A.
नाम की चिट्ठी भेजता है।
B. जमा की चिट्ठी भेजता है ।
C. खाता विवरण भेजता है।
D. बिक्री विवरण भेजता है ।
यह चिट्ठी विक्रेता द्वारा क्रेता को लिखी जाती है विक्रेता यदि किसी कारण बीजक में अधिक राशि लिखता तो क्रेता इस सम्बन्ध में विक्रेता से शिकायत करता है।
A. 5 प्रकार होते हैं
B. 7 प्रकार होते हैं
C. 2 प्रकार होते हैं
D. 4 प्रकार होते हैं ।
मध्यस्थों को मुख्य रूप से दो भागों में वर्गीकृत किया है-
• थोक व्यापारी
• फुटकर व्यापारी
A.
फुटकर व्यापारियों द्वारा किया जाता है।
B. अभिकर्ता द्वारा किया जाता है ।
C. उपभोक्ताओं द्वारा किया जाता है ।
D. थोक व्यापारियों द्वारा किया जाता है ।
थोक व्यापारी विभिन्न उत्पादकों से बड़ी मात्रा में वस्तुएं खरीदकर अपने पास इकठ्ठा रखता है।
A. अभिकर्ता द्वारा किया
B. फुटकर व्यापारी द्वारा किया जाता है।
C. उपभोक्ता द्वारा किया जाता है ।
D. थोक व्यापारी द्वारा किया जाता है ।
थोक व्यापारी अपने माल को अधिक से अधिक बेचने के लिए विज्ञापन पर अधिक व्यय करते हैं।
A. लोचदार रहता है।
B. स्थायी रहता है।
C. अधिक रहता है।
D. बहुत अधिक रहता है।
थोक व्यापारी एक मध्यस्थ होता है तथा वह माल पर लाभ कमाता है जिससे वस्तुओं के मूल्य अधिक हो जाते हैं।
A. केवल महंगी वस्तु का व्यापार करता है ।
B. असंख्य
C. एक या कुछ वस्तुओं का व्यापार करता है ।
D. केवल बड़ी
थोक व्यापारी केवल एक या कुछ वस्तुओं का व्यापार करता है ।
A.
फुटकर व्यापारी
।
B. थोक व्यापारी ।
C. उत्पादक ।
D. वितरक ।
फुटकर व्यापारी ग्राहकों एवं थोक व्यापारियों को आवश्यक सुझाव देता है
A.
बढ़ता जा रहा है।
B. घटता जा रहा है ।
C. सिकुड़ता जा रहा है।
D.
स्थिर हो रहा है
वर्तमान युग में व्यापार का क्षेत्र
बढ़ता जा रहा है
अर्थात व्यापार का विकास एवं विस्तार हो रहा है ।
B.
लाभ कमाना
। C.
आत्मसंतुष्टि रखना
। D.
प्रतियोगिता करना ।
फुटकर व्यापारियों का मुख्य उद्देश्य होता है लाभ कमाना।
B.
फुटकर व्यापारी द्वारा। C.
उत्पादक द्वारा। D.
वितरक द्वारा।
फुटकर व्यापारी द्वारा दुकान की सजावट की जाती है ।
B.
सामाजिक स्थिति का ज्ञान रखता है। C.
व्यक्तिगत स्थिति का ज्ञान रखता है। D.
रूचि का ज्ञान रखता है।
फुटकर व्यापारी ग्राहकों की रूचि का ज्ञान रखता है।
B.
कम शुल्क पर परामर्श प्रदान करते हैं
। C.
निःशुल्क परामर्श देते हैं
। D.
अधिक शुल्क पर परामर्श देते हैं
।
फुटकर व्यापारी द्वारा ग्राहकों को निःशुल्क परामर्श दिया जाता है।
B.
थोक व्यापारी। C.
वितरक । D.
उत्पादक।
फुटकर व्यापारियों का ग्राहकों से सामान्यतः सीधा सम्बन्ध होता है।
(i) हरीश
द्वारा माल के
अधिकार-पत्र छुडाने
वाली पद्धति का
नाम Documents Against Payment –D/P’
है (ii) गिरीश क्षरा
माल के अधिकार-पत्र
छुडाने वाली पद्धति
का नाम Documents Against Acceptance-D/A’ है।
अब उसे जहाजी
कम्पनी के कार्यालय
में जा कर एक फार्म
भरना होगा। इस
फार्म को जहाजी
बिल्टी कहते हैं।
अब वह जहाजी बिल्टी
व कप्तान की रसीद
दोनों को कार्यालय
में जमा करवाएगा।
जहाजी कम्पनी
का अधिकारी जहाज
के कप्तान की रसीद
तो अपने पास रख
लेगा और जहाजी
बिल्टी पर हस्ताक्षर
करके एजेंट को
दे देगा। कोई भी देश विदेशी व्यापार में दो प्रकार के करों को लगा सकता है- आयात कर एवं निर्यात कर। (1) आयात कर- विदेशों से माल का आयात किए जाने पर जो कर लगाए जाते हैं वह आयात कर कहलाते हैं। (2) निर्यात कर- विदेशों को भेजे जाने माल पर जो कर लगाए जाते हैं, वह निर्यात कर कहलाते हैं। उपर्युक्त दोनों प्रकार के कर सीमा शुल्क कहलाते हैं। इनके लगाने से सरकार को राजस्व की वसूली होती है।
(i) विश्व-शान्ति
में भागीदारी (ii) रोजकार
के अवसरों में
वृद्धि (iii) उच्च
जीवन स्तर (iv) संस्कृति
का आदान-प्रदान
(अ.)
विदेशी व्यापार
की भाषा में आदेश
को इंडेंट कहते
हैं। इंडेंट दो
प्रकार का होता
है। (i) खुला
इंडेट :- इसमें बहुत
कम बातों,
जैसें- माल की
मात्रा, किस्म
आदि का ही उल्लेख
किया जाता है।
अन्य सभी बातें
निर्यातकर्ता
के विवेक पर छोड
दी जाती है। (ii)
बंद
इंडेंटः- इसमें
माल से संबंधित
सभी बातों का उल्लेख
किया जाता है। (ब.)
मि0 नरेश
के आदेश को बंद
इंडेंट कहेंगे। मि0 रमेश
के आदेश को खुला
इंडेट कहेंगे। कोई भी देश विदेशी व्यापार में दो प्रकार के करों को लगा सकता है- आयात कर एवं निर्यात कर। (1) आयात कर- विदेशों से माल का आयात किए जाने पर जो कर लगाए जाते हैं वह आयात कर कहलाते हैं। (2) निर्यात कर- विदेशों को भेजे जाने माल पर जो कर लगाए जाते हैं, वह निर्यात कर कहलाते हैं। उपर्युक्त दोनों प्रकार के कर सीमा शुल्ककहलाते हैं। इनके लगाने से सरकार को राजस्व की वसूली होती है। विदेशी व्यापार में प्रयुक्त होने वाले प्रलेखों को निम्नलिखित दो श्रेणियों में बाँटा जा सकता है- (अ) आयात व्यापार सम्बन्धी प्रलेख, एवं (ब) निर्यात सम्बन्धी प्रलेख (अ.) आयात व्यापार सम्बन्धी प्रलेख- यह प्रलेख आयातक देश द्वारा बनाए जाते है। इनमें निम्नलिखित प्रलेख प्रमुख हैं। इण्डेण्ट (ब.) निर्यात व्यापार सम्बन्धी प्रलेख - यह प्रलेख निर्यातक देश द्वारा बनाए जाते हैं। इनमें निम्नलिखित प्रलेख प्रमुख हैं- बन्धक पत्र विदेशी व्यापार में प्रयुक्त होने वाले प्रलेखों को निम्नलिखित दो श्रेणियों में बाँटा जा सकता है- (अ) आयात व्यापार सम्बन्धी प्रलेख, एवं (ब) निर्यात सम्बन्धी प्रलेख (अ.) आयात व्यापार सम्बन्धी प्रलेख- यह प्रलेख आयातक देश द्वारा बनाए जाते है। इनमें निम्नलिखित प्रलेख प्रमुख हैं। इण्डेण्ट (ब.) निर्यात व्यापार सम्बन्धी प्रलेख - यह प्रलेख निर्यातक देश द्वारा बनाए जाते हैं। इनमें निम्नलिखित प्रलेख प्रमुख हैं- बन्धक पत्र
इस
तरह के व्यापार
समझौते को कॉण्ट्रक्ट
मैन्युफैक्चरिंग
कहते हैं। अर्थ
- इसके अंतर्गत
एक देश की कोई विश्व-विख्यात
कम्पनी किसी दूसरे
देश की कम्पनी
(जो कुछ विशेष वस्तुओं
व सेवाओं का उत्पादन
करती है।) से उस
द्वारा उत्पादित
वस्तुओं व सेवाओं
का विपणन करने
का उत्तरदायित्व
लेती है। यहां
पर एक क्म्पनी
उत्पादन क्रिया
में तो विशेषज्ञ
होती है लेकिन
उसका विपणन पक्ष
कमजोर होता है
जबकि दूसरी कम्पनी
अपनी पहले से स्थापित
ख्याति के कारण
उन वस्तुओं व सेवाओं
को बेचने में पूर्णतः
सक्षम होती है।
इन वस्तुओं एवं
सेवाओं को बेचना
दूसरी कम्पनी
का मुख्य व्यापार
नहीं होता है बल्कि
वह अपनी ख्याति
व नाम का लाभ उठाने
तथा अपने ग्राहकों
को अच्छी क्वालिटी
के उत्पाद कम मूल्य
पर उपलब्घ करने
के लिए ऐसा करती
है। लाभ
- कॉण्ट्राक्ट
मैन्युफफक्चरिंग
के मुख्य लाभ निम्नलिखित
हैः- (i) कम्पनी
को उत्पादन क्रिया
के लिए स्त्रोत
जुटाने की आवश्यकता
नहीं है। (ii) विदेश
में विनियोग के
जोखिम से छुटकारा। (iii) पूर्व
स्थापित ख्याति
का लाभ उठाने का
अच्छा अवसर। (iv) यदि यह व्यापार
ठीक न चले तो इसे
आसानी से छोडा
जा सकता है। नियोजन एवं संगठन दोनों B.
