CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 173001 1922 में महात्मा गांधी द्वारा असहयोग आंदोलन वापस क्यों ले लिया गया था?
Right Answer is:

SOLUTION

गांधी जी को लगा था कि कई स्थानों पर आंदोलन हिंसक होता जा रहा था और सामूहिक संघर्ष के लिए तैयार होने से पूर्व सत्याग्रहियों को व्यापक प्रशिक्षण की जरूरत थी ।


Q. 173002 धरना से क्या अभिप्राय है?
Right Answer is:

SOLUTION

धरना प्रदर्शन या विरोध का एक रूप है जिसमें लोग कारखाने, दुकान या कार्यालय मे प्रवेश पर पाबंदी लगा देते हैं।


Q. 173003 1919 में खि़लाफत समिति का गठन क्यों किया गया था?
Right Answer is:

SOLUTION

इस्लामिक जगत के आध्यात्मिक नेता जो ख़लीफा कहलाता था की तात्कालिक शक्तियों की रक्षा के लिए मार्च 1919 में बंबई में एक खि़लाफत समिति का गठन किया गया था।


Q. 173004 जलियाँवाला बाग त्रासदी के क्या परिणाम हुए थे?
Right Answer is:

SOLUTION

जलियाँवाला बाग की घटना के परिणामस्वरूप व्यापक हड़तालें होने लगीं, लोग पुलिस से मोर्चा लेने लगे और सरकारी इमारतों पर हमला करने लगे।


Q. 173005 जनरल डायर के घसीटकर चलने के (क्रोलिंग ऑर्डर) आदेश' क्या थे?
Right Answer is:

SOLUTION

डायर के आदेशानुसार सत्याग्रहियों को जमीन पर नाक रगड़ने के लिए, सड़क पर घिसट कर चलने और सारे साहिबों को सलाम मारने के लिए मजबूर किया गया।


Q. 173006 1859 का इनलैंड इमिग्रेशन एक्ट क्या था?
Right Answer is:

SOLUTION

     यह एक्ट आसाम के चाय बागानों में काम करने वाले सभी बागान मजदूरों पर लागू किया गया था। 1859 के इनलैंड इमिग्रेशन एक्ट के तहत बागानों में काम करने वाले मजदूरों को बिना इजाजत बागान से बाहर जाने की छूट नहीं होती थी ।

 


Q. 173007 जालियाँवाला बाग हत्याकाण्ड कब व कहाँ हुआ था?
Right Answer is:

SOLUTION

13 अपैल 1919 को अमृतसर के जालियाँवाला बाग में ।


Q. 173008 जालियाँवाला बाग हत्याकाण्ड कब और कहाँ हुआ था ?
Right Answer is:

SOLUTION

13 अपैल 1919 को अमृतसर के जालियाँवाला बाग में ।


Q. 173009 जालियाँ वाला बाग हत्याकांड कब व कहाँ हुआ था?
Right Answer is:

SOLUTION

13 अपैल 1919 को अमृतसर (पंजाब) के जालियाँबाग में हुआ था ।


Q. 173010 इंडियन इन्डिपेंडेट्स लीग की स्थापना किसने की थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

क्रन्तिकारी नेता रासबिहारी बोस ने जापान में इंडियन इन्डिपेंडेट्स लीग की स्थापना  की थी।


Q. 173011 शिमला सम्मलेन की असफलता का मूल कारण क्या था?
Right Answer is:

SOLUTION

शिमला सम्मलेन की असफलता का मूल कारण कांग्रेस और मुस्लिम लीग में सदस्यों की सहमति बन पाना  था


Q. 173012 14 जुलाई 1942 ई० में कार्य समिति के प्रस्ताव को किस नाम से जाना जाता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

14 जुलाई 1942 ई० में कार्य समिति के प्रस्ताव को 'वर्धा प्रस्तावके  नाम से जाना जाता है


Q. 173013 आजाद हिन्द फ़ौज ने कोहिमा पर अधिकार कब किया ?
Right Answer is:

SOLUTION

आजाद हिन्द फ़ौज ने जापान सेना के साथ मिलकर कोहिमा पर अधिकार मार्च, 1944  ई० में किया।


Q. 173014 1 अगस्त 1942 ई० को किस दिवस के रूप में बनाया गया?
Right Answer is:

SOLUTION

1 अगस्त 1942 ई० को इलाहबाद में तिलक  दिवस के रूप में बनाया गया 


Q. 173015 श्रीमती सरोजनी नायडू को बन्दी बनाकर कहाँ रखा गया ?
Right Answer is:

SOLUTION

श्रीमती सरोजनी नायडू को बन्दी बनाकर आगाखां महल में रखा गया


Q. 173016 गांधीजी ने 1930 में अपनी यात्रा के बाद एक मुट्ठी नमक कहाँ से उठाया था ?

Right Answer is:

SOLUTION

गांधीजी ने 1930 में अपनी यात्रा के बाद गुजरात में एक तटीय गांव दांडी में एक मुट्ठी नमक उठा नमक कानून को भंग किया था।

 


Q. 173017 खान अब्दुल गफ्फार खान के अनुयायी क्या कहलाते हैं ।
Right Answer is:

SOLUTION

खान अब्दुल गफ्फार खान के अनुयायियों को खुदाई ख़िदमतगार कहकर संबोधित किया जाता हैं?


 


Q. 173018 किस भारतीय नेता की साइमन कमीशन के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मृत्यु हो गई थी?

Right Answer is:

SOLUTION

साइमन कमीशन के खिलाफ एक प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए लाला लाजपत राय ने अपना दम तोड़ दिया था । 17 नवंबर 1930 को उनका निधन हो गया


 


Q. 173019 1929 में किस स्थान पर कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज का संकल्प पारित किया गया था?
Right Answer is:

SOLUTION

दिसंबर 1929 में लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज का संकल्प पारित किया गया था।


Q. 173020 सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

जब भारत में सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ था तब इंग्लैंड में लेबर गवर्नमेंट के अध्यक्ष रामसे मैकडोनाल्ड थे।


Q. 173021 महिला नेता जिसने धरासणा पर आंदोलन का नेतृत्व किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

सरोजिनी नायडू  2,000 सत्याग्रहियों के साथ धरासणा साल्ट वर्क्स पर पहुंची और वहां उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन का नेतृत्व किया।


Q. 173022 दलित वर्ग एसोसिएशन की स्थापना किसने की थी ?

Right Answer is:

SOLUTION

डॉ बी.आर. अंबेडकर ने दलित वर्ग संघ की स्थापना की थी


Q. 173023 साइमन कमीशन भारत कब आया था ?

Right Answer is:

SOLUTION

साइमन कमीशन 1928 में भारत पहुंचा था

 


Q. 173024 भारत में होम रूल लीग के किन्ही भी दो नेताओं के नाम बताइये ?

Right Answer is:

SOLUTION

बाल गंगाधर तिलक और श्रीमती एनी बेसेंट भारत में होम रूल लीग के नेता थे।


Q. 173025 स्वराज पार्टी का गठन किसने किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

सी.आर. दास और मोतीलाल नेहरू ने परिषद् राजनीति में वापस लौटने के लिए कांग्रेस के  भीतर ही स्वराज पार्टी का गठन किया था।


Q. 173026 1929 में काँग्रेस के लाहौर अधिवेशन के अध्यक्ष कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

दिसम्बर 1929 . में लाहौर के अधिवेशन की अध्यक्षता पं0 जवाहरलाल नेहरू द्वारा की गई थी। अपने अध्यक्षीय भाषण में जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि हमारा एक ही लक्ष्य है - स्वाधीनता।


Q. 173027 मानचित्र पर निम्नलिखित जानकारी को यथोचित प्रतीकों के साथ चिन्हित एवं नामांकित कीजिये- (अ ) वह स्थान जहाँ पर दिसंबर 1920 में कांग्रेस अधिवेशन हुआ था।
(ब) वह स्थान जहाँ पर जलियांवाला बाग की घटना घटित हुई थी।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 173028 नीचे दिये गए भारत के राजनीतिक मानचित्र में दो चिन्ह अ और ब अंकित किए गए हैं। निम्न जानकारी की सहायता से इन चिन्हों की पहचान कीजिये एवं उनका सही नाम मानचित्र में दी गई रेखाओं पर अंकित कीजिये। (अ)वह स्थान जहाँ नील बागान मालिकों ने विद्रोह किया था। (ब)वह स्थान जहाँ पर खिलाफत कमिटी का गठन किया गया था।

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 173029 नीचे दिये गए भारत के राजनीतिक मानचित्र में दो चिन्ह अ और ब अंकित किए गए हैं। निम्न जानकारी की सहायता से इन चिन्हों की पहचान कीजिये एवं उनका सही नाम मानचित्र में दी गई रेखाओं पर अंकित कीजिये। अ)1920 का भारतीय राष्ट्रिय कॉंग्रेस सत्र ।
ब) वह स्थान जहाँ कोई कर अभियान शुरू नहीं हुआ था।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 173030 मानचित्र पर निम्नलिखित जानकारी को यथोचित प्रतीकों के साथ चिन्हित एवं नामांकित कीजिये- (1 ) खेड़ा - वह स्थान जहाँ किसान सत्याग्रह हुआ था।
(2) चंपारण (बिहार) - वह स्थान जहाँ नील बागान मालिकों का आंदोलन शुरू हुआ था।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 173031 महात्मा गाँधी द्वारा प्रारम्भ किये गये किन्हीं दो आन्दोलनों के नाम लिखिए। [1+1]
Right Answer is:

SOLUTION

(1) असहयोग आन्दोलन (2) सविनय अवज्ञा आन्दोलन ।


Q. 173032 लार्ड क्लीमेंट एटली ने भारत की आजादी के लिए क्या कहा था?
Right Answer is:

SOLUTION

लार्ड क्लीमेंट एटली ने   20 फरवरी, 1947 ई० को ऐतिहासिक महत्त्व की घोषण करते  हुए कहा कि '' भारत की वर्तमान अनिश्चतता की दशा से अनेक खतरे उत्पन्न हो सकते हैं और  इसलिए उसे और अधिक समय तक बने रहने नहीं दिया जा सकता। सम्राट की सरकार यह स्पष्ट  कर देना चाहती है कि वह उत्तरदायी भारतियों के हाथों में जून, 1948 ई० के पूर्व ही सत्ता  हस्तान्तरित करने के लिए कृतसंकल्प है''


Q. 173033 भारत छोडो आन्दोलन का प्रस्ताव कब स्वीकृत हुआ
Right Answer is:

SOLUTION

क्रिप्स मिशन की असफलता के कारण परिस्थिति भयंकर हो जाने के कारण गाँधी जी ने भारत छोडो की विचारधारा का निर्माण किया । मुम्बई में 8 अगस्त 1942 ई० के कांग्रेस  अधिवेशन  में भारत छोडो का प्रस्ताव किया गया और देशवासियों को करो या मरो संग्राम के लिए आवाहन किया


Q. 173034 रूमानीवाद एक ऐसा सांस्कृतिक आंदोलन था जो एक खास तरह की राष्ट्रीय भावना का विकास करना चाहता था। आपको क्यों लगता है कि संस्कृति और इतिहास राष्ट्र की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

1) संस्कृति एवं इतिहास एक साझा-सामूहिक विरासत की अनुभूति और एक साझा सांस्कृतिक

अतीत का निर्माण करते हैं जो राष्ट्र के आधार की रचना करते हैं।

2) देश के रूमानी इतिहास का निर्माण करते समय आम लोगों की संस्कृति संरक्षित होती है।

3)इसके अलावा स्थानीय संस्कृति जैसे लोकगीत, जन-काव्य और लोकनृत्य राष्ट्र की सच्ची भावना को दर्शाती है।


Q. 173035 रूमानीवाद एक ऐसा सांस्कृतिक आंदोलन था जो एक खास तरह की राष्ट्रीय भावना का विकास करना चाहता था। आपको क्यों लगता है कि संस्कृति और इतिहास राष्ट्र की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

