A. आयत
B. वर्ग
C. सामानांतर चतुर्भुज
D. समलम्ब चतुर्भुज
जब हम सामानांतर चतुर्भुज के कोणों का समद्विभाजक करते हैं, तो हमें एक आयत प्राप्त होता है|
A. AB + BC > AC
B. AB + AD > AC
C. AB + CD < AC
D. AD + CD < AC
यह संभव नहीं है क्योंकि एक त्रिभुज ACD में, AD + CD < AC होता है|
A. 180°
B. 270°
C. 360°
D. 720°
चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता है|
A. आंकड़े पर्याप्त नहीं हैं
एक त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से कम होना चाहिए| इसलिए, चतुर्भुज ABCD के त्रिकोणीय भाग ABD की रचना नहीं की जा सकती है|
एक समचतुर्भुज वर्ग का रूप ले लेता है जब इसका प्रत्येक कोण 90° का होता है|
वर्ग की सभी भुजाएँ समान होती हैं और प्रत्येक कोण 90° अंश का होता है| इसके विकर्ण भी समान होते हैं|
A. 2
B. 3
C. 4
D. 5
एक चतुर्भुज की रचना करने में, 5 भागों की आवश्यकता होती है|
A. वास्तविक बनाया नहीं जा सकता
एक रफ आकृति से हमारे दिमाग में वास्तविक आकृति की कल्पना बन जाती है| यह आकृति को रूप देने में सहायक होती है और दिए गए आंकड़े इसें दर्शाए जा सकते हैं|
A. AE = EC
B. AE < EC
C. AE > EC
D. 2AE = 3EC
दिया गया चतुर्भुज एक सामानांतर चतुर्भुज है और इसके विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं| इसीलिए हम कह सकतें हैं AE = EC
AOX होगा
A. 130°
B. 90°
C. 70°
D. 40°
यहाँ, हम देखते हैं कि विकर्ण AC रेखीय युग्मित कोण बनाता है|
इसलिए,
AOD +
DOC = 180°
AOD = 130° (दिया है,
DOC = 50°).
A. 7.04 सेमी०
B. 6.3 सेमी०
C. 5.46 सेमी०
D. 3.15 सेमी०
एक आयत के विकर्ण समान लम्बाई के होते हैं| इसलिए, AC = BD = 6.3सेमी० (ABCD एक आयत है)|
UV, AC और BD का समद्विभाजक है|
इसप्रकार, OB = OD = 1/2 (6.3) = 3.15 सेमी०
ABC की रचना करते हैं,जिसमें BC = 20.6 सेमी०,
B = 45° है तथा AB + BC बराबर है
A. 12.8 सेमी०
B. 14.5 सेमी०
C. 20.6 सेमी०
D. 28 सेमी०
हम जानते हैं कि एक त्रिभुज में, किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होना चाहिए|
इसलिए,
ABC की रचना करने पर, BC = 20.6 सेमी०,
B = 45° हैं तथा AB + BC= 28 सेमी० होना चाहिए|
ABC की रचना करते हैं, जिसमें BC = 12.6 सेमी०,
B = 60° है तथा AB + BC बराबर होने चाहिए
A. 12.8 सेमी०
B. 12.5 सेमी०
C. 11.6 सेमी०
D. 10 सेमी०
हम जानते हैं कि एक त्रिभुज में, किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होता है| इसलिए,
ABC की रचना करने में, BC = 12.6 सेमी०,
B = 60° है तथा AB + BC =12.8 सेमी० होना चाहिए|

अब
OA = 5 सेमी
AC = 2 x OA = 2 x 5 = 10 सेमी
AC = BD (आयत के विकर्ण समान लम्बाई के होते हैं।)
इस प्रकार, AC = 10 सेमी
और, BD = 10 सेमी
एक समान्तर चतुर्भुज में सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
इस प्रकार, परिमाप = 4 + 3 + 4 + 3 = 14 सेमी
सभी
बहिष्कोणों
का
कुल
माप
=
360
प्रत्येक
कोण
का
माप= 60
इसलिए, बहिष्कोणों
की
संख्या
=