नियोजन एवं अभिप्रेरणा दोनों C.
नियोजन, नियंत्रण एवं अभिप्रेरणा तीनों D.
नियोजन, संगठन, नियंत्रण एवं अभिप्रेरणा चारों
प्रबन्ध एक प्रक्रिया है जिसके आधारभूत अंग नियोजन, संगठन, अभिप्रेरणा तथा नियंत्रण हैं । इन चारों अंगों की सहायता से प्रबन्ध पूर्व निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति करता है ।
नीतियों को लागू करना B.
नीतियों का निर्धारण करना C.
मशीनरी का निर्माण करना D.
पूँजी प्रदान करना
प्रबन्ध एक कार्यकारिणी कार्य है क्योंकि इसका प्रयोजन नीतियों को लागू करना है ।
केवल कला B.
केवल विज्ञान C.
कला व विज्ञान दोनों D.
केवल पेशा
प्रबन्ध के कुछ निश्चित सिद्वांत होते हैं इसलिए यह कला तथा इन सिद्धांतों को क्रियान्वित कर निर्दिष्ट लक्ष्यों को प्राप्त करना विज्ञान है अतः प्रबन्ध कला व विज्ञान दोनों है ।
आत्मा की तरह B.
शरीर की तरह C.
मस्तिष्क की तरह D.
रक्त की तरह
प्रशासन की भूमिका किसी भी संस्था में उसके मस्तिष्क की तरह होती है क्योंकि यह सोच विचार कर निर्णय लेने में सहायता करता है।
मस्तिष्क की तरह B.
आत्मा की तरह C.
शरीर की तरह D.
रक्त की तरह
प्रबन्ध की भूमिका किसी भी संस्था में
उसकी आत्मा की तरह होती है
क्योंकि यह एक अदृश्य शक्ति कि तरह मार्गदर्शन करता है ।
पीटर-एफ-ड्रकर का B.
थियो हेमैने का C.
जेम्स- एल-लुंडी का D.
प्रो-किम्बाल का
प्रसिद्ध
विद्वान पीटर-एफ-ड्रकर के
अनुसार " प्रबन्ध एक बहु उद्देशीय तन्त्र है जो व्यवसाय का प्रबन्ध करता है, प्रबन्धकों का प्रबन्ध करता है और कार्य करने वालों एवं कार्य का प्रबन्ध करता है ।"
थोक विक्रेताओं से उपभोक्ताओं तक। B.
उत्पादकों से उपभोक्ताओं तक। C.
खुदरा
विक्रेताओं से
उपभोक्ताओं तक। D.
थोक
विक्रेताओं से
खुदरा विक्रेताओं
तक।
उत्पादकों
से उपभोक्ताओं
के लिए व्यापार
की प्रक्रिया
के माध्यम माल
का उत्पादन और
स्थानांतरण किया
जाता है। जैसा
कि माल का एक बड़े
पैमाने पर उत्पादन
किया जाता है, इसलिए
विभिन्न बाजारों
में उपभोक्ताओं
के लिए माल को उपलब्ध
कराने के लिए उत्पादक
द्वारा थोक व्यापारी,
खुदरा विक्रेता
आदि जैसे बिचैलियों
को शामिल किया
जाता है।
खनन। B.
बीमा। C.
भण्डारण। D.
यातायात।
व्यापार
के लिए सहायक गतिविधियाँ
वे गतिविधियाँ
है व्यापार के
लिए सहायक होती
हैं, जैसे परिवहन,
बैंकिंग, बीमा, भंडारण
और विज्ञापन आदि।
प्रसंस्करण
उद्योग। B.
विश्लेषणात्मक
उद्योग। C.
कृत्रिम
उद्योग। D.
संयोजक
उद्योग।
प्रसंस्करण
उद्योग विनिर्माण
उद्योग का एक हिस्सा
है। इसमें तैयार
उत्पादों के निर्माण
के सतत् चरण शामिल
होते हैं, जैसे
कागज और चीनी।
माल
के निर्माण से। B.
व्यापार
से। C.
माल
के विनिमय से। D.
माल
के विपणन से।
उद्योग
वस्तुओं के उत्पादन
से संबंधित होता
है। यह ऐसी आर्थिक
गतिविधियों को
संदर्भित करता
है, जो उपयोगी वस्तुओं
में संसाधनों
के रूपांतरण से
संबंधित होती
हैं।
निष्कर्षण
और विश्लेषणात्मक
उद्योगों के तहत। B.
प्रसंस्करण
और आनुवंशिक उद्योगों
के तहत। C.
आनुवंशिक
और विश्लेषणात्मक
उद्योगों के तहत। D.
निष्कर्षण
और आनुवंशिक उद्योगों
के तहत।
आम
के पेड़ों को उगाना
और पालना निष्कर्षण
उद्योगों के अंतर्गत
आता है और मुर्गी
फार्मों को रखना
आनुवंशिक उद्योगों
के अंतर्गत आता
है।
एक
उपभोक्ता
सहकारी
दुकान शुरू
करने के लिए कम
से कम 10 लोगों
की आवश्यकता
होती है। इसे
सहकारी सोसायटी
अधिनियम के
तहत पंजीकृत
कराया जाता
है। एक
सहकारी
दुकान की
पूँजी इसके
सदस्यों द्वारा
लगाई जाती
है। दुकान का
प्रबंधन एक
निर्वाचित
प्रबंध
समिति को
लोकतांत्रिक
और सौंपा
जाता है
जिसमें एक
आदमी एक मत का
नियम होता
है। एक
सहकारी
दुकान के
सदस्यों के
दायित्व आम
तौर पर उनके
द्वारा लगाई
गई पूँजी
की सीमा तक
सीमित होता
है।
सुपर
बाजार में
बड़े पैमाने
पर खुदरा
कारोबार
इकाइयाँ होती
है। इन
बाजारों में
उपभोक्ता
वस्तुओं की एक
विस्तृत
श्रंखला का
बेचान किया
जाता है। इसमें
आम तौर खाद्य
उत्पादों, किराने
की वस्तुओं, बर्तन, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक
उपकरण, घरेलू
सामान, और
दवाओं जैसी
कम लागत और
दैनिक उपयोग
की वस्तुओं
का व्यापार
किया जाता
है। इसमें
माल को
स्पष्ट लेबल
कीमत और
गुणवत्ता के
टैग के साथ
रैक पर रखा
जाता है।
इसमें
ग्राहक आवश्यक
सामान लेने
के लिए दुकान
में जाते हैं, उन्हें
कैश काउंटर
तक लाते हैं, भुगतान
करते हैं तथा
सामान ले
जाते हैं।
थोक
व्यापारी के
गुण-
थोक
व्यापारी
द्वारा
मुख्य रूप से
निम्नलिखित
कार्य किये
जाते हैं- डाक द्वारा व्यापार से आशय उस व्यापर से है जिसमें सभी प्रकार की वस्तुओं का क्रय-विक्रय एवं भुगतान आदि समस्त कार्य डाक घर के माध्यम से होता है फेरीवालेव्यापारीप्रतिदिनआवश्यकताकीवस्तुएँसाइकिलोंपर विभागीयभण्डार- विभागीयभण्डारसेआश्यबडेपैमानेकीउसफुटकरदुकानसेहैजिसमेंएकहीछतकेनीचेअनेकविभागहोतेहैंऔरप्रत्येकविभागमेंभिन्न-भिन्नवस्तुओंकानकदविक्रयहोताहै।इनभण्डारोंमेंवस्तुओंकेमूल्यनिश्चितहोतेहैं।कभी-कभीइनकेद्वाराग्राहककेघरपरभीमालकीसुपुर्दगीकीव्यवस्थाकरदीजातीहै।इनकीस्थापनाप्रायःशहरकेमध्यमेंऐसेस्थानपरकीजातीहै, जहॉपरधनिकवर्गएवंविलासप्रियव्यक्तिअघिकसंख्यामेंरहतेहैं।
एक
फुटकर
व्यापारी
मुख्यतः
निम्नलिखित
कार्य करता
है- 1.
