्टवेयर में क्या अंतर है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/10/14/201410149646740014132588071.jpg


Q. 170603 कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली की सीमाऐं क्या होती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली की सीमाऐं:
1. प्रशिक्षण की लागत: विशेष कम्प्यूटरीकृत लेखांकन साॅफ्टवेयर को विशेष कर्मियों की आवश्यकता होती है। इसलिए एक निरंतर आधार पर हार्डवेयर तथा साॅफ्टवेयर को समझने के लिए विशाल प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है जिसमें अधिक लागत शामिल होती है।
2. स्टाफ का विरोध: जब कभी भी कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली को अपनाया जाता है तो मौजूदा लेखांकन स्टाफ द्वारा इसका विरोध किया जाता है क्योंकि उन्हें हटाये जाने का डर होता है क्योंकि उन्हें ये लगता है कि वे संगठन के लिए उनका महत्व कम हो जायेगा।
3. समय की बर्बादी: जब एक संगठन कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली को अपनाती है तो कार्यात्मक वातावरण में आए परिवर्तनों की वजह से काफी समय बर्बाद हो जाता है।
4. प्रणाली की विफलता: कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली में हार्डवेयर समस्याओं के कारण प्रणाली के समाप्त होने का खतरा रहता है तथा कार्य समय की हानी का डर रहता है।
5. अप्रत्याशित त्रुटियों की जांच करने में असमर्थता: जैसा की कम्प्यूटर में तुलना या समझ का अभाव होता है, इसलिए वह मानव द्वारा की गयी अप्रत्याशित त्रुटियों का पता लगाने में असमर्थ होता है।
6. सुरक्षा का उलंघन: कम्प्यूटर संबंधित अपराधों का पता लगाना कठिन होता है इसलिए डाटा को चुराया जा सकता है।
7. स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव: कम्प्यूटर प्रणाली का व्यापक उपयोग कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है।


Q. 170604 कम्प्यूटरीकृत लेखांकन तथा हस्तलिखित लेखांकन में तुलना कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्प्यूटरीकृत लेखांकन तथा हस्तलिखित लेखांकन में तुलना:
1. पहचान: कम्प्यूटरीकृत लेखांकन तथा हस्तलिखित लेखांकन दोनों में लेनदेनों को पहचानने का आधार समान होता है।
2. अभिलेखन: हस्तलिखित लेखांकन में वित्तीय लेनदेनों को प्रारंभिक लेखा पुस्तक में रिकॉर्ड किया जाता है जबकि कम्प्यूटरीकृत लेखांकन में ऐसे लेनदेनों को सुसज्जित लेखांकन डाटाबेस में रिकॉर्ड किया जाता है।
3. वर्गीकरण: हस्तलिखित लेखांकन में प्रारंभिक पुस्तक में अभिलेखित लेनदेनों को खाताबही में खतौनी कर वर्गीकृत किया जाता है। इस कारण लेनदेन डाटा का दोहरान होता है। कम्प्यूटरीकृत लेखांकन में, लेनदेनों के वर्गीकरण से ऐसा कोई दोहरान नहीं होता है।
4. संक्षिप्तिकरण: हस्तलिखित लेखांकन में विभिन्न खातों के शेष को सुनिश्चित करते हुए तलपट तैयार करके लेनदेनों को सारांशित किया जाता है। तलपट को तैयार करने के लिए खाताबही खातों को पूरा करना आवश्यक होता है। हालांकि, कम्प्यूटरीकृत लेखांकन में लेखांकन सॉफ्टवेयर द्वारा प्रसंस्कृत डाटा को तलपट में प्रदर्शित किया जाता है।
5. समायोजन प्रविष्टियाँ: एक हस्तलिखित लेखांकन प्रणाली में, इन प्रविष्टियों को लागत एवं आय मिलान सिद्धांत के आधार किया जाता है। इन प्रविष्टियों को वर्ष के दौरान किये गये व्ययों को कमाये गये लाभों से मिलाने के लिए किया जाता है। कुछ समायोजन प्रविष्टियाँ अशुद्धि सुधार के लिए की जाती हैं। जबकि, कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली जर्नल वाउचरों को लागत एवं आय मिलान सिद्धांत को पूरा करने के लिए तैयार किया जाता है, परंतु इसमें एक गलत वाउचर अभिलेखित करते हुए एक सिद्धांत की त्रुटि के सुधार को छोड़कर सुधार तथा त्रुटियों के लिए प्रविष्टियाँ करने जैसा कुछ नहीं होता है, जैसे एक प्राप्ति लेनदेन के लिए भुगतान वाउचर का उपयोग करना।
6. वित्तीय विवरण: लेखांकन की हस्तलिखित प्रणाली में, अंतिम खातों को तैयार करने से पूर्व तलपट की उपलबधता को देखा जाता है। हालांकि कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली में ऐसी कोई आवश्यकता नहीं होती है। इसमें अंतिम खातों को स्वंतत्र रूप से तैयार किया जाता है क्योंकि इसमें ऐसे विवरणों को संरक्षित लेनदेन डाटा से सीधे तैयार किया जा सकता है।
7. पुस्तकें बंद करना: वित्तीय रिपोर्ट तैयार करने के पश्चात् लेखाकार को आगामी वर्ष के लिए तैयारी करनी होती है। यह अंतिम प्रविष्टि करके तथा जर्नल प्रविष्टि को उल्टा करके किया जाता है। कम्प्यूटरीकृत लेखांकन में, यह डाटाबेस में लेखों के प्रारंभिक शेषों को संरक्षित करने तथा निर्माण करने के लिए वर्ष-अंत प्रक्रिया होती है।


Q. 170605 कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली के तत्वों के संबंध को प्रदर्शित करने के लिए एक चित्र बनाईए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/10/14/201410148310260014132584871.jpg


Q. 170606 कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली के लाभ क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली के लाभ:
1. लेनदेनों की संख्या अधिक: कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली लेनेदनों की अधिक संख्या को तेजी से तथा शुद्धता के साथ संरक्षित कर सकती है।
2. मापनीयता: एक कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली बढ़ते लेनदेनों को संभालने के लिए मापनीय होते हैं।
3. सुरक्षा: कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली के तहत लेखांकन डाटा को हस्तलिखित लेखांकन प्रणाली की तुलना में अधिक सुरक्षा के साथ रखा जा सकता है।
4. सही समय पर सूचना: समय पर सूचनाओं की उपलब्धता प्रबंधन को त्वरित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है, जो एक उद्यम की सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व होता है। यह प्रणाली समय पर सूचनाऐं उपलब्ध कराने में सक्षम होती है।
5. कम लागत: कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली के तहत पुस्तपालन की लागत हस्तलिखित लेखांकन प्रणाली की तुलना में कम होती है।
6. कम कागजी कार्य: कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली के तहत हस्तलिखित लेखांकन प्रणाली की तुलना में कागजी कार्य बहुत कम होते हैं।
7. लोचपूर्ण रिर्पोटिंग: कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली के तहत हस्तलिखित लेखांकन प्रणाली की तुलना में रिर्पोटिंग अधिक लोचपूर्ण होती है।
8. पूछताछ: कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली में विभिन्न पूछताछ के उत्तर तुरंत प्राप्त किए जा सकते हैं।
9. सटीकता: कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली के तहत हस्तलिखित लेखांकन प्रणाली की तुलना में खातों की सटीकता अधिक होती है।
10. उद्यतन: सूचनाओं का उद्यतन तथा गलत लेनदेनों का सुधार आसानी से किया जाता है।


Q. 170607 ग्रामीण क्षेत्रों में लघु व्यवसाय की उपस्थिति कम करती है


A.

जीवन स्तर को।

B.

आम स्त्रोतों को।

C.

आय की असमानता को।

D.

रोजगार अवसरों को।

Right Answer is: C

SOLUTION

ग्रामीण क्षेत्रों में लघु व्यवसाय की उपस्थिति ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में आय की असमानता को कम करती है।


Q. 170608 आधुनिक लघु उद्योगों में क्या शामिल हैं


A.

विद्युत करघा।

B.

हस्तकलायें।

C.

नारियल जटा।

D.

रेशम उत्पादन।

Right Answer is: A

SOLUTION

ग्रामीण तथा लघु औद्योगिक क्षेत्र में आई लघु समूह शामिल हैं इनमें हथकरघा, हस्थशिल्प, नारियल जटा, रेशम उत्पादन, ग्रामीण उद्योग, लघुस्तरीय उद्योग तथा विद्युत करघा शामिल हैं। लघु स्तरीय उद्योग तथा विद्युत करघा आधुनिक लघु उद्योगों में आते हैं, जबकि अन्य परम्परागत उद्योगों के अंतर्गत आते हैं।


Q. 170609 एक लघु सेवा इकाई का निवेश होता हैः


A.

2 करोड़ से कम।

B.

3 करोड़ से कम।

C.

5 करोड़ से कम।

D.

10 करोड़ से कम।

Right Answer is: A

SOLUTION

एमएसएमईडी अधिनियम के अनुसार लघु सेवा उद्यम यंत्रों पर 10 लाख से ऊपर लेकिन 2 करोड़ तक निवेश कर सकता है।


Q. 170610 लघु स्तरीय उद्योगों को आगे बढाने का इनमें से जो एक सरकारी प्रयास नहीं हैः


A.

कच्चे माल का निम्न आवंटन।

B.

ऋण रियायतें।

C.

बिक्री कर छुट।

D.

10 करोड़ तक उत्पादन कर छुट।

Right Answer is: D

SOLUTION

सरकार 1 करोड़ तक के उत्पादन पर उत्पादन कर में छुट प्रदान करती है न कि 10 करोड़ तक के उत्पादन में।


Q. 170611 भारत के औद्योगिक निर्गत मुल्य में लघु ईकाइयों का योगदान है:


A.

