रेडियोधर्मिता के सामान्य संकेतक निम्नलिखित हैं:
(i) उबकाई, चक्कर आना, उल्टी होना।
(ii) इसमें कोई गंध नहीं होती किन्तु ऊष्मा की लहर होती है।
(iii) नाभिकीय विखंडन के बाद कुकुरमुत्ते जैसा बादल बन जाता हैं।
(i) औद्योगिक
और आवासीय क्षेत्रों
के बीच में एक हरित
पट्टी होनी चाहिए,
जिसे प्रतिरोधक
क्षेत्र कहा जाता
है।
(ii) उद्योग
स्थापित करने
से पूर्व अपशिष्ट
पदार्थों के निपटान
के लिए सुरक्षित
तरीकों की योजना
बनाई जानी चाहिए।
(iii) आवासीय
क्षेत्र औद्योगिक
क्षेत्रों से
दूर स्थित होने
चाहिए।
हमारे दैनिक
जीवन में रसायनों
के स्रोत निम्नलिखित
हैं:
(i) पेयजल को
साफ करना
(ii) फसल
उत्पादन
(iii) हेयर
स्प्रे
(iv) डियोडोरेंट
(v) दीवारी
रंग
(vi) नेल
पालिश
जैविक
आयुध अनेक प्रकार
के होते हैं। वे रोगाणु या अन्य जैविक पदार्थ हवा
में छोड़
देते हैं,
जो श्वास के द्वारा शरीर में प्रवेश करते हैं या त्वचा पर खरोंच के द्वारा शरीर में पहुँच जाते हैं। वे संक्रामक रोगों का कारण बनते हैं और कुछ ही अवधि में
बड़ी संख्या में
लोगों की मौत हो जाती है।
उदाहरण:
एंथ्रेक्स, ब्रूसीलोसिस, बोटुलिज़्म
विष आदि|
(i) सामुदायिक
तैयारी: खतरे के प्रभाव
को कम करने के लिए
लोगों के बीच जागरूकता
बहुत महत्वपूर्ण
है।
(ii) भूमि
उपयोग नियोजन: खतरे का सामना
करने के लिए बेहतर
भूमि उपयोग नियोजन
की आवश्यकता होती
है।
(iii) संकट मानचित्रण: किसी दुर्घटना
की स्थिति में
प्रभावित होने
वाले क्षेत्र
की पहचान करने
में सहायता करता
है।
(i) इससे विषाक्त
पदार्थों या खतरनाक
पदार्थों की सूची
और भंडारण स्थानों
की जानकारी प्राप्त
होती है।
(ii) यह
आसपास के रहने
वाले लोगों के
बीच जागरूकता
पैदा करता है।
(iii) यह
उस क्षेत्र का
भी निर्धारण करता
है, जो दुर्घटना
की स्थिति में
प्रभावित हो सकते
हैं।
डब्ल्यूएमडी का अर्थ जन विनाशकारी आयुध होता है।
नाभिकीय
आयुध को इसकी विनाशक
शक्ति, विखंडन
की नाभिकीय प्रतिक्रिया
या विखंडन और संलयन
के संयोजन से मिलती
है। इसलिए यह सबसे बड़े
पारंपरिक विस्फोटक से अधिक शक्तिशाली होता है।
उदाहरण:
(क) अणु
बम
(ख)
हाइड्रोजन बम
A.
कुशल
B.
अकुशल
C.
अप्रशिक्षित
D.
अर्ध-कुशल
ग्राम आपदा प्रबंधन योजना में, विभिन्न संस्थान क्षेत्रीय प्रशिक्षण में मदद करते हैं, और स्वयंसेवकों को उनके संबंधित गतिविधियों में कुशल बनाते हैं।
A.
मानव
एवं भौतिक
संसाधनों
दोनों
B. प्रभावशाली मानव संसाधन
C. असुरक्षित लोग
D. गैर-मानव संसाधन
समिति का उद्देश्य उपलब्ध मानव और भौतिक संसाधनों की पहचान करना और सभी स्तरों पर क्षमता को मजबूत करना है।
A.