1) संस्कृति एवं इतिहास एक साझा-सामूहिक विरासत की अनुभूति और एक साझा सांस्कृतिक

अतीत का निर्माण करते हैं जो राष्ट्र के आधार की रचना करते हैं।

2) देश के रूमानी इतिहास का निर्माण करते समय आम लोगों की संस्कृति संरक्षित होती है।

3)इसके अलावा स्थानीय संस्कृति जैसे लोकगीत, जन-काव्य और लोकनृत्य राष्ट्र की सच्ची भावना को दर्शाती है।


Q. 173036 ग्रेट ब्रिटेन के ‘आदर्श राष्ट्र-राज्य’ बनने के कारण स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

कुछ विद्वानों ने तर्क दिया है कि राष्ट्र या राष्ट्र-राज्य का मॉडल या आदर्श ग्रेट ब्रिटेन है। ब्रिटेन में राष्ट्र-राज्य का निर्माण अचानक हुई कोई उथल-पुथल या क्रांति का परिणाम नहीं था। यह एक लंबी चलने वाली प्रक्रिया का नतीजा था। अठारहवीं सदी के पहले ब्रितानी राष्ट्र था ही नहीं। ब्रितानी द्वीपसमूह में रहने वाले लोगों- अंग्रेज़, वेल्श, स्कॉट या आयरिश-की मुख्य पहचान नृजातीय (Ethnic) थी। इन सभी जातीय समूहों की अपनी सांस्कृतिक और राजनीतिक परंपराएँ थीं। लेकिन जैसे-जैसे आंग्ल राष्ट्र की धन-दौलत, अहमियत और सत्ता में वृद्धि हुई वह द्वीपसमूह के अन्य राष्ट्रों पर अपना प्रभुत्व बढ़ाने में सफल हुआ। एक लंबे टकराव और संघर्ष के बाद आंग्ल संसद ने 1688 में राजतंत्र से ताक़त छीन ली थी। इस संसद के माध्यम से एक राष्ट्र-राज्य का निर्माण हुआ जिसके केंद्र में इंग्लैंड था। इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच ऐक्ट ऑफ यूनियन (1707) से 'यूनाइटेड किंग्डम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन' का गठन हुआ। इससे इंग्लैंड, व्यवहार में स्कॉटलैंड पर अपना प्रभुत्व जमा पाया। इसके बाद ब्रितानी संसद में आंग्ल सदस्यों का दबदबा रहा। एक ब्रितानी पहचान के विकास का अर्थ यह हुआ कि स्कॉटलैंड की खास संस्कृति और राजनीतिक संस्थानों को योजनाबद्ध तरीके से दबाया गया। स्कॉटिश हाइलैंड्स के निवासी जिन कैथलिक कुलों ने जब भी अपनी आजा़दी को व्यक्त करने का प्रयास किया उन्हें ज़बरदस्त दमन का सामना करना पड़ा। स्कॉटिश हाइलैंड्स के लोगों को अपनी गेलिक भाषा बोलने या अपनी राष्ट्रीय पोशाक पहनने की मनाही थी। उनमें से बहुत सारे लोगों को अपना वतन छोड़ने पर मजबूर किया गया।

आयरलैंड का भी कुछ ऐसा ही हश्र हुआ। वह देश कैथलिक और प्रोटेस्टेंट धार्मिक गुटों में गहराई में बँटा हुआ था। अंग्रेजों ने आयरलैंड में प्रोटेस्टेंट धर्म मानने वालों को बहुसंख्यक कैथलिक देश पर प्रभुत्व बढ़ाने में सहायता की। ब्रितानी प्रभाव के विरुद्ध हुए कैथलिक विद्रोहों को निर्ममता से कुचल दिया गया वोल्फ़ टोन और उसकी यूनाइटेड आयरिशमेन (1798) की अगुवाई में हुए असफल विद्रोह के बाद 1801 में आयरलैंड को बलपूर्वक यूनाइटेड किंग्डम में शामिल कर लिया गया। एक नएब्रितानी राष्ट्रका निर्माण किया गया जिस पर हावी आंग्ल संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया गया। नए ब्रिटेन के प्रतीक-चिह्नों, ब्रितानी झंडा (यूनियन जैक) और राष्ट्रीय गान (गॉड सेव अवर नोबल किंग) को खूब बढ़ावा दिया गया और पुराने राष्ट्र इस संघ में मातहत सहयोगी के रूप में ही रह पाए।


Q. 173037 इटली के एकीकरण का वर्णन कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

इटली का एकीकरण:-

अपने एकीकरण से पूर्व इटली सात राज्यों में विभाजित था। इनमें से केवल एक राज्य सार्डीनिया-पीडमांट में इतालवी राजघराने का शासक था। लोम्बार्डी तथा वेनेशिया पर आस्ट्रिया का, परमा, मोडेना तथा टस्कनी पर हैब्सवर्गीय शासकों का, रोम पर रोप कातथा सिसली और नेपल्स पर स्पेन के बूर्बन राजाओं का अधिकार था। इटली के एकीकरण की प्रक्रिया का वर्णन निम्नलिखित हैं:-

(i) इटली के एकीकरण में मेत्सिनी का योगदान:- मेत्सिनी इटली का एक महान् क्रांतिकारी नेता था। उसने 1831 में ‘यंग इटली’ और ‘यंग यूरोप’ नामक क्रांतिकारी संस्थाओं के माध्यम से इटलीवासियों में राष्ट्रीयता, देश-भक्ति, त्याग तथा बलिदान की भावनाएँ उत्पन्न की।

(ii) इटली के एकीकरण में काबूर का योगदान:- काबूर सार्डीनिया-पीडमांट का प्रधानमंत्री था। उसने इटली के प्रदेशों को एकीकृत करने वाले आंदोलन का नेतृत्व किया। 1859 में सार्डीनिया-पीडमांट ने फ्रांस की सैनिक सहायता प्राप्त कर आस्ट्रिया की सेनाओं को पराजित किया। इसके फलस्वरूप लोम्बार्डी को सार्डीनिया-पीडमांट में मिला लिया था। 1860 में परमा, मोडेना तथा टसकनी को भी सार्डीनिया-पीडमांट में मिला लिया गया।

(iii) इटली के एकीकरण में गैरीबाल्डी का योगदान:- गैरी बाल्डी इटली का एक महान् स्वतंत्र सेनानी था। 1860 में गैरीबाल्डी ने एक हजार रेड शर्ट दल के स्वयं सेवकों को लेकर सिसली और नेपल्स पर आक्रमण किया और शीघ्र ही सिसली और नेपल्स पर गैरीबाल्डी का अधिकार हो गया तथा जममत संग्रह के आधार पर सिसली तथा नेपल्स को सार्डीनिया पीडमांट में मिला लिया गया। 1861 में विक्टर इमेनुएल द्वितीय को एकीकृत इटली का सम्राट घोषित किया गया।

(iv) इटली के एकीकरण में विक्टर इमेनुएल द्वितीय का योगदान:- 1866 मेंआस्ट्रिया तथा प्रशा के बीच युद्ध छिड़ गया। इस अवसर पर इटली ने आस्ट्रिया के विरूद्ध युद्ध में भाग लिया। इस युद्ध में आस्ट्रिया की पराजय हुई और वेनेशिया का प्रदेश इटली को प्राप्त हुआ । 1870 में जब प्रथा और फ्रांस के बीच युद्ध हुआ तब इटली ने इस स्थिति का लाभ उठाते हुए रोम पर आक्रमण कर दिया और 20 सितम्बर, 1870 को रोम पर अधिकार कर लिया। 1870 में रोम को इटल में मिला लिया गया।


Q. 173038 राष्ट्रवाद की प्रथम स्पष्ट अभिव्यक्ति 1789 की फ्रांसीसी क्रांति से प्रारंभ हुई थी। स्पष्ट कीजिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

1789 की फ्रांसीसी क्रांति द्वारा पितृभूमि व नागरिक जैसे विचारों को बल मिला व संविधान के द्वारा समान अधिकार प्राप्त संयुक्त समाज पर बल दिया । राष्ट्रध्वज के स्थान पर तिरंगा फ्रांसीसी क्रांति का ध्वज बनाया गया । इस्टेट जनरल का चुनाव सक्रिय नागरिकों द्वारा कर इसका नाम नेशनल एसंेबली कर दिया गया । केन्द्रीय प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई, आंतरिक आयात-निर्यात शुल्क समाप्त कर दिया गया, समान नाप तौल की व्यवस्था की गई व क्षेत्रिय बोलियों की जगह फ्रेंच को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया गया । 1790 में फ्रेंच सेनाएँ राष्ट्रवादी विचारों को अपने साथ विदेशों में ले जाने लगी। 1804 में नेपोलियन की विधि संहिता लागू की गई व सामन्ती व्यवस्था, भू दासत्व, जागीरदारी शुल्कों को समाप्त किया गया व राष्ट्रीय मुद्रा का प्रचलन किया गया ।


Q. 173039 रूमानीवाद से आप क्या समझते हैं? रूमानीवाद ने राष्ट्रीयता की धारणा के विकास में किस प्रकार योगदान दिया वर्णन कीजिए?
Right Answer is:

SOLUTION

रूमानीवाद: यह एक ऐसा सांस्कृतिक आंदोलन था जो एक खास तरह की राष्ट्रीयभावना विकास करना चाहता था। रूमानी कलाकारों व कवियों ने तर्क - वितर्क वविज्ञान के महिमा मंडन की आलोचना की व उसकी जगह भावनाओं, अंतदृष्टि वरहस्यवादी भावनाओं पर जोर दिया। 1848 में फ्रांसिसी कलाकार फ्रेडरिक सांरयू ने चार चित्रों की श्रंखला द्वारा सपनो के संसार की रचना की। इसमें विश्वव्यापी प्रजातांत्रिक व सामाजिक गणतंत्रो के स्वप्न की अभिव्यक्ति की गई। इन चित्रों में सभी वर्गो के अमेरिकी व यूरोपीयन स्त्री-पुरूष स्वतंत्रता की प्रतिमा का वंदना करते हुए जा रहे हैं। सभी के हाथों में मशाल व मानवाधिकार का घोषणा पत्र है। प्रतिमा के सामने जमीन पर निरंकुश संस्थानो के ध्वस्त अवशेष बिखरे हुए हैंे। इन कल्पनाचित्रों में समूहों में बंटे हुए हैं जिनकी पहचान उनके कपड.ों व राष्ट्रीय पोशाकों से होती हैं। इस प्रकार 19 वीं शताब्दी में यूरोप में राष्ट्रीयता के विकास में साॅरयू की यूटोपीया ने प्रेरणा का काम किया।


Q. 173040 बाल्लन प्रदेशों में राष्ट्रवादी तनाव क्यों पनपा?
Right Answer is:

SOLUTION

1871 ई. के पश्चात् यूरोप में गम्भीर राष्ट्रावादी तनाव का मुख्य स्रोत बाल्कन क्षेत्र था। इस क्षेत्र में तनाव पनपने के निमनलिखित कारण थे । -1) भौगोलिक और जातीय भिन्नता - बाल्कन क्षेत्र में भौगोलिक और जातीय भिन्नता थी । बाल्कन क्षेत्र के एक बड़े हिस्से पर आटोमन साम्राज्य का प्रभुत्व स्थापित था । तुर्क लोग बाल्कन या ईसाई जातियों का शोषण करते थे, जिससे बाल्कन जातियों में असंतोष व्याप्त था । 2) बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रीयता की भावना का प्रसार - बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रीयता की भावना के प्रसार तथा आटोमन-साम्राज्य के विघटन के कारण बाल्कन क्षेत्र की स्थिति काफी विस्फोट हो गई ।3) बाल्कन राज्यों मंे एकता का अभाव--बाल्कन राज्यों में परस्पर एकता का अभाव था । प्रत्येक राज्य अपने लिए अधिक से अधिक प्रदेश प्राप्त करना चाहता था इसी कारण बाल्कन राज्यों में तनाव व्याप्त था। 4) बाल्कन क्षेत्र में यूरोपीय शक्तियों के बीच प्रतिस्पद्र्धा के कारण बाल्कन राज्यों में तनाव और अधिक ब