अन्तिम
उपभोक्ता को
माल बेचना – यह
थोक
व्यापारियों
से माल एकत्र
करके उसे उपभोक्ताओं
को उनकी रुचि
एवं
आवश्यकता के
अनुसार
बेचता है तथा
उनको माल के
सम्बन्ध में
पूर्ण
जानकारी भी
प्रदान करता
है। कभी-कभी
यह ग्राहकों
को उनके घर पर
ही माल की
सुपुर्दगी
करता है। 2.
माँग का
अनुमान – यह
विभिन्न
प्रकार की
वस्तुओं की
माँग का अनुमान
लगाने के बाद
ही माल का
क्रय करता
है। 3.
जोखिम बहन
करना – जब तक
समस्त
वस्तुएँ न
बिक जाएँ, यह
उनके सम्बन्ध
में उनकी
सुरक्षा,
मूल्य-ह्रास,
मूल्यों में
उतार-चढ़ाव
आदि की जोखिम
वहन करता है। 4. सूचनाओं
का विशलेषण –
यह बाजार
सम्बन्धी
सूचनाएँ
एकत्र करके
उनका विशलेषण
करता है तथा
उनकी
उपयोगिता की
लोगों को
जानकारी
प्रदान करके
वस्तु की
माँग का सृजन
करता है।
एक
वेंडिंग
मशीन एक
प्रत्यक्ष
तथा खुदरा व्यापार
का एक नया रूप
होता है
जिसमें मशीन
सिक्कों या
टोकनों
द्वारा
संचालित
होती है। इन मशीनों
को ठंडे पेय, दूध आदि
को बेचने के
लिए पेट्रोल
पंप, रेलवे
स्टेशनों, हवाई
अड्डों पर
देखा जा सकता
है।
एक
उपभोक्ता
सहकारी
भंण्डार
उपभोक्ताओं
के स्वामित्व
में, प्रबंधित
तथा
नियंत्रित
अपने भंडार
के माध्यम से
थोक में खरीद
और विक्रय के
द्वारा अपनी आवश्यकताओं
को पूरा करने
के लिए
उपभोक्ताओं द्वारा
संगठित एक
संघ होता है।
यह अनुकूल
कीमतों पर
उत्पादों या
सेवाओं की
खरीद करने के
लिए निजी
उपभोक्ताओं
द्वारा गठित
एक खुदरा
व्यापार
संगठन होता
है।
एक
फुटकर
व्यापारी की
सफलता के लिए
निम्नलिखित
गुणों का
होना आवश्यक
हैं – 1.
पर्याप्त
पूँजी – फुटकर
व्यापारी के
पास
पर्याप्त
मात्रा में पूँजी
होनी चाहिए
तथा बाजार
में उसकी साख
अच्छी होनी
चाहिए, ताकि
आवश्यकता
पड़ने पर ऋण
भी प्राप्त
किया जा सके।
जहाँ तक
सम्भव हो ऋण
लेने के
स्थान पर
इनको अपनी
पूँजी का ही
प्रयोग करना
चाहिए। यदि
ऋण लेना
आवश्यक हो तो
सोच-विचार कर
ही ऋण लेना
चाहिए। 2.
उपयुक्त
स्थान -
फुटकरव्यापारीकोअपनेव्यवसायकेलिएउपयुक्तस्थानचुननाचाहिए।दुकानऐसेस्थानपरहोनीचाहिए, जहॉपरअधिकसंख्यामेंग्राहकआते-जातेहोंयाउपभोक्ताओंकासमूहरहताहो। 3. दुकानकीसजावट
. दुकानकीसजावटभीफुटकरव्यापारीकीसफलताकेलिएकाफीमहत्वरखतीहै।उसेदुकानकोसुन्दरवआकर्षकफर्नीचरसेसुसज्जितकरकेहीमालरखनाचाहिएतथाग्राहकोंकेबैठनेकीव्यवस्थाभीउत्तमहोनीचाहिए।दुकानकेबाहरएकआकर्षकबोर्डभीलगाहोनाचाहिए, जिससेजनताअनायासहीआकर्षितहो। 4. दिज्ञापन
- ग्राहकोंकोआकर्षितकरनेकेलिएयहआवश्यकहैकिफुटकरव्यापारीदुकानकीआन्तरिकतथाबाह्यसजावटकरें, जिससेकिदुकानकेसमनेसेगुजरनेवालेइसओरआकर्षितहो।विज्ञापनकास्वरूपव्यापारकेआकारतथाप्रकारकेअनुरूपहोनाचाहिए। 5. साखसुविधाएँ
- फुटकरव्यापरीकोअपनेविक्रयमेंवृद्धिकरनेकेलिएग्राहकोंकोसाखसुविधाएँभीप्रदानकरनीचाहिए, लेकिनसाखसुविधाप्रदानकरनेसेपूर्वउसेग्राहककेसम्बन्धमेंपूर्णजानकारीप्राप्तकरलेनीचाहिए।बिक्रीमेंवृद्धिसेलाभमेंभीवृद्धिहोतीहै।
“थोक
व्यापारी
व्यावसायिक
प्रक्रिया
का महत्वपूर्ण
हिस्सा है”क्योंकि
थोक
व्यापारी की
उपस्थिति
में निम्न
कार्य संभव
होते हैं
अंतर का आधार थोक व्यापारी फुटकर व्यापारी क्रय की मात्रा ये बड़ी मात्रा में माल क्रय करते हैं। ये कम मात्रा में माल क्रय करते हैं। विक्रय की मात्रा ये अधिक मात्रा में माल का विक्रय करते हैं। ये कम मात्रा में माल का विक्रय करते हैं । मध्यस्थ यह उत्पादक और फुटकर के मध्य की कड़ी है। यह मध्यस्थों की अंतिम कड़ी है । विज्ञापन- यह बड़ी मात्रा में विज्ञापन करते हैं। यह कम विज्ञापन करते हैं। सेवाएं यह उत्पादक तथा फुटकर व्यापारी के प्रति सेवायें करता है। यह थोक व्यापारी तथा उपभोक्ता की सेवा करता है । पूँजी इनकी पूँजी अधिक होती है। इनकी पूँजी कम होती है। उत्पादकों के प्रति सेवाएं- ग्राहकों की रूचि का ज्ञान- ग्राहकों से सीधा एवं प्रत्यक्ष संपर्क होने के कारण फुटकर व्यापारी को ग्राहकों की रूचि तथा अरुचि का ज्ञान होता है। वह इस सूचना को थोक व्यापारी के माध्यम से उत्पादकों तक हस्तांतरित करता है। आवश्यक सुझाव देना- फुटकर व्यापारी उपभोक्ताओं से वस्तुओं के सम्बन्ध में प्राप्त सुझाव थोक व्यापारी के माध्यम से उत्पादकों तक पहुंचा देता है। इनकी सहायता से उत्पादक आदेशनुसार माल में परिवर्तन करने का पूरा प्रयास करता है।
थोक व्यापारियों के प्रति सेवाएँ-
बहुसंख्यकयाश्रृंखलाबद्धदुकानेउनफुटकरदुकानोंकोकहतेहैं,
जोएकहीस्वामित्वकेअन्तर्गततथाएकहीप्रकारकीवस्तुओंकोबेचनेकेलिएएकहीशहरकेविभिन्नस्थानोंपरअथवाविभिन्नशहरोंमेंखोलीजातीहैं।येदुकानेप्रायःउनबडे-बडेंउत्पादकोंयानिर्माताओंद्वाराखोलीजातीहैं,
जोअपनामालमध्यस्थोंकेद्वाराविक्रयकरनेकेस्थानपरइनदुकानोंकेमाध्यमसेसीधे
उपभोक्ताओंकोबेचतेहैं।इसप्रकारइनकाउदेश्यमध्यस्थोंकाउन्मूलनकरसीधाउपभोक्ताओंतकमालपहॅुंचानाहैतथाबडे़पैमानेपरव्यापारकरकेउसकीमितव्ययिताओंकोप्राप्तकरनाहै।इनकोबहुविक्रयशालाएँभीकहतेहैं। बहुसंख्यक
दुकानों की
विशेषताएँ – बहुसंख्यकदुकानोंमेंनिम्नलिखितविशेषताएँपायीजातीहैं- 1. उपभोक्ताओंसेप्रत्यक्षसम्बन्ध-
इनदुकानोंकाउदेश्यथोकमध्यस्थोंकाउन्मूलनकरउपभोक्ताओंसेसीधासम्बन्धस्थापितकरनाहै। 2. साधारणउपयोगकीवस्तुएँबहुसंख्यकदुकानोंमेंसाधारणउपयोगकीवस्तुएँमिलतीहै, जैसे
- कपडे, सिलाईकीमशीन,
जूतेइत्यादि। 3. एकहीस्वामित्व
