उत्पादक निम्नलिखित तरीकों से उपभोक्ताओं का शोषण करते हैं:
· नकली सामान: विक्रेता उपभोक्ताओं का शोषण उन्हें या तो नकली सामान या नए के रूप में पुराने सामान को बेचकर करते हैं। जैसे विक्रेता असली CD के स्थान पर नकली CD का विक्रय कर देते हैं |
· अधिक मूल्य: व्यापारी उपभोक्ताओं से किसी वस्तू के लिए निर्धारित खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य वसूल करते हैं | उदाहरण के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में दुकानदार ऊंची कीमत वसूलते हैं। सब्जियां, फल और शीतल पेय आदि वस्तुएं ऊंची कीमतों पर बेचीं जाती है।
· जमाखोरी या कृत्रिम कमी: विक्रेता बाजार में पूर्ति को कृत्रिम रूप से नियंत्रित करके कमी की स्थिति उत्त्पन्न कर देते हैं जिससे वे भविष्य में कीमतें ऊँची होने पर लाभ कमा सके | विक्रेता का यह कदम जमाखोरी के रूप में जाना जाता है। उदाहरण के लिए: प्याज की ऊँची कीमते जनता में रोष उत्पन्न कर देती हैं । प्याज के विक्रेता प्याज की पूर्ति को नियंत्रित करते हैं जिसकी वजह से प्याज की कीमतों में वृद्धि हो जाती हैं ।
· अपमिश्रण या मिलावट : वह पदार्थ जो खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में कमी लाता है, अपमिश्रक कहा जाता है । अपमिश्रण व्यापारियों को आर्थिक लाभ दिलाती हैं लेकिन यह लोगों के लिए घातक भी हो सकती है। उदाहरण के लिए: दाल की मात्रा बढ़ाने के लिए उसमे कंकड मिला दिए जाते हैं ।
· झूठा दावा : विभिन्न उत्पादों के विक्रेताओं के झूठे वादे और भ्रामक जानकारी देकर उपभोक्ताओं का शोषण करती है | उदाहरण के लिए: वजन घटाने के बारे में नकली का दावा करना | निर्माता के उत्पादों की उपयोगिता को बढ़ा चढ़ा कर बताते हैं। भ्रामक विज्ञापनों के द्वारा उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदने करने के लिए उत्साहित करना ।
A.
एक
मुख्य चरण
B. तीन अतिव्यापी चरण
C. पांच अतिव्यापी चरण
D. पांच भिन्न चरण
ये तीन अतिव्यापी चरण इस प्रकार से हैं: 1. उत्पत्ति, 2.विस्तार, और 3. सैलाब
A.
मेगासुनामी
B. माइक्रोसुनामी
C. मैक्रोसुनामी
D. नैनोसुनामी
एक बहुत कम विस्तार की सुनामी, जिसे आसानी से पहचाना नहीं जा सकता है, माइक्रोसुनामी कहलाती है|
A.
एनीमोमीटर
B. सुनामीटर
C. भूकंप-सूचक यंत्र
D. ज्वार गेज
यह एक ऐसा यंत्र है, जिसका उपयोग सुनामी का जल्द ही पता लगाने के लिए किया जाता है|
A.
गर्मियों
में
B. सर्दियों में
C. केवल रात में
D. वर्ष के किसी भी समय; दिन या रात
सुनामी भी अन्य आपदाओं की तरह अप्रत्याशित होती है| यह वर्ष के किसी भी समय में दिन या रात में आ सकती है|
A.
अटलांटिक
महासागर में
B. प्रशांत महासागर में
C. हिन्द महासागर में
D. आर्कटिक महासागर में
सबसे अधिक सुनामी प्रशांत महासागर के ‘आग के गोले’ में आती हैं|
A.
1951
में
B. 1945 में
C. 1963 में
D. 1977 में
सामान्य उपयोग के लिए वर्ष 1963 में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन द्वारा ‘सुनामी’ शब्द ग्रहण किया गया था|
A.
दस
B. नब्बे
C.
दो सौ
D. असंख्य
सुनामी में तरंगों की एक श्रंखला उठती है, जो लगातार कुछ घंटों तक उठती रहती हैं|
A.
औसत
ऊंचाई
B. न्यूनता
C. तरंग अवधि
D. परिणाम
सूनामी की तरंग अवधि एक मिनट से दो घंटे के मध्य की हो सकती है|
A.
तरंग
की लम्बाई
B. गर्त
C. आवृत्ति
D. शिखर
एक चक्र के अंतर्गत किसी तरंग के सबसे उच्चतम भाग को शिखर कहा जाता है|
A.
ब्रेकर
B. सुनामीटर
C. तरंगरोध
D. ज्वार गेज
एक अपतटीय या तटवर्ती संरचना, जैसे दीवार या किसी अन्य वस्तु का उपयोग बंदरगाह की रक्षा के लिए किया जाता है| यह तरंगरोध कहलाता है|
A.
शिखर
B. गर्त
C. विस्तार
D. आवृत्ति
तरंग का सबसे निचला भाग गर्त कहलाता है|
A.
स्थलाकृतिक
मानचित्र
B. भौतिक मानचित्र
C. राजनीतिक मानचित्र
D. बचाव मानचित्र
संकट की स्थिति में लोगों को उस क्षेत्र से बचकर निकलने के लिए बचाव मानचित्र बहुत आवश्यक होता है| बचाव मानचित्र न होने की स्थिति में लोगों में अराजकता फ़ैल सकती है|
A.
इथाइल क्लोराइड का रिसाव
B.
मिथाइल ब्रोमाइड का रिसाव
C.
इथाइल आइसोसाइनेट का रिसाव
D.
मिथाइल आइसोसाइनेट का रिसाव
A.
बायो-चिप्स
B.
बायो-हर्म्स
C.
बायो-राडार
D.
बायो-मार्कर
बायो राडार ऐसा उपकरण है, जिसका उपयोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में असहाय पीड़ितों का पता लगाने के लिए किया जाता है।
A.
रेस्टॉरेशन के रूप में
B.
अवधारणा के रूप में
C.
मृतोत्थान के रूप में
D.
पुनर्जीवन के रूप में
मूर्च्छा से एक व्यक्ति को पूर्व की स्थिति में लाने के लिए की जाने वाली क्रिया को पुनर्जीवन के रूप में जाना जाता है| आमतौर पर इसे कृत्रिम श्वसन द्वारा किया जाता है।
A.
विषाक्तीकरण
B.
पाला मारना
C.
तापाघात
D.
बेहोशी
पाला मारने पर त्वचा का रंग सफेद और मोम जैसा दिखाई देने लगता है तथा त्वचा कठोर हो जाती है।
A.
खोज और बचाव दल द्वारा
B.
सरकारी अधिकारियों द्वारा
C.
स्थानीय लोगों द्वारा
D.
विदेशी पर्यटकों द्वारा
स्थानीय लोग किसी भी आपदा के बारे में सबसे सटीक और विस्तृत जानकारी देते हैं, क्योंकि वे पीड़ित होते हैं।
A.
तापाघात
B.
पाला मारना
C.
सर्पदंश
D.
विषाक्तीकरण
जब शरीर की ताप नियंत्रक प्रणाली विफल हो जाती है, उसे तापाघात कहा जाता है| शरीर की शीतक प्रणाली विफल हो जाने पर शरीर का तापमान अचानक बढ़ने लग जाता है।
A.
हाथ
B.
छाती
C.
पेट
D.
पैर
आमतौर पर पैरों पर सबसे अधिक सर्पदंश की घटनाएं पायी जाती हैं।
A.
श्मिट कैमरे
B.
इंफ्रा-रेड कैमरे
C.
पिन होल कैमरे
D.
राइट कैमरे
इंफ़्रा रेड कैमरों की सहायता से पीड़ित व्यक्ति के शरीर की ऊष्मा का पता लगाकर मलबे के नीचे दबे लोगों का पता लगाया जाता है।
खतरे का आकलन करने के बाद, बचाव दल निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखकर बचाव के लिए समुचित योजना बनाने की स्थिति में होगा:
क. मानव शक्ति
ख. उपकरण
ग. तरीका
ऐसा पदार्थ जिसके सेवन से क्षति, बीमारी अथवा मृत्यु हो सकती है वह विषाक्त पदार्थ कहलाता है। विष तीन प्रकार से शरीर में प्रवेश करता है, अर्थात् खाकर, श्वास लेकर और सोखकर।
निर्जलीकरण; शरीर में लवण एवं जल की कमी की स्थिति में ओ. आर. एस. एक जीवनरक्षक घोल है। एक गिलास पानी में एक चुटकी नमक; और एक चम्मच चीनी मिलाकर तैयार किया जाता है। ओ. आर. एस. तीव्रता से हमारे शरीर के संतुलन को बहाल करता है और शरीर में जल की कमी को दूर करता है।
आपदा आने के तुरन्त बाद समुदाय के लोगों द्वारा पर्याप्त सुरक्षा उपाय, बचाव कार्य आरंभ किए जाते हैं।
खोज एवं बचाव का काम एक तकनीकी स्वरूप का कार्य है और इसे किसी व्यक्ति या विशेष रूप से प्रशिक्षित कार्मिकों के ऐसे दल द्वारा किया जाता है जो अपना जीवन खतरे में डालकर विपरीत परिस्थितियों में हताहत लोगों का जीवन बचाने एवं उनकी देखभाल का कार्य करते हैं।
यह खोज एवं बचाव कार्य दल की शक्ति, क्षमता और कारगरता पर निर्भर करता है कि अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जाए।
अत्यधिक असुरक्षित क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपनी बुद्वि, ज्ञान और कौशल तथा सामुदायिक संसाधनों का उपयोग करके आपदाओं का सामना करते आ रहे हैं और वे सदियों से प्रकृति का कोप झेलने में कामयाब रहे हैं।
स्थानीय लोगों को उस समय निराशा होती है जब वे बचाव कर्य में प्रशिक्षित न होने के कारण पीड़ितों को बचाने में स्वयं को असहाय पाते हैं।
क्षेत्र का सर्वेक्षण करते समय निम्नलिखित
तीन मुख्य-मुख्य बातों का ध्यान रखें:
क. देखना: घटनाओं पर प्रत्यक्ष नजर रखें और स्वयं पूरी जांच करें।
ख. ध्यान दें: सूचना के सभी स्रोतों-समुदाय, सरकारी अभिलेख और मीडिया रिपोर्टों पर ध्यान दें।
ग. महसूस करें - खतरों की सच्चाई और जवाबी कार्रवाई करने की अपनी स्वयं की क्षमता के बारे में गंभीरतापूर्वक विश्लेषण करें।
बचाव दल के लिए जरूरी है कि वह क्षति की मात्रा, प्रभावित क्षेत्र में पहुँचने के मार्ग, क्षति के ब्यौरों के बारे में सूचना एकत्र करें।
A.
जल
की गहराई पर
B. तरंगों की आवृत्ति पर
C. जल स्तंभ की ऊंचाई पर
D. भूकंप की तीव्रता पर
सुनामी तरंगों की ऊंचाई समुद्र की गहराई के व्युत्क्रमानुपाती है| गहराई जितनी अधिक होगी, तरंगों की ऊंचाई उतनी ही कम होगी|
A.
केंद्र प्रसार
B.
C. दोष परिवर्तन
D. समुद्री प्लेटें
निम्नस्खलन क्षेत्र वह क्षेत्र होता है, जहाँ एक विवर्तनिक प्लेट एक अन्य प्लेट के नीचे गति करती है|
A.
ख़तरा
क्षेत्र
B. सैलाब क्षेत्र
C. तटीय क्षेत्र
D. गंतव्य क्षेत्र
सुनामी से तटीय भूमि में सैलाब आ सकता है, जो जान-माल के लिए अत्यधिक ख़तरनाक साबित होता है|
A.
तरंग
की लम्बाई
B. आवृत्ति
C. विस्तार
D. शिखर
एक ही चरण की लगातार दो तरंगों के मध्य की दूरी का मापन तरंग की लम्बाई कहलाता है| जैसे: शिखर या गर्त|
A.
निम्न जल
B. वापसी
C. बाढ़
D. सैलाब
समुद्र की वापसी एक प्राकृतिक चेतावनी है कि सुनामी आने वाली है|
A.
तरंगों
की लम्बाई
B. आवृत्ति
C. शिखर
D. विस्तार
तरंग का आयाम या विस्तार का संबंध स्थिर जलरेखा से ऊपर तरंग की ऊंचाई से है| प्रायः यह तरंग की ऊंचाई के आधे के बराबर होती है|
A.
ज्वारीय
तरंगें
B.
समुद्र कंपन
C.
सतही तरंगें
D. बंदरगाह की तरंगें
जापानी भाषा में ‘सू’ का अर्थ है ‘बंदरगाह’ और ‘नामी’ का अर्थ है - ‘लहर’|
A.
अल-नीनो का परिणाम
B.
ज्वारीय तरंगें
C. भूमिगत जल में भूकंप आने से उठने वाली तरंगें
D. तिरछी तरंगें
सामान्यतः भूमिगत भूकंप से सुनामी आती है| लेकिन ये ज्वालामुखी विस्फोट या भूस्खलन से भी आ सकती हैं|
26 जनवरी, 2005 को हिन्द महासागर में रविवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे आये विनाशकारी भूकम्प ने ऐसी सुनामी लहरों को जन्म दिया, जिसने कुछ ही पलों में हजारों-लाखों लोगों को अपने आगोश में ले लिया।
गहरे समुद्र में सुनामी लहरों की रफ्तार बहुत तेज होती है और वे 500 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने लगती हैं।
सूनामी लहरें दिन हो या रात, किसी भी समय आ सकती हैं।
सुनामी की लहरों की ऊंचाई 30 मीटर या उससे अधिक हो सकती है और ये तट के आस-पास की बस्तियों को तबाह कर देती है।
इस सुनामी के कारण 11 देश प्रभावित हुए। सर्वाधिक प्रभावित होने वाले देशों में भारत, इण्डोनेशिया, श्रीलंका और थाइलैण्ड आदि प्रमुख थे और इसमें मरने वालों की संख्या क़रीब ढाई लाख थी।
हिन्द महासागर में 26 दिसंबर, 2004 को 9.3 तीव्रता के भूकम्प का केंद्र सुमात्रा था।
सूनामीटर, सुनामी का पता लगाने वाले यंत्र हैं जो समुद्र तल में होने वाली हलचल की चेतावनी भेजते हैं जिसे उपग्रहों के माध्यम से प्रसारित कर दिया जाता है।
सूनामी सतर्कता यंत्र समुद्री केबलों के जरिए भूमि से जोड़े जाते हैं और फिर उन्हें समुद्र में 50 कि. मी. तक आड़े-तिरछे लगाया जाता है।
विज्ञान की भाषा में सुनामी समुद्र में संचरित होने वाली ऐसी तरंगों की एक श्रृंखला है जिनके तरंग-दैर्घ्य अस्वाभाविक रूप से लंबे हैं। वे जैसे-जैसे तट के नज़दीक पहुँचती हैं, इन लहरों की गति घटती जाती है और इनकी ऊंचाई बढ़ती जाती है। इसलिए आमतौर पर पानी से ढके रहने वाले तट के निकटवर्ती समुद्री क्षेत्र सुनामी के दौरान दिखाई दे जाते हैं|
2004 में सुनामी आने के बाद भारत ने इसके ख़तरे को कम करने के उपाय पर काम शुरू किया। सुनामी की चेतावनी जारी करने के लिए 'इंण्डियन ओसियन सुनामी वार्निंग मिशिगेशन सिस्टम' (आई.ओ.टी.डब्ल्यू.एस.) विकसित हुआ।
A.
प्रखंड
स्तर के
न्यायालय
में
B. जिला स्तर के न्यायालय में
C. राज्य स्तर न्यायालय में
D. राष्ट्रीय स्तर न्यायालय में
वर्ष 1986 में भारत सरकार ने, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को लागू किया। राज्य स्तर के न्यायालय ₹ 20 लाख से लेकर ₹ 1 करोड़ तक के उपभोक्ता के दावों से सम्बन्धित मामलों का निस्तारण कर सकते हैं |
A.
1985
B. 1995
C. 2005
D. 2010
सूचना का अधिकार अधिनियम भारत के नागरिकों को सरकारी विभागों के कामकाज के बारे में सूचना उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी प्रदान करता है।
A.
मूवी
हाल
B. खाद्य उत्पादों (कृषि संबंधी )
C. आभूषण
D. बिजली के सामान
एगमार्क कृषि उत्पादों और खाद्य वस्तुओं के मानकीकरण के लिए बनाया गया है।
A.
सुरक्षा
B.
चयन
C.
सूचना
D.
शिकायत
सुरक्षा, सूचना और शिकायत, प्रतिनिधित्व और उपभोक्ता शिक्षा के अधिकार सहित चयन का अधिकार भारतीय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 (COPRA) का हिस्सा है।
उपभोक्ताओं के पास उत्पाद के बारे में जानने का अधिकार होता है जिससे वह बाद में विक्रेता के द्वारा शोषित न हो |
A.
उपभोक्ता
संरक्षण
B. उपभोक्ता अधिकार
C. उपभोक्ता संतुष्टि
D. उपभोक्ताओं की असंतुष्टि
उपभोक्ता आन्दोलन वर्ष 1960 में आरंभ हुआ था और उपभोक्ता संरक्षण इसकी मुख्य प्राथमिकता थी । यह उपभोक्ताओं की असंतुष्टि का परिणाम था।
भारत में सामाजिक बल के रूप में उपभोक्ता आन्दोलन की शुरुआत उपभोक्ताओं के हितों को किसी भी गैर कानूनी और अनैतिक प्रक्रियाओं से बचाने और उनके हितों के प्रचार के आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए की गयी थी।
जागो ग्राहक जागो भारत सरकार के द्वारा जनता में उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए आरंभ किए गए प्रचार अभियान के माध्यम से हर घर का एक हिस्सा बन गया।
A.
24 अक्टूबर
B. 24 दिसंबर
C. 24 जनवरी
D. 24 मार्च
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस उपभोक्ता अधिकारों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए 24 दिसंबर को मनाया जाता है |
A.
1984
B. 1985
C. 1986
D. 1987
1986 में भारतीय संसद में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को लागू करने के द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जिसे COPRA भी कहते हैं।
A.
उपभोक्ता
संरक्षण
B. उपभोक्ता शोषण
C. उपभोक्ता समर्थन
D. उपभोक्ता जागरूकता
वर्ष 1985 में संयुक्त राष्ट्र ने उपभोक्ता संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र दिशानिर्देश अपनाए थे। उपभोक्ता इंटरनेशनल 100 से अधिक देशों में 240 संगठनों के लिए एक संरक्षक बन गया है।
A.
24 अगस्त 1989
B. 25 जुलाई 1987
C. 25 दिसंबर 1985
D. 24 दिसंबर 1986
भारतीय संसद में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर उपभोक्ता संरक्षण क़ानून को वर्ष 1986 में लागू किया गया था।
भारतीय मानक ब्यूरो एक ऐसी संस्था है जो सामानों और सेवाओं के लिए मानक विकसित करती है। उत्पादकों के लिए एजेंसी से प्रमाणित होना आवश्यक है।
A.
सूचना
B. जीवन
C. सुरक्षा
D. जानकारी
उपभोक्ता का अधिकार है उन सामानों से सुरक्षित रहना जो जीवन और सम्पत्ति के लिए हानिकारक हो सकते हैं |
उपभोक्ता आम तौर पर विक्रेताओं से कैश मेमो नहीं मांगते हैं जिसे इन्हें उपभोक्ता न्यायालय में विक्रेता के खिलाफ सबूत के तौर पर प्रयोग किया जा सके।
A.
उपभोक्ता न्यायालय
B. उत्पादक न्यायालय
C. सरकारी न्यायालय
D. व्यापार न्यायालय
कोपरा के अंतर्गत एक त्रिस्तरीय न्यायिक तंत्र की स्थापना की गई हैं जो उपभोक्ता विवादों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर निवारण करती हैं ।
उत्पादक और विक्रेता बाज़ार में विभिन्न रूपों का प्रयोग कर उपभोक्ताओं का शोषण करते हैं |
A.
उपभोक्ताओं
की रक्षा करने
के लिए
B. उपभोक्ताओं का शोषण करने के लिए
C. उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के लिए
D. जमाखोरी को बढ़ावा देने के लिए
अधिकतम खुदरा मूल्य वह मूल्य है जो विक्रेता उपभोक्ता से लेता है। यह उपभोक्ता को शोषण से बचाने के लिए है।
सुचना का अधिकार अक्टूबर 2005 में पारित हुआ था। इसके पारित होने के बाद कोई भी व्यक्ति सरकारी विभागों के कार्यों के बारे में भी जानकारी हासिल कर सकता है।
एक उपभोक्ता को बोतलबंद पीने का पानी खरीदने से पहले आईएसआई मार्क की जांच करनी चाहिए। आईएसआई का चिन्ह औद्योगिक उत्पादों के लिए गुणवत्ता को सुनिश्चित करता है।
A.
आर
जे
B. हैम
C. वी जे
D. एमिसी
लाइसेंस प्राप्त रेडियो संचालकों को हैम कहा जाता है| ये आपातकालीन स्थिति में आपातकालीन संचार की सहायता से हमें मदद प्रदान करते हैं|
A.
कॉमसेट
B. आई आर एस
C. पोलर
D. मेटाकोस्ट
कॉमसेट संचार उपग्रह होते हैं| ये अंतरिक्ष में रेडियो प्रसारण के स्टेशन होते हैं| इन्हें सेटकॉम भी कहा जाता है|
A.
रेडियो
B. फोन
C. प्रिंट
D. उपग्रह
उपग्रह आधारित संचार तंत्र का अर्थ है- पृथ्वी पर उपयोग के लिए संचार तंत्र, लेकिन इसके कुछ यंत्र अंतरिक्ष में भी स्थापित किये जाते हैं| जैसे: उपग्रह| विभिन्न उपग्रह भांति-भांति के कार्य करते हैं|
A.
एफ
एम रेडियो
B. प्रिंट मीडिया
C. सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
D. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग
देश में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग हैम रेडियो की लोकप्रियता बढ़ा रहा है| इसने विभिन्न स्थानों पर हैम रेडियो स्टेशनों की स्थापना के राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत की है| यह विभाग ऑपरेटरों को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहा है|
A.
सेटकॉम
B. कॉमसेट
C. सेटफोन
D. मोबाइल
सेटफोन या उपग्रह फोन, मोबाइल फोन के ही भाग हैं| इन फ़ोनों के लिए उपग्रह एक टेलीफोन एक्सचेंज की भांति कार्य करता है| ये फोन अत्यधिक विश्वसनीय संचार और आंकड़े प्रदान करते हैं|
A.
जी
एस एल वी
B. इनसेट
C. आई आर एन एस एस
D. ए एस एल वी
इनसेट या भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह भारत का वर्तमान में एक कार्यरत तंत्र है| इसका उपयोग दूरसंचार, टेलीविज़न, प्रसारण, मौसम विज्ञान और आपदा के लिए सचेत करने में किया जाता है|
A.
इनसेट
B. एन आई सी
C. पी एस टी एन
D. सी एस टी एन
संचार का सबसे लोकप्रिय साधन पी एस टी एन है| यह सभी सरकारी कार्यालयों, पुलिस स्टेशनों, अग्निशमन ग्रहों, अस्पतालों और अधिकतर घरों को आपस में जोड़ने का प्रमुख नेटवर्क है|
A.
बुरी
तरह से
क्षतिग्रस्त
B. कार्यरत
C. आवश्यकता नहीं होती है
D. उपयोग नहीं होता है
किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा या आपातकालीन स्थितियों में दूरसंचार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाता है और कार्य करना बंद कर देता है| विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो जाती है, जिसका उपयोग टेलीफोन एक्सचेंज में किया जाता है| संचार ट्रैफिक अपनी क्षमता से अधिक हो जाता है, जिससे नेटवर्क असफल हो जाता है|
आल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और भारतीय प्रेस ट्रस्ट सूचानाओं के संग्रहण और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं|
सेटेलाइट फोन या सेटफोन ऐसा मोबाइल फोन होता है लैंडलाइन या सेल्युलर टॉवरों के बजाय उपग्रहों से सिग्नल प्राप्त करता है।
सार्वजनिकतारटेलीफोनऔर मोबाइल फोन आपदा के दौरान कार्य करना बंद कर देते हैं|
दूरसंचार के प्रयोजनों के लिए संचार उपग्रह (कभी-कभी संक्षेप में SATCOM प्रयुक्त) अंतरिक्ष में तैनात एक कृत्रिम उपग्रह है। आधुनिक संचार उपग्रह भू-स्थिर कक्ष, मोलनीय कक्ष, अन्य दीर्घवृत्ताकार कक्ष और पृथ्वी के निचले (ध्रुवीय और ग़ैर-ध्रुवीय) कक्ष सहित विभिन्न प्रकार के परिक्रमा-पथों का उपयोग करते हैं।
आपात संचार के कुछ लोकप्रिय साधन इस प्रकार हैं:
i. रेडियो संचार
ii. एमेच्योररेडियो
iii. उपग्रह आधारित संचार प्रणाली
सार्वजनिकतारटेलीफोन को पब्लिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क (पीएसटीएन) के नाम से भी जाना जाता है|
भारत में एमेच्योररेडियो रचनात्मक शौक के रूप में विकसित हो रहे हैं| यह रेडियो संचार को सीखने का सरलतम माध्यम है|
यह वॉकी-टॉकीहै| इसे आपात की स्थितियों में स्थानीय संचार के लिए उपयुक्त माना जाता है| परन्तु वॉकीटॉकीकाप्रयोगएकसिमितदूरीतकहीकियाजासकताहैं
एक उपग्रह में सामान्यतः सैकड़ों या हजारों ट्रांसपोंडर लगे होते हैं|
भिन्न-भिन्न उपग्रह भिन्न-भिन्न कार्य करते हैं; जैसे मौसम के चित्र लेना तथा देशांतर और अक्षांश के सन्दर्भ में पृथ्वी पर उपयुक्त स्थानों का पता लगाना आदि|
आपदाओं के दौरान, विद्युत आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न होता है| जिसकी वजह से टेलीफोन एक्सचेंज और सेलुलर ट्रांसमिशन टावर कार्य करना बंद कर देते हैं|
वैकल्पिक संचार प्रणालियां, संचार की वे प्रणालियां हैं जो आपदा के दौरान विभिन्न स्तरों पर सरकारी अधिकारियों के मध्य कार्य करते हैं, जो उपग्रह और रेडियो संचार की तरह पीड़ित जनता को पर्याप्त सहायता प्रदान करते हैं|
एक कॉलेज कीप्रत्येकएक रास्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस)यूनिट से यह अपेक्षा की जाती है कि वह निकट के किसी गांव/स्लम कोअपनाए तथा उसके सम्पूर्ण विकास के लिए कार्य करे।
एक रास्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस)स्वयंसेवक के रूप में नामांकित किसी छात्र को दो वर्ष की लगातार अवधि में कम-से-कम 240 घंटे उपयोगी समाज-कार्य करना चाहिए।
भारतीय सशस्त्र बल सरकार की प्रतिक्रिया क्षमता का मर्म होता है|
संयुक्त राष्ट्र आपदा प्रबंधन दल (यूएनडीएमटी) का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
अशांतितथासाम्प्रदायिकदंगों पर नियंत्रण करने में पुलिस की सहायता करने के लिए होम गार्ड्स का गठन किया गया था|
राष्ट्रीयसेवायोजना(एनएसएस)का आदर्श वाक्य है- ‘मैं नहीं लेकिन आप’| इससे यह ज्ञात होता है कि व्यक्ति का कल्याण समाज के कल्याण पर निर्भर है|