A.
SSS
माप दंड से
B. ASA माप दंड से
C. SAS माप दंड से
D. RHS माप दंड से
दो कोण तथा उनके बीच की सम्मिलित भुजा की मापें दी गई हैं, तो त्रिभुज की रचना ASA माप दण्ड से की जा सकती है।
A.
B.
C.
D.
जैसा कि आकृति में दर्शाया गया है, समकोण त्रिभुजों की संख्या 8 है।
A.
2
B.
3
C.
4
D.
8
काटने
के पहले
काटने के बाद

जैसा कि उपरोक्त
आकृति में दर्शाया
गया है
XYZ की सही रचना, यदि दिया गया है कि XY = 6 सेमी,
YXZ = 30° तथा
XYZ = 100° है
A.

B.

C.
दोनों (a) तथा (b)
D.
उनमें से कोई नहीं
रचना द्वारा हमें आकृति (a) तथा आकृति (b) प्राप्त होती हैं।
A.
4, 5, 3, 2, 1
B.
5, 4, 3, 1, 2
C.
4, 5, 3, 1, 2
D. 4, 3, 5, 1, 2
त्रिभुज के रचना के चरण इस प्रकार है: . 7 cm लंबाई का एक रेखा खंड BC खींचिए । . बिंदु B से, बिंदु A, 6 cm की दुरी पर है । अत: B को केंद्र मान कर और 6 cm त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए। . बिंदु C से, बिंदु A, 8 cm की दुरी पर है । अत: C को केंद्र मान कर और 8 cm त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए । . दोनों चापों का प्रतिच्छेद बिंदु A है । अब बिंदु A को अंकित कीजिए । . AB और AC को जोड़िए। तब ABC अभीष्ट त्रिभुज है ।
1. यह चापं QX को बिंदु P पर प्रतिच्छेद करती है । अब बिंदु P को अंकित कीजिए ।
2. PR को जोड़िए। तब PQR अभीष्ट त्रिभुज है ।
3. बिंदु Q पर एक किरण QX खींचिए, जो QR के साथ 75° का कोण बनाए।
4. बिंदु Q से, बिंदु P, 5 cm की दुरी पर है । अत: Q को केंद्र मान कर और 5 cm त्रिज्या लेकर एक चाप खिचिएं ।
5. 3.5 cm लंबाई का एक रेखा खंड QR खींचिए ।
A. 5, 3, 4, 1, 2
B.
5, 4, 3, 1, 2
C.
5, 3, 4, 2, 1
D.
3, 5, 4, 1, 2
रचना के चरण इस प्रकार है: . 3.5 cm लंबाई का एक रेखा खंड QR खींचिए । . बिंदु Q पर एक किरण QX खींचिए, जो QR के साथ 75° का कोण बनाए। . बिंदु Q से, बिंदु P, 5 cm की दुरी पर है । अत: Q को केंद्र मान कर और 5 cm त्रिज्या लेकर एक चाप खिचिएं। . यह चापं QX को बिंदु P पर प्रतिच्छेद करती है । अब बिंदु P को अंकित कीजिए। . PR को जोड़िए। तब PQR अभीष्ट त्रिभुज है।
A. 
B.

C. 
D. 
A.

B.

C.

D.

क्योंकि इस आकृति में, AC = BC तथा कोण ACB = 90 अंश
दिया हुआ है त्रिभुज XYZ में, XZ=YZ.
बराबर भुजाओं के सामने के कोण बराबर होते हैं। इसलिए, X = Y= 55o

दिया हुआ है त्रिभुज DEF में, कोण E = कोण F
बराबर कोणों के सामने की भुजाएँ बराबर होती हैं। इसलिए, DE = DF

ABC में, BC = C



A.
785
B.
920
C.
350
D.
414
ABCD का क्षेत्रफल = 24 सेमी × 18 सेमी
= 432 सेमी2
EFGH का क्षेत्रफल = EF × GH
= (24 + 2 + 2) सेमी × (18 + 2 × 2) सेमी
= (28 × 22) सेमी2
= 616 सेमी2
किनारे का क्षेत्रफल = 616 – 432
= 184 सेमी2
किनारे की कीमत = 2.25 × 184
=
414
A.
125 सेमी2
B.
178 सेमी 2
C.
492 सेमी 2
D.
336 सेमी 2
शीट की लंबाई = 30 सेमी
शीट की चौड़ाई = 20 सेमी
शीट का क्षेत्रफल = 30 सेमी
20 सेमी = 600 सेमी 2
4 सेमी की एक पट्टी इसके चारों ओर काटी जाती है
= 264 सेमी 2
शेष बची शीट का क्षेत्रफल = 600 सेमी 2 - 264 सेमी2
= 336 सेमी 2
A.
42 मीटर2
B.
26 मीटर2
C.
72 मीटर2
D.
10 मीटर2

ABCD का क्षेत्रफल = 16 मीटर × 1 मीटर = 16 मीटर2
EFGH का क्षेत्रफल = 2 मीटर × 5 मीटर = 10 मीटर2
इसलिए ,
छायांकित भाग का कुल क्षेत्रफल = 16 मीटर2 + 10 मीटर2
=26 मीटर2
A.
B.
C.
D.
लंबाई = (2x +1) सेमी, चौड़ाई = (2x – 1) सेमी
क्षेत्रफल = 15 सेमी 2
15 = (2x + 1) x (2x - 1)
15 = 4x2 - 1
4x2 = 15 + 1 = 16
x2 = 16/4 = 4
x =
4 = 2 सेमी
A.
15 सेमी
B.
46 सेमी
C.
32 सेमी
D.
84 सेमी
लंबाई
= 10 सेमी, चौड़ाई
= 6 सेमी आयताकार
मैदान का परिमाप=
2(l
+b)
=
2 (10 + 6)
=
2 × 16
=
32 सेमी
(i) असत्य
(iv) सत्य
हम जानते हैं कि वर्ग का क्षेत्रफल =भुजा2
हम जानते है कि
वर्ग का परिमाप = 4 x भुजा
हम जानते है कि
आयत का क्षेत्रफल = लम्बाई x चोड़ाई
= (10 x 20) सेमी2
= 200 सेमी2
हम जानते हैं कि
ऊँचाई = समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल/आधार
= 32 सेमी2/8 सेमी
= 4 सेमी
अतः समांतर चतुर्भुज की ऊँचाई अर्थात समांतर भुजाओं के बीच की दूरी = 4 सेमी
हम जानते है कि
त्रिभुज की उंचाई = 2 x क्षेत्रफल/ संगत आधार
= 2 x 4.5 सेमी2/1.5 सेमी
= 6 सेमी
आयताकार शीट का परिमाप = 2(लम्बाई +चौड़ाई)
⇒ 100 = 2(30 +चौड़ाई)
⇒ 100/2 = 30 +चौड़ाई
⇒ चौड़ाई= 50 – 30
=20 मीटर
इसप्रकार,आ।यताकार शीट की चौड़ाई 20मीटरहै ।

चूँकि 1 सेमी = 10 मिमी, इसलिए, 1 सेमी 2 = 100 मिमी 2
इसलिए,
50 सेमी 2 = 50 x 100 मिमी 2
= 5000 मिमी 2
असत्य
वृत्तीय क्षेत्र के चारों ओर की दूरी इसकी परिधि कहलाती है।
वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा x भुजा
= 200 x 200
= 40,000 मीटर2
= 4 हेक्टेयर
(∵ 1 हेक्टेयर= 10,000 मीटर2 )
असत्य
सभी सर्वांगसम त्रिभुज क्षेत्रफल में समान होते हैं किन्तु क्षेत्रफल में समान सभी त्रिभुजों का सर्वांगसम होना आवश्यक नहीं है।


इसलिए, एक वृत्त की परिधि 31.4 सेमी है जिसका व्यास 10 सेमी है।
(i) सत्य
(ii) असत्य
(iii) असत्य
(iv) सत्य
दरवाजे का क्षेत्रफल = l x b
= 4 मीटर x 5 मीटर = 20 मीटर 2
दरवाजे सहित दीवार का क्षेत्रफल = भुजा x भुजा
= 11 मीटर x 11 मीटर
= 121 मीटर 2
दरवाजे के क्षेत्रफल को छोडकर दीवार का क्षेत्रफल = (121 - 20) मीटर 2 = 101 मीटर 2
दीवार पर पेंटिंग करने का पारिश्रमिक मूल्य= 2.50 x 101 रूपए
= 252.50 रूपए
पहिए की परिधि = 2 x 22/7 x 14 = 88 सेमी
चक्करों की अभीष्ट संख्या = 352 / 88 = 4




आइए बगीचे को ABCD से निरूपित करते हैं तथा इसके चारों ओर रास्ते को छायांकित भाग द्वारा निररूपित किया जाता है जैसा कि आकृति में दर्शाया गया है:

तब,स्पष्ट रूप से
रास्ते का क्षेत्रफल = आयत EFGH का क्षेत्रफल –आयतABCD का क्षेत्रफल
आकृति से हमें ज्ञात है
EF = 90 मीटर + 5 मीटर + 5 मीटर
= 100 मीटर
तथा FG = 75 मीटर + 5 मीटर + 5 मीटर
= 85 मीटर
अब,आयत EFGH का क्षेत्रफल = 100 मीटर x 85 मीटर = 8500 मीटर 2
तथा आयतABCD का क्षेत्रफल = 90 मीटर x 75 मीटर = 6750 मीटर 2
इसलिए,
रास्ते का क्षेत्रफल = आयत EFGH का क्षेत्रफल – आयतABCD का क्षेत्रफल
= 8500 मीटर 2 – 6750 मीटर 2
= 1750 मीटर 2


वर्ग की भुजा की लंबाई = 10 सेमी
तार की कुल लंबाई = वर्ग का परिमाप
= 4(10)
= 40 सेमी
आयत का परिमाप = तार की कुल लंबाई
2(लंबाई + चौड़ाई ) = 40 सेमी
12+ चौड़ाई = 40/2
चौड़ाई = 20 – 12
= 8 सेमी
वर्ग का क्षेत्रफल = (भुजा )2
= (10)2
=100 सेमी 2
आयत का क्षेत्रफल = लंबाई x चौड़ाई
= 12 x 8
=96 सेमी 2
इस प्रकार, वर्ग का क्षेत्रफल आयत के क्षेत्रफल से अधिक है।




आयत की लंबाई = 40 सेमी
आयत की चौड़ाई = 22 सेमी
तार की लंबाई = आयत का परिमाप
= 2 (l + b)
= 2 x (40 + 22) = 124 सेमी
वर्ग की प्रत्येक भुजा की लम्बाई = 124 /4 =31 सेमी
आयत का क्षेत्रफल = लम्बाई x चौड़ाई = 40 x 22 = 880 सेमी2
वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा x भुजा
= 31 x 31
= 961
वर्ग का क्षेत्रफल > आयत का क्षेत्रफल
इसलिए, वर्ग अधिक क्षेत्रफल घेरता है।
3x
(3/2) y2z =
A.
(9/8)x3y4z3
B.
x2y2z2
C.
(8/9)x3y4z3
D.
(3/4)x3y2z
(1/4)x2y2z2
3x
(3/2) y2z = (9/8)x3y4z3
A.
B.
C.
D.
6a2 × (–5ab) × (2a2b2) = (6) × (– 5) × (2) × a2+1+2 × b1+2
= –60 a5b3
A.
6
B.
8
C.
1
D.
0
x = 1,y = 0 रखने पर,हमें प्राप्त होता है :
(3x – 2y) × (2x – 3y)
=(3
1 - 2
0)
(2
1 - 3
0)
= 3
2
= 6
A.
B.
C.
D.
c(b – a) + b(a – c) – a(b – c)
= (bc – ac) + (ab – bc) – (ab – ac)
= bc – ac + ab – bc – ab + ac
= 0
A.
5
B.
30
C.
33
D.
–30
(-3a4b7c10) × (-2b2c5d) × 5abcd
= (-3) (-2) (5) × a4+1 × b7+2+1 × c10+5+1 × d1+1
= 30a5b10c16d2
संख्यात्मक गुणांक = 30
का
योग ज्ञात कीजिए।

के
बीच की 6 परिमेय संख्याएँ
ज्ञात कीजिए।
हैं।
संख्या रेखा को हम शून्य के दोनों ओर
तथा
समान परिमेय
संख्याओं को निरूपित
करती हैं?
हाँ, क्योंकि

के
समतुल्य चार परिमेय
संख्याएँ
ज्ञात कीजिए।
समतुल्य
भिन्नें हैं :
-2/7
2/2 = -
4/7
-2/7
3/3 = -
6/21
-2/7
4/4 = -
8/28
-2/7
5/5 = -
10/35




तथा
सिद्ध कीजिए कि a + b = b + a

आइए-1 तथा -2 को परिमेय
संख्या के रूप
में लिखते हैं।
हम -1 तथा
-2 के बीच की चार
परिमेय संख्याओं
को ज्ञात करना
चाहते हैं। इसलिए
हम हर को 4+1 = 5 लिखेंगे।

इसलिए, -1 तथा -2 के बीच की चार परिमेय संख्याएँ :
-9/5, -8/5, -7/5, -6/5 हैं।


मयंक
कहानी की पुस्तक
पहले दिन पढ़ता
है= 1/3 भाग
दूसरे दिन
वह पढ़ता है = 1/4 भाग
मयंक द्वारा
पढ़ा गया कहानी
की पुस्तक का कुल
भाग =1/3 +1/4
=7/12भाग
कहानी की पुस्तक का बचा हुआ भाग = 1 – 7/12
= 5/12 भाग
इसप्रकार,
कहानी की पुस्तक
5/12 भाग पढ़ने के
लिए शेष है।
A. AB = 3 cm, BC=9 cm, and CA = 4 cm
B. AB = 6 cm, BC=6 cm, and CA = 7 cm
C. AB = 10 cm, BC=2 cm, and CA = 5 cm
D. AB = 4 cm, BC=5 cm, and CA = 12 cm
ध्यान दीजिए त्रिभुज के किन्ही दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है।
A. 
B. 
C. 
D. 
यहाँ विकल्प (A) सही है क्योंकि वह दिए हुए त्रिभुज को निरुपित करता है।
A. तीन भुजाएँ
B. दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण
C. समकोण त्रिभुज के लिए, कर्ण और एक पाद
D. तीनों कोण
एक त्रिभुज प्राप्त किया जा सकता है, यदि उसके निम्नलिखित माप समूहों में से कोई एक दिया हुआ हैः (i) तीन भुजाएँ (ii) दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण (iii) दो कोण और उनके बीच की भुजा (iv) समकोण त्रिभुज के लिए, कर्ण और एक पाद
A. लंब
B. आधार
C. कर्ण
D. मध्यिका
कर्ण एक समकोण त्रिभुज की सबसे बड़ी भुजा होती है तथा समकोण के सम्मुख होती है।
A.

B.

C.

D.

A.
ऊर्ध्वाधर
B.
क्षैतिज
C.
विकर्ण
D.
लम्ब
दी
हुई आकृति में
सममिति का अक्ष
विकर्ण है।
A.
0
B.
1
C.
2
D.
3
यहाँ
सममिति की केवल
एक रेखा है।
A.
2
B.
3
C.
4
D.
5
दी
गई आकृति में सममिति
की तीन रेखाएँ
हैं |

A.
1
B.
2
C.
3
D.
अनंत
वृत्त
में सममिति की
बहुत सी रेखाएँ
होती हैं। वृत्त
का प्रत्येक व्यास
सममिति की रेखा
है तथा व्यासों
की संख्या अनंत
होती है।
A.
4
B.
3
C.
2
D.
1
शंकु
में सममिति की
केवल एक रेखा होती
है।
A.

B.

C.

D.

यहाँ
आकृति 45° कोण
से घूमती है|
इसलिए
अगली आकृति होगी
समांतर चतुर्भुज में सममिति की कोई रेखा नहीं होती, लेकिन क्रम दो की घूर्णन सममिति होती है।
A.
4
B.
3
C.
2
D.
1
एक पूरे चक्कर में वर्ग चार बार अपनी मूल स्थिति के जैसा दिखाई देता है इसलिए इसमें क्रम 4 की घूर्णन सममिति होती है।
A.
I
B.
N
C.
K
D.
O
अक्षर N में सममिति की कोई रेखा नहीं होती है |(न तो क्षैतिज न ऊर्ध्वाधर )
समपंचभुज में सभी भुजाएँ तथा सभी कोण बराबर होते हैं, इसलिए उसमें सममिति की पाँच रेखाएँ होती हैं।
A.
0
B.
1
C.
2
D.
3
समद्विबाहु
त्रिभुज में दो
भुजाएँ बराबर
होती हैं। इसलिए
इसमें सममिति
की एक रेखा होती
है।
एक आकृति में सममिति की रेखा होती है यदि आकृति में कोई रेखा ऐसी है जिसके अनुदिश उस आकृति को मोड़ने पर, आकृति के दोनों भाग परस्पर संपाती हो जाते हैं।
A.
4
B.
3
C.
2
D.
1
एक बेलन में
सममिति
की दो रेखाएँ होती
हैं।
A.

B.

C.

D.

दिए
गए प्रतिरूप
में वर्ग से
जुड़ी हुई
आकृति वर्ग
की भुजा की
आधी लंबाई से
घूमती है ।
इसलिए विकल्प(c)
अभीष्ट
आकृति को निरूपित
करता है।
A.

B.

C.

D.

आकृति
45° कोण
से घूमती है, इसलिए
अगली आकृति होगी
यदि कोई रेखा इस प्रकार है कि रेखा के दोनों ओर आकृति को मोड़ने पर दोनों भाग सम्पाती हो जाए तो यह आकृति में सममिति की रेखा होती है।

आयत में सममिति की दो रेखाएँ होती है।
समचतुर्भुज में सममिति
समबाहु त्रिभुज में तीन सममित रेखाएँ होती हैं ?
समषटभुज में 6 सममिति रेखाएं होती हैं |
(i) एक व्यजंक जिसमें दो असमान पद विद्यमान होते हैं, द्विपद कहलाता है।
(ii) एक व्यजंक जिसमें एक पद विद्यमान होता है, एकपदी कहलाता है।
(iii) एक व्यजंक जिसमें तीन असमान पद विद्यमान होते हैं, त्रिपद कहलाता है।
(a + b)2 =(4 + 3)2
= (7)2
= 49
(ii) 13(7a – 4b)में a = 4, b = 3 रखने पर
13(7a – 4b) = 13(7

=13(16)
(iii) a2 + 2ab + b2में a = 4, b = 3 रखने पर
a2 + 2ab + b2 = (4)2 + 2(4)(3)+(3)2
= 16 + 24 + 9
= 49
(i) (13x - 8y + 11) +( -y-11)
= 13x - 8y-y + 11-11
= 13x - 9y
(13x - 9y) - (3x-3y-11)
= 13x - 3x -9y +3y +11
= 10x - 6y +11
(ii) (4+3x) + (5-4x+2x2)
= 4+5 +3x -4x+2x2
= 9-x +2x2
(3x2 – 5x) +(–x2 + 2x + 5)
= 3x2 –x2 – 5x + 2x + 5
= 2x2 - 3x +5
(9-x +2x2) - (2x2 - 3x +5)
= 9-5-x+3x+2x2- 2x2
= 4+2x
= 13(21 – 8)
|
|
|
|
|
|
क्रमांक |
|
पद |
संख्यात्मक गुणांक |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
तब x का मान है
A.
B.
C.
D.
A.
370
B.
317
C.
33
D.
3-3