33 प्रतिशत।

B.

40 प्रतिशत।

C.

70 प्रतिशत।

D.

90 प्रतिशत।

Right Answer is: B

SOLUTION

कुल औद्योगिक मुल्य में लघु ईकाइयों का लगभग 40 प्रतिशत योगदान है।


Q. 170612 राकेश एक लघु स्तरीय उद्योग इकाई संचालित करता है। वह किस कारण शीघ्र तथा सामयिक निर्णय ले पाता है:


A.

अपने लघु आकार के संगठन के कारण।

B.

विश्लेषण के लिए समय की कमीं के कारण।

C.

सरकारी उपचारों की सहायता के कारण।

D.

अपनी मानसिक क्षमता के कारण।

Right Answer is: A

SOLUTION

लघुस्तरीय उद्योग इकाई के मामले में, संगठन का आकार छोटा होने के कारण, लोगों से सम्पर्क किये बिना शीघ्रगामी व सामयिक निर्णय लिये जा सकते हैं जो दीर्घ आकार के संगठन में किया जाता है।


Q. 170613 सीडबी का पूरा नाम है


A.

भारतीय लघु औद्योगिक विकास बैंक।

B.

भारतीय लघु उद्योग बोर्ड।

C.

भारतीय विशेष औद्योगिक विकास बैंक।

D.

भारतीय लघु औद्योगिक बोर्ड।

Right Answer is: A

SOLUTION

यह लघु व्यवसायिक संगठनों को ऋण आवश्यकताओं के लिए प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष सहायता प्रदान करता है।


Q. 170614 परिसंपत्तियों, दायित्वों, आय और व्यय का समूहीकरण किया जाता है:


A. लेखांकन सॉफ्टवेयर के सही काम करने के लिए

B. एमआईएस की तैयारी के लिए

C. वित्तीय विवरणों की तैयारी को सुगम करने के लिए

D. रोजनामचा और बहीखाते की तैयारी को सुगम करने के लिए

Right Answer is: C

SOLUTION

लेखांकन का उद्देश्य तब हासिल हो सकता है जब लेखा मदों को उस तरीके से परिभाषित किया जाता है कि जिसमें पूँजी व्यय और पूँजी आय उचित मुख्य मद के अंतर्गत चिट्ठा के हिस्से का गठन करती है। इसी प्रकार राजस्व व्यय और राजस्व आय व्यापार, लाभ और हानि खातों का गठन करती हैं।


Q. 170615 निम्न में से किसके अतिरिक्त सभी परिचालन सॉफ्टवेयर हैं


A. एमएस डोस

B. विन्डोज़  XP

C. एमएस वर्ड

D. लाइनक्स

Right Answer is: C

SOLUTION

परिचालन सॉफ्टवेयर कुछ ख़ास प्रोग्राम का एक सेट है जो उपयोगकर्ता और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच इंटरफेस बनाता है


Q. 170616 लेखाओं को समूहीकृत करना किसके कारण आवश्यक होता है


A.

पूँजी प्रवृत्ति और राजस्व प्रवृति के मदों के

B.

लेखांकन सॉफ्टवेयर

C.

मानवीय लेखांकन प्रणाली

D.

दोहरी लेखांकन प्रणाली

Right Answer is: A

SOLUTION

लेखांकन के उद्देश्यों को तभी हासिल किया जा सकता है जब लेखांकन मदों को उस तरीके से परिभाषित किया जाता है जिसमें पूँजी मद उचित मुख्य मद के अंतर्गत चिट्ठा के हिस्से का गठन करती है। इसी प्रकार राजस्व मदें व्यापार, लाभ और हानि खातों का गठन करती हैं। (कम्पनियों के मामले में लाभ और हानि वक्तव्य)


Q. 170617 आप डाटाबेस की विभाजित प्रोपर्टी से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विभाजित प्रोपर्टी अर्थात वे सभी जिनकी सभी प्रासंगिक डेटा तक पहुंच होती है तथा जो डाटा का उपयोग करने के लिए अधिकृत होते हैं।


Q. 170618 आप डेटाबेस की एकीकृत प्रोपर्टी से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एकीकृत प्रोपर्टी यह स्पष्ट करती है कि अलग डेटा तालिकाओं को तार्किक रूप से गठित किया गया है। इसका उद्देश्य अतिरेक को कम या खत्म करने और बेहतर डेटा का उपयोग की सुविधा देना भी होता है।


Q. 170619 CAS को परिभाषित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली (CAS): CAS एक ऐसी लेखांकन प्रणाली है जो की वित्तीय लेनदेनो तथा घटनाओं पर Generally Accepted Accounting Principles(GAAP) के अनुसार क्रिया करती है।


Q. 170620 सी.ए.एस. से आपका क्या अभिप्राय है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सी.ए.एस. से अभिप्राय कम्प्यूटर लेखांकन प्रणाली से हैं इसकी सहायता से निम्नलिखित कार्य गतिशीलतापूर्वक एवं त्रुटिरहित तरीके से किये जा सकते हैं।(1) कम्प्यूटर लेखांकन की सहायता से रोकड., खातों की नकल, तलपट, लाभ-हानि खाता, चिठ्ठा आदि को लेखांकन प्रतिवेदन के रूप में निकाला जा सकता हैं।(2) स्प्रेडशीट डेटाबेस तथा वर्ड प्रोसेसर की सहायता से कम्पनी अपने व्यवसाय को कुशलतापूर्वक संचालित कर सकती हैं।(3) वर्ड प्रोसेसर की सहायता से प्रतिवेदनों, प्रपत्रों तथा विवरणो को आसानी से बनाया जा सकता हैं।


Q. 170621 कम्प्यूटर लेखांकन की आवश्यकता के लिये कोई चार बिन्दु लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्प्यूटर लेखांकन की आवश्यकता के लिये चार बिन्दु निम्नलिखित हैं:-

1. अच्छी तरह परिभाषित लेखांकन अवधारणाओं तथा सिद्धांतों का पालन करने के लिए।

2. रिकॉर्ड और रिपोर्ट रखरखाव के लिए परिभाषित उपयोगकर्ता संरचना को बनाये रखने के लिए।

3. त्वरित रिपोर्ट के लिए।

4. समय एवं संसाधनों की बचत के लिए।


Q. 170622 कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली व्यवसाय पर और अच्छा नियंत्रण करने के लिए प्रबंधन की सहायता कैसे करती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली समय पर प्रबंधन सूचना रिपोर्टें तैयार करने की सुविधा प्रदान करता है, जो व्यवसाय को नियंत्रित करने तथा निगरानी करने में प्रबंधन की सहायकता करती हैं। उदाहरण के लिए, देनदारों का विश्लेषण डूबत ऋणों तथा समय पर गतिविधियों की संभावनाओं को इंगित करेगा।


Q. 170623 कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली की महत्वपूर्ण विशेषताऐं क्या होती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली की महत्वपूर्ण विशेषताऐं निम्नलिखित हैं:
1. लेखांकन डाटा को प्रविष्ट तथा संरक्षित करना।
2. विभिन्न खातों कर सम्पत्तियों, दायित्वों, पूँजी, आय आदि में समूहिकरण करना।
3. लेनदेनों तथा खातों के कोड निर्धारण के लिए तर्कपूर्ण स्कीम।
4. रोकड़ बही, तलपट, वित्तीय विवरण आदि रिपोर्टस् तुरंत देना।


Q. 170624 प्रबन्ध सूचना प्रणाली तथा लेखांकन सूचना प्रणाली में क्या अंतर है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रबन्ध सूचना प्रणाली- प्रबन्ध सूचना प्रणाली से तारूपर्य किसी संस्था की उस व्यवस्था से है जिसके द्वारा संस्था के विभिन्न प्रबन्ध स्तरों के लिए पर्यापत सूचना समय पर उपलब्ध कराई जाती है।

लेखांकन सूचना प्रणाली- लेखांकन सूचना प्रणाली एक संसथा की आर्थिक सूचना को पहचानने, एकत्रित करने व प्रक्रिया करने के बाद उसे अलग-अलग उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाती है।


Q. 170625 डेटाबेस प्रौद्योगिकी क्या होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह एक डेटाबेस डिजाइन करने के लिए प्रयुक्त तकनीक का एक समूह होती है। इन तकनीकों में कुछ अवधारणाऐं होती है जो डिजाइन की संरचना और विकास के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। ये वास्तविकता, डेटा, डेटाबेस, सूचना, डीबीएमएस और डेटाबेस प्रणली होती है।


Q. 170626 लेखांकन सूचना प्रणाली के क्या उद्देश्य हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेखांकन सूचना प्रणाली के निम्नलिखित उद्देश्य हैं -

1. लेखांकन सूचनाओं के विभिन्न उपयोकर्ताओं को विरवसनीय लेखांकन सूचनाएँ उपलब्ध करना।