अतः, बहुभुज 6 भुजाओं का है।











![]()






x
+ 60
+ z +
40
+ y +
80
= 180
x 3
x
+ y + z + 180
= 540
x
+ y + z = 540
- 180
x
+ y + z = 360
एक चतुर्भुज के सभी कोणों का योग













हम जानते हैं कि,
OD ,विकर्ण BD का आधा है।
OA, विकर्ण AC का आधा है।
चूंकि आयत में विकर्ण बराबर होते हैं, इसलिए
3x + 1 = 2x + 4
x = 3
और OD = 3x + 1
= 3 x 3 + 1
= 9 + 1
= 10
OD + OB = BD
10 + 10 = 20 [
OD = OB]














चूँकि, समान्तर चतुर्भुज की आमने-सामने की भुजाएँ समान होती हैं| इसलिए, समान्तर चतुर्भुज PQRS में,
PQ=RS=4सेमी० और QR=SP=4सेमी०
चूँकि, इस समान्तर चतुर्भुज की सभी भुजाएँ समान हैं| इसलिए इसे समचतुर्भुज भी कहा जा सकता है|



रचना के पद :
चरण 1: AB = 8 cm खींचिए ।
चरण 2: बिंदु A पर कोंण BAD बराबर 90o बनाइए ।
चरण 3: B को केंद्र मानकर 10 cm त्रिज्या का एक चाप लगाइए जो AX को D पर काटता है।
चरण 4: D को केंद्र मानकर 8 cm त्रिज्या का एक चाप लगाइए।
चरण 5: B को केंद्र मानकर AD के बराबर त्रिज्या लेकर एक चाप लगाइए जो पहले वाले चाप को C पर काटता है ।
चरण 6: DC, CB और BD को मिलाइए ।
इसलिए, ABCD अभीष्ट आयत है ।
दिया गया चतुर्भुज निम्न चरणों में बनाया जा सकता है|
चरण 1: BC = 5.5 सेमी०, AB = 4.5 सेमी० और AC = 7 सेमी० से
ABC बनाते हैं|
चरण 2: बिंदु D बिंदु A से 6 सेमी० दूर स्थित है. इसलिए बिंदु A को केंद्र मानकर 6 त्रिज्या का एक चाप लगाते हैं|
चरण 3: बिंदु C को केंद्र मानकर 4 सेमी० त्रिज्या का एक चाप लगाते है, जो पहले वाले चाप को बिंदु D पर काटता है.बिंदु D को A और C से मिलाते हैं|
इसप्रकार, ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है|

चतुर्भुज PQRS की रचना निम्न चरणों में की जा सकती है|
चरण 1: 7 सेमी० का एक रेखाखंड PR खींचते हैं|
चरण 2: बिंदु P से 5.5 सेमी० त्रिज्या का चाप ऊपर की ओर लगाते हैं|
चरण 3: बिंदु R से 5 सेमी० त्रिज्या का चाप पहले वाले चाप पर लगाते हैं, जो बिंदु s पर काटता है|
चरण 4: बिंदु P से 4 सेमी० त्रिज्या का चाप PR से नीचे की ओर लगाते हैं|
चरण 5: बिंदु R से 6 सेमी० त्रिज्या का चाप पहले वाले चाप पर लगाते हैं, जो बिंदु Q पर काटता है|
इसप्रकार, PQRS अभीष्ट चतुर्भुज है|

B = 45° और
C = 150° हैचरण 1: 4 सेमी० का एक रेखाखंड BC खींचते हैं|
चरण 2: बिंदु B से 45° का कोण बनाती हुई BX रेखा खींचते हैं| बिंदु B को केंद्र मानकर 3.5 सेमी० का चाप लगाते हैं, जो A बिंदु पर काटता है|
चरण 3:बिंदु C से 150° का कोण बनाती हुई रेखा CY खींचते हैं| बिंदु C को केंद्र मानकर CY रेखा पर 5 सेमी० का चाप लगाते हैं, जिससे बिंदु D प्राप्त होता है|
चरण 4: A और D को मिलते हैं|
इसप्रकार, ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है|

