CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 183801 इल्तुतमिश का उत्तराधिकारी था...


A. 1236 में जज़िया

B. 1236 में रजिया

C. 1236 में सुल्ताना

D. 1236 में जहां आरा

Right Answer is: B

SOLUTION

रज़िया सल्तनत काल में प्रथम महिला मुस्लिम शासक थी। वह सुलतान इल्तुतमिश की पुत्री थी। वह 1236 ईसवी में सिंहासन पर बैठी। वह दिल्ली की एकमात्र शासक थी जिसका चुनाव दिल्ली की जनता तथा अमीरों द्वारा किया गया था।


Q. 183802 मुक्ति अपने कार्य निर्वहन में जिस रूप में राजस्व एकत्र करते थे ...


A. वेतन

B. भूमि अनुदान

C. सोना

D. चांदी

Right Answer is: A

SOLUTION

राजस्व को एकत्र करना राजस्व प्रशासन के कार्य में से एक था।


Q. 183803 दोआब को स्पष्ट कीजिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

गंगा और यमुना नदियों के मध्य का उपजाऊ क्षेत्र दोआब कहलाता है।


Q. 183804 अंतक्षेत्रों और चौकी शहर किसे कहते हैं ?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी शहर अथवा बंदरगाह का समीपवर्ती क्षैत्र, जिसे इनके द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति की जाती है अंतक्षेत्रों कहलाता है, चौकी शहर, सैनिकों से परिपूर्ण एक दुर्गीकृत शहर होता है


Q. 183805 आप इकता प्रणाली से क्या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

खलजी और तुगलक सम्राटों ने सैन्य-सेनापतियों की,राज्यपालों के रूप में, भिन्न आकार के प्रदेशों में नियुक्ति की थी ये भूमि इकता कहलाती थी


Q. 183806 इब्न बतूता कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

इब्न बतूता, मोरक्को, अफ्रीका से एक चौदहवीं सदी का यात्री था


Q. 183807 उलेमा कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

'उलेमा' इस्लामी शिक्षा के विद्वान थे वे आम तौर पर रूढ़िवादी दृष्टिकोण के थे


Q. 183808 किसका मानना था कि रज़िया, उसके सभी भाइयों से अधिक सक्षम एवं योग्य थी?
Right Answer is:

SOLUTION

उस युग के इतिहासकार, मिन्हाज-ए-सिराज, का मानना था कि रज़िया, उसके सभी भाइयों से अधिक सक्षम एवं योग्य थी


Q. 183809 किसके शासनकाल में दिल्ली एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र बन गया?
Right Answer is:

SOLUTION

तोमर और चौहानों के अन्तर्गत दिल्ली एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र बन गया


Q. 183810 दिल्ली सुल्तानों के अन्तर्गत प्रशासनिक कार्यों में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा कौनसी थी?
Right Answer is:

SOLUTION

दिल्ली सुल्तानों के अन्तर्गत प्रशासनिक कार्यों में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा फारसी थी।


Q. 183811 गुलाम वंश का संस्थापक कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

कुतुब-उद-दीन ऐबक गुलाम वंश का संस्थापक था।


Q. 183812 बेगमपुरी मस्जिद का निर्माण किसने करवाया था?
Right Answer is:

SOLUTION

मुहम्मद तुगलक ने अपनी राजधानी 'दिल्ली' में बेगमपुरी मस्जिद का निर्माण करवाया था।


Q. 183813 मुहम्मद तुगलक की राजधानी परिवर्तन योजना के पीछे दो प्रमुख उद्देश्यों का वर्णन कीजिए?
Right Answer is:

SOLUTION

मुहम्मद तुगलक की राजधानी परिवर्तन योजना के पीछे दो प्रमुख उद्देशों निम्नलिखित है 
1 -  देवगिरि को राजधानी बनाने से दक्षिण के प्रदेशों पर मुहम्मद तुगलक का पूर्ण नियन्त्रण बना रह सकता था
2 - देवगिरि उसके साम्राज्य के लगभग मध्य में स्थित था इस दृष्टि से उसके द्वारा घोषित नई राजधानी मंगोल आक्रमण के खतरों के भी मुक्त रह सकती थी।


Q. 183814 हुमायूं कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

हुमायूं भारत का दूसरा मुगल सम्राट था। वह 1530 ईसवीं में गद्दी पर बैठा। हुमायूं ने अपने पिता की इच्छानुसार अपने साम्राज्य का बंटवारा किया और अपने भाइयों में प्रांत का समान रूप से बटवारा कर दिया। उसके भाई मिर्जा कामरान की महत्वाकांक्षा ने अफगान प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हुमायूं के पक्ष को  निर्बल बना 1529  ईसवीं में चौसा के युद्ध में और 1540  ईसवीं में कन्नौज के युद्ध में वह 'शाह सूरी' से पराजित हो गया था जिसने उसे ईरान पलायन करने के लिए बाध्य कर दिया। 1555  ईसवीं में सफाविद शाह की सहायता प्राप्त कर वह पुनः दिल्ली के सिंहासन पर आरूढ़ हो गया। उसी वर्ष में उसका निधन हो गया।


Q. 183815 बाबर कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

बाबर का वास्तविक नाम जहीरुद्दीन था।

1.वह मध्य एशिया में एक छोटे से राज्य 'फरगना' का शासक था। उसने भारत पर 5 बार आक्रमण किया था।

2. भारत की अथाह धन-संपदा और खराब राजनीतिक स्थिति और दिल्ली के अमीरों से प्राप्त निमंत्रण ने बाबर को दिल्ली आने के लिए प्रेरित किया।

3.उसने 1526 ईसवीं में पानीपत के मैदान में लोदी वंश के अंतिम सुल्तान इब्राहिम लोदी को पराजित किया।

4. उसने पानीपत के प्रथम युद्ध में तोपों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया।

5.1527 ईसवीं में उसने राणा सांगा को पराजित किया। 1528  ईसवीं में उसने चंदेरी के युद्ध में राजपूतों को पराजित किया।

6. उसकी मृत्यु से पूर्व वह आगरा और दिल्ली पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर चुका था। 1530 ईसवीं में उसका निधन हो गया।


Q. 183816 औरंगजेब ने सिंहासन पर बैठकर किस प्रकार के प्रतिबंधों को लागू किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

औरग्जेब ने सिंहासन पर बैठकर निम्न प्रथ्बंधों को लागू किया था जो इस प्रकार है  :-
1. मदिरा, भांग के सेवन पर सार्वजनिक रोक
2. अनैतिकता के कार्यों को रकने के लिए मुहतस्सिब की नियुक्ति 
3. मुस्लिमों पर धार्मिक कर जकात धार्मिक कर लिया जा रहा था
4. गैर से  मुस्लिमों पर जजिया कर पुनः वसूलना प्रारंभ
5. उसने दरबारी नृत्य, संगीत पर भी रोक लगाईं किन्तु संगीत को राज्य से प्रतिबंधित नहीं किया गया वह स्वयं एक सिद्धहस्त वीणावादक था


Q. 183817 अकबर काल में साहित्य के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करें ।
Right Answer is:

SOLUTION

अकबर सदैव विद्वानों से विचार-विमर्श करता था। इस समय की राजभाषा फारसी थी। इस समय अबुल फजल, फौजी, बदायूनी उच्चकोटि के लेखक तथा साहित्यकार थे। अबुल फजल ने अकबरनामा की रचना की। महाभारत तथा रामायण का फारसी में अनुवाद किया गया। अब्दुर्रहीम खानखाना के हिंदी में लिखे दोहे आज भी लोकप्रिय हैं। गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना अकबर के काल में ही की। अकबर काल में ही कागज पर लिखने का कार्य आरम्भ हो गया था।


Q. 183818 अकबर की मनसबदारी व्यवस्था को संक्षेप में बताएं ।
Right Answer is:

SOLUTION

अकबर को सुदृढ़ता की ज़रूरत थी। इसके लिए अकबर ने अपने सैनिक-अधिकारियों और सिपाहियों को सुगठित किया । उसने इन लक्ष्यों की पूर्ति मनसबदारी प्रणाली से की। शासन का काम चलाने वाले कई अधिकारी और करमचारियों को मनसबदार कहा जाता था। पुरे मुग़ल साम्राज्य में हजारों छोटे-बड़े मनसबदार यानी शासकीय अधिकारी कर्मचारी थे। मनसबदार साम्राज्य में बादशाह के कानून और आदेश लागू करते थे। बादशाह के खिलाफ अगर कोई विद्रोह करे तो मनसबदार विद्रोह दबाते थे। मुग़ल साम्राज्य की रक्षा करना और दूसरे क्षेत्रों में मुग़ल वंश का राज्य फैलाना भी मनसबदारों का काम था। यह मनसबदार सम्राट के लिए घुड़सवारों की सेना बनाते थे एवं ज़रूरत पड़ने पर सम्राट के साथ युद्ध में भी जाते थे ।