- यहदुकानेएकहीस्वामीद्वाराखोलीजातीहैं, अर्थातइनदुकानोंपरस्वामित्वएकहीव्यक्तियासंस्थाकाहोताहै। 4. बडीमात्रामेंउत्पादनतथाक्रयकेलाभ-
येदुकानेएकहीस्वामित्वकेअन्दरहोतीहै।केन्द्रीयकार्यालयकोइनसभीदुकानोंकेलिएमालकाक्रयतथाउत्पादनकरनापडताहै, जिसकालाभयेबडीमात्रामेंउठातेहै। 5. समानमूल्य
- इनदुकानोंकीमहत्वपूर्णविशेषतायहहैकिइनदुकानोंपरबिकनेवालीहरएकवस्तुकेमूल्यमेंएकरूपतापायीजातीहै।केवलविदेशोंकोछोडकरइनदुकानोंमेंप्रत्येकवस्तुकामूल्यसमानहोताहै।अन्तरकेवलवाणिज्यकरलगानेकाहोताहै, जोकिस्थानकेअनुसारहोताहै।
क्र0
सं0 अंतर
का आधार फुटकर
व्यापारी थोक
व्यापारी 1. पूँजी
की मात्रा फुटकर
व्यापारी को
कम पूँजी की
आवश्यकता
होती है। थोक
व्यापारी को
अधिक पूँजी
की आवश्यकता
होती है। 2. व्यवसाय
का क्षेत्र इनका
व्यापार-क्षेत्र
नगर या बाजार
तक सीमित होता
है। इनका
व्यापार-क्षेत्र
पर्याप्त
व्यापक होता
है। 3. माल
के
क्रय-विक्रय
की मात्रा ये
कम मात्रा
में माल का
क्रय-विक्रय
करते हैं। ये
अधिक मात्रा
में माल का
क्रय-विक्रय
करते हैं। 4. क्रय
का स्त्रोत फुटकर
व्यापारी
थोक
व्यापारी से
माल खरीदते
हैं। थोक
व्यापारी
उत्पादकों
से माल
खरीदते हैं। 5. विज्ञापन
पर व्यय इनको
विज्ञापन पर
कम राशि व्यय
करनी पड़ती
है। इनको
विज्ञापन पर
अधिक राशि
व्यय करनी
पड़ती है। 6. सेवाएँ ये
थोक
व्यापारी
एवं
उपभोक्ताओं
की सेवा करते
हैं। ये
उत्पादकों
एवं फुटकर
व्यापारियों
की सेवा करते
हैं। 7. बिक्री
योग्य वस्तु
की
विभिन्नता ये
प्रायः
विभिन्न
प्रकार की
वस्तुओं का
विक्रय करते
हैं। ये
प्रायः एक ही
प्रकार की
वस्तुओं का
विक्रय करते
हैं। 8. विक्रय
का सत्रोत ये
ग्राहकों
(उपभोक्ताओं)
को माल बेचते
हैं। ये
फुटकर
व्यापारियों
को माल बेचते
हैं।
थोक
विक्रेताओं
की सेवाएँ
विनिर्माताओं
के प्रति
सेवाएँ - · बड़े
पैमाने पर
उत्पादन में
सहायक: थोक
विक्रेता
बड़ी संख्या
में फुटकर
विक्रेताओं
से थोड़ी मात्रा
में आदेष
लेते हैं।
इन्हें इकठ्ठा
कर
विनिर्माताओं
को
हस्तांतरित
कर देते हैं।
जिससे
उत्पादनकर्ता
उत्पादन की
मात्रा को
बढ़ाने के
लिए प्रेरित
होता है। फुटकर
विक्रेताओं
के प्रति
सेवाएँ - · थोक
विक्रेता
फुटकर
विक्रेताओं
को वस्तुएँ
उपलब्ध करा
कर सेवा करते
हैं। थोक
विक्रेताओं
का उन्मुलन
किया जा सकता
है। यदि कई
प्रकार के आधुनिक
या नवीनतम
तरीकों का
उपयोग किया
जाये तो थोक
विक्रेताओं
का उन्मुलन
संभव हो सकता
है जैसे -
सहकारी
समीति का गठन
करके, सुपर
बाजारों या
विभागीय
भण्डारों की
स्थापना
करके थोक
विक्रेताओं
का उन्मुलन
किया जा सकता
है।
फुटकरव्यापारीद्वाराकौन-कौन
सी सेवायेप्रदानकीजातीहै-
फुटकरव्यापारीउत्पादकोवथोकव्यापारीकेप्रतिनिम्नलिखितसेवाएंप्रदानकरताहै (1.)उत्पादकोंवथोकव्यापारियोंकेप्रतिसेवाएँ- 1. उपभोक्ताओंकीरूचिवमॉगकेअनुसारसामायिकसूचनादेना
- फुटकरव्यापारीउत्पादकोवथोकव्यापारियोंको
उपभोक्ताओंकीरूचि, फैशनएवंरीति-रिवाजआदिकीजानकारीदेताहै।यहजानकारीउत्पादकोंकेलिएअत्यन्तउपयोगीहोतीहै।इससेवेनवीनतमवस्तुओंकाउत्पादनकरतेहैं। 2. मालकेविक्रयकाप्रबन्धकरना-
फुटकरव्यापारीहीथोकव्यापारियोंकेमालकेविक्रयकाप्रभावशालीप्रबन्धकरतेहैंक्योंकिथोकव्यापारीकेलिएयहसम्भवनहींहोताकिवहउपभोक्ताओंकोथोडी-थोडीमात्रामेंमालकाविक्रयकरें। 3. उपभोक्ताओंसेसम्पर्कस्थापितकरनेकीआवश्यकतासेमुक्तिदिलाना-
प्रायःउपभोक्ताफुटकरव्यापारियोंसेहीमालकाक्रयकरतेहैं।अतःफुटकरव्यापारियोंकीसेवाओंकेफलस्वरूपथोकव्यापारियोंकोउपभोक्ताओंसेसम्पर्कस्थापितकरनेकीआवश्यकतानहींरहती। 4. सूचनाओं
एवंऑकडोंकाएकत्रीकरणकरना-
फुटकरव्यापारीमालकीमॉगवमूल्यआदिसेसम्बन्धितऑकडोंकासंकलनकरकेउत्पादकों, थोकव्यापारीवसरकारकीसेवाकरतेहैं। (2.)उपभोक्ताओंतथासमाजकेप्रतिसेवाएँ-
फुटकरव्यापारीउपभोक्ताओंतथासमाजकेप्रतिनिम्नलिखितसेवाएँप्रदानकरताहै- 1. ग्राहकोंकोआवश्यकतानुसारमालकाविक्रयकरना-
फुटकरव्यापारीउपभोक्ताओ्रंकोउनकीरूचि, मॉगवफैशनकेअनुसारकममात्रामेंआवश्यकतानुसारमालकाविक्रयकरताहै। 2. साखसुविधाएँ
प्रदानकरना- फुटकरव्यापारीअपनेग्राहकोकोप्रायःमालकेउधारविक्रयकीसुविधाएँ
भीप्रदानकरताहै।इससेउपभोक्ताओंकोअपनीआवश्यकताकीअधिकतमवस्तुएँप्राप्तकरनेमेंसुविधाहोजातीहै। 3. मालकोघरपहॅंचाना-
फुटकरव्यापारीव्यक्तिगतसम्बन्धोंकेकारणकभी-कभीग्राहकोंकोघरपरभीवस्तुओंकीसुपुर्दगीदेनेकीसुविधाप्रदानकरतेहैं। 4. मॉगकेअनुसारवस्तुएँउपलब्धकराना-
फुटकरव्यापारीअपनीदुकानमेंविभिननप्रकारकीवस्तुएँखरीदकरएकत्रकरलेतेहैं, जिससेकिउपभोक्ताओंकोसभीवस्तुएँउनकीपसन्दकीमिलजातीहैतथाउन्हेंवस्तुओंकेलिएइधर-उधरनहींजानापडता। एक B.
दो C.
तीन D.
चार
कप्तान
की रसीद दो
प्रकार की
होती है।
माल
को सुरक्षित
रुप से रखना B.
सुविधा
से मान बेचना C.
आयात-कर
का सुविधा से
भुगतान करना D.
उपर्युक्त
सभी।
प्रमाणित
गोदाम से आशय
ऐसे गोदाम से
है, जिसमें
माल मँगाने
वाला आयात-कर
का भुगतान
होने ते माल
रख सकता है।
कप्तान
की रसीद B.
वीजक C.
जहाजी
बिल्टी D.
सुपुर्दगी
चालान
यदि
माल कम
मात्रा में
होता है, तो
उसे अन्य व्यापारियों
का माल ले
जाने वाले
किसी साधारण
जहाज द्वारा
भेजा जाता
है। जहाजी
कम्पनी माल
प्राप्त
करने की रसीद
तथा माल ले
जाने के
प्रसंविदे
के रुप में जो
प्रलेख देती
है, उसे जहाजी
बिल्टी कहते
हैं। इसे माल का
अधिकार-पत्र
भी कह सकते
हैं।
सीमा
शुल्क B.