2. व्यवसाय से सम्बन्धित आवश्यक वैधानिक सूचनाएँ उपलब्ध करना।

3. व्यावसायिक फर्मों को सम्भावित छल-कपटों से सुरक्षा प्रदान करना।

4. ऐसी सूचनाएँ सृजित करना जोकि आन्तरिक प्रबन्ध के लिए मूल्यवान हों।


Q. 170627 रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया:
1. रिपोर्ट डिजाइ करना: प्रत्येक रिपोट से ऐसे कुछ उद्देश्यों के पूरे होने की उम्मीद होती है जिसके लिए इसकी सूचना को डिजाइन और विकसित किया जाता है। यह इतनी बड़ी नहीं होनी चाहिए कि इसे पढ़ा नहीं जा सके या इतनी छोटी भी नहीं होनी चाहिए कि इसमें समाहित कुछ ऐसी महत्वपूर्ण सूचनाऐं प्रदर्शित नहीं हो सके जिनके लिए इसका निर्माण किया जा रहा है।
2. लेखा सूचना क्वेरियों की पहचान: बहुत से एसक्यूएल कथन इस प्रकार लिखे जाते हैं कि प्रत्येक पूर्ववर्ती एसक्यूएल, एसक्यूएल कथन के परिणामों पर निर्भर करता है और मौजूदा डेटा तालिकाओं से ताजा डेटा का उपयोग करके इसके परिणामों को परिष्कृत किया जाता है।
3 अंतिम एसक्यूएल के रिकॉर्ड समूहों का उपयोग करना: पूर्ववर्ती एसक्यूएल कथन पर निर्भर अंतिम एसक्यूएल के समूह रिकॉर्ड, रिपोर्ट उन्मुख जानकारी का संग्रह होता है। यह रिकॉर्ड समूह को उत्पादन शुरू रिपोर्ट में जोड़ने की आवश्यकता होती है।


Q. 170628 क्वेरी बनाने के विभिन्न तरीके हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

क्वेरी बनाने के तीन तरीके हैं:

1. विजार्ड विधि

2. डिजाइन विधि

3. एसक्यूएल व्यू विधि


Q. 170629 सारांश क्वेरी क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक सारांश क्वेरी एक साधारण क्वेरी के विरोध के रूप में होती है, इसका अभिलेखों के एक समूह के बजाय रिकॉर्ड के एक विस्तृत समूह के लिए डेटा आइटमों का कुल निकालने के लिए प्रयोग किया जाता है। इस क्वेरी का लेखांकन में विशेष महत्व होता है क्योंकि लेखा रिपोर्ट लेनदेन डेटा के सारांश पर आधारित होता है।


Q. 170630 लेखांकन सूचना प्रणाली के कितने अंग हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेखांकन सूचना प्रणाली के चार प्रमुख अंग हैं-

1. अदा

2. प्रक्रिया

3. प्रदा

4. नियंत्रण

 


Q. 170631 साधारण क्वेरी क्या होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक सेलेक्ट क्वेररी एक साधारण क्वेरी होती है यदि इसमें डेटा के एक सारांश का उत्पादन करने के लिए किसी भी क्वेरी फंक्शन का इस्तेमाल शामिल नहीं होता है। यदि कोई हो तो यह मापदंड, क्वेरी के एक अभिन्न हिस्से का निर्माण करते हुए, कुछ स्थिर मूल्य या मूल्यों पर आधारित एक क्वरी में प्रयुक्त होता है।


Q. 170632 सेलेक्ट क्वेरी क्या होती है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक्सेस में कई प्रकार की क्वेरी होती है जिनका सूचना उत्पन्न करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी क्वेरियों को सेलेक्ट क्वेरी कहा जाता है क्योंकि इनका उपयोग दिये गये फिल्डों के समुहों: वास्तविक एवं आंकलित के साथ रेकॉर्ड को सेलेक्ट करने के लिए तथा दिये गये मानदण्ड के लिए किया जाता है।


Q. 170633 विजार्ड द्वारा एक फाॅर्म तैयार करने के लिए चरण लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विजार्ड द्वारा एक फॉर्म तैयार करने के लिए चरण इस प्रकार हैं:
1. फॉर्म टेब का चयन कीजिए, ओके पर क्लिक कीजिए।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/10/09/20120116696806001326713313517jan.jpg
2. फॉर्म पर आवश्यक फिल्डों का चयन कीजिए।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/10/09/20120116696806001326713313518jan.jpg
3. फॉर्म के लेआउट का चयन कीजिए।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/10/09/20120116696806001326713313519jan.jpg
4. फॉर्म के लिए स्टाईल का चयन कीजिए।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/10/09/20120116696806001326713313520jan.jpg
5. फाईल के लिए नाम का चयन कीजिए।
Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/10/09/20120116696806001326713313521jan.jpg
6. फिनिश पर क्लिक कीजिए।


Q. 170634 ‘लघु व्यवसाय के योगदान को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा देश में एक प्रभावी संस्थागत सहायता प्रदान की गई है।’ लघु व्यापार में मदद करने के लिए स्थापित संस्थानों में से कुछ पर एक संक्षिप्त टिप्पणी दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में छोटे और ग्रामीण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित मुख्य संस्थाओं की स्थापना की गई है:
कृषि एवं ग्रामीण विकास हेतु राष्ट्रिय बैंक (नाबार्ड) - नाबार्ड को एकीकृत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए संसद के एक अधिनियम के माध्यम से 1982 में स्थापित किया गया। यह ऋण सुविधाऐं, परामर्श और सलाह सेवाऐं प्रदान कर और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर लघु और ग्रामीण उद्योगों का समर्थन करता है।
भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) - भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को भारतीय संसद के एक अधिनियम के तहत 1990 में स्थापित किया गया था। यह छोटे व्यवसाय के क्षेत्र को बढ़ावा देने, वित्त पोषण और विकास के लिए प्रमुख वित्तीय संस्थान है। यह छोटे व्यापार संगठनों की ऋण जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहायता प्रदान करता है।
राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) - एनएसआईसी छोटे व्यापार इकाइयों के विकास को बढ़ावा देने के लिए 1955 में स्थापित किया गया था। यह व्यापार के निम्न प्रकार के व्यावसायिक पहलूओं का समर्थन करता है:
1.
किराया क्रय शर्तों पर मशीनों की आपूर्ति।
2.
कच्चे माल की खरीद और वितरण।
3.
लघु उद्योग इकाइयों के उत्पादों का निर्यात।
4.
तकनीकी उन्नयन के निर्माण के प्रति जागरूकता।
5.
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क का विकास।
एनएसआईसी ने छोटे व्यवसायों के प्रदर्शन और क्रेडिट रेटिंगकी एक योजना भी लागू की है।
ग्रामीण और महिला उद्यमिता विकास (आरडब्ल्यूईडी) - ग्रामीण और महिला उद्यमिता विकास कार्यक्रम का उद्देश्य एक अनुकूल कारोबारी माहौल को बढ़ावा देना और ग्रामीण लोगों और महिलाओं की उद्यमशीलता की पहल को प्रोत्साहन एवं समर्थन प्रदान करना है। यह नए उद्यमियों, विशेष रूप से महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और सलाहकार सेवाएं प्रदान करता है।
लघु और मध्यम उद्यमों के लिए वैश्विक संघ (डब्ल्यूएएसएमई) - डब्ल्यूएएसएमई भारत में स्थित, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का एक अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन है। यह विभिन्न योजनाओं की शुरुआत से गैर-कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देता है। इसकी विभिन्न योजनाऐं हैं जैसे - एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री रोजगार योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के विकास और बच्चों के लिए ग्रामीण युवाओं को स्व-रोजगार और प्रशिक्षण के रूप में विभिन्न योजनाऐं।


Q. 170635 पिछड़े आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा प्रदान किये गये कुछ सामान्य प्रोत्साहनों को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पिछड़े आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा प्रदान किये गये कुछ सामान्य प्रोत्साहन हैं:
भूमि: जमीन औद्योगिक गतिविधि के हर प्रकार के लिए आवश्यक एक निश्चित परिसंपत्ति होती है। यह उत्पादन का एक दुर्लभ और महंगा कारक होता है। लगभग सभी राज्य उद्योगों की स्थापना के लिए विकसित भूखंड प्रदान करते हैं। हालांकि कुछ राज्य इन भूखंडों के लिए प्रारंभिक वर्षों में किराया नहीं लेते हैं, जबकि कुछ किस्तों में भुगतान की अनुमति देते हैं।
बिजली: व्यापार इकाइयाँ आम तौर पर बिजली के बिना कार्य नहीं कर सकती हैं। बिजली, कुछ राज्यों में रियायती दर पर आपूर्ति की जाती है जबकि कुछ राज्यों में प्रारंभिक वर्षों के भुगतान से कुछ इकाइयों की छूट दी जाती है।
जल: पानी हर व्यावसायिक या गैर व्यावसायिक गतिविधि के लिए एक बुनियादी जरूरत है। इसलिए, एक औद्योगिक इकाई की स्थापना के प्रारंभिक वर्षों में पानी की आपूर्ति न-लाभ और न-हानि के आधार पर या शुल्क पर कुछ रियायत या छूट के साथ की जाती है।
विक्रय कर: पिछड़े, आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विकास को बढ़ावा देने के लिए अधिकांश राज्य करों और शुल्कों में छूट प्रदान करते हैं। तृतीयक उद्योग सभी करों से मुक्त होते हैं जबकि कुछ राज्य इस छूट की अवधि को 5 साल तक बढ़ा देते हैं।
कच्चा माल: कच्चा माल आसानी से उपलब्ध नहीं होने पर इसे प्राप्त करने में छोटी इकाइयों की मदद करने के लिए विभिन्न योजनाऐं और कार्यक्रम शुरू किये जाते हैं। पिछड़े क्षेत्रों में स्थित इकाइयाँ सीमेंट, लोहा और इस्पात आदि की तरह दुर्लभ कच्चे माल के आवंटन के मामले में अधिमान्य उपचार प्राप्त करते हैं।
वित्त: वित्त भारत जैसे विकासशील देशों में औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी समस्या है। दीर्घकालिक परिसंपत्तियों के वित्त पोषण में मदद प्रदान करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों की मदद से कुछ योजनाऐं शुरू की जाती है। पूँजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए 10-15 फीसदी का अनुदान दिया जाता है। ऋण भी रियायती दरों पर दिया जाता है।


