A.
RHS
B.
ASA
C.
SAS
D.
SSS
ABC और
DEF में,
AC = DF = 3 सेमी
C
=
F (प्रत्येक 30°)
A
=
D (प्रत्येक 80°)
ABC
DEF, ASA
सर्वांगसमता
के
प्रतिबंध
द्वारा
BAC
BDE, तब
सर्वांगसम
भाग
है
A.
BC
= BE,
A
=
D और AC = DE
B.
AB
= BE, AC = ED और
A
=
D
C.
AB = ED, AC = BD और BC = BE
D.
A
=
D,
B
=
E और BC = BE
BAC और
BDE में,
BC =
BE
(दिया
है)
A
=
D (प्रत्येक 90°)
AC =
DE
(दिया
है)
BAC
BDE
(RHS
सर्वांगसमता
नियम
द्वारा)
A.
RHS
B.
ASA
C.
SAS
D.
SSS
ADC और
ABC में,
DAC =
BAC
(दिया
है)
DCA =
BCA
(दिया
है)
AC
= AC
(उभयनिष्ठ
भुजा)
ADC
ABC, (ASA
सर्वांगसमता
नियम
द्वारा)
चूंकि p
|| q और l ||
m (दिया
है)
CAD
=
BDA
(एकान्तर
अन्तः
कोण)
AD = AD
(उभयनिष्ठ
भुजा)
CDA
=
BAD
(एकान्तर
अन्तः
कोण)
ACD
DBA (ASA नियम
द्वारा)

A.
AB = PR, AC = PQ और BC = QR
B.
AB = PQ, AC = QR और BC = PR
C.
AB = QR, AC = PR और BC = PQ
D.
AB = PQ, AC = PR और BC = QR
SSS नियमः यदि एक त्रिभुज की तीनो भुजाएँ क्रमशः किसी दूसरे त्रिभुज की संगत भुजाओं के बराबर हों, तो दोनो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
A.
SAS
B.
ASA
C.
SSS
D.
RHS
ABC और
LMN में,
AB = LM = 3 सेमी
AC = LN = 2 सेमी
CAB
=
MLN
(प्रत्येक
90°)
ABC
MLN (SAS
नियम
से)
A.
SSS
B.
ASA
C.
SAS
D.
RHS
LMN और
PQR में,
LM = PQ = 4 सेमी
L =
P
(प्रत्येक
35°)
M =
Q
(प्रत्येक
90°)
LMN
PQR (ASA नियम
से)
A.
B.
C.
D.
LMN और
PQR में,
LMN =
PQR (प्रत्येक 45°)
LNM =
PRQ (प्रत्येक 30°)
और MN = QR = 4 सेमी
LMN
PQR (ASA सर्वांगसमता के नियम द्वारा)
DAB =
ADC , तब चतुर्भुज ABCD में दो सर्वांगसम त्रिभुज है
A.
B.
C.
D.
ADC और
DAB में,
ADC =
DAB (दिया है)
AD =AD ( उभयनिष्ठ)
AB = DC (दिया है)
ADC
DAB , ( SAS सर्वांगसमता के नियम द्वारा)
A.
40o
B.
60o
C.
80o
D.
90o
सर्वांगसम कोण समान माप के होते है।
A.
(i)
B.
(ii)
C.
(iii)
D.
(iv)
ΔABC और ΔPQR में,
AB = PQ = 5 सेमी
BC = QR = 4 सेमी
∠ABC = ∠PQR (प्रत्येक 30°)
PQR और
PSR में समान भागों के तीन युग्म है
A.
B.
C.
D.
PQR और
PSR में,
PQ = PS और QR = RS (दिया है)