Q. 183819 शेरशाह कौन था उसने हुमायूँ को किस प्रकार पराजित किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

शेरशाह पूर्वी भारत में अफगान का शासक था 1538 ई० में हुमायूँ ने शेरशाह से चुनर जीत  लिया इसके बाद शेरशाह ने गौड़ पर विजय प्राप्त की और बंगाल पर अधिकार कर लिया शेरशाह के बढ़ते हुए प्रभाव से हुमायूँ सशंकित था हुमायूँ मुंगेर के पास गंगा नदी को पार कर शेरशाह की तरफ बढ़ा यह युद्ध चौसा नामक स्थान पर 1539 ई० में हुआ चौसा का युद्ध 1539 ई० में शेरशाह सुरी और हुमायूँ के साथ हुआ था यह युद्ध बहुत भीषण था इसमें हुमायूँ को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा था शेरशाह ने दिल्ली और आगरा पर अधिकार कर लिया तथा शेरशाह सुरी भारत का शासक बना था


Q. 183820 हुमायूँ और बहादुरशाह के मध्य युद्ध का क्या परिणाम हुआ था?।
Right Answer is:

SOLUTION

बहादुरशाह गुजरात का शासक था वह दिल्ली का साम्राज्य प्राप्त करना चाहता था उसने 1535 ई० में चित्तौड़ पर आक्रमण करके अपने अधीन कर लिया फिर बहादुरशाह ने हुमायूँ पर आक्रमण किया हुमायूँ भी आक्रमण की तलाश में उसका पीछा कर रहा था हुमायूँ से बचते हुए बहादुरशाह ने पुर्तगाली द्वीप में ड्यू में शरण ली हुमायूँ वापस चला गया इस मौके का लाभ उठाकर बहादुरशाह ने पुर्तगालियों की मदद से गुजरात पर पुनः अधिकार कर लिया


Q. 183821 बाबर का मूल्यांकन कीजिए ?

Right Answer is:

SOLUTION

1. बाबर एक कुशल सेनापति और नेता था।
2. यद्यपि उसके पास छोटी सेना थी किन्तु उसने बड़ी-बड़ी सेनाओं को पराजित किया था।
3. उसके पास श्रेष्ठ सैन्य तकनीक और कौशल था।
4. बाबर एक निपुण कवि, लेखक और उत्कृष्ट संगीतकार था।
5. वह एक महान विद्वान और साहित्य-प्रेमी था।
6. उसने अन्य धर्मों के प्रति धार्मिक सहिष्णुता की नीति का पालन किया।


Q. 183822 मुग़ल साम्राज्य के पतन में औरंगजेब के उत्तरदायित्व पर प्रकाश डालिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

औरंगजेब  के समय से ही मुग़ल साम्राज्य के पतन के चिन्ह दृष्टिगोचर होने लगे थे और मृत्यु के बाद से दो मुग़ल साम्राज्य का बड़ी तेजी के साथ विघटन होने लगा था औरंगजेब के उत्तराधिकारियों की अयोग्यता ने इस साम्राज्य की अंत्येष्टि ही कर दी मुग़ल साम्राज्य के पतन के कारण इस प्रकार थे :-

अयोग्य उत्तराधिकारी :- औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुग़ल वंश में कोई भी योग्य शासक नहीं हुआ उसके बाद के शासक भोग-विलाप में लीन हराते थे जिससे शासन मंत्रियों और अमीरों के हाथो में चला गया और मुग़ल वंश पतन की और अग्रसर हो गया

उत्तराधिकारी नियम का आभाव :- मुग़ल शासन में उत्तराधिकार का नियम निश्चित नहीं था इससे सम्राट की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार के लिए युद्ध होते थे और उनकी शक्ति क्षीण होती थी

रिक्त राजकोष :- शाहजहाँ के भवन निर्माण और औरंगजेब के दक्षिण अभियान में अत्यधिक धन का व्यय हुआ था जिससे राजकोष रिक्त होने लगा था कृषि, व्यापार एवं उद्योग भी ठप होने लगे थे राजस्व व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहे थे जिसका परिणाम राजकोष रिक्त होने था 

सरदारों का नैतिक पतन :- औरंगजेब से पूर्व मुग़ल शासकों को मुग़ल सरदारों  अमीरों का पर्याप्त सहयोग मिला था जिसे फलस्वरूप मुग़ल साम्राज्य की विस्तार होता रहा लेकिन औरंगजेब के काल में सरोदारों एवं अमीरों के सहयाग का आभाव था

औरंगजेब की दक्षिण नीति :- औरंगजेब की महत्वकांक्षा  थी कि वह उत्तर और दक्षिण राज्यों पर अपने पूर्ण अधिकार स्थापित करे इसलिए वह उत्तर कि विजय के बाद दक्षिण में अपनी शक्ति को बढ़ने लगा


Q. 183823 औरंगजेब की राजपूत नीति का वर्णन कीजिये इसके क्या परिणाम हुए थे
Right Answer is:

SOLUTION

औरंगजेब ने राजपूतों के प्रति अनुदार नीति का पालन किया था इससे राजपूतों में असंतोष और विद्रोह की भावना का विकास हुआ  औरंगजेब द्वारा अपनाई नीति इस प्रकार है :-

राठौर राजपूतों के प्रति नीति :- जोधपुर के राठौर नरेश राजा जसवंत सिंह की मृत्यु के बाद औरंगजेब ने उसके पुत्र राजा अजीतसिंह को उसका उत्तराधिकारी स्वीकार नहीं किया और अल्पवयस्क अजीत सिंह को शाही हरम में नज़रबंद करा दिया  इससे राठौर राजपूत सरदार औरंगजेब  से असंतुष्ट हो गये

दुर्गादास राठौर ने अजीतसिंह को शाही हरम से निकालकर जोधपुर की गद्दी पर बैठा दिया इस पर औरंगजेब ने मारवाड़ पर आक्रमण कर दिया राजपूत मुग़ल सेना का सामना कर सके लेकिन दुर्गादास, अजीत सिंह को मेवाड़ ले जाने में सफल रहा मेवाड़ के राणा ने राठौर राजपूतों का पक्ष लिया और एक सेना जोधपुर भेज दी इससे रुष्ट होकर 1679 ई० में औरंगजेब ने मेवाड़ पर आक्रमण कर दिया

अकबर का विद्रोह :- इस बीच औरंगजेब का पुत्र शहजादा अकबर अपने पिता से विद्रोह करके राजपूतों से आकर मिल गया लेकिन औरंगजेब ने कूटनीति का पता चल गया और दुर्गादास राठौर ने अकबर को मराठा सरदार शम्भाजी के पास पहुंचा दिया

मेवाड़ नीति :-  अजीतसिंह के उत्तराधिकार के पश्न पर मेवाड़ के राणा राजसिंह मुगलों के शत्रु बन गये 1679 ई० में उन्होंने मुगलों से पराजित होने के बाद उनसे छापामार लड़ाई जारी रखी राणा राजसिंह की मृत्यु के बाद उसके उत्तराधिकारी जगतसिंह ने औरंगजेब से संधि का ली परन्तु राठौर राजपूत इस संधि से संतुष्ट नहीं थे अतः 1698 ई० एस मुगलों और राजपूतों के मध्य युद्ध चलता रहा औरंगजेब की मृत्यु के बाद राठौर राजपूतों ने सम्पूर्ण मारवाड़ पर अधिकार का लिया औरंगजेब के उत्तराधिकारी बहादुरशाह ने अजीतसिंह के साथ संधि कर ली और उसे जोधपुर का स्वतंत्र शासक स्वीकार कर लिया