Q. 170636 भारत में छोटी व्यावसायिक इकाइयों के सामने आने वाली प्रमुख समस्याओं को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लघु व्यापार इकाइयों को विभिन्न कारकों मुख्यतः इकाइयों के छोटे आकार की वजह से विभिन्न समस्याओं का सामना करते हैं:
अपर्याप्त वित्त: एक छोटे व्यापार को छोटी पूँजी के साथ शुरू किया जाता है। अधिकांश छोटे व्यापार इकाइयाँ दीर्घकालिक परिसंपत्तियों में छोटी राशि निवेश करते हैं। यह ऋण जुटाने के लिए एक फर्म की क्षमता को प्रभावित करता है क्योंकि उधारदाताओं को ऋण अनुमति देने के लिए कुछ सुरक्षा की जरूरत होती है। बैंक भी बिना ऐसी पर्याप्त सुरक्षा या गारंटी के पैसे उधार नहीं देता है जो उनमें से कई प्रदान करने की स्थिति में नहीं होते हैं।
अकुशल श्रमिक: छोटी व्यावसायिक फर्मों के पास कर्मचारियों को अधिक वेतन का भुगतान करने के लिए पर्याप्त धन नहीं होता है। कम वेतन के कारण प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करना इन कंपनियों के लिए एक समस्या होती है। अकुशल श्रमिक कम पारिश्रमिक के लिए शामिल होते हैं लेकिन उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया लंबी और महंगी होती है। आम तौर पर, प्रति कर्मचारी उत्पादकता कम होती है तथा कर्मचारी व्यवसाय की दर ऊंची पायी जाती है।
कच्चे माल की अनुपलब्धता: छोटे व्यवसायों को फर्मों को सस्ते लेकिन उच्च गुणवत्ता की सामग्री की अनुपलब्धता के लिए कच्चे माल की गुणवत्ता पर समझौता करना पड़ता है। इन इकाईयों को उपलब्ध माल की लागत कम होती है इनकी सौदेबाजी की शक्ति अपेक्षाकृत कम होती है क्योंकि ये छोटी मात्रा में माल का क्रय करते हैं।
कम प्रबंधकीय कौशल: लघु व्यापार इकाइयों को कम पूँजी वाले व्यक्तियों द्वारा बढ़ावा और प्रबंधित किया जाता है। परिचालन के छोटे पैमाने के रूप में इन्हें इनके एकमात्र स्वामी द्वारा प्रबंधित किया जाता है जिनके पास प्रबंधकीय कौशल का अभाव हो सकता है। अपर्याप्त कोषों के कारण ये इकाइयाँ अत्यधिक कुशल प्रबंधकों को वहन करने की स्थिति में भी नहीं होती हैं।
खराब गुणवत्ता: आम तौर पर छोटे व्यापार इकाइयों की गुणवत्ता के वांछित मानकों का पालन नहीं करते हैं। वे लागत में कटौती और कम कीमत रखने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसके अलावा इनके पास गुणवत्ता अनुसंधान में निवेश और उद्योग के मानकों को बनाए रखने के लिए पर्याप्त धन नहीं होता है। इनके पास प्रौद्योगिकी उन्नत करने के लिए कोई विशेषज्ञता नहीं होती है।
वैश्विक प्रतियोगिता: वैश्विक प्रतिस्पर्धा के वर्तमान परिदृश्य में, छोटी कंपनियाँ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं होती हैं। बड़े संगठन बड़ी मात्रा पर कार्य करते हैं। इसके अलावा, छोटी कंपनियाँ तकनीकी कौशल, वित्तीय ऋण पात्रता, विपणन क्षमताओं के मामले में प्रतिस्पर्धा का सामना करते हैं। बड़ी कंपनियाँ बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं के लिए गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना लागत में कटौती करने में सक्षम होती है। यह प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए छोटी इकाइयों के सामने समस्या पैदा करता है।


Q. 170637 एमएसएमई अधिनियम के अनुसार लघु व्यवसाय के वर्गीकरण को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एमएसएमई अधिनियम, 2006 के अनुसार, लघु स्तर के उद्योगों का बंटवारा निम्न प्रकार किया जाता है:
विनिर्माण उद्यम: ये ऐसे उद्यम होते हैं जो वस्तुओं के निर्माण/उत्पादन में लगे होते हैं।
सेवा उद्यम: ये ऐसे उद्यम होते हैं जो सेवाएं प्रदान करने में लगे होते हैं।
विनिर्माण उद्यमों को आगे संयंत्र एवं मशीनरी में इनके निवेश के आधार पर निम्नलिखित में वर्गीकृत किया जाता है:
1.
सुक्ष्म उद्यम - 25 लाख तक निवेश।
2.
लघु उद्यम - 25 लाख से ऊपर तथा 5 करोड़ तक निवेश।
3.
मध्यम उद्यम - 5 करोड़ से ऊपर और 10 करोड़ रुपये तक निवेश।
सेवा उद्यमों को आगे संयंत्र एवं मशीनरी में इनके निवेश के आधार पर निम्नलिखित में वर्गीकृत किया जाता है:
1.
सुक्ष्म उद्यम - 10 लाख तक निवेश।
2.
लघु उद्यम - 10 लाख से ऊपर तथा 2 करोड़ तक निवेश।
3.
मध्यम उद्यम - 2 करोड़ से ऊपर और 5 करोड़ रुपये तक निवेश।


Q. 170638 अत्यधिक संचित आय शेयरधारकों के बीच असंतुष्टि का कारण बन सकती है, क्योंकि इसका परिणाम होता है:


A.

कममताधिकार

B.

कम हित

C.

कम लाभांश

D.

कम्पनीके कम परिचालन लाभ

Right Answer is: C

SOLUTION

संचित आय कर देने के बाद और पूर्वानुमानदेने के बाद कम्पनी के सकल लाभ का हिस्सा होता है, जिसे समता लाभांश के रूप में वितरित नहीं किया जाता है बल्कि दोबारा निवेश के लिए रखा जाता है


Q. 170639 लाभ को दोबारा निवेश करने के लिए उत्पन्न किए गए कोष को क्या कहते हैं:


A.

आतंरिक स्रोत

B.

बाहरी स्रोत

C.

नियत शुल्क स्रोत

D.

महंगे स्रोत

Right Answer is: A

SOLUTION

कोष के आतंरिक स्रोत वे स्रोत हैं जिन्हें व्यापार में ही उत्पन्न किया जाता है. लाभ को निवेश करना कोष का एक अच्छा आतंरिक स्रोत है


Q. 170640 ऋणपत्रों के जारी होने के साथ कम्पनी की ऋण लेने की क्षमता:


A.

बढ़ती है

B.

कम होती है

C.

उतनी ही रहती है

D.

बेहतर होती है

Right Answer is: B

SOLUTION

हर कम्पनी में कुछ नियत ऋण लेने की क्षमता होती है. ऋणपत्रों के जारी होने के साथ ही, एककंपनी के ऋण लेने की क्षमता में कमी आती है


Q. 170641 ऋणपत्र अक्सर जारी किए जाते हैं:


A.

कूपन दर के साथ

B.

एक असुरक्षित ऋण के रूप में

C.

नियत शुल्क के बिना

D.

बड़े स्तर पर व्यापार करने के लिए एकल व्यापारियों के द्वारा

Right Answer is: A

SOLUTION

ऋणपत्रों को अक्सर कम्पनियों के द्वारा जारी किया जाता है. आमतौर पर ये नियत ब्याज दर के साथ जारी किए जाते हैं, जिन्हें कूपन दर कहा जाता है


Q. 170642 कोष के इस स्रोत पर ब्याज की दरअक्सर बैंक जमाओं द्वारा दी जाने वालीब्याज दर से अधिक होती है:


A.

ऋणपत्र

B.

सार्वजनिक जमा

C.

पूर्वानुमानअंश पूंजी

D.

समता अंश

Right Answer is: B

SOLUTION

जमाओं पर ब्याज की दर अक्सर बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों के द्वारा दी जाने वाली ब्याज दर से अधिक होती है मगर यह तय नहीं होती है


Q. 170643 वित्त का वह स्रोत जिसमें किसी भी प्रकार की अतिरिक्त लागत संलग्न नहीं होती है, वह है:


A.

पूर्वानुमानअंश

B.

संचित आय

C.

बैंक ऋण

D.

सार्वजनिक जमा

Right Answer is: B

SOLUTION

कुल आय के एक हिस्से को भविष्य में व्यापार के लिए संचित कर रखा जा सकता है. यह आंतरिक वित्त का एक स्रोत है और इसमें कोई भी अतिरिक्त लागत संलग्न नहीं हैं


Q. 170644 धन के ऋणगत स्रोतों में क्या सम्मिलित नहीं होता है:


A.

वाणिज्यिक पेपर

B.

सार्वजनिक जमाएं

C.

बैंक से ऋण

D.

पूर्वानुमानअंश

Right Answer is: D

SOLUTION

‘ऋणगत कोष’ से अर्थ उस धन से है जो ऋण या उधार से लिए जाते हैं.पूर्वानुमानशेयर स्वामित्व कोष के हिस्से का निर्माण करते हैं न कि ऋणगत कोष का


Q. 170645 ऋणपत्र धारक को क्या कहते हैं?


A.

लेनदार

B.

देनदार

C.

शेयर धारक

D.

सहभागी

Right Answer is: B

SOLUTION

उन्होंने कम्पनी को ऋण दिया होता है तो उन्हें मूलत: लेनदार कहते हैं


Q. 170646 वित्त का वह स्रोत जिसे कम्पनी की वित्तीय स्थिति को प्रतिकूल प्रभावित किए बिना प्रयोग किया जा सकता है:


A.

ऋणपत्र

B.

सार्वजनिक जमा

C.

वित्तीयसंस्थान से ऋण

D.