नेताओं
की
B. पैदल चलने वालों की
C. सड़क के किनारों की
D. चालकों की
राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या चालकों की लापरवाही के कारण होती है| इन्हें ड्राइविंग के दौरान सुरक्षा उपायों को अपनाकर नियंत्रण में रखा जा सकता है।
A.
सीमेंट
बैग का
प्रयोग
B. रेत के बैग का प्रयोग
C. कपडे के बैग का प्रयोग
D. बाड़
रेत पानी को सोखता है| इसीलिए बाढ़ के दौरान बाढ़ से रक्षा के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
A.
संयुक्त
राष्ट्र
आपदा
कार्यक्रम
B. संयुक्त राष्ट्र आपदा योजना
C. संयुक्त राष्ट्र विकास योजना
D. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) वैश्विक विकास नेटवर्क है। इसका मुख्यालय न्यूयार्क शहर में है। यूएनडीपी परिवर्तन का समर्थन करता है, और लोगों को बेहतर जीवन बनाने में मदद करने के लिए ज्ञान, अनुभव और संसाधनों को जोड़ता है।
A. कंघी घर्षण के कारण आवेश प्राप्त कर लेती है।
B. कंघी घर्षण के कारण ऊष्मा प्राप्त कर लेती है।
C. कागज घर्षण के कारण आवेश प्राप्त कर लेता है।
D. कागज घर्षण के कारण ऊष्मा प्राप्त कर लेता है।
बालों को कंघी करते समय,बालों तथा कंघी के बीच घर्षण उत्पन्न हो जाता है। जिसके कारण,कंघी द्वारा कुछ आवेश ग्रहण कर लिए जाते हैं। जब इसे कागज़ के टुकड़ों के पास लाया जाता है,तो ये टुकड़े विपरीत आवेश प्राप्त कर लेते हैं। इस प्रकार, कंघी और टुकड़ों के बीच आकर्षण बल उत्पन्न हो जाता है।
A. हमेशा केवल भूकम्पीय क्षेत्रों में।
B. कभी – कभी पूरी पृथ्वी पर।
C. कभी – कभी केवल भूकम्पीय क्षेत्रों में।
D. हमेशा पूरी पृथ्वी पर।
चूँकि, पृथ्वी की प्लेटों में निरंतर गति होती है जिसके कारण, धरातल में निरंतर विक्षोभ उत्पन्न होते रहते हैं। इस प्रकार, भूकंप हमेशा पूरी पृथ्वी पर उत्पन्न होते हैं। तथापि, भूकंप का परिमाण इतना अधिक नहीं होता है कि देखा जा सके।
A. एक – दूसरे को आकर्षित।
B. एक – दूसरे को प्रतिकर्षित।
C. स्थिर।
D. आवृतिक रूप से कपंन।
कांच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर, यह कुछ आवेश ग्रहण कर लेगी। चूँकि, ‘A’ लकड़ी का बना हुआ है, जो एक कुचालक है। इसलिए, स्वर्ण पट्टियों के माध्यम से कोई आवेश प्रवाहित नहीं होगा और पट्टियों के बीच में कोई अन्तःक्रिया बल कार्यरत नहीं होगा। इस प्रकार, यह स्थिर बनी रहेगी।
A. एक चालक।
B. एक कुचालक।
C. अर्धचालक।
D. एक गोलाकार कोक।
दिए गए चित्र में एक विद्युतदर्शी दिखाया गया है। ‘A’ एक चालक होना चाहिए नहीं तो, नमूने से पट्टिकाओं की ओर कोई आवेश प्रवाहित नहीं होगा। इस प्रकार, विद्युतदर्शी यह निर्धारण नहीं कर पायेगा की नमूना आवेशित है या नहीं।
A. ऋणात्मक तथा धनात्मक आवेश।
B. बादलों का ऋण आवेश।
C. बादलों का धन आवेश।
D. बादलों की जल बूंदें।
तड़ित झंझा के समय, धन आवेश बादलों के ऊपरी सिरे पर संग्रहित हो जाते हैं तथा ऋण आवेश निचले सिरे पर संग्रहित हो जाते हैं। धन आवेश धरातल के निकट संग्रहित हो जाते हैं। जब संग्रहित आवेशों का परिमाण बहुत अधिक हो जाता है, तो वायु आवेशों के प्रवाह को नहीं रोक पाती है। ऋणात्मक तथा धनात्मक आवेश मिलते हैं और प्रकाश की चमकीली धारियां तथा ध्वनि उत्पन्न होती है।
A. वायु धारा की ऊपर की ओर तेजी से गति।
B. वायु धारा की नीचे की ओर तेजी से गति।
C. जल बूंदों की ऊपर की ओर तेजी से गति।
D. बादलों में जल - वाष्प का संघनन।
