CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 174901 दूरी – समय ग्राफ के लाभ क्या हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

निकाय कि गति को दूरी समय ग्राफ द्वारा सचित्र रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है।

यह गति के विषय में सूचनाओं के विभिन्न प्रकार प्रदान करता है, जैसे किसी समय में तय की गई दूरी।


Q. 174902 औसत वेग को परिभाषित कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

विशेष दिशा में तय की गई कुल दूरी तथा वह दूरी तय करने में निकाय द्वारा लिया गया कुल समय का अनुपात औसत वेग कहलाता है।

इस प्रकार, औसत वेग

 

Vऔसत =


Q. 174903 हम कब कह सकते हैं कि निकाय का वेग एकसमान है?
Right Answer is:

SOLUTION

यदि कोई निकाय किसी विशेष दिशा में समान समय अंतराल में समान दूरी तय करता है तो निकाय के वेग को एक समान कहा जाता है।


Q. 174904 त्वरण का गणितीय व्युत्पन्न तथा S.I. मात्रक लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

त्वरण = वेग में परिवर्तन / लिया गया समय

वेग में परिवर्तन = अंतिम वेग - प्रारम्भिक वेग

निकाय का त्वरण (a) = (v - u) / t

S.I. मात्रक = m/s2 या ms-2


Q. 174905 गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण से आप क्या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अन्तर्गत स्वतन्त्र रूप से गिर रहे निकाय का त्वरण गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण कहलाता है।


Q. 174906 एक बाईक 5 m/s की चाल से गति कर रही है। यह 20 s के लिए 0.6 m/s2 की दर से त्वरित हो जाती है। बाईक के अन्तिम वेग की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

दिया हुआ है, u = 5 m/s, a = 0.6 m/s2, t = 20 s

v = u + at

v = 5 + (0.6) x (20)

= 5 + 12 = 17 m/s


Q. 174907 मंदन किसे कहते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

जब वेग में होने वाला परिवर्तन ऋणात्मक होता है तो वेग ह्रास की दर को मंदन या अवत्वरण कहते हैं| इसे -a से प्रकट करते हैं|


Q. 174908 दो स्टेशनों के बीच की दूरी 240 km है। एक ट्रेन यह दूरी तय करने के लिए 6 घण्टे लेती है। ट्रेन की चाल की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

हम जानते हैं कि तय की गई दूरी = चाल X समय

इसलिए, चाल = दूरी / समय
इस प्रकार, ट्रेन की चाल

= 240/6 = 40 किलोमीटर /घंटा


Q. 174909 परिवर्ती वेग किसे कहते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी पिण्ड का समान समय-अंतरालों में भिन्न विस्थापन हो तो उसके वेग को असमान वेग अथवा परिवर्ती वेग कहते हैं|


Q. 174910 चाल किसे कहते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी वस्तु द्वारा चली गयी दूरी के परिवर्तन की समय-दर को वस्तु की चाल कहते हैं|


Q. 174911 वेग को परिभाषित कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

विशेष दिशा में तय की गई दूरी या गति के परिवर्तन की दर, वेग कहलाती है।


Q. 174912 आप ग्राफ पर आश्रित चर तथा अनाश्रित चर कहाँ आलेखित करेंगे?
Right Answer is:

SOLUTION

दो चर हैं, जिसमें से एक आश्रित तथा दूसरा अनाश्रित है।

अनाश्रित चर हमेशा x - अक्ष पर तथा आश्रित चर हमेशा y - अक्ष पर आलेखित किये जाते हैं।


Q. 174913 नीचे दिए गए ग्राफ की AC रेखा के लिए त्वरण की गणना कीजिए। Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/06/23/201406238978750014035005741.jpg
Right Answer is:

SOLUTION

ग्राफ की रेखा AC का ढाल अर्थात (AB/BC) द्वारा त्वरण प्राप्त होता है।

त्वरण=AB/BC

 


Q. 174914 90 kmh-1 की रफ़्तार से चल रही एक कार 22m की दूरी पर ब्रेक आरोपित करने से 36kmh-1 रफ़्तार तक धीमी हो जाती है। यदि ब्रेक समान बल से आरोपित किये जाये तो कार के मंदन की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

u = 90 kmh-1 = 90 x (5/18) = 25 ms-1

v = 36kmh-1 = 36 (5/18) = 10 ms-1, s = 22 m, a = ?

v2 - u2 = 2as रखने पर,

(10ms-1)2 – (25ms-1)2 = 2 x a ms-2

x 22m

इसलिए, a = - (525/44) ms-2 = -11.93ms-2

इस प्रकार , मंदन = - 11.93 ms-2


Q. 174915 परिवर्ती चाल तथा परिवर्ती वेग को परिभाषित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

परिवर्ती चाल: यदि कोई निकाय समान समय अन्तराल में असमान दूरी तय करता है तो उसे परिवर्ती चाल से गति करता हुआ निकाय कहा जाता है।

परिवर्ती वेग: यदि किसी निकाय के वेग में परिमाण या दिशा (या दोनों) परिवर्तित होते हैं, तो उस निकाय के वेग को परिवर्ती वेग कहा जाता है।


Q. 174916 राहुल किसी गेंद को 40 m/s के प्रारम्भिक वेग से लम्बवत ऊपर की ओर फेंकता है। क्या आप गेंद द्वारा प्राप्त की गई अधिकतम ऊंचाई की गणना करने में उसकी मदद कर सकते हैं? इसके अलावा गेंद द्वारा तय की गई कुल दूरी तथा कुल विस्थापन की गणना भी कीजिए
Right Answer is:

SOLUTION

ऊपर की ओर गति के लिए :

u = 40 m/s, v = 0 m/s

v2 = u2 + 2as

गुरुत्वाकर्षण के अन्तर्गत ऊपर की ओर गति के लिए : a = -g तथा s = h

इस प्रकार, (0 m/s)2 = (40 m/s)2 – 2(10 m/s2)h

इसलिए, h = 80 m

गेंद द्वारा तय की गई कुल दूरी, d = ऊपर की ओर तय की गई दूरी + नीचे की ओर तय दूरी

इसलिए, d = 80 m + 80 m = 160 m

ऊपर तथा नीचे की ओर तय की गई दूरी में गेंद का कुल विस्थापन = 80 m + (-80 m)

= 0 m


Q. 174917 एक रेसिंग कार 60 m/s के वेग से गति कर रही है। ब्रेक लगाने पर यह एक समान रूप से धीमी हो जाती है और 30 s में विरामवस्था में आ जाती है। वेग - समय ग्राफ बनाइये तथा गणना कीजिए : (i) मंदन। (ii) कार द्वारा तय की गई दूरी।
Right Answer is:

SOLUTION

Answer:

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/06/23/201406235055220014035008301.jpg

दिया हुआ है , vi=60ms-1 , vf=0 ms-1 तथा t = 30s तो

(i) मंदन = (vf - vi)/t

(ii) दुरी = त्रिभुज के अंतर्गत क्षेत्रफल


Q. 174918 लम्बवत ऊपर की ओर प्रक्षेपित एक पत्थर उच्चतम बिंदु पर पहुँचने में 3 सेकंड लेता है। गणना कीजिए (i) पत्थर का प्रारम्भिक वेग (ii) इसके द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊंचाई। (दिया गया है, g =10ms-2)
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है, पत्थर का अन्तिम वेग, (v) = 0, समय, (t) = 3s तथा पत्थर का प्रारम्भिक वेग, (u) =?