और, PR =PR (उभयनिष्ठ)
PQR
PSR
A.
लम्बवत
B.
सर्वांगसम
C.
लम्बाई मे बराबर नही
D.
समान्तर
यदि दो रेखाखंड समान लम्बाई के है, तब वें एक दूसरे के सर्वांगसम होते है।
A.
₹
48
B. ₹ 56
C. ₹ 60
D. ₹ 80
1
गेंद
का
मूल्य
=
72/9 = ₹ 8
6 गेंदो
का
मूल्य
=
6 × 8= ₹48
A.
100 किग्रा
B.
250 किग्रा
C.
128 किग्रा
D.
160 किग्रा
1 लोहे की गेंद का वजन = 16 किग्रा
8 लोहे की गेंदो का वजन = 16 × 8 = 128 किग्रा
A.
B.
C.
D.
हम जानते है कि ₹ 1 = 100 पैसे अतः, 50,000 पैसे = ₹ 500 अतः, ₹ 500 और 50,000 पैसों के बीच का अनुपात = ₹ 500 : 50,000 पैसे = ₹ 500 : ₹ 500 = 1 : 1
A.
₹ 200
B.
₹ 150
C.
₹ 100
D.
₹ 125
साधारण
ब्याज = (मूलधन × दर × समय)/100
= (500 × 5 × 5)/100
= 125
A.
0.33
B.
3.3
C.
330
D.
0.033
33/100 = 0.33
A.
70 सेकंड
B.
72 सेकंड
C.
80 सेकंड
D.
100 सेकंड
1 घंटे का 2% = 60 मिनट का 2% = 0.02 x 60 मिनट = 1.20 मिनट = 1.2 x 60 सेकंड = 72 सेकंड
A.
45%
B.
40%
C.
30%
D.
70%
x = 70% - 30% = 40%
A.
12,000
B.
11,000
C.
1,000
D.
15,000
माना
कि
एक
राशि
x
है।
5/100
x =
600
x = 600
100 /
5
= 12, 000
A.
25%
B.
30%
C.
44%
D.
54%
आकृति का 2/8th भाग छांयाकित है। इस प्रकार, 2/8 × 100= 25%.
A.
40%.
B.
30%.
C.
45%.
D.
37.5%
30/80 × 100 = 37.5%
A.
24 : 1
B.
30 : 7
C.
48 : 1
D.
13 : 2
हम जानते है कि 1 दिन = 24 घंटे । अतः 40 दिन = 40 x 24 = 960 घंटे। अब, 40 दिनों का 40 घंटो के साथ अनुपात = 40 दिन : 40 घंटे = 960 घंटे: 40 घंटे = 24 : 1
A.
10
B.
20
C.
25
D.
5
40 का 25% = 25/100 × 40 = 10
A.
B.
C.
D.
अनपढ़ व्यक्तियों की संख्या में कमी 150 – 100 = 50 लाख इसलिए, कमी का प्रतिशत = 50/150 × 100 = 33.3%
A.
B.
C.
D.
अतः 64% रेडियो क्षतिग्रस्त हैं | 16/25 × 100 = 64%
A.
B.
C.
D.
45% = 45/100 = 9/20
टेलीविजन का क्रय मूल्य = ₹5,000
लाभ = ₹1,200
टेलीविजन का विक्रय मूल्य
=
क्रय
मूल्य +लाभ
= ₹ 5,000 + ₹ 1,200
= ₹ 6,200
टेलीविजन
का
विक्रय
मूल्य = ₹ 6,200
यहाँ
ब्याज
मिश्रधन
मूलधन
=
इसलिए समीर ने
255 का 0.2%
= 255 × 0.2 /100
=0.51
(i) 8.92 ×100% = 892%
(ii) 0.357×100% = 35.7%