तड़ित झंझा उत्पन्न होने के समय, वायु धारा ऊपर की ओर गति करती हैं, जबकि जल बूंदें नीचे की ओर गति करती है। इनकी तीव्र गति के कारण, आवेशों का पृथक्करण होता है।
A. भूकंप द्वारा होने वाले नुकसान से।
B. बाढ़ द्वारा होने वाले नुकसान से।
C. अत्यधिक गर्मी से।
D. विद्युत आघातों से।
ईमारतों में प्रदान किया गया भूसम्पर्कण हमारी विद्युत धारा से होने वाले रिसाव के कारण उत्पन्न विद्युत आघातों से सुरक्षा करता है। भूसम्पर्कण, किसी आवेशित निकाय से पृथ्वी की ओर आवेशों के स्थानान्तरण की प्रक्रिया होती है, जो आवेश की कितनी भी मात्रा को ग्रहण कर सकती है।
A. सिस्मोग्राफ।
B. इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी।
C. विद्युतदर्शी।
D. एमीटर।
एक विद्युतदर्शी में दो धात्विक पट्टिकाएं होती हैं। जब इन दोनों पट्टिकाओं से जुड़े धात्विक आधार को किसी आवेशित निकाय से स्पर्श किया जाता है, तो ये एक दूसरे को प्रतिकर्षित करती हैं। यदि निकाय में कोई आवेश नहीं होता है, तो यह पट्टिकाएं स्थिर बनी रहती हैं।
A. स्थैतिक आवेश।
B. आवेशों का प्रवाह।
C. ऊष्मा प्रवाह
D. आवेशों का संचय।
विद्युत आवेशों का प्रवाह विद्युत् धारा या विद्युत उत्पन्न करता है। सभी विद्युत उपकरण विद्युत आवेशों के प्रवाह के कारण ही संचालित होते हैं।
A. एक - दूसरे को आकर्षित करती हैं।
B. एक - दूसरे को प्रतिकर्षित करती हैं।
C. स्थिर बनी रहती हैं।
D. आवृतिक रूप से कपंन करती है।
किसी काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने के बाद यह कुछ आवेश ग्रहण कर लेगी। लेकिन यह ग्रहण किए गए आवेश धरातल द्वारा निरावेशित हो जायेंगे। इस प्रकार ‘A’ को काँच की छड़ से स्पर्श करने पर स्वर्ण पट्टिकाओं के माध्यम से भी आवेश प्रवाहित नहीं होंगे। इसलिए स्वर्ण पट्टिकाएं के बीच कोई अन्तःक्रिया नहीं होगी। इस प्रकार ये स्थिर बनी रहेंगी।
A. विद्युत तथा ऊष्मा की श्रेष्ठ चालक।
B. विद्युत तथा ऊष्मा की दुर्बल चालक।
C. विद्युत की श्रेष्ठ चालक लेकिन, ऊष्मा की दुर्बल चालक।
D. ऊष्मा की श्रेष्ठ चालक लेकिन, विद्युत की दुर्बल चालक।
सामान्य परिस्थिति के अंतर्गत, वायु विद्युत धारा के प्रवाह के लिए कुचालक के रूप में कार्य करती है। वायु की ऊष्मीय चालकता भी बहुत कम होती है। इस प्रकार, वायु, ऊष्मा की दुर्बल चालक के साथ – साथ विद्युत् की भी दुर्बल चालक होती है।
किसी अनावेशित निकाय को आवेशित निकाय से स्पर्श कर के आवेशित करना चालन द्वारा आवेशन कहलाता है।
विद्युत आवेश आकर्षण तथा प्रतिकर्षण की तरह एक प्रभाव होता है जब किसी निकाय को प्रदान किया जाता है तो यह अन्य निकाय को आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकता है।
यह एक उपकरण है जो दिए गए किसी निकाय पर आवेश के प्रकार तथा उपस्थिति का पता लगाने के लिए उपयोग किया जाता है।
विद्युत आवेश दो प्रकार के होते है:
(i) धनात्मक तथा (ii) ऋणात्मक।
आवेश स्थानान्तरण से उत्पन्न विद्युत स्थैतिक विद्युत कहलाती है जहाँ आवेश कुल मिलाकर विरामवस्था में होते हैं।
वह प्रक्रिया जिसके कारण जब कोई चालक किसी आवेशित निकाय के सम्पर्क में आता है तो विद्युत रूप से आवेशित हो जाता है चालन कहलाता है।
वह इलेक्ट्रान जो नाभिक के निकट तथा प्रोटॉनों के विद्युत बल द्वारा दृढ़ता से बंधे रहते हैं बद्ध इलेक्ट्रान कहलाते हैं।
परम्परागत धारा प्रवाह धन आवेशित निकाय से ऋण आवेशित निकाय की ओर होता है।
चालक के माध्यम से आवेशों की गति विद्युत धारा कहलाती है।
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of place.
