CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 184201 अहोम कुल विखंडित क्यों हो गया था?
Right Answer is:

SOLUTION

मध्ययुगीन असम का अहोम साम्राज्य बेगार प्रणाली के एक प्रकार के रूप में पहचाने जाने वाली पाइक प्रणाली पर आधारित था पाइक राजा को अपनी प्रत्यक्ष सेवा प्रदान करते थे पाइक सेवा प्रणाली चक्रीय पद्धति पर आधारित होती थी।  प्रत्येक गांव को आवर्तनात्मक(चक्रीय) रूप में अनेक पाइक भेजने पड़ते थे लोग भारी आबादी वाले क्षेत्रों से कम आबादी वाले क्षेत्रों में स्थानांतरित हो गए थे जिसने अहोम कुलों के विखंडित होने का नेतृत्व किया


Q. 184202 'गोंड' कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

गोंड, गोंडवाना के विशाल जंगलों में निवास करने वाले जनजातीय लोग थे, वे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के वर्तमान राज्यों में बड़ी संख्या में पाए जाते थे

चौदहवीं सदी में गोंड मध्य भारत के कई हिस्सों में शासक वर्ग की भूमिका में थे, इस समय के दौरान कई छोटे गोंड राज्यों को गोंड वंश का निर्माण करने हेतु गोंड राजाओं द्वारा समेकित किया गया था, अकबर नामा में गढ़ कटंगा के गोंड राज्य जिसमें 70,000 गांव थे, का उल्लेख किया गया है


Q. 184203 अहोम राज्य का धर्म क्या था?
Right Answer is:

SOLUTION

मूलतः अहोम अपने स्वयं के आदिवासी देवताओं की आराधना करते थे, लेकिन शनैः - शनैः उन्होंने वैष्णव धर्म अपना लिया था जो ब्रह्मपुत्र घाटी में प्रचलित था राजा मंदिरों और ब्राह्मणों को भूमि दान में दिया करते थे, सिब सिंह (1714-1744) के शासनकाल में, हिंदू धर्म प्रमुख धर्म बन गया था, लेकिन अहोम राजाओं ने हिंदू धर्म अपनाने के बाद उनकी पारंपरिक मान्यताओं का पूर्ण रूप से त्याग नहीं किया था, एवं उन्होंने अपने पैतृक धर्म के संरक्षण द्वारा भी एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन बनाए रखा था


Q. 184204 जनजातिय समाज की मुख्य विशेषताएंक्या हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

जनजातिय समाज की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: 1. प्रत्येक जनजाति के सदस्य नातेदारी के बंधन से जुड़े होते थे 2. जनजातिय समाजों में पुरुषों और समूहों के बीच कोई पदानुक्रम नहीं होता है। 3. सशक्त, जटिल, औपचारिक संगठन जनजातिय समाजों में अनुपस्थित रहे हैं।

4. जनजातीय समहू, संयुक्त रूप से भूमि आरै चरागाहों पर नियंत्रण रखतेथेआरै अपनेखदु के बनाये नियमों के आधार पर परिवारों के बीच इनका बटँवारा करते थे।


Q. 184205 अहोम राज्य का धर्म क्या था?
Right Answer is:

SOLUTION

शुरुआत में अहोम लोग, अपने जनजातीय देवताओं की उपासना करते थे। लेकिन धीरे-धीरे, उन्होंने उस समय में ब्रह्मपुत्र घाटी में प्रचलित वैष्णव धर्म को अपनाया।

राजाओं द्वारा मंदिरों और ब्राह्मणों को भूमि अनुदान में दी गयी।सिब सिंह (1714-44)के काल में हिन्दू धर्म वहाँ का प्रधान धर्म बन गया था। लेकिन अहोम राजाओं ने हिन्दू धर्म को अपनाने के बाद अपनी पारंपरिक आस्थाओं को पूरी तरह से नहीं छोड़ा था और उनके पैतृक धर्म के संरक्षण के द्वारा एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन बनाये रखा।


Q. 184206 अहोम समाज के संदर्भ में 'खेल'शब्द से क्या तात्पर्य है?
Right Answer is:

SOLUTION

अहोम समाज, कुलों में विभाजित था, जिन्हें खलेकहा जाता था। वहाँ दस्तकारों की बहुत कम जातियाँ थीं। इसलिए, अहोम क्षेत्र में दस्तकार निकटवर्ती क्षेत्रों से आए थे। एक खेल के नियंत्रण में प्रायः कई गाँव होते थे। किसान को अपने ग्राम समुदाय के द्वारा जमीन दी जाती थी। समुदाय की सहमति के बगैर राजा तक इसे वापस नहीं ले सकता था।


Q. 184207 कैसे बड़े राज्यों के उदभव ने गोंड समाज के स्वरूप को परिवर्तित कर दिया था?
Right Answer is:

SOLUTION

गोंड समाज का स्वरूप बड़े राज्यों के उदभव के साथ परिवर्तित हो गया था-

1 इससे कबीले की पहचान कमजोर पड़ गई थी एवं गोंड समाज का असमान सामाजिक वर्गों में क्रमिक विभाजन हो गया था

2. ब्राह्मण समाज में एक प्रमुख वर्ग बन गया था क्योंकि उन्हें गोंड राजाओं से भूमि अनुदान के रूप में प्राप्त हुई थी

3 गोंड राजा, राजपूतों के रूप में मान्यता प्राप्त करने हेतु इच्छुक थे, उन्होंने राजपूतों के साथ वैवाहिक संबंध बनाने शुरू कर दिए


Q. 184208 अहोम कुल विखंडित क्यों हो गया था?
Right Answer is:

SOLUTION

मध्ययुगीन असम का अहोम साम्राज्य बेगार प्रणाली के एक प्रकार के रूप में पहचाने जाने वाली पाइक प्रणाली पर आधारित था पाइक राजा को अपनी प्रत्यक्ष सेवा प्रदान करते थे पाइक सेवा प्रणाली चक्रीय पद्धति पर आधारित होती थी।  प्रत्येक गांव को आवर्तनात्मक(चक्रीय) रूप में अनेक पाइक भेजने पड़ते थे लोग भारी आबादी वाले क्षेत्रों से कम आबादी वाले क्षेत्रों में स्थानांतरित हो गए थे जिसने अहोम कुलों के विखंडित होने का नेतृत्व किया


Q. 184209 'गोंड' कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

गोंड, गोंडवाना के विशाल जंगलों में निवास करने वाले जनजातीय लोग थे, वे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के वर्तमान राज्यों में बड़ी संख्या में पाए जाते थे

चौदहवीं सदी में गोंड मध्य भारत के कई हिस्सों में शासक वर्ग की भूमिका में थे, इस समय के दौरान कई छोटे गोंड राज्यों को गोंड वंश का निर्माण करने हेतु गोंड राजाओं द्वारा समेकित किया गया था, अकबर नामा में गढ़ कटंगा के गोंड राज्य जिसमें 70,000 गांव थे, का उल्लेख किया गया है


Q. 184210 अहोम राज्य का धर्म क्या था?
Right Answer is:

SOLUTION

मूलतः अहोम अपने स्वयं के आदिवासी देवताओं की आराधना करते थे, लेकिन शनैः - शनैः उन्होंने वैष्णव धर्म अपना लिया था जो ब्रह्मपुत्र घाटी में प्रचलित था राजा मंदिरों और ब्राह्मणों को भूमि दान में दिया करते थे, सिब सिंह (1714-1744) के शासनकाल में, हिंदू धर्म प्रमुख धर्म बन गया था, लेकिन अहोम राजाओं ने हिंदू धर्म अपनाने के बाद उनकी पारंपरिक मान्यताओं का पूर्ण रूप से त्याग नहीं किया था, एवं उन्होंने अपने पैतृक धर्म के संरक्षण द्वारा भी एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन बनाए रखा था


Q. 184211 यह एक गोंड महिला का चित्र है। इस चित्र से संबंधित निम्न प्रश्नों के उत्तर दें: 1.गोंड जनजाति के लोग कहाँ रहते थे? 2. अकबरनामा में किस गोंड राज्य का जिक्र हुआ है? 3. किस गोंड राजा को ‘संग्राम शाह’ का ख़िताब मिला? 4. गढ़ कटंगा को एक समृद्ध राज्य क्यों माना गया?
Right Answer is:

SOLUTION

1. गोंड लोग गोंडवाना नामक विशाल वनप्रदेश में रहते थे।

2. अकबरनामा में गढ़ कटंगा नामक गोंड राज्य का जिक्र हुआ है।
3. अमन दास, गढ़ कटंगा के राजा, को ‘संग्राम शाह’ का ख़िताब मिला।
4. गढ़ कटंगा एक समृद्ध राज्य था। इसनेहाथियों को पकडऩेआरै दसूरे राज्यों में उनका नियार्त करने के व्यापार में ख़ासा धन कमाया।


Q. 184212 निम्नलिखित गद्य को पढ़ें और निचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर दें: सत्रहवी सदी के आरम्भ में भारत आनेवाले एक अंग्रेज़ व्यापारी, पीटर मंडी, ने बंजारों का वर्णन इस तरह कियाः सुबह हमारी मुलाक़ात बंजारों की एक टांडा से हुई जिसमें 14,000 बैल थे।सारे पशु गेहूं और चावल जैसे अनाजों से लदे हुए थे। ये बंजारे लोग अपनी पूरी घर-गृहस्थी– बीवी और बच्चे– अपने साथ लेकर चलते हैं। एक टांडा में कई परिवार होते हैं। उनकी जीवनशैली उन भारवाहकों से मिलती-जुलती है जो लगातार एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते हैं।गाय-बैल उनके अपने होते हैं। कई बार वे सौदागरों के द्वारा भाड़े पर नियुक्त किये जाते हैं, लेकिन ज्यादातर वे खुद सौदागर होते हैं।अनाज जहाँ सस्ता उपलब्ध है वहाँ से वे खरीदते हैं आरै उस जगह ले जाते हैं जहाँ वह महँगा हो। वहाँ से वे फिर ऎसी चीज़ें लाद लेते हैं जो किसी आरै जगह मुनाफे के साथ बेची जा सकती है।टांडा में छह से सात सौ तक लोग हो सकते हैं।वे एक दिन में 6 या 7 मील से ज्यादा सफ़र नहीं करते-यहाँ तक कि ठन्डे मासैम में भी। अपने गाय-बैलों पर सेसामान उतारने के बाद वे उन्हें चरने के लिए खुला छोड़ देते हैं, क्योंकि यहाँ जमीन पर्याप्त है और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं। 1. बंजारे कौन थे? 2. उनकी आजीविका के स्रोत क्या थे? 3. सुल्तान अलाउद्दीन ख़लजीद्वारा बंजारों को काम पर क्यों रखा गया?
Right Answer is:

SOLUTION

1. बंजारे सबसे महत्वपूर्ण व्यापारी खानाबदोश थे।उनकी जीवनशैली उन भारवाहकों से मिलती-जुलती है जो लगातार एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते थे

2. बंजारों को कई बार सौदागरों के द्वारा भाड़े पर नियुक्त किया जाता है, लेकिन ज्यादातर वे खुद सौदागर होते हैं।अनाज जहाँ सस्ता उपलब्ध है वहाँ से वे खरीदते हैं आरै उस जगह  ले जाते हैं जहाँ वह महँगा हो।
3. सलुतान अलाउद्दीन ख़लजी बंजारों का इस्तेमाल नगर के बाजारों तक अनाज की ढुलाई के लिए करते थे।


Q. 184213 मध्यकालीन भारत में खानाबदोश चरवाहे अपनी जीविका कैसे कमाते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

खानाबदोश चरवाहे अपने जानवरों के साथ एक जगह से दूसरी जगह की लंबी दूरी पैदल चलके तय करते थे।वे दूध और अन्य पशुचारी उत्पादों पर आश्रित रहते थे।वे खेती पर आश्रित परिवारों से अनाज, कपड़ा, बर्तन, आदि चीजों के बदले ऊन, घी, इत्यादि प्राप्त करते थे। एक जगह से दूसरी जगह जाते वक़्त वे अपना ये सामान जानवरों पर लाध देते थे और इनकी खरीद-फरोख्त भी करते थे।कई पशचुारी जनजातियां मवेशी और घोड़ों जैसे जानवरों का पालन-पोसन करके इन्हें संपन्न लोगों के हाथ बेचने का काम करती थीं। छोटे-मोटे फेरीवालों की विभिन्न जातियां भी एक गाँव से दुसरे गाँव भ्रमण करती थीं।ये लोग रस्सी, सरकंडे की बनी चीज़ें, फूस की चटाई और मोटे बोरे जैसे माल बनाते और बेचते थे। कभ-कभी भिक्षुक लोग भी घुमंतू सौदागरों का काम करते थे।नर्तकों, गायकों और तमाशबीनों की भी जातियां थीं जो विभिन्न गांवों और नगरों में कमाई के लिए अपनी कला का प्रदर्शन करती थीं।


Q. 184214 पलया और पनार थे...


A. ब्राह्मण।

B. क्षत्रिय।

C. अस्पृश्य

D. वैश्य।

Right Answer is: C

SOLUTION

दक्षिण में भक्ति आंदोलन का नेतृत्व अधिकतर निम्न जाति के लोगों द्वारा किया गया था। उन्होने शिव के प्रति समर्पण को मुक्ति का मार्ग बताया।वे बोद्ध और जैनों के कटु आलोचक थे।


Q. 184215 भक्ति गीतों में सूरदास द्वारा प्रयुक्त भाषा थी-


A. हिंदी।

B. मैथिली।

C. अवधी।

D. ब्रज भाषा।

Right Answer is: A

SOLUTION

सूरदास भगवान कृष्ण और राधा के भक्त थे। वह एक संत और कवि थे। उनके कार्यों और  और कविताओं ने भक्ति के मार्ग का अनुसरण करने हेतु प्रोत्साहित लोगों पर जबरदस्त प्रभाव डाला। उनके भक्ति गीत अवधी में लिखे गए थे।


Q. 184216 शब्द 'माया' से शंकर का अभिप्राय था......


A. मोह माया।

B. भक्ति भाव।

C. देवी।

D. धन

Right Answer is: A

SOLUTION

शंकर ने हमारे चारों ओर के संसार को मिथ्या या माया माना और संसार का परित्याग करने अर्थात् संन्यास लेने और ब्रह्मा की सही प्रकृति को समझने और मोक्ष प्राप्त करने के लिए ज्ञान के मार्ग को अपनाने का उपदेश दिया।


Q. 184217 अलवार कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

भगवान विष्णु के प्रति समर्पित संन्यासी को अलवार कहा जाता था, भिन्न जाति पृष्ठभूमि से संबंधित 12 अलवार थे


Q. 184218 गुरुमुखी लिपि के विचार की कल्पना किसने की थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

गुरुमुखी लिपि के विचार की कल्पना पहले सिख गुरु, गुरु नानक द्वारा 16 वीं सदी के दौरान की गई थी एवं दूसरे सिख गुरु, गुरू अंगद द्वारा इसे लोकप्रिय बनाया गया था गुरुमुखी नाम का अर्थ "गुरु के मुँह से" होता है


Q. 184219 गुरु नानक ने अपनी मृत्यु से पहले उनके उत्तराधिकारी के रूप में किसे नियुक्त किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

गुरु नानक ने अपनी मृत्यु से पूर्व उनके अनुयायीयों में से एक अनुयायी लहना को उनके उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया था बाद में लहना गुरू अंगद के रूप में पहचाने जाने लगे और स्वयं को गुरु नानक के अंश के रूप में प्रस्तुत किया


Q. 184220 सूरसागर,सूरसरावली और साहित्य लहरी को किसने संकलित किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

सूरसागर,सूरसरावली और साहित्य लहरी को सूरदास द्वारा संकलित किया गया था, जो भगवान कृष्ण को समर्पित अपने भक्ति गीतों के लिए जाने जाते हैं


Q. 184221 रामचरितमानस किसने लिखी थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

तुलसीदास जी ने अवधी भाषा में रामचरितमानस की रचना की थी जो कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बोली जाती थी


Q. 184222 जलालुद्दीन रूमी कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

जलालुद्दीन रूमी एक 13 वीं सदी के फारसी कवि और सूफी फकीर थे, वह ताजिकिस्तान में धर्मशास्त्रियों के एक विद्वान परिवार में जन्में थे ईश्वर का परम प्रेम रूमी की शायरी में अंतर्निहित एक सामान्य विचार है


Q. 184223 दरगाह क्या होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

दरगाह एक सूफी संत के मकबरे के ऊपर निर्मित एक सूफी दरगाह होती है कई मुसलमानों का मानना है कि दरगाह एक प्रवेशद्वार होता है, जिसके माध्यम से वे मृतक संत के आशीर्वाद को प्राप्त कर सकते हैं


Q. 184224 मध्य एशिया के महान सूफी कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

मध्य एशिया के महान सूफी ग़ज़्ज़ली, रूमी और सादी थे


Q. 184225 कुछ प्रसिद्ध नयनारों के नाम बताइये ।
Right Answer is:

SOLUTION

अप्पार, सुन्दरर, सम्बन्दर और मणिक्कवसगर कुछ प्रसिद्ध नयनार संत थे


Q. 184226 नयनारों की पेशेवर पृष्ठभूमि क्या थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

63 नयनार संत थे, वे विभिन्न जाति पृष्ठभूमि और व्यवसायों से आये थे उनमें से कुछ कुम्हार, किसान, शिकारी, सैनिक, ब्राह्मण और मुख्याधिकारी थे


Q. 184227 अलवार कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

भगवान विष्णु के प्रति समर्पित संन्यासी को अलवार कहा जाता था, भिन्न जाति पृष्ठभूमि से संबंधित 12 अलवार थे


Q. 184228 गुरुमुखी लिपि के विचार की कल्पना किसने की थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

गुरुमुखी लिपि के विचार की कल्पना पहले सिख गुरु, गुरु नानक द्वारा 16 वीं सदी के दौरान की गई थी एवं दूसरे सिख गुरु, गुरू अंगद द्वारा इसे लोकप्रिय बनाया गया था गुरुमुखी नाम का अर्थ "गुरु के मुँह से" होता है


Q. 184229 गुरु नानक ने अपनी मृत्यु से पहले उनके उत्तराधिकारी के रूप में किसे नियुक्त किया था?
Right Answer is:

SOLUTION

गुरु नानक ने अपनी मृत्यु से पूर्व उनके अनुयायियो में से एक अनुयायी लहना को उनके उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया था बाद में लहना गुरू अंगद के रूप में पहचाने जाने लगे और स्वयं को गुरु नानक के अंश के रूप में प्रस्तुत किया

 


Q. 184230 सूरसागर,सूरसरावली और साहित्य लहरी को किसने संकलित किया था?
Right Answer is:

SOLUTION

सूरसागर,सूरसरावली और साहित्य लहरी को सूरदास द्वारा संकलित किया गया था, जो भगवान कृष्ण को समर्पित अपने भक्ति गीतों के लिए जाने जाते हैं


Q. 184231 रामचरितमानस किसने लिखी थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

तुलसीदास जी ने अवधी भाषा में रामचरितमानस की रचना की थी जो कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बोली जाती थी


Q. 184232 जलालुद्दीन रूमी कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

जलालुद्दीन रूमी एक 13 वीं सदी के फारसी कवि और सूफी फकीर थे वह ताजिकिस्तान में धर्मशास्त्रियों के एक विद्वान परिवार में जन्में थे ईश्वर का परम प्रेम रूमी की शायरी में अंतर्निहित एक सामान्य विचार है


Q. 184233 दरगाह क्या होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

दरगाह एक सूफी संत के मकबरे के ऊपर निर्मित एक सूफी दरगाह होती है कई मुसलमानों का मानना है कि दरगाह एक प्रवेशद्वार होता है जिसके माध्यम से वे मृतक संत के आशीर्वाद को प्राप्त कर सकते हैं


Q. 184234 यह एक गोंड महिला का चित्र है। इस चित्र से संबंधित निम्न प्रश्नों के उत्तर दें: 1.गोंड जनजाति के लोग कहाँ रहते थे? 2. अकबरनामा में किस गोंड राज्य का जिक्र हुआ है? 3. किस गोंड राजा को ‘संग्राम शाह’ का ख़िताब मिला? 4. गढ़ कटंगा को एक समृद्ध राज्य क्यों माना गया?
Right Answer is:

SOLUTION

1. गोंड लोग गोंडवाना नामक विशाल वनप्रदेश में रहते थे।

2. अकबरनामा में गढ़ कटंगा नामक गोंड राज्य का जिक्र हुआ है।
3. अमन दास, गढ़ कटंगा के राजा, को ‘संग्राम शाह’ का ख़िताब मिला।
4. गढ़ कटंगा एक समृद्ध राज्य था। इसनेहाथियों को पकडऩेआरै दसूरे राज्यों में उनका नियार्त करने के व्यापार में ख़ासा धन कमाया।


Q. 184235 निम्नलिखित गद्य को पढ़ें और निचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर दें: सत्रहवी सदी के आरम्भ में भारत आनेवाले एक अंग्रेज़ व्यापारी, पीटर मंडी, ने बंजारों का वर्णन इस तरह कियाः सुबह हमारी मुलाक़ात बंजारों की एक टांडा से हुई जिसमें 14,000 बैल थे।सारे पशु गेहूं और चावल जैसे अनाजों से लदे हुए थे। ये बंजारे लोग अपनी पूरी घर-गृहस्थी– बीवी और बच्चे– अपने साथ लेकर चलते हैं। एक टांडा में कई परिवार होते हैं। उनकी जीवनशैली उन भारवाहकों से मिलती-जुलती है जो लगातार एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते हैं।गाय-बैल उनके अपने होते हैं। कई बार वे सौदागरों के द्वारा भाड़े पर नियुक्त किये जाते हैं, लेकिन ज्यादातर वे खुद सौदागर होते हैं।अनाज जहाँ सस्ता उपलब्ध है वहाँ से वे खरीदते हैं आरै उस जगह ले जाते हैं जहाँ वह महँगा हो। वहाँ से वे फिर ऎसी चीज़ें लाद लेते हैं जो किसी आरै जगह मुनाफे के साथ बेची जा सकती है।टांडा में छह से सात सौ तक लोग हो सकते हैं।वे एक दिन में 6 या 7 मील से ज्यादा सफ़र नहीं करते-यहाँ तक कि ठन्डे मासैम में भी। अपने गाय-बैलों पर सेसामान उतारने के बाद वे उन्हें चरने के लिए खुला छोड़ देते हैं, क्योंकि यहाँ जमीन पर्याप्त है और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं। 1. बंजारे कौन थे? 2. उनकी आजीविका के स्रोत क्या थे? 3. सुल्तान अलाउद्दीन ख़लजीद्वारा बंजारों को काम पर क्यों रखा गया?
Right Answer is:

SOLUTION

1. बंजारे सबसे महत्वपूर्ण व्यापारी खानाबदोश थे।उनकी जीवनशैली उन भारवाहकों से मिलती-जुलती है जो लगातार एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते थे

2. बंजारों को कई बार सौदागरों के द्वारा भाड़े पर नियुक्त किया जाता है, लेकिन ज्यादातर वे खुद सौदागर होते हैं।अनाज जहाँ सस्ता उपलब्ध है वहाँ से वे खरीदते हैं आरै उस जगह  ले जाते हैं जहाँ वह महँगा हो।
3. सलुतान अलाउद्दीन ख़लजी बंजारों का इस्तेमाल नगर के बाजारों तक अनाज की ढुलाई के लिए करते थे।


Q. 184236 मध्यकालीन भारत में खानाबदोश चरवाहे अपनी जीविका कैसे कमाते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

खानाबदोश चरवाहे अपने जानवरों के साथ एक जगह से दूसरी जगह की लंबी दूरी पैदल चलके तय करते थे।वे दूध और अन्य पशुचारी उत्पादों पर आश्रित रहते थे।वे खेती पर आश्रित परिवारों से अनाज, कपड़ा, बर्तन, आदि चीजों के बदले ऊन, घी, इत्यादि प्राप्त करते थे। एक जगह से दूसरी जगह जाते वक़्त वे अपना ये सामान जानवरों पर लाध देते थे और इनकी खरीद-फरोख्त भी करते थे।कई पशचुारी जनजातियां मवेशी और घोड़ों जैसे जानवरों का पालन-पोसन करके इन्हें संपन्न लोगों के हाथ बेचने का काम करती थीं। छोटे-मोटे फेरीवालों की विभिन्न जातियां भी एक गाँव से दुसरे गाँव भ्रमण करती थीं।ये लोग रस्सी, सरकंडे की बनी चीज़ें, फूस की चटाई और मोटे बोरे जैसे माल बनाते और बेचते थे। कभ-कभी भिक्षुक लोग भी घुमंतू सौदागरों का काम करते थे।नर्तकों, गायकों और तमाशबीनों की भी जातियां थीं जो विभिन्न गांवों और नगरों में कमाई के लिए अपनी कला का प्रदर्शन करती थीं।


Q. 184237 सूफी संत जहां पर उनकी सभाओं का आयोजन करते थे-


A. सिलसिला।

B. ज़िक्र।

C. दरगाह।

D. ख़ानक़ाह।

Right Answer is: D

SOLUTION

खानकाह आश्रम की तरह होते थे। यहाँ सूफी संत उनके शिष्यों के साथ रहते थे। यह वो स्थान होता था जहाँ सूफी धर्मगुरु उनकी सभाओं का आयोजन करते थे। शाही और कुलीन समूहों के सदस्यों, और आम लोगों सहित सभी तरह के भक्तगण यहाँ एकत्र होते थे, वे आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा करते थे और संतों का आशीर्वाद प्राप्त करते थे ।


Q. 184238 लंगर है-


A. सार्वजनिक रसोईघर।

B. सार्वजनिक पूजा केंद्र।

C. सार्वजनिक धार्मिक दर्शन

D. सार्वजनिक सिख साहित्य।

Right Answer is: A

SOLUTION

गुरुनानक ने जाति पर आधारित भेदभाव को मिटाने के क्रम में इस प्रणाली को शुरू किया था। उनके अनुयायी अपने-अपने पहले धर्म या जाति अथवा लिंग-भेद को नज़रअंदाज़ करके एक सांझी रसोई में इकट्ठे खाते-पीते थे। इसे ‘लंगर’ कहा जाता था।


Q. 184239 बाइबिल का जर्मन भाषा में अनुवाद किया था ...


A. मार्टिन लूथर किंग।

B. जॉन केल्विन।

C. ज्विन्गली।

D. मार्टिन लूथर।

Right Answer is: D

SOLUTION

मार्टिन लूथर एक जर्मन पादरी थे। उन्होंने विभिन्न ऐसी प्रथाओं जो ईसाई धर्म का अंग बन चुकी थी किन्तु जिनका बाइबिल में कहीं भी उल्लेख नहीं था के विरुद्ध उंगली उठाई। उन्होंने इन प्रथाओं के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया।


Q. 184240 सोलहवीं शताब्दी के भक्तिसंत चैतन्यदेव कहाँ से संबन्धित थे ...


A. बंगाल।

B. तमिलनाडु।

C. कर्नाटक।

D. महाराष्ट्र।

Right Answer is: A

SOLUTION

चैतन्यदेव, सोलहवीं शताब्दी के बंगाल के एक भक्ति संत थे। इन्होंने कृष्ण-राधा के प्रति नि: स्वार्थ भक्ति-भाव का उपदेश दिया।


Q. 184241 तमिल साहित्य का प्राचीनतम रूप कहलाता है -


A. संगम साहित्य।

B. पाली साहित्य।

C. संस्कृत साहित्य।

D. ब्राह्मण साहित्य।

Right Answer is: A

SOLUTION

संगम साहित्य की रचना पांडय राजाओं की राजधानी मदुरै में आयोजीत तीन संगम में की गयी थी। कई महत्वपूर्ण ग्रंथों इन संगम में बना रहे थे। इन संगम में मणीमेखलई , सिलापदिकरम आदि जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना हुई थी।


Q. 184242 जलालुद्दीन रूमी द्वारा जिस भाषा का प्रयोग किया गया था-


A. हिंदी

B. फ़ारसी

C. उर्दू

D. मलयालम

Right Answer is: B

SOLUTION

जलालुद्दीन रूमी तेरहवीं सदी का महान सूफी शायर था। वह ईरान का रहने वाला था और उसने फारसी में काव्य रचना की।


Q. 184243 मीराबाई जिसकी शिष्या थीं ...


A. रविदास

B. दादू

C. एकनाथ

D. माणिक्कवसागार

Right Answer is: A

SOLUTION

मीराबाई, रविदास, जो ‘अस्पृश्य’जाति के माने जाते थे, की अनुयायी बन गईं थी। इससे यह ज्ञात होता है कि मीराबाई ने जाति प्रथा की कठोरता का बहिष्कार कर दिया था।


Q. 184244 महाराष्ट्र के संत जिसकी उपासना करते थे-


A. कृष्ण।

B. शिव।

C. विट्ठल

D. गणेश

Right Answer is: C

SOLUTION

विठल या विट्ठल या विठोबा या पांडुरंग (कृष्णा का एक रूप) की पश्चिम और दक्षिण भारत के कुछ मंदिरों में पूजा की जाती है। विट्ठल का मंदिर महाराष्ट्र के पंढरपुर में स्थित है। यह नदी भीमरथी नदी जो चंद्रभागा के रूप में भी जानी जाती है, के तट पर स्थित सोलापुर के 65कीमी पश्चिम में स्थित है।


Q. 184245 रामानुज जिसके भक्त थे…


A. भगवान राम।

B. भगवान शिव।

C. भगवान विष्णु।

D. भगवान कृष्ण।

Right Answer is: C

SOLUTION

रामानुज ग्यारहवीं शताब्दी में तमिलनाडु में पैदा हुए थे। वे अलवार संतों से बहुत प्रभावित थे। उनके अनुसार मोक्ष प्राप्त करने का सर्वोत्तम उपाय विष्णु के प्रति अनन्य भक्ति भाव रखना था।


Q. 184246 तेवराम थे-


A. परमेश्वर।

B. गीतों का संकलन।

C. प्रांत।

D. कवि संत।

Right Answer is: B

SOLUTION

तेवराम, दक्षिण भारत के नयनार संतों द्वारा रचित गीतों का संकलन है। नयनार संतों की संख्या 63 थी, जो अलग-अलग समुदायों के थे थे। इन संतों द्वारा रचित गीतों के दो संकलन हैं-तेवरम् और तिरुवाचकम्।


Q. 184247 अलवर जिस ईश्वर के उपासक थे-


A. विष्णु

B. शिव

C. ब्रह्मा

D. वरुण

Right Answer is: A

SOLUTION

अलवार दक्षिण भारत के संत थे। भगवान विष्णु के प्रति समर्पित संन्यासी को अलवार कहा जाता था, भिन्न जाति पृष्ठभूमि से संबंधित 12 अलवार थे।


Q. 184248 'नामघर' की स्थापना करने की प्रथा की शुरुआत किसके द्वारा की गयी थी...


A. शंकरदेव

B. सूरदास

C. तुलसीदास

D. कालीदास

Right Answer is: A

SOLUTION

शंकरदेव ने विष्णु की भक्ति पर बल दिया और असमिया भाषा में कविताएँ तथा नाटक लिखे। उन्होंने ही ‘नामघर’ अथवा कविता पाठ और प्रार्थना गृह स्थापित करने की पद्धति चलाई, जो आज तक चल रही है।


