B. 50° C. 60° D. 90° B. 3 और 6 C. 2 और 7 D. 7 और 2 यहाँ , 2x – 4 = 8 (समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।)
x = 6
इसलिए, 2y = 6
y = 3
B. 50° C. 60° D. 90° B. 120° C. 90° D. 45° वर्ग के विकर्ण एक दूसरे को समकोण पर प्रतिच्छेद करते है। इसलिए, ∠ POS = 90
B. 180° C. 270° D. 360° B. प्रत्येक 58° C. 58° और 32° D. 32° और 58° B. 68° और 112° C. प्रत्येक 112° D. प्रत्येक 68° हम जानते हैं कि एक समान्तर चतुर्भुज के दो क्रमागत कोणों का योग 180°होता है।
इसलिए B. C. D. B. 38°, 142°, 38° और 142° C. 68°, 112°, 68° और 112° D. 67°, 113°, 69° और 111° चूंकि समान्तर चतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर होते हैं,इसलिए,
3x - 2° = 50° - x
x = 13°,
इसलिए अभिस्ट कोण 37°, 143°, 37° और 143° हैं।
B. क्रमशः 6.2, 4.3 C. क्रमशः 8.4, 6.2 D. क्रमशः 4.3, 12.4 चूंकि समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते है, इसलिए, QS और PR का मध्य बिन्दु O है। B. 90° C. 45° D. 20° चूंकि वर्ग के विकर्ण समकोण पर प्रतिच्छेदित करते है। दिया है,
PQ || TU || VW || SR और RW = WU = UQ. 2
सेमी
B.
4
सेमी C.
6
सेमी D.
8
सेमी
दिया
है PS =
RT एक। B.
दो। C.
तीन। D.
अनंत।
यहाँ
एक
अद्वितीय
रेखा
हैं
जो
कि
दो
बिन्दुओं
से
होकर
गुजरती
है।
ठोस।
B.
पृष्ठ। C.
रेखा। D.
बिन्दु।
ठोस
आकृति
की
लम्बाई, चौड़ाई
और
ऊँचाई
या
गहराई
होती
है।
B. C. D. थेल्स, एक यूनानी गणितज्ञ, 640 ई. पू. – 546 ई. पू.की अवधि के दौरान रहते थे
सम B. विषम C. अभाज्य D. सम्मिश्र संख्या। n = 10 के लिए, हमें 2n + 1 = 21 प्राप्त होता है जो कि अभाज्य संख्या नहीं है। साथ ही n = 8, हमें 2n + 1 = 17
ज्ञात होता है जो कि सम्मिश्र संख्या नहीं हैं।
ठोस।
B.
पृष्ठ। C.
रेखा। D.
बिन्दु।
हम
जानते
है
कि, ठोस
एक
3-विमा
वस्तु
होती
है, पृष्ठ
एक
2-विमा
वस्तु
होती
है, रेखा
एक
1-विमा
वस्तु
होती
है
और
बिन्दु
की
कोई
विमा
नहीं
होती
है।
थेल्स।
B.
पाइथागोरस। C.
मिस़्त्र। D.
यूक्लिड।
यूक्लिड
की
ज्यामिती
को
यूक्लिड
द्वारा
विकसित
किया
गया
था।
एक
विमा।
B.
दो
विमा। C.
तीन
विमा। D.
शून्य
विमा।
एक
ठोस
एक
3-विमा
आकृति
होती
है।
B. C. D. AC = BD (दिया है) (1)
AC = AB + BC (A और C के मध्य बिन्दु B स्थित है) (2)
BD = BC + CD (B और C के मध्य बिन्दु C स्थित है) (3)
(1) में (2) और (3) को प्रतिस्थापित करने पर, हमें प्राप्त हुआ
AB + BC = BC + CD
So, AB = CD (बराबरों को बराबरों में से घटाने पर)
असमान
B.
समान C.
से
अधिक D.
से
कम
एक
ही
तरह
के
परिमाणों
को
जोड़ा
जा
सकता
है
और
उनकी
तुलना
की
जा
सकती
है।
बिन्दु।
B.
लम्बाई। C.
रेखाएं। D.
चौड़ाई
एक
पृष्ठ
के
किनारें
रेखाएं
होती
है।
AB B.
BC C.
AB/2 D.
BC/2
AC = BC
इसलिए, AC
+ AC = BC + AC
अर्थात., AC
+ AC = BC + AC (बराबर
करने
के
लिए
बराबर
जोड़ा
जाता
है)
2AC = AB (BC + AC, AB के
समान
है।)
इसलिए,
AC= AB/2
किसी भी केन्द्र और किसी भी त्रिज्या। B. एक केन्द्र और एक त्रिज्या। C. किसी भी केन्द्र और एक त्रिज्या। D. एक केन्द्र और किसी भी त्रिज्या। यूक्लिड की अभिधारणाओं के अनुसार एक वृत्त को किसी भी केन्द्र और किसी भी त्रिज्या के साथ खींचा जा सकता है।
असमान
B.
समान
हो
सकती
है C.
समान D.
कुछ
कह
नही
सकते
यदि
आप
एक
वृत्त
द्वारा
परिबद्व
क्षेत्र
को
दूसरे
पर
अध्यारोपित
करते
है, तो
वें
समान
होते
हैं
और
उनके
केन्द्र
और
परिसीमा
समान
होते
हैं।
इसलिए
उनकी
त्रिज्याएं
समान
होगीं।
AB
> CD B.
AB
< CD C.
AB
= CD D.
AB
प्रश्न
और
आकृति
के
अनुसार, AB और
CD
दो
समान
लम्बाई
के
रेखाखंड
है।
तीर
चिन्ह
की
अनदेखी
करके
निरीक्षण
करने
पर
यह
स्पष्ट
हो
जाता
है। a
वृत्त की
त्रिज्या: केन्द्र
से परिधि के
किसी बिन्दु तक की दूरी
वृत्त की
त्रिज्या
कहलाती है।
यह
पृष्ठ
कहलाता
है।
समवर्ती
लम्ब
रेखाएँ : यदि
दो रेखाएँ 90° पर
प्रतिच्छेदित
करती हैं तो
ये लम्ब
रेखाएँ कहलाती
हैं। लम्ब
रेखाओं को
परिभाषित
करने से हमें
रेखा और कोंण
को परिभाषित
करना चाहिए।
एक
रेखाखंड
बिन्दुओं
की
असंख्य
संख्या
को
शामिल
करता
हैं।
B.
C.
D.
QS
दोनों
कोणों की उभयनिष्ठ
किरण है और किरण
PQ
और
QR
उभयनिष्ठ
किरण के सम्मुख
है।
शीर्ष B.
शून्य C.
अंत
बिन्दु D.
संरेख
बिन्दु
एक
कोण का उभयनिष्ठ
अंत बिन्दु शीर्ष
कहलाता है।
B. C. D. 70°,
50° B.
70°,
40° C.
110°,
40° D.
110°,
75°
60°
+ B. C. D. यदि 2x और 3x दो संपूरक कोण है, तब हमें ज्ञात है 2x + 3x = 180°
यदि एक
तिर्यक रेखा
दो समांतर
रेखाओं को
प्रतिच्छेद
करे, तो संगत
कोणों का
प्रत्येक
युग्म बराबर
होता है। यदि दो कोणों का योग एक समकोण के बराबर हो
यदि तीन या
अधिक बिन्दु