D. adverb clause of time.
The given sentence contains a ‘noun clause’ – what is in store – which here is the object of a preposition ‘in’.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of place.
D. adverb clause of time.
The given sentence contains a ‘noun clause’ – how many obstacles she can encounter – which here is the object of a transitive verb (realise).
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of place.
D. adverb clause of time.
The given sentence contains an ‘adverb clause of time’ – when the dinner is ready - that begins with a subordinating conjunction ‘when’ and like an adverb, it modifies the verb ‘return’.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of place.
D. adverb clause of time.
The given sentence contains an ‘adjective clause’ – that paid huge amounts - that begins with a relative pronoun ‘that’ and like an adjective, it qualifies the noun ‘decision’.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of place.
D. adverb clause of time.
The given sentence contains a ‘noun clause’ – why Max left so late - which here is the subject of a verb (is).
1. If homeopathic treatment is not helpful – Adverb clause of condition.
2. whom you should go for help - noun clause used as the object of preposition.
3. who won a bronze medal - adjective clause modifying the subject ‘boy’.
4. when the police arrested their leader - adverb clause of time.
5. Looking after her sick daughter – noun clause as the subject of the sentence.
1. dependent
2. dependent
3. independent
4. independent
5. dependent
A. ‘A’ से ‘B’ की ओर प्रवाहित होते हैं।
B. ‘B’ से ‘A’ की ओर प्रवाहित होते हैं।
C. चालक पर संग्रहित हो जाते हैं।
D. A’ तथा ‘B’ के बीच प्रवाहित नहीं होते हैं।
प्लास्टिक छड़ कुचालक होती है। चूँकि, आवेश कुचालक के माध्यम से प्रवाहित नहीं हो सकते हैं| यहाँ, A’ तथा ‘B’ के बीच आवेश का कोई प्रवाह नहीं होगा।
A. प्रकृति में धनात्मक।
B. प्रकृति में ऋणात्मक।
C. शून्य।
D. परिमाण में प्रारंभिक मान के समान।
धरातल पर रखी हुई लोहे की मेज़ पर कॉपर की गेंद को रखने पर, गेंद का भूसम्पर्कण हो जाता है। इस प्रकार, इसके सभी आवेश धरातल की ओर निरावेशित हो जायेंगे।
A. प्रकृति में धनात्मक लेकिन, परिमाण में अधिक।
B. प्रकृति में ऋणात्मक लेकिन, परिमाण में कम।
C. शून्य।
D. परिमाण तथा प्रकृति में प्रारंभिक आवेश के समान।
प्लास्टिक की टेबल एक कुचालक होती है। इस प्रकार, कॉपर की गेंद पर आवेश उसी पर बना रहेगा यहाँ तक कि मेज़ पर रखने के बाद भी वहां आवेश प्रवाहित नहीं होगा।
A. क्रमशः बादलों के निचले सिरे तथा ऊपरी सिरे पर।
B. बादलों के मध्य में।
C. क्रमशः बादलों के ऊपरी सिरे तथा निचले सिरे पर।
D. बादलों के निचले सिरे पर।
वायु धाराएँ ऊपर की ओर गति करती हैं जबकि, जल - बूंदें तड़ित झंझा उत्पन्न होने के समय नीचे की ओर गति करती हैं। भारी जल की बुँदे ऋण आवेश प्राप्त कर लेती हैं जो निचले सिरे पर संग्रहित हो जाते हैं। हल्के वायु के अणु ऋण आवेशों को खोकर धन आवेश में परिवर्तित हो जाते हैं जो ऊपरी सिरे पर संग्रहित हो जाते हैं।
