CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 174801 कौन-सा वायरलेस सेट आपात स्थितियों के लिए उपयुक्त माना जाता है और क्यों?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हाथ में लिए जाने वाले वायरलेस सेटवाकी टॉकी आपात स्थितियों में स्थानीय संचार के लिए उपयुक्त माने जाते हैं| ये विशिष्ट संकेत प्राप्त करने के कारण आपातकालीन स्थितियों के लिए अधिकउपयुक्त माने जाते हैं|


Q. 174802 ऐसी दो घटनाओं का उदाहरण दीजिये जिनमें एमेच्योरस्वयंसेवकों ने प्रशंसनीय सेवाएं प्रदान की हों?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एमेच्योरस्वयंसेवकों ने वर्ष 1999 में उड़ीसा में आये विशाल चक्रवात में और वर्ष 2001 में गुजरात में आये भूकंप में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं|


Q. 174803 चित्र में दर्शाया गया संचार के इस साधन को आधुनिक समय का सबसे लोकप्रिय साधन क्यों कहा जाता है? Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/06/11/2014061173496900140247817455.jpg
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मोबाइल एक इलेक्ट्रॉनिक दूरसंचाए यंत्र है, जिसे अधिकतर एक सेलुलर फोन या सेल फोन के रूप में उल्लिखित किया जाता है|यह रेडियो तरंग या उपग्रह प्रसारण के माध्यम से एक वायरलेस संचार नेटवर्क को जोड़ता है| इस एक डिवाइस से कई कार्य किये जाते हैं और यह बहुत ही आसानी से कार्य करता है।यही कारण है कि यह लोकप्रिय होता जा रहा है|अधिकांशमोबाइल फोनआवाज संचार, लघु संदेश सेवा (एसएमएस), मल्टीमीडियासंदेश सेवा (एमएमएस) प्रदान करते हैं और कई स्मार्ट फोनइंटरनेट सेवाएं जैसे वेब ब्राउज़िंग औरई-मेल के रूप में सेवाएँ प्रदान करते हैं।


Q. 174804 भारत सरकार आपदा या आपदा प्रबंधकों को कैसे सम्बद्धकरती है और क्यों?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत सरकार आपदा प्रबंधकों को बहु-खतरा संभावी जिलों में पोर्टेबल सेटेलाइट फोन से सम्बद्ध कर रही है|आपदा प्रबंधक बहु-खतरा संभावी जिलों मेंपोर्टेबल सैटेलाइट फोन के साथ मौजूदहैं|ऐसामुख्य संचार लाइनों के असफल हो जाने पर स्थानीय और राज्य स्तर पर प्रशासन के मध्य संचार स्थापित करने के लिए किया जाता है|


Q. 174805 दो वर्तमान परिचालन भारतीय अंतरिक्ष प्रणालियों द्वारा निष्पादित कार्य क्या-क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह वर्तमान परिचालन भारतीय अंतरिक्ष प्रणालियों के मध्य है। इसका उपयोग दूरसंचार, टेलीविजन प्रसारण, मौसम विज्ञान और आपदा चेतावनी के लिए किया जाता है।

भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह पृथ्वी अवलोकनउपग्रहों की एक श्रंखला है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने बनाया,इसका  शुभारंभ किया और इसके संरक्षण के लिए कार्यरत है|आईआरएस श्रृंखला भारत के लिए कई सुदूर संवेदन सेवाएं प्रदान करती है।यह मुख्य रूप से संसाधन की निगरानी और प्रबंधन के लिए प्रयोग की जाती है।


Q. 174806 हमारे देश में एमेच्योर रेडियोको लोकप्रिय बनाने के लिए सरकार ने कौन-से कदम उठाए हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हमारे देश में एमेच्योर रेडियोको लोकप्रिय बनाने के लिए सूचनाप्रौद्योगिकीविभागकेद्वाराविभिन्नप्रयास कियेगएहैं| इसने विभिन्न स्थानों पर एमेच्योर रेडियोकी स्थापना के लिए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित किये हैं| विभाग रूचि रखने वाले एमेच्योर स्टेशन ऑपरेटरों को लाइसेंस प्राप्त एमेच्योर का बल विकसित करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है|


Q. 174807 पीएसटीएनक्या है? यह क्यों महत्वपूर्ण है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पीएसटीएन का अर्थ पब्लिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्कहै| यह एक सार्वजनिक वायर्ड टेलीफोन होता है| यहवाइससंदेशों, फैक्सऔरआंकड़ोंकोसंचारितऔरप्राप्तकरनेकेसाथ-साथसभीसरकारों, व्यक्तिगतकार्यालयों, पुलिसस्टेशनों, अग्निशमनस्टेशनों, अस्पतालोंऔरअधिकतरघरोंतथाव्यावसायिकस्थानोंकोजोड़नेकामुख्यनेटवर्कहै|


Q. 174808 आपदाओं के दौरान उपग्रह आधारित संचार प्रणाली संचार के अन्य सधानों की अपेक्षा अधिक पसंद क्यों की जाती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उपग्रह आधारित संचार प्रणाली सर्वाधिक विश्वसनीय संचार प्रणाली है क्योंकि इसमें संचार के उपग्रह अंतरिक्ष में अवस्थित किये जाते हैं|येउपग्रहकिसीभीप्राकृतिकआपदाकीचपेटमेंनहींआतेहैं| विश्वसंचारलिंक्सबहुतहीछोटेऔरपोर्टेबलउपग्रहएंटीनाकेद्वारास्थापितकियेजासकतेहैंतथायेसरलतासेकार्यकरतेहैं|


Q. 174809

  निम्न  चित्र के  आधार पर  प्रश्नों के  उत्तर दीजिये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i. एमेच्योर या हैम रेडियो
ii. एमेच्योर रेडियोविशेषप्रकारकेनियमोंकाउल्लेखकरतेहैं, जोअन्तर्राष्ट्रीय दूरसंचार यूनियन द्वारा निर्धारित विशिष्ट तरंगकीफ्रिक्वेंसीपरकार्यकरतेहैं|
iii. एमेच्योर रेडियोआपात की स्थितियों में सफलतापूर्वक कार्य करता है, क्योंकि यह भूमि आधारित सुविधाओं का उपयोग नहीं करता है|इसमें विद्युतकी सीमित आवश्यकता होती है, जो बैट्रीज और जनरेटर से आसानी से प्राप्त हो जाती है|

 

 

 


Q. 174810

  निम्न  चित्र के  आधार पर  प्रश्नों के  उत्तर दीजिये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i.यह एक ट्रांसपोंडर है, जो एक संचार उपग्रह की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है|

ii. ट्रांसपोंडर एक रेडियो होता है, जो एक आवृत्ति से वार्ता को प्राप्त करता है और पृथ्वी के लिए दूसरी आवृत्ति में परिवर्तित कर भेजता है|

iii. यह आंकड़े, टेलीविज़न, चित्र और कुछ टेलीफोन प्रसारण नियमित रूप से प्राप्त करता है तथा इन ट्रांसपोंडर से पुनःप्रसारित करता है|

 


Q. 174811

  निम्न  चित्र के  आधार पर  प्रश्नों के  उत्तर दीजिये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i.                    भारतसंचारनिगमलिमिटेड (BSNL)एक अग्रणी दूरसंचार कंपनी है| यह भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम से संबंधित है| 

ii.                  भारतसंचारनिगमलिमिटेड (BSNL)1 अक्टूबर 2000 को अस्तित्व में आया|
iii. इसके मुख्य कार्य सभी गांवों में दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना, दूरसंचार नेटवर्क का विस्तार करना, नई दूरसंचार सेवाओं की शुरुआत करना और अपने सदस्यों में आत्मविश्वास पैदा करना है|


Q. 174812 निम्नलिखित में से मृदा अपरदन किसका एक प्रमुख कारण है?


A.

सूनामी

B.

भूकंप

C.

भूस्खलन

D.

चक्रवात

Right Answer is: C

SOLUTION

भूस्खलन मृदा अपरदन का एक मुख्य कारण है। भूस्खलन, ढलान अस्थायित्व और मिट्टी के कटाव से जुड़े हुए हैं और मृदा अपरदन इसको आगे बढ़ाते हैं।


Q. 174813 जिन स्थानों पर बस्तियों को ऊंचे स्थान पर बनाया जाना चाहिए, वे हैं:


A.

बाढ़ और भूकंप की आशंका वाले क्षेत्र

B.

भूकंप की आशंका वाले क्षेत्र

C.

भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्र

D.

बाढ़ और चक्रवात की आशंका वाले क्षेत्र

Right Answer is: D

SOLUTION

बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों के साथ-साथ चक्रवात की आशंका वाले क्षेत्रों में बस्तियों को ऊंचे स्थान पर बनाया जाना चाहिए और भूतल पर दीवार नहीं बनाना चाहिए, जिससे पानी निर्बाध रूप से बह सके।


Q. 174814 खंड स्तर पर आपदा प्रबंधन की अवधारणा का वर्णन कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खंड स्तर पर, खंडविकासअधिकारी/ तालुकाविकासअधिकारीआपदा प्रबंधनसंबंधी सभी क्रियाकलापों के लिए नोडल अधिकारीहोता है। समिति के अन्य सदस्य समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीणजल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग, पुलिस, समुदाय आधारित संगठनों, गैर-सरकारीसंगठनों, प्रख्यात वरिष्ठ नागरिक, निर्वाचित प्रतिनिधियोंआदि केअधिकारी हैं|


Q. 174815 2004 में आई सुनामी में राष्ट्रीयसेवायोजना(NSS)की भूमिका पर प्रकाश डालिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

2004 में हिन्द महासागर में आई सुनामी में लगभग 1200 राष्ट्रीयसेवायोजनास्वयंसेवी राहत सामग्रियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों विशेष रूप से मलिन बस्तियों में भेजे गए थे|क्षेत्रीय निदेशक की देखरेख में राष्ट्रीयसेवायोजनास्वयंसेवी राहत कार्यों के लिए पुदुच्चेरी में भी तैनात किये गए थे|


Q. 174816 राष्ट्रीय केडिट कोर के मुख्य उद्देश्य क्या-क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राष्ट्रीय केडिट कोर के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:

     i.        युवाओं में चरित्र,साहस,मैत्रीभाव,अनुशासन,नेतृत्व के गुणों,धर्म-निरपेक्षदृष्टिकोण, साहसिक-कार्यों एवं खेल भावना तथा निःस्वार्थ सेवा के गुणों काविकास कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना|

    ii.        युवाओं के लिए प्रशिक्षण एवं गतिविधियों का आयोजन|

  iii.        जीवन के सभी क्षेत्रों, सशस्त्रबलोंमें नेतृत्व प्रदान करना और स्वयंको देश सेवा के लिए अर्पित करना|


Q. 174817 ब्लॉक आपदा प्रबंधन समिति के मुख्य कार्यों की सूची बनाइये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ब्लॉक आपदा प्रबंधन समिति के मुख्य कार्य निम्नवत हैं:

      i.               ब्लॉकआपदा प्रबंधन योजना की तैयारी में ब्लॉक प्रशासन की मदद करना|

    ii.               आपदा प्रबंधन टीमों के सदस्यों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन|

  iii.               मॉक ड्रिल का आयोजन|

 


Q. 174818 केंद्र सरकार से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के आधार क्या-क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

केंन्द्र सरकार की प्रतिक्रिया निम्न कारकों पर आधारित है:

   i.            आपदा की तीव्रता

 ii.            राहत कार्यों के पैमाने

iii.            वित्तीय संसाधनों और रसद बढ़ाने केलिए केंद्रीय सहायता कीआवश्यकताओं को राज्य सरकार के निपटान का समर्थन|


Q. 174819 नेहरुयुवाकेन्

  नेहरु युवा  केंद्र पर टिप्पणी  लिखें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नेहरुयुवाकेन्द्रों की शुरूआत वर्ष 1972 में ग्रामीण युवाओं के व्यक्तित्व, कौशल के विकास और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में हिस्सा बनने के लिए की गयी थी|वर्ष 1987-1988, खेल एवं युवा मंत्रालय के तहत नेहरु युवा केंद्र संगठन को स्वायत्त संगठन के रूप में स्थापित किया गया था| नेहरु युवा केन्द्रों की स्थापना राष्ट्रीय सलाहकार की सिफारिश पर की गयी थी| इसके स्वयंसेवक संकट के समय समुदायों की मदद के लिए तैयार रहते हैं| वर्तमान में, यह संगठन खेल एवं युवा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत है|नेहरुयुवाकेन्द्र संगठन एक पंजीकृत संस्था है और इसे एक शासक-मंडल द्वारा संचालित किया जाता है| यह विश्व के सर्वाधिक बड़े जमीनी स्तर के संगठनों में से एक है| इसमें 13-35 वर्ष के आयु समूह में आठ लाख गैर-छात्र ग्रामीण युवाओं की जरूरतों को पूरा करना शामिल है| यह ग्राम-आधारित युवा संगठन के रूप में नामांकित हुआ, जिसेयुवा क्लब कहा जाता है| 


Q. 174820 होम गार्ड कब स्थापित किया गया? इसके मुख्य कार्यों की सूची बनाइये?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

होमगार्डएकस्वयंसेवीबलहोतेहै, जिसे दिसम्बर, 1946मेंस्थापितकियागयाथा, जोनागरिकअशांतितथासाम्प्रदायिकदंगों पर नियंत्रण करने में पुलिस की सहायता करते हैं| होम गार्ड के मुख्य कार्य इस प्रकार हैं:

·         आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस के सहायक के रूप में कार्य करना|

·         किसी भी प्रकार की आपातस्थिति; जैसे हवाई हमला, आग लगना,चक्रवात,भूकंप,महामारी आदि में समुदाय की सहायताकरना|

·         नागरिकों के लिए अनिवार्य सेवाओं को बनाए रखने में मदद करना|

·         साम्प्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना और कमजोर वर्गोंको संरक्षण प्रदान में प्रशासन की सहायता करना|

·         सामाजिक-आर्थिक और कल्याण संबंधी गतिविधियों में भाग लेना तथा नागरिक सुरक्षा कार्य करना।


Q. 174821 आपदा प्रबंधन को शिक्षा की मुख्यधारा में कैसे सम्मलित किया जा सकता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सक्षम बल की उपलब्धता, सभी स्तरों पर समय के साथ प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण आवश्यक है| आपदा प्रबंधन को विद्यालयों से लेकर तकनीकी कॉलेजों से उच्च शिक्षा तक एक अनिवार्य विषय के रूप में कर देना चाहिए| भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) जैसे संस्थानविभिन्न विभागों के सरकारी पदाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करके देश के लिए कुशल मानव संसाधनों को विकसितकरने की प्रक्रियाहै|अखिल भारतीय परिषद (एआईसीटीई) ने इंजीनियरिंग में आपदा प्रबंधन पाठ्यक्रम की शुरूआत की है।आपदा प्रबंधनभारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा के आधारभूत पाठ्यक्रम का भी हिस्सा बनाया गया है।इसे जागरूकफ़ैलानेके लिए सभी स्तरों पर पाठ्यक्रम के एक महत्वपूर्ण भाग के रूप में पेश किया जाना चाहिए।


Q. 174822 नयी श्रेणी में जाने और नयी और पुरानी किताबों से आती विशेष गंध से लेखक का बालमन क्यों उदास हो उठता था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नई श्रेणी में जाते समय उत्साह होना चाहिए था| इसी प्रकार अगली कक्षा की किताबों को पाकर भी उमंग होनी चाहिए थी| परंतु लेखक उदास हो जाता था क्योंकि लेखक को हर वर्ष नई पुस्तकों की बजाय पुरानी पुस्तकें मिला करती थी| लेखक को नई कक्षा में जाने का शौक कभी नहीं जागा| लेखक को अगली कक्षा की पढ़ाई अधिक कठिन प्रतीत होती थी| उसे नए मास्टरों की मार-पीट का भय सताता था| वे पुराने छात्रों से बहुत अधिक अपेक्षा किया करते थे| अपेक्षा पूरी न होने पर वे छात्रों की चमड़ी उधेड़ने को तैयार रहते थे| उसे नई कापियों और पुरानी किताबों से अजीब-सी गंध आया करती थी| आज लेखक को लगता है कि शायद मास्टरों की मार-पीट और आगे की मुश्किल पढ़ाई के कारण ही उसे पढ़ाई रुचती नहीं थी|


Q. 174823 ग्रीष्मावकाश में मिले गृहकार्य को पूरा करने के लिए लेखक की क्या योजनाएँ होती थी? उसके पूर्ण न होने पर वह क्या कल्पना करता था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ग्रीष्मावकाश में मिले गृहकार्य को पूरा करने के लिए लेखक अनेक योजनाएँ बनाता था| अक्सर वह आज के काम को कल पर टालता था| एक महीना बीतने पर छुट्टियों के काम की याद आने लगती तो सोचने लगता था| सोचता था कि अभी तो 20 दिन बचे हैं| हिसाब के सवाल एक दिन में 10 भी किए तो 200 सवाल आराम से हो जाएँगे| परंतु फिर कुछ दिन बिना काम के बीते जाते| फिर वह एक दिन में 15 सवाल करने की सोचने लगता| आख़िरकार छुट्टियाँ बीतने को हो जातीं तो सोचने लगता कि ज्यादा से ज्यादा मास्टर की मार पड़ेगी| इतना करने से अच्छा तो मास्टर की मार खाना ही अच्छा है|


Q. 174824 हेडमास्टर का स्वभाव कैसा था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेखक के स्कूल के हेडमास्टर थे-श्री मदनमोहन शर्मा स्वभाव से बहुत नरम और हँसमुख थे| वे अंग्रेजी पढ़ाते थे| | वे गोरे रंग के बड़े उदार और विन्रम हेडमास्टर थे| उन्हें बच्चों का अनुशासन पंसद था| परंतु वे उन पर सख्ती करने के विरुद्ध थे| वे जब कभी बच्चों पर गुस्सा होते थे तो उन्हें पीटने की बजाय अपनी आँखें झपकाने लगते थे, मानों अपनी नाराज़गी प्रकट कर रहे थे| वे बच्चों को मारते भी थे तो बड़ी हल्की चपत से| बच्चों को हेडमास्टर की चपत नमकीन पापड़ी जैसी भली लगती थी| वे अच्छे प्रशासक थे| एक बार पीटी मास्टर ने सब लड़कों को कान पकड़ने के लिए कहा| सबने मुर्गा बनकर कान पकड़े| मास्टर जी चीखे-पीठ ऊँची करो| लड़कों को मुर्गा बने देख हेडमास्टर जी को यह सहन न हुआ| उन्होंने उत्तेजित होकर प्रीतमचंद को कहा-‘क्या चौथी कक्षा के बच्चों को सज़ा देने का यही ढंग है? वे पीटी मास्टर की क्रूरता को देखा तो सहन न कर सके| उन्होंने उन्हें तत्काल स्कूल से निकाल दिया|


Q. 174825 लेखक को स्कूली जीवन क्यों नहीं भाता था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेखक तथा उसके साथियों को स्कूली जीवन बिल्कुल नहीं भाता था| पाँच-छ: बच्चों को छोड़कर शेष सब बच्चे रोते-धोते हुए ही स्कूल जाते थे| इसके कई कारण बताए गए हैं| पहला कारण यह था कि स्कूल में भय का वातावरण था| बच्चे मास्टर की क्रूरता से भयभीत रहते थे| वे काम के अधिक बोझ से भी घबराते थे| मास्टर लोग बहुत कठोर दंड देते थे| पीटी मास्टर तो साक्षात् यमराज थे| वे बात-बात पर चमड़ी उधेड़ दिया करते थे| इस कारण बच्चे भयभीत रहते थे| बच्चे शारीरिक गतिविधियों और खेलों में अधिक रूचि लेते हैं| छुट्टियों का काम बच्चों पर इस तरह लाद दिया जाता था कि बच्चे उसका बोझ उठाने की बजाय मास्टर जी की मार खाना ही अधिक पंसद करते थे| लेखक को हर अगली कक्षा पहली कक्षा से अधिक कठिन जान पड़ती थी| नए मास्टर भी पुराने छात्रों से कुछ अधिक उम्मीद करते थे| इसलिए वे उन्हें खूब पीटा करते थे|


Q. 174826 ‘सपनों के-से-दिन’ पाठ के आधार पर लेखक के बचपन की मस्ती का वर्णन कीजिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

‘सपनों के-से-दिन’ पाठ में लेखक के बचपन की मस्ती का वर्णन है| बचपन में लेखक अपने आस-पड़ोस के बच्चों के साथ खूब खेला करते थे| वे रोज ही लकड़ियों के ढेर पर से फिसलते हुए कितनी चोट खाते थे| उनके मिट्टी भरे घाव देखकर माँ-बहनें तरस खाने की बजाय उनकी पिटाई किया करती थीं| उनमें से अधिक दोस्त तो स्कूल जाते ही नहीं थे| उनके सिर पर पढ़ाई का बोझ नहीं था| लेखक के अधिकतर साथी स्कूल को कैदखाना मानते थे| वे स्कूल में पढ़ाई से अधिक ध्यान फूल-पत्तियों,झाड़ों में लगाया करते थे| लेखक को सबसे अधिक आनंद ननिहाल में जाकर मिलता था| वहाँ नानी उन्हें खूब दूध-दही,मक्खन खिलाती थी और प्यार करती थी| वहाँ वे दिन-भर रेत के टीले पर चढ़ कर तालाब में कूदते थे| फिर रेत में लोट-पोट होकर फिर-से तालाब में कूदते थे| इस प्रकार वे खूब उछलकूद और मस्ती किया करते थे| कभी-कभी कुछ बच्चें तैरने के चक्कर में गहरे पानी में फँस जाया करते थे| तब वे बड़ी कठिनाई से बाहर निकल पाते थे| परंतु अगले दिन फिर-से तालाब में कूदते नज़र आते थे|

 


Q. 174827 यदि किसी वस्तु के भार के बराबर उस पर कोई बल लग रहा हो तो, तो वस्तु कितनी दूरी तय करेगी ?


A. v2/2

B. 2g/v2

C. g/v2

D. v2/2g

Right Answer is: D

SOLUTION

कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन


Q. 174828 यदि 500 W के चार उपकरण 10 घंटों के लिए उपयोग किये जाते हैं तो उनके द्वारा उपभोग की जाने वाले व्यवसायिक ऊर्जा होगी


A. 30 इकाई

B. 5 इकाई

C. 20 इकाई

D. 8 इकाई

Right Answer is: C

SOLUTION

ऊर्जा = शक्ति x समय


Q. 174829 गुरुत्वाकर्षण द्वारा किया गया कार्य ,निर्भर करता है


A. प्रारम्भिक स्थिति से अंतिम स्थिति तक पहुँचने वाले मार्ग पर

Right Answer is: C

SOLUTION

स्थितिज ऊर्जा  = mgh यहाँ h प्रारम्भिक और अंतिम स्थितियों के बीच की दूरी है |


Q. 174830 जब वर्षा की बूंद, ज़मीन पर गिरती है तो ऊर्जा परिवर्तन होता है:-


A. रासायनिक ऊर्जा से गतिज ऊर्जा में

Right Answer is: B

SOLUTION

जब वर्षा की बूंद, ज़मीन पर गिरती है तो वर्षा की बूंद की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का गतिज ऊर्जा में परिवर्तन होता है क्योंकि किसी वस्तु में गतिज ऊर्जा उस वस्तु में गति के कारण होती है|


Q. 174831 1 W, शक्ति की वो इकाई है जब किसी निकाय के कार्य करने की दर होगी:-


A. 1 न्यूटन प्रति सेकंड

Right Answer is: C

SOLUTION

यदि कोई अभिकर्ता 1 सेकंड में 1 जूल कार्य करता है तो उसकी शक्ति 1W होगी।


Q. 174832 ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई है:-


A. 1 जूल

B. 1 वाट

C. 1 किलो वाट घंटा

D. 1 न्यूटन

Right Answer is: C

SOLUTION

(KWh) ऊर्जा की वह मात्रा है जो 1KW के किसी स्त्रोत को 1 घंटे तक उपयोग करने में व्यय होगी| घरों, उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों में व्यय होने वाली ऊर्जा को KWh में व्यक्त करते हैं।


Q. 174833 यदि किसी निकाय का वेग दुगुना कर दिया जाए तो उसकी गतिज ऊर्जा:-


A. दुगुनी हो जाएगी

Right Answer is: B

SOLUTION

जब किसी वस्तु का वेग दुगुना हो जाएगा तो उसकी गतिज ऊर्जा चार गुना हो जाएगी |


Q. 174834 स्थि

किसी निकाय की स्थितिज ऊर्जा होती है- गति के कारण <div class= Right Answer is: B

SOLUTION

किसी वस्तु की स्थिति या विन्यास परिवर्तन के लिए किया गया कार्य उसममें ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है | इसे वस्तु की स्थितिज ऊर्जा कहते हैं , जो कि वस्तु की स्थिति या विन्यास में विकृति के कारण होती है|


Q. 174835

एक कूली 500N का वजन अपने सिर पर रख कर 100 m  चलता है<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

यदि विस्थापन और बल, लम्बवत हों तो विस्थापन की दिशा तथा बल की दिशा एक दूसरे से 900 कोण बनाती हैं | अर्थात अगर θ का मान 00  है तो cos 900 का मान 0  हुआ | अत: शून्य कार्य होगा|


Q. 174836 किसी निकाय द्वारा किए गए कार्य का उचित संबंध है :-


A. कार्य = बल / विस्थापन

B. कार्य = बल  x समय

C. कार्य = बल  x विस्थापन

D. कार्य =विस्थपन / बल

Right Answer is: C

SOLUTION

कार्य की परिभाषा के अनुसार किया गया कार्य, बल और विस्थापन के गुणनफल के बराबर होता है|


Q. 174837 1 किलोग्राम के एक पिण्ड की गतिज उर्जा 200 जूल है, तो उसका वेग है


A. 20  मीटर/सेकण्ड

B. 50 मीटर/सेकण्ड 

C. 100 मीटर/सेकण्ड

D. 200  मीटर/सेकण्ड 

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 174838 किसी निकाय की एक निश्चित ऊंचाई पर स्थितिज ऊर्जा 200 जूल है
Right Answer is: B

SOLUTION

ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत अनुसार ऊर्जा की न तो उत्पत्ति की जा सकती है और न ही पतन | इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित कर सकते हैं| इसलिए कुल स्थितिज ऊर्जा , गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाएगी| अत: गतिज उर्जा, प्रारंभिक स्थितिज उर्जा (जो कि 200 जूल है) के बराबर होगी|


Q. 174839 स्थितिज उर्जा का
Right Answer is: A

SOLUTION

गतिज ऊर्जा किसी निकाय में उसकी गति के कारण होती है| यह निकाय की गति और द्रव्यमान पर निर्भर करती है | इसका परिमाण सूत्र होता है|


Q. 174840 घड़ी को चाबी देने में संग्रहित ऊर्जा है


A. गतिज उर्जा

B. स्थितिज उर्जा

C. शक्ति

D. गुरुत्वीय

Right Answer is: B

SOLUTION

किसी वस्तु की स्थिति या विन्यास परिवर्तन के लिए किया गया कार्य उसमें ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है| इसे वस्तु की स्थितिज ऊर्जा कहते हैं, जो कि वस्तु की स्थिति या विन्यास में विकृति के कारण होती है|


Q. 174841 यदि विस्थापन, s बल, F की विपरीत दिशा में हो तो कार्य


A. धनात्मक होता है।

B. ऋणात्मक होता है।

C. शून्य होता है।

D. धनात्मक तथा ऋणात्मक दोनों हो सकता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

यदि बल और विस्थापन दोनों विपरीत दिशा में हों अर्थात q का मान 1800 हो , तो cos 1800 का मान -1 होगा| अतः W का मान -Fs होगा | इस स्थिति में किया गया कार्य ऋणात्मक कहलाता है|


Q. 174842 जब एक पिण्ड पर 5 न्यूटन बल लगाकर उसे बल की दिशा में 10 मीटर विस्थापित किया जाए तो किया गया कार्य


A. 30 जूल होगा।

B. 40 जूल होगा। 

C. 50 जूल होगा।

D. 60 जूल होगा।

Right Answer is: C

SOLUTION

कार्य = बल x विस्थापन = 5 x 10  = 50 जूल


Q. 174843 एसo आईo पद्धति में कार्य का मात्रक :-


A. न्यूटन है।

B. वाट है।

C. मीटर है।

D. जूल है।

Right Answer is: D

SOLUTION

कार्य = बल x विस्थापन बल का मात्रक न्यूटन होता है और विस्थापन का मात्रक मीटर होता है | इसलिए कार्य का मात्रक हुआ न्यूटन मीटर जिसे जूल कहा जाता है|


Q. 174844 यदि विस्थापन बल के लम्बवत हो तो बल द्वारा किया गया कार्य


A. धनात्मक होता है।

B. ऋणात्मक होता है।

C. धनात्मक तथा ऋणात्मक दोनों हो सकता है।

D. शून्य होता है।

Right Answer is: D

SOLUTION

कार्य = बल x विस्थापन यदि बल एवं विस्थापन एक-दूसरे से किसी कोण पर कार्य कर रहें हों , तो कार्य की गणना करने के लिए बल का वह घटक लेना होगा जो विस्थापन की दिशा में है । यदि विस्थापन बल के लम्बवत हो तो विस्थापन की दिशा तथा बल की दिशा एक दूसरे से 900 कोण बनाती हैं | अर्थात q का मान 900 तो cos 900 का मान 0 हुआ | अत: शून्य कार्य होगा |


Q. 174845 किसी तेज़ गतिमान क्रिकेट गेंद मे ऊर्जा होती है:-


A. गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा

B. गतिज ऊर्जा

C. प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा

D. रासायनिक ऊर्जा

Right Answer is: B

SOLUTION

वस्तुओं में गति के कारण उत्पन्न ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं |


Q. 174846 मुक्त पतन के दौरान किसी निकाय की गतिज और स्थितिज ऊर्जा का योग


A. परिवर्तित होता रहता है

Right Answer is: D

SOLUTION

ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के अनुसार ऊर्जा की न तो उत्पत्ति की जा सकती है और न ही पतन | इसको केवल एक रूप से दूसरे में परिवर्तित कर सकते हैं और किसी बंद निकाय में कुल ऊर्जा सदैव अचर और स्थिर रहती है ।इसलिए मुक्त पतन के दौरान स्थितिज ऊर्जा , गतिज ऊर्जा मे परिवर्तित हो जाती है किन्तु प्रत्येक बिन्दु पर गतिज और स्थितिज ऊर्जा का योग स्थिर रहता है|


Q. 174847 जब एक तीर धनुष से निकलती है तो इसके पास गतिज ऊर्जा होती है। यह गतिज ऊर्जा वह कहाँ से प्राप्त करती है?
Right Answer is:

SOLUTION

तनी हुई धनुष के आकार में परिवर्तन के कारण स्थितिज ऊर्जा उत्पन्न होती है। तीर के निकलने पर, धनुष की स्थितिज ऊर्जा तीर की गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।


Q. 174848 कुल यांत्रिक ऊर्जा के लिए गणितीय व्युत्पन्न दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

कुल यांत्रिक ऊर्जा के लिए गणितीय व्युत्पन्न निम्न प्रकार है :

E = T + U

जहाँ, E = कुल यांत्रिक ऊर्जा

T = गतिज ऊर्जा

U = स्थितिज ऊर्जा


Q. 174849 5 kg द्र्व्यमान का कोई निकाय धरातल से 10m की ऊंचाई पर रखा है, उसकी स्थितिज ऊर्जा क्या होगी? दिया गया है :- g = 10 m/s2
Right Answer is:

SOLUTION

स्थितिज ऊर्जा निम्न प्रकार से दी जाती है,
P.E = mgh
= 5kg × 10ms-2 × 10m = 500 J


Q. 174850 किसी निकाय की यांत्रिक ऊर्जा किसे कहते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी निकाय की गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा का योग उसकी यांत्रिक ऊर्जा कहलाती है।


Q. 174851 पुस्तक पढ़ने को भौतिक रूप में कार्य क्यों नहीं माना जाता?
Right Answer is:

SOLUTION

भौतिक रूप में,

कार्य = बल x बल की दिशा में विस्थापन

पुस्तक पढ़ने में विस्थापन शून्य होता है, अत: कृत कार्य भी शून्य होता है।


Q. 174852 वृत्ताकार पथ पर समान चाल से गतिमान पिण्ड द्वारा किया गया कार्य शून्य क्यों होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

वृत्ताकार मार्ग पर घूमते हुए किसी पिण्ड में विस्थापन तो होता है परन्तु घूमने के लिए लग रहे अभिकेन्द्र बल की दिशा केन्द्र की ओर होती है जो विस्थापन के लम्बवत होती है। अतः बल की दिशा में विस्थापन का मान शून्य होने के कारण यही कहा जाता है कि बल द्वारा कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।


Q. 174853 1 जूल कार्य को परिभाषित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

यदि 1 न्यूटन का बल किसी निकाय को क्रिया रेखा की दिशा में 1 मीटर विस्थापित कर दे तो किया गया कार्य 1 जूल कहलाता है।


Q. 174854 जब स्प्रिंग को विस्तारित या संपीडित करते हैं तो क्या स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि या कमी होती है? क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

जब स्प्रिंग में संपीडन या विस्तार (प्रसार) होता है तो दोनों स्थितियों में इसकी स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि होती है। यह इसलिए क्योंकि संपीड़न तथा प्रसार के दौरान इसका आकार परिवर्तित करने के लिए हमारे द्वारा कार्य किया जाता है।


Q. 174855 ऊर्जा का संरक्षण नियम दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्जा के संरक्षण नियम के अनुसार, ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है। लेकिन यह एक रूप से दूसरे रूप में रूपान्तरित हो सकती है या की जा सकती है।


Q. 174856 यदि किसी निकाय के वेग को दुगुना कर दिया जाए, तो उसकी नवीनतम गतिज ऊर्जा क्या होगी ?
Right Answer is:

SOLUTION

यदि किसी निकाय के वेग को दुगुना कर दिया जाए, तो निकाय की नवीनतम गतिज ऊर्जा अपने प्रारम्भिक मान की चार गुना हो जाएगी।

गतिज ऊर्जाDescription: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/mathimage/2014/01/04/39.gif( वेग)2


Q. 174857 जब किसी वस्तु पर कार्यरत बल इसके विस्थापन की दिशा में हो तो किए गये कार्य के लिए गणितीय व्यंजक दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

जब बल F किसी निकाय को आरोपित बल की दिशा में S विस्थापन से विस्थापित कर देता है, तो निकाय पर किया गया कार्य W दिया जाता है :

किया गया कार्य बल = x विस्थापन

W = F x S


Q. 174858 यदि निकाय का विस्थापन शून्य है तो बल द्वारा किया गया कार्य क्या होगा ?
Right Answer is:

SOLUTION

कार्य, बल तथा विस्थापन का गुणनफल होता है। क्योंकि विस्थापन =0


Q. 174859 किसी निकाय पर किया गया कार्य धनात्मक कब होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

आरोपित बल तथा विस्थापन जब समान दिशा में होते हैं तो निकाय पर किया गया कार्य धनात्मक होता है।


Q. 174860 ऊर्जा और शक्ति के मात्रक क्या हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्जा का मात्रक जूल है और शक्ति का मात्रक वाट है|


Q. 174861 यदि एक जूल कार्य 1 सेकण्ड में किया जाए तो कर्ता की सामर्थ्य क्या होगी?
Right Answer is:

SOLUTION

कार्य (W) = 1 जूल

समय(t) 1= सेकण्ड

सामर्थ्य(P) = कार्य / समय

= 1 जूल/ 1 सेकण्ड

= 1 वाट


Q. 174862 यदि कोई कण किसी ऊंचाई से गिरता है, तो इसकी स्थितिज ऊर्जा कम हो जाती है। क्या यह ऊर्जा के संरक्षण नियम का उल्लंघन करती है? समझाइए क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

rयदि कोई कण स्वतन्त्रता पूर्वक गिरता है, तो इसकी स्थितिज ऊर्जा कम होती रहती है। समान समय पर स्थितिज ऊर्जा में कमी, गतिज ऊर्जा में वृद्धि के साथ समकृत हो जाती है। इसलिए, किसी भी समय पर, यह ऊर्जा के संरक्षण के नियम का उल्लंघन नहीं करता है।


Q. 174863 2 kg द्रव्यमान के पत्थर को 10 cm की ऊंचाई से उठाने में कितना कार्य किया जायेगा? ( दिया गया है, g = 10 m / s2)
Right Answer is:

SOLUTION

किया गया कार्य होगा, W = m x g x h

जहाँ, m = 2kg,

g = 10 m/s2

h =10cm = 0.1m

अब, W = 2 x 10 x 0.1 = 2J


Q. 174864 10 kg द्र्व्यमान का एक निकाय 4 m/s की चाल से गति कर रहा है। इस निकाय की गतिज ऊर्जा क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

m = 10kg, v= 4 m/s
गतिज ऊर्जा = (1/2 )mv2
= (1/2) X 10kg X (4m/s)2
= 20 J


Q. 174865 10 N का स्थिर बल किसी निकाय को 5 m से विस्थापित कर देता है। बल द्वारा किए गए कार्य की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

बल = 10 N, विस्थापन = 5 m

किया गया कार्य = बल X विस्थापन

= 10 N x 5 m = 50 J


Q. 174866 एक किलोवाट घंटा तथा एक जूल के बीच संबंध व्युत्पित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

एक किलोवाट घंटा तथा एक जूल के बीच सम्बन्ध:

1KWh = 1KW x 1h = 1000W x 1h (1KWh=1000W)

1KWh = 1000J/s x 3600s

(1W = 1J/s , 1h = 3600s)

1KWh = 3600000J

= 3.6 x 106J


Q. 174867 10 kg द्र्व्यमान का एक निकाय धरातल से किसी निश्चित ऊंचाई पर है। यदि निकाय कि स्थितिज ऊर्जा (PE) 200 J है, तो निकाय की धरातल से ऊंचाई ज्ञात कीजिए?
Right Answer is:

SOLUTION

m = 10 kg, PE = 200J, g = 10m/s2

स्थितिज ऊर्जा, PE = mgh

200J = 10 kg x 10m/s2 x h

h = 2m


Q. 174868 किसी वस्तु की स्थिति य

गुरुत्विय स्थितिज ऊर्जा समझाइए <div class= Right Answer is:

SOLUTION

किसी वस्तु की स्थिति या विन्यास परिवर्तन के लिए किया गया कार्य उसमें ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है | इसे वस्तु की स्थितिज ऊर्जा कहते हैं , जो की वस्तु की स्थिति या विन्यास में विकृति के कारण होती है|

स्थितिज ऊर्जा दो प्रकार की होती है

1.प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा

किसी वस्तु में विन्यास परिवर्तन के कारण संचित ऊर्जा को प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा कहते हैं|

2. गुरुत्वीय स्थितिज उर्जाः

किसी ऊंचाई पर स्तिथ वस्तु की ऊर्जा उसकी अवस्था के कारण होती है और इसे गुरुत्वीय स्थितिज उर्जा कहते हैं।


Q. 174869 गतिज ऊर्जा क्या होती है जब (i) स्थिर वेग पर निकाय का द्रव्यमान दुगना है, तथा (ii) स्थिर द्रव्यमान पर निकाय का वेग दुगना है?
Right Answer is:

SOLUTION

v वेग से गतिशील m द्रव्यमान के निकाय की गतिज ऊर्जा के लिए व्यंजक निम्न प्रकार दिया जाता है :
Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/06/30/20110906974656001315287463948aug.gif
(i) जब द्रव्यमान = 2m

तथा वेग = v तो,

निकाय की अंतिम गतिज ऊर्जा होगी
Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/06/30/20110906974656001315287463949aug.gif
इसका तात्पर्य है कि गतिज ऊर्जा दुगुनी होगी।

(ii) जब द्रव्यमान = m

वेग = 2v

तो, निकाय की अंतिम गतिज

ऊर्जा होगी

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/06/30/20110906974656001315287463950aug.gif

इसका तात्पर्य है कि गतिज ऊर्जा वास्तविक मान की चार गुनी हो जाएगी।


Q. 174870 किसी सरल लोलक की स्थिति में, स्थितिज ऊर्जा तथा गतिज ऊर्जा कैसे अन्तर रूपांतरित होती है? चित्र की सहायता से समझाइए?
Right Answer is:

SOLUTION

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2013/07/22/20121224507348001356356224973dec.jpg
(a) जब लोलक को B स्थिति से A स्थिति तक खींचा जाता है, तो हमारी ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा के रूप में संग्रहीत हो जाती है।
(b) जैसे ही यह मुक्त किया जाता है, यह उसी ऊर्जा के कारण स्थिति B की ओर गति करना शुरू कर देता है।

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2013/07/22/20121224507348001356356224974dec.jpg

 

(c) जब यह A स्थिति से B स्थिति की ओर गति करता है, तो इसकी चाल में वृद्धि होती है तथा ऊंचाई में कमी होती है।
(d) इस प्रकार,
A स्थिति पर इसकी स्थितिज ऊर्जा इसकी गतिज ऊर्जा में रूपांतरित हो जाती है।
Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2013/07/22/20121224507348001356356224975dec.jpg

 

(e) जबकि, जब लोलक B स्थिति से C स्थिति की ओर जाता है, तो इसकी ऊंचाई में वृद्धि तथा चाल में कमी होती है।
(f) इस प्रकार, स्थिति
B से स्थिति C की ओर लोलक की गतिज ऊर्जा इसकी स्थितिज ऊर्जा में रूपांतरित हो जाती है।


Q. 174871 एक 4 किलो की गेंद को 20 m/s के वेग से लम्ब रूप से ऊपर की तरफ फेंका जाता है
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है

गेंद का भार, m = 4 kg

v = 20 m/s

h= 15m

गेंद की गतिज ऊर्जा जब उसे ऊपर फेंका जाता है

15m पर गेंद की स्थितिज ऊर्जा (P.E)= mgh= 4x10x 15= 600J

15m पर गेंद की गतिज ऊर्जा (K.E)= 800J - 600J = 200J

गेंद की कुल ऊर्जा = P.E + K.E = 600 J + 200J = 800 J


Q. 174872 54 km / hr की चाल से गति कर रही 30 kg द्रव्यमान की साईकिल को रोकने के लिए कितना कार्य किया जायेगा?
Right Answer is:

SOLUTION

m = 30kg, v = 0m / s,

u = 54km/h = [54 x 1000/3600)] m/s
= 15 m / s

किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन

= (1/2)x m x (v2 - u2)

= (1/2) x 30 x [(0 - (15)2]

= - 3375 J


Q. 174873 एक व्यक्ति कुएं से पानी की बाल्टी को खींचता है। यदि वह 10m की गहराई से 5 kg पानी को 10s में निकालने में सक्षम है, तो व्यक्ति द्वारा उपयोग की गई शक्ति की गणना कीजिए।[g =10ms-2]
Right Answer is:

SOLUTION

पानी का द्रव्यमान m = 5kg

ऊंचाई जिससे पानी ऊपर उठता है, h = 10m

गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण, g =10m/s2

पानी की बाल्टी उठाने में व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य स्थितिज ऊर्जा के रूप में संगृहीत हो जाता है

इसलिए किया गया कार्य W = स्थितिज ऊर्जा (P.E)= mgh

= 5kg x 10m x 10 m/s2

= 500J

व्यक्ति द्वारा उपयोग की गई शक्ति P = W/t = 500/10 = 50W


Q. 174874 स्वतंत्र रुप से गिर रहे निकाय के लिए दर्शाइये कि इसके पथ में किसी बिंदु पर यांत्रिक ऊर्जा का योग स्थिर रहता है
Right Answer is:

SOLUTION

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/06/30/201406304348080014041258861em11em2.jpg

उपरोक्त चित्र में, यह गेंद बिंदु A से बिंदु C की ओर स्वतन्त्र रूप से गिर रही है। इसकी स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। कुल ऊर्जा स्थिर रहती है।
आइये विभिन्न बिन्दुओं जैसे
A, B तथा C पर गेंद की ऊर्जा की गणना करते हैं
A स्थिति पर: इस बिंदु पर, गेंद स्थिर है। इसलिए इसका वेग (v) शून्य है।

निकाय की गतिज ऊर्जा,
T = 0 ………………….. (1)

स्थितिज ऊर्जा,
U = mgh………………………………. (2)
कुल यांत्रिक उर्जा = गतिज उर्जा + स्थितिज उर्जा

इसलिए समीकरण (1) तथा (2) से, हमें प्राप्त होता है,

कुल ऊर्जा =
mgh…………………………. (3)

B स्थिति पर: माना यह गेंद बिंदु A से B की ओर गति कर रही है। तथा x दूरी तय करती है। माना v इस स्थिति पर गेंद का वेग है।

चित्र के अनुसार, ऊंचाई
h-x के बराबर है।

गति के समीकरण से,
v2 = u2 + 2ax………………………. (4)

समीकरण (
4) में u = o रखने पर, क्योंकि प्रारम्भिक वेग शुन्य है।

इस प्रकार, हमें प्राप्त होता है, v2 = 2ax = 2gx
गतिज ऊर्जा

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/06/30/20110903095569001315051269950aug.gif

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/06/30/20110903095569001315051269942aug.gif
स्थितिज ऊर्जा = U = mg (h-x)
=mgh - mgx………………………
(5)


कुल यांत्रिक उर्जा = गतिज उर्जा + स्थितिज उर्जा
इस प्रकार, समीकरण (4) तथा (5) से,
कुल ऊर्जा = mgh………………………… (6)


स्थिति C पर : माना भूमि पर पहुँचने से पहले उस बिंदु पर गेंद का वेग v है।

समीकरण v2 = u2 + 2gh से,
v2 = 0 + 2gh


Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/06/30/201406304348080014041258862.jpg
इस प्रकार, समीकरण (7) से,
कुल ऊर्जा =mgh + 0
कुल ऊर्जा = mgh…………………………………(8)
समीकरण (3), (6) तथा (8) से, यह स्पष्ट है कि यांत्रिक ऊर्जाओं का योग स्वतन्त्र रूप से गिर रहे निकाय के पथ में प्रत्येक बिंदु पर समान होता है।


Q. 174875 ऊर्जा को परिभाषित कीजिए। उस भौतिक राशि का नाम बताइए जिसका ऊर्जा के समान मात्रक होता है। चार वैद्युत उपकरण जिनकी प्रत्येक की दर 500 W है, 10 घंटे के लिए उपयोग किए जाते हैं। किलोवाट घंटा तथा जूल में ऊर्जा की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विद्धुत उपकरण की शक्ति दर P = 500W = 500/1000 KW =0.50 KW

चार उपकरणों द्वारा उपयोग की गई कुल शक्ति = 4 x 0.50 = 2KW

समय जब तब उपकरण उपयोग किए जाते हैं t = 10h

किया गया कार्य = विद्युत उपकरणों द्वारा उपयोग की गई ऊर्जा

उपभोग की गई ऊर्जा =शक्ति x समय

= 2KW x 10h

= 20KWh

क्योंकि 1KWh = 3.6 x 106 J इसलिए

20 KWh = 20 x 3.6 x 106 J = 72 x 106 J


Q. 174876 एक आदमी 50 किलोग्राम का एक सूटकेस सिर पर रख कर खड़ा है। निम्न क्रियाएं करने पर वह गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कितना कार्य करेगा: a) एक मिनट तक प्लेटफार्म पर खड़ा रहता है। b) प्लेटफार्म पर 10 m की दूरी पर प्रतीक्षालय में जाता है। c) 10m मीटर ऊँचे पुल पर चढ़ता है।
Right Answer is:

SOLUTION

a) कार्य होने के लिए दो चीजें आवश्यक हैं-

i) बल तथा
ii) बल की दिशा में विस्थापन
चूँकि आदमी प्लेटफार्म पर खड़ा रहता है
, अतः विस्थापन शून्य होगा, इसलिए वह चाहे कितनी भी देर खड़ा रहे लेकिन कार्य शून्य
ही रहेगा|

b) गुरुत्वाकर्षण बल ऊर्ध्वाधर: नीचे की ओर लगता है तथा विस्थापन क्षैतिज दिशा में है, अतः बल तथा विस्थापन के बीच में कोण 900 होगा।

 

अतः कृत कार्य शून्य होगा|

(c) जब आदमी पुल पर चढ़ता है तो ऊपर की ओर ऊर्ध्व दिशा में विस्थापन पुल की ऊचाँई के बराबर होगा। चूँकि गुरुत्व बल ऊर्ध्वत: नीचे की दिशा में है, अतः बल व विस्थापन की दिशाओं के बीच कोण 1800 है।

 

 

 

अतः कृत कार्य का मान 1960 जूल होगा। कार्य ऋणात्मक(-) है, क्योंकि बल तथा विस्थापन की दिशायें विपरीत हैं।


Q. 174877 सर्दियों में, भूमध्य रेखा के निकट पवन प्रवाहित होती है:-


A. समरूप वृत्ताकार गति की।

B. त्वरित वृत्ताकार गति की।

C. सरल रेखीय गति की।

D. कंपन गति की।

Right Answer is: A

SOLUTION

एक वृत्ताकार गति वह गति है जिसमें, कोई कण या एक बिंदु द्रव्यमान निकाय किसी वृत्त पर गति कर रहा है।


Q. 174878 जब कोई निकाय समरूप वेग से गति करता है, तो इसका त्वरण है:-


A. समरूप।

B. असमरूप।

C. शून्य।

D. ऋणात्मक।

Right Answer is: C

SOLUTION

चूँकि, वेग में कोई परिवर्तन नहीं होता है। इसलिए, त्वरण शून्य होता है।


Q. 174879 जब जल वाष्प - अवस्था से द्रव - अवस्था में संघनित होता है, तो


A. बढ़ते हुए वेग को।

B. घटते हुए वेग को।

C. वेग समान रहता है।

D. वेग विरामवस्था में रहता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

यदि त्वरण, वेग की दिशा में है, तो इसे धनात्मक लिया जाता है तथा यदि यह वेग के विपरीत दिशा में है, तो इसे ऋणात्मक लिया जाता है।


Q. 174880 पृथ्वी पर पवन की दिशा:-


A. एक सरल – रेखा।

B. वक्ररेखीय।

C. सरल रेखीय।

D. परवलिक।

Right Answer is: A

SOLUTION

जब कोई निकाय समान समय अंतरालों में समान दूरियां तय करता है, तो यह समरूप चाल से गति की अवस्था में कहलाता है। यह दर्शाता है कि निकाय द्वारा तय की गई दूरी, लिए गए समय के समानुपाती होती है।


Q. 174881 किसी निकाय की औसत चाल का परिमाण इसके औसत वेग के बराबर होता है, यदि


A. यह एक निश्चित दिशा में गति कर रहा है।

B. इसकी प्रारम्भिक तथा अन्तिम स्थितियाँ समान हैं।

C. और केवल यदि यह समरूप गति की अवस्था में है।

D. ये समान दूरियाँ तय करते हैं।

Right Answer is: A

SOLUTION

यदि गतिशील निकाय की दिशा निर्धारित है, तो किसी निकाय की औसत चाल का परिमाण, इसके औसत वेग के बराबर होता है।


Q. 174882 ऋणात्मक त्वरण का तात्पर्य है कि निकाय गति कर रहा है:-


A. बढती हुई चाल से।

B. घटती हुई चाल से।

C. समरूप चाल से।

D. उच्च चाल से।

Right Answer is: B

SOLUTION

यदि त्वरण, वेग की दिशा में है, तो इसे धनात्मक लिया जाता है तथा यदि यह वेग के विपरीत दिशा में है, तो इसे ऋणात्मक लिया जाता है। इसके अलावा, ऋणात्मक त्वरण मंदन कहलाता है।


Q. 174883 किसी गतिशील निकाय का वेग सूत्र है:-


A. तय की गई दूरी / लिया गया समय

B. लिया गया समय / तय की गई दूरी

C. त्वरण / समय

D. विस्थापन / समय अंतराल

Right Answer is: D

SOLUTION

गतिशील निकाय का वेग, विस्थापन तथा निकाय द्वारा लिए गए समय अंतराल के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है। अर्थात्, वेग = विस्थापन / समय अंतराल।


Q. 174884 चाल है:-


A. एक अदिश राशि।

B. एक सदिश राशि।

C. एक नियत राशि।

D. हमेशा धनात्मक।

Right Answer is: A

SOLUTION

चाल एक अदिश राशि है। यह निकाय की गति की दिशा के बारें में कोई विचार प्रदान नहीं करती है। निकाय की चाल शून्य या धनात्मक हो सकती है लेकिन, कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकती है।