10 किलोग्राम घी का क्रय मूल्य =
1 किलोग्राम घी का क्रय मूल्य
=
=
1 किलोग्राम घी का विक्रय मूल्य =
10 किलोग्राम घी का विक्रय मूल्य
=
=
व्यापारी को हुआ लाभ=2000 –1500
= ₹500
लाभ की प्रतिशतता =(500/1500)100
=33.33%
अनुपातों का योग
चतुर्भुज के कोणों का योग
पहला कोण
दूसरा कोण 
तीसरी कोण 
चतुर्थ कोण


एक मशीन का क्रय मूल्य

दूसरी मशीन का क्रय मूल्य

A.
2
B.
1
C.
-1
D.
0
यदि
एक परिमेय संख्या
a/b है, तब इसका व्युत्क्रम
b/a है
अभीष्ट गुणनफल
= a/b
b/a =1
बराबर
है
A.
1/3
B.
5/2
C.
3/4
D.
-5/2
A.
-6/5
B. 5/6
C. 6/5
D.
-5/6
चूँकि(-5/6)+5/6
= 5/6 +(-5/6)=0
-5/6
का
योज्य प्रतिलोम 5/6
है
।
A.
-20/30
B. -4/30
C. -9/30
D. -15/30
परिमेय
संख्या =-2/3
क्योंकि
-30/3= -10
इसलिए,
हर को– 30 बनाने
के लिए अंश तथा हर को -10 से गुणा करना चाहिए।
A.
B.
C.
D.
वह संख्या जिसे p/q के रूप में व्यक्त किया जा सकता है,जहाँ p तथा q पूर्णांक हैं तथा q
0, एक परिमेय संख्या कहलाती है ।
A.
3/7
B.
0
C.
- 2/3
D.
- 4/13
दी हुई परिमेय संख्याओं में, 3/7 धनात्मक है क्योंकि अंश तथा हर धनात्मक हैं।
A.
–17
B.
9
C.
17
D.
–9
परिमेय संख्या = -9/17 अंश = –9
A.
-7/9
B.
7/9
C.
-7/11
D.
8/11
-63/99
= (-7
9)/(11
9) =
-7/11
A.
B.
C.
D.
-1/17 × -17 = 1
इसलिए, - 1/17 का व्युत्क्रम -17 है |
A.
B.
C.
D.
बराबर
है
A.
146/21
B.
48/21
C.
24/21
D.
14/21
A.
-7/21 तथा 3/9
B.
12/21 तथा 20/15
C.
-6/18 तथा -5/15
D. 1/3 तथा 18/27
-6/18 =
-1/3
तथा -5/15 = -1/3
इसलिए,
-6/18 तथा -5/15 दोनों
समान परिमेय संख्या
को निरूपित करते
हैं ।
A.
-9
B.
1
C.
9
D. 1/9
परिमेय संख्या =9/1 इसका पूर्णांक रूप 9 है।
A.
20
B.
30
C.
–20
D.
–30
परिमेय संख्या = 20/30 हर = 30
A.
B.
C.
D.
A. 60 सेमी
B. 61 सेमी
C. 62 सेमी
D. 63 सेमी
माना आयत की चौड़ाई x है ।
ABD में ,
BD2 = AB2 + AD2 (पाइथागोरस प्रमेय से )
252 = 242 + x2
x2 = 625 - 576
= 49
x = 7 सेमी
इसलिए, आयत का परिमाप
= 2(l + b)
= 2(24 + 7)
= 62 सेमी
A. 30o
B. 60o
C. 20o
D. 45o
A. 1
B. 2
C. 3
D. 4
शीर्षलम्ब का एक अंत बिन्दु त्रिभुज के शीर्ष पर होता है तथा दूसरा अंत बिन्दु उस शीर्ष की सम्मुख भुजा वाली रेखा पर स्थित होता है । इस प्रकार हम कह सकते हैं कि त्रिभुज में तीन शीर्षलम्ब हो सकते हैं ।
A. 60o तथा 75o
B. 75o तथा 60o
C. 60o तथा 85o
D. 50o तथा 95o
A. 12 सेमी
B. 8 सेमी
C. 20 सेमी
D. 10 सेमी
त्रिभुज में दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से छोटा नहीं हो सकता |
A. 90° से बड़ा
B. 90° से छोटा
C. 90° के बराबर
D. 180° के बराबर
एक त्रिभुज में तीन कोणों का योग 180° होता है |
| स्तम्भ A | स्तम्भ B |
|
A. समद्विबाहु त्रिभुज |
(i) एक त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ समान होती हैं |
| B. समबाहु त्रिभुज | (ii) एक त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ असमान होती हैं |
| C.विषमबाहुत्रिभुज | (iii) एक त्रिभुज जिसका एक कोण 90o होता है |
| D .समकोण त्रिभुज | (iv) एक त्रिभुज जिसकी दो भुजाएँ समान होती हैं |
A. A(i),B(ii),C(iii),D(iv)
B. A(ii),B(iii),C(i),D(iv)
C. A(iv),B(i),C(ii),D(iii)
D. A(iii),B(ii),C(i),D(iv)
| त्रिभुज का प्रकार | परिभाषा |
| समद्विबाहु त्रिभुज | एक त्रिभुज जिसकी दो भुजाएँ समान होती हैं| |
| समबाहु त्रिभुज | एक त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ समान होती हैं | |
| विषमबाहु त्रिभुज | एक त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ असमान होती हैं| |
| समकोण त्रिभुज | एक त्रिभुज जिसका एक कोण 90० होता है | |
A. 50o
B. 60o
C. 70o
D. 80o
कोण APB तथा कोण QPR शीर्षभिमुख कोण हैं और इसलिए उनके माप समान हैं इसलिए , कोण QPR = 80°
त्रिभुज के कोण योग गुण से, कोण PRQ = 180° - (50° + 80°) = 50°
A. समबाहु त्रिभुज
B. समद्विबाहु त्रिभुज
C. विषमबाहु त्रिभुज
D. समकोण त्रिभुज
चूँकि दिए गए त्रिभुज की सभी भुजाएँ अलग अलग लम्बाई की हैं अतः त्रिभुज विषमबहु है |