A. धन आवेश।
B. ऋण आवेश।
C. क्रमशः धन तथा ऋण आवेश।
D. क्रमशः ऋण तथा धन आवेश।
किसी एबोनाईट की छड़ को फलालैन के साथ रगड़ने पर, छड़ कुछ इलेक्ट्रान प्राप्त कर लेती है, जबकि, फलालैन कुछ इलेक्ट्रान खो देता है। इलेक्ट्रान की अधिकता के कारण, यह छड़ ऋणावेशित हो जाती है जबकि, फलालैन धन आवेशित हो जाती है।
A. ईमारत की ओर।
B. बाहर खुले मैदान की ओर।
C. खुले वाहन की ओर।
D. पार्क में पेड़ों की ओर।
भूकंप के समय, ईमारत, पेड़, विद्युत खम्भे आदि हमारे ऊपर गिर सकते हैं। इसलिए, हमें बाहर खुले मैदान की ओर तेजी से दौड़ना चाहिए।
A. नहाने से।
B. खाने से।
C. बैठने से।
D. खड़े होने से।
बहते हुए पानी के संपर्क में आने से बचना चाहिए, हमें तड़ितझंझा के समय नहाने से बचना चाहिए क्योंकि, तड़ित उत्पन्न हो सकती है।
A. विद्युत निरावेशन की परिघटना।
B. पृथ्वी का अचानक कपंन।
C. उच्च ज्वार का उत्पन्न होना।
D. पृथ्वी के घूर्णन में विक्षोभ।
भूकंप से पृथ्वी पर अचानक कपंन होता है। जो पृथ्वी की भूपर्पटी में विक्षोभ उत्पन्न होने का कारण बनता है। यह बहुत कम समय के लिए रहता है।
A. एक – दूसरे की ओर आकर्षित।
B. एक - दूसरे से प्रतिकर्षित।
C. कुछ भी अनुभव नहीं करेंगी।
D. उनके आवेश वैसे ही रहते हैं।
प्रत्येक रिफिल के एक सिरे को रगड़ने पर वे आवेशित हो जायेंगे। तथापि, इनको धात्विक प्लेट पर रखने पर इनके आवेश नष्ट हो जायेंगे। इसलिए जब ये एक – दूसरे के निकट लाई जाती हैं तो ये कोई भी बल अनुभव नहीं करती हैं।
समुदाय में आपदा से निपटने के लिए प्रचलित एक पारंपरिक तंत्र होता है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता रहता है। यह स्थानीय वातावरण में तुरंत जवाबी कार्यवाही करने का सबसे आदर्श तंत्र होता है, यद्यपि इसमें नई तकनीकों के द्वारा और सुधार किया जा सकता है। उदाहरण के लिए: बाढ़ की स्थिति में, लोगों की तत्काल कार्यवाही, घर के छत पर आश्रय लेना है और फिर बाहरी सहायता की प्रतीक्षा करनी है।
आपदा प्रबंधन योजनाओं को विकसित करने के लिए सरकार समुदायों से आग्रह करती है, जिससे संकटों को रोका जा सके, उनका मंदन किया जा सके और उनसे निपटने के लिए बेहतर तैयारी की जा सके। यह समुदाय ही होता है जो आपदा स्थल पर पहले से उपस्थित होने के कारण सबसे पहले जवाबी कार्यवाही करता है।
किसी भी आपदा
प्रबंधन पहल के
केंद्र में समुदाय
क्यों होना चाहिए,
क्योंकि
1. यह आपदा
स्थल पर पहले से
उपस्थित होने
के कारण सबसे पहले
जवाबी कार्यवाही
करता है।
2. यह अधिकतम
जानकारी का स्रोत
होता है।
3. स्वयं सहायता
स्वयं के हित में
है क्योंकि बाहरी
संसाधनों
पर अत्यधिक
निर्भरता
से कार्यवाही
में देर लग सकती है और और बेकार
हो सकती है।
ग्रामीण
आपदा प्रबंधन
नियोजन के लिए
तीन प्रमुख व्यक्ति
हैं:
(i) प्राथमिक
स्वास्थ्य केंद्र
में डॉक्टर
(ii) गाँव के
आँगनवाड़ी कार्यकर्ता
(iii) महिला
स्वयं सहायता
समूह की प्रमुख
आपदा के दौरान और उसके तुरंत बाद प्रायः पड़ोसी और समुदाय के लोग सबसे पहले जवाबी कार्यवाही करते हैं। प्रभावित व्यक्ति इससे पहले कि स्थानीय प्राधिकरणों या किसी गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से कोई सहायता प्राप्त करे, पड़ोसी सबसे पहले जवाबी कार्यवाही करते हैं।
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of time.