बिक्री
कर C.
आय
कर D.
उत्पादन
कर
आयात
व निर्यात कर
का दूसरा नाम
आय कर है।
दो B.
तीन C.
चार D.
पाँच
आयात
कर चुका देने
को बाद डॉक
व्यय भी
चुकाने होंगे।
इसके लिए दो
प्रतिलिपियों
में एक चालान
फॉर्म भरना
होगा। इसकी
एक
प्रतिलिपि
डॉक अधिकारी
द्वारा रख ली
जाती है तथा
दूसरी प्रतिलिपि
हस्ताक्षर
करके तथर
मुहर लगाकर वापस
कर दी जाती
है।
दो B.
तीन C.
चार D.
पाँच
निकासी
प्रतिनिधि
प्रवेश बिल
की तीन
प्रतिलिपियाँ
भरता है।
दो B.
तीन C.
चार D.
पाँच
व्यापार
दूत द्वारा
प्रमाणित
बीजक की तीन
प्रतिलिपियाँ
बनाई जाती
हैं।
चार्टर
पार्टी B.
जहाजी
बिल्टी C.
विदेशी
बीजक D.
ये
सभी
विदेशी
व्यापार में
प्रयुक्त
होने वाले
प्रलेखों को
निम्नलिखित
दो
श्रेणियों
में बाँटा जा
सकता है-
(अ)
आयात
व्यापार
सम्बन्धी
प्रलेख, इण्डेण्ट, सुपुर्दगी
आदेश, आगम पत्र, दर्शनीय
पत्र, गोदी
चालान, गोदी
वारण्ट, रेलवे
रसीद या मोटर
रसीद बिल्टी
आदि एवं
(ब.)
निर्यात
व्यापार
सम्बन्धी
प्रलेख - यह
प्रलेख
निर्यातक
देश द्वारा
बनाए जाते
हैं। इनमें
निम्नलिखित
प्रलेख
प्रमुख हैं-
बन्धक पत्र, जहाजी
किराये का
अनुबन्ध
नवभाटक पत्र
एवं जहाजी
बिल्अी, कप्तान
की रसीद, मूल
स्थान का
प्रमाण-पत्रण्
बीजक, व्यापारिक
दूतावास
द्वारा
प्रमाणित
बीजकण्
जहाजी आदेश, गोदी रसीद, आदि।
दो
प्रकार के B.
तीन
प्रकार के C.
चार
प्रकार के D.
पाँच
प्रकार के
इण्डेण्ट
दो प्रकार को
होते हैं
(1)
खुला
इण्डेण्ट,
एवं (2) बन्द
इण्डेण्ट
दो B.
तीन C.
चार D.
पाँच
आयात
कर चुका देने
को बाद डॉक
व्यय भी
चुकाने
होंगे। इसके
लिए दो प्रतिलिपियों
में एक चालान
फॉर्म भरना
होगा। इसकी
एक
प्रतिलिपि
डॉक अधिकारी
द्वारा रख ली जाती
है तथा दूसरी
प्रतिलिपि
हस्ताक्षर
करके तथर
मुहर लगाकर
वापस कर दी
जाती है।
दो B.
तीन C.
चार D.
पाँच
माल
छुडाने से
पूर्व
निकासी प्रतिनिधि
को आयात-सा
चुकाने के
लिए कर गृह जाना
होगा। कर
चुकाने के
लिए तीन
प्रतिलिपियों
में एक चालान
फॉर्म भरना
होगा। इस
चालान फॉर्म
को प्रवेश
बिल कहते
हैं। इसमें
से एक प्रतिलिपि
कर अधिकारी
अपने पास रख
लेता है तथा
शेष दो
प्रतिलिपियॉं
निकासी
प्रतिनिधि
को हस्ताक्षर
करके तथा
मुहर लगाकर
वापस कर दी
जाती है।
क्रय
पर B.
विक्रय
पर C.
लाभ
पर D.
आयात
एवं निर्यात
पर
कोई
भी देश
विदेशी
व्यापार में
दो प्रकार के करों
को लगा सकता
है- आयात कर
एवं निर्यात
कर।
(1)
आयात कर-
विदेशों से
माल का आयात
किए जाने पर जो
कर लगाए जाते
हैं वह आयात
कर कहलाते
हैं।
(2)
निर्यात कर-
विदेशों को
भेजे जाने
माल पर जो कर
लगाए जाते
हैं, वह
निर्यात कर
कहलाते हैं।
उपर्युक्त
दोनों
प्रकार के कर सीमा
शुल्ककहलाते
हैं। इनके
लगाने से
सरकार को
राजस्व की
वसूली होती
है।
स्थानीय
व्यापार B.
देशी
व्यापार C.
विदेशी
व्यापार D.
राज्यीय
व्यापार
जो
व्यापार एक
देश की
सीमाएँ पार
करके कियी जाता
है, विदेशी
व्यापार
कहलाता है।
इस प्रकार भारत
और अमेरिका
के मध्य किया
जाने वाला
व्यापार
विदेशी
व्यापार कहलाएगा।
अन्तर्राज्यीय
व्यापार B.
विदेशी
व्यापार C.
राष्ट्रीय
व्यापार D.
स्थानीय
व्यापार
जो
व्यापार एक
देश की
सीमाएँ पार
करके कियी जाता
है, विदेशी
व्यापार
कहलाता है।
इस प्रकार भारत
और अमेरिका
के मध्य किया
जाने वाला
व्यापार
विदेशी
व्यापार
कहलाएगा।
केवल
आयात से B.
केवल
निर्यात से C.
निर्यात
एवं आयात से D.
उपर्युक्त
में से किसी
से नहीं।
जो
व्यापार एक
देश की
सीमाएँ पार
करके कियी जाता
है, विदेशी
व्यापार
कहलाता है।
इस प्रकार
भारत और
अमेरिका के
मध्य किया
जाने वाला
व्यापार विदेशी
व्यापार
कहलाएगा।
दो B.
तीन C.
चार D.
पाँच
जब
आयातकर्ता
माल के क्रय
के सम्बन्ध
में उत्पादक
या निर्माता
को ऑर्डर
भेजता है तब
वह विदेशी
ऑर्डर
कहलाता है।
यदि यह ऑर्डर
उतपादक या निर्माता
को न भेजकर
निर्यात
एजेण्ट को
भेजा जाता है
तब इसे
इण्डेण्ट
कहा जाता है।
निर्यातक
द्गारा B.
बैंक
द्वारा C.
अभिकर्ता
द्वारा D.
जहाज
के कप्तान
द्वारा
जब
जहाज का माल
लद जाता है, तो
जहाज का
कप्तान या
उसका सहायक
माल के प्राप्त
होने की एक
रसीद देता
है। यह रसीद
ही कप्तान की
रसीद कहलाती
है। इस पर
समान्यतया
माल के
सम्बन्ध में
या पैकिग के
सम्बन्ध में
लिखा होता
है।
चार्टर
पार्टी B.
जहाजी
बिल्टी C.
विदेशी
बीजक D.
उपर्युक्त
सभी
विदेशी
व्यापार में
प्रयुक्त
होने वाले
प्रलेखों को
निम्नलिखित
दो
श्रेणियों
में बाँटा जा
सकता है-
(अ)
आयात
व्यापार
सम्बन्धी
प्रलेख, एवं (ब)
निर्यात
सम्बन्धी
प्रलेख
(अ.)
आयात
व्यापार
सम्बन्धी
प्रलेख- यह
प्रलेख आयातक
देश द्वारा
बनाए जाते
है। इनमें
निम्नलिखित
प्रलेख
प्रमुख हैं।
इण्डेण्ट, सुपुर्दगी
आदेश, आगम पत्र, दर्शनीय
पत्र, गोदी
चालान, गोदी
वारण्ट, आदि।
(ब.)
निर्यात
व्यापार
सम्बन्धी
प्रलेख - यह
प्रलेख
निर्यातक
देश द्वारा
बनाए जाते
हैं। इनमें
निम्नलिखित
प्रलेख
प्रमुख हैं-
बन्धक
पत्र,
जहाजी
किराये का
अनुबन्ध
नवभाटक पत्र
एवं जहाजी
बिल्अी, कप्तान
की रसीद, मूल
स्थान का
प्रमाण-पत्रण्
बीजक, व्यापारिक
दूतावास
द्वारा
प्रमाणित
बीजकण्
जहाजी आदेश, आदि।
सीमा
शुल्क B.
बिक्री
कर C.
आयकर D.