हम गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण लेते हैं, (g) =-10ms-2

(i) v = u + gt

0 = u – 10 ms-2 x 3 s

u = 30ms-1

(ii) s = ut + 1/2(gt2) रखने पर,

= (30 x 3) + 1/2(-10) x (3x 3)

= 90 - 45

= 45m


Q. 174919 किसी कार पर ब्रेक आरोपित करने पर गति के विपरीत दिशा में 5m/s2 का त्वरण उत्पन्न हो जाता है। यदि कार ब्रेक आरोपित करने के बाद रुकने के लिए 3s का समय लेती है तो इस समय के दौरान तय की गई दूरी की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

ऋणात्मक त्वरण = 5 m/s2

समय = 3 s

कार का अन्तिम वेग, v = 0 m/s

माना ‘u’ कार का प्रारम्भिक वेग तथा ‘s’ विरामवस्था में आने से पहले कार द्वारा तय की गई दूरी है।

v = u + at

क्योंकि, त्वरण ऋणात्मक है, इसलिए,

v = u – at

0 = u – (5) (3 )

इसलिए, u = 15 m/s

इसके अलावा, s = ut + at2

क्योंकि, त्वरण ऋणात्मक है, इसलिए,

s = ut – at2

= (15)x(3) – (5)x(3)2

= 45-45

=0 m


Q. 174920 एक पिण्ड 84 मीटर ऊँची मीनार से विरामावस्था से गिराया जाता है
Right Answer is:

SOLUTION

प्रारम्भिक वेग,(u)= 0; त्वरण,(a )= g = 9.8 मीटर/सेकण्ड2;

समय = 2 सेकण्ड; मीनार की ऊँचाई = 84 मीटर
(गति के दूसरे समीकरण से)

= 0+ ½[(9.8)(2)2]

s = 19.6 मीटर

 

v2=u2+2as (गति के तीसरे समीकरण से)

= 02 + 2(9.8)(84) मीटर/सेकण्ड

मीटर/सेकण्ड
v = 40.58 मीटर/सेकण्ड


Q. 174921 कार का वेग 40 s में 30kmh-1 से 80kmh-1 तक परिवर्तित हो जाता है। गणना कीजिये :- (i) वेग में परिवर्तन (मीटर प्रति सेकण्ड में) (ii) त्वरण (a) kmh-2 में तथा (b) ms-2 में।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) वेग में परिवर्तन = (80-30) kmh-1

= 50 kmh-1

इस प्रकार, वेग में परिवर्तन (मीटर प्रति सेकण्ड में) = 50 x (5 / 18) ms-1

= 13.88 ms-1

(ii) (a) त्वरण (kmh-2 में) = वेग में परिवर्तन /समय

= 50 /(40 / 3600) kmh-2

= 4500 kmh-2

(ii) (b) त्वरण (ms-2 में) = वेग में परिवर्तन /समय

= 13.88 ms-1 / 40s

= 0.347 ms-2


Q. 174922 दूरी तथा विस्थापन में

दूरी तथा विस्थापन में अंतर लिखिए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

दूरी तथा विस्थापन में अंतर:

दूरी

विस्थापन

1. गतिमान वस्तु द्वारा तय किये गए पथ की लम्बाई को दूरी कहते हैं|

1. गतिमान वस्तु की अंतिम तथा प्रारम्भिक स्थितियों के बीच की न्यूनतम दूरी को विस्थापन कहते हैं|

2. इसमें केवल परिमाण होता है इसलिए यह एक अदिश राशि है|

2. इसमें परिमाण व दिशा दोनों होते हैं इसलिए यह एक सदिश राशि है|

3. दूरी हमेशा धनात्मक होती है|

3. विस्थापन धनात्मक, ऋणात्मक अथवा शून्य भी हो सकता है|

4. यह वस्तु द्वारा तय किये गए रास्ते पर निर्भर करती है|

4. यह वस्तु द्वारा तय किये गए रास्ते पर निर्भर नहीं करता है|


Q. 174923 (i) अदिश राशि (ii) सदिश राशि को परिभाषित कीजिए। अदिश राशि तथा सदिश राशि के बीच दो अंतर दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

अदिश राशि : वह भौतिक राशि जिसका केवल परिमाण होता है तथा दिशा नहीं होती, अदिश राशि कहलाती है।

सदिश राशि : वे भौतिक राशि जिसकी परिमाण के साथ - साथ दिशा भी होती है, सदिश राशि कहलाती है।

अदिश राशि तथा सदिश राशियों के बीच अंतर :

1. अदिश राशियाँ दिशा से स्वतन्त्र होती हैं जबकि सदिश राशियाँ दिशा पर निर्भर करती हैं।

2. द्रव्यमान, समय, दूरी अदिश राशि के उदाहरण हैं जबकि विस्थापन, वेग, बल सदिश राशि के उदाहरण हैं।


Q. 174924 t = समय अन्तराल

गति के तीनों समीकरणों का निगमन कीजिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

t = समय अन्तराल

u = पिण्ड का समय-अन्तराल में प्रारम्भिक- वेग

a = पिण्ड का त्वरण

v = समय-अन्तराल में अंतिम वेग

s = समय-अन्तराल में चली गयी दूरी

(1) परिभाषानुसार,

त्वरण= वेग-परिवर्तन / समयांतर

= (अंतिम वेग - प्रारम्भिक वेग) / समयांतर
अत:
अथवा
-(1)
 

(2)इसी प्रकार
वस्तु का औसत वेग=

त्वरण स्थिर है अत: हम मान सकते हैं की वस्तु t सेकेंडों तक इसी
औसत वेग से चलती रही है| अत: वस्तु द्वारा t सेकेंडों में चली दूरी,

समीकरण (1) से v का मान रखने पर,

(3) समीकरण (1) से, v = u + at

दोनों पक्षों का वर्ग करने पर,

समीकरण (2) से,

अत:


Q. 174925 i) एक पिण्ड पहले O से C तक तथा फिर C से B तक जाता जाता है ,पिण्ड का विस्थापन तथा दुरी ज्ञात कीजिए
Right Answer is:

SOLUTION

(i)

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2010/09/27/20100927780110001285570580image002.gif

(i) पिण्ड का विस्थापन = OB

= OC – CB

= (3 - 1) मी

= 2 मी

(ii) पिण्ड की दूरी = OC + CB

= (3 + 1) मी

= 4 मी

(ii) प्रारम्भिक वेग(u)= 16 मीटर/सेकण्ड; समय(t) = 4 सेकण्ड; अंतिम वेग(v)= 0 मीटर/सेकण्ड
a = (v - u)/t
= [(0 - 16)/4] मीटर/सेकण्ड2
= 4 मीटर/सेकण्ड2
4 सेकण्ड
में चली गयी दूरी:

(गति के दूसरे समीकरण से)
=
[(16 x 4) + ½(-4)(4)2]
= 32 मीटर


Q. 174926 मानव, 2 मिनट 30 सेकण्ड में 200 मीटर सीधी सड़क के एक सिरे X से दूसरे सिरे Y तक दौड़ता है। फिर, वह वापस 1 मिनट में अन्य बिन्दु Z के लिए 80 मीटर की दुरी तय करता है। मानव की औसत चाल तथा वेग की गणना कीजिए:- (a)X से Y तक।
(b) X से Z तक।
Right Answer is:

SOLUTION

X से Y तक दूरी = 200 m

X से Y तक विस्थापन = 200 m

X से Y तक जाने के लिए लिया गया समय = 2 मिनट 30 सेकण्ड

= 150 सेकण्ड

X से Y तक जाने में औसत चाल = दूरी / समय

= 200 /150

= 1.34 m /s

X से Z तक दूरी = 200 + 80 = 280 m

X से Z तक विस्थापन =200– 80 = 120 m

X से Z तक जाने में लिया गया समय = (150 + 60) सेकण्ड

= 210 सेकण्ड

X से Z तक जाने में औसत चाल = दूरी / समय

= 280 /210

= 1.34 m / s

X से Z तक जाने में औसत वेग = विस्थापन / समय

= 120 /210

= 0.57 m / s


Q. 174927 किसी निकाय का पृथ्वी पर भार 196 N है। उसका द्रव्यमान बराबर होगा:-


A. 0.20 kg

B. 1960 kg

C. 20 kg

D. 2 kg

Right Answer is: C

SOLUTION

W = mg = 196N (दिया गया है)। g = 9.8 मीटर प्रति वर्ग सेकण्ड। इसलिए, m = 20 kg ।


Q. 174928 किसी व्यक्ति का भार पृथ्वी की सतह पर 36N है। इसका चन्द्रमा पर भार है:-


A. 18kg

B. 12kg

C. 6kg

D. 72 kg

Right Answer is: C

SOLUTION

चन्द्रमा की सतह पर 'g' का मान, पृथ्वी पर इसके मान का 1/6वां भाग होता है। इसलिए, चन्द्रमा पर किसी व्यक्ति का भार है = 36N का 1/6 = 6N


Q. 174929 किसी छोटे पत्थर को जल से भरे हुए मापन बेलन में गिराया जाता है, जिसका जल स्तर 40 cm3 पर है। जल स्तर में 60 cm3 तक वृद्धि हो जाती है। यदि पत्थर का द्रव्यमान 50 g है, तो पत्थर का घनत्व है:-


A. 20 g/cm3

B. 2.5 g/cm3

C. 1.5 g/cm3

D. 0.5 g/cm3

Right Answer is: B

SOLUTION

घनत्व = द्रव्यमान /आयतन पत्थर का आयतन = विस्थापित जल का आयतन इसलिए, पत्थर का आयतन = (60 - 40) cm3 =20 cm3 इस प्रकार, घनत्व = (50/20) g/cm3 = 2.5 g/cm3


Q. 174930 गुरुत्व ‘g’ के कारण त्वरण का SIमात्रक है


A. ms-1

B. m2s-2

C. ms-2

D. m3s

Right Answer is: C

SOLUTION

गुरुत्व ‘g’ के कारण त्वरण वह त्वरण होता है जिससे कोई निकाय पृथ्वी के केंद्र की ओर आकर्षित होता है। इस प्रकार, इसका मात्रक त्वरण के मात्रक के रूप में समान होता है। त्वरण = (वेग में परिवर्तन)/समय। वेग मीटर प्रति सेकण्ड में मापा जाता है तथा समय सेकण्ड में मापा जाता है।


Q. 174931 यदि किसी निकाय का आपेक्षिक घनत्व 7.8 है, तो इसका घनत्व SI मात्रक के रूप में है:-


A. 7.8 g/cc

B. 7.8 x 103 kg/m3

C. 7.8 x 104 kg/m3

D. 7.8 x 105 kg/m3

Right Answer is: B

SOLUTION

आपेक्षिक घनत्व = (किसी पदार्थ का घनत्व)/ (40C पर जल का घनत्व)। पदार्थ का घनत्व = आपेक्षिक घनत्व x 40C पर जल का घनत्व। 40C पर जल का घनत्व = 103 kg/m3 इसलिए, पदार्थ का घनत्व = 7.8 x 103 kg/m3


Q. 174932 किसी निकाय का भार गुणन होता है:-


A. निकाय के आयतन तथा गुरुत्व के कारण त्वरण का।

B. निकाय के घनत्व तथा गुरुत्व के कारण त्वरण का।

C. निकाय के द्रव्यमान तथा गुरुत्व के कारण त्वरण का।

D. आयतन तथा निकाय के घनत्व का।

Right Answer is: C

SOLUTION

भार वह बल है जिससे कोई निकाय पृथ्वी के केंद्र की ओर आकर्षित होता है। चूँकि, बल = द्रव्यमान × त्वरण, भार = द्रव्यमान × गुरुत्व के कारण त्वरण।


Q. 174933 10 N भार के किसी निकाय को पृथ्वी के केंद्र पर लाने पर इसका भार पाया गया:-


A. 10 N

B. 5 N

C. 1 N

D. शून्य ।

Right Answer is: D

SOLUTION

भार= द्रव्यमान x गुरुत्व के कारण त्वरण। पृथ्वी के केंद्र पर गुरुत्व के कारण त्वरण शून्य होता है। इसलिए  भार= द्रव्यमान x गुरुत्वीय त्वरण = m x 0 = 0


Q. 174934 लैक्टोमीटर क्या होता है तथा ये किस सिद्धांत पर कार्य करता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

लैक्टोमीटर एक यन्त्र है जिसके द्वारा दूध की शुद्धता जांची जाती है लैक्टोमीटर द्वारा दूध की शुद्धता जांचने के लिए आर्कमिडीज के सिद्धांत का उपयोग होता है।


Q. 174935 हाइड्रोमीटर क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

हाइड्रोमीटर एक प्रकार का यन्त्र है जो द्रवों का घनत्व मापने के काम आता है।


Q. 174936 जब एक वस्तु विभिन्न प्रकार के द्रवों में डुबोई जाती है तो क्या इस वस्तु पर कार्यरत उत्प्लावक बल का परिमाण भी समान होगा ?
Right Answer is:

SOLUTION

माना, V आयतन की कोई वस्तु जब d घनत्व के द्रव में डुबोई जाती है तो इस पर कार्यरत उत्प्लावक बल दिया जाता है, F =V x d x g । जैसा हम जानते हैं कि भिन्न द्रवों का घनत्व भिन्न होता है इसलिए भिन्न द्रवों में डूबी हुई वस्तु पर कार्यरत उत्प्लावक बल का परिमाण भी भिन्न होगा।