दिया गया समान्तर चतुर्भुज निम्न चरणों में बनाया जा सकता है:
चरण 1: 6.5 सेमी० कारेखाखंड AC खींचते हैं|
चरण 2: बिंदु A को केंद्र मानकर AB = 3.5 सेमी० त्रिज्या का एक चाप नीचे की ओर लगाते हैं|
चरण 3: बिंदु C को केंद्र मानकर BC = 4 सेमी० त्रिज्या का एक दूसरा चाप लगाते हैं जो पहले वाले चाप को बिंदु B पर कटता है. AB और BC को मिलाते हैं|
चरण 4: बिंदु A को केंद्र मानकर AD = 4 सेमी० त्रिज्या का एक चाप ऊपर की ओर लगाते हैं|
चरण 5: बिंदु C को केंद्र मानकर CD = 3.5 सेमी० त्रिज्या का चाप लगाते हैं, जो पहले वाले चाप को D बिंदु पर काटता है. AD और CD को मिलाते है|
इसप्रकार, ABCD अभीष्ट समान्तर चतुर्भुज है.

दिया गया समचतुर्भुज निम्न चरणों में बनाया जा सकता है:
चरण 1: 6 सेमी० की रेखा AC खींचते हैं|
चरण 2: बिंदु A से 4.5 सेमी० त्रिज्या का चाप रेखा AC से ऊपर और नीचे दोनों ओर लगाते हैं|
चरण 3: बिंदु C से 4.5 सेमी० त्रिज्या का चाप रेखा AC के ऊपर और नीचे दोनों ओर लगाते हैं. जो पहले वाले चाप को बिंदु D और B पर कटता है|
चरण 4 : AD, CD, AB और BC को मिलाते हैं|
इसप्रकार, ABCD अभीष्ट समचतुर्भुज है|


रचना के पद :
चरण 1: AB = 8 cm खींचिए ।
चरण 2: बिंदु A पर कोंण BAD बराबर 90o बनाइए ।
चरण 3: B को केंद्र मानकर 10 cm त्रिज्या का एक चाप लगाइए जो AX को D पर काटता है।
चरण 4: D को केंद्र मानकर 8 cm त्रिज्या का एक चाप लगाइए।
चरण 5: B को केंद्र मानकर AD के बराबर त्रिज्या लेकर एक चाप लगाइए जो पहले वाले चाप को C पर काटता है ।
चरण 6: DC, CB और BD को मिलाइए ।
इसलिए, ABCD अभीष्ट आयत है ।
दिया गया चतुर्भुज निम्न चरणों में बनाया जा सकता है|
चरण 1: BC = 5.5 सेमी०, AB = 4.5 सेमी० और AC = 7 सेमी० से
ABC बनाते हैं|
चरण 2: बिंदु D बिंदु A से 6 सेमी० दूर स्थित है. इसलिए बिंदु A को केंद्र मानकर 6 त्रिज्या का एक चाप लगाते हैं|
चरण 3: बिंदु C को केंद्र मानकर 4 सेमी० त्रिज्या का एक चाप लगाते है, जो पहले वाले चाप को बिंदु D पर काटता है.बिंदु D को A और C से मिलाते हैं|
इसप्रकार, ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है|

चतुर्भुज PQRS की रचना निम्न चरणों में की जा सकती है|
चरण 1: 7 सेमी० का एक रेखाखंड PR खींचते हैं|
चरण 2: बिंदु P से 5.5 सेमी० त्रिज्या का चाप ऊपर की ओर लगाते हैं|
चरण 3: बिंदु R से 5 सेमी० त्रिज्या का चाप पहले वाले चाप पर लगाते हैं, जो बिंदु s पर काटता है|
चरण 4: बिंदु P से 4 सेमी० त्रिज्या का चाप PR से नीचे की ओर लगाते हैं|
चरण 5: बिंदु R से 6 सेमी० त्रिज्या का चाप पहले वाले चाप पर लगाते हैं, जो बिंदु Q पर काटता है|
इसप्रकार, PQRS अभीष्ट चतुर्भुज है|

B = 45° और
C = 150° हैचरण 1: 4 सेमी० का एक रेखाखंड BC खींचते हैं|
चरण 2: बिंदु B से 45° का कोण बनाती हुई BX रेखा खींचते हैं| बिंदु B को केंद्र मानकर 3.5 सेमी० का चाप लगाते हैं, जो A बिंदु पर काटता है|
चरण 3:बिंदु C से 150° का कोण बनाती हुई रेखा CY खींचते हैं| बिंदु C को केंद्र मानकर CY रेखा पर 5 सेमी० का चाप लगाते हैं, जिससे बिंदु D प्राप्त होता है|
चरण 4: A और D को मिलते हैं|
इसप्रकार, ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है|