D. adverb clause of reason.
The given sentence contains an ‘adverb clause of reason’ – as he wants to build a good physique – which begins with a subordinating conjunction ‘as’ and modifies the phrasal verb (work out).
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of time.
D. adverb clause of place.
The given sentence contains an ‘adverb clause of place’ – wherever they found water - which begins with a subordinating conjunction ‘wherever’ and like an adverb, it modifies the verb (stop)
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of time.
D. adverb clause of comparison.
The given sentence contains a ‘noun clause’ – that Amanda was dishonest – which like a noun, is the object of a transitive verb ‘say’.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of time.
D. adverb clause of comparison.
The given sentence contains an ‘adverb clause of time’ – as soon as the editor-in-chief arrived – which begins with ‘as soon as’ and like an adverb, it modifies the verb ‘commence’.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of result or consequence.
D. adverb clause of comparison.
The given sentence contains a ‘noun clause’ – how the Eskimos survive in such cold climatic conditions - which like a noun, is the subject of the verb (is).
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of result or consequence.
D. adverb clause of comparison.
The given sentence contains an ‘adjective clause’ – who has received a national award – which begins with a relative pronoun ‘who’ and like an adjective, it qualifies the noun ‘woman’.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of result or consequence.
D. adverb clause of comparison.
The given sentence contains an ‘adverb clause of result or consequence’ – that it started panting - which begins with ‘that’ and is preceded by ‘so’ in the principal cause.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of supposition or concession.
D. adverb clause of comparison.
The given sentence contains an ‘adjective clause’ – you get – where the relative pronoun ‘that’ before ‘you get’ is not mentioned but is understood. Like an adjective, it qualifies a pronoun (you) which is also not mentioned but is understood.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of supposition or concession.
D. adverb clause of comparison.
The given sentence contains a ‘noun clause’ – that she wins a hundred dollar lottery – which here is used as the complement of a verb of incomplete predication.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of supposition or concession.
D. adverb clause of comparison.
The given sentence contains an ‘adverb clause of supposition or concession’ – even if he has to remain awake the whole night - which begins with ‘even if’ and like an adverb, it modifies the verb ‘finish’.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of cause or reason.
D. adverb clause of comparison.
The given sentence contains an ‘adverb clause of comparison’ – than alcohol – which begins with ‘than’ and like an adverb, it modifies the adjective ‘denser’ which is in the comparative degree.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of cause or reason.
D. adverb clause of condition.
The given sentence contains an ‘adverb clause of cause or reason’ – because she is compassionate – which begins with the subordinating conjunction ‘because’ and like an adverb, it modifies the verb ‘like’.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of cause or reason.
D. adverb clause of condition.
The given sentence contains a ‘noun clause’ – that enjoy life to the fullest – which lies in apposition to an abstract noun (suggestion), and hence does the work of a noun.
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of cause or reason.
D. adverb clause of condition.
The given sentence contains an ‘adjective clause’ – who helped me a lot – which begins with a relative pronoun ‘who’ and like an adjective, it qualifies a noun (girl).