Q. 174937 मर्करी (पारे) का आपेक्षिक घनत्व 13.6 है। इस कथन का क्या अर्थ होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

इस कथन का यह अर्थ है कि मर्करी पानी की तुलना में 13.6 गुना अधिक सघन है और इसका घनत्व 13.6 x 103 kgm-3 होता है।


Q. 174938 वायु में किसी वस्तु का भार 9.8 N पाया गया तथा जब समान वस्तु को पानी में डुबोया गया तो इसका भार 9.0 N पाया गया? इस वस्तु पर उत्प्लावक बल क्या होगा?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 174939 C.G.S तथा S.I. प्रणाली में द्रव्यमान के मात्रक लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

द्रव्यमान का मात्रक :
C.G.S. प्रणाली में : ग्राम (g)
S.I. प्रणाली में : किलोग्राम (kg)


Q. 174940 द्रव्यमान से आप क्या समझते हैं? द्रव्यमान मापने के लिए उपयोग किये जाने वाले उपकरण का नाम बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

किसी निकाय का द्रव्यमान इसमें निहित पदार्थ की मात्रा होती है। द्रव्यमान मापने के लिए भौतिक तुला का प्रयोग करते हैं


Q. 174941 न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम:- विश्व में पदार्थ का प्रत्येक कण, दूसरे कण को अपनी ओर आकर्षित करता है तथा किन्हीं दो कणों का पारस्परिक आकर्षण का बल कणों के द्रव्यमान के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती एवं कणों के बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।


Q. 174942 वायु में ठोस का भार 0.850 kgf पाया गया तथा पानी में इसका भार 0.575 kgf पाया गया, तो ज्ञात कीजिए (i) ठोस का आपेक्षिक घनत्व (ii) SI प्रणाली में ठोस का घनत्व।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 174943 चन्द्रमा तथा पृथ्वी पर 40 kg कि किसी वस्तु का भार न्युटन में ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

भार = द्रव्यमान x गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण

पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण, g = 9.8m/s2

वस्तु का द्रव्यमान, m = 40 kg

वस्तु का भार = mg

इसलिए, पृथ्वी पर 40 kg की किसी वस्तु का भार = (40 x 9.8) N

= 392 N

चन्द्रमा पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण, gm = g/6 = 1.63 m/s2

इसलिए, चन्द्रमा पर 40 kg की किसी वस्तु का भार = (40 x 1.63) N

= 65.2 N


Q. 174944 यदि वस्तु का द्रव्यमान 6 किलोग्राम है तो उसका भार कितना होगा?
Right Answer is:

SOLUTION

द्रव्यमान = 6 किग्रा

गुरुत्वीय त्वरण = 9.8 ms-2

भार = ?

सूत्र;

भार = द्रव्यमान x गुरुत्वीय त्वरण

लगाने पर,

भार = 6 kg x 9.8 ms-2

= 58.8 न्यूटन


Q. 174945 यदि T2 = k R3, तो स्थिरांक k को दिनों तथा किलोमीटर में व्यक्त कीजिए। जहाँ, k = 10-13 s2 m-3 । इसके अलावा, यदि यह पृथ्वी से 3.84 x 105 km की दूरी पर है, तो चन्द्रमा के परिक्रमण काल को दिनों में ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 174946 दो व्यक्तियों के बीच कितना गुरुत्वाकर्षण बल लगेगा, यदि इनके द्रव्यमान क्रमश: 30 किग्रा तथा 40 किग्रा है और इनके बीच की दूरी 1.0 मीटर है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रश्नानुसार,

m1 = 30 किग्रा

m2 = 40 किग्रा

r = 1.0 मीटर
सूत्र द्वारा


Q. 174947 लकड़ी का घनाकार बॉक्स पानी में पूरी तरह से डूबा हुआ है। बॉक्स का प्रत्येक किनारा 1 सेमी लम्बाई का है। बॉक्स पर कार्यरत उत्प्लावक बल की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 174948 किसी पिण्ड को ऊपर की ओर किस वेग से फेंके, कि वह 160 मीटर ऊंचाई तक जाए?
Right Answer is:

SOLUTION

सूत्र v2 = u2 +2gh द्वारा

अंतिम वेग, v = 0 , ऊपर जाने के कारण त्वरण ऋणात्मक होगा

(0)2 = u2 - 2gh

u2 = 2gh

दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर,


= 56 मीo/सेo


Q. 174949 यदि हम गहरी खदान में कोई निकाय लें, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण कैसे प्रभावित होगा?
Right Answer is:

SOLUTION


जहाँ,
G= सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक

M= निकाय का द्रव्यमान

d= पृथ्वी के केन्द्र से निकाय की दूरी

क्योंकि जब हम निकाय को पृथ्वी के अन्दर गहराई में ले जाते हैं तो निकाय का द्रव्यमान, पृथ्वी के केन्द्र से दूरी की तृतीय घात द्वारा कम हो जाता है, जबकि, पृथ्वी के केंद्र से निकाय की दूरी त्रिज्या के वर्ग द्वारा कम हो जाती है। इस प्रकार, गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण कम हो जाता है।


Q. 174950 ग्रह की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के बल के लिए व्यंजक व्युत्पित कीजिए। गुरुत्वाकर्षण का बल पृथ्वी की तुलना में चन्द्रमा पर कम क्यों होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

माना

m = ग्रह की सतह पर निकाय के गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण

g = ग्रह की सतह पर निकाय का द्रव्यमान

M = ग्रह का द्रव्यमान

d = निकाय के केंद्र तथा ग्रह के केंद्र के बीच दूरी

इस प्रकार, किसी ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण इसके द्रव्यमान के समानुपाती होता है, अर्थात भारी ग्रह का गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण अधिक होगा या इसके विपरीत अधिक गुरुत्वाकर्षण के कारण ग्रह भारी होगा। चन्द्रमा की सतह पर गुरुत्वाकर्षण का बल पृथ्वी की तुलना में कम होता है क्योंकि पृथ्वी, चन्द्रमा की तुलना में भारी होती है। चन्द्रमा की सतह पर गुरुत्वाकर्षण का बल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल की तुलना में 1/6 होता है।


Q. 174951 0.0004 m2 काट क्षेत्र तथा 0.30 m लम्बाई की ठोस बेलनाकार वस्तु पानी में पूरी तरह से डूबी हुई है तो गणना कीजिए :- (1) SI प्रणाली में ठोस का भार। (2) SI प्रणाली में ठोस पर कार्यरत उत्क्षेप बल। (3) ठोस का (a) पानी में तथा (b) एल्कोहल में स्पष्ट भार।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 174952 किसी निकाय को पृथ्वी की सतह पर तोलने पर भार 800 ग्राम होता है। मंगल ग्रह की सतह पर मापने पर इसका भार कितना होगा, जिसका द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान की तुलना में 1/9 तथा त्रिज्या आधी है?
Right Answer is:

SOLUTION

माना M तथा R पृथ्वी का क्रमशः द्रव्यमान तथा त्रिज्या है।

यदि Mm तथा Rm मंगल का द्रव्यमान तथा त्रिज्या है, तो

Mm = M/9 तथा Rm = R/2

पृथ्वी पर निकाय का भार, W = 800 ग्राम भार

= 800 x 980 डाइन


Q. 174953 द्रव्यमान पदार्थ का वास्तविक गुण होता है। इस कथन को समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

न्यूटन की गति के दूसरे नियम के अनुसार,

यदि दो निकायों जिनके द्रव्यमान क्रमशः m1 तथा m2 है पर बल F इस तरह से आरोपित किया जाता है ताकि इनमे उत्पन्न त्वरण क्रमश्ः a1 तथा a2 हो, तो

F = m1a1 ……….(ii)

F = m2a2 ……….(iii)

(ii) तथा (iii) की तुलना करने पर, हमें प्राप्त होता है,

m1a1= m2a2

या, (m1/m2) = (a2/a1)

इस प्रकार, किसी निकाय का द्रव्यमान बल द्वारा उत्पन्न त्वरण के व्युत्क्रमानुपाती होता है। इसका तात्पर्य है कि किसी निकाय का द्रव्यमान निकाय की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करता है।


Q. 174954 मापन बेलन में जल - स्तर का पाठ्यांक इसमें ठोस को डुबाने से पहले तथा बाद में क्रमशः 6.8 ml तथा 9 ml है। दिए गए ठोस का आयतन ml में है:-


A. 14.8

B. 5.8

C. 2.2

D. 1.6

Right Answer is: C

SOLUTION

ठोस का आयतन = पानी में ठोस को डुबाने से पहले जल स्तर - पानी में ठोस को डुबाने के बाद जल स्तर। इसलिए, ठोस का आयतन = (9 - 6.8) ml = 2.2 ml


Q. 174955 g का मान हो जाता है


A. भूमध्य रेखा की तुलना में  ध्रुवों पर अधिक।

B. उत्तरी ध्रुव की तुलना में भूमध्य रेखा पर अधिक।

C. दक्षिणी ध्रुव की तुलना में भूमध्य रेखा पर अधिक।

D. भूमध्य रेखा पर शून्य।

Right Answer is: A

SOLUTION

g का मान भूमध्य रेखा की तुलना में, ध्रुवों पर अधिक होता है। क्योंकि, पृथ्वी एक पूर्ण गोला नहीं है।


Q. 174956 वह बल जो त्वरण का कारण होता है तथा जिसके कारण निकाय वृताकार पथ के अनुदिश गतिशील बना रहता है, कार्यरत होता है:-


A. केंद्र की ओर।

B. केंद्र से दूर।

C. वृताकार पथ की स्पर्शरेखा के अनुदिश।

D. वृताकार गति की दिशा में।

Right Answer is: A

SOLUTION

वह बल जो त्वरण का कारण होता है तथा जिसके कारण निकाय वृताकार पथ के अनुदिश गतिशील बना रहता है, केंद्र की ओर कार्यरत होता है।


Q. 174957 गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम का गणितीय निरूपण है:


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: A

SOLUTION

इस ब्रह्माण्ड में सभी वस्तुएँ, दूसरी वस्तुओं से एक बल द्वारा आकर्षित होती हैं जो इनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती तथा इनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।


Q. 174958 गुरुत्वीय स्थिरांक का मान यह है


A. 6.6734x10-11N m2/kg2

B. 6.6734x10-10N m2/kg2

C. 6.6734x10-11N m/kg2

D. 6.6734x10-11N m2/kg

Right Answer is: A

SOLUTION

गुरुत्वीय स्थिरांक का मान 6.6734x10-11N m2/kg2 है।


Q. 174959 किसी स्थान परनिकाय का भार समानुपाती होता है:-


A. द्रव्यमान।

B. घनत्व।

C. आयतन।

D. क्षेत्रफल।

Right Answer is: A

SOLUTION

भार (W) = द्रव्यमान  (m) x गुरुत्व के कारण त्वरण, (g) । किसी स्थान पर g का मान स्थिर होता है। इसलिए, W ∝ m


Q. 174960 मापन बेलन का पाठ्यांक लेते समय, हमें आँखों को रखना चाहिए:-


A. नवचंद्रक के नीचे।

B. नवचंद्रक के ऊपर।

C. नवचंद्रक के साथ क्षैतिज स्तर पर।

D. मापन बेलन के ऊपरी शीर्ष पर।

Right Answer is: C

SOLUTION

किसी मापन बेलन में द्रव का पाठ्यांक लेने के लिए, आँख नवचंद्रक के साथ क्षैतिज स्तर पर होनी चाहिए।

 


Q. 174961 आर्किमिडीज सिद्धांत में, उत्प्लावक बल को प्रभावित करने वाला एक कारक है :-


A. पात्र में द्रव का आयतन।

B. ठोस का घनत्व।

C. द्रव का घनत्व।

D. गुरुत्व के कारण त्वरण।

Right Answer is: C

SOLUTION

उत्प्लावक बल,उत्प्लावक बल किसी ठोस को द्रव में डुबाने पर उसके द्वारा विस्थापित किए गए द्रव के भार के बराबर होता है तथा द्रव का भार, द्रव के घनत्व पर निर्भर करता है।


Q. 174962 आयतन का SI मात्रक है:-


A. km3

B. m3

C. m2

D. mm2

Right Answer is: B

SOLUTION

आयतन = लम्बाई × चौड़ाई × ऊंचाई दूरी (लम्बाई, चौड़ाई या ऊंचाई) का SIमात्रक मीटर (m) है। इसलिए, आयतन का मात्रक m3 है।


Q. 174963 किसी निकाय का चन्द्रमा की सतह पर भार 4 N है। इसलिए, इसका पृथ्वी की सतह पर भार है:-


A. 40 N

B. 36 N

C. 24 N

D. 16 N

Right Answer is: C

SOLUTION

चन्द्रमा पर किसी निकाय का भार = (1/6) पृथ्वी पर निकाय का भार। अतः  पृथ्वी पर निकाय का भार = 6 × 4 N =24 N


Q. 174964 किसी स्प्रिंग तुला के पैमाने का पाठ्यांक मान प्रदान करता है :-


A. निकाय का द्रव्यमान।

B. निकाय का घनत्व।

C. निकाय का आयतन।

D. निकाय का भार।

Right Answer is: D

SOLUTION

भार = द्रव्यमान × गुरुत्व के कारण त्वरण। स्प्रिंग तुले का पैमाना Kgf (बल का गुरुत्वीय मात्रक) में अन्शाकित होता है। जब किसी निकाय को नीचे लटकाया जाता है, तो यह बल का मान प्रदान करता है, जिससे यह निकाय पृथ्वी के केंद्र की ओर आकर्षित होता है अर्थात्, वह इसका भार होता है।