दिया गया समान्तर चतुर्भुज निम्न चरणों में बनाया जा सकता है:
चरण 1: 6.5 सेमी० कारेखाखंड AC खींचते हैं|
चरण 2: बिंदु A को केंद्र मानकर AB = 3.5 सेमी० त्रिज्या का एक चाप नीचे की ओर लगाते हैं|
चरण 3: बिंदु C को केंद्र मानकर BC = 4 सेमी० त्रिज्या का एक दूसरा चाप लगाते हैं जो पहले वाले चाप को बिंदु B पर कटता है. AB और BC को मिलाते हैं|
चरण 4: बिंदु A को केंद्र मानकर AD = 4 सेमी० त्रिज्या का एक चाप ऊपर की ओर लगाते हैं|
चरण 5: बिंदु C को केंद्र मानकर CD = 3.5 सेमी० त्रिज्या का चाप लगाते हैं, जो पहले वाले चाप को D बिंदु पर काटता है. AD और CD को मिलाते है|
इसप्रकार, ABCD अभीष्ट समान्तर चतुर्भुज है.

दिया गया समचतुर्भुज निम्न चरणों में बनाया जा सकता है:
चरण 1: 6 सेमी० की रेखा AC खींचते हैं|
चरण 2: बिंदु A से 4.5 सेमी० त्रिज्या का चाप रेखा AC से ऊपर और नीचे दोनों ओर लगाते हैं|
चरण 3: बिंदु C से 4.5 सेमी० त्रिज्या का चाप रेखा AC के ऊपर और नीचे दोनों ओर लगाते हैं. जो पहले वाले चाप को बिंदु D और B पर कटता है|
चरण 4 : AD, CD, AB और BC को मिलाते हैं|
इसप्रकार, ABCD अभीष्ट समचतुर्भुज है|

A = 120° और
B = 60° हैचरण 1: 10 सेमी० का एक रेखाखंड AB खींचते हैं|
चरण 2: बिंदु A से 120° का कोण बनाती हुई AX रेखा खींचते हैं| बिंदु A को केंद्र मानकर 6.8 cm का चाप लगाते हैं, जो D बिंदु पर काटता है|
चरण 3:बिंदु B से 48° का कोण बनाती हुई रेखा BY खींचते हैं| बिंदु B को केंद्र मानकर BY रेखा पर 4.8 cm का चाप लगाते हैं, जिससे बिंदु C प्राप्त होता है|
चरण 4: C और D को मिलाते हैं|
इसप्रकार, ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है|


चतुर्भुज PQRS निम्न चरणों में बनाया जा सकता है:
चरण 1: PQ = 4 सेमी० की एक रेखा खींचते हैं।
चरण 2: बिंदु P से 4.5 सेमी० का एक चाप लगाते हैं।
चरण 3: बिंदु Q से 3 सेमी० त्रिज्या का चाप लगते हैं, जिससे बिंदु R प्राप्त होता है।
चरण 4: बिंदु P से 2.5 सेमी० का चाप लगाते हैं।
चरण 5: बिंदु Q से 4 सेमी० का चाप लगते हैं, जिससे बिंदु S प्राप्त होता है।
चरण 6: बिंदु SR को मिलाते हैं।
इसप्रकार, PQRS अभीष्ट चतुर्भुज है।

A = 120° और
B = 60° हैचरण 1: 10 सेमी० का एक रेखाखंड AB खींचते हैं|
चरण 2: बिंदु A से 120° का कोण बनाती हुई AX रेखा खींचते हैं| बिंदु A को केंद्र मानकर 6.8 cm का चाप लगाते हैं, जो D बिंदु पर काटता है|
चरण 3:बिंदु B से 48° का कोण बनाती हुई रेखा BY खींचते हैं| बिंदु B को केंद्र मानकर BY रेखा पर 4.8 cm का चाप लगाते हैं, जिससे बिंदु C प्राप्त होता है|
चरण 4: C और D को मिलाते हैं|
इसप्रकार, ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है|