संचयी आय

Right Answer is: D

SOLUTION

संचित आय वह आय है जो पुनर्निवेश के लिए लाभ को दोबारा प्रयोग करता है. यह किसी भी व्यापार की वित्तीय स्थिति को प्रभावित नहीं करता है. इसमें किसी बाहरी को भुगतान नहीं देना होता है, तो इसमें कोई लागत भी संलग्न नहीं होती है


Q. 170647 व्यापारिक साख किसके लिए अनुमत है:


A.

बैंक

B.

सरकार

C.

डीलर

D.

कर्मचारी

Right Answer is: C

SOLUTION

व्यापारिक साख वह साख होती है जो पूर्तिकर्ता के द्वारा खरीदार को वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिएदी जाती है. व्यापारिक साख बिना तत्काल भुगतान के आपूर्तियों की खरीद को सुगम करती है


Q. 170648 वाणिज्यिक बैंकों के द्वारा प्रदत्तवाणिज्यिक पत्र हैं:


A.

विदेशी मुद्रा ऋण

B.

अधिविकर्ष

C.

पट्टा वित्त

D.

आवधिक ऋण

Right Answer is: B

SOLUTION

बैंक कई तरीकों से व्यापारों को वाणिज्यिक पत्र उपलब्ध कराते हैं जैसेनकद, साख, अधिविकर्ष,विपत्रों का क्रय/भुनाना और साख पत्र जारी करना. वेकई मध्य अवधि वित्त भी जारी करते हैं जैसे विदेशी मुद्रा ऋण और पट्टा वित्त और दीर्घ अवधि ऋण


Q. 170649 व्यापारिक साख आम तौर पर उन लोगों को दी जाती है जो:


A.

खरीद पर भुगतान करते हैं

B.

सुरक्षा के रूप में देने के लिए परिसंपत्ति होती हैं

C.

काफी मात्रा में सामान खरीदते हैं

D.

जिसकीअच्छी साख स्थिति होती है

Right Answer is: D

SOLUTION

व्यापार साख उन खरीददारों/ग्राहकों के लिए उपलब्ध होती है जिनकी साथ की स्थिति अच्छी होती है


Q. 170650 सार्वजनिक जमाओं को अधिकतम किस अवधि तकएकत्रित किए जा सकते हैं:


A.

एक वर्ष

B.

दो वर्ष

C.

तीन वर्ष

D.

चार वर्ष

Right Answer is: C

SOLUTION

वे जमा जो संस्थानों के द्वारा सीधे जनता से एकत्र किए जाते हैं उन्हें सार्वजनिक जमाओं के रूप में जानते हैं. सार्वजनिक जमाओं पर दी जाने वाली ब्याजदर अक्सर बैंक जमाओं पर दी जाने वाली ब्याज दर से अधिक होती है. कम्पनी आम तौर पर सार्वजनिक जमाओं को तीन वर्षों के लिए आमंत्रित करती हैं


Q. 170651 समता अंश की तुलना में ऋणपत्रों से वित्त:


A.

अधिक महंगा है

B.

अत्यधिक महंगा है

C.

कम महंगा है

D.

लागत लगभग समान है

Right Answer is: C

SOLUTION

ऋणपत्रों के माध्यम से वित्त पूर्वानुमानया समता पूंजी की लागत की तुलना में कम महंगा होता है क्योंकि ऋणपत्रों पर ब्याज भुगतान में कर में छूट मिलती है


Q. 170652 ऋण के द्वारा उत्पन्न धन को क्या कहते हैं?


A.

स्वामित्व कोष

B.

आंतरिककोष

C.

संचित धन

D.

ऋणगत कोष

Right Answer is: D

SOLUTION

ऋणगत कोष से तात्पर्य उस कोष से है जो ऋण या उधार लेने के माध्यम से सृजित किया जाता है. उधार लिए गए धन के लिए स्रोत में वाणिज्यिक बैंकों या वित्तीय संस्थानों से लिया जाने वाला ऋण, ऋणपत्रों को जारी करना, सार्वजनिकजमाएं  और वाणिज्यिक पेपर आदि सम्मिलित होते हैं


Q. 170653 हानि के मामलों में इस धन पर भी आवश्यक रूप से लाभ का भुगतान किया जाता है


A.

संचयी धन

B.

समता अंश

C.

पूर्वानुमानअंश

D.

ऋणधन

Right Answer is: D

SOLUTION

ऋणधन पर संस्थानों के द्वारा नियत दर पर ब्याज का भुगतान किया जाता है. इस धन के मामले में,  ब्याज का भुगतान तब भी किया जाता है जब आय कम हों या जब नुकसान हों


Q. 170654 ग्रामोद्योग से आपका क्या अभिप्राय है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बिजली का उपयोग किये बिना किसी माल तथा सेवा का उत्पादन करते हुए, एक ग्रामीण इलाके में स्थित कोई भी ऐसा उद्योग, जिसमें प्रति कार्यकर्ता स्थाई पूंजी निवेश 50,000 रुपए या राज्य सरकार या केन्द्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट की गई राशि से अधिक न हो, को ग्रामोद्योग कहा जाता है।


Q. 170655 माया देवी की छपाई इकाई में तीन लाख रूपये के संयंत्र और मशीनरी कर्यरत हैं। क्या उसकी इकाई को ‘सुक्ष्म व्यवसाय उपक्रम’ का दर्जा मिल सकता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक सुक्ष्म व्यापार उद्यम के संयंत्र और मशीनरी में निवेश एक लाख रूपये से अधिक नहीं होना चाहिए इसलिए माया देवी की इकाई को एक सूक्ष्म व्यापार उद्यम का दर्जा नहीं मिल सकता है।


Q. 170656 उड़ीसा में कुछ गांवों में कुछ छोटे पैमाने के हथकरघा उद्योगों को स्थापित किया गया है। ये शहरी क्षेत्रों में ग्रामीण आबादी के पलायन को रोकने में मदद कैसे करेंगे?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ग्रामीण और ग्रामोद्योग के विकास के साथ ग्रामीण आबादी अपने स्वयं के क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं जिससे उनका शहरी क्षेत्रों के लिए प्रवास कम हो जाएगा।


Q. 170657 एनएसआईसी लघु उद्योग के लिए क्या सहायता प्रदान करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एनएसआईसी लघु उद्योग के लिए निम्न सहायता प्रदान करता है

(1) आसान किराया क्रय शर्तों पर स्वदेशी और आयातित मशीनों की आपूर्ति करना।

(2) स्वदेशी और आयातित कच्चे माल का क्रय, आपूर्ति और वितरण करना।

(3) छोटी व्यापार इकाइयों के उत्पादों का निर्यात करना।

(4) सलाह और सलाहकार सेवाएं प्रदान करना।

(5) साफ्टवेयर तकनीक उद्यान और प्रोद्योगिकी हस्तांतरण केन्द्रों का विकास करना।


Q. 170658 देश में लघु व्यवसायों को सहायता देने तथा प्रोत्साहित करने के क्रम में क्या-क्या कदम उठाए गए हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लघु व्यवसायों को सहायता देने तथा प्रोत्साहित करने के क्रम में निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं-

(1) एनएसआईसी और डीआईसी के माध्यम से संस्थागत सहायता प्रदान करना, जो उद्यमियों को सभी प्रकार की सहायता प्रदान करते हैं।

(2) विशेषरुप से पिछड़े क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय के लिए विभिन्न प्रोत्साहन जिसमें रियायती दरों पर भूमि, बिजली, पानी और अन्य संसाधनों के प्रावधान, कर मुक्ति आदि शामिल है।


Q. 170659 सम्भावित उद्यमियों को विभिन्न समर्थन सेवाएं प्रदान करने के अपने उद्येश्य को पूरा करने के लिए डीआईसी उद्यमियों की मदद किस प्रकार से करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सम्भावित उद्यमियों को विभिन्न समर्थन सेवाएं प्रदान करने के अपने उद्येश्य को पूरा करने के लिए डीआईसी उद्यमियों की निम्न प्रकार से मदद करता है

(1) क्रेडिट, मशीनरी और उपकरण प्रदान कराना।

(2) कच्चा माल और अन्य विस्तार सेवाएं उपलब्ध कराना।

(3) उपयुक्त योजनाओं की पहचान करना।

(4) व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करना।


Q. 170660 लघु इकाइयों के संवर्धन से किस प्रकार के लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लघु इकाइयों के संवर्धन से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं –

(1) यह अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न करते हैं।

(2) रोजगार की तलाश में शहरी क्षेत्रों के लिए ग्रमीण आबादी का पलायन रोकते हैं।

(3) माल की किस्म के उत्पादन के माध्यम से औद्योगिक उत्पादन की दिशा में योगदान।

(4) स्थानीय संसाधनों के संग्रहण तथा उपयोग तथा उद्यमशीलता के लिए अवसर प्रदान करते हैं।

(5) संतुलित क्षेत्रीय विकास की सुविधा।


Q. 170661
लघु उद्योग के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित प्रशासनिक व्यवस्था पर संक्षिप्त टिप्पणी दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत सरकार की नीति और लघु उद्योगों के संवर्धन और विकास के लिए केंद्रीय सहायता के समन्वय के लिए नोडल मंत्रालय के रूप में लघु उद्योग तथा कृषि एवं ग्रामीण उद्योग मंत्रालय बनाया है। इस मंत्रालय को सितंबर 2001 में दो अलग मंत्रालयों लघु उद्योग मंत्रालय औरकृषि एवं ग्रामीण उद्योग मंत्रालय में विभाजित किया गया।

ये दोनों मंत्रालय लघु उद्योगों के विकास के लिए नीतियों, कार्यक्रमों और योजनाओं को बढ़ावा देने और क्रमशः गांव और खड्ड उद्योगों, लघु उद्यमों के विकास के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करने के लिए जिम्मेदार है।

हालांकि, एक राष्ट्रपति के संशोधन के अनुसार, 9 मई, 2007 की स्थिति के अनुसार, कृषि एवं ग्रामीण उद्योग और लघु उद्योग मंत्रालय के किसी एक मंत्रालय को ‘‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय’’ में मिला दिया गया है।


Q. 170662
लघु उद्योगों के विकास के लिए महीला उद्यमियों के संवर्धन के लिए सरकार द्वारा चलाये गये कार्यक्रमों को लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लघु उद्योगों के विकास के लिए महीला उद्यमियों के संवर्धन के लिए सरकार द्वारा चलाया गया कार्यक्रम - ग्रमीण तथा महिला उद्यमी विकास कार्यक्रम।

यह उद्यमियों का प्रोत्साहित करने के लिए निम्नलिखित सेवाएँ प्रदान करता हैः

1. यह व्यसावसायिक वातावरण का निर्माण करता है जो महिलाओं तथा अन्य उद्यमियों को प्रोत्साहन देता है।

2. यह लघु व्यावसायिक इकाईयों के उत्पादन में वृद्धि करने के लिए संस्थान तथा मानव की क्षमता में वृद्धि करने में मदद करता है।

3. यह महिला उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है।

4. यह आवश्यक सलाह सेवा भी प्रदान करता है।


Q. 170663 नाबार्ड द्वारा किये जाने वाले कार्य लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) निम्नलिखित कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों का विकास कर रहें हैंः

1. यह लघु उद्योगों, कॉटेज तथा ग्रामीण उद्योगों को ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने के लिए साख सुविधा प्रदान करता है।

2. यह ग्रामीण उद्यमियों को परामर्श प्रदान करता है।

3. यह ग्रामीण उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण एवं विकास कार्यक्रमों का आयोजन करता है।


Q. 170664 ग्रामीण लघु व्यवसाय विकास केंद्र पर एक टिप्पणी दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ग्रामीण लघु व्यवसाय विकास केंद्र को लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए विश्व संघ तथा नाबार्ड द्वारा स्थापित किया गया। यह संस्थान व्यक्तियों तथा समूहों के सामाजिक तथा आर्थिक लाभों के लिए कार्य करता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में सुक्ष्म तथा लघु उद्यमों को तकनीकी तथा प्रबंधकीय सहायता प्रदान करता है। अपनी स्थापना के बाद से, ग्रामीण लघु व्यवसाय विकास केंद ने ग्रामीण उद्यमिता, कौशल उन्नयन कार्यशालाओं, मोबाइल क्लीनिक और विभिन्न गांवों में प्रशिक्षकों, जागरूकता और परामर्श शिविरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है।


Q. 170665
आप लघु तथा मध्यम उद्यमों के लिए विश्व संघ के बारे में क्या जानते हैं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लघु तथा मध्यम उद्यमों के लिए विश्व संघ भारत में आधारित सुक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों के एक गैर-सरकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। ये ऐसे उपक्रमों की स्थिर वृद्धि और व्यवसाय के संवर्द्धन के लिए कई योजनाएँ प्रदान कर रहे हैं। इस संघ के द्वारा प्रदान की गई सामान्य योजनाएँ इस प्रकार हैंः

1. पूरक ग्रामीण विकास कार्यक्रम।

2. प्रधानमंत्री रोजगार योजना।

3. स्वरोजगार के लिए ग्रामीण नौजवानों को प्रशिक्षण।


Q. 170666 एमएसएमईडी अधिनियम के अनुसार छोटे पैमाने पर विनिर्माण उद्यमों के वर्गीकरण को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 के अनुसार, छोटे पैमाने पर विनिर्माण उद्यमों को संयंत्र एवं मशीनरी में उनके निवेश के आधार पर निम्नलिखित में वर्गीकृत किया जाता है:
1.
सुक्ष्म उद्यम - 25 लाख तक निवेश।
2.
लघु उद्यम - 25 लाख से ऊपर तथा 5 करोड़ तक निवेश।
3.
मध्यम उद्यम - 5 करोड़ से ऊपर और 10 करोड़ तक निवेश।


Q. 170667 राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एन. एस. आई. सी.) की भूमिका क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एन. एस. आई. सी की स्थापना लघु इकाईयों की शीघ्र वृद्धि के लिए किया गया है। इसके कार्य हैं:

1. किराया क्रय पद्धति पर मशीनों का आयात तथा स्वदेशी आपूर्ति करना।

2. कच्चे माल का संग्रहण तथा वितरण करना।

3. लघु इकाईयों के उत्पादों का निर्यात करना।

4. तकनीकी बदलाव की जागरूकता का निर्माण।

5. सलाहकारी सेवाऐं प्रदान करना।

6. सॉफ्टवेयर तकनीकी पार्कों का विकास।

एन. एस. आई. सी. नक अच्छा वित्तीय रिकार्ड रखने के लिए तथा साख रेटिंग की आवश्यकता समझने के लिए एक स्कीम प्रदर्शन तथा साख रेटिंगको प्रारंभ किया, जो वित्तीय संस्थानों से कोष एकत्रित करने के लिए उनकी सहायता करती है।


Q. 170668
असंगठित क्षेत्रों के उद्यम हेतु राष्ट्रीय आयोग (एन. सी. ई. यू. एस.) के उद्देश्य क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एन. सी. ई. यू. एस. के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:-

1. उत्पादकता में वृद्धि करना - यह असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लघु उद्योगों की उत्पादकता में वृद्धि करता है।

2. रोजगार निर्माण करना - ग्रामीण क्षेत्रों में लघु व्यवसायों को बढ़ाकर और रोजगार अवसरों का निर्माण करना।

3. प्रतिस्पर्धा प्रदान करना - यह वैश्विक व्यवसाय को लघु व्यवसाय से जोड़ते हुए एक प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण का निर्माण करता है।

4. संबंधों की स्थपना करना - यह संबंधित ऐजेंसियों से वित्त, कच्चे माल, तकनीकी, विपणन तथा कौशल विकास की व्यवस्था करके लघु व्यवसायों की सहायता करता है।


Q. 170669 राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम की भूमिका क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एन. एस. आई. सी की स्थापना लघु इकाईयों की शीघ्र वृद्धि के लिए किया गया है। इसके कार्य हैं:

1. किराया क्रय पद्धति पर मशीनों का आयात तथा स्वदेशी आपूर्ति करना।

2. कच्चे माल का संग्रहण तथा वितरण करना।

3. लघु इकाईयों के उत्पादों का निर्यात करना।

4. तकनीकी बदलाव की जागरूकता का निर्माण।

5. सलाहकारी सेवाऐं प्रदान करना।

6. सॉफ्टवेयर तकनीकी पार्कों का विकास।

एन. एस. आई. सी. नक अच्छा वित्तीय रेकॉर्ड रखने के लिए तथा साख रेटिंग की आवश्यकता समझने के लिए एक स्कीम प्रदर्शन तथा साख रेटिंगको प्रारंभ किया, जो वित्तीय संस्थानों से कोष एकत्रित करने के लिए उनकी सहायता करती है।


Q. 170670 भारत में लघु इकाईयों के विस्तारित संस्थागत सपोर्ट पर एक टिप्पणी दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लघु उद्यमों को संस्थागत सहयोग के प्रारूप निम्नलिखित हैं:

राष्ट्रिय लघु उद्योग निगम (एन. एस. आई. सी) - देश के लघु व्यवसाय की उननति में सहयोग तथा विकास को बढ़ावा देने के लिए 1955 में इसकी स्थापना की गई थी:

1. देशी आपूर्ति तथा आसान हायर परचेज की शर्तों पर मशीनों की आयात।

2. देशी तथा आयातित कचचे माल की प्राप्ति, आपूर्ति तथा वितरण।

3. लघु व्यावसायिक इकाईयों के उत्पादन का निर्यात तथा निर्यात साख का विकास।

4. परामर्श सेवाओं का निरीक्षण।

जिला औद्योगिक केंद्र (डी. आई. सी.) - जिला स्तर पर एक सम्पूर्ण प्रशासनिक ढाँचा देने के लिए 1 मई 1978 को जिला औद्यौगिक केंद्र कारर्यक्रम का प्रारंभ किया गया। वे लघु उद्योग की स्थापना करने के लिए उद्यमी को सेवा तथा सहयोग प्रदान करते हैं। ये सहायता हैं:

1. साख, मशीनरी तथा उपकरण के लिए व्यवस्था करने में।

2. कच्चे माल तथा अन्य सेवाओं के लिए प्रावधान।

3. उचित योजनाओं का पहचान।

4. व्यवहार्यता रिपोर्ट की तैयारी।


Q. 170671 विशेष रूप से ग्रामीण भारत के लिए लघु व्यवसाय की भूमिका को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

छोटे व्यापार की भूमिका ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था के विकास के लिए लिए महत्वपूर्ण है। देश के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए इस क्षेत्र के महत्व को दिखाने वाले कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैंः

1. लघु उद्योगों स्थानीय संसाधनों का उपयोग और समाज के कमजोर वर्गों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं।

2. लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योगों के विकास के शहरी क्षेत्रों के लिए ग्रामीण लोगों के पलायन को रोकता है जिससे उनके क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे।

3. लघु व्यवसाय के गांवों में लोगों की अप्रयुक्त बचतों को उत्पादक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता है। यह अधिक आय के अवसर पैदा करता है और जीवन स्तर में सुधार लाने में मदद करता है।

4. ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आय की असमानता को कम करते है।


Q. 170672
पारंम्परिक उद्योगों के पुनर्जीवन के लिए कोष की योजना (एस.एफ.यू.आर.टी.आई.) को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पारम्परिक उद्योगों को अधिक उत्पादक और प्रतियोगी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक विशेष कोष का निर्माण किया है। सरकार ने इस कोष को 2005 में 100 करोड़ रूपये निवेश करके आरंभ किया। प्रारंभिक वर्ष 2005 में इस योजना को कृषि एवं ग्रामीण उद्योग मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार के सानिध्य में निरंतर किया गया।

हालांकि, 9 मई 2007 को कृषि एवं ग्रामीण उद्योग मंत्रालय तथा लघु उद्योग मंत्रालय एक मंत्रालय में मिला दिये गये जिसे सुक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों के मंत्रालयके नाम से जाना गया।

सुक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों के मंत्रालय ने कार्यक्रमों को पूरे भारत में फैलाया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंम्परिक उद्योगों के पुनर्जीवन के लिए कोष की योजना की सहायता से पारम्परिक उद्योगों की आर्थिक स्थिति में वृद्धि करना है।

इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं -

1. पारम्परिक इकाइयों की तकनीक में सुधर करने के लिए।

2. स्थिर रोजगार का निर्माण करने के लिए।

3. पारम्परिक उद्योगों को देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित करने के लिए।


Q. 170673 जगत सिंह ने असम में एक पहाड़ी क्षेत्र में एक खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की है। उसकी इकाई के लिए सरकार द्वारा की प्रदत्त सामान्य सहायता को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पिछड़े आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा प्रदान किये गये कुछ सामान्य प्रोत्साहन हैं:
भूमि: जमीन औद्योगिक गतिविधि के हर प्रकार के लिए आवश्यक एक निश्चित परिसंपत्ति होती है। यह उत्पादन का एक दुर्लभ और महंगा कारक होता है। लगभग सभी राज्य उद्योगों की स्थापना के लिए विकसित भूखंड प्रदान करते हैं। हालांकि कुछ राज्य इन भूखंडों के लिए प्रारंभिक वर्षों में किराया नहीं लेते हैं, जबकि कुछ किस्तों में भुगतान की अनुमति देते हैं।
बिजली: व्यापार इकाइयाँ आम तौर पर बिजली के बिना कार्य नहीं कर सकती हैं। बिजली, कुछ राज्यों में रियायती दर पर आपूर्ति की जाती है जबकि कुछ राज्यों में प्रारंभिक वर्षों के भुगतान से कुछ इकाइयों की छूट दी जाती है।
जल: पानी हर व्यावसायिक या गैर व्यावसायिक गतिविधि के लिए एक बुनियादी जरूरत है। इसलिए, एक औद्योगिक इकाई की स्थापना के प्रारंभिक वर्षों में पानी की आपूर्ति न-लाभ और न-हानि के आधार पर या शुल्क पर कुछ रियायत या छूट के साथ की जाती है।
विक्रय कर: पिछड़े, आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विकास को बढ़ावा देने के लिए अधिकांश राज्य करों और शुल्कों में छूट प्रदान करते हैं। तृतीयक उद्योग सभी करों से मुक्त होते हैं जबकि कुछ राज्य इस छूट की अवधि को 5 साल तक बढ़ा देते हैं।
कच्चा माल: कच्चा माल आसानी से उपलब्ध नहीं होने पर इसे प्राप्त करने में छोटी इकाइयों की मदद करने के लिए विभिन्न योजनाऐं और कार्यक्रम शुरू किये जाते हैं। पिछड़े क्षेत्रों में स्थित इकाइयाँ सीमेंट, लोहा और इस्पात आदि की तरह दुर्लभ कच्चे माल के आवंटन के मामले में अधिमान्य उपचार प्राप्त करते हैं।
वित्त: वित्त भारत जैसे विकासशील देशों में औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी समस्या है। दीर्घकालिक परिसंपत्तियों के वित्त पोषण में मदद प्रदान करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों की मदद से कुछ योजनाऐं शुरू की जाती है। पूँजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए 10-15 फीसदी का अनुदान दिया जाता है। ऋण भी रियायती दरों पर दिया जाता है।
औद्योगिक संपदा: कुछ राज्य पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना को प्रोत्साहित करते हैं। वह क्षेत्र जहाँ सरकार अधिक उद्योगों की स्थापना करना चाहती है वहाँ क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं को लागू किया जाता है। औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा सेज और ईपीज को स्थापित किया गया है।
कर मुक्ति: कर मुक्ति एक ऐसी मद है जिसे योजनाओं के लिए प्रयोग किया जाता है जिसके तहत कुछ उद्योगों को कुछ निर्दिष्ट अवधि के लिए कर से छूट दी जाती है। 5 या 10 साल के लिए कर भुगतान करने के लिए करों से छूट, पिछड़े पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों को दिया दी जाती है।


Q. 170674 फुटकर व्यापारी किन लोगों के प्रति सेवाएं प्रदान करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फुटकर व्यापारी थोक विक्रेताग्राहक तथा उत्पादक को सेवाएं प्रदान करता है।


Q. 170675 फुटकर व्यापारी उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच किस का कार्य करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फुटकर व्यापारी उपभोक्ता और उत्पादकों के बीच मध्यस्थ  का कार्य करता है।


Q. 170676 फुटकर व्यापारी किस वस्तु विशेष का व्यापार करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फुटकर व्यापारी किस वस्तु विशेष का व्यापार  करके अनेक  वस्तुओं  का कम मात्रा में व्यापार करते हैं |


Q. 170677 फुटकर व्यापार का क्षेत्र कैसा होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फुटकर व्यापार का क्षेत्र सीमित होता है ।


Q. 170678 फुटकर व्यापारी व्यापारिक श्रृंखला की कौन सी कड़ी होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फुटकर व्यापारी व्यापारिक श्रृंखला की अंतिम कड़ी होती है 


Q. 170679 एकमूल्यकीदुकानोंसेक्यातात्पर्यहै?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐसीदुकानोंपरप्रायःविभिन्नप्रकारकीवस्तुएँसस्तेमूल्यपरबेचीजातीहै, लेकिनप्रत्येकवस्तुकामूल्यसमानहोताहै।इसप्रकारवहदुकान, जिसपरसभीवस्तुएँएकहीमूल्यपरबेचीजातीहैंएकमूल्यकीदुकानकहलातीहै।इसप्रकारकेव्यापारीप्रायःअपनामालठेलेपर, पटरीपर, मेलेयाप्रदर्शनियोंमेंलगातेहैं।इनकेपासकममूल्यकीतथाविभिन्नप्रकारकीवस्तुएँ होतीहैं।


Q. 170680 फुटकर व्यापारी की विशेषताएँ बताईये?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फुटकर व्यापारी की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं-

1. अनेक प्रकार की वस्तुओं में व्यापार- यह अनेक ह्रकार व किस्म की वस्तुओं में व्यापार करता है। इस प्रकार इनका किसी वस्तु विशेष में विशिष्टीकरण नहीं होता।

2. थोड़ी मात्रा में क्रय - फुटकर व्यापारी अनेक थोक व्यापारियों से थोड़ी मात्रा में वस्तुएँ खरीदता है।

3. बहुत थोड़ी-थोड़ी मात्रा में विक्रय – यह अन्तिम उपभोक्ता को उनकी आवश्यतानुसार उचित समय व उचित स्थान पर बहुत थोड़ी-थोड़ी मात्रा में माल  बेचता है।

4. नकद व उधार विक्रय – यह उपभोक्ताओं को नकद और उधार दोनों प्रकार से माल बेचता है।


Q. 170681 थोक विक्रेता के किन्हीं दो कार्यो को लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

थोक विक्रेता के दो कार्य:-

1. उपभोक्ताओं को अपनी रूचि के अनुसार वस्तुये उपलब्ध कराना - थोक विक्रेता का सदैव यही प्रयास रहता है कि उपभोक्ताओं को अपनी रूचि के अनुसार वस्तुयें यथा समय उपलब्ध होती रहें।

2. नई वस्तुओं की माँग बढ़ाना - आज नित नई-नई वस्तुओं का निर्माण होता जा सहा है। थोक व्यापारी समाज को इन नई वस्तुओं की जानकारी देते हैं तथा उनकी अच्छाइयाँ बनाकर जनता को उन वस्तुओं का उपभोग करने के लिए प्रेरित करते हैं।


Q. 170682 थोक व्यापारी ग्राहकों की रूचि तथा आवश्यकतानुसार माल की पूर्ति कैसे करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

थोक व्यापारी,  फुटकर व्यापारियों  के माध्यम से  ग्राहकों की रूचि तथा आवश्यकतानुसार माल की पूर्ति करता है। ग्राहकों की मांग में विविधता और व्यापारी की सीमित पूँजी होने के कारण फुटकर व्यापारियों को अलग अलग किस्म के माल का संग्रह करना पड़ता है अतः वह थोक व्यापारी से कम मात्रा में विविध प्रकार का माल खरीद सकता है और ग्राहकों की रूचि तथा आवश्यकतानुसार माल की पूर्ति कर सकता है ।


Q. 170683 थोक व्यापारी द्वारा उत्पादकों को दी जाने वाली सेवाओं को नामांकित कीजिये ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

थोक व्यापारी द्वारा उत्पादकों को दी जाने वाली सेवाएं निम्नलिखित हैं- 
बिक्री की चिंता से मुक्त करना । 
विशिष्टीकरण को प्रोत्साहित करना । 
विज्ञापन के माध्यम से ग्राहकों को जानकारी देना। 
ऊँचे पैमाने पर उत्पादन करना । 
मूल्य की स्थिर रखने का प्रयास करना ,आदि


Q. 170684 थोक व्यापारी की किन्ही तीन विशेषताओं पर प्रकाश डालिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

थोक व्यापारी के विशेषताएं निम्नलिखित हैं 
इन व्यापारियों को व्यापार करने हेतु बड़ी मात्रा में पूँजी की आवश्यकता होती है। 
ये व्यापारी उत्पादकों से नकद माल खरीदते हैं एवं उसे फुटकर व्यापारियों को उधार बेचते हैं। 
फुटकर व्यापारी एवं उत्पादकों के बीच ये व्यापारी थोक मध्यस्थ का कार्य करते हैं ।