Q. 174965 आपेक्षिक घनत्व का गणितीय समीकरण दिया जाता है:-


A. आपेक्षिक घनत्व = किसी पदार्थ का घनत्व /जल का घनत्व

B. आपेक्षिक घनत्व = किसी पदार्थ का घनत्व / 40C पर जल का घनत्व

C. आपेक्षिक घनत्व = जल का घनत्व / किसी पदार्थ का घनत्व

D. आपेक्षिक घनत्व = 40C पर जल का घनत्व / किसी पदार्थ का घनत्व विद्युत प्रवाह के उष्मीय प्रभाव की सहायता से बनाए जाते हैं ।

Right Answer is: B

SOLUTION

40C पर, जल का घनत्व अधिकतम मान होता है। आपेक्षिक घनत्व, उस पदार्थ के घनत्व तथा जल के घनत्व के अनुपात के रूप में व्यक्त किया जाता है।


Q. 174966 एक ब्लॉक जो 40 g द्रव्यमान के साथ – साथ 6 cm m लम्बा, 3cm cm चौड़ा तथा 2cm cm ऊंचाई का है, इसका घनत्व होगा :-


A. 2.11 g/cm3

B. 1.11 g/cm3

C. 0.91 g/cm3

D. 0.81 g/cm3

Right Answer is: B

SOLUTION

घनत्व = द्रव्यमान / आयतन आयतन = लम्बाई x चौड़ाई x ऊंचाई इसलिए, आयतन = 6 cm x 3 cm x 2 cm =36 cm3। इस प्रकार, घनत्व = 40 g/36 cm3 = 1.11 g/cm3


Q. 174967 आपेक्षिक घनत्व का गणितीय समीकरण बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

40C पर, जल का घनत्व अधिकतम मान होता है। आपेक्षिक घनत्व, उस पदार्थ के घनत्व तथा जल के घनत्व के अनुपात के रूप में व्यक्त किया जाता है।

आपेक्षिक घनत्व = किसी पदार्थ का घनत्व /40C पर जल का घनत्व


Q. 174968 G का मात्रक ज्ञात कीजिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

G का मात्रक:-

G = Fr2 /m1m2

SII पद्धति में G का मात्रक है- N-m2/kg2


Q. 174969 यदि कोई वस्तु प्रारंभिक वेग से पृथ्वी की ओर फेंकी जाए तो उसकी गुरुत्वीय गति के समीकरण क्या होंगे?
Right Answer is:

SOLUTION

यदि कोई वस्तु प्रारंभिक वेग से पृथ्वी की ओर फेंकी जाए तो उसकी गुरुत्वीय गति के समीकरण निम्नलिखित होंगे-
(i)v = u + gt
(ii) h = ut + 1/2 gt2
(iii) v2 = u2 +2gh


Q. 174970 V आयतन की कोई वस्तु p घनत्व के द्रव में डुबी हुई है। द्रव के कारण वस्तु पर कार्यरत उत्प्लावक बल के परिमाण की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, वस्तु पर कार्यरत उत्प्लावक बल इसके द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर होगा।

इस प्रकार, उत्प्लावक बल का परिमाण = विस्थापित द्रव का भार

विस्थापित द्रव का द्रव्यमान x g = द्रव का घनत्व x वस्तु का आयतन x g
= p x V x g


Q. 174971 G को सार्वत्रिक स्थिरांक क्यों कहते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक है जिसका मान कणों की प्रकृति, माध्यम, समय, ताप इत्यादि पर निर्भर नहीं करता है। इसलिए यह एक सार्वत्रिक स्थिरांक कहलाता है।


Q. 174972 किसी गेंद को पृथ्वी तल से h ऊंचाई से गिराने पर यह पृथ्वी पर 8 सेकण्ड बाद पहुँचता है। h का मान ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

सूत्र, h = ut + 1/2 gt2
प्रारंभिक वेग, u = 0
अतः h = 1 /2 gt2
= 1 /2 x 9 .8 x 8 x 8

= 313 .6 मीटर


Q. 174973 जब 13.150 g तथा 250 cm3 आयतन की एक गेंद पानी की सतह पर रखी जाती है, तो यह गेंद तैरेगी या डूबेगी?
Right Answer is:

SOLUTION

 


Q. 174974 (i) चन्द्रमा तथा पृथ्वी पर 20 kg कि किसी वस्तु का भार न्यूटन में ज्ञात कीजिए। (ii) दो पिण्डो के बीच गुरुत्वाकर्षण बल 1 न्यूटन है। यदि उनके बीच दूरी पहले से दोगुनी कर दें, तो बल कितना हो जायेगा?
Right Answer is:

SOLUTION

(i)

भार = द्रव्यमान x गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण

पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण, g = 9.8 m/s2

वस्तु का द्रव्यमान, m = 20 kg

वस्तु का भार = mg

इसलिए, पृथ्वी पर 20 kg की किसी वस्तु का भार = (20 x 9.8) N

= 196 N

चन्द्रमा पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण, gm = g/6 = 1.63 m/s2

इसलिए, चन्द्रमा पर 20 kg की किसी वस्तु का भार = (20 x 1.63) N

= 32.6 N
(ii)


Q. 174975 गुरुत्वीय त्वरण का क्या अर्थ है? गुरुत्वाकर्षण के आधार पर पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण का सूत्र प्राप्त कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

किसी पिण्ड पर आरोपित गुरुत्व बल के कारण पिण्ड में जो त्वरण उत्पन्न होता है उसे गुरुत्वीय त्वरण कहते हैं| यदि किसी पिण्ड P का द्रव्यमान m , पृथ्वी का द्रव्यमान Me तथा पृथ्वी के केंद्र O से पिण्ड P की दूरी r हो तो पिण्ड पर गुरुत्वाकर्षण बल,

F = G Me .m /r2

यदि इस बल से पिण्ड में त्वरण g उत्पन्न हो तो

त्वरण = बल / पिण्ड का द्रव्यमान

अथवाg = F /m

अथवा, g = GMe /r2

अब यदि पृथ्वी तल से पिण्ड की ऊंचाई h तथा पृथ्वी की औसत त्रिज्या Re हो तो

r = (Re + h)

अतः g = GMe /(Re + h)2

पृथ्वी तल पर अथवा उसके निकट पिण्डों के लिए h को शून्य माना जा सकता है| अतः पृथ्वी तल पर अथवा उसके निकट स्थित पिण्डों का गुरुत्वीय त्वरण,

g = GMe /Re2

यह समीकरण, गुरुत्वीय त्वरण तथा गुरुत्वाकर्षण नियतांक का सम्बन्ध व्यक्त करता है


Q. 174976 चंद्रमा की गति के आधार पर न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम का सत्यापन कीजिए
Right Answer is:

SOLUTION

चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है तथा इसका एक चक्कर लगभग 27.3 दिन में पूरा होता है| माना कि चंद्रमा की कक्षीय त्रिज्या Rm तथा परिक्रमण काल T है| यदि इसकी कक्षीय चाल v हो, तब चन्द्रमा पर पृथ्वी कि ओर लगने वाला अभिकेन्द्र त्वरण
a = v2 /Rm