ABC की रचना करते हैं, जिसमें BC = 5.8 सेमी०,
B = 60° हैं तथा AB - BC बराबर है
A. 5.8 सेमी०
B. 12.5 सेमी०
C. 11.6 सेमी०
D. 5.2 सेमी०
हम जानते हैं कि एक त्रिभुज में, किन्हीं दो भुजाओं की लम्बाई का अंतर तीसरी भुजा से कम होना चाहिए| इसलिए,
ABC की रचना करने पर, BC = 5.8 सेमी०,
B = 60° और AB - BC = 5.2 सेमी० होना चाहिए|
चूंकि वर्ग एक समभुज और समानकोणिक चतुर्भुज है, इसलिए इसे एक सम चतुर्भुज कहा जाता है।
हाँ, हम 8 सेमी० और 6 सेमी० माप के दो विकर्णों के साथ एक समानांतर चतुर्भुज की रचना इस तथ्य का उपयोग करते हुए कर सकते हैं कि समानांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को द्विविभाजित करते हैं। किन्तु यह समांतर चतुर्भुज अद्वितीय नहीं है क्योंकि विकर्णों के बीच विभिन्न कोणों के लिए भिन्न समांतर चतुर्भुज हैं।
हाँ, हम 7 सेमी० और 5 सेमी० की भुजाओं के साथ एक अद्वितीय आयत की रचना कर सकते हैं क्योंकि आयत की आसन्न भुजाओं के बीच का कोण 90° होता है।
एक अद्वितीय समानांतर चतुर्भुज की रचना के लिए कम से कम तीन मापों की आवश्यकता होती है।
उदाहरण :
हम दो आसन्न भुजाओं 6 सेमी और 4 सेमी तथा इन भुजाओं के बीच के कोण 60° के साथ एक अद्वितीय समानांतर चतुर्भुज की रचना कर सकते हैं।
A = 75o हो?
नहीं, विपरीत भुजाएँ AB और CD बराबर नहीं हैं। इसलिए हम दी हुई कोणों एवं भुजाओं के साथ समानांतर चतुर्भुज ABCD की रचना नहीं कर सकते हैं।
हाँ, वर्ग के दोनों विकर्णों की लंबाई समान होती है और उनके बीच 90° का कोण होता है।
सम चतुर्भुज में विकर्ण एक दूसरे को 90o पर काटते हैं । इसलिए रचना का प्रथम दो चरण है :
(1) 5.2 सेमी का एक रेखा खंड AC खींचिए|
(2) इसका लम्ब समद्विभाजक खींचिए।
आयत की आमने सामने की भुजाएँ समान लम्बाई की होती हैं और आयत के प्रत्येक अन्तः कोंण का माप 90o होता है ।
इसलिए, रचना का प्रथम चरण :
(1) एक रेखा खण्ड AB = 5 सेमी खींचिए।
रचना के पद
चरण 1:BD = 4सेमी खींचिए|
चरण 2: BD का लम्ब समद्विभाजक खींचिए और BD का मध्य बिंदु O ज्ञात कीजिए।
वह चतुर्भुज, जिसकी विपरीत भुजाएँ सामानांतर होती हैं, समान्तर चतुर्भुज कहलाता है|
वह चतुर्भुज, जिसके विकर्ण समान होते हैं और एक दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं, वर्ग कहलाता है।
चूँकि, वर्ग एक समभुज और समकोणिक चतुर्भुज होता है। इसलिए, हम इसे एक सामान्य चतुर्भुज भी कहते हैं।
चूंकि वर्ग एक समभुज और समानकोणिक चतुर्भुज है, इसलिए इसे एक सम चतुर्भुज कहा जाता है।
हाँ, हम 8 सेमी० और 6 सेमी० माप के दो विकर्णों के साथ एक समानांतर चतुर्भुज की रचना इस तथ्य का उपयोग करते हुए कर सकते हैं कि समानांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को द्विविभाजित करते हैं। किन्तु यह समांतर चतुर्भुज अद्वितीय नहीं है क्योंकि विकर्णों के बीच विभिन्न कोणों के लिए भिन्न समांतर चतुर्भुज हैं।