Q. 170685 वस्तुओं की चोर बाजारी बढ़ाने में थोक व्यापार का अहम योगदान हैं । कैसे ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अक्सर थोक व्यापारी उत्पादक से भारी मात्रा  में माल खरीदकर उसे संग्रह कर लेते हैं । संग्रहित वस्तु की बाजार में कमी हो जाने के कारण उसकी मांग बढ़ जाती है, उस स्थिति में थोक व्यापारी संग्रहित वस्तु को अधिक कीमत पर बेचकर अधिक मुनाफा अर्जित करते हैं। इस प्रकार थोक व्यापारी वस्तुओं की चोर बाजारी में अहम् योगदान  निभाते हैं ।


Q. 170686 “थोक व्यापार से विशिष्टीकरण को प्रोत्साहन मिलता है” समझाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

थोक विक्रेता उत्पादकों से भारी मात्रा में माल क्रय करके वस्तुओं के विशिष्टीकरण को बढ़ावा देते हैं। इससे वस्तु के स्तर में सुधार होता है, तथा उपभोक्ता को प्रमाणिक वस्तु के  उपयोग का अवसर मिलता है


Q. 170687 थोक व्यापार से आप क्या समझते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

थोक व्यापारी-वह व्यापारी जो उत्पादक से बड़ी मात्रा में माल क्रय करके अपने पास रखता है और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फुटकर व्यापारियों को विक्रय करता है । इसका मुख्य कार्य उत्पादक तथा फुटकर व्यापारी के मध्य मध्यस्थ की भूमिका निभाना है।


Q. 170688 डाक व्यापार के दो नुकसानों को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

डाक व्यापार की हानियाँ हैं:
1.
कोई उधार नहीं: माल केवल नकदी आधार पर बेचा जाता है इससे बिक्री प्रभावित हो सकती है।
2.
महंगा विज्ञापन: विज्ञापन पर एक बड़ी राशि खर्च की जाती है।


Q. 170689 उस माल की चार विशेषताओं की पहचान कीजिए जो डाक व्यापार के लिए उपयुक्त होती है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

डाक व्यापार के लिए उपयुक्त माल की चार विशेषताऐं निम्नलिखित हैंः
1.
वह माल जिसे कैटलॉग से समझा जा सकता है।
2.
वह माल जो टिकाऊ हो और जल्दी खराब नहीं हो।
3.
वह माल जिसे क्षति के बिना लाया और ले जाया जा सके।
4.
वह माल जो मानकीकृत, ब्रांडेड और समान गुणवत्ता का हो।


Q. 170690 डाक व्यापार में शामिल गतिविधियों को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

डाक व्यापार में शामिल गतिविधियाँ हैं:
1)
विज्ञापन - अखबारों या पत्रिकाओं में विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए यह पहला कदम होता है।
2)
ब्रोशर को भेजना - ब्रोशर, पर्चों को डाक सूची के अनुसार खरीदारों को भेजा जाता है।
3)
आदेश प्राप्त करना - संभावित खरीदार डाक द्वारा विशेष लेख के लिए अपना आदेश देते हैं।
4)
माल भेजना - आदेश प्राप्त करने के बाद माल को डाक अधिकारियों के माध्यम से ग्राहकों के लिए रवाना किया जाता है।
5)
डाक अधिकारी द्वारा तैयार माल की प्राप्ति - एक बार खुदरा विक्रेता द्वारा भेजा गया माल डाक अधिकारियों द्वारा प्राप्त किया जाता है।
6)
सुपुर्दगी - माल वीपीपी के माध्यम से खरीदार को सौंप दिया जाता है और भुगतान डाकिये द्वारा प्राप्त किया जाता है। डाकघर बिक्री द्वारा एकत्र राशि फुटकर व्यापारी को भेज देता है।


Q. 170691 बहुसंख्यक दुकानें क्या होती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बहुसंख्यक दुकानें एक व्यक्ति संगठन द्वारा नियंत्रित तथा इसके स्वामित्व की ऐसी खुदरा दुकानें जो समान मूल्यों के उत्पादों के साथ देश भर के कई शहरों के विभिन्न भागों स्थित होती हैं। ये दुकानें लेख के प्रतिबंधित सीमा के साथ उत्पाद के समान प्रकारों का व्यापार करती हैं। ये दुकानें एक ही प्रबंधन और स्वामित्व के तहत संचालित होती हैं।


Q. 170692 सुपर बाजार की विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सुपर बाजार की विशेषताएं हैं:
1.
ये एक क्षेत्र के मुख्य शॉपिंग सेंटर में स्थित होते हैं।
2.
इसमें माल को स्पष्ट लेबल कीमत और गुणवत्ता के टैग के साथ रैक पर रखा जाता है।
3.
ग्राहक आवश्यक सामान लेने के लिए दुकान में जाते हैं, उन्हें कैश काउंटर तक लाते हैं, भुगतान करते हैं तथा सामान ले जाते हैं।
4.
इन दुकानों को विभागीय आधार पर आयोजित किया जाता है जिसमें ग्राहक एक ही छत के नीचे माल के विभिन्न प्रकारों की खरीद करने के लिए स्वतंत्र होते हैं।


Q. 170693 खुदरा बिक्री में हाल के रुझानों को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खुदरा बिक्री में हाल के रुझानों हैं:
प्रत्यक्ष विपणन - यह वितरण की उस विधि को दर्शाता है जिसमें निर्माता ग्राहकों को सीधे उत्पाद बेचता है। निर्माता विज्ञापन, कैटलॉग, पत्र और ब्रोशर के माध्यम से उत्पादों के बारे में ग्राहकों को सूचित करता है।
टेली शॉपिंग - यह खुदरा बिक्री के उस प्रारूप को दर्शाता है जहाँ बाजार के एक उत्पाद एवं टेलीफोन नंबर के बारे में जनता को जानकारी टेलीविजन, होर्डिंग, पत्रिकाओं आदि के माध्यम से उपलब्ध करायी जाती है तथा ग्राहक को आदेश देने के लिए टेलीफोन नंबर डायल करना होता है।
इंटरनेट विपणन - यह उत्पादकों द्वारा बनायी गयी वेबसाइटों के माध्यम से इंटरनेट पर उत्पादों की खरीदने और बिक्री करने को संदर्भित करता है। इसमें  उपभोक्ता द्वारा आदेश इंटरनेट पर दिया जाता है तथा और भुगतान या तो क्रेडिट कार्ड या बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से किया जा सकता है।


Q. 170694 दुकान की सजावट की जाती है-


A. थोक व्यापारी द्वारा।

B. फुटकर व्यापारी द्वारा।

C. उत्पादक द्वारा।

D. वितरक द्वारा।

Right Answer is: B

SOLUTION

फुटकर व्यापारी द्वारा दुकान की सजावट की जाती है ।


Q. 170695 दलाल क्रेता तथा विक्रेता दोनों से दलाली प्राप्त करता है जबकि आढ़ती अपना कमीशन -


A. क्रेता से प्राप्त करता है

B. विक्रेता से प्राप्त करता है

C. किसी से भी नहीं प्राप्त करता है ।

D. आंशिक रूप से क्रेता तथा शेष विक्रेता से प्राप्त करता है

Right Answer is: B

SOLUTION

दलाल अपना कमीशन( दलाली ) क्रेता तथा विक्रेता दोनों से प्राप्त करता है जबकि आढ़ती अपना कमीशन केवल विक्रेता से ही प्राप्त करता है।


Q. 170696 वर्तमान युग में व्यापार का क्षेत्र -


A. बढ़ता जा रहा है।

B. घटता जा रहा है

C. सिकुड़ता जा रहा है।

D. स्थिर हो रहा है

Right Answer is: A

SOLUTION

वर्तमान युग में व्यापार का क्षेत्र बढ़ता जा रहा है अर्थात व्यापार का विकास एवं विस्तार हो रहा है   ।


Q. 170697 व्यापारिक छूट को


A. मूल्य सूची की कीमत में जोड़ा जाता है

B. नकद छूट से घटाया जाता है।

C. नकद छूट में जोड़ा जाता है।

D. मूल्य सूची की कीमत में से घटाया जाता है।

Right Answer is: D

SOLUTION

व्यापारिक छूट को मूल्य सूची की कीमत में से घटाया जाता है।


Q. 170698 बीजक बनाने में यदि भूल से अधिक रकम लिखी जाती है तो विक्रेता


A. नाम की चिट्ठी भेजता है।

B. जमा की चिट्ठी भेजता है

C. खाता विवरण भेजता है।

D. बिक्री विवरण भेजता है

Right Answer is: B

SOLUTION

यह चिट्ठी विक्रेता द्वारा क्रेता को लिखी जाती है विक्रेता यदि किसी कारण बीजक में अधिक राशि लिखता तो क्रेता इस सम्बन्ध में विक्रेता से शिकायत करता है।


Q. 170699 बीजक-


A. विक्रेता द्वारा बनाया जाता है

B. क्रेता द्वारा बनाया जाता है।

C. ग्राहक द्वारा बनाया जाता है।

D. एजेंट द्वारा बनाया जाता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

बीजक विक्रेता द्वारा बनाया जाता है ।


Q. 170700 व्यापारिक छूट को


A. मूल्य सूची की कीमत में जोड़ा जाता है

B. नकद छूट से घटाया जाता है।

C. नकद छूट में जोड़ा जाता है।

D. मूल्य सूची की कीमत में से घटाया जाता है।

Right Answer is: D

SOLUTION

व्यापारिक छूट को मूल्य सूची की कीमत में से घटाया जाता है।


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