चूँकि दिए गए बिंदु संरेखीय हैं, इसप्रकार ∆ABC का क्षेत्रफल = 0
दिया है, x1 = 2, y1 = 3, x2 = 4, y2 = n, x3 = 6 और y3 = -3
हम जानते हैं कि
y-अक्ष से एक बिंदु की दूरी उसका x-निर्देशांक या भुज कहलाती है|
x-अक्ष से एक बिंदु की दूरी उस बिंदु का y-निर्देशांक या कोटि कहलाती है|
x-अक्ष पर एक बिंदु के निर्देशांक (x, 0) के रूप में और y-अक्ष पर एक बिंदु के निर्देशांक (0, y) के रूप में होते हैं|
हम जानते हैं कि एक त्रिभुज के केन्द्रक के निर्देशांक जिसके शीर्ष (x1, y1), (x2, y2) and (x3, y3) दिए गए हैं
= [{(x1 + x2 + x3)/3} , {(y1 + y2 + y3)/3}]
और यहाँ केन्द्रक के निर्देशांक = (0, 0)
माना, तीसरे शीर्ष के निर्देशांक (x, y) हैं, तो
0 = [(- 3 + 0 + x)/3] and 0 = [ {1 + ( - 2) + y}/3]
x = 3 और y = 1
AB2 = (12)2
(7 – a)2 + (-5 + 5)2 = 144
7 – a =
12
a = -5 या 19
चूँकि दिए गए बिंदु संरेखीय हैं|
इस प्रकार इन बिन्दुओं से बने त्रिभुज का क्षेत्रफल = 0
ABC का क्षेत्रफल = (1/2)[7(1 - k) + 5(k + 2) + 3(-2 - 1)] = 0
k = 4
माना, दिया गया बिंदु P(6, -6) और मूल बिंदु O(0,0) हैं|
d =
[(x2 - x1)2 + (y2 - y1)2]
=
[(6 - 0)2 + (-6 - 0)2] =
[(6)2 + (-6)2]
=
[36 + 36] = 6
2 इकाई
चूँकि, दिए गए बिंदु संरेखीय हैं,
इस प्रकार, त्रिभुज का क्षेत्रफल = 0
दिया है, x1 = 2, y1 = 1, x2 = p, y2 = -1, x3 = -1 और y3 = 3
हम जानते हैं कि,
हम जानते हैं कि जिस त्रिभुज के शीर्ष = (x1, y1), (x2, y2) और (x3, y3) दिए हों, उसके केन्द्रक के निर्देशांक = [{(x1 + x2 + x3)/3}, {(y1 + y2 + y3)/3}]
इस प्रकार, ∆ABC के केन्द्रक के निर्देशांक, जिसके शीर्ष A(1, 4), B(-1, -1) और C(3, -2) हैं
= [{(1–1+3)/3}, {(4–1–2)/3}]
= [1 , (1/3)]
बिंदु (9, 2) Y -अक्ष से 9 इकाई की दूरी पर स्थित है|
स्थिति (i) 1 : 2 p = [{1(9) + 2(-3)}/(1 + 2) , {1(5) + 2(2)}/(1 + 2)] = (1, 3) स्थिति (ii) 2 : 1 q = [{(2( 9) +1 ( - 3)}/(2+1), {(2 (5) +1( 2)} /(2+1) ] = (5,4)
PQR की भुजाओं के मध्य बिंदु हैं, तो त्रिभुज का क्षेत्रफल है
A. 68 वर्ग इकाई
B. 24 वर्ग इकाई
C. 48 वर्ग इकाई
D. 96 वर्ग इकाई
ABC का क्षेत्रफल = 17 वर्ग इकाई
PQR का क्षेत्रफल = 4 ×
ABC
= 4 × 17
= 68 वर्ग इकाई
A. 1
B. 2
C. 3
D. 4
दी गई समान्तर श्रेढ़ी -5, -1, 3, 7, …………… है
a = -5, d = -1 –(-5) = -1 + 5 = 4
A. 32
B. 35
C. 37
D. 40
Sn = n2 + 2n
जब n = 18,
S18 = (18)2 + 2(18)
जब n = 17,
S17 = (17)2 + 2(17)
t18=S18 - S17
={(18)2 + 2(18)}-{(17)2 + 2(17)}
={(18)2-(17)2}+2(18-17)