हाँ, हम 7 सेमी० और 5 सेमी० की भुजाओं के साथ एक अद्वितीय आयत की रचना कर सकते हैं क्योंकि आयत की आसन्न भुजाओं के बीच का कोण 90° होता है।
एक अद्वितीय समानांतर चतुर्भुज की रचना के लिए कम से कम तीन मापों की आवश्यकता होती है।
उदाहरण :
हम दो आसन्न भुजाओं 6 सेमी और 4 सेमी तथा इन भुजाओं के बीच के कोण 60° के साथ एक अद्वितीय समानांतर चतुर्भुज की रचना कर सकते हैं।
A = 75o हो?
नहीं, विपरीत भुजाएँ AB और CD बराबर नहीं हैं। इसलिए हम दी हुई कोणों एवं भुजाओं के साथ समानांतर चतुर्भुज ABCD की रचना नहीं कर सकते हैं।
हाँ, वर्ग के दोनों विकर्णों की लंबाई समान होती है और उनके बीच 90° का कोण होता है।
सम चतुर्भुज में विकर्ण एक दूसरे को 90o पर काटते हैं । इसलिए रचना का प्रथम दो चरण है :
(1) 5.2 सेमी का एक रेखा खंड AC खींचिए|
(2) इसका लम्ब समद्विभाजक खींचिए।
ABC की रचना करते हैं, जिसमें BC = 5.8 सेमी०,
B = 60° हैं तथा AB - BC बराबर है
A. 5.8 सेमी०
B. 12.5 सेमी०
C. 11.6 सेमी०
D. 5.2 सेमी०
हम जानते हैं कि एक त्रिभुज में, किन्हीं दो भुजाओं की लम्बाई का अंतर तीसरी भुजा से कम होना चाहिए| इसलिए,
ABC की रचना करने पर, BC = 5.8 सेमी०,
B = 60° और AB - BC = 5.2 सेमी० होना चाहिए|
A. दो कोण
B. दूसरी दो भुजाएँ
C. विकर्ण
D. तीन कोण
एक चतुर्भुज की रचना में संलग्न भुजाओं और तीन कोणों की आवश्यकता होती है |
A. 5
B. 7
C. 8
D. 9
दी गयी आकृति में, चतुर्भुज ABCD, APOR, OQBR, PDSO, OSCQ, ADSR, RSCB, APQB, PDCQ हैं |
A. 10
B. 9
C. 8
D. 7
दी गयी आकृति में, चतुर्भुज ABEJ, ECDJ, ECIJ, JEFD, EGHJ, EFIJ, FGHI, ABCD हैं |
पहले त्रिभुज PLN की रचना में, हमें रेखाखंड PL की लम्बाई ज्ञात होनी चाहिए, जो नहीं दी गयी है| इसप्रकार, हम पहले बिंदु A को दर्शाएंगे और फिर बाद में त्रिभुज PLN की रचना करेंगें|
B. 90° C. 105° D. 120° एक चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता है| B. वर्ग C. सामानांतर चतुर्भुज D. समलम्ब चतुर्भुज
B. AB + AD > AC C. AB + CD < AC D. AD + CD < AC यह संभव नहीं है क्योंकि एक त्रिभुज ACD में, AD + CD < AC होता है|
B. 270° C. 360° D. 720° चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता है|
एक त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से कम होना चाहिए| इसलिए, चतुर्भुज ABCD के त्रिकोणीय भाग ABD की रचना नहीं की जा सकती है|
एक समचतुर्भुज वर्ग का रूप ले लेता है जब इसका प्रत्येक कोण 90° का होता है|
वर्ग की सभी भुजाएँ समान होती हैं और प्रत्येक कोण 90° अंश का होता है| इसके विकर्ण भी समान होते हैं|
B. 3 C. 4 D. 5 एक चतुर्भुज की रचना करने में, 5 भागों की आवश्यकता होती है|
एक रफ आकृति से हमारे दिमाग में वास्तविक आकृति की कल्पना बन जाती है| यह आकृति को रूप देने में सहायक होती है और दिए गए आंकड़े इसें दर्शाए जा सकते हैं|
B. AE < EC C. AE > EC D. 2AE = 3EC दिया गया चतुर्भुज एक सामानांतर चतुर्भुज है और इसके विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं|