उत्पादन
कर
कोई
भी देश
विदेशी
व्यापार में
दो प्रकार के
करों को लगा
सकता है- आयात
कर एवं
निर्यात कर।
(1)
आयात कर-
विदेशों से
माल का आयात
किए जाने पर जो
कर लगाए जाते
हैं वह आयात
कर कहलाते
हैं।
(2)
निर्यात कर-
विदेशों को
भेजे जाने माल
पर जो कर लगाए
जाते हैं, वह
निर्यात कर
कहलाते हैं।
उपर्युक्त
दोनों
प्रकार के कर सीमा
शुल्ककहलाते
हैं। इनके
लगाने से
सरकार को
राजस्व की
वसूली होती
है।
दो B.
तीन C.
चार D.
पाँच
व्यापार
दूत द्वारा
प्रमाणित
बीजक की तीन
प्रतिलिपियां
बनाई जाती
हैं।
उत्तर
प्रदेश और
बिहार के
मध्य
व्यापार B.
कानपुर
और लखनऊ के
मध्य
व्यापार C.
भारत
और अमेरिका
के मध्य
व्यापार D.
उपर्युक्त
में से कोई नहीं
जो
व्यापार एक
देश की सीमाएँ
पार करके
कियी जाता है,
विदेशी
व्यापार
कहलाता है।
इस प्रकार
भारत और
अमेरिका के
मध्य किया
जाने वाला
व्यापार
विदेशी
व्यापार कहलाएगा।
नई विश्व
व्यापार प्रणाली
को लागू करना
बंधक गोदाम
वेंडिंग
मशीन
प्रत्यक्ष
खुदरा
बिक्री का एक नया
रूप है
जिसमें मशीन
को सिक्कों या
टोकनों
द्वारा
संचालित
किया जाता
है। ये मशीनें
समान आकार
एवं वजन वाले
तथा उच्च
कारोबार
वाले कम
मूल्य के
उत्पादों के
पूर्व पैक ब्रांडों
की बिक्री के
लिए उपयोगी
होती हैं। ऐसी
मशीनों में
चैबीसों
घंटे
विक्रेता के
बिना क्रय
करना संभव
होता है।
मताधिकार
की
विशेषताएं
हैं:
सुपर
बाजार से आशय
बड़े पैमाने
की ऐसी फुटकर
व्यापारिक
संस्था से है
जो विभिन्न
प्रकार के
खाद्य
पदार्थों का
विक्रय करती
है।
फुटकर
व्यापारी के
दो लक्षण:- 1. यह थोक
व्यापारी से
माल खरीदता
है तथा
उपभोक्तओं
को थोड़ा-थोड़ा
करके माल
बेचता है। 2. यह
ग्राहकों को
आकर्षित
करने के लिए
दुकान को सजाता
है तथा दुकान की
स्थिति को भी
महत्व देता
है।
फुटकर व्यापारी को अपनी दुकान का विज्ञापन समय-समय पर करना चाहिए। इससे ग्राहकों को वस्तुओं के बारे में नियमित रूप से जानकारी मिलती रहती है।
फुटकर व्यापारी की सफलता के लिए सेवा भावना का होना आवश्यक है। फुटकर व्यापारी को ग्राहक के घर तक माल पहुंचाना, माल की मरम्मत आदि की सेवाएं प्रदान करनी चाहिए।
फुटकर व्यापारियों को उधार माल बेचने की सुविधा प्रदान करनी चाहिए इससे व्यापार में वृद्धि होती है। फुटकर व्यापारियों को यह भी
जानना आवश्यक होता है कि ग्राहक की आर्थिक स्थिति क्या है ।
फुटकर व्यापारी का को व्यापार सम्बन्धी ज्ञान का होना आवश्यक है उसे अन्य ज्ञान भी होने चाहिए जिससे वह माल के बारे में पूर्ण जानकारी रख सके।
फुटकर व्यापारी के लिए उपयुक्त स्थान का होना आवश्यक है। फुटकर दुकानें ऐसे स्थान पर होनी चाहियें जहाँ अधिक संख्या में लोग आकर्षित हों ।
नगर में मुख्य स्थान पर दुकान होने से दुकान का केन्द्रीयकरण भी होता है।
फुटकर व्यापारी के पास पर्याप्त पूँजी का होना आवश्यक है ।
साधारणदुकान
- साधारणदुकानदारअपनीदुकानकेलिएस्थानकाचयनबहुतसोच-समझकरकरतेहैंक्योंकिएकबारदुकानकेस्थानकाचयनकरलेनेकेबादउसेबदलनाकठिनहोजाताहै। साधारणदुकानोंमेंनिम्नलिखितगुणपायेजातेहै- 1. वस्तुओंकेचुननेकीसुविधा-
इनकेपासविभिन्नप्रकारकामालहोनेकेकारणग्राहकोंकोवस्तुओंकाचयनकरनेमेंसुविधारहतीहै। 2. वस्तुवापसीकीसुविधा-
येवस्तुखराबनिकलजानेपरउसेवापसकरनेकीसुविधाप्रदानकरतेहैं। 3. ग्राहकोंसेनिकटता-
येग्राहकोंकेअत्याधिकनिकटहोनेकेकारणउन्हेंसरलतासेआकर्षितकरसकतेहैं। 4. कमपूँजीकीआवश्यकता
- इनकाथोडीपूँजीसेकामचलजाताहै। 5. सभीप्रकारकेग्राहकोंद्वाराखरीदारी-
इनसेसभीप्रकारकेग्राहक,
जैसे
- स्त्री, बच्चेबडे-बूढे,
नौजवान,
अमीरएवंगरीबआदिमालखरीदतेहैं।
फुटकर व्यापारी के लक्षण-
फुटकर व्यापारी के कार्य-
आम
तौर पर डाक
व्यापार में
भुगतान
प्राप्त करने
के
निम्नलिखित
विकल्प
उपलब्ध होते
हैं:
डाक
व्यापार के
तीन प्रकार
होते हैं:
डाक
व्यापार
खुदरा
व्यापार का
एक ऐसा
प्रकार है
जिसमें
व्यवसाय डाक
के माध्यम से
किया जाता
है।
सहकारी
भंडार की
विशेषताएँ
इस प्रकार
हैं:
डाक
व्यापार
दुकानों के
विभिन्न
प्रकार हैं:
एक
विभागीय
स्टोर सामान
की एक
विस्तृत
श्रंखला पेश
करने वाली एक
बड़ी
स्थापना
होती है। यह पूरा
स्टोर
विभिन्न
विभागों में
विभाजित होता
है। इन स्टोर
में लगभग
जरूरत का हर
सामान अच्छी
तरह से
वर्गीकृत
अलग विभागों
में पाया जा
सकता है।
उदाहरण के
लिए, एक
दुकान के
भीतर
प्रसाधन, दवाई, फर्नीचर, किराने
के सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े
और पोशाक
सामग्री के
लिए अलग-अलग
विभाग होते
हैं। इस
प्रकार,
वे
माल और
सेवाओं की एक
विस्तृत
श्रंखला के
साथ विभिन्न
क्षेत्रों
के बाजारों
को संतुष्ट करते
हैं।
इसमें आयात
की सभी शर्तां
का उल्लेख किया
जाता है।
नाम के प्रयोग
का अधिकार
विदेशी मुद्रा
की प्राप्ति। कप्तान की रसीद दो प्रकार की होती है। प्रमाणित गोदाम से आशय ऐसे गोदाम से है, जिसमें माल मँगाने वाला आयात-कर का भुगतान होने ते माल रख सकता है। आयात व निर्यात कर का दूसरा नाम आय कर है।SOLUTION
A.
समाज की सेवा करना
।
SOLUTION
A.
थोक व्यापारी द्वारा।SOLUTION
A.
आर्थिक स्थिति का ज्ञान रखता है।SOLUTION
A.
कमीशन के आधार पर परामर्श प्रदान करते हैं।SOLUTION
A.