एक ही रेखा पर
स्थित हो, तो
वे संरेख
बिन्दु
कहलाते है।
यदि तीन या
अधिक बिन्दु
एक ही रेखा पर
स्थित ना हो , तो वे
असंरेख
बिन्दु
कहलाते है। त्रिभुज के बहिष्कोंण गुणधर्म से हम जानते हैं कि
हम
जानते हैं कि त्रिभुज
का
बहिष्कोंण
अपने सामने
के अन्तः कोणों
के योग के
बराबर होता
है । त्रिभुज के योग गुणधर्म से m इसलिए = 180
त्रिभुज
के तीन कोणों
का योग = 180 त्रिभुज में तीन माध्यिकाएं होती हैं ।
त्रिभुज
के तीन कोणों
का योग 180°होता
है ।
नहीं, त्रिभुज
संभव नहीं है
क्योंकि 5+6 < 12 त्रिभुज की
किन्ही दो
भुजाओ का योग
तीसरी भुजा
से बड़ा होना
चाहिए ।
त्रिभुज
का बहिष्कोण
हमेशा इसके
दो सम्मुख अन्तः
कोणों के योग
के बराबर
होता है ।
माना
कि डिग्री
में अभीष्ट
कोण का माप = x इसका
सम्पूरक कोण = 180o - x प्रश्नानुसार
x
= 2 (180o – x) 3x
= 360o
x = 120o x
का
सम्पूरक कोण =
60o
आसन्न
कोणों के दो
युग्म हैं 1. 2. 3. 4.
B. विपरीत भुजाएं असमान हों। C. विपरीत कोण असमान हों। D. विपरीत भुजाएं समान्तर ना हों । एक चतुर्भुज एक समान्तर चतुर्भुज होता है यदि विपरीत भुजाओं का एक युग्म बराबर और समान्तर हो।
B. 1950 C. 1800 D. 1600 एक चतुर्भुज के सभी चारों कोणों का योग 3600 होता है।
माना कि चतुर्थ कोण x है।
तब 30° + 45° + 90° + x = 360° B. 65° C. 75° D. 90° B. 120° C. 180° D. 360° B. 105° C. 100° D. 95°
समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं| माना कोणों की माप = x, x+40° x + (x+40°) + x+ (x+40°) = 360° अतः समान्तर चतुर्भुज के कोण 70°, 70°, 110°, 110° हैं|
दो क्रमागत कोणों का योग = 180º समान्तर चतुर्भुज
चक्रीय चतुर्भुज PQRS में
ABCD
एक
चक्रीय
चतुर्भुज
है। इसलिए,
120°+
=60° इसलिए,
=30°
AP
= PB = (1/2)AB = 3 सेमी
इसलिए, 65°+ =115° चूंकि, AB||CD इसलिए, 65°+
=115° और
=65°
या
AO
= OD (वृत्त
की
त्रिज्याएँ) OB =
OC (वृत्त
की
त्रिज्याएँ) AB
= CD (बराबर
जीवाएँ) इसलिए,
चूँकि
दिए गए वृत्त
में PQRS एक
चक्रीय
चतुर्भुज है, अतः
अतः
त्रिभुज RQS
में,
= 30° चूंकि चाप इसलिए
OA CD
का
मध्य
बिन्दु
A
है
और
EF
का
मध्य
बिन्दु
B
है। OA
= OB (दिया
है) OD
= OF (समान
वृत्त
की
त्रिज्या) इसलिए, AD =
FB (CPCT
से)
चूँकि
दिए गए वृत्त
में जीवा ML तथा
MN द्वारा केंद्र
पर अंतरित
कोण समान
हैं
दिया
हुआ
है : वृत
के
परिगत
एक
समान्तर
चतुर्भुज ABCD है। तो
सिद्ध
करना
है
कि : ABCD एक
समचतुर्भुज
है
। या
AB = BC = CD = DA उपपत्ति : चूँकि
बाह्य
बिंदु
से
खींची
गई
स्पर्श
रेखाएं
लम्बाई
में
समान
होती
हैं , इसलिए BQ
= BR …..(2) QC
= PC …..(3) SD
= DP …..(4) (1),
(2), (3) और (4) को
जोड़ने
पर, हमें
प्राप्त
होता
है AS
+ SD + BQ + QC = AR + BR + PC + DP या ,
AD + BC = AB + DC या , AD +
AD = AB + AB (चूँकि BC = AD
और
DC = AB क्योंकि
समांतर
चतुर्भुज
की
सम्मुख
भुजाएँ
बराबर
होती
हैं ) 2AD
= 2AB या , AD =
AB …..(5) BC
= AD और
DC = AB …..(6) (समान्तर
चतुर्भुज
की
सम्मुख
भुजाएँ ) (5)
और
(6) से AB
= BC = DC = DA यही
सिद्ध
करना
था
। माना किसी वृत्त O की त्रिज्या = r सेमी दिए गए वृत्त में, (क्योंकि वृत्त के केंद्र को जीवा के मध्य बिंदु से मिलाने वाली रेखा जीवा पर लम्ब होती हैI) समकोण त्रिभुज PEO में, चूँकि PO = RO (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ) पुनः समकोण त्रिभुज RFO में, RO² = RF² + FO² (पायथागोरस प्रमेय से) चूँकि RF = RS/2 B. 3.8 सेमी C. 6.8 सेमी D. 10.6 सेमी B. 60° C. 55° D. 90° B. (ii) C. (iii) D. (iv) B. (ii) C. (iii) D. (iv). B. 45°, 45° C. 70°, 20° D. 80°, 10° B. (ii) C. (iii) D. (iv) B. C. D. B. 3 भागों मे C. 4 भागों मे D. 9 भागों मे DABC जिसमें AB + BC + CA = 8 सेमी और AB: BC: CA = 2:3:4 के निर्माण के लिए हम आधार को 2 + 3 + 4 = 9 भागों में विभाजित करते है।
B. 120°. C. 122°. D. 124°. चूंकि कोण का समद्विभाजक कोण को दो समान भागो में विभाजित करता है, इसलिए, समद्विभाजक OY कोण ÐY को इस प्रकार समद्विभाजित करता है कि
ÐZYO = ÐOYX = 32°
पुनः, समद्विभाजक OX कोण ÐX को इस प्रकार समद्विभाजित करता है कि
ÐZXO = ÐOXY = 26°
इसलिए, ÐXOY = 180° - ( 32° + 26° ) = 122°.
B. 12.5 सेमी C. 11.6 सेमी D. 10 सेमी B. C. D.
A. AB SOLUTION
A और B क्रमशः PQ और PS के मध्य बिन्दु हैं,
इसलिए, AB || QS और AB = 1/2 (QS) (त्रिभुज के गुणधर्म से)
A. 40°SOLUTION
हम जानते हैं कि समचतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे के लम्ब समद्विभाजक होते हैं।
A. 6 और 3SOLUTION
A. 40°SOLUTION
A. 180°SOLUTION
A. 90°SOLUTION
A. प्रत्येक 32°SOLUTION
A. 64° और 116°SOLUTION