A. adjective clause.
B. noun clause.
C. adverb clause of cause or reason.
D. adverb clause of condition.
The given sentence contains an ‘adverb clause of condition’ – if he does not want to face economic crisis - which is introduced by ‘if’ and like an adverb, it modifies the verb ‘save’.
निम्नलिखित संस्थानों के कार्यकर्ता आपदा प्रबंधन योजना में योगदान करते हैं:
(i) आँगनवाड़ी कार्यकर्ता
(ii) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर
(iii) स्व-सहायता समूह के कार्यकर्ता
(i) विद्यालय का प्रधानाचार्य रसद के लिए व्यवस्था करते है|
(ii) शिक्षक बैठक के आयोजन में सहायता करते हैं।
(iii) समुदायों में योजना बनाने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने में छात्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सुखपार गाँव आपदा के लिए तैयार था। नकली अभ्यास के दौरान उन्होंने निम्नलिखित कदम उठाए:
(i) मस्जिद से प्रारंभिक चेतावनी दी गई।
(ii) स्थान खाली कराने वाले दल ने सबसे पहले बूढ़ों और विकलांगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।
(iii) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने बीमार लोगों की देखभाल शुरू कर दी।
गाँव प्रशासन से तीन व्यक्ति जो ग्राम आपदा प्रबंधन योजना का हिस्सा होते हैं, निम्न हैं:
(i) खंड विकास अधिकारी
(ii) सरपंच
(iii) ग्राम पंचायत का सचिव
वर्षा जल संचयन का उपयोग निम्न कार्यों में किया जाता है:
(i) पीने के लिए जल
(ii) पशुधन और सिंचाई के लिए पानी
(iii) जलवाही स्तरों के पुनर्भरण के लिए
वर्षा जल संचयन, वर्षा के जल को किसी खास माध्यम से संचय करने या इकट्ठा करने की प्रक्रिया को कहा जाता है|
वर्षा जल का संचयन वाटर शेड को एक इकाई के रूप लेकर करते हैं। आमतौर पर सतही फैलाव तकनीक अपनाई जाती है क्योंकि ऐसी प्रणाली के लिए जगह प्रचुरता में उपलब्ध होती है तथा पुनर्भरित जल की मात्रा भी अधिक होती है। छतों पर वर्षा जल संचयन करना सरल एवं सस्ती तकनीक है जो मरूस्थलों में हजारों सालों से चलायी जा रही है। यह जल जलभृतों में पुनर्भरित किया जा सकता है व ज़रूरत के समय लाभकारी ढंग से प्रयोग में लाया जा सकता है।
आपदा के दौरान मदद करने वाले संस्थान हैं:
(iii) स्थानीय राष्ट्रीय सेवा योजन खंड
आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए की जाने वाली तीन पहल कौन सी हैं?
(i) प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित की जानी चाहिए।
(ii) आश्रय के स्थानों का निर्णय लिया जाना चाहिए।
(iii) खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
घर जो आपदा के प्रति असुरक्षित होते हैं, वे निम्नलिखित हैं:
(i) वे जो समुद्र के निकट होते हैं।
(ii) वे जो राजमार्गो के पास होते हैं।
(iii) वे जो निचले क्षेत्रों में स्थित होते हैं।
समुदाय
के लिए तीन मानव
निर्मित खतरे
हैं:
(i) बाँधों
के टूटने का भी
खतरा
(ii) रसायन कारखाना
(iii) परमाणु बिजलीघर
आपदा प्रबंधन दल को निम्न बातों की जानकारी होनी चाहिए:
(i) गाँव की असुरक्षा
आपदा के दौरान निम्न तरह के लोग सबसे असुरक्षित होते हैं:
(i) बुज़ुर्ग लोग
(ii) छोटे बच्चे
(iii) बीमार और अस्वस्थ लोग