चंद्रमा द्वारा एक चक्कर में तय कि गई दूरी 2pRm है| अतः इसकी

कक्षीय चाल, v = 2Rm /T

अतः a = [(2pRm /T)2 ] / Rm

= [(4p2Rm)] / T2
चंद्रमा की कक्षीय त्रिज्या Rm = 3.80 x 108 मीटर तथा

परिक्रमण काल T = 27.3 दिन

= 27.3 x 24 x 60 x 60 = 2.36 x 106 सेकण्ड है|

अतः चंद्रमा पर त्वरण a = [(4p2Rm)] / T2
सभी मान रखने पर, a = 0 .0027 मीटर / सेकण्ड2
यह वह त्वरण है, जो चंद्रमा पर पृथ्वी के केंद्र की ओर को लगता है| हम जानते हैं कि पृथ्वी तल पर पृथ्वी के केंद्र की ओर लगने वाला त्वरण g = 9.80 मीटर / सेकण्ड2
होता है
| अतः a/g = 0 .0027 / 9 .80
= 1/3600
= 1 /(60)2 लगभग |

अतः चंद्रमा की पृथ्वी के केंद्र से दूरी, पृथ्वी तल पर स्थित किसी पिण्ड की पृथ्वी के केंद्र से दूरी की 60 गुनी है | न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार, पृथ्वी के
कारण
चंद्रमा पर लगने वाला त्वरण g का 1 /(60)2 गुना होना चाहिए, जो ऊपर सिद्ध किया गया है। अतः न्यूटन का नियम सत्य है |


Q. 174977 रस्सी

एक 10 m लम्बी रस्सी को दोनों ओर से खींचा जाता है<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

कुल तय की गई दूरी = 2 x 10 m = 20 m लिया गया समय = 4 s गति = कुल तय की गई दूरी/लिया गया समय     = 20 m/4 s = 5 ms-1


Q. 174978 एक प्रयोग के दौरान, एक स्लिंकी द्वारा उत्पन्न ध्वनि की आवृत्ति 2 Hz पायी गई
Right Answer is: C

SOLUTION

आवर्तकाल = 1/आवृत्ति = 1/2 s = 0.5 s


Q. 174979 ध्वनि जिस माध्यम से संचरित होती है। यह माध्यम हो सकता है


A. ठोस

B. द्रव

C. गैस

D. ठोस, द्रव या गैस

Right Answer is: D

SOLUTION

ध्वनि के संचरण के लिए एक माध्यम की आवश्यकता होती है। यह निर्वात के माध्यम से संचरण नहीं कर सकती है।


Q. 174980 किसी स्वरित्र - द्विभुज की आवृति 50 Hz है। इसका आवर्तकाल है:-


A. 20 सेकण्ड

B. 0.02 सेकण्ड

C. 200 सेकण्ड

D. 0.2 सेकण्ड

Right Answer is: B

SOLUTION

किसी तरंग की आवृति (f) आवर्तकाल (T) का व्युत्क्रम होती है। इस प्रकार, f = 1/T या T = 1/f या, T = 1/50 = 0.02 सेकण्ड।


Q. 174981 ध्वनि की चाल


A. में जब हम ठोस से गैसीय अवस्था की ओर जाते हैं, तो वृद्धि होती है

B. में तापमान में वृद्धि के साथ – साथ कमी होती है

C. तापमान पर निर्भर नहीं करती है

D. जब हम ठोस से गैसीय अवस्था की ओर जाते हैं तो कमी होती है तथा तापमान में वृद्धि के साथ – साथ वृद्धि होती है

Right Answer is: D

SOLUTION

जब हम ठोस से गैसीय अवस्था की ओर जाते हैं तो ध्वनि की चाल में कमी होती है तथा तापमान में वृद्धि के साथ – साथ वृद्धि होती है। इसके अलावा, यह उस माध्यम के गुणों पर निर्भर करती है जिससे यह संचरण करती है।


Q. 174982 किसी स्लिंकी के माध्यम से संचरण कर रही नियत वेग की ध्वनि तरंग के लिए, तरंगदैर्ध्य:-


A. आवृति में वृद्धि के साथ बढ़ेगी।

B. आवृति में वृद्धि के साथ कम होगी।

C. आवृति में वृद्धि के साथ स्थिर बनी रहेगी।

D. आवृति के निरपेक्ष बढ़ेगी।

Right Answer is: B

SOLUTION

ध्वनि तरंग का वेग = आवृति x तरंगदैर्ध्य
इस प्रकार, नियत वेग पर, तरंग की तरंगदैर्ध्य, आवृति में वृद्धि के साथ कम होगी।


Q. 174983 एक प्रयोग में स्लिंकी के माध्यम से ध्वनि तरंग की आवृति 2 Hz पाई गई। तरंग का आवर्तकाल होगा:-


A. 2 s

B. 1 s

C. 0.5 s

D. 0.1 s

Right Answer is: C

SOLUTION

आवर्तकाल = 1 / आवृति इस प्रकार, स्लिंकी के माध्यम से तरंग का आवर्तकाल = 1/2 s = 0.5 s


Q. 174984 कमरे के तापमान पर एक प्रयोग में किसी तरंग की तरंगदैर्ध्य 0.5 m पाई गई। आवर्तकाल होगा:-


A. 0.0015 s

B. 0.015 s

C. 0.15 s

D. 1.5 s

Right Answer is: A

SOLUTION

ध्वनि तरंग का वेग = आवृति x तरंगदैर्ध्य इस प्रकार, कमरे के तापमान पर ध्वनि तरंग का वेग 340 ms-1 लेने पर, हमें प्राप्त होता है:- 340 = आवृति x 0.5 या, आवृति = 340 / 0.5 = 680 Hz अब आवर्तकाल = 1 / आवृति = 1 / 680 =0.0015 s (लगभग)


Q. 174985 जब ध्वनि तरंग का आपतन कोण 30o है, तो परावर्तन कोण होगा:-


A. 0o

B. 15o

C. 30o

D. 60o

Right Answer is: C

SOLUTION

ध्वनि तरंग के परावर्तन के नियम के अनुसार, आपतन कोण, परावर्तन कोण के बराबर होता है। इसलिए, परावर्तन कोण = 30o


Q. 174986 अनुरणन आधारित होता है


A. ध्वनि तरंगों के परावर्तन पर।

B. ध्वनि तरंगों के अपवर्तन पर।

C. ध्वनि तरंगों के पाश्र्विक परिवर्तन पर।

D. ध्वनि के स्त्रोत पर।

Right Answer is: A

SOLUTION

हॉल की दीवारों, छतों तथा फर्श से आवृत्तिक परावर्तन के कारण किसी बड़े हॉल में ध्वनि – निर्बंध, अनुरणन कहलाता है। इस प्रकार, अनुरणन, ध्वनि तरंगों के परावर्तन के सिद्धान्त पर आधारित होता है।