फुटकर व्यापारी।SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
• थोक
व्यापारी को
उसके द्वारा
बेचे जाने
वाले माल के
सम्बन्ध में
पूर्ण
जानकारी
होनी चाहिए ।
• उसे
व्यापार के नए
नए तरीकों का
ज्ञान होना
चाहिए ।
• उसको
तथा उसके
कर्मचारियों
को परिश्रमी
होना चाहिए ।
• थोक
व्यापारी के
पास माल को
संग्रहित
करने के लिए
गोदाम में
पर्याप्त
स्थान होना
चाहिए।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
• वस्तुओं
का विक्रय
करना- थोक
व्यापारी
इकट्ठी की
गयी वस्तुओं
को विभिन्न
फुटकर
व्यापारियों
को थोड़ी-थोड़ी
मात्रा में
बेचता है।
• आर्थिक
सहायता-
उत्पादकों
को अग्रिम
राशि देकर
तथा फुटकर
व्यापारियों
को उधार माल
बेचकर थोक
व्यापारी
उनकी आर्थिक
सहायता करता
है।
• मूल्यों
को स्थिर
रखना- थोक
व्यापारी
वस्तुओं की
मांग व
पूर्ती में
संतुलन बनाए
रखने के साथ-साथ
मूल्यों को
स्थिर रखने
का प्रयत्न
करता है।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
ऑटोमेटेड
टेलर मशीन
(एटीएम)
नवीनतम
क्षेत्र है
जिसके
माध्यम से एक ग्राहक
बैंक का दौरा
किए बिना
किसी भी समय
पैसा निकाल
सकता है।
एक
वेंडिंग
मशीन के गुण
इस प्रकार
हैं:
1. यह
कम कीमत के
उत्पादों के
पूर्व पैक
ब्रांडों की
बिक्री के
लिए उपयोगी
है।
2. इनसे
चैबीसों
घंटे माल
खरीदना संभव
है।
3. समान
वजन और
गुणवत्ता के
साथ
ग्राहकों को
माल की ताजा
आपूर्ति
उपलब्ध होती
है।
4. इसमें
विक्रेता की
आवश्यकता
नहीं होती
है।
दोष:
1. इसकी
आरंभिक
स्थापना की
लागत अधिक
होती है।
2. इसके
नियमित
रखरखाव और
मरम्मत पर
भारी खर्च किये
जाते हैं।
3. उपभोक्ता
माल क्रय
करने से पहले
देख तथा छु नहीं
सकते हैं।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
उपभोक्ता
सहकारी
भंडार की
सीमाऐं
निम्नलिखित
हैं:
1. इसका
वित्तपोषण
इसके
सदस्यों
द्वारा किया
जाता है जो
उपभोक्ता
होते हैं।
इसकी
सदस्यता सीमित
होती है और यह
भंडार निवेश
करने के लिए केवल
अपने
सदस्यों पर
निर्भर होते
हैं जिनके
पास धन की
छोटी राशि ही
होती है। यह
सहकारी
भंडार के
विकास और
विस्तार के
रास्ते में
आता है।
2. आम
तौर पर इन
दुकानों को
अवैतनिक
आधार पर सदस्यों
द्वारा
प्रबंधित
किया जाता
है। इसमें अधिक
प्रभावी ढंग
से काम करने
के लिए उन लोगों
के बीच
पर्याप्त
पहल और
प्रेरणा की
कमी होती है।
3. सहकारी
भंडार के
सदस्य आम तौर
पर नियमित
रूप से दुकान
पर नहीं होते
हैं। जिसके
परिणामस्वरूप, भंडार
का
सफलतापूर्ण
संचालन संभव
नहीं होता है।
4. सहकारी
भंडार का
प्रबंधन
करने वाले
लोग कुशलता
से भंडार
चलाने में
प्रशिक्षित
नहीं होते
हैं। यह इन
दुकानों की
कार्यप्रणाली
को प्रभावित
करता है।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
• उपभोक्ताओं
की
मनोवृत्ती
का अध्ययन-
थोक व्यापारी
ग्राहकों
माल
सम्बंधित
जैसे कब, कितना,
कौन
सा माल
खरीदना है
मानसिक
प्रवृत्ती
को अच्छी तरह
से जानता है
और इससे
सम्बंधित
सभी सूचनाएं
वह निर्माता
को उपलब्ध
कराता है।
• साख
सम्बन्धी
सुविधाएं
प्रदान करना-
थोक
व्यापारी
फुटकर तथा
उत्पादक दोनों
को साख संबधी
सुविधाएं
प्रदान करता
है। वह अग्रिम
धन देकर
उत्पादन
कार्य को
प्रोत्साहित
करता है।
• भावी
मांग की
जानकारी- थोक
व्यापारी
भावी मांग का
ठीक ठीक
अनुमान
लगाकर थोक
व्यापारी को
ज्ञान कराते
हैं। इससे
उन्हें
उत्पाद की
मात्रा तथा
किस्म का
स्तर
निश्चित करने
में बड़ी
सुविधा होती
है ।
• जोखिम
से मुक्ति-
थोक
व्यापारी
बड़ी मात्रा
में वस्तुओं
के संग्रह के
द्वारा उतार
चढ़ाव तथा
अन्य जोखिम
से
निर्माताओं
तथा फुटकर
व्यापारियों
दोनों को
मुक्ति
प्रदान करते
हैं ।
• वस्तुओं
का वितरण- थोक
व्यापारी
माल को
एकत्रित
करके
उपभोक्ताओं
तक सीधा बिना
अन्य सहायता
के पहुंचा
देता है। थोक
व्यापारी
उपभोक्ताओं
के घर पर भी
सुविधाएँ
प्रदान करते
हैं।
• बाज़ार
का क्षेत्र
विस्तृत
करना- थोक
व्यापारी
वस्तुओं के
विज्ञापन
द्वारा
बाज़ार के
क्षेत्र को विस्तार
प्रदान करते
हैं। इससे
उपभोक्ताओं के
लाभ में
वृद्धि होती
है।
• अधिक
पूँजी की
आवश्यकता-
यदि वस्तुओं
की वितरण
निर्माताओं
द्वारा किया
जाता है तो
फुटकर व्यापारियों
को माल उधार
देना पड़ेगा
जिससे अधिक
पूँजी की
आवश्यकता
पड़ेगी।
• फुटकर
व्यापारियों
को असुविधा-
बिना थोक
व्यापारी की
सहायता से
फुटकर व्यापारियों
को
उत्पादकों
से माल
खरीदना
पड़ेगा जिससे
परिवहन व्यय
भी बढ़ेगा
एवं उधार की
सुविधा भी
उपलब्ध नहीं
होगी।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
· सूचनाएं एवं आंकड़े एकत्र करना- वस्तुओं की मांग कीमत आदि सम्बन्धी आंकड़ों के लिए उत्पादकों,थोक व्यापारियों तथा सरकार को सहायता करना।
· उपभोक्ताओं की रूचि , फैशन आदि से अवगत कराना- फुटकर व्यापारी बाज़ार में होने वाले परिवर्तनों पर ध्यान रखता है ये व्यापारी उपभोक्ताओं की रूचि, फैशन, आदि में होने वाले परिवर्तनों की सूचना थोक व्यापारियों को देते हैं ।
· स्थानीय विज्ञापन से मुक्ति- फुटकर व्यापारियों के होने से थोक व्यापारियों को स्थानीय विज्ञापन की
आवश्यकता नहीं रहती ।
· माल विक्रय में सहायक - फुटकर व्यापारी थोक व्यापारी की
अपेक्षा संख्या में अधिक होते हैं, फुटकर व्यापारियों के द्वारा वस्तुओं का वितरण व विक्रय आसानी से हो जाता है।
· माल बेचने में निपुण- फुटकर व्यापारी वास्तविक विक्रय कला का प्रयोग करते हैं
। इनकी सहायता से थोक व्यापारियों को अधिक कुशल विक्रेताओं की
नियुक्ति की आवश्यकता नहीं पड़ती।
· वस्तुओं की मांग में बढ़ोत्तरी- फुटकर विक्रेता नई नई उत्पादित वस्तुओं की जानकारी उपभोक्ताओं को देकर वस्तुओं की मांग को बढ़ाते हैं ।
· आर्थिक सहायता करना- आवश्यकता पड़ने पर कभी कभी फुटकर व्यापारी थोक व्यापारियों को अग्रिम धन भी प्रदान करते हैं इससे थोक व्यापारियों को आर्थिक सहायता मिलती है।
उपभोक्ताओं के प्रति सेवायें-
· फुटकर व्यापारी ग्राहक के व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर उधार माल देने की सुविधा प्रदान करते हैं ।
· फुटकर व्यापारी अपने ग्राहकों को मौसम के अनुसार माल उपलब्ध कराते हैं ।
· फुटकर व्यापारी द्वारा उपभोक्ता को वस्तुएं समय पर मिल जाती हैं इससे उपभोक्ताओं को वस्तु संग्रह करने की आवश्यकता नहीं रहती ।
· फुटकर व्यापारी उपभोक्ताओं को निःशुल्क परामर्श व सेवाएं भी प्रदान करते हैं ।
· फुटकर व्यापारी ग्राहक को उचित माल उपलब्ध कराते हैं इससे ग्राहक
को ठगे जाने का भय नहीं रहता।
· माल खरीदने के लिए ग्राहक को अधिक दूर नहीं जाना पड़ता फुटकर व्यापारी ग्राहक को माल समीप ही उपलब्ध कराते हैं
।
· फुटकर व्यापारी ग्राहकों को वस्तुएं खरीदने के उपरान्त खराबी होने पर निर्धारित समय के अन्दर
मरम्मत करने की जिम्मेदारी भी लेते हैं ।
· फुटकर व्यापारी छोटी मात्रा में वस्तुओं का संग्रह करते हैं वे ग्राहकों को सदैव ताज़ी वस्तुएं उपलब्ध कराते हैं ।