=(18+17)(18-17)+2(1)
=35+2
=37
18 वाँ पद = 37
A. -3
B. -1
C. 1
D. 3
माना कि पहला पद a है और सार्व अन्तर d है। a2 = 4 और a7 = -11 a + 1d = 4 ………(1) [an = a + (n - 1)d] a + 6d = -11 …………(2) (1) से (2) को घटाने पर, हमने पाया - 5d = 15 d = -3
A. an = a + nd
B. an = a – (n + 1)d
C. an = 2a + (n – 1)d
D. an = a + (n – 1)d
∴ समान्तर श्रेढ़ी का n वाँ पद an = a + (n – 1)d
A. d = -2
B. d = -1
C. d = 1
D. d = 2
यहाँ, सार्व अन्तर d = (11/2) - (9/2) है
= 2/2
=1
A. n2 + 1
B. 2n2
C. n2
D. n(n + 1)
समान्तर श्रेढ़ी के रूप में सम संख्याओ 2, 4, 6, … का पहला पद (a) = 2 और सार्व अन्तर (d) = 2 इस प्रकार,
A. n2 + 1
B. 2n2
C. n2
D. 2n2 + 1
समान्तर श्रेढ़ी के रूप में विषम संख्याओ 1, 3, 5, …. का पहला पद (a) = 1 और सार्व अन्तर (d) = 2 इस प्रकार,
A. 7
B. 4
C. -3
D. -4
माना कि tn समान्तर श्रेढ़ी के n वें पद को निरूपित करता है।
तब tn = 7 – 4n
सार्व अन्तर(d) = tn - tn-1
= (7 – 4n) – [7 – 4(n – 1)]
= -4
A. 24 वाँ पद
B. 25वाँ पद
C. 26 वाँ पद
D. 27 वाँ पद
दिया है, a = -1, d= 3 – (-1)
= 4
और tn = 95
अब, tn = a + (n – 1)d
95 = -1 + (n – 1)4
n = 25
A. 60
B. 61
C. 62
D. 63
दिया है, a = -5, d= 4
हम जानते है कि, an = a + (n – 1)d
इस प्रकार, a18 = -5 + (18 – 1)4
a18 = 63
A. -40
B. -4
C. 4
D. 40
दिया है, t3 = -40
और t13 = 0
हम जानते है कि, tn = a + (n – 1)d
t3 = a + (3 - 1)d
-40 = a + 2d …(i)
और, t13 = a + (13 - 1)d
0 = a + 12d ...(ii)
(i) और (ii) से, हमें ज्ञात है
d = 4
A. 37
B. 36
C. 35
D. 33
यहाँ, a=21 और d=18-21 =-3 माना कि tn=-81 a+(n-1)d=-81 21+(n-1)(-3)=-81 21-3n+3=-81 24-3n=-81 n=-105/-3 n=35 इसलिए, 35 वाँ पद -81 है।
A. 3, –2, –7, –12….
B. 3, 2, –7, –12….
C. –3, 2, –7, –12,….
D. –3, 2, 7, 12,….
माना कि समान्तर श्रेढ़ी का पहला पद a है और सार्व अन्तर d है,
तब t8 = 32 a + 7d = 32 ...(1)
t12 = 52 a + 11d = 52 ...(2)
(1) और (2) को हल करने पर, हमें ज्ञात है
a = –3 और d = 5
∴ - 3, 2, 7, 12,... समान्तर श्रेढ़ी है।
A. 56
B. 46
C. 17
D. 66
यहाँ a = 3 और d = 10 - 3 = 7 अतः, 10 वाँ पद = a + (10 - 1)(d) = 3 + 9x7 = 3 + 63 = 66
A. 3.5
B. 10.9
C. 11.5
D. 17.5
(5)1/2 और (10)1/2 का समान्तर माध्य = (51/2 + 101/2)/2 =
प्रश्नानुसार:
[x + 20] – [2x + 1] = [3x + 2] – [x + 20]
या, –x + 19 = 2x – 18
या, – 3x = –19 – 18
या, 3x = 37
या, x = 37/3
20, m, -4 समान्तर
श्रेढ़ी
में
है