Q. 174987 संपीडन तथा विरलन में दाब सम्बन्धित होता है


A. किसी दिए गए आयतन में माध्यम के कणों की संख्या तथा घनत्व से

B. माध्यम में कणों के घनत्व से न कि माध्यम में कणों की संख्या पर।

C. कणों की स्थिति से।

D. माध्यम में कणों के वेग से।

Right Answer is: A

SOLUTION

किसी दिए गए आयतन में माध्यम के कणों की संख्या तथा घनत्व से।


Q. 174988 वह समय जिसमें 256 Hz आवृति का एक स्वरित्र द्विभुज 32 कम्पन पूर्ण कर लेता है:-


A. 8 सेकण्ड

B. 0.8 सेकण्ड

C. 1/8 सेकण्ड

D. 0.08 सेकण्ड

Right Answer is: C

SOLUTION

आवृति (f) आवर्तकाल (T) का व्युत्क्रम होती है। इस प्रकार, f = 1/T या, T = 1/f = 1/256 सेकण्ड। 32 कम्पन पूर्ण करने में लिया गया समय, t= 32 x [1/256] = (1/8 ) सेकण्ड।


Q. 174989 ध्वनि तरंग जिस माध्यम से संचरण नहीं कर सकती है, वह है:-


A. ठोस

B. द्रव

C. गैस

D. निर्वात

Right Answer is: D

SOLUTION

ध्वनि तरंग, निर्वात के माध्यम से संचरण नहीं कर सकती है क्योंकि, ध्वनि तरंगों के संचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता होती है।


Q. 174990 किसी एकांक क्षेत्रफल के माध्यम से प्रत्येक सेकण्ड गुज़रने वाली ध्वनि ऊर्जा की मात्रा कहलाती है:-


A. ध्वनि की प्रबलता या तीव्रता।

B. ध्वनि का आयाम।

C. ध्वनि का तारत्व।

D. ध्वनि की आवृत्ति

Right Answer is: A

SOLUTION

किसी एकांक क्षेत्रफल के माध्यम से प्रत्येक सेकण्ड गुज़रने वाली ध्वनि ऊर्जा की मात्रा इसकी प्रबलता या तीव्रता कहलाती है।


Q. 174991 जब एक ध्वनि किसी ठोस या किसी द्रव सतह पर आपतित होती है:-


A. यह निकाय द्वारा अवशोषित हो जाती है।

B. यह परावर्तन के समान नियम के उपयोग से परावर्तित हो जाती है।

C. यह निकाय कि सतह द्वारा प्रकीर्णित हो जाती है।

D. सभी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

जब एक ध्वनि किसी ठोस या किसी द्रव सतह पर आपतित होती है, तो यह परावर्तन के समान नियम के उपयोग से परावर्तित हो जाती है।


Q. 174992 ध्वनि तरंग की तरंगदैर्ध्य है:-


A. दो क्रमागत गर्तों के बीच दूरी।

B. क्रमागत श्रृंग तथा गर्त के बीच दूरी।

C. एकान्तर श्रृंग तथा गर्त के बीच दूरी।

D. दो एकान्तर श्रृंगों के बीच दूरी।

Right Answer is: D

SOLUTION

तरंगदैर्ध्य, दो क्रमागत गर्तों या दो क्रमागत श्रृंगों के बीच की दूरी के रूप में परिभाषित की जाती है।


Q. 174993 तड़ितझंझा के समय, तड़ित का प्रकाश देखा जाता है:-


A. तड़ित की ध्वनि सुनने के कुछ सेकण्ड बाद

B. तड़ित की ध्वनि सुनने के कुछ सेकण्ड पहले

C. तड़ित की ध्वनि प्रकाश के साथ सुनाई देती है

D. तड़ित की ध्वनि सुनने के कुछ मिनट बाद

Right Answer is: B

SOLUTION

वायु में ध्वनि, प्रकाश की तुलना में कई गुना कम होती है। ध्वनि की चाल वायु में = 346 m/s वायु में प्रकाश की चाल = 3x108 m/s इस प्रकार, तड़ित का प्रकाश, तड़ित की ध्वनि सुनने के कुछ सेकण्ड पहले देखा जाता है।


Q. 174994 किसी स्पष्ट प्रतिध्वनि के लिए ध्वनि स्त्रोत तथा परावर्तक के बीच न्यूनतम दूरी होनी चाहिए:-


A. लगभग 15.2 m

B. कम से कम 15.2 m

C. अधिक से अधिक 17.2 m

D. कम से कम 17.2 m

Right Answer is: D

SOLUTION

हमारे मस्तिष्क में ध्वनि की संवेदना लगभग 0.1 s तक बनी रहती है। वायु में ध्वनि की चाल 22oC तापमान पर 344 m/s होती है। इसलिए, ध्वनि द्वारा 0.1 s में तय की गई दूरी 34.4 m  है। इस प्रकार, स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए ध्वनि के स्त्रोत से बाधा की न्यूनतम दूरी इस दूरी की आधी होनी चाहिए। अर्थात्, 17.2 m।


Q. 174995 पराध्वनि तरंग की आवृति होती है:-


A. श्रव्य सीमा के ऊपर।

B. श्रव्य सीमा के नीचे।

C. श्रव्य सीमा के बराबर।

D. अवश्रव्य सीमा के बराबर।

Right Answer is: A

SOLUTION

20 kHz से उच्च आवृतियाँ पराध्वनि तरंग कहलाती हैं। इस प्रकार, पराध्वनि तरंग की आवृति श्रव्य सीमा के ऊपर होती है।


Q. 174996 वायु में अवश्रव्य ध्वनि की तरंगदैर्ध्य की परास होती है:-


A. 3 x 101 मीटर

B. 3 x 100 मीटर

C. 3 x 10-1 मीटर

D. 3 x 10-3 मीटर

Right Answer is: A

SOLUTION

20 Hz से कम आवृतियों की ध्वनियाँ अवश्रव्य ध्वनि कहलाती है।

 


Q. 174997 ध्वनि है:-


A. यांत्रिक तरंग के साथ - साथ अनुदैर्ध्य तरंग भी।

B. वैद्युत - चुम्बकीय तरंग।

C. गुरुत्वीय तरंग।

D. अनुप्रस्थ तरंग।

Right Answer is: A

SOLUTION

ध्वनि, यांत्रिक तरंग के साथ - साथ अनुदैर्ध्य तरंग भी होती है।


Q. 174998 कोई ध्वनि तरंग परावर्तित सतह पर अभिलम्बवत आपतित होती है। इस तरंग का परावर्तन कोण होगा:-


A. 0o

B. 15o

C. 30o

D. 60o

Right Answer is: A

SOLUTION

अभिलम्बवत आपतन के लिए, आपतन कोण 0o है। ध्वनि तरंग के परावर्तन के नियम के अनुसार, आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर है। इस प्रकार, परावर्तन कोण,= 0o


Q. 174999 तरंग का आयाम क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

माध्य स्थिति के दोनों ओर अधिकतम विस्थापन तरंग का आयाम कहलाता है।


Q. 175000 ध्वनि क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

ध्वनि, ऊर्जा का एक रूप है जो हमारे कानों को सुनने की अनुभूति प्रदान करता है।


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