· फुटकर व्यापारी अपने ग्राहकों को माल उधार खरीदने की भी सुविधा देते हैं।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
· थोक
विक्रेता
वस्तुओं का
क्रय विक्रय
अपने नाम से
करते हैं, बड़ी
मात्रा में
माल का क्रय
कर उन्हें
अपने भंडार
गृहों में
रखते हैं।
जिससे
उन्हें कई प्रकार
की जोखिमों
का सामना
करना पड़ता
है।
· वह
निर्माताओं
से माल का नकद
क्रय करते
हैं इस
प्रकार से वह
उन्हें
वित्तीय
सहायता
प्रदान करते
है।
· थोक
विक्रेता
विक्रेताओं
को साख
प्रदान कर नियमित
माल प्रदान
करते हैं।
· थोक
विक्रेता
फुटकर
विक्रेता की
जोखिम में भी
अपनी
भागीदारी
देते हैं।
· थोक
विक्रेता
फुटकर
विक्रेता की
विपणन में सहायता
करते हैं।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
1. यह
समय की एक
निर्धारित
अवधि के लिए
फ्रेंचाइजर
और
फ्रेंचाइजी
के बीच एक
समझौता होता
है।
2. फ्रेंचाइजी
को एक विशेष
ब्रांड नाम
का इस्तेमाल
करने का अधिकार
होता है
3. फ्रेंचाइजी
द्वारा
शुल्क, रॉयल्टी
या अन्य
प्रतिफल का
भुगतान किया
जाता है।
4. फ्रेंचाइजी, जगह की
व्यवस्था
करने में, आईटी की
व्यवस्था
करने में तथा
दुकान के लिए
स्टाॅक
खरीदने में
पैसा
निवेशित
करता है।
5. इन
दुकानों में
सजावट, ग्राहकों
की सेवा करने
के तरीके, उत्पादों
के प्रकार
आदि समान
होते हैं।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
अपर्याप्त पूँजी के होने पर फुटकर व्यापारी ग्राहक को उसकी मांग के अनुसार माल प्रदान करने में असफल हो जाते हैं। इससे ग्राहक उन्हें छोड़ दूसरी दुकानों से माल खरीदने लगते हैं ।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
· कई वस्तुओं का व्यापार- ये
व्यापारी किसी
विशेष वस्तु
का व्यापार न
करके अनेक
वस्तुओं का
व्यापार करते
हैं।
· थोड़ी मात्रा
में क्रय
करना- ये
व्यापारी
थोक व्यापारियों
से थोड़ी
मात्रा में
माल क्रय
करते हैं ।
· कम
मात्रा में
बेचना- यह कम मात्रा में माल का क्रय एवं विक्रय करते हैं।
· मध्यस्थ- फुटकर विक्रेता उत्पादकों तथा उपभोक्ताओं के बीच मध्यस्थ का कार्य करते हैं।
· उधार क्रय करना व नकद विक्रय करना - ये व्यापारी उत्पादकों से उधार माल क्रय करते हैं एवं ग्राहकों को नकद विक्रय करते हैं ।
· सीमित पूँजी - इन व्यापारियों को उधार क्रय करने की सुविधा मिल जाती है जिससे इनकी पूँजी सीमित रहती है ।
· सीमित क्षेत्र-यह व्यापार प्रायः स्थानीय होता है इसलिए इन व्यापारियों का क्षेत्र सीमित होता है ।
· ग्राहकों से व्यक्तिगत संपर्क- फुटकर व्यापारियों का उपभोक्ताओं से सीधा सम्बन्ध होता है क्योंकि यह व्यापारिक श्रंखला की अंतिम कड़ी होती है।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
· इन व्यापारियों द्वारा उपभोक्ताओं तक उनकी रूचि अनुसार माल प्रदान होता है।
· इन व्यापारियों द्वारा माल का प्रदर्शन विभिन्न
आकर्षक
तरीकों से किया जाता है ।
· ये व्यापारी उपभोक्ताओं को माल पसंद
न आने पर विक्रय
वापसी सुविधा भी प्रदान करते हैं ।
· ये व्यापारी उपभोक्ताओं को नई वस्तुओं की जानकारी नियमित रूप से प्रदान करते हैं।
· ये व्यापारी वस्तुओं को उनकी किस्मों के अनुसार उचित श्रेणी में विभाजित करते हैं।
· ये व्यापारी उपभोक्ताओं की मांग का विभिन्न वस्तुओं के लिए सही अनुमान पूर्व में ही लगा लेते हैं जिससे वस्तुओं के सीमित क्रय में आसानी होती है
।
· इन व्यापारियों द्वारा माल की सुपुर्दगी उपभोक्ताओं के घर तक होने की सुविधा भी दी जाती है।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
1. ग्राहकों
को अग्रिम
में पूरा
भुगतान करने
के लिए कहा जा
सकता है।
2. माल
को मूल्य देय
पोस्ट
(वीपीपी)
द्वारा भेजा जा
सकता है।
इसके तहत माल
डाक के
माध्यम से भेजा
जाता है तथा
केवल पूर्ण
भुगतान करने
पर ही ग्राहकों
को दिया जाता
है।
3. माल
को एक ऐसे
बैंक द्वारा
भेजा जा सकता
है जिसे माल
को ग्राहकों
को वितरित
करने के
निर्देश दिए
गये हों। इस
व्यवस्था
में डूबत ऋण
का कोई खतरा
नहीं होता है
क्योंकि माल
को पूरा
भुगतान करने
के बाद ही
खरीदारों को
सौंपा जाता
है।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
1. विनिर्माण
प्रकार: डाक
व्यापार के
इस प्रकार में, निर्माता
डाक के
माध्यम से
उपभोक्ताओं
को सीधे माल
बेचते हैं।
2. विभागीय
प्रकार: डाक
व्यापार के
इस प्रकार में, विभागीय
भंडार
विभागों के
माध्यम से
माल के विक्रय
के अलावा, डाक के
माध्यम से भी
उपभोक्ताओं
को सीधे माल बेचते
हैं।
3. मध्यस्थ
प्रकार: इस
मामले में
थोक और खुदरा
विक्रेता
डाक के
माध्यम से
माल बेचते
हैं। वे निर्माता
तथा थोक
व्यापारी से
माल खरीदते
हैं तथा
उपभोक्ताओं
को डाक के
माध्यम से
देते हैं।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
- विक्रेता
अखबारों में
विज्ञापन
देता है और संभावित
ग्राहकों के
लिए कैटलॉग, परिपत्रों
आदि भेजता
है।
- खरीददार
डाक के
माध्यम से
आदेश देते
हैं।
- माल
मूल्य देय
पार्सल (वीपीपी)
के माध्यम से
दिया जाता
है।
- विक्रेता
डाकघर के
माध्यम से
भुगतान
प्राप्त
करता है।
ग्राहकों
दृष्टिकोण
से इसे डाक
द्वारा खरीदारी
के रूप में
वर्णित किया
जा सकता है।
विक्रेताओं
के
दृष्टिकोण
से यह डाक के
माध्यम से विक्रय
होता है।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
1. ये
उपभोक्ताओं
के
स्वामित्व
में तथा
प्रबंधित
होते हैं।
2. इसमें
निर्माताओं
या थोक
विक्रेताओं
से सीधे बड़ी
मात्रा में
क्रय किया
जाता है।
3. इसमें
पूँजी
सदस्यों को
अंश जारी
करके प्राप्त
की जाती है।
4. इसमें
दुकान का
प्रबंधन एक निर्वाचित
प्रबंध
समिति को
सौंपा जाता
है।
5. ये
दुकानें
सदस्यों के
साथ-साथ गैर
सदस्यों को
भी माल का
विक्रय करती
हैं।
6. इसमें
लाभों को
लाभांश के
रूप में
सदस्यों के बीच
वितरित किया
जाता है।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION

B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
1. सामान्य
डाक व्यापार -
ऐसे डाक
व्यापार जो
सूची
विज्ञापन के
माध्यम से
डाक के
द्वारा माल
की एक किस्म
का व्यापार
करते हैं।
2. सेवा
संगठन डाक
व्यापार - ऐसे
डाक व्यापार
जिसमें बैंक, बीमा
कंपनियाँ
आदि डाक
माध्यम से
अपने ग्राहकों
के साथ
लेनदेन करती
हैं।
3. निर्माता
डाक व्यापार -
ऐसे डाक
व्यापार
जिसमें निर्माताओं
प्रत्यक्ष
रूप से डाक
द्वारा सीधे
ग्राहकों से
लेनदेन करते
हैं।
4. थोक
डाक व्यापार -
ऐसे डाक
व्यापार
जिसमें थोक
व्यापारी
सीधे डाक
द्वारा अपने
ग्राहकों को अपने
उत्पादों को
बेचते हैं।
5. व्यक्तिगत
डाक व्यापार -
ऐसे डाक
व्यापार
जिसमें एक
व्यक्ति
अपने ग्राहकों
को डाक से
छोटी
वस्तुओं का
विक्रय करता
है।
6. विशेष
डाक व्यापार -
ऐसे डाक
व्यापार
जिसमें किताबें, फोन आदि
जैसे विशेष
उत्पादों के
लेनदेन किये जाते
हैं।
7. अर्ध-सेवा
संगठन डाक
व्यापार - ऐसे
डाक व्यापार
जिसमें कुशल
कर्मचारी
डाक के
द्वारा अपने
ग्राहकों के
साथ व्यापार
और अनुबंध
करते हैं।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION