CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 173301 जलयोजन के कारण निर्मित मृदा है:


A.

जलोढ़

B.

पीली

C.

मरुस्थली

D.

लाल

Right Answer is: B

SOLUTION

पीली मृदा का निर्माण लौह धातु के जलयोजन के कारण होता है। फेरिक ऑक्साइड की उपस्थिति मृदा के रंग को पीला बनाता है।


Q. 173302 10% से कम बोए गए क्षेत्र वाले राज्य हैं:


A.

बिहार

B.

पश्चिम बंगाल

C.

असम

D.

अरुणाचल प्रदेश

Right Answer is: D

SOLUTION

अरुणाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है। यह बीहड़, असमान और चट्टानी इलाकों वाला क्षेत्र है| इसलिए यहाँ खेती के लिए उपलब्ध कुल क्षेत्र बहुत कम है।


Q. 173303 उत्तर प्रदेश में भूमि निम्नीकरण का मुख्य कारण है:


A.

खनन

B.

अत्यधिक सिंचाई

C.

लवणता

D.

जल भराव

Right Answer is: B

SOLUTION

उत्तर प्रदेश में हरित क्रांति सफल रही है। इसमें उर्वरक और सिंचाई के अत्यधिक उपयोग की आवश्यकता के कारण मृदा का निम्नीकरण होता है।


Q. 173304 एक ही ऊंचाई पर समानांतर हल चलाने को कहा जाता है:


A.

सोपान कृषि

B.

पट्टी फसल

C.

समोच्च जुताई

D.

वृक्षारोपण खेती

Right Answer is: C

SOLUTION

ढाल वाली भूमि पर समोच्च रेखाओं के समानांतर हल चलाने से ढाल के साथ जल बहाव की गति घटती है। इसे समोच्च जुताई कहा जाता है।


Q. 173305 भारत में खनिजों का संचय कोष है:


A.

उत्तरी मैदान

B.

दक्कन पठार

C.

हिमालय के पर्वत

D.

थार मरुस्थल

Right Answer is: B

SOLUTION

दक्कन पठार जीवाश्म ईंधन, खनिज के भंडार और वन की दृष्टि से समृद्ध हैं। यहाँ खनिजों की अधिकतम मात्रा पाई जाती है।


Q. 173306 वर्षा के मौसम में चिपचिपी हो जाने वाली भारत की मृदा है:


A.

जलोढ़

B.

लाल

C.

काली

D.

पर्वतीय

Right Answer is: C

SOLUTION

काली मिट्टी की प्रकृति मृत्तिकावत् होती है। इसलिए, बरसात के मौसम के दौरान यह चिपचिपी हो जाती है।


Q. 173307 लाल मृदा के लाल होने का कारण है:


A.

पोटाश

B.

लोहा

C.

फास्फोरस

D.

ह्यूमस

Right Answer is: B

SOLUTION

इन मृदाओं का लाल रंग रवेदार चट्टानों में लौह धातु के प्रसार के कारण होता है।


Q. 173308 प्रौद्योगिकी जिसके लिए नवीनतम ज्ञान का अनुप्रयोग होता है, वह है:


A.

विकास के लिए

B.

नष्ट करने के लिए

C.

संशोधन के लिए

D.

उपयोग के लिए

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रौद्योगिकी चीजों को विकसित करने में मदद करती है| उदाहरण के लिए, तकनीक की मदद से बहते जल का उपयोग बिजली उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।


Q. 173309 बंजर भूमि का क्या आशय है?


A.

पहाड़ी चट्टानें, सूखी और मरुस्थलीय

B.

स्थायी चारागाह वाली भूमि

C.

वन आच्छादित भूमि

D.

परती भूमि

Right Answer is: A

SOLUTION

बंजर भूमि में पहाड़ी चट्टानें, सूखी और मरुस्थलीय भूमि शामिल हैं और यह खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती हैं।


Q. 173310 जलोढ़ मृदा वाले क्षेत्रों में जनसँख्या घनत्व अधिक होता है, क्योंकि:


A.

विशाल खनिज भंडार पाए जाते हैं।

B.

भूमि को यहाँ परती छोड़ा जा सकता है।

C.

अधिक उपजाऊ होने के कारण इन क्षेत्रों में खेती अधिक होती है।

D.

लोगों का मुख्य व्यवसाय मछली पकड़ना है और यहाँ अनेक नदियाँ हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

जलोढ़ मृदाएँ बहुत उर्वर होती हैं जो गन्ने, चावल, गेहूँ और अन्य अनाजों की खेती के लिए उपयुक्त होती हैं। अधिक उपजाऊ होने के कारण जलोढ़ मृदा वाले क्षेत्रों में गहन कृषि की जाती है और यहाँ जनसंख्या घनत्व भी अधिक होता है।


Q. 173311 बाँगर मिट्टी का निर्माण कैसे होता है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बाँगर मिट्टी नदियाँ द्वारा लाकर बिछायी गयी मिट्टियाँ है।  जो नदियों के पार्श्वर्तित भागों में उन क्षेत्रों में मिलती है।  जहाँ नदियों की बाढ़ का जल ऊँचाई के कारण पहुँच नहीं पाता


Q. 173312 उत्तरी मैदानों की पंप मिट्टियों को कितने भागो में बाँटा जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उत्तरी मैदानों की काँप मिट्टियों को उत्पति, संरचना तथा उपजाऊपन के आधार पर तीन उप-विभागों में बाँटा जा सकता है।  
1.  पुरातन जलोढ़ या बांगर 
2. नवीन जलोढ़ या खादर 
3. नूतन जलोढ़


Q. 173313 काँप मिट्टी में किन किन पोषक तत्वों की कमी एवं अधिकता होती हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

काँप मिट्टी में नत्रजन, फास्फोरस और वनस्पति के अंश की कमी होती है। परन्तु पोटाश और चूना पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।


Q. 173314 वेलम का क्या अर्थ है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चर्म-पत्र या जानवरों के चमड़े से बनी लेखन की सतह को वेलम कहते थे ।


Q. 173315 जोहान गुटेनबर्ग द्वारा मुद्रित पहली पुस्तक का नाम बताइये ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बाइबिल जोहान गुटेनबर्ग द्वारा मुद्रित पहली पुस्तक थी।
 


Q. 173316 शब्द इन्क्वीशीशन का अर्थ स्पष्ट कीजिये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

इन्क्वीशीशन (धर्म-अदालत): विधर्मियों जो चर्च की मान्यताओं को अस्वीकारते थे की शिनाख़्त करने और उन्हें सजा देने वाली भूतपूर्व रोमन कैथोलिक संस्था थी।  

 

 


Q. 173317 शब्द निरंकुशवाद का क्या अर्थ है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निरंकुशवाद: राजकाज की ऐसी व्यवस्था, जिसमें किसी एक व्यक्ति को संपूर्ण शक्ति प्राप्त हो, और उस पर न कानूनी पाबंदी लगी हो, न ही संवैधनिक।

 


Q. 173318 शब्द उकियो को स्पष्ट कीजिये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उकियो 17 वीं और 20 वीं शताब्दी के बीच उत्पन्न हुई कला का एक रूप था।शब्द उकियो का अंग्रेजी मे शाब्दिक अर्थ तैरती दुनिया होता है। इस शैली मे स्थलाकृतियों, इतिहास की कहानियों,रंगमंच, आमोद-प्रमोद के स्थान के चित्र बनाए गए । जापान में एदो में पैदा हुए कितागावा उतामारो ने इस नयी चित्रकला शैली को विकसित किया था। बाद मे यह छपाई कला पश्चिमी देशों मे भी लोकप्रिय हो गई और इसने मानेत, मोने और वान गॉग जैसे चित्रकारों को प्रभावित किया।


Q. 173319 विधर्मी कौन लोग थे ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विधर्मी वे लोग होते हैं जो चर्च की परम्परागत मान्यताओं से असहमत हो। मध्यकाल में विधर्मीयों या धर्म-द्रोहियों को चर्च के आस्था, और विश्वास पर निर्णय लेने के अधिकारों के लिए एक चुनौती के रूप में देखा गया।


Q. 173320 जापान में हस्त-मुद्रण तकनीक की शुरूआत किसने की थी और जापान में छपी पहली किताब कौनसी थी ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चीनी बौद्ध प्रचारक छपाई की तकनीक लेकर जापान आए। जापान की सबसे पुरानी, 868 ई. में छपी, पुस्तक डायमंड सूत्रा है, जिसका एक लंबा और गहन इतिहास है।

1.इसमें 8 पाठों के साथ-साथ काठ पर खुदे चित्र हैं। यह अक्सर बौद्ध मठों में स्मरण की जाती हैं और गायी जाती है

2॰ तसवीरें अकसर कपड़ों, ताश के पत्तों और कागज़ के नोटों पर बनाई जाती थीं।

मध्यकालीन जापान में कवि भी छपते थे और गद्यकार भी, और किताबें सस्ती और सुलभ थीं।


Q. 173321 इटली में कागज तकनीक की शुरूआत किसने की थी ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1॰ 1295 ई. में मार्को पोलो नामक महान खोजी यात्री चीन में काफी साल व्यतीत करने के बाद इटली वापस लौटा। चीन के पास वुडब्लॉक (काठ की तख़्ती) वाली छपाई की तकनीक पहले से मौजूद थी।

2॰मार्को पोलो यह छपाई तकनीक का ज्ञान सीखकर इसे अपने साथ लेकर इटली लौटा।

3॰ अब इतालवी भी तख़्ती की छपाई से किताबें निकालने लगे और जल्द ही यह तकनीक बाव्फी यूरोप में फैल गई।


Q. 173322 प्राचीन भारत में पांडुलिपिया कैसे बनाई गई थी ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. भारत की संस्कृत,  में अरबी, फारसी और में हाथ से लिखा पांडुलिपियों का और पुरानी परंपरा के साथ ही विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं का चलन था।

2. हथेली, हाथ से बने कागज पर या पेड़ों भी छाल को पांडुलिपि लिखने के लिये सामग्री रूप में इस्तेमाल किया गया और उनकी नक़ल की गई।
3. पेज को खूबसूरत बनाने के लिये लकड़ी के कवर के साथ कवर किया जाता था और उनका संरक्षण सुनिश्चित किया गया।


Q. 173323 विधर्मिय कौन थे?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विधर्मिय लोग चर्च के पारंपरिक विचारों का पालन नहीं करते हैं।
मध्ययुगीन काल में
, विधर्म को चर्च के अधिकार के लिए एक खतरे के रूप में देखा गया था। विधर्मयो के विचारों को रोमन चर्चो द्वारा रोका गया। जो लोग इन मान्यताओं का पालन नहीं करते उन्हें कठोर सजा दी गई;

उधारण के लिए  मनोच्चिनो, इटली का एक मिलर ने बाइबिल के संदेशो की पुनर्व्याख्यायें शुरू की और भगवान के प्रति अपने विचार रखें। इस ने रोमन कैथोलिक चर्चो को नाराज कर दिया । इस के परिणाम सवरुप उसे दो बार घसीटा गया था और अंत में मार डाला गया था ।


Q. 173324 प्रिंट प्रौद्योगिकी का सबसे पहले कहाँ विकास किया गया था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रिंट प्रौद्योगिकी को चीन, जापान और कोरिया में सबसे पहले विकसित किया गया था। वहाँ हाथ द्वारा छपाई की व्यवस्था थी ५९४ ई, में चीन में पुस्तकों के कागज को रगड़ मुद्रित द्वारा छापा जाता था उन्होंने लकड़ी के खाचो द्वारा भी छपाई का आविष्कार किया, पतली, झरझरा चादर के दोनों ओर छापा नहीं जा सकता था पारंपरिक चीनी दस्तावेजो को कुशल कारीगरों द्वारा मोड़ना और सिलना बहुत सुंदर ढ़ंग के किया जाता था


Q. 173325 छपाई संस्कृति ने भारत में राष्ट्रवाद के विकास को सहायता प्रदान की थी। कैसे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

छपाई संस्कृति ने भारत में राष्ट्रवाद के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

1. स्थानीय भाषा के समाचार पत्र दृढ़तापूर्वक राष्ट्रवादी बन गए। इन पत्रों के माध्यम से औपनिवेशिक कुशासन की सूचना दी गई और राष्ट्रवादी भावना को प्रोत्साहित किया गया।

2. आयरिश प्रेस कानून की तर्ज पर वर्नाकुलर प्रेस एक्ट के लागू होने के बावजूद, देश के सभी भागों में राष्ट्रवादी समाचार पत्रों की संख्या में वृद्धि हुई और इसने भारत के लोगों में राष्ट्रीय भावना के प्रसार में योगदान दिया।

3. इंडियन मिरर, बॉम्बे समाचार, अमृत बाजार पत्रिका, केसरी और द हिंदू जैसे समाचार पत्रों ने देश की राष्ट्रीय राजनीति पर अत्यधिक प्रभाव डाला।

 4.केसरी में अपने लेख के लिए बाल गंगाधर तिलक की कारावास ने पूरे भारत में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन को उकसाया। इस प्रकार, छपाई संस्कृति ने भारतीयों में राष्ट्रवाद के विकास में सहायता की।


Q. 173326 भारत में छपाई संस्कृति का विकास कैसे हुआ था ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. जेसुइट पुजारियों ने कोंकणी सीखी और कई सारी पुस्तिकाएँ छापीं। 1674 ई. तक कोंकणी और कन्नड़ भाषाओं में लगभग 50 किताबें छप चुकी थीं।तमिल और मलयालम पुस्तकों की छपाई शुरू हो गई

2. जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने 1780 से बंगाल गजट नामक एक साप्ताहिक पत्रिका का संपादन शुरू किया, जिसने खुद को यूँ परिभाषित किया, ‘हर किसी के लिए खुली एक व्यवसायिक पत्रिका, जो किसी के प्रभाव में नहीं है।

3. अठाहरवीं सदी के अंत तक कई-सारी पत्र-पत्रिकाएँ छपने लगीं।

4.कुछ हिंदुस्तानी भी अपने अख़बार छापने लगे थे। ऐसे प्रयासों में पहला था राजा राममोहन राय के करीबी रहे गंगाधर भट्टाचार्य द्वारा प्रकाशित बंगाल गजट।


Q. 173327 वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1857 के विद्रोह के बाद प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति रवैया बदल गया। अंग्रेज ‘देसी’ प्रेस को बंद करना चाहते थे क्योंकि वे राष्ट्रवाद के प्रति जागरूकता फैला रहे थे। आइरिश प्रेस कानून के तर्ज पर 1878 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट लागू कर दिया गया। इससे सरकार को भाषाई प्रेस में छपी रपट और संपादकीय को सेंसर करने का व्यापक अधिकार मिल गया। संपादक और प्रेस के मालिकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनके अखबार में किसी भी सरकार विरोधी लेख को प्रकाशित नहीं किया जाएगा उन्हें सरकारी कार्यालय में शपथ पत्र भरने का उत्तरदायी दिया गया था। अगर किसी रपट को बागी करार दिया जाता था तो अख़बार को पहले चेतावनी दी जाती थी, और अगर चेतावनी की अनसुनी हुई तो अख़बार को जब्त  किया जा सकता था और छपाई की मशीनेऔर छपाई की मशीनें छीन ली जा सकती थीं।


Q. 173328 मुद्रण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचारों को सूचीबद्ध कीजिये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

छपाई का कार्य  वीं शताब्दी 6 में चीनी लोगों द्वारा शुरू किया गया था। तत्पश्चात मार्को पोलो के माध्यम से इसकी तकनीक इटली पहुंची और इसके बाद इस तकनीक में कई बदलाव हुए जैसे कि-

1.अठारहवीं सदी के अंत तक प्रेस धातु से बनने लगे थे।

2.उन्नीसवीं सदी के मध्य तक न्यूयोर्क के रिचर्ड एम.हो. ने शक्ति चालित बेलनाकार प्रेस को कारगर बना लिया था। इससे प्रति घंटे 8000 शीट छप सकते थे।

3.सदी के अंत तक ऑफसेट प्रेस आ गया था, जिससे एक साथ छह रंग की छपाई मुमकिन थी।

4.बाद में अन्य नवाचारों की श्रंखला की भी शुरुआत हुई। कागज डालने की विधि में सुधार हुआ, प्लेट की गुणवत्ता बेहतर हुई, स्वचालित पेपर-रील और रंगों के लिए फोटो-विधुतीय नियंत्रण भी काम में आने लगे।


Q. 173329 प्रिंटिंग प्रेस ने दार्शनिकों और वैज्ञानिकों के विचारों के प्रचार-प्रसार में कैसे सहायता की ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रिंटिंग प्रेस ने दार्शनिकों और वैज्ञानिकों के विचारों के प्रचार-प्रसार में मदद की थी

1. वैज्ञानिकों और दार्शनिकों के विचार भी आम जनता की पहुँच के बाहर नहीं रहे।

2. प्राचीन व मध्यकालीन ग्रंथ संकलित एवं प्रकाशित किए गए, और नक़्शों के साथ-साथ वैज्ञानिक ख़ाके भी बड़ी मात्रा में छापे गए।

3 पुनर्जागरण काल के दौरान जब आइजैक न्यूटन जैसे वैज्ञानिकों ने अपने आविष्कार प्रकाशित करने शुरू किए तो उनके लिए विज्ञान-बोध् वाला एक बड़ा पाठक-वर्ग तैयार हो चुका था।

4 टॉमस पेन, वॉल्तेयर, और जीन जेक रूसो जैसे दार्शनिकों की किताबें भी भारी मात्रा में छपने और पढ़ी जाने लगीं।

इस तरह विज्ञान, तर्क और विवेकवाद के उनके विचार लोकप्रिय साहित्य में भी जगह पाने लगे।


Q. 173330 मार्टिन लूथर कौन था?

A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. मार्टिन लूथर जर्मनी का एक महान धार्मिक नेता था
2. उसने रोमन कैथोलिक चर्च की आलोचना की और इसके सुधार के लिए मार्ग प्रशस्त किया।
3. उसने रोमन कैथोलिक चर्च की प्रथाओं और रीति-रिवाजों 95 आलोचनापूर्ण शोध लिखे थे
4. जल्दी ही लूथर के लेखन की विशाल संख्या में प्रतिलिपियाँ तैयार की गई और उन्हें व्यापक रूप से पढ़ा गया
5. इस
के फलस्वरूप चर्च के भीतर विभाजन हो गया और प्रोटेस्टेंट सुधारों की शुरुआत हुई। आंदोलन से कैथोलिक विरोधी ईसाई धर्म की कई परंपराओं का विकास हुआ।

6. धार्मिक आस्था के लूथरवादी पंथ के अनुयायियों को प्रोटेस्टेंट ईसाई के रूप में जाना जाने लगा


Q. 173331 भारत में भूमि के विभाजन का सही प्रतिशत है:


A.

मैदान – 28%, पर्वत – 16%, पठार – 60%

B.

मैदान – 40%, पर्वत – 33%, पठार – 27%

C.

मैदान – 43%, पर्वत – 30%, पठार – 27%

D.

मैदान – 45%, पर्वत – 28%, पठार – 27%

Right Answer is: C

SOLUTION

भारत की अधिकांश भूमि के इलाके मैदानी हैं। भारत में दूसरी सबसे प्रचुर मात्रा पर्वत भू-आकृतियों की है। पठार भारत के प्रायद्वीपीय हिस्से तक ही सीमित हैं। इसलिए ये भारत के स्थालाकृति के अंतिम घटक हैं।


Q. 173332 भारत में अधिकतम वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राज्यों का समूह है:


A.

असम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश

B.

झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार

C.

गोवा, कर्नाटक, केरल

D.

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा

Right Answer is: A

SOLUTION

ये राज्य वन क्षेत्र में समृद्ध हैं। इन राज्यों का 40 से 50% से अधिक क्षेत्र वन के अधीन है।


Q. 173333 पर्यावरण में पाए जाने वाले पदार्थों को संसाधनों में परिवर्तित करने वाला प्रमुख कारक है:


A.

प्रौद्योगिकी

B.

संस्थाएँ

C.

मानव

D.

समाज

Right Answer is: C

SOLUTION

मानव संसाधनों का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। अपने ज्ञान तथा कौशल के आधार पर वह पर्यावरण में पाए जाने वाले पदार्थों को संसाधनों में परिवर्तित कर सकता है।


Q. 173334 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा दिए गए मिट्टी के वर्गीकरण क्या है (इंडियन कौंसिल ऑफ़ एग्रीकल्चरल रीसर्च)?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

क्रम संख्या

क्रम

हजार हेक्टर में क्षेत्र

प्रतिशत

1

इन्सेप्टिसोल

130372.90

39.74

2

एन्टीसोल

92131.71

28.08

3

अल्फिसोल

44448.68

13.55

4

वर्टिसोल      

27960.00

8.52

5

शुष्क मृदा

14069.00

4.28

6

उल्टीसोल

8250.00

2.51

7

मोल्लिसोल

1320.00

.40

     8

अन्य

9503.10

2.92


Q. 173335 जलोढ़ मिट्टी और काली मिट्टी के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जलोढ़ मिट्टी

काली मिट्टी

1. यह एक पहुँचायी गयी मिट्टी है।

1. यह लावा से बनी है और इसे स्थिर मिट्टी के रूप में माना जाता है। यह परिवहन एजेंटों द्वारा उत्पन्न नहीं है।

2. यह कृषि के लिए सबसे महत्वपूर्ण मिट्टी है। यह बनती है जब नदी के अवसाद  अपने भार के साथ ऊपर से निचले प्रवाह के लिए बहती है।

2. यह गहरी दरारें विकसित करता है, वातन  (हवा परिसंचरण) के कारण जो सूखे  की स्थिति से मदद करती है। इसमें नमी बनाए रखने की विशाल क्षमता है।

3. यह विशेष रूप से पोटाश, खनिज से समृद्ध है।

3. जब गीली होती है, तब मिट्टी चिपचिपी हो जाती है और काम करना मुश्किल हो जाता है।


Q. 173336 काली मिट्टी और लेटराइट मिट्टी के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

काली मिट्टी

लेटराइट मिट्टी

1. ये मिट्टी काले रंग की होती हैं और इसे काली मिट्टी कहा जाता है। ये मिट्टी लावा के अपघटन से बनती हैं।

1. इस मिट्टी का रंग पीला होता हैं। ये मिट्टी उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में मिट्टी के घुल कर बह जाने से बनती है।

2. ये मिट्टी में कपास की खेती के लिए उपयुक्त हैं  इसलिए इसे कपासी मिट्टी भी कहा जाता है।

2. ये मिट्टी उर्वरक मिट्टी नही है और केवल बाजरे के लिए उपयुक्त हैं।

3. ये मिट्टी (महाराष्ट्र और गुजरात में) दक्कन के पठार में पायी जाती हैं।

3. ये मिट्टी कर्नाटक, तमिलनाडु और असम में पायी जाती हैं।


Q. 173337 समोच्च जुताई क्या है? कैसे हम मिट्टी क्षय को रोक सकते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समोच्च जुताई: यह खेत या पहाड़ी जुताई या समोच्च लाइनों के बीच ढलवा भूमि को जोतने की एक विधि है अर्थात् ऊपर और नीचे के बजाय आसपास  मुख्य रूप से मिट्टी और जल संरक्षण की दृष्टि से ।

मिट्टी का क्षय : यह जमीन और खेती के अनुचित तरीकों से अतिरिक्त उपयोग करने के कारण मिट्टी की उर्वरक क्षमता के नुकसान से संदर्भित है। हम मिट्टी क्षय को निम्नलिखित तकनीक अपनाकर रोक सकते हैं:

1. भूमि परती रखते।

2. फसलों का क्रमावर्तन करके।

3.फसलों के युग्म द्वारा।


Q. 173338 मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने के लिए कुछ उपाय सुझाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मिट्टी की परत का अनाच्छादन और मिट्टी के पानी से द्वारा घुलकर बहने को मिट्टी कटाव के रूप में वर्णित किया जा सकता है। मिट्टी का कटाव निम्नलिखित तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है:

1. कटाव प्रतिबंधित करने के लिए छतों पर ढलान को खत्म किया जा सकता है।

2. बड़े क्षेत्रों को हवा के बल को रोकने के लिए स्ट्रिप्स में विभाजित किया जा सकता है।

3. पौधों को बढ़ाकर रेत के टीलों का स्थिरीकरण।

4. तटीय क्षेत्रों पर पंक्तियों में पेड़ों की पौधरोपण ।

5. खेती की दोषपूर्ण उपायों की जांच करना।

6. समोच्च पंक्तियों में जुताई।


Q. 173339 मिट्टी कटाव के लिए मुख्य कारण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मिट्टी कटाव के मुख्य कारणों को दो भागों में बांटा जा सकता है: मानवीय और प्राकृतिक कारक

मानवीय कारक हैं: प्राकृतिक कारक हैं:

वनों की कटाई से हवा

खनन पानी

ग्लेशियरों का निर्माण

तेजी से चराई


Q. 173340 कौनसी फसल लेटराइट मिट्टी में उत्पादित होती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेटराइट मिट्टी का गठन पानी में घुलकर बहने की वजह से होता है; इसलिए इसमें पोषक तत्व कम है और ह्यूमस सामग्री कम है। केरल के पहाड़ी क्षेत्रों में, कर्नाटक और तमिलनाडुयह मिट्टी चाय और कॉफी के लिए उपयुक्त है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में लाल लेटराइट काजू उत्पादन के लिए उपयुक्त है। यह उर्वरक और खाद की पर्याप्त खुराक के साथ संभव है।


Q. 173341 भारत की बंजर भूमि के वितरण के बारे में बताइए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत की बंजर भूमि के वितरण के बारे में बताइए?

मानव गतिविधियों न केवल भूमि की गिरावट के बारे है बल्कि प्राकृतिक बलों की गति में वृद्धि के कारण भूमि के क्षय को दर्शाता है। कुल भूमि में से 130 मिलियन हेक्टेयर दोषपूर्ण है:

भूमि क्षेत्र का लगभग 28% वन दोषपूर्ण क्षेत्र है

देश की कुल दोषपूर्ण क्षेत्र का 56% पानी द्वारा कटा हुआ क्षेत्र है

वायु द्वारा 10% क्षेत्र का कटाव हुआ है और

कुल का खारा और क्षारीय द्वारा कटाव 6% है।                                                                                                                                                                                                                                                                             


Q. 173342 कुछ देशों के अन्य देशों में उपनिवेश क्यों थे?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उपनिवेशन के इतिहास से पता चलता है कि जो उपनिवेश संसाधनों से समृद्ध थे वे विदेशी आक्रमणकारियों के लिए मुख्य आकर्षण थे। देशी बस्तियो में तकनीकी विकास के उच्च स्तर पर था जिसने अन्य क्षेत्रों में संसाधनों के दोहन में मदद की। इसने अंत में अपना वर्चस्व स्थापित करने में उनकी मदद की।


Q. 173343 "संसाधन असमान रूप में भारत में वितरित हैं।" उदाहरण द्वारा समझाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संसाधन बहुत असमान रूप से वितरित हैं। ये वे क्षेत्र हैं जिन्हे आत्मनिर्भर कहा जा सकता है जबकि वहाँ दूसरे हैं जहाँ भारी कमी है। उदाहरण के लिए राजस्थान पवन और सौर ऊर्जा क्षेत्र से बहुत समृद्ध है लेकिन जल संसाधनों का अभाव है। अरुणाचल प्रदेश प्रचुर मात्रा में पानी है लेकिन ढांचागत विकास की कमी है। लेह-लद्दाख सांस्कृतिक विरासत में समृद्ध है लेकिन अलग है।


Q. 173344 काली मिट्टी की विशेषताओं को बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत की मिट्टी की अनेक किस्में है,

भारत में पायी जाने वाली मिट्टियो में से एक काली मिट्टी है। इसकी विशेषताएं हैं:

1) यह मिट्टी काले रंग की हैं और इसे दोमट मिट्टी के रूप में भी जाना जाता है।

2) इसमें गर्मी के मौसम के दौरान दरारें विकसित हो जाती है जिससे इसकी जुताई मुश्किल हो जाती हैं।

3) वे कपास की फसल के लिए आदर्श हैं; इसलिए इसे कपासी मिट्टी के रूप में भी जाना जाता है।


Q. 173345 संसाधन योजना के विभिन्न चरणों की सूची बनाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संसाधन योजना के विभिन्न चरण:

(i)  देश के विभिन्न क्षेत्रों में संसाधनों की पहचान और खोज जिसमे सर्वेक्षण मानचित्रण और संसाधनों का मापन शामिल है।

(ii)   उपयुक्त प्रौद्योगिकी कौशल के साथ एक योजनागत संरचना का ढांचा तैयार करना और संस्थानों संसाधन विकास योजनाओं को लागू करने के लिए स्थापित करना

(iii) समग्र राष्ट्र विकास योजनाओं के साथ संसाधन विकास योजनाओं का निर्माण।


Q. 173346 संसाधन समृद्ध देशों और संसाधन की कमी वाले देशों के बीच अंतर अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संसाधन समृद्ध देश

1. संसाधन समृद्ध देश मूल रूप से वे हैं जो प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण होते हैं जैसे जंगल, पानी आदि।

2. भारत संसाधन से समृद्ध है लेकिन प्रौद्योगिकी की कमी के कारण उनमें से ज्यादातर संभावित संसाधन हैं।

संसाधन की कमी वाले देश

1.  संसाधन की कमी वाले देश वे हैं जहाँ संसाधनो की कमी है।

2.   जापान में कोई भी संसाधन का आधार नही है लेकिन वे तकनीकी कौशल और प्रतिभा में समृद्ध हैं।


Q. 173347 भारत में उच्चावच विशेषताओं की एक विस्तृत विविधता है जो सबसे महत्वपूर्ण संसाधन हैं। वक्तव्य का औचित्य सिद्ध करो।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में उच्चावच विशेषताओं की एक विस्तृत विविधता है जैसे पहाड़, मैदान और पठार।

(i) भूमि क्षेत्र के लगभग 43% मैदान है जो कृषि और उद्योग के लिए सुविधाएं प्रदान करते है।

(ii) पहाड़ों का भूमि क्षेत्र 30% है जो पर्यटन और पारिस्थितिक पहलुओं के लिए सुविधाएं प्रदान करता है। यह कुछ नदियों के बारहमासी प्रवाह को भी सुनिश्चित करता है।

(iii) पठारी क्षेत्र 27% माना जाता है इसे खनिजों के लिए एक गोदाम के रूप में भी माना जाता है।


Q. 173348 संसाधन क्या है? उत्पत्ति के आधार पर संसाधनों को वर्गीकृत करे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संसाधन वे पदार्थ हैं जो मानव की जरूरत को पूरा करने के लिए प्रयोग किये जाते है। उत्पत्ति संसाधनों के आधार पर निम्न रूपों में वर्गीकृत किया जाता है:

(i) जैविक - ये प्रकृति और जीवन से प्राप्त किये जाते हैं है जैसे- मनुष्य, वनस्पति और जीव आदि

(ii) अजैविक- सभी निर्जीव चीजो को अजैव संसाधन के रूप में जाना जाता है। उदाहरण के लिए -चट्टाने और धातु।


Q. 173349 निर्वातनीयता के आधार पर संसाधनों को वर्गीकृत कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निर्वातनीयता के आधार पर संसाधनों का वर्गीकरण इस प्रकार है:

(i) अक्षय संसाधन - संसाधन जिन्हे भौतिक,रासायनिक और यांत्रिक प्रक्रिया द्वारा नए सिरे या  पुनः उत्पादित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए सौर, ज्वार और पवन ऊर्जा।

(ii) गैर- अक्षय संसाधन- जो बहुत लंबे भूवैज्ञानिक समय के साथ पाए जाते हैं, उनके निर्माण में लाखों साल लगते है और ये उपयोग के साथ समाप्त हो जाते है। उदाहरण के लिए- खनिज, कोयला।


Q. 173350 सतत आर्थिक विकास के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सतत आर्थिक विकास का मतलब विकास पर्यावरण के बिना नहीं पर्यावरण के साथ होना चाहिए। इसका मतलब विकास वर्तमान में पर्यावरण और विकास को नुकसान पहुँचाए बिना होना चाहिए। भविष्य की पीढ़ी की जरूरतों के साथ समझौता नहीं करना चाहिए।


Q. 173351 'प्राकृतिक संसाधन' से आपका क्या मतलब है? कुछ उदाहरण दे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक प्राकृतिक संसाधन वे है जो हमारे लिए उपयोगी है और प्रकृति से प्रदत्त है। लोग प्राकृतिक संसाधनों को नहीं बनाते हैं, लेकिन पृथ्वी से उन्हें इकट्ठा करते हैं। प्राकृतिक संसाधनों के उदाहरण हवा, पानी, तेल, लकड़ी, कोयला, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, भू-तापीय ऊर्जा आदि है। रिफाइंड तेल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं माना जा सकता लोगों द्वारा निर्मित है। प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं जिसका मतलब है वे अंततः समाप्त हो जाएगे।


Q. 173352 जो भी प्रकृति में पाया जाता है क्या उसे प्राकृतिक संसाधन कहा जा सकता है? समझाओ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नहीं, कुछ भी जो प्रकृति में पाया जाता है उसे प्राकृतिक संसाधन नही कहा जा सकता। केवल वे ही जिनका किसी भी रूप में हमारे द्वारा उपयोग किया जाता है वे ही संसाधन हैं। यह आवश्यक नहीं है कि कुछ भी जिसका आज हमारे लिए कोई उपयोग नही है, जो हमेशा इस प्रकार रहेगा। कल यह हमारे लिए उपयोगी हो सकता है। फिर यह एक संसाधन हो जाएगा। उदाहरण के लिए झरने एक सुंदर साइट से अधिक कुछ नहीं है जब तक पन बिजली के दोहन को  संभव न बनाया गया था। अब  वे हमारे लिए एक स्रोत बन गए हैं।


Q. 173353 संसाधन की अवधारणा समय के साथ कैसे बदल गयी है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक संसाधन की अवधारणा व्यक्ति के मानसिक, वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के साथ बदली। पूर्व में  व्यक्तियो की जरूरते बहुत सीमित थी। उनकी सभी की जरूरतो में रहने के लिए एक झोपड़ी, कुछ जानवरों और जड़ों और  पेड़ों से फलो द्वारा उनका निर्वाह पर्याप्त था। ये उनके संसाधन थे। लेकिन मानसिक विकास के साथ उनकी जरूरते बढ़ती चली गयी। उदाहरण के लिए, कोयले की महत्ता में भाप इंजन के आविष्कार के बाद से वृद्धि हुई है।


Q. 173354 भारत जैसे राष्ट्र को संसाधन नियोजन की आवश्यकता क्यों है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत जैसे राष्ट्र को संसाधन नियोजन की आवश्यकता निम्न कारणों से है - i) संसाधनों का असामान्य वितरण - भारत में कहीं तो किसी संसाधन की प्रचुरता है व कहीं किसी दूसरे संसाधन की। उदाहरणार्थ -सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान सम्पन्न है जबकि यहाँ पर जल संसाधन न्यून मात्रा में उपलब्ध हैं। ii) आधारभूत विकास का अभाव होना-कई क्षेत्रों में संसाधनों की कोई कमी नहींे है पर फिर भी आधारभूत विकास नहीं हो पा रहा है। इस कारण भी संसाधन नियोजन आवश्यक है।


Q. 173355 मनुष्य के लिए पशु की क्या महत्ता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पशु हमारे लिए बहुत उपयोगी होते हैं। भेड़ और बकरी हमें ऊन और मांस प्रदान करते हैं। गाय और भैंस हमें दूध देती है जिसके द्वारा हम कई अन्य उत्पाद  प्राप्त कर सकते हैं। मछली भी हमारे भोजन का एक हिस्सा है।


Q. 173356 एक देश कैसे खनिज संसाधनों के बिना विकसित हो सकता हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हाँ, जापान उन देशों में से एक है जिसने खनिज की कमी के बावजूद जबरदस्त विकास किया है। इसने अपने तकनीकी ज्ञान के आधार पर औद्योगिक क्षेत्र में काफी प्रगति की है।


Q. 173357 उदाहरण के साथ क्षयी और अक्षय संसाधनों के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

क्षयी संसाधन

अक्षय संसाधन

संसाधन जो सीमित हैं और जिनका पुनर्निर्माण या नए सिरे से पूर्ति नहीं की जा सकती है।

संसाधन जिनका फिर से समाप्त हुए बिना या समाप्त हुए बिना इस्तेमाल किया जा सकता है।

पूर्व - कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस आदि।

पूर्व - सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा आदि।


Q. 173358 आप कैसे ऊर्जा के जैविक और अजैविक संसाधनों के बीच अंतर करेंगे?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जैविक संसाधन

अजैविक संसाधन

संसाधन जो जीवन से युक्त होते है जैविक संसाधन कहलाते है।

जीवन से युक्त नहीं होते है अजैविक संसाधन कहलाते है।

पूर्व - वन, कृषि उत्पादों, पशु आदि।

पूर्व - भूमि, खनिज, हवा, पानी आदि।


Q. 173359 ऊर्जा के संभावित स्रोतों को परिभाषित करें। इसके अलावा एक उदाहरण दे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संभावित संसाधनों वे हैं जो एक क्षेत्र में मौजूद हैं लेकिन अब तक उनका उपयोग पूंजी या अन्य कारणों की कमी के कारण नहीं किया जा सका। उदाहरण के लिए अफ्रीका के महाद्वीप पानी, बिजली आदि की विशाल क्षमता वाले संसाधन है, लेकिन उनका पूरी तरह से उपयोग नहीं हो पा रहा हैं।


Q. 173360 'वास्तविक' संसाधन क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वे संसाधन जिनका सर्वेक्षण किया गया है और उनका भंडार काफी अनुमानित हैं वास्तविक संसाधनों के रूप में जाने जाते है। इनका विकास प्रौद्योगिकी, शामिल  लागत और पूंजी की उपलब्धता की प्रगति पर निर्भर करता है।


Q. 173361 अन्तराष्ट्रीय संसाधनों का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक वैज्ञानिक पैनल, जो स्थायी आर्थिक विकास और मानवीय जरूरतों से समझौता किए बिना राष्ट्रों के प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग में मदद करता है यह विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक स्वतंत्र वैज्ञानिक आंकलन और विशेषज्ञ सलाह प्रदान भी करता है।


Q. 173362 मानव संसाधन से क्या तात्पर्य है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानवीय संसाधन में मानव जनसंख्याँ आती है जिसमें मानव का ज्ञान सबसे बड़ा संसाधन है।


Q. 173363 संसाधनों के वर्गीकरण के आधारों को बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यवहारवादी भूगोल, सामाजिक कल्याण का भूगोल, अवकाश का भूगोल, सांस्कृतिक भूगोल, लिंग भूगोल, ऐतिहासिक भूगोल, चिकित्सा भूगोल, निर्वाचन भूगोल, सैन्य भूगोल, संसाधन भूगोल, कृषिे भूगोल व उद्योग भूगोल, विपणन भूगोल, पर्यटन भूगोल तथा अन्र्तराष्ट्रीय व्यापार का भूगोल, मानव भूगोल के महत्त्वपूर्ण उक्त क्षेत्र है ।


Q. 173364 व्यक्तिगत संसाधन व सामुदायिक स्वामित्व वाले संसाधनों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यक्तिगत संसाधन- वह संसाधन जिन पर निजी स्वामित्व होता है जैसे-निजी बाग, चारागाह, तालाब आदि। सामुदायिक संसाधन - वह संसाधन जिन पर किसी समूह का अधिकार होता है व उसका प्रयोग सभी सदस्य कर सकते हों । उदाहरण- ग्राम की शामिल भूमि, तालाब आदि ।


Q. 173365 जलो
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नदियाें द्वारा बहाकर लायी गयी जीवांशयुक्त मिट्टी को जलोढ़ काॅंप या कछारी मिट्टी कहते हैं। खादर क्षेत्रः- नदियों द्वारा नवीन काॅंप मिट्टी के जमाव क्षेत्र को खादर क्षेत्र कहते हैं। बांगर क्षेत्र- जिन भागों में बाढ़ का पानी नहीं पहुँच पाता वहाँ की पुरानी जलोढ़ मिट्टी क्षेत्र को बांगर क्षेत्र कहते हैं।


Q. 173366 विश्व में काली मिट्टी के प्रमुख तीन क्षेत्रो का वर्णन करो ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मिट्टी का अपरदन तीन प्रकार का होता है। 
1. जब घनघोर वर्षा के कारण वनस्पति रहित पहाड़ियों की मिट्टी जल में घुलकर बह जाती है, तब इसे भूमि का परतदार अपरदन कहते हैं। इस प्रकार का क्षरण ढालू खेत, खाली पड़ी भूमि में तथा पशुओं द्वारा अत्यधिक चराई, वनों का नाश और झूम या वालर पद्धति की खेती के फलस्वरूप होता है।  
2. जब जल बहता है, तो विभिन्न धाराएं मिट्टी को कुछ गहराई तक काट देती है। जिससे धरातल में कई फिट गहरे गढ्ढे बन जाते है।  इस प्रकार के कटाव को अवनालिका अपरदन कहते हैं। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश और निकटवर्ती भागों में अवनालिका कटाव का भयंकर रूप मिलने से वहाँ विकसित बीहड़ों से लाखों हेक्टेयर भूमि बेकार हो चुकी है।  
3. मरुभूमि में प्रचण्ड वायु द्वारा भी मिट्टी काटकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाकर बिछा दी जाती है, इसे वायु अपरदन कहते है।


Q. 173367 लैटेराइट मिट्टी के तीन उपभेद कौन कौन से है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कणों के आधार पर लैटेराइट मिट्टी के तीन उपभेद किये जाते है।  
1. गहरी लाल लैटेराइट- इस मिट्टी में लोहा-आक्साइड और पोटाश की मात्रा अधिक होती है।  इन मिट्टीयो की उर्वराशक्ति कम होती है।  
2. सफेद लैटेराइट-इस मिट्टी में कैओलिन की अधिकता के कारण मिट्टी का रंग सफेद होता है।  इसकी उर्वराशक्ति सबसे कम होती है।  
3. भूमिगत जल वाली लैटेराइट – इन मिट्टियों के निर्माण तथा गुणों में भूमिगत जल की भूमिका रहती है।  ग्रीष्म ऋतु में ऊपरी तहों में ये मिट्टियाँ सूखकर कड़ी हो जाती है। किन्तु वर्षा काल में जल मिलने पर ऊपरी तह के घुलनशील पदार्थ भूमि के नीचे चले जाते हैं। अतः ऊपरी तह की मिट्टियाँ उपजाऊ होती है। क्योंकि लौह-आक्साइड के तत्व जल में घुसकर नीचे रिस जाते है।


Q. 173368 वनीकरण क्या है और यह कैसे मृदा संरक्षण में उपयोगी है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वनीकरण पेड़ों का रोपण है और पहाड़ी ढलानों और अकृषि भूमि पर अन्य वनस्पतियों का रोपण है। यह निम्नलिखित तरीके से उपयोगी है:

(i) पेड़ों की जड़े मिट्टी को सहारा देती है और उसे बांध कर रखती है ताकि वे आसानी से हवा से न हटे।

(ii) पेड़ और पौधे पानी के बहाव की गति को कम करते है और मिट्टी द्वारा पानी अवशोषित किया जाता है।

(iii) पेड़ तेज हवाओं के बल को कम करते है और दूर मिट्टी के कणों की उड़ने से रोकते है।


Q. 173369 यह कहा जाता है कि वर्षा की प्रकृति मिट्टी के कटाव की भयावहता को प्रभावित करती है। कैसे?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मूसलाधार बारिश और बाढ़ से हल्की और मध्यम बारिश की तुलना में मिट्टी को ज्यादा नुकसान होता है भारी बारिश की कार्रवाई और तेज हो जाती है जब पेड़ नही होते हैं और मैदान साफ होते हैं। एक लंबे समय तक शुष्क स्थान पर अचानक भारी बारिश होती है तो परत का कटाव होता है। ऐसा इसीलिए क्योंकि जमीन कठोर हो जाती है और मिट्टी आसानी से पानी को अवशोषित करने में असमर्थ होती है।


Q. 173370 अवनालिका कटाव से आपका क्या मतलब है? क्या हम भारत में कहीं भी इस प्रकार कटाव को देखते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब मिट्टी का क्षय ढलान या चैनलों में नीचे निश्चित रास्तों के साथ बहते पानी से होता है तो इसे अवनालिका कटाव कहा जाता है। अवनालिका कटाव कृषि भूमि को काटकर इसे खेती के अयोग्य बनाती है। बैडलैंड गहरी अवनालिका कटाव या नालों की एक बड़ी संख्या वाला क्षेत्र है। यह बड़े पैमाने पर मध्यप्रदेश में चंबल घाटी में देखा जाता है।


Q. 173371 मिट्टी निर्माण प्रक्रिया और मृदा क्षरण की प्रक्रिया कैसे संबंधित है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मिट्टी के निर्माण की प्रक्रिया और बहते पानी के कटाव की प्रक्रिया और हवा निरंतर है। आम तौर पर इन प्रक्रियाओं के बीच  संतुलन है। सतह से ठीक कणों को हटाने की दर और मिट्टी की परत पर इन कणों को जोड़ने की दर एक ही है। कभी कभी इस संतुलन को प्राकृतिक या मानव कारकों द्वारा विक्षोभित किया जाता है जिससे मिट्टी का क्षय अधिक तीव्र गति से होता है। जब ऐसा होता है इससे पूरी मिट्टी की परत कुछ वर्षों में हटायी जा सकती है।


Q. 173372 मिट्टी के गठन में मूल तत्वों की क्या भूमिका होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मिट्टी के गठन में मूल तत्वों की भूमिका इस प्रकार होती है:

1. रंग: लावा से गठित मिट्टी का रंग काला होता है। नदी घाटी की मिट्टी का रंग भूरा होता है क्योंकि यह नदियों के अवसाद द्वारा लायी जाती है। छोटानागपुर क्षेत्र की मिट्टी लौह तत्वों के कारण लाल हैं।

2. उर्वरकता: मैदानों की जलोढ़ मिट्टी को उपजाऊ माना जाता है दक्कन के पठार की लेटराइट और पीले रंग की मिट्टी की उर्वरता कम हैं।

3. अनाज: जलोढ़ और काली मिट्टी बहुत पतली होती हैं जबकि डेक्कन पठार की मिट्टी मूल तत्वों की वजह से मोटी होती हैं।


Q. 173373 मिट्टी की उर्वरता में सुधार करने के लिए क्या तरीके प्रयोग में लाये जाने चाहिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मिट्टी की उर्वरता ह्यूमस तत्व और पर्याप्त मिट्टी के पोषक तत्वों की उपस्थिति को दर्शाता है जो पौधों को पोषण देते है। मिट्टी की उर्वरता में सुधार करने के लिए निम्नलिखित तरीकों को अपनाया जाना चाहिए:

1. प्राकृतिक तरीके

फसलों के क्रमावर्त को अपनाना।

फसलों के संयोजन को अपनाना।

भूमि परती रखना।

2. खाद, उर्वरकों का प्रयोग

विघटित वनस्पति और पशुओं के अपशिष्ट पदार्थों।

रासायनिक उर्वरक।


Q. 173374 प्राकृतिक संसाधनों को कैसे वर्गीकृत कर सकते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्राकृतिक संसाधनों के विभिन्न अधारों पर वर्गीकृत किया जा सकता है। निरंतर उपलब्धता के आधार पर इन्हे इस प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है:

(i) क्षयी संसाधन और,

(ii) उत्पत्ति के आधार पर अक्षय संसाधन, इन्हे वर्गीकृत किया जा सकता है:

(i) जैविक संसाधन और

(ii) विकास के चरण के आधार पर अजैविक संसाधन,

 इन्हे वर्गीकृत किया जा सकता है:

(i) संभावित संसाधन और

(Ii) विकसित संसाधन


Q. 173375
निम्न में अंतर स्पष्ट कीजिए - 1) खादर व बांगर 2) जैव व अजैव संसाधन
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खादर (नया)

बांगर (पुराना)

i) खादर मृदा घाटी के निचले क्षेत्रों में पाई जाती हैं, जहाँ हर वर्ष बाढ़ आती है।

 

ii) खादर मृदा अधिक उपजाऊ होती है क्योंकि यह घाटी के उन निचले भागों में पाई जाती है जहाँ प्रायःप्रतिवर्ष बाढ़ आती है।

 

iii) इस मृदा के कण महीन होते हैं

i) बांगर मृदा बाढ़ के स्तर से लगभग 30 मी. की ऊँचाई पर पाई जाती है ।

 

ii) यह मृदा कम उपजाऊ होती है, क्योंकि बाढ़ स्तर से ऊंचाई पर स्थित होने के कारण नदी की उपजाऊ तलछट जमा नहीं होती

 

iii) मृदा के कण मोटे होते हैं ।

जैव संसाधन

अजैव संसाधन

i) वह संसाधन जिनकी प्राप्ति जीवमंडल से होती है व जिनमें जीवन पाया जाता है।

 

ii) उदा. मनुष्य, प्राणि, वनस्पति आदि।

i) वह संसाधन जिनका निर्माण वस्तुओं से होता है अजैव संसाधन कहलाते हैं।

 

ii) उदा. चट्टानें व धातुएँ आदि

 


Q. 173376 (क) दिये गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित को अंकित कीजिए (1) अम₹्रतसर(2) चंपारण(ख) (1) मरूस्थलीय म₹दा का क्षेत्र (2) गौंडवाना कोयला क्षेत्र (3) मुम्बई बंदरगाह
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION



Q. 173377 मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए कौन कौन से उपाय काम में लाये जाते है, व्याख्या करो ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए निम्न उपाय भी काम में लाये जाते है।  
1. फसलों का हेर-फेर विभिन्न पौधे मिट्टी से विभिन्न प्रकार के खनिज तत्व खींचते है तथा अन्य तत्व छोड़ते है। यदि किसी भूमि पर निरंतर एक ही प्रकार की फसल पैदा की जाती रहे तो उस भूमि के उत्पादन तत्व कम हो जाते है। अतएव यदि ऐसी भूमि पर अन्य प्रकार की फसलें पैदा की जाए तो उस भूमि की उर्वरा शक्ति का हर्ष रोका जा सकता है। 
2. भूमि के कुछ भाग की प्रतिवर्ष फसल प्राप्त कर लेने के उपरान्त अगले एक या दो वर्षों के लिए परती छोड़ देना चाहिए इस प्रकार परती छोड़ी गयी भूमि प्राकृतिक साधनों से उर्वराशक्ति प्राप्त करती रहती है।  
3. नदी की काँप व तालाब की चिकनी मिट्टी को खेतों में बिछने से भू मिट्टी का उपजाऊपन बढ़ता है।  
4. कृषि भूमि की उन्नत हलों तथा आधुनिक कृषि यंत्रों से गहरी जुताई की जाए, जिससे खनिज अंश धरातल की निचली सतह से भी प्राप्त हो सके।
5. कृषि के प्रकार का निर्धारण मिट्टी के प्रकार तथा उसकी वर्तमान उर्वरा शक्ति को ध्यान में रखकर करना चाहिए। अधिक उपजाऊ मिट्टी में खाद्यान्न एवं व्यवसायिक फसलें, कम उपजाऊ भूमि में मिश्रित दलहन की कृषि तथा उपजाऊ मिट्टी व शुष्क कृषि या सिंचाई आदि की व्यवस्था करके कृषि करनी चाहिए। 
6. सीमित मात्रा में रसायनिक खाद, कीटनाशक, संचित जल, उपचारित वीज एवं अन्य नवीन तकनीक का एवं मिट्टी की किस्म एवं लक्षण के अनुसार उपयोग नवीन जैव तकनीक एवं उन्नत किस्म के बीजों का उपयोग करके न सिर्फ भूमि से अधिक या उच्चतम उत्पादन भी प्राप्त किया जा सकता है। वरन भूमि को प्रदूषण एवं रसायनों के बढते हुए जहरीले प्रभाव से भी बचाकर उस क्षेत्र के जल संसाधनों को भी प्रदूषण से बचाया जा सकता है।  
7. ज्यादा लम्बे समय तक रासायनिक उर्वरकों का बहुत अधिक उपयोग करने से मिट्टी उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है। अत: किसानों का समय-समय पर गोबर की खाद का प्रयोग करना चाहिए।


Q. 173378 भारतीय मिट्टियों की मुख्य विशेषताएँ का वर्णन करो ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय मिट्टियों की मुख्य विशेषताएँ 
1. रचना की दृष्टि से अधिकांश भारतीय मिट्टियाँ बहुत पुरानी और पूर्णत: परिपक्व हैं। 
2. भारत के मैदानी भागों की अधिकांशत: मिट्टियाँ प्राचीन जलोढ़ हैं।  जो केवल शैलों के विखंडन से बनी हैं। वरन उनके निर्माण में जलवायु सम्बन्धी कारकों का भी प्रमुख हाथ रहा है।  
3. मिट्टियों में नाइट्रोजन, जीवांश, वनस्पति अंश और खनिज लवणों की कमी पायी जाती है।  
4. अर्धोष्ण कटिबन्धीय भारत में मिट्टियों के तापमान ऊँचे पाए जाते हैं, इससे शैलों के टूटते ही उसका विघटन शीघ्र आरम्भ हो जाता है। 
5. पठारी एवं पहाड़ी भागों में मिट्टी का आवरण हल्का और फैला होता हिया जबकि मैदानी क्षेत्रो और डेल्टाई प्रदेशों में यह गहरा और संगठित होता है।


Q. 173379 सुभेद्य प्रजातियों का उदाहरण है:


A.

एशियाई चीता

B.

हिमालयी भूरे भालू

C.

गंगा नदी की डॉल्फिन

D.

गैंडा

Right Answer is: C

SOLUTION

सुभेद्य प्रजातियाँ वे जंतु प्रजातियाँ हैं, जिनकी संख्या लगातार घट रही है। अगर इनकी संख्या लगातार घटती रहती है तो ये संकटग्रस्त प्रजातियों की श्रेणी में शामिल हो जाएँगी। नीली भेड़, एशियाई हाथी, गंगा नदी की डॉल्फिन, इत्यादि, इस प्रकार की प्रजातियों के उदाहरण हैं।


Q. 173380 छोटा नागपुर पठार में, 'महुआ' की पूजा किन लोगों द्वारा की जाती है?


A.

गद्दी

B.

भोटिया

C.

संथाल

D.

थारू

Right Answer is: C

SOLUTION

छोटानागपुर क्षेत्र में मुंडा और संथाल जनजातियों द्वारा महुआ को पूजा जाता है। संथाल भारत का सबसे बड़ा आदिवासी समुदाय है जो ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और असम राज्यों में मुख्य रूप से पाए जाते हैं। पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी संथाल एक महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक के रूप में पाए जाते हैं।


Q. 173381 एशिया और अफ्रीका के विकासशील देशों में पर्यावरण क्षरण का मुख्य कारण है:


A.

अत्यधिक जनसंख्या

B.

खनन गतिविधि

C.

एकल रोपण

D.

संवर्धन वृक्षारोपण

Right Answer is: A

SOLUTION

अत्यधिक जनसंख्या तब होती है जब खाद्य उत्पादन अंकगणितीय प्रगति में बढ़ता है, और जनसंख्या वृद्धि में ज्यामितीय प्रगति होती है। जनसंख्या वृद्धि के कारण कई तरह की समस्याएँ जैसे बेरोजगारी, गरीबी के स्तर में वृद्धि, प्रदूषण, संक्रामक रोगों की उच्च दर, अपराध दर की उच्च दर और आवास की कमी, आदि उत्पन्न होते हैं।


Q. 173382 प्रजाति जिसे भारत के दुर्लभ प्रजातियों के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है, वह है:


A.

नीलगाय

B.

हिमालयी भूरा भालू

C.

चीता

D.

शेर

Right Answer is: B

SOLUTION

दुर्लभ प्रजाति विलुप्त होने के कगार पर हैं। हिमालयी भूरा भालू, जो अधिक ऊँचाई में पाया जाता है, भारत में विलुप्त होने के खतरे का सामना कर रहा है।


Q. 173383 भारत का 60% प्रतिशत से अधिक वन आच्छादित पूर्वोत्तर राज्य है:


A.

नागालैंड

B.

मिज़ोरम

C.

अरुणाचल प्रदेश

D.

असम

Right Answer is: C

SOLUTION

अरुणाचल प्रदेश में उसके भौगोलिक क्षेत्र की तुलना में 1987 के दौरान 76.6% वन क्षेत्र था और 1999 के दौरान यह बढ़कर 82.21% हो गया।


Q. 173384 राजस्थान के वन आधारित समुदाय का एक उदाहरण है:


A.

बकरवाल जनजाति

B.

बिश्नोई जनजाति

C.

भोटिया जनजाति

D.

गद्दी जनजाति

Right Answer is: B

SOLUTION

बिश्नोई जनजाति वन और वन्य जीव के विभिन्न घटकों जैसे भोजन, पेय, चिकित्सा, संस्कृति, अध्यात्म, आदि पर प्रत्यक्ष रूप से निर्भर है। इनके घरों के आस पास काले हिरण, चिंकारा, नीलगाय और मोरों के झुंड देखे जा सकते हैं और इनको कोई नुकसान नहीं पहुँचाता है। इस तरह का रीति-रिवाज राजस्थान में बिश्नोई गाँव के आस पास बहुत आम हैं।


Q. 173385 वनस्पति और प्राणियों की जातियों में कमी के वैध कारणों में से एक है:


A.

कृषि विस्तार

B.

जैव विविधता

C.

वनीकरण

D.

सामाजिक वानिकी

Right Answer is: A

SOLUTION

भारत में वन सर्वेक्षण के अनुसार बढ़ती जनसँख्या के भोजन की आवश्यकता की पूर्ति के लिए 1951 और 1980 के बीच लगभग 26,200 वर्ग किमी वन क्षेत्र को कृषि भूमि में परिवर्तित किया गया। यह वनस्पतियों एवं प्राणियों की संख्या में गिरावट का कारण बना।


Q. 173386 हिमालयन यव एक औषधीय पौधा है, जिसका पाया जाने वाला क्षेत्र है:


A.

सिक्किम

B.

असम

C.

हिमाचल प्रदेश

D.

मेघालय

Right Answer is: C

SOLUTION

हिमालयन यव एक औषधीय पौधा है जिसकी छाल, पत्तियों, टहनियों और जड़ों से टकसोल नामक रसायन निकाला जाता है तथा इसे कुछ कैंसर रोगों के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है। इससे बनाई गई दवाई विश्व में सबसे अधिक बिकने वाली कैंसर औषधि हैं। यह हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों पर पाया जाता है।


Q. 173387 निम्नलिखित में से किस एक क्षेत्र में सागवान के एकल रोपड़ से प्राकृतिक वन बर्बाद हो गए?


A.

उत्तर भारत

B.

दक्षिण भारत

C.

पश्चिम भारत

D.

पूर्वी भारत

Right Answer is: B

SOLUTION

कुछ पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार भारत के कई क्षेत्रों में संवर्द्धन वृक्षारोपण के बड़े पैमाने पर रोपण होने से पेड़ों की दूसरी जातियाँ खत्म हो गई। उदाहरण के तौर पर सागवान के एकल रोपण से दक्षिण भारत में अन्य प्राकृतिक वन बर्बाद हो गए।


Q. 173388 वन संरक्षण नीति जिसमें समुदायों की प्रत्यक्ष भागीदारी शामिल होती है, का एक उदाहरण है:


A.

संवर्धन वृक्षारोपण

B.

वनीकरण

C.

चिपको आंदोलन

D.

प्रोजेक्ट टाइगर

Right Answer is: C

SOLUTION

'चिपको आंदोलन' एक समुदाय आधारित वनीकरण कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम ने यह दिखाया कि पारंपरिक संरक्षण तरीकों को पुनर्जीवित अथवा पारिस्थितिकी कृषि के नए तरीकों का विकास किया जा सकता है। सुन्दर लाल बहुगुणा ने इसे उत्तरांचल की पहाड़ियों में शुरू किया था।


Q. 173389 वनों के कम होने का मुख्य कारण है:


A.

वनों की कटाई

B.

वनीकरण

C.

सामाजिक वानिकी

D.

अवर्गीकृत वन

Right Answer is: A

SOLUTION

वनोन्मूलन या पेड़ों की कटाई कई मायनों में पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करता है। इससे मृदा अपरदन में वृद्धि होती है, जल के भूमिगत प्रवाह पर प्रतिकूल रूप से प्रभाव पड़ता है और वन्य जीवों के साथ अनेक वन्य वनस्पतियों के लुप्त हो जाने का कारण है।


Q. 173390 पर्यावरण महत्त्व के अलावा वनों की क्या उपयोगिता है?


A.

वर्षा का कारण होते हैं।

B.

बाढ़ को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

C.

हमारे ग्रह की सुंदरता को बढ़ाते हैं।

D.

वायुमंडल में ऑक्सीजन छोड़ते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

वन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई प्रकार से उपयोगी हैं। वन वायु को शुद्ध करते हैं, वायुमंडल में ऑक्सीजन छोड़ते हैं, और बाढ़ को नियंत्रित करते हैं| पक्षियों और जंतुओं के लिए ईंधन, भोजन और चारा, आश्रय, आदि प्रदान करते हैं तथा दवाओं एवं जड़ी बूटियों, आदि के स्रोत हैं। इनका सौंदर्यात्मक मूल्य भी होता है क्योंकि वे हमारी पृथ्वी की सुंदरता में भी वृद्धि करते हैं।


Q. 173391 पूर्वोत्तर एवं मध्य भारत में वनों की कटाई का मुख्य कारण है:


A.

मिश्रित खेती

B.

स्थानांतरी खेती

C.

सीढ़ीदार कृषि

D.

गहन कृषि

Right Answer is: B

SOLUTION

यह कर्तन एवं दहन प्रकार की खेती होती है। इस खेती में पेड़ों को काटकर उस स्थान को साफ करके तथा बची हुई वनस्पति को जलाकर उस स्थान पर खेती की जाती है। इस क्रिया में पेड़ों को जलाने पर जो राख बच जाती है, वह उर्वरक का कार्य करती है। एक बार जब भूमि की उत्पादकता कम हो जाती है तो किसान दूसरे स्थान पर चले जाते हैं। इसे 'झूम' खेती भी कहा जाता है।


Q. 173392 वे वन और बंजरभूमि जो सरकार, व्यक्तियों और समुदायों के स्वामित्व में होते हैं, कहे जाते हैं:


A.

अवर्गीकृत वन

B.

संरक्षित वन

C.

आरक्षित वन

D.

सदाबहार वन

Right Answer is: A

SOLUTION

इन वनों को अवर्गीकृत वन कहा जाता है। इस प्रकार के वन व्यक्तिगत उपयोग जैसे, शिकार, आदि के लिए उपलब्ध होते हैं।


Q. 173393 विद्यमान पादप एवं जंतु जगत का उनके विशेषताओं के आधार पर वर्गीकरण किया गया है:


A.

अंतर्राष्ट्रीय विश्व वन्यजीव निधि के द्वारा

B.

अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन संघ के द्वारा

C.

अंतर्राष्ट्रीय ग्रीन पीस संगठन के द्वारा

D.

अंतर्राष्ट्रीय वन संघ के द्वारा

Right Answer is: B

SOLUTION

अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन संघ के द्वारा विद्यमान पादप एवं जंतु जगत का उनके विशेषताओं और मानवीय हस्तक्षेप तथा कई अन्य विशिष्ट कारकों के कारण खतरे का सामना करने के आधार पर वर्गीकरण किया गया है।


Q. 173394 मिट्टी का कौनसा प्रकार सरसों के बीज की खेती के लिए आवश्यक है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जलोढ़ मिट्टी सरसों के बीज की खेती के लिए आवश्यक है।


Q. 173395 प्रमुख कुसुम उत्पादक राज्यों को नाम बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रमुख कुसुम उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र हैं।


Q. 173396 व्यावसायिक तौर पर भारत में उगाई जाने वाली कॉफी की किस्मों के नाम बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यावसायिक तौर पर भारत में उगाई जाने वाली कॉफी के तीन किस्में हैं अर्थात अरेबिक, रोबस्टा और लिबेरिका।


Q. 173397 गेहूँ की खेती के लिये भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

गेहूँ को भारत में नवम्बर के महीने मे बोया जाता है। बोते समय इसे ठण्ड और नमी चाहिये। तापमान 100 सें.ग्रे. से 150 सें.ग्रे. तक हो। पकते समय अधिक तापमान अर्थात् 250 सें.ग्रे. के निकट होना चाहिये। गेहूँ को 50 से 70 सेमी तक वर्षा चाहिये। इसे कम वर्षा वाले भागों में सिंचाई की सहायता से पैदा किया जाता है। पकने से 2 माह पूर्व फरवरी मास में कुछ वर्षा इसे चाहिये जिससे दाना फूल जाये। गेहूँ के तैयार होने में 3 से 6 माह तक लग सकते हैं। उत्तरी भारत में गेहूँ अप्रैल में मध्य भारत में मार्च और दक्षिणी भारत में फरवरी में काटा जाता है। भारत में मुख्य रूप से आर.आर. 21, मैक्सिकन, सराय 2208, 1553 गेहूँ बोया जाता है जिनकी प्रति हेक्टेयर उपज अन्य किस्मों से बहुत अधिक होती है।


Q. 173398
कृषि के प्रमुख प्रकारों का उल्लेख किजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1) निर्वहन कृषि 2) व्यापारिक कृषि
1) निर्वहन कृषि - निर्वहन कृषि के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित है -
I) स्थानान्तरणशील कृषि
II) प्रारंभिक स्थायी कृषि
III) गहन निर्वहन कृषि
IV) चलवासी पशुचारण
 
2) व्यापारिक कृषि - व्यापारिक कृषि के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं -
अ) व्यापारिक अन्न उत्पादक कृषि
ब) व्यापारिक फसल एवं पशुचारण
स) व्यापारिक बागानी कृषि
द) व्यापारिक पशुपालन


Q. 173399 भारत में खरीफ की शस्य ऋतु की दो मुख्य विशेषताएँ बताइए।।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1) खरीफ की फसल मानसून के आगमन के साथ बोई जाती है, व सितंबर-अक्टूबर माह में काट ली जाती है। 2) खरीफ की प्रमुख फसलों - चावल, मक्का, बाजरा आदि ।


Q. 173400 बाँध का अर्थ एवं प्रकार बताइये ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नदी के जल को रोकने, दिशा बदलने, बहाव को नियंत्रित करने के लिये खड़ी की गई बाधा जिसके द्वारा जलाशय झील अथवा जल भरण क्षेत्र का निर्माण होता है, बाँध कहलाती है। 1) लकड़ी के बाँध।2) तटबंध बाँध। 3) पक्का बाँध।


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