Q. 174885 चाल का S.I. मात्रक है:-


A. km h-1

B. cm s-1

C. h Km-1

D. m s-1

Right Answer is: D

SOLUTION

चाल, किसी निकाय द्वारा तय की गई दूरी तथा इसके द्वारा लिए गए समय का अनुपात होती है। दूरी (लम्बाई) का SI मात्रक मीटर है तथा समय का SI मात्रक सेकण्ड है। इस प्रकार, चाल का SI मात्रक m/s है।


Q. 174886 यदि कोई निकाय समान समय अंतराल में समान दूरियां तय करता है, तो यह निकाय कहलाता है:-


A. वृत्ताकार गति की अवस्था में।

B. समरूप गति की अवस्था में।

C. दोलन गति की अवस्था में।

D. असमरूप गति की अवस्था में।

Right Answer is: B

SOLUTION

कोई निकाय समरूप गति की अवस्था में कहलाता है, यदि इसका वेग समरूप है। अर्थात्, यह समान समय अंतराल में समान विस्थापन से गुज़रता है। चाहे, ये अन्तराल कितने भी सूक्ष्म हों।


Q. 174887 किसी निकाय की गति, एक निर्देश बिन्दु के सापेक्ष स्थिति में परिवर्तन होता है, यह बिन्दु कहलाता है:-


A. मूल बिन्दु।

B. प्रारम्भिक स्थिति।

C. अंतिम स्थिति।

D. दूरी।

Right Answer is: A

SOLUTION

एक निकाय को गतिशील की अवस्था में कहा जाता है यदि इसकी स्थिति में परिवेश के सापेक्ष समय के साथ परिवर्तन होता है। जब कोई बिंदु निकाय गति की अवस्था में होता है, और हम इसकी स्थिति का वर्णन करना चाहते हैं, तो हम एक निर्देश बिंदु का उपयोग करेंगे, जो मूल बिंदु कहलाता है।


Q. 174888 विस्थापन – समय ग्राफ़ दर्शाता है:-


A. समरूप वेग से गतिशील एक निकाय।

B. असमरूप चाल से गतिशील एक निकाय।

C. एक समरूप त्वरित गति।

D. असमरूप त्वरित गति।

Right Answer is: B

SOLUTION

विस्थापन – समय ग्राफ़ में एक वक्र असमरूप चाल से गतिशील एक निकाय की गति को निरुपित करता है।


Q. 174889 विस्थापन है:-


A. प्रारम्भिक तथा अंतिम स्थितियों के बीच न्यूनतम दूरी।

B. प्रारम्भिक तथा अंतिम स्थितियों के बीच वास्तविक दूरी।

C. निकाय द्वारा तय की गई दूरी।

D. एकांक समय में निकाय द्वारा तय की गई दूरी।

Right Answer is: A

SOLUTION

दिए गए समय में किसी गति में किसी निकाय का विस्थापन निकाय की स्थिति में परिवर्तन होता है। यह निकाय की दो स्थितियों के बीच न्यूनतम दूरी होती है तथा इसकी दिशा दिए गए समय अंतराल के दौरान निकाय की प्रारम्भिक दिशा से अंतिम दिशा की ओर होती है।


Q. 174890 एक जीप विरामवस्था से गति करना प्रारम्भ करती है और 10 मिनट में 40 m/s की चाल प्राप्त कर लेती है। समरूप त्वरण होगा:-


A. 40 km h-2

B. 400 km h-2

C. 0.066 m s-2

D. 2400 m s-2

Right Answer is: C

SOLUTION

समरूप त्वरण दिया जाएगा,


Q. 174891 एक कीट 1.5 मिनट मे 30 मीटर की दूरी तय करता है। इसकी चाल होगी


A. 0.5m/s

B. 0.23m/s

C. 0.4m/s

D. 0.6m/s

Right Answer is: B

SOLUTION

चाल = दूरी/चाल तय की गई दूरी = 30m लिया गया समय = 1.5m = 1.5 x 60s = 90s इस प्रकार, चाल = 30/90 = 0.33m/s


Q. 174892 एक ट्रेन 72 km h-1 की चाल से गति कर रही है। यदि इस ट्रेन ने 0.5 घंटे लिए, तो यह दूरी तय करेगी:-


A. 15 km

B. 3 km

C. 36 km

D. 18 km

Right Answer is: C

SOLUTION

दूरी = चाल x समय, सूत्र के उपयोग से, ट्रेन द्वारा तय की गई दूरी = 36 km


Q. 174893 विस्थापन है:-


A. एक अदिश राशि।

B. एक सदिश राशि।

C. व्युत्पित राशि।

D. हमेशा धनात्मक।

Right Answer is: B

SOLUTION

विस्थापन एक सदिश राशि होती है क्योंकि, इसकी परिमाण के साथ – साथ दिशा भी होती है।


Q. 174894 दिए गए वेग – समय ग्राफ़ में AB X – अक्ष के समानान्तर सरल – रेखा दर्शाता है कि निकाय है


A. समरूप त्वरण की स्थिति में ।

B. समरूप मंदन की स्थिति में ।

C. सम्पूर्ण गति में समरूप वेग की स्थिति में।

D. सम्पूर्ण गति में असमरूप वेग की स्थिति में ।

Right Answer is: C

SOLUTION

x – अक्ष के समानान्तर सरल – रेखा, समरूप वेग को निरुपित करती है।


Q. 174895 उपरोक्त किसी गतिशील निकाय के वेग – समय ग्राफ में


A. प्रथम 2 सेकण्ड में त्वरण धनात्मक है।

B. प्रथम 2 सेकण्ड में त्वरण ऋणात्मक है।

C. दूसरी तथा दसवीं सेकण्ड के बीच गति असमरूप है।

D. निकाय t=2 तथा t=10 सेकण्ड पर विरामवस्था में आ जाता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रथम 2 सेकंड में वेग समय के साथ बढ़ रहा है इसलिए प्रथम २ सेकण्ड में त्वरण धनात्मक है |


Q. 174896 किसी निकाय की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए हमें आवश्यकता होती है


A. निर्देश बिन्दु

B. मध्य बिन्दु

C. अंतिम बिन्दु

D. परिमाण

Right Answer is: A

SOLUTION

किसी निकाय की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए हमें एक निर्देश बिन्दु की आवश्यकता होती है, जिसे मूल बिन्दु कहते हैं|


Q. 174897 किसी वस्तु द

दूरी अदिश राशि है या सदिश कारण सहित बताइए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

किसी वस्तु द्वारा चली गयी दूरी से यह पता नहीं चलता कि वस्तु किस दिशा में जा रही है तथा अंत में किस स्थान पर पहुँचेगी| एक वस्तु किसी स्थान से समान दूरी तय करके अलग-अलग स्थानों पर पहुँच सकती है| अत: दूरी एक अदिश राशि है|


Q. 174898 एक पिण्ड 7 मीटर दूरी को 4 सेकण्ड में, अगली 10 मीटर दूरी को 5 सेकण्ड में तथा अंतिम 5 मीटर दूरी को 2 सेकण्ड में तय करता है
Right Answer is:

SOLUTION

पिण्ड की औसत-चाल = (सम्पूर्ण दूरी)/(सम्पूर्ण समय)

= 2 m/s


Q. 174899 तात्क्षणिक वेग को परिभाषित कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

किसी क्षण पर किसी गतिशील वस्तु का वेग उसका तात्क्षणिक वेग कहलाता है।


Q. 174900 निम्न ग्राफ कार की गति के बारे में क्या इंगित करता है?Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/06/21/201406217319900014033470981.jpg
Right Answer is:

SOLUTION

दूरी - समय ग्राफ में, समय अक्ष के समानान्तर सरल रेखा यह प्रदर्शित करती है कि यह कार गति नहीं कर रही है। क्योंकि समय के सापेक्ष इसकी स्थिति में परिवर्तन नहीं होता है।


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