इसीलिए हम कह सकतें हैं AE = EC
B. 90° C. 70° D. 40° यहाँ, हम देखते हैं कि विकर्ण AC रेखीय युग्मित कोण बनाता है|
इसलिए, B. 6.3 सेमी० C. 5.46 सेमी० D. 3.15 सेमी०
एक आयत के विकर्ण समान लम्बाई के होते हैं| इसलिए, AC = BD = 6.3सेमी० (ABCD एक आयत है)| B. 14.5 सेमी० C. 20.6 सेमी० D. 28 सेमी० हम जानते हैं कि एक त्रिभुज में, किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होना चाहिए| B. 12.5 सेमी० C. 11.6 सेमी० D. 10 सेमी० हम जानते हैं कि एक त्रिभुज में, किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होता है| इसलिए, आयत की आमने सामने की भुजाएँ समान लम्बाई की होती हैं और आयत के प्रत्येक अन्तः कोंण का माप 90o होता है । इसलिए, रचना का प्रथम चरण : (1) एक रेखा खण्ड AB = 5 सेमी खींचिए। चरण 1:BD = 4सेमी खींचिए| चरण 2: BD का लम्ब समद्विभाजक खींचिए और BD का मध्य बिंदु O ज्ञात कीजिए। वह चतुर्भुज, जिसकी विपरीत भुजाएँ सामानांतर होती हैं, समान्तर चतुर्भुज कहलाता है| वह चतुर्भुज, जिसके विकर्ण समान होते हैं और एक दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं, वर्ग कहलाता है। चूँकि, वर्ग एक समभुज और समकोणिक चतुर्भुज होता है। इसलिए, हम इसे एक सामान्य चतुर्भुज भी कहते हैं।
A. PL की लम्बाई नहीं दी गई हैSOLUTION
SOLUTION
त्रिभुज ACD में, पाईथागोरस प्रमेय के द्वारा-
AC =
(AD2 + CD2) = 4
2 सेमी०
P= 60°,
Q = 75°, और
R = 120°, तो
S है
A. 60°SOLUTION
इसलिए,
S=360° - (60°+75°+120°)=105°
A. आयतSOLUTION
जब हम सामानांतर चतुर्भुज के कोणों का समद्विभाजक करते हैं, तो हमें एक आयत प्राप्त होता है|
A. AB + BC > ACSOLUTION
A. 180°SOLUTION
A. आंकड़े पर्याप्त नहीं हैंSOLUTION
Right Answer is: B
SOLUTION
SOLUTION
A. 2SOLUTION
A. वास्तविक बनाया नहीं जा सकताSOLUTION
A. AE = ECSOLUTION
AOX होगा
A. 130°SOLUTION
AOD +
DOC = 180°
AOD = 130° (दिया है,
DOC = 50°).
A. 7.04 सेमी० SOLUTION
UV, AC और BD का समद्विभाजक है|
इसप्रकार, OB = OD = 1/2 (6.3) = 3.15 सेमी०
ABC की रचना करते हैं,जिसमें BC = 20.6 सेमी०,
B = 45° है तथा AB + BC बराबर है
A. 12.8 सेमी०SOLUTION
इसलिए,
ABC की रचना करने पर, BC = 20.6 सेमी०,
B = 45° हैं तथा AB + BC= 28 सेमी० होना चाहिए|
ABC की रचना करते हैं, जिसमें BC = 12.6 सेमी०,
B = 60° है तथा AB + BC बराबर होने चाहिए
A. 12.8 सेमी०SOLUTION
ABC की रचना करने में, BC = 12.6 सेमी०,
B = 60° है तथा AB + BC =12.8 सेमी० होना चाहिए|
SOLUTION
SOLUTION
रचना के पदSOLUTION
SOLUTION
SOLUTION
SOLUTION

रचना के चरण:
(i) B को केंद्र लेकर, 6 cm त्रिज्या का एक चाप AB के ऊपर खीचें ।
(ii) D को केंद्र लेकर, 9 cm त्रिज्या का एक चाप खीचें जो पहले वाले चाप को C पर प्रतिच्छेद करे ।
(iii) BC और CD को मिलाएं ।