A. ![]()
![]()
![]()
![]()
SOLUTION
A. 37°, 143°, 37° और 143°SOLUTION
A. क्रमशः 4.3, 6.2SOLUTION
∴ OR = PR/2 = 8.6/2 = 4.3 सेमी
∴ OS = QS/2 = 12.4/2 = 6.2 सेमी
A. 180°SOLUTION
इसलिए,∠ AOD का माप 90° है।
SOLUTION
तब, SV = VT = PT
और PS = PT + TV + VS = 3PT = 3 ×1.5 = 4.5 सेमी
A.
SOLUTION
PS
- RS = RT - RS
PR = ST
ST = 2 सेमी (
PR = PS
- RS = 5 - 3 = 2 सेमी)
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A. SOLUTION
A. SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A. SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A. SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
CDSOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
वृत्त की
त्रिज्या
परिभाषित
करने से पहले
हमें
केन्द्र, वृत्त
और दूरी को परिभाषित
करना चाहिए।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
PQS और
PQR
PQR और
SQR
PQS और
RQS
PSQ और
PRQSOLUTION
A.
SOLUTION
m , तब x का मान है
A. SOLUTION
रैखिक कोणों के युग्मधर्म से,
1250 का अन्य कोण = 1800-1250
= 550
x = 550 (एकान्तर अन्तःकोण बराबर होते है।)
A.
SOLUTION
A = 110°

A = 50°
BCA =
180° – 50° – 60°= 70°
कोण 50°, 70°
है।
A. SOLUTION
SOLUTION
5x = 180°
x = 36°SOLUTION
SOLUTION
SOLUTION
SOLUTION
![]()
![]()
![]()
x का
माप है –
SOLUTION
इसलिए 110o = 30o
+
x
x = 110o -
30o = 80o.
SOLUTION
![]()
![]()
![]()
![]()
![]()
![]()
![]()
![]()
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![]()
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SOLUTION
![]()
2x +
x + 90
= 180![]()
3x = 90![]()
x = 30![]()
SOLUTION
SOLUTION
SOLUTION
त्रिभुज
का बहिष्कोण
हमेशा दो _________के
योग के बराबर
होता है ।
SOLUTION
SOLUTION
SOLUTION
AOC और
COB,
AOD और
DOB,
AOC और
AOD
BOD और
BOC
SOLUTION

A. विपरीत भुजाओं का एक युग्म बराबर और समान्तर हो।SOLUTION
A. 2000SOLUTION
165° + x = 360°
x = 360° - 165°
= 195°
अतः चतुर्थ कोण 195° है।
A. 20°SOLUTION
A. 90°SOLUTION
A. 110°SOLUTION
SOLUTION
अतः अन्य दो भुजाओं की लम्बाई 7 सेमी और 8 सेमी है|SOLUTION
SOLUTION

SOLUTION

SOLUTION

SOLUTION

SOLUTION

SOLUTION

SOLUTION

SOLUTION

SOLUTION
SOLUTION
SOLUTION

SOLUTION


SOLUTION

भुजा QR बिंदु T तक बढ़ाई गयी है, यदि
P = 115° तो
SRT का मान ज्ञात कीजिये ?

SOLUTION
QPS = 115°,
QPS +
QRS = 180°
(चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण संपूरक होते हैंI)
QRS = 180° -
QPS
= 180° - 115°
= 65°
QRS +
SRT = 180° (रेखीय युग्म)
SRT = 180° -
QRS
SRT = 180° - 65°
SRT = 115°
PQR = 50°, इसके समस्त अन्तः कोणों के मान बताओ ?

SOLUTION

ADC=1200
BAC का मान ज्ञात कीजिए।
SOLUTION
D+
B=180°
B=180°
B=180°-120°
ACB=90° [अर्धवृत्त
में
कोण]
ABC में,
BAC+
ABC+
ACB=180°
BAC+60°+90°=180°
BAC=180°-150°
AB और OQ
CD, AB
CD, AB = 6 सेमी और CD = 8 सेमी। PQ निर्धारित कीजिए।
SOLUTION

चूंकि
वृत्त
के
केन्द्र
से
जीवा
पर
खीचा
गया
अभिलम्ब
जीवा
को
समद्विभाजित
करता
है।
इसलिए, AB और
CD
के
मध्य
बिन्दु
P
और
Q
है।
CQ = QD = (1/2)CD = 4 सेमी
समकोण
त्रिभुज OAP और
OCQ
में, हमें
ज्ञात
है
OA2 = OP2 + AP2 और OC2
= OQ2 + CQ2
52
= OP2 + 32 और 52
= OQ2 + 42
OP2
= 52 - 32 और OQ2
= 52 - 42
OP2
= 16 और OQ2
= 9
OP
= 4 और OQ = 3
PQ
= OP + OQ = (4 + 3) सेमी = 7 सेमीSOLUTION

चूंकि
ABCDएक
चक्रीय
चतुर्भुज
है।
B+
D=180°
D=180°
D=180°-65°
B+
C=180°
C=180°
C=180°-65°
A+
D=180°
A+115°=180°
A=180°-115°
BEC = 130° और
ECD = 20°.
BAC ज्ञात
कीजिए।
SOLUTION
DEC +
BEC =
180º (रैखिक
कोण
युग्म)
DEC =
180º - 130º = 50º
ECD में
EDC +
DEC +
DCE =
180º (त्रिभुज
के
कोण
योग
गुणधर्म
से)
EDC =
180º - (50º + 20º)
EDC =
110º
EDC =
BAC =
110º (वृत्त
के
समान
त्रिज्यखंड
में
बने
कोण
बराबर
होते
है।)SOLUTION
AOB और
DOC में
AOB
DOC (SSS
से)
AOB
=
DOC (CPCT
से)
अतः, वृत्त
की
बराबर
जीवाएँ
केन्द्र
पर
बराबर
कोण
अंतरित
करती
है।
QPS
= 120°
तो
QSR
का
मान ज्ञात
कीजिये?
SOLUTION

QPS
+
QRS
= 180°
(क्योंकि
चक्रीय
चतुर्भुज के सम्मुख
कोणों का योग 180°
होता है)
QRS
= 180° -
QPS
QRS
= 180° - 120° = 60°
RQS
= 90° (अर्धवृत्त
में
स्थित कोण समकोण
होता है)
RQS
+
QSR
+
QRS
= 180°
QSR
= 180° -
RQS -
QRS
QSR
= 180° - 90° - 60°
ADC और
ABC का मान निर्धारित कीजिए।
SOLUTION







SOLUTION
माना
कि C(O,
r) और C(O’,
r) दो
समान
वृत्त
है।
C(O, r)
C(O',
r) चूंकि
PQ
दो
संकेन्द्रीय
वृत्तो
की
एक
उभयनिष्ठ
जीवा
हैं।
इसलिए,
क्षेत्रफल (PDQ) =
क्षेत्रफल (PCQ)
QAP
=
QBP
इस
प्रकार
,
QAB में, हमें
ज्ञात
हैं
QAP
=
QBP
QA
= QB
SOLUTION
DC
और
OB
EF
OAD और
OBF में
OAD =
OBF =
90°
OAD
OBF (RHS से)
2AD
= 2FB
CD
= EF (चूंकि
CD
और
EF
के
मध्य
बिन्दु
A
और
B
है।)
MN =
6(x
– 1)
तो
x का
मान ज्ञात
कीजिये I
जीवा
ML
तथा MN
की
लम्बाई
भी ज्ञात कीजिये
?
SOLUTION
अतः जीवा ML =
जीवा MN
(क्योंकि
वृत्त में
समान
जीवायें
केंद्र पर समान
कोण अंतरित
करती हैं)
4x + 6 = 6 (x - 1 )
[दिया
है,ML = 4x + 6 ,
MN =
6 (x - 1 )]
2x = 12
x = 6
अतः
MON = 20x = 20 × 6 = 120° (ज्ञात है,
MON
= 20x)
और
जीवा ML = 4x + 6 = 4 × 6 + 6 = 30 इकाई,
जीवा MN = 6 (x - 1 ) = 6 × ( 6 - 1 ) = 30 इकाई SOLUTION

AS = AR …..(1)SOLUTION

अतः OP = OQ = r सेमी (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ बराबर होती हैं)
अतः प्रश्न के अनुसार,
जीवा (PQ ) की लम्बाई = r सेमी
इस प्रकार,
OPQ, एक समबाहु त्रिभुज होगा,
OPQ =
PQO =
QOP = (180°/3 ) = 60°
जीवा PQ के द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण =
POQ = 60°
अतः जीवा PQ के द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण का मान 60° होगा I Right Answer is:
SOLUTION

PEO =
RFO = 90°
PO² = PE² + EO² (पायथागोरस प्रमेय से)
PO² = (24)² + (7)² [PE = (PQ /2) = (48 /2) = 24 सेमी]
(576 + 49) =
625
PO = 25 सेमी
RO = 25 सेमी
RF² = (RO)² - (
141)²
141)² = 625 - 141 = 484 

RS = 2RF = 2 x 22 = 44 सेमी
A. 3 सेमीSOLUTION
A. 35°SOLUTION

A. (i)SOLUTION

A. (i)SOLUTION
A. 30°, 60°SOLUTION
A. (i)SOLUTION

A. 



SOLUTION
Right Answer is: C
SOLUTION
A. 2 भागों मेSOLUTION

A. 90°. SOLUTION
A. 12.8 सेमीSOLUTION
A. 