दिया है :-
समान्तर श्रेढ़ी 4,1,-2,-5...........
सार्वअन्तर d = a2 - a1
d = 1- 4 = -3
अत: दी गई समान्तर श्रेढ़ी के अगले दो पद निम्न हैं:-
- 5 + (-3) = -8
- 8 + (-3) = -11
समान्तर श्रेढ़ी के अगले दो पद -8 और -11 हैं।
समान्तर श्रेढ़ी 7, 5, 3, 1, -1, -3,........ का सार्व अन्तर
d=5-7=-2
सार्वअन्तर =-2
दिया
है, a = 5,
l = 45 और Sn
= 400 (n पदो
की
संख्या
है। )
Sn = (n/2)(a+l)
400=
(n/2)(5+45)
400=(n/2)(50)
n=400/25
n=16

हाँ, बिंदु (0, 1) और (0,-1) को मिलाने वाली रेखा का मध्य बिंदु (0, 0) है|
मध्य बिंदु के निर्देशांक =
= (0, 0)

चूँकि, बिंदु Q y-अक्ष पर स्थित है, इसलिए, इसका भुज 0 होगा| माना, बिंदु की कोटि y है| इसलिए, बिंदु P के निर्देशांक (0, y) हैं|
दिया है, बिंदु Q y-अक्ष पर बिन्दुओं A(-8, -5) और B(6, 5) से सामान दूरी पर स्थित है|
इसप्रकार, AQ = BQ या AQ2 = BQ2
या (0 + 8)2 + (y + 5)2 = (0 – 6)2 + (y – 5)2
या y = -7/5,
इस प्रकार, बिदु P के निर्देशांक (0, -7/5) हैं|
रेखाएं मूल बिंदु पर प्रतिच्छेदित होंगी|
इसलिए, प्रतिच्छेद बिंदु के निर्देशांक= (0, 0)
त्रिभुज का क्षेत्रफल=
.
माना, भुजा AB का मध्य बिंदु D है|
इसप्रकार मध्य-बिंदु D के निर्देशांक = 
= (2, 2)
अब, माध्यिका CD की लम्बाई =
{(2-2)2 + (1-2)2}
= 1
माना, बिंदु (– 4, 6) रेखाखंड AB को आतंरिक रूप से k : 1 के अनुपात में विभाजित करेगा| विभाजन सूत्र का उपयोग करने पर

इसप्रकार, बिंदु (– 4, 6) बिन्दुओं A(– 6, 10) और B(3, – 8) से बने रेखाखंड को 2 : 7 के अनुपात में विभाजित करेगा|
हम जानते हैं कि y-अक्ष पर स्थित बिंदु (0, y) के रूप में होगा|
PA2=PB2
अतः, अभीष्ट बिंदु (0, 9) है|
बिंदु P के निर्देशांक = (–12, 0)
बिंदु Q के निर्देशांक = (0, –16)
PQ = √(0+12)2 +(–16–0)2
= √(12)2 + (–16)2
= √144+256 = √400 = 20 इकाई












बायाँ पक्ष :- cot2A/(1+cosecA)=(cosec2A-1)/(1+cosecA)
=-(1-cosec2A)/(1+cosecA)
=-(1-cosecA)( 1+cosecA)/( 1+cosecA)
=(cosecA-1)
=(1-sinA)/sinA
= दायाँ पक्ष

बायाँ पक्ष

![]()


बायाँ पक्ष
=Sin2A+Cosec2A+2SinACosecA+Cos2A+Sec2A+2CosASecA
=(Sin2A+Cos2A)+2+(Sec2A+Cosec2A)+2 [चूंकि
=1+2+1+tan2A+1+Cot2A+2 [1+tan2A=Sec2A. 1+Cot2A=Cosec2A]
=7+tan2A+Cot2A= दायाँ पक्ष
ABC में, समकोण
B
पर
BC
= 3 और
AC
= 6.
BCA और
BAC निर्धारित
कीजिये।


(ii)
(i)

(ii)