Q. 173041 19वीं सदी के यूरोपीय उदारवादी राष्ट्रवादी से आपका क्या तात्पर्य है?
Right Answer is:

SOLUTION

उदारवाद शब्द लेटिन भाषा के शब्द से बना है जिसका अर्थ है ’आजाद’ । नव मध्य वर्ग के लिए उदारवादका अर्थ था व्यक्ति के लिए आजादी व कानून के समक्ष बराबरी राजनीतिक रूप से इसका अर्थ सहमति से निर्मित सरकार से हैं । फ्रांसीसी क्रांति के बाद से उदारवाद का अर्थ निरंकुश शासक व पादरीवर्ग के विशेषाधिकारों की समाप्ति, संविधान व संसदीय प्रतिनिधि सरकार से था । आर्थिक क्षेत्र में उदारवाद का अर्थ बाजारों की मुक्ति, वस्तुओं की पूंजी पर राज्य के नियंत्रण का अंत था ।नेपोलियन कोड द्वारा फ्रांस में पुनः सीमित मताधिकार स्थापित किया गया । इससे पहले संपत्तिविहीन पुरूषों व महिलाओं द्वारा समान अधिकारों के लिए आंदोलन चलाए गए, वहीं प्रशा की पहल पर जॉलवेराइन संघ की स्थापना ने राष्ट्रीय एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया । इन्हीं बातों व कार्यों का संबंध यूरोपियन उदारवादी राष्ट्रवाद से है ।


Q. 173042 ब्रिटेन में राष्ट्रवाद का इतिहास शे
Right Answer is:

SOLUTION

ब्रिटेन में राष्ट्र-राज्य का निर्माण किसी अचानक हुई क्रांति का परिणाम मात्र नहीं था, यह तो एक लेबी चलने वाली प्रक्रिया का परिणाम था। इसी वजह से ब्रिटेन में राष्ट्रवाद का इतिहास शेष यूरोप से अलग था/यथा-1) ब्रिटेन में अंग्रेज, स्कॉटिश व आयरिश आदि जातीय समूह थे जिनकी पहचान नृजातीय थी। 2) जब इन जातीय समूहों में अंग्रेजों की शक्ति, धन-संपत्ति व गौरव में वृद्धि हुई तो उनके लिए द्वीप-समूहों पर अपना प्रभुत्व जमाना आसान हो गया। 3) प्रथम तो उन्होंने स्कॉटिश लोगों को अपने देश में शामिल किया फिर उन पर प्रभुत्व स्थापित किया। 4) फिर उन्होंने आयरिश लोगों पर नियंत्रण कर आयरलैण्ड को बलपूर्वक ब्रितानी राज्य में सम्मिलित कर लिया। इस प्रकार ’यूनाइटेड किंगडम आॅफ गे्रट ब्रिटेन’ का शांतिपूर्वक गठन हो सका, जबकि यूरोपीय राष्ट्रों में राष्ट्रवाद अचानक हुई उथल-पुथल व क्रांति का परिणाम था।


Q. 173043 उदारवाद क्या है? उदारवादियों की 1848 की क्रांति ने विश्व में किन विचारों को बल दिया?
Right Answer is:

SOLUTION

उदारवाद शब्द लेटिन भाषा के स्पइमत शब्द से बना है जिसका अर्थ “आजाद“ है। नए मध्यवर्गो के लिये उदारवाद का अभिप्राय था व्यक्ति के लिये स्वतंत्रता व कानून के समक्ष सबकी बराबरी । उदारवादियों की 1848 की क्रांति द्वारा विश्व में विचारों को ब


Q. 173044 19वीं सदी के यूरोपीय उदारवादी राष्ट्रवादी से आपका क्या तात्पर्य है?
Right Answer is:

SOLUTION

उदारवाद (liberalism) शब्द लैटिन भाषा के liber शब्द से बना है जिसका अर्थ है ’आजाद’ । नव मध्य वर्ग के लिए उदारवाद का अर्थ था व्यक्ति के लिए आजादी व कानून के समक्ष बराबरी राजनीतिक रूप से इसका अर्थ सहमति से निर्मित सरकार से हैं । फ्रांसीसी क्रांति के बाद से उदारवाद का अर्थ निरंकुश शासक व पादरीवर्ग के विशेषाधिकारों की समाप्ति, संविधान व संसदीय प्रतिनिधि सरकार से था । आर्थिक क्षेत्र में उदारवाद का अर्थ बाजारों की मुक्ति, वस्तुओं की पूंजी पर राज्य के नियंत्रण का अंत था । नेपोलियन कोड द्वारा फ्रांस में पुनः सीमित मताधिकार स्थापित किया गया । इससे पहले संपत्तिविहीन पुरूषों व महिलाओं द्वारा समान अधिकारों के लिए आंदोलन चलाए गए, वहीं प्रशा की पहल पर जाॅलवेराइन संघ की स्थापना ने राष्ट्रीय एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया । इन्हीं बातों व कार्यों का संबंध यूरोपीयन उदारवादी राष्ट्रवाद से है ।


Q. 173045 उन घटनाओं का वर्णन करें जिनके चलते जर्मन एकीकरण की घोषणा हुई ।
Right Answer is:

SOLUTION

स्पेन में रिक्त सिंहासन के लिए राजकुमार लियोपोल्ड को चुना गया । लियोपोल्ड चूँकी प्रशा के राजघराने से सम्बंधित था इसलिए फ़्रांस को इस निर्णय से आपत्ति हुई क्योंकि इससे फ़्रांस शत्रु देश से घिर जाता एवं युद्ध की स्थिति में उसे कई मोर्चों पर लड़ना पड़ता । प्रशा का शासक विलियम बात बढ़ाना नही चाहता था । अतएव उसने लियोपोल्ड को स्पेन का प्रस्ताव ठुकराने के लिए कह दिया। लियोपोल्ड के प्रस्ताव ठुकराने के बावजूद फ़्रांस ने राजदूत भेज कर आश्वासन माँगा की भविष्य में ऐसा प्रस्ताव कभी नहीं रखा जायेगा। विल्लियम ने कोई निश्चयात्मक उत्तर नही दिया  तार द्वारा इसकी सूचना बिस्मार्क को दे दी । बिस्मार्क ने तार को समाचार पात्र में प्रकाशित करवा दिया। दोनों देशों की जनता ने एम्स की घटना और एम्स के तार को देश के लिए अपमानजनक समझा । नेपोलियन यद्यपि युद्ध नहीं करना चाहता था फिरभी  जुलाई १८७० को उसने युद्ध की घोषणा कर दी। फ़्रांस पर तीन ओर से आक्रमण हुए । फ़्रांस की सेना शक्तिशाली प्रशिक्षित जर्मन सेना का सामना नही कर पायी। वर्थ एवं ग्रेवलाथ के युधो में फ्रांसीसी सेना की बुरी हार हुई। १ सितम्बर १८७० को जर्मन सेनापति वॉन मोल्टके ने सीडान के युद्ध में सम्राट नेपोलियन को बुरी तरह से हराया फ़्रांसिसी सेना को आत्मसमर्पण करना पड़ा।  राष्ट्रीय सेना को हराकर जर्मन सेना पेरिस में दाखिल हो गयी । पेरिस की जनता का विरोध भी टिक  सका । १८ जनवरी १८७१ को बिस्मार्क ने वारसी के प्रसिद्ध राजप्रसाद से प्रशा के शासक को संयुक्त जर्मनी का शासक घोषित किया 


Q. 173046 आस्ट्रिया के विरुद्ध युद्ध के लिए बिस्मार्क ने क्या तैयारियां कीं थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

गेस्ताइन के समझौते से बिस्मार्क को पता था फ़्रांस से युद्ध निश्चित है  इसके मद्देनज़र उसने अपनी कूटनीतिक प्रयास किये - रूस से मित्रता, फ़्रांस से तटस्थता का आश्वासन, ईटली से सहयोग का आश्वासन प्राप्त किया। 

रूस से मित्रता -  रूस की पोलैंड नीति को सहर्ष समर्थन दे कर प्रशा ने रूसी जार को को अपना मित्र बना लिया।

रूस को आश्वासन दिया की वह प्रशा में रूस के विरुद्ध कार्य करने वाले पोल निवासियों को दण्डित करेगा 

फ़्रांस से तटस्थता - बिस्मार्क ने अक्टूबर १८६५ को नेपोलियन तृतीय से भेंट की। बिआरिज में हुए गुप्त समझौते में फ़्रांस से आस्ट्रिया से युद्ध होने पर तटस्थता का आश्वासन प्राप्त किया। इसके बदले उसने फ़्रांस को बेल्जियम  राइन का क्षेत्र दिलाने का वादा किया।

३. इटली से मित्रता - इस समय आस्ट्रिया एवं इटली में दुश्मनी थी। वेनेशिया पर आस्ट्रिया का कब्ज़ा था और इटली के एकीकरण के लिए उसका होना ज़रूरी था। विदेशी सहायता के बिना यह संभव नही था। इटली का झुकाव प्रशा की तरफ स्वतः ही था। दोनों देशों में विशवास की कमी थी परन्तु स्वार्थों के चलते दोनों में व्यापारिक संधि हो गयी। बिस्मार्क ने अप्रैल १८६६ को इटली के साथ सामरिक संधि की। यह भी तय हुआ की प्रशा तीन माह के भीतर आस्ट्रिया से युद्ध करेगा तो इटली भी आस्ट्रिया पर आक्रमण करेगा।


Q. 173047 एक सैन्य तानाशाह के रूप में, नेपोलियन की सत्ता में वृद्धि कैसे हुई थी?
Right Answer is:

SOLUTION

1796 में संचालन मंडली के पतन के पश्चात, नेपोलियन का अभ्युदय हुआ निदेशक प्रायः विधान परिषदों से संघर्षरत रहे, जिन्होनें बाद में उन्हें अपदस्थ करने का प्रयास किया संचालक मंडली, राजनीतिक रूप से अत्यधिक अस्थिर थी, इसलिए, नेपोलियन एक सैन्य तानाशाह के रूप में सत्ता में उभरा पूर्व में, जेकोबिन्स ने राजा लुई XVI को परास्त कर दिया था और अपने स्वयं के प्रतिरुप पर शासन की स्थापना की थी, लेकिन रोबेस्पिेर्रे का प्रशासन अत्यधिक कठोर एवं निर्दय था नेपोलियन ने, 1804 में स्वयं को सम्राट का ताज पहनाया और राजवंशों को समाप्त कर दिया, उसने स्वयं को एक "यूरोप के आधुनिककर्ता" के रूप में स्वयं को देखा, और उसे एक मुक्तिदाता के रूप में देखा गया था, जिसने बाट और माप की एक समान प्रणाली, निजी संपत्ति की रक्षा के लिए कानून आदि की शुरुआत की थी, शक्ति एवं सत्ता के लिए उसकी तलाश, ने 1815 में वाटरलू में उसकी पराजय के साथ उसके अंतिम रूप से पतन को नेतृत्व प्रदान किया


Q. 173048 फ्रांस में क्रांतिकारी विरोध के प्रादुर्भाव के क्या कारण थे?
Right Answer is:

SOLUTION

फ्रांस में क्रांतिकारी विरोध के प्रादुर्भाव के निम्नलिखित कारण थे-

(1) आर्थिक कारण - (अ) रिक्त राजकोष(ख) सेना पर व्यय (स)वर्साय के विशाल महल के अतिव्ययी दरबार के रख-रखाव में आने वाली लागत(द)सरकारी कार्यालयों अथवा विश्वविद्यालयों के संचालन में आने वाली लागत(ग) लागत

उपरोक्त कारणों से राज्य के पास करों में वृद्धि के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं था

(2)सामाजिक कारण -(अ ) तीन रियासतों से मिलकर निर्मित एक सामंती व्यवस्था थी -1 रियासत,2 रियासत एवं 3 रियासत (ब) पुरोहित वर्ग एवं अमीर वर्ग जो क्रमशः1 रियासत,2 रियासत में आते थे,को विशेष विशेषाधिकार प्राप्त थे,(स) अकेले तीसरी रियासत पर करारोपण, 1715 में 23 लाख से 1789 में 28000000 तक जनसंख्या में वृद्धि हुई थी, अनाज का उत्पादन, मांग में वृद्धि के साथ तालमेल नहीं रख सका

(3)दार्शनिकों की भूमिका - दार्शनिकों के विचारों ने अहम भूमिका निभाई, जॉन लॉक,जीन जैक्स रूसो, और मोंटेसक्यू ने दैवीय सिद्धांत को अस्वीकृत कर दिया, उनके दार्शनिक विचारों ने तथाकथित रचना के सिद्धांत को समझने में एक नया परिप्रेक्ष्य प्रदान किया

(4)तात्कालिक कारण -अधिकांश कर्मचारियों की मजदूरी में कोई वृद्धि नहीं हुई थी, उपरोक्त परिस्थितियों के अंतर्गत लुई XVI ने, कर अधिरोपित करने की आगे योजना बनाई, 1789 में रियासतों के जनरल आहवान, फ्रांसीसी क्रांति का तात्कालिक कारण सिद्द हूआ


Q. 173049 फ़्रांस की क्रांति की प्रमुख घटाओं की विवेचना कीजिये ?
Right Answer is:

SOLUTION

क्रांति की घटनाएँ  : मुख्य घटनाक्रम --- प्रथम विश्वयुद्ध में फ़्रांस  की पराजय तथा पड़ रहे अकाल के फलस्वरूप गिरती मनोदशा से व्यथित जनता की आर्थिक दशा दयनीय होती गयी अनाज तथा कपड़े के अभाव में लोग भूखे-नंगे मृत्यु के ग्रास बनने लगे ऐसी स्थिति में मार्च,१९१७ को भूख सर्दी से ठिठुरते मजदूरों की एक भीड़ ने पेट्रोग्राड नगर में जुलूस निकला मार्ग में (शहर) होटलों रोटी वालों की दुकानों में लूट-पाट की उच्च सैन्य अधिकारियों ने सैनिकों को गोली चलाने तथा इस भीड़ को छिन्न-भिन्न कर देने का आदेश दिया, जिसका सैनिकों ने पालन करने से इनकार कर दिया इस प्रकार सेना के अनुशासन भंग करने से फ़्रांस  में क्रांति प्रारम्भ हो गयी, इस क्रांति ने शासक  निकोलस दितीय, उसके परिवार, उच्च पदाधिकारियों और सामन्तों का काम तमाम कर दिया पेट्रोग्राड  में जुलूस निकाले जाने के अगले दिन ( मार्च,१९१७ ) क्रांति हो गयी क्रान्तिकारियों रोटी-रोटी चिल्लाते हुए सर्वत्र घूमने लगे कपड़े के कारखानों में काम करने वाले एक लाख से अधिक मजदूर हड़ताल करके क्रान्तिकारियों में सम्मिलित हो गए जुलूस नारे लगाने लगे युद्ध बंद करो, निरंकुश शासन का नाश हो, जनता का राज्य हो साम्यवादी और अन्य सभी शासन विरोधी तत्वों ने क्रान्तिकारियों तथा हड़तालियों से सहयोग कर क्रांति का पथ प्रशस्त कर दिया १० मार्च,१९१७ को पेट्रोग्राड के सभी कारखाने बंद रहे ।११ मार्च,१९१७ को

Q. 173050 फ़्रांस की क्रांति का इतिहास में क्या योगदान है इस क्रांति से राजनीतिक, आर्थिक तथा सामाजिक क्षेत्र में क्या परिवर्तन हुए ?
Right Answer is:

SOLUTION

फ़्रांस  की क्रांति -- फ़्रांस  की क्रांति (१९७१ विश्व इतिहास में सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान रखती है  इस क्रांति ने राजनीतिक क्षेत्र में ही नहीं अपितु आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में क्रान्तिकारी परिवर्तन किये थे। फ़्रांस  की क्रांति (१९१७ ) ने बूर्जुआजी और पूंजीपतियों का समाप्त कर दिया ; देश का शासन निम्न वर्ग के हाथों में गया था। फ़्रांस  में पूंजीपतियों का वर्ग बूर्जुआजी कहलाता था। यह वर्ग उत्पादन के साधनों और व्यापार पर नियन्त्रण करके अर्थव्यवस्था को अपनी इच्छा के अनुसार संचालित करता था। साम्यवादी इस वर्ग को बुर्जुआ (शोषक वर्ग) कहते थे। फ़्रांस  में क्रांति (१९१७ ) के फलस्वरूप सर्वहारा वर्ग की तानाशाही स्थापित हो गयी। सर्वहारा फ़्रांस  के मजदूर वर्ग को कहते थे। ये अत्यंत कठिन जीवन व्यतीत करते थे तथा इनकी दशा अत्यंत दयनीय थी। कारखानों में मशीनें चलाने तथा बोझा ढ़ोने का कार्य यही वर्ग करता था। इस प्रकार फ़्रांस  में कल्पनावादी समाजवाद के स्थान पर वास्तविक समाजवाद स्थापित हो गया। काल्पनिक समाजवादी वे थे जिन्होंने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जो शोषण से पूर्णतया मुक्त हो और जिसमे सभी व्यक्ति अपनी क्षमतानुसार परिश्रम करें तथा श्रम का उचित भुगतान प्राप्त करें। काल्पनिक समाजवादियों में सेंट साइमन, चार्ल्स फोरियर तथा राबर्ट ओवन बहुत उल्लेखनीय थे जिन्होंने समाजवाद की स्थापना हेतु जो सुझाव दिए वे बहुत अव्यवाहरिक थे

फ़्रांस  की क्रान्ति के परिणाम प्रभाव -- १९१७ की फ़्रांस  की क्रान्ति, विश्व इतिहास की सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटना थी, इसके दूरगामी और युगान्तरकारी परिणाम हुए --

() फ़्रांस  में शासक शाही शासन की समाप्ति -- क्रान्ति के फलस्वरूप फ़्रांस  में निरंकुश, स्वेच्छाचारी शासक शाही शासन की समाप्ति हो गयी फ़्रांस  का शासक  निकोलस दितीय सपरिवार मार डाला गया

() साम्यवादी शासन की स्थापना -- क्रान्ति के फलस्वरूप लेनिन के नेतृत्व में फ़्रांस  में साम्यवादी शासन की स्थापना हुई

() फ़्रांसिसी  साम्राज्यवाद का अन्त -- क्रान्ति के फलस्वरूप फ़्रांसिसी  साम्राज्य का अन्त हो गया गैर फ़्रांसिसी  क्षेत्र फ़्रांस  से स्वतंत्र कर दिए गये

() फ़्रांस  में सामन्तशाही का अन्त - क्रान्ति के फलस्वरूप फ़्रांस  में सामन्तवादी व्यवस्था समाप्त हो गयी तथा विशेषाधिकारों का अन्त हो गया

() शोषण की समाप्ति -- क्रान्ति के फलस्वरूप फ़्रांस  में किसानों तथा मजदूरों पर सदियों से हो रहा शोषण समाप्त हो गया देश की सम्पूर्ण सम्पत्ति और उद्योगों पर सरकार का प्रभुत्व स्थापित हो गया

() नवीन शासन प्रणाली की स्थापना -- क्रान्ति के फलस्वरूप नवीन शासन प्रणाली अर्थात किसानों, श्रमिकों के प्रतिनिधित्व वाली सरकार स्थापित हुई साम्यवादी विचारधारा का विकास हुआ इसी के चलते फ़्रांस  १३ मार्च,१९१८

Q. 173051 नेपोलियन की हार के परिणामों की व्याख्या कीजिये?
Right Answer is:

SOLUTION

1)1815 में, ब्रिटेन, रूस, प्रशा और ऑस्ट्रिया जैसी यूरोपीय शक्तियों जिन्होंने मिलकर नेपोलियन को हराया था – के प्रतिनिधि यूरोप के लिए एक समझौता तैयार करने के लिए वियना में मिले। इस सम्मेलन (कॉंग्रेस) की मेजबानी ऑस्ट्रिया के चांसलर ड्यूक मैटरनिख ने की। इसमें प्रतिनिधियों ने 1815 की वियना संधि तैयार की जिसका उद्देश्य उन कई सारे बदलावों को खत्म करना था जो नेपोलियाई युद्ध के दौरान हुए थे।

2) संधि के परिणामस्वरूप उत्तर में नीदरलैंड्स का राज्य स्थापित किया गया जिसमें बेल्जियम शामिल था और दक्षिण में पीडमॉन्ट में जेनोआ जोड़ दिया गया।

3)प्रशा को उसकी पश्चिमी सीमाओं पर महत्त्वपूर्ण नए इलाके दिए गए जबकि ऑस्ट्रिया को उत्तरी इटली का नियंत्रण सौंपा गया।

4)पूर्व में रूस को पोलैंड का एक हिस्सा दिया गया जबकि प्रशा को सैक्सनी का एक हिस्सा प्रदान किया गया। इस सबका मुख्य उद्देश्य उन राजतंत्रों की बहाली था जिन्हें नेपोलियन ने बर्खास्त कर दिया था।


Q. 173052 अर्थशास्त्री राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की शब्दावली में सोचने लगे। वे चर्चा करने लगे कि राष्ट्र कैसे विकास कर सकता है और कौनसे आर्थिक कदम राष्ट्र को निर्मित करने में मदद दे सकते हैं। जर्मनी के टयूबिंजन विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर फइडरीख लिस्ट ; ने 1834 में लिखाः जॉल्वेराइन का लक्ष्य जर्मन लोगों को आर्थिक रूप में एक राष्ट्र में बाँध देना है।
  1. जॉल्वेराइन से क्या अभिप्राय है?
  2. उन्नीसवीं सदी के पूर्वार्द्ध में आर्थिक आदान-प्रदान की वृद्धि और विकास के लिए बाधा के रूप में देखे जाने वाले जर्मन क्षेत्रों में क्या स्थिति विद्यमान थी?[1 + 4 = 5]
Right Answer is:

SOLUTION

1)1834 में प्रशा की पहल पर एक शुल्क संघ जॉल्वेराइन स्थापित किया गया जिसमें अधिकांश जर्मन राज्य शामिल हो गए। यह संघ राज्यों के मध्य विद्यमान भिन्नता को दूर करने में सफल रहा था।

2) जर्मनी 39 राज्यों का एक महासंघ बना। इनमें से प्रत्येक की अपनी मुद्रा और नाप-तौल प्रणाली थी। इन जर्मन राज्यों के भीतर विक्रय करने वाले व्यापारियों को इन राज्यों के मध्य विद्यमान भिन्नता के कारण अवरोधों का सामना करना पड़ता था। एक व्यापारी को ग्यारह सीमाशुल्क नाकों से गुजरना पड़ता था। और उन्हें उतनी ही बार शुल्क जमा कराना पड़ता था।

हिसाब और रूपांतरण में समय लगता था और इसने व्यापार की प्रक्रिया को धीमा कर दिया।


Q. 173053 इटली के एकीकरण में मेजिनी, काबूर और गैरीबाल्डी के योगदान का वर्णन कीजिए। [ 2 + 2 + 2 ]
Right Answer is:

SOLUTION

जर्मनी की भांति एकीकरण से पहले इटली भी कई छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था।इन राज्यों में सबसे शक्तिशाली सार्डीनिया का राज्य था। उसके प्रधानमंत्री कैवूर को इटली में मिलती-जुलती नीति अपनायी। उसे इटली के एकीकरण में मेजिनी एवंगैरीबाल्डी जैसे देशभक्तों की सेवायें प्राप्त हुई। जर्मनी की भांति 1848 0 में इटली मेंभी क्रान्तिकारी विद्रोह हुए जिनके फलस्वरूप वहां कुछ राजनीतिक सुधार हुए। परन्तु इटली को वास्तविक सफलता कावूर के रंगमंच पर आने के बाद ही प्राप्त हुई।

कावूर ने क्रीमिया के युद्ध (1854-1856 0) में रूस के विरूद्ध ब्रिटेन तथा फ्रांस का साथ देकर आस्ट्रिया के विरूद्ध ब्रिटेन और फ्रांस से सहायता प्राप्त करने का वचन प्राप्त कर लियां 1859 0 में कैबूर ने आस्ट्रिया के विरूद्ध युद्ध करके लोम्बार्डी पर कब्जा कर लिया और बाद में उसे सार्डीनिया में मिला लिया। इसके शीघ्र ही बाद 1860 0 में टस्कनी, माडोना, पार्मा और उत्तर में स्थित पोप के राज्य अपने आप सार्डीनिया के साथ मिले। लगभग इसी समय (1860 0 में ही) गैरीबाल्डी के प्रयत्नों से सिसली तथा नेपल्स के राज्य भी सार्डीनिया के साथ सम्मिलित हो गये। 866 . में आस्ट्रिया- प्रशिया युद्ध में बिस्मार्क का साथ देने पर वेनेशिया का प्रदेश सार्डीनिया को मिल गया।फिर 1870 . फ्रांस-प्रशिया के युद्ध के समय फ्रांस द्वारा रोम खाली किये जाने पर सार्डीनिया ने रोम पर अधिकार करके इटली का एकीकरण का कार्य पूरा किया। याद रहे, इटली में भी जर्मनी की भांति एकीकरण के बाद

Q. 173054 1804 की नागरिक संहिता को आम तौर पर ....... के रूप में जाना जाता था


A. बिस्मार्क कोड

B. नेपोलियन कोड

C. राष्ट्रीय कोड

D. सामाजिक कोड

Right Answer is: B

SOLUTION

सिविल कोड ने कानून के समक्ष समानता, सामंतवाद के उन्मूलन की गारंटी, और सैकड़ों की जगह एक कानून को 1789 लागु किया था।


Q. 173055 सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता के विश्वास के रूप में लिंग के आधार पर महिलाओं के अधिकारों और हितों के बारे में जागरूक करने वाले सिद्धांत को जाना जाता है -


A. मानवतावाद

B. नारीवाद

C. पोस्ट आधुनिकतावाद

D. संस्कृतिवाद

Right Answer is: B

SOLUTION

शब्द 'नारीवाद' ने उन्नीसवीं सदी में फ्रेंच शब्द फेमिनिस्ट से जन्म लिया था।


Q. 173056 ज्युसेपी मेत्सिनीको 'हमारी सामाजिक व्यवस्था का सबसे खतरनाक दुश्मन'के रूप में वर्णन किया गया था -


A. मैटरनिख

B. ज्युसेपी मेत्सिनी

C. विलियम प्रथम

D. हिटलर

Right Answer is: A

SOLUTION

मजजिनी का मानना ​​था कि कवेल एकीकरण इतालवी स्वतंत्रता का आधार हो सकता था।


Q. 173057 शब्द दास वोल्क को संदर्भित करता है


A. फ्रांस के आम लोग

B. इटली के आम लोग

C. जर्मनी के आम लोग

D. रूस के आम लोग

Right Answer is: C

SOLUTION

शब्द दास वोल्क एक रोमांटिक जर्मन दार्शनिक जोहान गोटफ्राइड हर्डर द्वारा इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने दावा किया कि सच्ची जर्मन संस्कृति की आम लोगों के बीच खोज की जानी थी।


Q. 173058 एक अमूर्त विचार या भावना, जो एक राष्ट्र के लिए एक प्रतीक व एक विषय चित्रित करने के लिए केसम्मान के साथ प्रयोग किया जाता है


A. एक विचारधारा

B. प्रतीक

C. एक रूपक

D. चित्रकला का विषय

Right Answer is: C

SOLUTION

एक रूपक के दो अर्थ एक शाब्दिक और एक प्रतीकात्मक हो सकता था। महिला रूपक एक राष्ट्र के लिए सम्मान व्यक्त करते हैं।


Q. 173059 एक प्रत्यक्ष मतदान जो एक क्षेत्र के सभी लोगों को स्वीकार करने या एक प्रस्ताव को अस्वीकार करने के लिए किया जाता है


A. जनमत संग्रह

B. तरजीही मतदान

C. गुप्त मतदान

D. अप्रत्यक्ष मतदान

Right Answer is: A

SOLUTION

जनमत संग्रह, शब्द लैटिन से आया है। यह एक प्रत्यक्ष मतदान है जिसमें सभी प्रतिभागियों को या तो स्वीकार या एक विशेष प्रस्ताव को अस्वीकार करने के लिए कहा जाता है। इस विधि को प्रत्यक्ष लोकतंत्र का एक प्रकार माना जाता है।


Q. 173060 नेपोलियन ने इटली पर आक्रमण किया था -


A. 1781

B. 1782

C. 1796

D. 1789

Right Answer is: C

SOLUTION

नेपोलियन युद्ध नेपोलियन द्वारा इटली पर अधिपत्य स्थापित करने का एक प्रयास था।


Q. 173061 "गोड सेव ऑउर नोबल किंग” राष्ट्र का राष्ट्रीय गान है -


A. ब्रिटेन

B. जर्मनी

C. रूस

D. इटली

Right Answer is: A

SOLUTION

एक नए ‘ब्रितानी राष्ट्र’ का निर्माण किया गया जिस पर आंग्ल संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया गया। नएब्रिटेन के प्रतीक-चिह्नोंब्रितानी झंडा (यूनियन जैक) और राष्ट्रीय  गाड  सेव अवर  नोबल  किंग को खूब बढ़ावा दिया गया ।


Q. 173062 ज्युसेपे गैरीबाल्डीने इटली के एकीकरण में आखिरी बाधा से लड़ने के लिए रोम के स्वयंसेवकों की एक सेना का नेतृत्व.........वर्ष में कियाथा


A. 1857

B. 1867

C. 1877

D. 1877

Right Answer is: B

SOLUTION

ज्युसेपे गैरीबाल्डीका जन्म 1807 में नाइस, फ्रांस में हुआ था, वह 1833 में मज्ज़िनी के आंदोलन में शामिल हो गए।


Q. 173063 एक विशेष सामाजिक दृष्टि को परिलक्षित करती है और राजनीतिक विचारों की प्रणाली के रूप में जानी जाती है


A. विचारधारा

B. शिक्षाशास्त्र

C. भाषाशास्त्र

D. वंशावली

Right Answer is: A

SOLUTION

शब्द 'विचारधारा' सबसे पहले फ्रांसीसी दार्शनिक देस्तुत्त डी ट्रेसी ने प्रयोग किया था।


Q. 173064 एक ऐसे आदर्श समाज का एक सपना जो कि वास्तविक रूप में संभव नहीं है - विकल्प:


A. यूटोपियन

B. समाजवाद

C. सांप्रदायिकता

D. नारीवाद

Right Answer is: A

SOLUTION

शब्द "यूटोपिया" दो ग्रीक शब्दों से बना है, जिसका अर्थ है क्रमशः "अच्छी जगह" और "कोई जगह नहीं है।"


Q. 173065 निर्वासन से लौटने के बाद ग्यूसेपगिउसेप्पे ने एक .... संगठन का गठन किया


A. नेशनल इटली

B. यंग इटली

C. यूनाइटेड इटली

D. आर्गनाइज्ड इटली

Right Answer is: B

SOLUTION

ग्यूसेपगिउसेप्पे को गिरफ्तार कर लिया गया था और लिगुरियामें एक क्रांति शुरू करने की कोशिश के लिए 1831 में कैद कर निर्वासित कर दिया गया था।


Q. 173066 फ्रेंकफर्ट की संधि (10 मई 1871 ) की सबसे शर्मनाक बात क्या थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

जर्मनी ने फ़्रांस से हर्जाने के रूप में 20 हजार पाउंड मांगे। यह प्रावधान किया गया की रकम अदायगी तक जर्मन सेना फ़्रांस में तैनात रहेगी तथा इस सेना का खर्च फ़्रांस को ही उठाना पड़ेगा। इस प्रकार फ्रेंकफर्ट की संधि प्राग की संधि से ज्यादा अपमानजनक थी।


Q. 173067 नेपोलियन तृतीय फ़्रांस की जनता का ध्यान किस प्रकार और क्यों भटकाना चाहता था ?
Right Answer is:

SOLUTION

नेपोलियन अपनी गृह नीतियों में पूर्णतया असफल हुआ था जिसके फलस्वरूप वह फ़्रांस की जनता का ध्यान गृह समस्याओं से हटाकर देश से बाहर प्रशा से युद्ध करके लगाना चाहता था


Q. 173068 इटली आस्ट्रिया से क्यों क्रुद्ध था?
Right Answer is:

SOLUTION

इटली भी एकीकरण का प्रयास कर रहा था । परन्तु उसके एकीकरण में सबसे बड़ी बाधा आस्ट्रिया ने खडी कर रखी थी क्योंकि इटली के एक प्रान्त वेनेशिया पर आस्ट्रिया का कब्ज़ा था।


Q. 173069 वियना की संधि (२७ अक्तूबर १८६४) ने आस्ट्रिया और प्रशा के समक्ष कौन सा प्रश्न खड़ा कर दिया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

वियना की संधि ने श्लेसविग लाबेनबर्ग को डेनमार्क से लेकर प्रशा तथा आस्ट्रिया को दे दिया गया था इन डचियों के भविष्य को लेकर प्रश्नात्मक स्थिति उभर कर सामने गयी थी।


Q. 173070 प्रशा के विलियम प्रथम ने संसद को भंग कर पुनः चुनाव क्यों करवाए ?
Right Answer is:

SOLUTION

विलियम प्रथम ने संसद के समक्ष सैन्य शक्ति की वृद्धि हेतु प्रस्ताव रखा था जिसे संसद ने अस्वीकार कर दिया था अतः उसने क्रुद्ध हो कर संसद को भंग कर दिया


Q. 173071 वियना कांग्रेस ने जर्मन केन्द्रीय संघ का शासन चलने के लिए किस संस्था का निर्माण किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

वियना कांग्रेस ने जर्मन केन्द्रीय संघ का शासन चलने के लिए डायट की स्थापना की गयी थी


Q. 173072 नेशनल असेंबली द्वारा तैयार किये गए, 1791 के संविधान के क्या लक्ष्य थे?
Right Answer is:

SOLUTION

संविधान का मुख्य उद्देश्य राजा की शक्ति को नियंत्रित करना और उसे सीमित करना था, संविधान ने, विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के मध्य शक्ति के वितरण को संभव बनाया, सक्षम होना चाहिए, इस विधि ने फ्रांस को एक संवैधानिक राजशाही बना दिया


Q. 173073 लेनिन ने फ़्रांसिसी समाजवादी प्रजातान्त्रिक दल की स्थापना कब की थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

१८९८  में लेनिन ने फ़्रांसिसी  समाजवादी प्रजातान्त्रिक दल की स्थापना हुई थी


Q. 173074 1929 में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन के क्या परिणाम हुए थे ?
Right Answer is:

SOLUTION

अ)जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस ने घोषणा करी कि अब से  पूर्ण स्वराजभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का लक्ष्य होगा।

ब)तय किया गया कि 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाएगा और उस दिन लोग पूर्ण स्वराज के लिए संघर्ष की शपथ लेंगे।

(कांग्रेस ने जब भी यथोचित समझा जाए करों का भुगतान न करने, सहित, सविनय अवज्ञा आंदोलन का कार्यक्रम शुरू करने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को प्राधिकृत किया।


Q. 173075 भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन (1929) का क्या महत्व है?
Right Answer is:

SOLUTION

भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन (1929) का अत्यधिक महत्व है

  1. कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में ‘पूर्ण स्वराज’ की माँग को औपचारिक रूप से मान लिया गया
  2. ब)तय किया गया कि 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाएगा और उस दिन लोग पूर्ण स्वराज के लिए संघर्ष की शपथ लेंगे।
  3. कांग्रेस ने अपनी मांगों के पूर्ण नहीं होने पर सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने की शपथ ली।


Q. 173076 स्वराज पार्टी का गठन किसने किया था ? इसका क्या उद्देश्य था?
Right Answer is:

SOLUTION

मोतीलाल नेहरू  और सी.आर. दास द्वारा स्वराज पार्टी का गठन किया गया था।

1. ब्रिटिश सरकार के दमनकारी कार्यों के खिलाफ लड़ना ।

 2.डोमिनियन स्टेटस की शीघ्र प्राप्ति के लिए आंदोलन छेड़ना।

3. प्रांतीय सरकारों के गठन के लिए परिषदों में दाखिल होना।

4. परिषदों के भीतर ब्रिटिश नीतियों का विरोध करना और इन परिषदों के सही मायने में लोकतांत्रिक नहीं होने को प्रमाणित करना ।


Q. 173077 गांधीजी द्वारा शुरू की गई नमक यात्रा का क्या उद्देश्य था?
Right Answer is:

SOLUTION

31 जनवरी 1930 को गांधीजी ने वायसराय इरविन को कुछ माँगों के साथ एक खत लिखा।

इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण माँग नमक कर को खत्म करने की थी।  गांधीजी को यह समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का एक सशक्त जरिया लगा। इरविन वार्ता करने को तैयार नहीं थे। फलस्वरूप, महात्मा गांधी ने अपने 78 विश्वस्त स्वयंसेवकों के साथ नमक यात्रा शुरू कर दी। यह यात्रा साबरमती में गांधीजी के आश्रम से 240 किलोमीटर दूर दांडी नामक गुजराती तटीय कस्बे में जाकर खत्म होनी थी। यह 11 मार्च को आरंभ हुई थी और 6 अप्रैल को वह दांडी पहुँचे और उन्होंने औपचारिक विधि से  नमक का निर्माण कर कानून का उल्लंघन किया।


Q. 173078 ‘महात्मा गांधी की दांडी यात्रा ब्रिटिश शासन के खिलाफ प्रतिरोध का असरदार प्रतीक थी, समझाइए।’
Right Answer is:

SOLUTION

गाँधीजी की नमक यात्रा अंग्रेजों द्वारा नमक पर लगाए गए कर को समाप्त करने के लिये थी । यह यात्रा 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू होकर दाँडी नामक गाँव में खत्म हुई । इस यात्रा के द्वारा गांधीजी ने 240 किमी पैदल यात्रा की व 6 अप्रैल 1930 को दाँडी पहुँच कर समुद्री पानी से नमक बनाकर नमक कानून को तोड़ा। यह सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरूआत का संकेत था ।सविनय अवज्ञा आंदोलन की कार्य योजना - 1. जगह-जगह नमक कानून तोड़ना ।2. अंगे्रजों का असहयोग ।3. ब्रिटिश कानूनों का उल्लंघन करना । 4. विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार व स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग।5. सरकारी कर्मचारियों द्वारा नौकरियों से त्यागपत्र देना।6. सरकारी स्कूल व काॅलेजों का बहिष्कार करना। आदि इस प्रकार पहली बार सामान्य भारतीय जनता ने खुलकर ब्रिटिश सरकार का प्रतिरोध किया व ब्रिटिश सरकार के समक्ष अपने अस्तित्व की लडाई शुरू की।


Q. 173079 सविनय अवज्ञा आंदोलन में विभिन्न वर्गों व समूहों ने हिस्सा क्यों लिया?
Right Answer is:

SOLUTION

विभिन्न वर्गों व समूहों के आंदोलन में भाग लेने के कारण -1) धनी किसान, भारी लगान के विरूद्ध थे । 2) गरीब किसानों के लिए स्वराज का अर्थ था उनकी अपनी जमीनें होंगी, किराया नहीं देना पड़ेगा व बेगार से मुक्ति मिल जाएगी । 3) व्यापारी वर्ग औपनिवेशिक पाबंदियों से मुक्ति पाना चाहता था । 4) श्रमिक अच्छी कार्य-स्थितियाँ चाहते थे, उच्च वेतन के आंकाक्षी थे ।


Q. 173080 गांधीजी की ’नमक यात्रा’ को स्पष्ट कीजिये और सविनयअवज्ञा आंदोलन की कार्य योजना बताइये।
Right Answer is:

SOLUTION

गाँधीजी की नमक यात्रा अंग्रेजों द्वारा नमक पर लगाए गए कर को समाप्त करने के लिये थी। यह यात्रा 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू होकर दाँडी नामक गाँव में खत्म हुई। इस यात्रा के द्वारा गांधीजी ने 240 किमी पैदल यात्रा की व 6 अप्रैल 1930 को दाँडी पहुँच कर समुद्री पानी से नमक बनाकर नमक कानून को तोड़ा। यह सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरूआत का संकेत था। सविनय अवज्ञा आंदोलन की कार्य योजना - 1 जगह-जगह नमक कानून तोड़ना। 2 अंग्रेजों का असहयोग। 3 ब्रिटिश कानूनों का उल्लंघन करना। 4 विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार व स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग।5 सरकारी कर्मचारियों द्वारा नौकरियों से त्यागपत्र देना। 6 सरकारी स्कूल व काॅलेजों का बहिष्कार करना।


Q. 173081 राष्ट्रवादी नेताओं ने लोगों को एकजुट करने और उनमें राष्ट्रवाद की भावना उत्पन्न करने के लिए किस तरह के चिन्हों और प्रतीकों को अपनाया था?
Right Answer is:

SOLUTION

जैसे-जैसे राष्ट्रीय आंदोलन आगे बढ़ा, राष्ट्रवादी नेता लोगों को एकजुट करने और उनमें राष्ट्रवाद की भावना भरने के लिए भिन्न तरह के चिन्हों और प्रतीकों के बारे में और ज्यादा जागरूक होते गए।

1)बंगाल में स्वदेशी आंदोलन के दौरान एक तिरंगा झंडा (हरा, पीला, लाल) तैयार किया गया। 2)इसमें ब्रिटिश भारत के आठ प्रांतों का प्रतिनिधित्व करते कमल के आठ फूल और हिंदुओं व मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करता एक अर्धचंद्र दर्शाया गया था।

3)1921 तक गांधीजी ने भी स्वराज का झंडा तैयार कर लिया था। यह भी तिरंगा (सफ़ेद,

हरा और लाल) था।

4)इसके मध्य में गांधीवादी प्रतीक चरखे को जगह दी गई थी जो स्वावलंबन का प्रतीक था।

5)जुलूसों में यह झंडा थामे चलना शासन के प्रति अवज्ञा का संकेत था।


Q. 173082 राष्ट्रवाद की भावना उत्पन्न करने में इतिहास की पुनर्व्याख्या किस प्रकार सहायक सिद्ध हुई ?
Right Answer is:

SOLUTION

उन्नीसवीं सदी के अंत तक आते-आते बहुत सारे भारतीय यह महसूस करने लगे थे कि राष्ट्र के प्रति गर्व का भाव जगाने के लिए भारतीय इतिहास को अलग ढंग से पढ़ाया जाना चाहिए। अंग्रेजों की नजर में भारतीय पिछड़े हुए और आदिम लोग थे जो अपना शासन खुद नहीं सँभाल सकते।

इसके परिणामस्वरूप-

1)भारत के लोग अतीत की अपनी महान उपलब्धियों की खोज की ओर देखने लगे।

2)उन्होंने उस गौरवमयी प्राचीन युग के बारे में लिखना शुरू कर दिया जब कला और वास्तुशिल्प, विज्ञान और गणित, धर्म और संस्कृति, कानून और दर्शन, हस्तकला और व्यापार फल-फूल रहे थे।

3)उनकी दृष्टि में इस महान युग के बाद पतन का समय आया जब भारत को गुलाम(उपनिवेश)

बना लिया गया।

4)इस राष्ट्रवादी इतिहास में पाठकों को अतीत में भारत की महानता व उपलब्धियों पर गर्व करने और ब्रिटिश शासन के तहत दुर्दशा से मुक्ति के लिए संघर्ष का मार्ग अपनाने का आह्वान किया जाता था।


Q. 173083 इस तस्वीर को ध्यान से देखिये । 1905 में निर्मित यहाँ दर्शाई गई माँ की छवि शिक्षा, भोजन और कपड़े दे रही है। इस तस्वीर से संबंधीत निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिये। 1)भारत माता की इस विख्यात छवि को चित्रित करने वाले चित्रकार कौन हैं? (1+1+3=5) 2) इस पेंटिग में भारत माता को किस रूप में दर्शाया गया है? 3) इस पेंटिग में भारत माता के किन गुणों को दर्शाया गया है?
Right Answer is:

SOLUTION

1)स्वदेशी आंदोलन की प्रेरणा से अबनीन्द्रनाथ टैगोर ने भारत माता की इस विख्यात छवि को

चित्रित किया था।

2) इस पेंटिग में भारत माता को एक संन्यासिनी के रूप में दर्शाया गया है।

3) इस पेंटिग में वह शांत, गंभीर, दैवी और अध्यात्मिक गुणों से युक्त दिखाई देती है। आगे चल कर जब इस छवि को बड़े पैमाने पर तसवीरों में उतारा जाने लगा और विभिन्न कलाकार यह तसवीर बनाने लगे तो भारत माता की छवि विविध रूप ग्रहण करती गई । इस मातृ छवि के प्रति श्रद्धा को राष्ट्रवाद में आस्था का प्रतीक माना जाने लगा। इस रूप में अबनीन्द्रनाथ टैगोर ने एक ऐसी चित्र शैली विकसित करने का प्रयास किया जिसे सच्चे अर्थों में भारतीय माना जा सके।


Q. 173084 भारतीय लोक कथाओं को पुनर्जीवित करने हेतु आंदोलन ने राष्ट्रवाद के विचार को किस प्रकार मजबूती प्रदान करी?
Right Answer is:

SOLUTION

राष्ट्रवाद का विचार भारतीय लोक कथाओं को पुनर्जीवित करने के आंदोलन से भी मजबूत हुआ। उन्नीसवीं सदी के आखिर में राष्ट्रवादियों ने भाटों व चारणों द्वारा गाई-सुनाई जाने वाली लोक कथाओं को दर्ज करना शुरू कर दिया। वे लोक गीतों व जनश्रुतियों को इकट्ठा करने के लिए गाँव-गाँव घूमने लगे। उनका मानना था कि यही कहानियाँ हमारी उस परंपरागत संस्कृति की सही तसवीर पेश करती हैं जो बाहरी ताकतों के प्रभाव से भ्रष्ट और दूषित हो चुकी है। अपनी राष्ट्रीय पहचान को ढूंढ़ने और अपने अतीत में गौरव का भाव पैदा करने के लिए इस लोक परंपरा को बचाकर रखना जरूरी था।

बंगाल में खुद रबीन्द्रनाथ टैगोर भी लोक-गाथा गीत, बाल गीत और मिथकों को इकट्ठा करने निकल पड़े। उन्होंने लोक परंपराओं को पुनर्जीवित करने वाले आंदोलन का नेतृत्व किया। मद्रास में नटेसा शास्त्री ने द फोकलोर्स ऑफ सदर्न इंडिया के नाम से तमिल लोक कथाओं का विशाल संकलन चार खंडों में प्रकाशित किया। उनका मानना था कि लोक कथाएँ राष्ट्रीय साहित्य होती हैं, यह लोगों के असली विचारों और विशिष्टताओं की सबसे विश्वसनीय अभिव्यक्तिहै।


Q. 173085 भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन का क्या प्रभाव पड़ा था?
Right Answer is:

SOLUTION

स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलनों का भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर व्यापक प्रभाव पड़ा था।

1. दोनों आंदोलनों ने एक समान लक्ष्य हेतु कार्य करने के लिए लोगों को एकजुट किया।

2. लोगों ने अपने अधिकारों के लिए उनकी आवाज उठायी और उन्होने स्वदेशी वस्तुओं का उत्पादन करना शुरू कर दिया; और कारखानों की स्थापना की। कलकत्ता पॉटरीज, बंगाल लक्ष्मी कॉटन मिल्स इसके कुछ उदाहरण थे।

3. स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और विदेशी माल के बहिष्कार ने ब्रिटिश उद्योगों के पतन का नेतृत्व किया।

4. अधिकांश भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन से भावनात्मक रूप से जुड़ गए थे। इस समय लोगों को प्रेरित करने के लिए कई कवियों ने राष्ट्रीय गीतों की रचना की ।

5. 1870 के दशक में बंकिमचन्द्र चटर्जी ने मातृभूमि की स्तुति के रूप में ‘वन्दे मातरम्’ गीत लिखा था एवं आनन्दमठ की रचना की थी जिसने राष्ट्रिय एकता की भावना जागृत की ।


Q. 173086 भारतीय लोकगीत को पुनर्जीवित करने हेतु एक आंदोलन के माध्यम से राष्ट्रवाद के विचारों का किस तरह विकास हुआ था?
Right Answer is:

SOLUTION

1)उन्नीसवीं सदी के आखिर में राष्ट्रवादियों ने भाटों व चारणों द्वारा गाई-सुनाई जाने वाली लोक कथाओं को दर्ज करना शुरू कर दिया। वे लोक गीतों व जनश्रुतियों को इकट्ठा करने के लिए गाँव-गाँव घूमने लगे। उनका मानना था कि यही कहानियाँ हमारी उस परंपरागत संस्कृति कीसही तसवीर पेश करती हैं जो बाहरी ताकतों के प्रभाव से भ्रष्ट और दूषित हो चुकी है।

2)अपनी राष्ट्रीय पहचान को ढूंढ़ने और अपने अतीत में गौरव का भाव पैदा करने के लिए इस लोक परंपरा को बचाकर रखना जरूरी था।

3)बंगाल में खुद रबीन्द्रनाथ टैगोर भी लोक-गाथा गीत, बाल गीत और मिथकों को इकट्ठा करना  प्रारम्भ कर दिया। उन्होंने लोक परंपराओं को पुनर्जीवित करने वाले आंदोलन का नेतृत्व किया।

4)मद्रास में नटेसा शास्त्री ने ‘द फोकलोर्स ऑफ सदर्न इंडिया’ के नाम से तमिल लोक कथाओं का विशाल संकलन चार खंडों में प्रकाशित किया। उनका मानना था कि लोक कथाएँ राष्ट्रीय साहित्य होती हैं।


Q. 173087 1920 के दशक से राष्ट्रीय आंदोलन पर सांप्रदायिकता के प्रभाव पर चर्चा कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

1.जैसे -जैसे हिन्दू-मुसलमानों के बीच संबंध खराब होते गए, दोनों समुदाय उग्र धार्मिक जुलूस निकालने लगे। इससे कई शहरों में हिन्दू -मुस्लिम सांप्रदायिक टकराव व दंगे हुए। हर दंगे के साथ दोनों समुदायों के बीच फासला बढ़ता गया।

2.जब सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ उस समय समुदायों के बीच संदेह और अविश्वास का माहौल बना हुआ था।

3.कांग्रेस से कटे हुए मुसलमानों का बड़ा तबका किसी संयुक्त संघर्ष के लिए तैयार नहीं था।

4.बहुत सारे मुस्लिम नेता और बुद्धिजीवी भारत में अल्पसंख्यकों के रूप में मुसलमानों की हैसियत को लेकर चिंता जता रहे थे। उनको भय था कि हिन्दू  बहुसंख्या के वर्चस्व की स्थिति में अल्पसंख्यकों की संस्कृति और पहचान खो जाएगी।


Q. 173088 असहयोग के दौरान बागान श्रमिकों की क्या स्थिति थी?
Right Answer is:

SOLUTION

आसाम के बागानी मजदूरों के लिए आजादी का मतलब यह था कि वे उन चारदीवारियों से जब चाहे आ-जा सकते हैं जिनमें उनको बंद करके रखा गया था।

1.1859 के इनलैंड इमिग्रेशन एक्ट के तहत बागानों में काम करने वाले मजदूरों को बिना इजाजत बागान से बाहर जाने की छूट नहीं होती थी और यह इजाजत उन्हें विरले ही कभी मिलती थी। जब उन्होंने असहयोग आंदोलन के बारे में सुना तो हजारों मजदूर अपने अधिकारियों की अवहेलना करने लगे। उन्होंने बागान छोड़ दिए और अपने घर को चल दिए।

2.उनको लगता था कि अब गांधी राज आ रहा है इसलिए अब तो हरेक को गाँव में जमीन मिल जाएगी।

3.लेकिन वे अपनी मंजिल पर नहीं पहुँच पाए।रेलवे और स्टीमरों की हड़ताल के कारण वे रास्ते में ही फँसे रह गए।

4. उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया और उनकी बुरी तरह पिटाई करी एवं उन्हें पुनः बागानों मे भेज दिया गया।


Q. 173089 गूडेम पहाडि़यों में स्वराज के लिए किए गए संघर्ष पर चर्चा कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

आंध्र प्रदेश की गूडेम पहाडि़यों में 1920 के दशक की शुरुआत में एक उग्र गुरिल्ला आंदोलन फैल गया। इस आंदोलन की निम्नलिखित मुख्य विशेषताएँ थीं-

1.औपनिवेशिक सरकार ने वन्य कानून लागू कर दिये थे जिन्होनें न केवल आदिवासीयों के जीवन को प्रभावित किया बल्कि उनसे उनकी आय के स्रोत भी छीन लिए इससे पहाड़ी लोग रुष्ट हो गए।

2.जब सरकार ने उन्हें  सड़कों के निर्माण के लिए बेगार करने पर मजबूर किया तो पहाड़ी लोगों ने बगावत कर दी।

3. पहाड़ी लोग अल्लूरी सीताराम राजू के नेतृत्व मे संगठित हो गए ।  यद्यपि अल्लूरी सीताराम राजू महात्मा गांधी की महानता के गुण गाते थे तथापि उन्होंने यह दावा भी किया कि भारत अहिंसा के बल पर नहीं बल्कि केवल बल प्रयोग के जरिए ही आजाद हो सकता है।

4.गूडेम विद्रोहियों ने पुलिस थानों पर हमले किए, ब्रिटिश अधिकारियों को मारने की कोशिश की और स्वराज प्राप्ति के लिए गुरिल्ला युद्ध चलाते रहे। 1924 में राजू को फाँसी दे दी गई।


Q. 173090 अवध में किसान आंदोलन के विकास के बारे में बताइये।
Right Answer is:

SOLUTION

अवध में बाबा रामचंद्र द्वारा किसान आंदोलन का नेतृत्व किया गया था।

1.उनका आंदोलन तालुकदारों और जमींदारों के खि़लाफ था जो किसानों से भारी-भरकम लगान और तरह-तरह के कर वसूल कर रहे थे। किसानों को बेगार करनी पड़ती थी। किसानों को जमींदारों के खेतों मे काम करना पड़ता था जिसके बदले मे उन्हें कोई मजदूरी प्राप्त नहीं होती थी।

2.आंदोलन के जरिये किसानों की माँग थी कि लगान कम किया जाए, बेगार खत्म हो और दमनकारी जमींदारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए।

3.खुद काश्त सभा जवाहर लाल नेहरू, बाला रामचंद्र और कुछ अन्य लोगों की अध्यक्षता में स्थापित की गई थी ।

4.किसानों के आंदोलन में ऐसे स्वरूप विकसित हो चुके थे जिनसे कांग्रेस का नेतृत्व खुश नहीं था। 1921 में जब आंदोलन फैला तो तालुकदारों और व्यापारियों के मकानों पर हमले होने लगे, बाजारों में लूटपाट होने लगी और अनाज के गोदामों पर कब्जा कर लिया गया।


Q. 173091 भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन का क्या प्रभाव पड़ा था?
Right Answer is:

SOLUTION

स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलनों का भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर व्यापक प्रभाव पड़ा था।

1. दोनों आंदोलनों ने एक समान लक्ष्य हेतु कार्य करने के लिए लोगों को एकजुट किया।

2. लोगों ने अपने अधिकारों के लिए उनकी आवाज उठायी और उन्होने स्वदेशी वस्तुओं का उत्पादन करना शुरू कर दिया; और कारखानों की स्थापना की। कलकत्ता पॉटरीज, बंगाल लक्ष्मी कॉटन मिल्स इसके कुछ उदाहरण थे।

3. स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और विदेशी माल के बहिष्कार ने ब्रिटिश उद्योगों के पतन का नेतृत्व किया।

4. अधिकांश भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन से भावनात्मक रूप से जुड़ गए थे। इस समय लोगों को प्रेरित करने के लिए कई कवियों ने राष्ट्रीय गीतों की रचना की ।

5. 1870 के दशक में बंकिमचन्द्र चटर्जी ने मातृभूमि की स्तुति के रूप में ‘वन्दे मातरम्’ गीत लिखा था एवं आनन्दमठ की रचना की थी जिसने राष्ट्रिय एकता की भावना जागृत की ।


Q. 173092 भारत छोडो आन्दोलन के कारणों की विवेचना कीजिये ?
Right Answer is:

SOLUTION

क्रिप्स मिशन की असफलता :- क्रिप्स प्रस्तावों को ब्रिटिश सरकार द्वारा वापस लिए जाने से भारत और ब्रिटेन दोनों पर  विपरीत प्रभाव पड़ा । इस उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध में अपने सहयोगियी अमरीका और चीन को संतुष्ट करने पूर्व अनुमानित असफलताओं का उत्तरदायित्व भारतीय जनता पर डालना था

आर्थिक स्थिति बिगड़ गयी :-  युद्ध की स्थिति की आशंका से वस्तुओं के दाम बढ़ने लगे जिससे लोगो की परेशानियाँ बहुत बढ़ गयी थीं

जापानी आक्रमण का भय :-  जापान ने सिंगापुर, मलाया और बर्मा में अंग्रेजों को पराजित किया। इस कार्यवाही से भारत की जनता में भी भय व्याप्त हो गया महात्मा गाँधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं का विचार था कि अंग्रेज भारत कि रक्षा करने में असमर्थ हैं । इन लोगो का यह मानना था कि अंग्रेज अगर शासक  के रूप में भारत को छोड़ कर चले जाये तो जापान शायद भारत पर आक्रमण नहीं करेगा

पूर्व बंगाल में भय का आतंक :- इस समय में पूर्व बंगाल में भय और आतंक का राज्य था ब्रिटिश सरकार ने अपने उद्देश्य के लिए किसानों की भूमि पर अपना अधिकार कर लिया था । अंग्रेजों ने सैकड़ों देशी नावों को नष्ट कर दिया जिससे हजारों परिवार का घर चलता था शासन के इस कार्य से लोगो को दुखों में और वृद्धि हो गयी।

बर्मा में भारतीयों के प्रति अमानवीय व्यवहार :- बर्मा पर जापान का आक्रमण हुआ था जिसमें जापान की विजय हुई थी । बर्मा में भारतीयों पर अमानवीय व्यवहार होने लगा बर्मा से जो भारतीय शरणार्थी आये । उन्होंने अपनी दशा सुनाई गवर्नर जरनल की कार्यकारिणी परिषद् के सदस्य मि० अणे, पं० ह्दयनाथ कुंजरू, मि० डाम के साथ बर्मा में भारतीयों की स्थिति देखने के लिए गये यह समाचार सुनकर गाँधीजी को बहुत कष्ट हुआ


Q. 173093 कैबिनेट मिशन क्या था मुस्लिम लीग ने इसकी योजनाओ को क्यों अस्वीकार किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

द्वितीय विश्व युद्ध कि समाप्ति के बाद 19 फरवरी 1946 ई० को लार्ड पैथिक लारेंस ने हाउस ऑफ़ लार्ड्स में घोषणा की कि मंत्रिमंडल का शिष्टमंडल भारत जायेगा और वायसराय कि सहायता के भारतीय नेताओं से राजनीतिक मामलों पर बातचीत करेगा । शिष्टमंडल  24 मार्च 1946 ई० को दिल्ली पहुँचा

 शिष्टमंडल ने भारतीयों के लिए संविधान-सभा बनाने का सुझाव दिया । इस प्रकार गठित संविधान-सभा हिन्दू, मुस्लिम और सिख तीन गुटों के आधार पर तीन भागों में बांटी जानी थी। तीनों गुट अपने-अपने प्रान्तों के लिए संविधान का निर्माण करेंगे तथा तीनों मिलकर एक संघीय संविधान का भी निर्माण करेंगे ज्योहीं संविधान अस्तित्व में आयेगा त्योहीं अंग्रेजों की सर्वोच्चता  समाप्त  हो जायेगी । शिष्टमंडल का यह भी सुझाव था कि एक अन्तरिम सरकार बनायीं जाय, जिसे मुख्य रूप से सभी प्रमुख भारतीय राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त हो।    2 सितम्बर, 1946  को अन्तरिम सरकार का गठन घी हो गया।

 

मुस्लिम लीग का विरोध :- पाकिस्तान की मांग को पूर्ण  होते देखकर  लीग ने शिष्टमंडल की योजना को अस्वीकार कर दिया और उन्होंने 16 अगस्त 1946 ई० को प्रत्यक्ष कार्यवाही का निर्णय किया । मुस्लिम लीग ने इसे प्रत्यक्ष दिवस के रूप में मनाने का निश्चय किया।

पूर्वी बंगाल, नोआखाली और बिहार में हिन्दू जनता पर अत्याचार हुए।  फिर उत्तर प्रदेश और मुंबई में भी सांप्रदायिक दंगे शुरू हो गये । इधर वायसराय ने पं० जवाहर लाल नेहरु की अंतरिम सरकार बनाने का निमंत्रण दिया । मुस्लिम लीग ने पहले तो सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया। किन्तु वायसराय के पुनः सुझाव देने पर मुस्लिम लीग सरकार में शामिल हो गयी लेकिन लीग ने संविधान सभा में सम्मिलित होना स्वीकार  नहीं किया । सभ की बैठक 9  दिसम्बर,  1946 ई० को संविधान-सभा की पहली बैठक संपन्न  हुई।


Q. 173094 निम्न स्थानों को चिन्ह्न द्वारा दिए गए भारत मानचित्र पर नाम सहित दर्शाइए-1 वह स्थान जहाॅ मोहम्मडन एंग्लो-ओरियण्टल काॅलेज की स्थापना हुई। 2. वह नगर जहाॅ चन्द्रशेखर आजाद ने आत्म बलिदान किया था। 3. वह नगर जहाॅँ पल्लवों की राजधानी थी। 4. वह स्थान जहाॅ महात्मा गाॅधी पैदा हुए थे। 5. वह नगर जहाॅ बेगम हजरत महल ने क्रांतिकारियों का नेतृत्व किया।
Right Answer is:

SOLUTION

1 vyhx<

2 vYQszM ikdZ&bykgckn

3 dkWph &rfeyukMqA

4 iksjcanj&xqtjkr

5 y[kuÅ


Q. 173095 मानचित्र में दर्शाइये: (1) भारत के राजनीतिक रेखा मानचित्र में 1) बारदोली 2) कोलकाता (2) भारत के मानचित्र में तीन लौह एवं इस्पात संयंत्रों को दर्शाइये ।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 173096 भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में महात्मा गांधी द्वारा चलाये गये आन्दोलनों का मूल्यांकन कीजिए। [ 2 + 2 + 2 ]
Right Answer is:

SOLUTION

भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में जितना योगदान महात्मा गांधी का है सम्भवतः उतना किसी और भारतीय का नहीं है। 1919 . से 1947 . तक या स्वतंत्रता प्राप्ति तक आप भारत की राजनीति पर इस प्रकार छाये रहे कि बहुत से इतिहासकारों नेइस काल कोगांधी युग का नाम दिया है। यह कोई अतिशयोक्ति नहीं।

(1) देश के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लेते हुए उन्होंने अन्य नेताओं कोमार्ग-दर्शन भी किया। आपने अहिंसा की नीति अपनाकर शांतिपूर्ण ढंग से शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार को झुका दिया।

(2) आपने स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए कोई सशस्त्र संघर्ष या क्रांति नहीं कीबल्कि असहयोग, सत्याग्रह, बहिष्कार, स्वदेशी आंदोलन आदि शांतिपूर्ण हथियारों का प्रयोग किया।

(3) आपने हिन्दू-मुस्लिम एकता को बनाए रखने के लिए बहुत प्रयत्न किये ताकि अंग्रेजों द्वारा अपनायी गयीफूट डालो और राज्य करोकी साम्प्रदायिकतापूर्ण नीति सफल हो सके।

(4) आपने हरिजनों को पूर्ण सम्मान दिलाया और सदियों से उनके साथ होने वाली अन्याय को दूर किया।

(5) वास्तव में गांधी जी देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए सदातैयार रहते थे। ऐसा करते हुए कई बार गोलियों के बीच जाना पड़ा, कई बारलाठियाँ खानी पड़ीं और कई बार जेल जाना पड़ा। फिर भी अपने मार्ग पर डटेरहे ओर वीर सेनानी की भाँति अपने देश

Q. 173097 महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए महत्वपूर्ण आंदोलनों पर प्रकाश डालिए।
Right Answer is:

SOLUTION

महात्मा गांधी द्वारा चलाऐ गए महत्वपूर्ण आंदोलन -’भारत छोड़ो आंदोलनक्रिप्स मिशन की विफलता के बाद कांग्रेस को ब्रिटिश साम्राज्यवादी सरकार से समझौते की कोई आशा नहीं रही । इससे देश में निराशा व्याप्त हो गई । देश को निराशा से निकालने व भारत को जापानी आक्रमण से बचाने के लिए गांधीजी ने अंतिम युद्ध के रूप में 1942 में भारत छोड़ों आंदोलन की घोषणा की । गांधीजी ने घोषणा करते हुए कहा कि “यह मेरे जीवन का अंतिम संघर्ष है या तो हम विजयी होंगे या मर जाऐंगे।“ इस आंदोलन के लिए उन्होंने ’करो या मरो’ का नारा दिया । 8 अगस्त 1942 ई. को ’भारत छोड़ो’ प्रस्ताव पारित कर दिया गया ।असहयोग आंदोलन सन् 1920 में रोलेट एक्ट व जालियाँवाला हत्याकांड के विरोध में महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन की घोषणा की पर फरवरी 1922 ई. में उ.प्र. के गोरखपुर के चैरा-चैरी में हुए हत्याकांड के कारण गांधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया । इस आंदोलन के द्वारा गांधीजी ने जनता में नयी चेतना का संचार किया ।सविनय अवज्ञा आंदोलन1928 ई. में साइमन कमीशन के विरोध व 1929 ई. में कांग्रेस द्वारा ’पूर्ण स्वराज’ की माँग रखे जाने के समर्थन में गाँधीजी के नेतृत्व में यह आंदोलन प्रारंभ हुआ । 12 मार्च 1930 गांधीजी ने नमक कानून तोड़ने के लिए दांड़ी यात्रा - अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से प्रारम्भ की। अग्रेजी सरकार ने दमन चक्र चलाया व गांधीजी को गिरफ्तार कर लिया । जनता भड़क उठी व जगह-जगह हड़ताल, प्रदर्शन व धरने दिए गये । जनवरी 1931 में गांधी - इरविन के मध्य समझौता हुआ व आंदोलन वापस ले लिया गया ।


Q. 173098 भारत छोडो आंदोलन पर प्रकाश डालिए व भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर इसके प्रभाव की विवेचना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

भारत छोडो आंदोलन -क्रिप्स मिशन की विफलता के बाद कांग्रेस को ब्रिटिश साम्राज्यवादी सरकार सेसमझौते की कोई आशा नहीं रही । इससे देश में निराशा व्याप्त हो गई । देश को निराशा से निकालने वभारत को जापानी आक्रमण से बचाने के लिए गांधीजी ने अंतिम युद्ध के रूप में 1942 में भारत छोड़ोंआंदोलन की घोषणा की । गांधीजी ने घोषणा करते हुए कहा कि “यह मेरे जीवन का अंतिम संघर्ष हैया तो हम विजयी होंगे या मर जाऐंगे।“ इस आंदोलन के लिए उन्होंने ’करो या मरो’ का नारा दिया। 8 अगस्त 1942 ई. को ’भारत छोड़ो’ प्रस्ताव पारित कर दिया गया ।भारत छोड़ो आंदोलन के कारण - 1) क्रिप्स मिशन की असफलता ने कँागे्रसियों को निराश कर दिया था । 2) जापान के आक्रमण का भय व्याप्त हो गया था । 3) हर मोर्चे पर ब्रिटिश फौजों की पराजय हो रही थी म्यांमार व सिंगापुर ब्रिटिश सरकार को छोड़ने पड़े थे । 4) ब्रिटिश रक्षा व्यवस्था पर भारतीयों को भरोसा नहीं रहा था । 5) बर्मा में भारतीयों के साथ अंग्रेजों ने दुव्र्यवहार किया था । 6) सुभाषचंद्र बोस द्वारा आजाद हिन्द फौज का गठन व जर्मनी का सहयोग । 7) युद्ध काल में भारत में हुए विनाश व भारतीयों के कष्टों के प्रति ब्रिटिश सरकार का रूखा रवैया ।भारत छोड़ों आंदोलन का स्वरूप - 8 अगस्त की अर्धरात्रि को ’भारत छोड़ो’ प्रस्ताव पारित करते ही सुबह 9 अगस्त की प्रातः ही सभी कांग्रेसी नेताओं को कैद कर लिया गया । गांधीजी के ’करों या मरो’ नारे ने जनता को उद्वेलित कर दिया था । नेताओं की गिरफ्तारी ने जनता को बेकाबू कर दिया था । अतः संपूर्ण भारत में हड़ताल विरोध प्रदर्शन किए जाने लगे । जगह-जगह विद्रोहियों ने सरकारी भवनों में आग लगा दी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया । आंदोलन को दबाने के लिए अंग्रेजों ने बड़ा क्रूर व्यवहार किया । हर जगह पुलिस व आंदोलनकारियों के बीच झड़पें होने लगी कई हजारों लोगों की जान चली गई । सरकारी दमन अत्याधिक कठोरता से लागू किया जा रहा था । तथापि आंदोलन को दबाया नहीं जा सका । यहाँ तक कि बंबई के सतारा व उ.प्र. के बलिया में अंग्रेजी शासन का अंत कर दिया गया व स्वतंत्र सरकार की स्थापना कर दी गई । इस आंदोलन ने ब्रिटिश साम्राज्य की जड़ों को भारत से हिला दिया था । अनेक नेताओं ने भूमिगत रहकर इस आंदोलन का संचालन किया था । इस आंदोलन ने भारत की एकता व राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत बनाया व अंग्रेजों को यह अनुभव करा दिया कि अब भारत को अपने अधीन रखना नामुमकिन है ।


Q. 173099 सीलोन और मलाया वह जगह थीं जहाँ बंधुआ मज़दूर भारत के इस हिस्से से लाये जाते थे


A. उत्तर प्रदेश

B. बिहार

C. तमिलनाडु

D. आंध्र प्रदेश

Right Answer is: C

SOLUTION

तमिल बंधुआ मज़दूर इन इलाक़ों में बागानों में काम करने के लिए लाये जाते थे।


Q. 173100 इरिट्रिया स्थित है -


A. पश्चिम अफ्रीका

B. दक्षिण अफ्रीका

C. उत्तरी अफ्रीका

D. पूर्वी अफ्रीका

Right Answer is: D

SOLUTION

इरिट्रिया, 1885 में इटली के कब्जे में था। इतालवियों की मौजूदगी कीट की एक घातक बीमारी लायी। यह बीमारी इतालवी सैनिकों को खिलाने के लिए ब्रिटिश एशिया से आयात मवेशियों के साथ पहुंची।


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