आपदा प्रबंधन के लिए निम्नलिखित तीन दल बनाए जाते हैं:
(i) खोज एवं बचाव दल
वीडीएमटी का अर्थ ग्राम आपदा प्रबंधन दल होता है।
ग्राम आपदा प्रबंधन दल में वे स्वयंसेवी होते हैं जिन्हें उन बुनियादी कार्यात्मक क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाता है जिनकी आपदा परिस्थिति में सबसे अधिक जरूरत पड़ती है। उदाहरणार्थ : प्राथमिक उपचार
वीडीएमसी का पूरा रूप ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति होता है। इसके निम्नलिखित उत्तरदायित्व होते हैं:
(i) समुदाय के सदस्यों के बीच जागरूकता पैदा करना ताकि किसी भी खतरे के प्रभाव को कम किया जा सके।
गाँव के स्तर पर आपदा से निपटने के लिए उठाए जाने वाले तीन कदम निम्नलिखित होते हैं:
(i) आपदा प्रबंधन योजना की तैयारी
(ii) ग्राम आपदा प्रबंधन समिति का गठन
(iii) ग्राम आपदा प्रबंधन दल का गठन
निम्नलिखित तरीके जिनसे स्थानीय समुदाय आपदाओं के प्रभाव को कम कर सकता है:
(i) बाढ़ की स्थिति में - तटबंध को दरार से बचाने के लिए रेत के थैले का उपयोग
(ii) भूकंप की स्थिति में - खुले स्थान में चले जाना
(iii) ज्वालामुखी की स्थिति में - क्षेत्र को खाली कर दें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
ग्रामीणों को अपने गाँव के लिए स्वयं आपदा प्रबंधन योजना विकसित करना चाहिए, क्योंकि:
(i) वे स्थानीय परिदृश्य के बारे में बेहतर जानकारी रखते हैं।
(ii) वे असुरक्षा प्रवण के बारे में जानते हैं।
(iii) वे स्थिति का सामना करने के लिए उपलब्ध सर्वोत्तम स्थानीय संसाधनों से अवगत होते हैं।
नियमित बाढ़ और चक्रवातों के निम्नलिखित परिणाम होते हैं:
(i) जीवन की भारी क्षति
(ii) संपत्ति का नुकसान
(iii) आजीविका
की हानि
परमाणु की बाह्यतम कक्षा में उपस्थित वह इलेक्ट्रान जो अपने नाभिक से शिथिल बद्ध होते हैं मुक्त्त इलेक्ट्रान या संयोजी इलेक्ट्रान कहलाते हैं।
घर्षण की प्रक्रिया द्वारा बादल आवेशित हो जाते हैं।
भूकंप, पृथ्वी का अचानक विक्षोभ या कंपन होता हैं। ये इमारतों, पुलों, बांधों तथा जीवों की बहुत बड़ी हानि का कारण हो सकता है। इसके कारण जीवन तथा सम्पत्ति का भारी नुकसान होता है।
पृथ्वी का स्थलमंडल कई खंडों में विखण्डित होता है। प्रत्येक खण्ड प्लेट कहलाती है जो टेक्टोनिक प्लेटें के रूप में भी जानी जाती है। ये प्लेटे निरन्तर गति की अवस्था में रहती हैं अर्थात, ये गर्म मैग्मा के ऊपर तैरने लगती हैं।
भूकंप द्वारा उत्पन्न वह कंपन जो पृथ्वी की सतह के सापेक्ष या भीतर कंपन के रूप में गुजरती है, भूकम्पीय तरंगे कहलाती हैं। सिस्मोग्राफ, वह उपकरण है जो इन तरंगो का अभिलेखन करता है।
भूकंप के कारण उत्पन्न दो खतरे है :-
1. सुनामी।
2. भूस्खलन।
बादलों के ऊपरी किनारे के निकट धनावेश एकत्र हो जाते हैं तथा ऋणावेश बादलों के निचले किनारे पर संचित हो जाते हैं ।धरती के निकट भी धनावेश का संचय होता है। जब संचित आवेशों का परिणाम अत्यधिक हो जाता है तो वायु जो विद्युत की कुचालक है ,आवेशों के प्रवाह को नहीं रोक पाती। ऋणात्मक तथा धनात्मक आवेश मिलते हैं और प्रकाश की चमिकिली धारियाँ तथा ध्वनि उत्पन्न होती है। इसे हम तड़ित के रूप में देखते हैं और इस प्रक्रिया को विद्युत विसर्जन कहते हैं।