A. समांतर रेखा
B. क्षैतिज रेखा
C. दृष्टि रेखा
D. ऊर्ध्वाधर रेखा
प्रेक्षक की आँखों से देखे जाने वाली वस्तु तक खींची गई रेखा दृष्टि- रेखा कहलाती है|
मान लेते है कि टावर की ऊँचाई h मी है| अत:,
A. 1/2√3 मी
B. 1/3 मी
C. 1/√3 मी
D. √3 मी
मान लेते है कि OP और OQ क्रमश: छड़ी और उसकी छाया को निरूपित करते है| कोण PQO सूर्य का उन्नयन कोण है|
A. 19 मी
B. 18 मी
C. 10
3 मी
D. (15/
3) मी
(AC/BC) = tan 30°
15/BC = 1/√3
BC = (15
3) मी
(AC/DC) = tan 60°
15/DC = √3
DC = (15/
3) मी
BC - DC = (15
3) मी - (15/
3) मी = (10/
3) मी
मान लेते है कि खंबे की लंबाई h मी है|

त्रिभुज ABC में,
tan 60° = (h/30)
h = 30 x tan 60° = 30 x
3 = 30
3 मी
A. उन्नयन कोण
B. न्यून कोण
C. अवनमन कोण
D. समकोण




A. 
B. 
C. 
D. 
A.
1/17
B.
7/17
C.
8/17
D.
9/17
A.
(√3 + 1)/2 के
B.
(√3 + 1)/√2 के
C.
(√3)/2√2 के
D.
(√3 + 1)/(2√2) के
A.
0
B.
1
C.
sinA + cosA
D.
sinA – cosA
हमें
ज्ञात
है
A.

B.
–sin2
C.

D.
tan2
= cos2
–
1= –(1 – cos2
)
=
– sin2
A.
0
B.
1
C. 2
D.

cos2 17°– sin2 73° = [cos (90°– 73°)]2 – sin2 73° = sin2 73° – sin2 73° = 0
तब
A.
B.

C.
D.
दोनो समीकरणों का वर्ग करके जोड़ने पर, हमें ज्ञात होता है
का
मान
है
A.
1
B.

C.
D.

A.
sin2A – sin2B
B.
![]()
C.
1
D.
1.5
sin2
A + sin2 B
=
sin2 A + sin2 (90
– A)
=
sin2 A + cos2A
=
1
ABC में,
A.

B.

C.
D.
![]()
=
7, तब sec
=
A.

B. 
C.

D.
sec
=
( 1 + tan2
) (चूंकि sec2
= 1 + tan2
)
=
[1 + (
7)2] =
(1 + 7) = 2
2
A.
tan 25° + sin 35°
B.
tan 25° – sin 35°
C.
cot 25° + tan 35°
D.
cos 25° + cos 35°
cot 65° + cos 55° = cot (90° – 25°) + cos (90° – 35°) = tan 25° + sin 35°
– cos4
=
A.


B.

C.

D.
sin4
– cos4
= (sin2
)2 – (cos2
)2
= (sin2
+ cos2
)(sin2
– cos2
)
= sin2
– cos2
+ sin2
= 1, तब cos2
+ cos4
=
A.
B.

C.
![]()
D.
sin
+ sin2
= 1
sin
= 1 – sin2
sin
= cos2
sin2
= cos4
1 – cos2
= cos4
cos4
+ cos2
= 1
का मान है
A.
B.
C.
D.
दिया गया है कि
A.

B.
![]()
C.

D.

हमें ज्ञात है
=
(13/15), तब cos
=
A.
(2
56)/15
B.
(2
26)/2
C.
(15/11)
D.
(2
14)/15
cos
=
(1 - sin2
)
=
[1 -
(13/15)2]
=
(56/225)
= (
56)/15 =
(2
14)/15
A.
sec
-
tan
B.
sec
+
tan
C.
(sec
+
tan
)2
D.
sec2
+
tan2
से
गुणा
एवं
विभाजित
करने
पर, हमने पाया
A.
tan
–
sec 
B.

C.
sec
+ tan 
D.
1
- sec
द्वारा
गुणा
एवं
विभाजित
करने
पर
A.
0
B.
1/2
C.
1
D.
2
cos2A + sin2A = 1
ABC में, sin A का मान ज्ञात कीजिये।