Q. 183824 अकबर कालीन मुग़ल राज्य के वित्तीय प्रबंध का उल्लेख करें ।
Right Answer is:

SOLUTION

राज्य की आय के दो प्रधान साधन थे। भूमि का लगान तथा व्यापार पर कर। प्रत्येक गाँव का लगान निश्चित कर दिया गया था। किसानों से उपज का एक तिहाई भाग लगान के रूप में वसूल किया जाता था। किसी भी भूमि में एक निश्चित उपज न होने के कारण अकबर लगान का प्रबन्ध समय-समय पर करने के पक्ष में था। उसने भूमि की नाप कराकर लगान का लेखा बनाने का कार्य राजा टोडरमल को सौंपा। लगान की इस व्यवस्था से किसानों को सुविधा हुई। उनको मालूम रहता था कि उपज का कितना भाग उनको लगान में देना है। 
कृषि एवं भूराजस्व प्रबन्धन -- कृषि मुग़ल बादशाहों कि समृद्धि का आधार थी। कृषि उपज की वृद्धि के लिए विशेष ध्यान दिया गया। इस समय एक ही खेत से विभिन्न फसलों का उत्पादन किया जाता था। कृषि क्षेत्र का विस्तार किया गया। भू-कर निर्धारण के लिए पूरे राज्य कि पैमाइश की गयी। भूमि की पैमाइश गज-ए-इलाही द्वारा की जाती थी। यह पूर्ववर्ती गज-ए-सिकंदरी का परिवर्तित रूप था। खेत के माप के लिए बीघा का प्रयोग होता था। एक बीघा साठ गज लम्बा व साठ गज चौड़ा होता था। अकबर ने इस मकसद से कुछ नए अधिकारियों की नियुक्ति की थी । केंद्र में दीवान वित्तीय नियन्तरण रखता था । प्रांतीय दीवान राजस्व वसूली व वयय का विवरण रखता था । परगने में आमिल राजस्व वसूली करता था व कानूनगो उपज व राजस्व का विबरण रखता था । फोतदार परगने के स्टार पर कोष की व्यवस्था करता था । वहीं ग्राम अधिकारियों में पटवारी राजस्व का विवरण रखता था ।


Q. 183825 अकबर द्वारा किये गए सामाजिक समन्वय के प्रयासों का उल्लेख करें ।
Right Answer is:

SOLUTION

अकबर जानता था कि हिन्दुओं के सहयोग के बिना वह न तो साम्राज्य का विस्तार कर सकता था और न ही साम्राज्य पर अपना अधिकार बनाये रख सकता था। इसलिए उसने अनेक हिन्दुओं को मनसबदार बनाया इनमें अधिकांश राजपूत राजा थे। राजपूतों के साथ अकबर ने वैवाहिक सम्बन्ध बनाये तथा व्यक्तिगत सम्बन्ध स्थापित किये। अकबर की धार्मिक सहिष्णुता का परिचय फतेहपुर सीकरी में इबादत खाना के निर्माण से पता चलता है। जिसमें वह सभी धर्मों के गुरुओं से उनके धर्म की अच्छी बातों को सुनता और उन पर चर्चा करता। उसने इस्लाम, हिन्दू, फारसी, जैन, ईसाई आदि धर्मों की अच्छी बातों को लेकर एक नए धार्मिक मार्ग दीन-ए-इलाही की रुपरेखा बनाई। इसका उद्देश्य एकता स्थापित करना था। अकबर ने सुलहकुल की नीति अपनाई जिससे इतने बड़े राज्य का काम शांतिपूर्ण ढंग से चल सके तथा सब लोगों का समर्थन मिलता रहे। इस नीति को अकबर के बाद आने वाले मुग़ल बादशाहों ने भी अपनाया। इस नीति पर हम भक्ति एवं सूफी आन्दोलनों का स्पष्ट प्रभाव देख सकते हैं। इस नीति का पालन करते हुए राजमहल में अकबर ने हिन्दू, पारसी आदि धर्मों की कुछ रीतियाँ माननी शुरू कर दीं। गीता, महाभारत, अथर्ववेद, बाइबिल, कुरान, पंचतंत्र, सिंहासनबत्तीसी व विज्ञान की भी कई पुस्तकों का फारसी भाषा में अनुवाद कराया गया ताकि फारसी बोलने वाले मुसलमान उन्हें पढ़कर समझ सकें। अकबर ने हिन्दुओं पर से यात्रा तथा जजिया कर हटा दिया। उसने गैर मुसलमानों के धर्म परिवर्तन की प्रथा को समाप्त किया। इन कार्यों से उसने एक ऐसे साम्राज्य की आधारशिला रखी जो बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों के सामान अधिकारों पर आधारित था। इस प्रकार अकबर के शासनकाल में राज्य अनिवार्य रूप से धर्म निरपेक्ष, सामाजिक विषयों में उदार और चेतना तथा सांस्कृतिक एकता को प्रोत्साहन देने वाला बन गया है।


Q. 183826 मुग़ल अधिकारी

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिये <div class= Right Answer is:

SOLUTION

मुग़ल अधिकारी ज़िम्मेदारी
दीवान वित्तीय नियन्तरण
आमिल राजस्व वसूली
फोतदार कोष की व्यवस्था
पटवारी राजस्व का विवरण
मुकद्दम कानून एवं व्यवस्था
कानूनगो उपज एवं राजस्व का विवरण


Q. 183827

निम्नलिखित कथनों में रिक्त स्थानों की पूर्ती कीजिये <div class= Right Answer is:

SOLUTION

क. हेमू

ख. बैरम खान

ग. अहमदनगर

घ. कोतवाल

ड़. तुलसीदास

च. गुजरात


Q. 183828 पानीपत का तीसरा युद्ध कब हुआ पानीपत के इस युद्ध का भारतीय इतिहास में क्या महत्त्व है ।
Right Answer is:

SOLUTION

पानीपत का तीसरा युद्ध भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है इस युद्ध ने भारत में मुगलों का मार्ग प्रशस्त किया 1526 ई० में बाबर ने पानीपत नामक स्थान पर इब्राहीम लोदी से युद्ध किया इस युद्ध में बाबर ने अपनी बारूदी तोपों का प्रयोग किया  बाबर के  पास कुशल घुड़सवार सेना   थी उसकी सेना छोटी थी परन्तु अच्छी तरह प्रशिक्षित थी बाबर  उसकी सेना को अनेक युद्धों का अनुभव था   बाबर ने अपनी सेना का बड़ी कुशलता के साथ संचालन किया इब्राहीम लोदी  इस युद्ध में मारा  गया  और बाबर की विजय हुई दिल्ली तथा आगरा का क्षेत्र  बाबर के अधीन हो गया इस प्रकार बाबर ने इब्राहीम लोदी को हराकर भारत मी एक नये वंश मुग़ल वंश की स्थापना की इसके बाद बाबर ने मवाद के शासक राणा सांगा को खानवा के युद्ध में पराजित किया उसने 1528 ई० में चन्देरी के शासक मेदिनीराय को, अफगान सरदारों को घाघरा के युद्ध में १५२९ ई० में पराजित किया मुगलों ने भारत में लगभग 200 वर्षों तक शासन किया 


Q. 183829 हुमायूँ को गद्दी पर बैठने के बाद किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा उनसे इन पर किस प्रकार सफलता प्राप्त की थी ।
Right Answer is:

SOLUTION

बाबर की मृत्यु के बाद हुमायूँ  सिंहासन पर बैठा था उसे सिंहासन पर बैठते ही अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा उसके मुख्य शत्रु अफगान शासक थे बहादुरशाह गुजरात का शासक तथा

उसने 1535 ई० में चित्तौड़ पर आक्रमण करके अपने अधीन कर लिया फिर बहादुरशाह ने हुमायूँ पर आक्रमण किया हुमायूँ भी आक्रमण की तलाश में उसका पीछा कर रहा था हुमायूँ से बचते हुए बहादुरशाह ने पुर्तगाली द्वीप में ड्यू में शरण ली हुमायूँ वापस चला गया इस मौके का लाभ उठाकर बहादुरशाह ने पुर्तगालियों की मदद से गुजरात पर पुनः अधिकार कर लिया

शेरशाह पूर्वी भारत में अफगान का शासक था   चौसा का युद्ध 1539 ई० में शेरशाह सुरी और हुमायूँ के साथ हुआ था यह युद्ध बहुत भीषण था इसमें हुमायूँ को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा था शेरशाह ने दिल्ली और आगरा पर अधिकार कर लिया तथा शेरशाह सुरी भारत का शासक बना था शेरशाह की मृत्यु के उपरान्त हुमायूँ ने दिल्ली को पुनः प्राप्त करने के लिए प्रयास किये फारस के शासक की मदद से हुमायूँ ने पहले कंधार, पंजाब, आगरा और दिल्ली पर कब्ज़ा किया इस प्रकार उसने भारत में सफलता प्राप्त की


Q. 183830 निम्नलिखित को सुमेलित कीजिये ।
क. पानीपत का युद्ध 1540 ई० में
ख. खानवा का युद्ध 1529 ई० में
ग. चन्देरी का युद्ध 1539 ई० में
घ. घाघरा का युद्ध 1527 ई० में
ड़. चौसा का युद्ध 1528 ई० में
च. कन्नौज का युद्ध 1526 ई० में
Right Answer is:

SOLUTION

क.   पानीपत का युद्ध              1526 ई० में 
ख.    खानवा का युद्ध              1527 ई० में
ग.    चन्देरी का युद्ध               1528 ई० में 
घ.    घाघरा का युद्ध                1529 ई० में 
ड़.    चौसा का युद्ध                 1539  ई० में 
च.    कन्नौज का युद्ध             1540 ई० में


Q. 183831 निम्न लिखित में रिक्त स्थानों की पूर्ती कीजिये -
क. उम्र शेख मिर्जा .......................की छोटी सी रियासत फरगना का शासक था ।
ख. बाबर और ......................का सामना खानवा के मैदान में हुआ ।
ग. बाबर तलवार और ...................... दोनों का सिपाही था।
घ. बाबर उच्च कोटि का ...................... था।
ड़. .........भारत में शेरशाह अफगान शक्ति का केंद्र था ।
च. 1539 ई० में ................ स्थान पर शेरशाह और हुमायूँ के बीच युद्ध हुआ।
Right Answer is:

SOLUTION

क. मध्य एशिया
ख. राणा  सांगा  
ग. कलम  
घ. साहित्यकार
ड़. पूर्वी
च. चौसा नामक


Q. 183832 'बावलीयां' थीं -


A. ईंट के कुएं

B. झीलें

 

C. सीढ़ीदार कुएं

D. तालाब

Right Answer is: C

SOLUTION

आठवीं से तेरहवीं शताब्दी के बीच हर भवन  सीढ़ीदार कुंओं (बावली) से जुड़े होते थे। ये कुएं इस काल के भवनों की एक महत्वपूर्ण विशेषता बन गए थे।


Q. 183833 राजा राजराजदेव जिस देवता का उपासक था -


A. भगवान राजराजेश्वरम

B. भगवान शिव।

C. भगवान कृष्ण।

D. भगवान बुद्ध।

 

Right Answer is: A

SOLUTION

एक अभिलेख से इस बात का संकेत मिलता है कि  तंजावूर में राजराजेश्वर मंदिर का निर्माण राजा राजदेव ने अपने देवता राजराजेश्वरम की उपासना हेतु किया था।


Q. 183834 संक्षेप में वर्णन कीजिए क़ि मुहम्मद तुगलक की प्रशासनिक भूमिका और उसके तरीके (योजनाएं) विफल क्यों रहे थे?
Right Answer is:

SOLUTION

मुहम्मद तुगलक की प्रशासनिक भूमिका और उसकी योजनाओं की विफलताओं के लिए मुख्य कारण उत्तरदायी थे-

1. कश्मीर में उसके अभियान एक भीषण आपदा के शिकार हुए थे, जिसके पश्चात उसने ट्रांसऑक्सीआना पर आक्रमण करने की अपनी योजनाओं का परित्याग कर दिया था

2. दिल्ली से दौलताबाद राजधानी का स्थानांतरण एक खराब निर्णय था

3. गंगा यमुना के क्षेत्र में अकाल का पड़ना और करों में वृद्धि ने एक व्यापक विद्रोह का नेतृत्व किया

4. अंततः टकसाल पर नियंत्रण न रखने के कारण सांकेतिक मुद्रा की विफलता इस हेतु उत्तरदायी काण था


Q. 183835 मुहम्मद बिन तुगलक के चरित्र एवं व्यक्तित्व का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिये ?
Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय इतिहास में मुहम्मद तुगलक का व्यक्तित्व सर्वाधिक विविदास्पद रहा है । कुछ विद्वानों के मतानुसार वह पागल था और कुछ इतिहासकारों के अनुसार वह पागल नहीं वरन बुद्धिमान एवं गुणी था । वास्तव में उसका दोष यह था कि वह लोगो और अवसर को पहचाने कि क्षमता नहीं रखता था इसलिए वह अपने जीवन में असफल रहा उसकी योजनाओं को लोग ने काल्पनिक योजनाओं कि संज्ञा दी है

मध्यकालीन भारतीय इतिहास का एक विचित्र बादशाह था । उसकी योग्यता, विद्वत्ता, सैनिक सुशालता और न्यायाप्रिया असंदिग्ध थी तथापि उसके चरित्र कि कुछ आधारभूत दुर्बलताओं ने उसकी बुद्धिमत्तापूर्ण प्रशासनिक योजनाओं को असफल बना दिया । बरनी तथा इब्नेबतूता जैसे समकालीन इतिहासकार उसके चरित्र को समझ सके और अपने अपने ढंग से उसके चरित्र का वर्णन कर डाला समस्त इतिहासकारों ने सुल्तान को ध्यान में रखकर उसके चरित्र का विश्लेषण किया और उसके चरित्र कि अंतर्निहित शक्तियों को उजागार करने में असफल रहे । यदि मुहम्मद तुगलक को अपनी योजनाओं में सफलता मिल गई होती तो संभवतः उसका चरित्र इतना विवादास्पद विषय कदापि   होता ।सुल्तान के चरित्र का मापदंड यही हो सकता है कि वह योग्यता, विद्वता  और विभिन्न गुणों का स्वामी होते हुए भी एक अभागा शासक था


Q. 183836 मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा लागू की गयी योजनाओं पर प्रकाश डालिए।
Right Answer is:

SOLUTION

मुहम्मद-बिन-तुगलक ने अपने साम्राज्य के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं को चलाया था वे निम्न प्रकार है :-

दोआब में कर वृद्धि :- मुहम्मद-बिन-तुगलक ने अपने राज्य की आय बढ़ाने के लिए गंगा एवं यमुना के बीच समृद्ध एवं उर्वरक भूमि दोआब में कर बढ़ाने का एक प्रयोग किया उसने वहाँ भूमिकर में वृद्धि की तथा कुछ अन्य करों की भी वसूली शुरू कर दी जिस समय कर लगाया गया उस समय भयानक अकाल पड़ा था परन्तु निरंकुश शासक के भय से अधिकारियों ने सुल्तान को जानकारी नहीं दी  इन कारणों से लोगो ने कर देने से इन्कार कर दिया अतः सुल्तान की कर बढ़ाने की योजना असफल हो गयी

राजधानी परिवर्तन :- सुल्तान ने कुशल प्रशासन के लिए द्वितीय राजधानी की योजना बनाई थी । सुल्तान ने देवगिरि का नाम बदल कर दौलताबाद रखा राजधानी परिवर्तन में लोगो को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा । दौलताबाद की जलवायु दिल्ली के लोगो के अनुकूल नहीं थी इसलिए द्वितीय राजधानी की योजना भी असफल रही

सांकेतिक मुद्रा का प्रचलन :- सुल्तान ने विश्व में चाँदी उत्पादन में आई कमी से चाँदी के सिक्कों के स्थान पर ताँबे एवं पीतल से मिश्रित धातु की सांकेतिक मुद्रा के  सिक्के चलाये थे लोगो ने इस मुद्रा को घर पर की तैयार कर लिया और बाजार में इस मुद्रा की अधिकता हो गयी विदेशी व्यापारियों ने इस मुद्रा को लेने से इन्कार कर दिया इस के बदले में सुल्तान को राजकोष में चाँदी के सिक्कों को देना पड़ा इस प्रकार यह योजना भी असफल रही


Q. 183837 अलाउद्दीन खिलजी की दक्षिण नीति की समीक्षा कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

दिल्ली सल्तनत के सुल्तानों में अलाउद्दीन खिलजी को सर्वश्रेष्ट शासक कहा जाता है। वह न केवल उच्च कोटि का प्रबन्धक था बल्कि एक महान् विजेता भी था। अलाउद्दीन में एक सैनिक कमाण्डर तथा अच्छे प्रशासक के गुण थे। उसका शासन शक्ति पर आधारित था। अलाउद्दीन खिलजी ने उत्तर व दक्षिण भारत में अपने साम्राज्य का विस्तार किया। वह समस्त भारत का एकछत्र सम्राट बनने का इच्छुक था।

दक्षिणी भारत की विजय - सुल्तान जलालुद्दीन खिलजी के शासन काल में भी अलाउद्दीन खिलजी दक्षिण के देवगिरि राज्य पर आक्रमण करके वहाँ से बहुत अधिक धन - दौलत लूट कर लाया था। वह महत्वकांक्षी सुल्तान था। उसने दक्षिण की राजनीतिक दशा को देखा और मलिक काफूर को दक्षिण के राज्य जीतने का कार्यभार सौंपा उसकी दक्षिण विजयों का वर्णन निम्नलिखित शीर्षकों में किया जा सकता है -

देवगिरि पर आक्रमण - 1306 ई. मलिक काफूर ने देवगिरि की ओर प्रस्थान किया। राजा रामचन्द्र देव ने डटकर उसका सामना किया। वह हार गया और दिल्ली लाया गया। अलाउद्दीन ने उसका स्वागत किया। रामचन्द्र देव ने सुल्तान से सन्धि कर ली और फिर उसने दिल्ली साम्राज्य के विरूद्ध कभी विद्रोह की बात नहीं सोची।

तेलंगाना की विजय - 1308 ई. में मलिक ने वारंगल का घेरा डाला। राजा हार गया और सन्धि हो गई। राजा ने 300 हाथी, 7000 घोड़े तथा बहुत अधिक सम्पत्ति भेंट में दी।

द्वारसमुद्र की विजय - 1310 ई. में मलिक काफूर ने द्वारसमुद्र पर आक्रमण किया। वहाँ का राजा असावधान था। उसने अधीनता स्वीकार कर ली।

पाण्डव राज्य की विजय - पाण्डव राज्य के दो भाइयों में उत्तराधिकारी का झगड़ा चल रहा था अतः शासन कमजोर था। मदुरा पहुँचकर मलिक काफूर ने नगर को खूब लूटा और रामेश्वर की ओर बढ़ा। वहाँ उसने एक मस्जिद बनवाई। 1310 ई. में अपार धन के साथ वह दिल्ली लौट आया।

देवगिरि पर पुनः आक्रमण - देवगिरि के शासक शंकर देव ने दिल्ली राज्य से स्वतन्त्र होना चाहा उसने वार्षिक कर देना बन्द कर दिया। 1311 ई. में मलिक काफूर ने पुनः आक्रमण किया। शंकर देव हार गया और मारा गया। मलिक काफूर अपना अन्तिम अभियान समाप्त कर दिल्ली की ओर चला गया।


Q. 183838 तुगलक एवं ख़िलजी सुल्तानों के अधीन, दिल्ली सल्तनत के प्रांतों के प्रशासन पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए
Right Answer is:

SOLUTION

खलजी और तुगलक सम्राटों ने विभिन्न आकार के प्रांतो के राजयपाल के रूप में सैन्य सेनापतियों की नियुक्ति की थी ये प्रांत-भूमि इक्ता कहलाती थी और भूमि-धारक इक्तेदार अथवा मुक्ति कहलाते थे वे दिल्ली के सुल्तान को सैन्य सेवाएँ प्रदान किया करते थे  वे बदले में इन भूमि से राजस्व एकत्र कर सकते थे और उनके वेतन के रूप में इसका एक हिस्सा रख सकते थे वे इस राजस्व से अपने सैनिकों का भी भुगतान किया करते थे मुक्तियों द्वारा एकत्र किये गये राजस्व की राशि की जाँच करने हेतु राज्य द्वारा लेखाकार नियुक्त किए गए थे, इस बात का भी ख्याल रखा जाता था कि मुक्तियों द्वारा मात्र राज्य द्वारा निर्धारित करों को ही एकत्र किया जाए और यह भी कि उनके द्वारा सैनिकों की एक आवश्यक संख्या की व्यवस्था की जा रही है अथवा नहीं, राजाओं द्वारा सामंत अभिजात वर्ग को उनकी अधीनता(सत्ता) स्वीकार करने हेतु बाध्य किया जाता था


Q. 183839 'प्राईमस इन्टेपेरिस' से क्या तात्पर्य है ? यह कहाँ तक लोदी सुल्तानों के लिए घातक साबित हुआ ?
Right Answer is:

SOLUTION

'प्राईमस इन्टेपेरिस' से तात्पर्य समान जनों में प्रमुख व्यक्ति है। लोदी सुलतान विशेषकर बहलोल लोदी ने इसी का पालन किया। अफगान लोग अपने कबायली नियमों का पालन करते थे । बहलोल लोदी सुल्तान होते हुए भी अपने सरदारों के साथ खता पीता था व उनके घरों में भी जाता था उसने शासक वाला अधिकार नही जताया था । इस की वजह से जब उसके उत्तराधिकारी शासक बने उन्होंने इस वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा । सिकंदर लोदी जिसने बहलोल के बाद सत्ता संभाली एक शक्तिशाली शासक था उसने इन सरदारों की ताकत को क्षति पहुँचाने के मकसद से साम्राज्य की राजधानी को दिल्ली से बदल कर आगरा कर लिया । उसने सरदारों का मिलना व वैवाहिक संबंधों को भी नियंत्रित करने का प्रयास किया । इब्राहीम लोदी जो दुर्भाग्य से इस वंश का आखिरी शासक था उसने इन सरदारों पर कड़े प्रतिबन्ध लगाये जिससे वे अपनी शक्ति का दुरूपयोग न कर सकें । इन सरदारों को यह बात अच्छी नहीं लगी जिस कारण उन्होंने विद्रोह कर दिया । कुछ सरदार अत्यधिक रुष्ट थे तथा राज्य पाने के लोभ में उन्होंने काबुल के शासक बाबर से मिलकर षड्यंत्र किया । बाबर ने योजनानुसार भारत पर आक्रमण किया व 1526 में पानीपत की प्रथम लड़ाई में उसने इब्राहीम लोदी को हराकर भारत में मुग़ल साम्राज्य की नींव रखी ।


Q. 183840 शर्की वंश की स्थापना के पीछे के घटनाक्रम का उल्लेख करें । इस वंश की दो उपलब्धियां बताएं।
Right Answer is:

SOLUTION

फ़िरोज़ शाह तुगलक ने जौनपुर शहर की स्थापना की थी। मलिक सरवर ने जौनपुर को सबसे पहले स्वतंत्र राज्य घोषित किया। उसे फ़िरोज़ ने विद्रोह का उन्मूलन करने के लिए भेजा था। परन्तु कमज़ोर उत्तराधिकारियों के कारण उसने अपनी स्वतंत्रता घोषित कर दी। शीघ्र ही जौनपुर का साम्राज्य पश्चिम में अलीगढ़ तक पहुँच गयी। इसके शासकों ने दिल्ली के शासकों खास कर सैयद वंश को कड़ी चुनौती दी। दिल्ली पर तैमुर के आक्रमण के बाद तैमुर ने सरवर को "सुल्तान उस शर्क" की उपाधि प्रदान की मलिक सरवर के बाद मुबारक शाह नया शासक बना वह पहला शर्क शासक था जिसने सुल्तान की उपाधि धारण की थी। उसने अपने नाम से सिक्के व खुतबा पढवाया था जिससे वह वैधानिक शासक बन गया।
उसके बाद उसका छोटा भाई इब्राहीम शाह नया शासक बना। इब्राहीम शाह शर्की वंश का सबसे महान शासक था। उसने साम्राज्य विस्तार करना चाहा परन्तु उसे विफलता ही हाथ लगी। उसके पुत्र महमूद शाह ने दिल्ली पर भी आक्रमण किया परन्तु उसे बहलोल लोदी ने परास्त कर दिया।

इस वंश के शासकों ने सामाजिक तथा आर्थिक सुधार किये थे । उन्होंने कई निर्माण कार्य भी करवाए थे जिनमे से जौनपुर स्थित अटाला मस्जिद प्रमुख है। जो अपने विशिष्ट स्थापत्य के लिए जानी जाती है ।


Q. 183841 निम्न लिखित को सुमेलित कीजिये -
क. फ़िरोज़ शाह आगरा
ख. खिज्र खान शर्की वंश
ग. बहलोल सैयद वंश
घ. मलिक सरवर लोदी वंश
ड़. सिकंदर तुगलक वंश
च. नसीरुद्दीन महमूद जौनपुर
Right Answer is:

SOLUTION

क.

फ़िरोज़ शाह

जौनपुर

ख.

खिज्र खान

सैयद वंश

ग.

बहलोल

लोदी वंश

घ.

मलिक सरवर

शर्की वंश

ड़.

सिकंदर

आगरा

च.

नसीरुद्दीन महमूद

तुगलक वंश

 


Q. 183842 निम्नलिखित में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिये।
क. सल्तनत पर तैमूर ने में आक्रमण किया था ।
ख. जौनपुर से स्वतन्त्र राज्य की घोषणा ने की थी ।
ग. तैमूर और का भारत पर आक्रमण का उद्देश्य भारत की संपत्ति को लूटना था।
घ. खिज्र खान ने वंश की स्थापना की ।
ड़. लोदी वंश का सबसे शक्तिशाली शासक लोदी था ।
च. इब्राहीम लोदी के खिलाफ अफगान सरदारों ने काबुल के शासक से मिलकर षड्यंत्र
किया ।
Right Answer is:

SOLUTION

क. 1398 
ख. मलिक सरवर
ग. महमूद गज़नी 
घ. सैयद 
ड़. सिकंदर 
च. बाबर


Q. 183843 मुगल सम्राट, हुमायूँ, ______________द्वारा पराजित किया गया था:


A. शेरशाह

B. अलाउद्दीन खिलजी

C. मोहम्मद तुगलक

D. सिकंदर लोदी

Right Answer is: A

SOLUTION

शेरशाह बिहार में रियासत का शासक था। शेरशाह ने बाबर की ओर से पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उसने मुगल सम्राट हुमायूँ को हराया जो बाबर का सबसे बड़ा पुत्र और उत्तराधिकारी था और अपना शासन स्थापित किया।


Q. 183844 इब्न बतूता _______________का था।


A. इटली

B. मोरक्को

C. पुर्तगाल

D. फारस

Right Answer is: B

SOLUTION

इब्न-बतूता एक यात्री था, वह 1333 ईस्वी में मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल के दौरान आया था। रेहला उनके यात्रा वृत्तांतों की पुस्तक का नाम है। वह न्यायशास्त्र के इस्लामी कानून में पारंगत था; इसलिए, मुहम्मद तुगलक ने उन्हें दिल्ली का क़ाज़ी नियुक्त किया।


Q. 183845 चित्तौड़ _______________की राजधानी थी।


A. चौहान राजपूतों

B. परमार राजपूतों

C. सिसोदिया राजपूतों

D. हिंदुशाही वंश

Right Answer is: C

SOLUTION

चित्तौड़ के शासकों ने मुगलों के अधीन अधीनस्थ शासकों के रूप में शासन करने के लिए अकबर की पेशकश को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसने उनका मुगलों के साथ संघर्ष शुरु हो गया। 1568 में, सिसोदिया राजाओं की राजधानी पर कब्जा कर लिया गया था।


Q. 183846 'ऐन-ए अकबरी' ________________द्वारा लिखा गया था।


A. अबुल फजल

B. फैजल

C. टोडर मल

D. अकबर

Right Answer is: A

SOLUTION

'अकबरनामा', अकबर के शासनकाल के तीन खंड में इतिहास अबुल फजल ने लिखा था। इसमें, 'ऐन-ए अकबरी' तीसरा खंड है।


Q. 183847 जहाँगीर की रानी नूरजहाँ का वास्तविक नाम था:


A. मेहरुनिसा

B. नुरुनिसा

C. जेबेउनिसा

D. शमसुनिसा

Right Answer is: A

SOLUTION

नूरजहाँ, जिसने 1611 में मुगल सम्राट जहाँगीर से शादी की थी, मूल रूप से मेहरुनिसा के रूप में जानी जाती थी।


Q. 183848 फतेहपुर-सीकरी का निर्माण किसके द्वारा किया गया था?


A. बाबर

B. जहाँगीर

C. शाहजहाँ

D. अकबर

Right Answer is: D

SOLUTION

1571 में, अकबर ने फतेहपुर सीकरी का निर्माण किया। यह आगरा में स्थित है। इसमें, कई भवन परिसर थे। इस नवनिर्मित शहर में प्रवेश बुलंद दरवाजे से होता था, जिसका निर्माण अकबर ने गुजरात पर अपनी जीत के उपलक्ष में किया था।


Q. 183849 अकबर द्वारा अपनाई गई शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की नीति को __________________ के रूप में जाना जाता है।


A. सुलह-ए कुल

B. दीन-ए-इलाही

C. जवाबित

D. मनसबदारी

Right Answer is: A

SOLUTION

'सुलह-ए कुल' का अर्थ है "सार्वभौमिक शांति", जो सहिष्णुता का विचार था, और वह अपने शासन में विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच भेदभाव नहीं करता था।


Q. 183850 किस राजपूत वंश ने, लंबे समय तक, मुगलों की अधीनता को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था?


A. चौहान

B. सिसोदिया

C. परमार

D. गहढ़वाल

Right Answer is: B

SOLUTION

सिसोदिया वंश के शासकों ने, लंबे समय तक, मुगल को, उनके नियमों को नहीं मानने से, नाराज किया। बाद में, वे पराजित हो गए, लेकिन उनसे मुगलों द्वारा स्नेहपूर्वक व्यवहार किया गया। उन्हें अपनी वतन जागीरें भी दी गईं।


Q. 183851 दिल्ली में लाल किले का निर्माण किसके द्वारा किया गया था?


A. शाहजहाँ

B. जहाँगीर

C. अकबर

D. औरंगजेब

Right Answer is: A

SOLUTION

दिल्ली में प्रसिद्ध लाल किला शाहजहाँ द्वारा बनवाया गया था। लाल किला शाहजहाँ के बाद मुगल सम्राटों का आधिकारिक निवास था। इसका निर्माण लाल पत्थर का उपयोग करके किया गया था।


Q. 183852 जहाँगीर की माँ का नाम था:


A. जोधाबाई

B. हरखा बाई

C. मानबाई

D. मनुबाई

Right Answer is: B

SOLUTION

हरखा बाई कछवाहा राजकुमारी और अम्बर के राजपूत शासक की बेटी थी। अकबर ने भारत में मुगल शासन को मजबूत करने के लिए वैवाहिक गठबंधन की स्थापना की। अकबर ने अपने प्रशासन में राजपूतों को ऊंचे पद दिए।


Q. 183853 पहला मुगल सम्राट था:


A. बाबर

B. हुमायूँ

C. अकबर

D. शाहजहाँ

Right Answer is: A

SOLUTION

बाबर पहला मुगल सम्राट था। उसने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराने के बाद एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की।


Q. 183854 मुग़ल साम्राज्य में सूबा का मतलब था...


A. प्रांत

B. ज़िला

C. तालुक़

D. गाँव

Right Answer is: A

SOLUTION

आईन-ए-अकबरी में मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक तंत्र की जानकारी विस्तार से दी गई है। इसमें दर्ज है कि साम्राज्य को कई प्रांतों में बांटा गया था जिन्हें सूबा कहा जाता था।


Q. 183855 ज़ब्ती प्रथा का प्रचलन ।


A. फैज्दारों के लिए था।

B. जागीरदारों के लिए था

C. मनसबदारों के लिए था

D. काजी के लिए था।

Right Answer is: C

SOLUTION

ज़ब्ती प्रथा मुग़ल सम्राटों ने मनसबदारों के लिए अपनाई थी मृतक मनसबदारों की सम्पत्ति पर उसके पुत्रों अथवा संबंधियों के स्थान पर राज्य का अधिकार माना जाता था ।


Q. 183856 जात और सवार का सम्बन्ध था


A. व्यापार से ।

B. सेना से ।

C. राजस्व से ।

D. धर्म से ।

Right Answer is: C

SOLUTION

जात और सवार का सम्बन्ध सेना से होता है । मनसबदारी प्रथा में जात और सवार होते है जात और सवार का अर्थ 
1. जात पद का अर्थ है पैदल सैनिक । 
2. सवार पद का अर्थ है घुड़सवार ।


Q. 183857 हिन्दुओं पर लगने वाला कर


A. जजिया था ।

B. खम्स था।

C. जकात था।

D. खिराज था।

Right Answer is: C

SOLUTION

जजिया कर उन हिन्दुओं पर लगता था जो इस्लाम धर्म स्वीकार नहीं करते थे । राज्य की आय में इस कर से पर्याप्त वृद्धि होती थी। धनिक वर्ग से 48 टंका, माध्यम वर्ग से 24 टंका और साधारण लोगों से 12 टंका जजिया कर लिया जाता था।


Q. 183858 दीन-ए-इलाही धर्म चलाया ।


A. बाबर ने चलाया था।

B. अकबर ने चलाया था।

C. हुमायूँ ने चलाया था।

D. औरंगजेब ने चलाया था।

Right Answer is: B

SOLUTION

अकबर ने सभी धर्मों का समान रूप से आदर किया तथा सभी धर्मों में एकता स्थापित करने के लिए दीन-ए-इलाही नामक धर्म चलाया था ।


Q. 183859 मुगलकालीन समाज के मध्य वर्ग में


A. किसान थे ।

B. उलेमा थे ।

C. सामंत थे

D. दास थे ।

Right Answer is: C

SOLUTION

मध्य वर्ग - इसमें सामंत, मुस्लिम अमीर, जमीदार तथा जागीरदार आदि  आते थे यह उच्च वर्ग के बाद का वर्ग था ।


Q. 183860 बाबरनामा की रचना


A. बाबर ने की थी

B. हुमायूँ ने की थी

C. अकबर ने की थी

D. औरंगजेब ने की थी

Right Answer is: A

SOLUTION

मुग़ल वंश का संस्थापक बाबर तुर्की एवं फारसी का बड़ा विद्वान था बाबरनामा उसकी प्रसिद्द रचना है मुग़ल-काल में फारसी ग्रंथों की रचनाओं का बाहुल्य रहा  इस काल में अनेक हिंदी एवं संस्कृत के ग्रंथों का फारसी भाषा में अनुवाद किया गया ।


Q. 183861 शाहजहां, किस वर्ष में मुगल सम्राट बना था?
Right Answer is:

SOLUTION

शाहजहां वर्ष 1628 ई. में मुगल बादशाह बना था।


Q. 183862 जहांगीर का राजयकाल क्या था?
Right Answer is:

SOLUTION

सम्राट जहांगीर ने 1605 से 1627 ईसवी तक शासन किया था


Q. 183863 सम्राट जहांगीर के पिता कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

सम्राट जहांगीर के पिता अकबर थे

 


Q. 183864 खानवा के युद्ध के दौरान राजपूतों का नेता कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

राणा सांगा खानवा के युद्ध के दौरान राजपूतों का नेता था।


Q. 183865 चौसा के युद्ध में हुमायूं को किसने पराजित किया था?
Right Answer is:

SOLUTION

शेर खान उर्फ शेर शाह सूरी ने चौसा के युद्ध में हुमायूं को पराजित किया था।


Q. 183866 जहाँगीर ने नूरजहाँ से कब विवाह किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

जहाँगीर ने नूरजहाँ से 1611 ई० में विवाह किया था।


Q. 183867 मुगलकाल में गांव की पंचायत के मुखिया को किस नाम से जाना जाता था?
Right Answer is:

SOLUTION

मुकद्धम


Q. 183868 मुगल किस मूल के वंशज थे और उनकी मातृ भाषा क्या थी?
Right Answer is:

SOLUTION

मुगल पितृ पक्ष से तैमूर के वंशज थे। मातृ पक्ष से चंगेज खां के वंशज। उनकी मातृ भाषा तुर्की थी।


Q. 183869 ’मुगल’ नाम किस शब्द से उत्पन्न हुआ है?
Right Answer is:

SOLUTION

मंगोल शब्द से।


Q. 183870 मुगल साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

जहीरुदीन बाबर


Q. 183871 मुगल शासक अपने को तैमूरी क्यों कहते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

पितृपक्ष से तैमूर के वंशज होने के कारण मुगल शासक स्वंय को तैमूरी कहते थे।


Q. 183872 हुमायूँनामा किस की कृति है ?
Right Answer is:

SOLUTION

हुमायूँनामा गुलबदन की कृति है


Q. 183873 मनसबदारी प्रथा का प्रचलन किस काल में था ?
Right Answer is:

SOLUTION

मनसबदारी प्रथा का प्रचलन मुग़ल काल में था


Q. 183874 धम्मकित्ति था -


A. सिंहली राजा।

B. चालुक्य राजा।

C. बौद्ध भिक्षु।

D. चीनी यात्री।

Right Answer is: C

SOLUTION

इतिहासकार धम्मकित्ति ने पांडय राजा द्वारा श्री लंका पर आक्रमण का उल्लेख किया है । उन्होने उल्लेखित किया है कि अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के साथ पांडय राजा बुद्ध की सोने की मूर्ति भी ले गए थे। उन्होने आगे लिखा है कि अगले शासक सेन द्वितीय ने उसके सेनापति को पराजय का बदला लेने के लिए पांडयों की राजधानी मदुरै पर आक्रमण करने का आदेश दिया।


Q. 183875 कुतुब मीनार की सतह है -


A. चिकनी

 

B. घुमावदार और कोणीय।

C. घनाकार

D. बेलनाकार और चिकनी।

Right Answer is: B

SOLUTION

घुमावदार और कोणीय सतह का निर्माण उस युग की निर्माणाकृतियों को नया आयाम देने के लिए किया गया था।


Q. 183876 क़िबला का जिसके लिए प्रयोग हुआ है ...


A. चौकी जिस पर राजा का सिंहासन रखा जाता था।

B. शाही प्रहरी के खड़े होने का स्थान।

C. राज्य का प्रवेश द्वार।

D. दिशा जिस ओर मुसलमान प्रार्थना करते हैं।

Right Answer is: D

SOLUTION

'क़िबला' एक दिशा होती है जिसकी ओर मुख करके सभी मुसलमान मस्जिद में प्रार्थना करते हैं।


Q. 183877 ताज ताजमहल का निर्माण शाहजहाँ द्वारा जिस नदी के तट पर करवाया गया था -


A. गंगा

B. यमुना

C. गोमती

D. हिंडोन

Right Answer is: B

SOLUTION

ताजमहल का निर्माण शाहजहाँ द्वारा यमुना नदी के तट पर करवाया गया था । स्थापत्य की सुंदरता में वृद्धि करने हेतु इस स्थल का चुनाव किया गया था । .


Q. 183878 कुतुब मीनार के निर्माण का आरंभ किया गया था-


A. कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी

B. कुतुबुद्दीन ऐबक

C. इल्तुतमिश

D. फिरोज शाह

Right Answer is: B

SOLUTION

दिल्ली के प्रथम मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबकए ने कुतुब मीनार का निर्माण सन 1199 में आरम्भ करवाया था परन्तु केवल इसका आधार ही बनवा पाया। उसके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने इसमें तीन मंजिलों को बढ़ाया और बाद में फीरोजशाह तुगलक ने इसकी पाँचवीं और अन्तिम मंजिल बनवाई। कुतुब मीनार यूनेस्को की विश्व धरोहर  सूची में शामिल है। यह भारत-इस्लामी वास्तुकला का प्राचीनतम उदाहरण है।


Q. 183879 ट्रीबीएट का अर्थ था -


A. स्थापत्य

B. नृत्य

C. चित्रकला

D. परिधान

 

Right Answer is: A

SOLUTION

7 वीं शताब्दी से 10 वीं शताब्दी के मध्य में खिड़कियो और दरवाजों का  निर्माण अभी भी दो खड़े स्तंभों पर आड़ी बल्ली को रखकर किया जाता था।  इस शैली को  ट्रीबीएट  अथवा  कॉर्बल्ड कहा जाता था ।


Q. 183880 ‘चार बाग ’ का अर्थ है


A. एक विशाल बगीचा

B. नदी पर स्थित एक बगीचा

C. चार बगीचे

D. पाँच बगीचे

Right Answer is: C

SOLUTION

कृत्रिम नहरों द्वारा चार समान हिस्सों में बँटे होने के कारण ये चारबाग कहलाते थे ।


Q. 183881 "हश्त बिहिश्त" था -


A. वास्तुकलात्मक तकनीक

B. लेखा रजिस्टर

C. आठ लेखकों की परिषद

D. फारसी ग्रंथ का नाम ।

 

Right Answer is: A

SOLUTION

अकबर के शासनकाल में वास्तुकारों द्वारा इस वास्तुकलात्मक तकनीक को अपनाया गया था। इनकी प्रेरणा अकबर के वास्तुशिल्पियों ने उसके मध्य एशियाई पूर्वज तैमूर के मकबरों से ली। इस तकनीक में एक केंद्रीय कक्ष, आठ कमरों से घिरा होता था। हुंमायु के मकबरे में सबसे पहली बार इस तकनीक को देखा गया था।


Q. 183882 'पिश्तक' का अर्थ है


A. बाग

B. कक्ष

C. ऊंचे प्रवेशद्वार

D. अनुष्ठानिक सभागार

 

Right Answer is: C

SOLUTION

केंद्रीय गुंबद, जो बहुत ऊँचा था और ऊँचा मेहराबदार प्रवेशद्वार जिसे पिश्तक कहा जाता था मुगल वास्तुकला के महत्त्वपूर्ण रूप बन गए। हुंमायु के मकबरे में सबसे पहली बार इस तकनीक को देखा गया था।


Q. 183883 श्री लंका पर जिस पांडय राजा द्वारा आक्रमण किया गया था -


A. जट्वर्मन सुंदर पाण्डेय

 

B. श्रीमर श्री वल्लभ

C. नेदूंजेलियन

D. नन मारन

Right Answer is: B

SOLUTION

बोद्ध परंपरा के अनुसार पांडय राजा श्रीलंका राज्य की बहुमूल्य वस्तुओं के साथ बुद्ध की सोने की मूर्ति भी ले गए थे। श्रीलंका पर आक्रमण राजा सेन प्रथम (831-851) के समय में हुआ था। 


Q. 183884 राजेंद्र प्रथम ने एक सूर्य पीठिका जिससे प्राप्त की थी -


A. कलिंग

B. पाल

C. चालुक्य

D. सेन

Right Answer is: C

SOLUTION

चोल राजा राजेंद्र प्रथम ने गंगा क्षेत्र के अनेक शासकों को पराजित किया था। चोल राजा राजेंद्र प्रथम ने अपनी राजधनी में शिव मंदिर का निर्माण करवाया था तो उसने पराजित शासकों से जब्त की गई उत्कृष्ट प्रतिमाओं से इसे भर दिया।


Q. 183885 कॉर्बल्ड तकनीक का प्रयोग जिसके निर्माण में किया जाता था -


A. वावड़ी

B. मेहराब

C. छत

D. बालकनी

 

Right Answer is: B

SOLUTION

7 वीं शताब्दी से 10 वीं शताब्दी के मध्य में खिड़कियो और दरवाजों का  निर्माण अभी भी दो खड़े स्तंभों पर आड़ी बल्ली को रखकर किया जाता था।  इस शैली को  ट्रीबीएट  अथवा  कॉर्बल्ड कहा जाता था ।


Q. 183886 गजनी का सुलतान महमूद जिस चोल शासक का समकालीन था। -


A. राजेन्द्र प्रथम

B. राज राज चोल

 

C. कारिकाल चोल

D. गंगैकोण्ड चोल

Right Answer is: A

SOLUTION

महमूद गजनी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किया था । उसके आक्रमण का उद्देश्य भारत के खजाने को लौटना और लूटे गए धन का प्रयोग कर गजनी की सुंदरता में वृद्धि करना था। राजेन्द्र चोल , चोल वंश के शक्तिशाली राजाओं में से एक था। उसने श्री विजय साम्राज्य को पराजित किया और एक शक्तिशाली सेना खड़ी कर साम्राज्य को सशक्त बताया।


Q. 183887 भैरव का संबंध जिस देवता से है-


A. इंद्रा

B. शिव

C. विष्णु

D. ब्रह्मा

 

Right Answer is: B

SOLUTION

मध्यकाल के पूर्वार्द्ध में, कई लघु देवत और आदिवासीयों के देवताओं को प्रमुख देवताओं के साथ सम्बद्ध किया जाने लगा था। उदाहरण के लिए, जगन्नाथ भगवान को विष्णु के साथ सम्बद्ध किया गया इसी तरह, भैरव को भगवान शिव के साथ सम्बद्ध किया गया था।


Q. 183888 सोमनाथ मंदिर को जिसने नष्ट किया था -


A. औरंगजेब।

B. बलबन।

C. मुहम्मद बिन साम।

D. महमूद गजनी।

 

Right Answer is: D

SOLUTION

महमूद गजनी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किया था । उसके आक्रमण का उद्देश्य भारत के खजाने को लौटना और लूटे गए धन का प्रयोग कर गजनी की सुंदरता में वृद्धि करना था।  मंदिरों को विनष्ट करने के कारण उसे बुतशिकन की उपाधि प्राप्त थी। साथ ही उसे इस्लाम के महान नायक होने का श्रेय भी प्राप्त है।


Q. 183889 'बावलीयां' थीं -


A. ईंट के कुएं

B. झीलें

 

C. सीढ़ीदार कुएं

D. तालाब

Right Answer is: C

SOLUTION

आठवीं से तेरहवीं शताब्दी के बीच हर भवन  सीढ़ीदार कुंओं (बावली) से जुड़े होते थे। ये कुएं इस काल के भवनों की एक महत्वपूर्ण विशेषता बन गए थे।


Q. 183890 राजा राजराजदेव जिस देवता का उपासक था -


A. भगवान राजराजेश्वरम

B. भगवान शिव।

C. भगवान कृष्ण।

D. भगवान बुद्ध।

 

Right Answer is: A

SOLUTION

एक अभिलेख से इस बात का संकेत मिलता है कि  तंजावूर में राजराजेश्वर मंदिर का निर्माण राजा राजदेव ने अपने देवता राजराजेश्वरम की उपासना हेतु किया था।


Q. 183891 धम्मकित्ति था -


A. सिंहली राजा।

B. चालुक्य राजा।

C. बौद्ध भिक्षु।

D. चीनी यात्री।

Right Answer is: C

SOLUTION

इतिहासकार धम्मकित्ति ने पांडय राजा द्वारा श्री लंका पर आक्रमण का उल्लेख किया है । उन्होने उल्लेखित किया है कि अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के साथ पांडय राजा बुद्ध की सोने की मूर्ति भी ले गए थे। उन्होने आगे लिखा है कि अगले शासक सेन द्वितीय ने उसके सेनापति को पराजय का बदला लेने के लिए पांडयों की राजधानी मदुरै पर आक्रमण करने का आदेश दिया।


Q. 183892 चारूपल्लम गाँव जिसके समीप स्थित है -


A. तंजावूर

B. चेन्नई

C. मदुरै

D. कन्याकुमारी

Right Answer is: A

SOLUTION

वास्तुकारों ने मंदिर के शीर्ष तक भारी पत्थर पहुँचाने के लिए चढ़ाईदार रास्ता बनवाया जाता था । रोलरों द्वारा भारी पत्थरों को इस रास्ते से ऊपर ले जाया जाता था। आज भी मंदिर के  पास के एक गाँव को चारूपल्लम कहा जाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ है -चढ़ाईदार रास्ते का गाँव।


Q. 183893 शब्द हरमंदर साहब का प्रयोग जिसके लिए किया जाता है-


A. स्वर्ण मंदिर

B. सिस गंज गुरुद्वारा

C. बंगला साहिब

D. हेमकुंड साहिब

 

Right Answer is: A

SOLUTION

सिखों द्वारा हरमंदर साहब को पवित्र समझा जाता है क्योंकि सिख धर्म के सनातन गुरु श्री गुरु ग्रंथ साहिब सर्वदा यहाँ उपस्थित रहते हैं ।


Q. 183894 मुग़ल वंश का संस्थापक कौन था ?
Right Answer is:

SOLUTION

मुग़ल वंश का संस्थापक बाबर था |


Q. 183895 जजिया कर की समाप्ति किस मुग़लशासक द्वारा की गयी थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

सम्राट अकबर ने हिन्दुओं पर लगने वाला जजिया कर समाप्त कर दिया था


Q. 183896 पानीपत का प्रथम युद्ध कब हुआ था ?
Right Answer is:

SOLUTION

पानीपत का प्रथम युद्ध 1526 ईसवीं में लड़ा गया था।
 


Q. 183897 पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर की सफलता के क्या कारण थे?
Right Answer is:

SOLUTION

पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर की सफलता के लिए निम्नलिखित कारण उत्तरदायी थे:

1. मजबूत तोपखाना जो सैन्य युद्ध सामग्री में एक नई शुरूआत थी और एक सुप्रशिक्षित घुड़सवार सेना।

2  अच्छा रणकौशल- बाबर ने अपने सैनिकों की व्यवस्था इस तरह से की थी कि वे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँच सकते थे।


Q. 183898 बाबर और राजपूतों के बीच कौनसे दो युद्ध लड़े गए थे?
Right Answer is:

SOLUTION

बाबर और राजपूतों के बीच निम्न दो युद्ध लड़े गए थे जिसमें बाबर ने राजपूतों को पराजित किया था-

 

1. 1527 में खानवा के युद्ध में।

2. 1528 में चंदेरी के युद्ध में।

 


Q. 183899 पानीपत के प्रथम युद्ध के क्या परिणाम हुए थे?
Right Answer is:

SOLUTION

बाबर ने पानीपत के प्रथम युद्ध में इब्राहिम खान लोदी को पराजित किया। युद्ध में इब्राहिम और उसके 15,000 सैनिकों की मृत्यु हो गई। बाबर दिल्ली और हिंदुस्तान का सम्राट बन गया।


Q. 183900 शाहजहाँ के पुत्रों के नाम बताओं?
Right Answer is:

SOLUTION

शाहजहाँ के पुत्रों के नाम निम्न प्रकार है :- 
1. दाराशिकोह 
2. मुराद 
3. औरंगजेब 
4. शाहशुजा


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