A. 80o
B. 60o
C. 70o
D. 50o

A. 80o
B. 70o
C. 60o
D. 50o
A. 3 सेमी
B. 4 सेमी
C. 5 सेमी
D. 6 सेमी
पाइथागोरस प्रमेय से
52 = x2 +42
⇒ 25 = x2 +16
⇒ x2 = 25 - 16
⇒ x2 = 9
⇒ x = 3 सेमी
एक समकोण त्रिभुज में सबसे बड़ी भुजा कर्ण होती है|
A. त्रिभुज की तीसरी भुजा से छोटा
B. त्रिभुज की तीसरी भुजा के बराबर
C. त्रिभुज की तीसरी भुजा से बड़ा
D. त्रिभुज की तीसरी भुजा से छोटा या बराबर
त्रिभुज की असमिका के अनुसार,त्रिभुज की किन्ही दो भुजाओं की लम्बाइयों का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है ।
त्रिभुज की एक माध्यिका उसकी सम्मुख भुजा के मध्य बिन्दु से जोड़ती है । इसलिए, DC = 2.5 सेमी|
त्रिभुज में बहिष्कोण हमेशा अपने सम्मुख दो अन्तः कोणो के योग के बराबर होता है । इसलिए
कोण ACD = 55° + 45° = 100°
त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° के बराबर होता है।
माध्यिका, त्रिभुज में एक शीर्ष को उसकी सम्मुख भुजा के मध्य बिन्दु से जोड़ती है ।
त्रिभुज में बहिष्कोण हमेशा अपने सम्मुख दो अन्तः कोणो के योग के बराबर होता है ।

उधार दिया गया धन = ₹4000
समय = 4 वर्ष
ब्याज की दर = 6 % वार्षिक
साधारण ब्याज = (4000 × 6 ×4 )/100
= ₹960
असत्य
अनुपात केवल समान प्रकार की राशियों के बीच हो सकता है
पहेली हल करने में राहुल द्वारा लिया गया समय
पहेली हल करने में सूरज द्वारा लिया गया समय
अभीष्ट अनुपात


उधार लिया गया धन (मूलधन) = ₹ 65,000
लौटाया गया धन (मिश्रधन) = ₹ 78,500
ब्याज = मिश्रधन - मूलधन
= ₹ (78,500 - 65,000)
= ₹ 13,500
इस प्रकार, अमन ने ब्याज के ₹ 13,500 अदा किए।
तीन वर्ष का साधारण ब्याज = ₹ 7,800
चार वर्ष का साधारण ब्याज = ₹ 8,300
चूंकि प्रत्येक वर्ष का साधारण ब्याज समान है।
एक वर्ष में अर्जित ब्याज
= ₹ 8,300 - ₹ 7,800
= ₹ 500
इस प्रकार एक वर्ष में ₹ 500 साधारण ब्याज अर्जित किया गया।

400 में बेचता है ,जबकि वह इसे
402 में खरीदता है । दुकानदार का हानि प्रतिशत ज्ञात कीजिए ।
वस्तु का क्रय मूल्य
वस्तु का विक्रय मूल्य
हानि
हानि प्रतिशत


इसलिए
इसलिए अभीष्ट अनुपात
ii) 1 सप्ताह
अधि वर्ष का फरवरी माह
इसलिए अभीष्ट अनुपात
(i)

(ii)

(i) यहाँ कुल भाग =1+9 = 10
पहला भाग = 1/10 = 1/10 × 100 % = 10 %
दूसरा भाग = 9/10 = 9/10 × 100 % = 90 %
(ii) यहाँ कुल भाग =2+3 = 5
पहला भाग = 2/5 = 2/5 × 100 % = 40 %
दूसरा भाग = 3/5 = 3/5 × 100 % = 60 %
स्कूटर के लिए लिया उधार =
चुकाया गया साधारण ब्याज = (36,000×10 ×2) /100 =
गोपाल द्वारा चुकाया कुल धन = 36,000 + 36,00
=

= ₹12
![]()
= ₹8



मूलधन

CD , BC
CD और AD = BD, तब CA के बराबर है
A.
B.
C.
D.
ACD और
BCD में,
AD = BD (दिया है)
ACD =
BCD (प्रत्येक 90°)
और CD = CD (उभयनिष्ठ)
ACD
BCD (RHS सर्वांगसमता द्वारा)
A का
मान
होगा
A.
20°
B.
50°
C.
70°
D.
110°
दिया
है
ABC
PQR.
A =
110°
ABC
EFD , तब
B के
संगत
है
A.
A
B.
D
C.
E
D.
F
चूंकि, सर्वांगसम
त्रिभुजों
के
संगत
भाग
हमेंशा
समान
होते
है, अर्थात, सर्वांगसम
होते
है।
इसलिए
B
=
F.
A.
लम्बाई
B.
चौड़ाई
C.
लम्बाई और चौड़ाई
D.
कोण माप
यदि दो आयतों की लम्बाई और चौड़ाई समान है, तब वे सर्वांगसम होते है।
A.
चौड़ाई
B.
क्षेत्रफल
C.
लम्बाई
D.
इकाई
दो रेखाखंड सर्वांगसम है यदि वे लम्बाई में समान है।