Q. 184249 तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना जिस भाषा में की थी-


A. संस्कृत भाषा।

B. प्राकृत भाषा।

C. पाली भाषा।

D. अवधी भाषा।

 

Right Answer is: D

SOLUTION

गोस्वामी तुलसीदास (1532-1623) द्वारा 16 वीं सदी में रचित श्री रामचरितमानस एक महाकाव्य है। रामचरितमानस का मूल विषय संस्कृत महाकाव्य रामायण में अयोध्या के युवराज श्री राम से संबन्धित घटनाओं की व्याख्या करने वाली एक पुनर्गाथा है।


Q. 184250 सूफी थे-


A. मुस्लिम रहस्यवादी

B. हिन्दू रहस्यवादी

C. योगी

D. नाथपंति

Right Answer is: A

SOLUTION

सूफियों ने धर्म के बाहरी आडंबरों को अस्वीकार करते हुए ईश्वर के प्रति प्रेम और भक्ति तथा सभी मनुष्यों के प्रति दयाभाव रखने पर बल दिया था।


Q. 184251 भक्ति नेता शंकरदेव ने जिस क्षेत्रीय भाषा को लोकप्रिय बनाया था...


A. बंगाली।

B. ब्रज भाषा

C. असमिया।

D. अवधी।

Right Answer is: C

SOLUTION

शंकरदेव आसाम के महान धार्मिक सुधारक थे जिंहोने ब्रह्मपुत्र की घाटियों में भक्ति संप्रदाय की शुरुआत की थी। उन्होने असमिया भाषा में कविताएँ तथा नाटक लिखे।


Q. 184252 सक्कूबाई और जनेश्वर का संबंध था-


A. बिहार।

B. महाराष्ट्र।

C. दिल्ली।

D. पंजाब।

Right Answer is: B

SOLUTION

महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में संत कवि हुए थे जिनके सरल मराठी भाषा में गीत आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं ।


Q. 184253 मध्यकालीन हिंदू समाज पर भक्ति आंदोलन का सर्वाधिक व्यापक सामाजिक प्रभाव था-


A. उच्च और निम्न जातियों के मध्य समानता।

B. अंधविश्वास का उन्मूलन।

C. सामाजिक संस्थाओं का पुनर्निर्माण।

D. ब्राह्मणों की श्रेष्ठता में गिरावट।

Right Answer is: A

SOLUTION

भक्ति आंदोलन ने भारतीय समाज पर गहरा प्रभाव डाला था। भक्ति आंदोलन के नेताओं ने  मानव जाति को सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश दिया। इसने कुछ हद तक जाति व्यवस्था के बंधन ढीले कर दिए थे।


Q. 184254 सातवीं और नौवीं सदियों के दौरान नए धार्मिक आंदोलनों के उदभव के बारे में लिखिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

सातवीं और नौवीं सदियों के दौरान नए धार्मिक आंदोलनों का उदभव हुआ जिसका नेतृत्व नयनार एवं अलवार संतों ने किया था ये धार्मिक नेता पुलैयर और पानर जैसी अछूत जातियों सहित भिन्न जातियों से सम्बंधित थे


Q. 184255 इस अवधि के दौरान लोग बौद्ध धर्म और जैन धर्म की ओर प्रवृत क्यों हुए थे ?
Right Answer is:

SOLUTION

बहुत से लोग मनुष्य के जन्मजात कुलीन और उच्च जाति से होने की धारणा से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए अधिकाँश लोगों ने बौद्ध धर्म और जैन धर्म का अनुसरण करना आरम्भ कर दिया था, बाद शुरू कर दिया यही कारण है कि था, इन दोनों धर्मों ने इस धारणा पर काबू पाने में उनकी सहायता की


Q. 184256 धर्मसाल क्या थे?
Right Answer is:

SOLUTION

स्थान जहाँ पर सिख धार्मिक मण्डली और गुरु नानक के अनुयायियों के धार्मिक समारोह आयोजित किये जाते थे, धर्मसाल कहलाते थे, यहाँ पर निर्धनों को भोजन भी कराया जाता था, अंततः हर सिख घर एक धर्मशाला बन गया था, अब यह गुरुद्वारा के रूप में जाना जाता है


Q. 184257 सूफि कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

सूफी मुसलमान फकीर थे, उन्होंने जावक धार्मिकता को अस्वीकृत कर दिया और ईश्वर के प्रति प्रेम और भक्ति एवं सभी साथी मनुष्यों के प्रति दया रखने पर बल दिया, उन्होंने विस्तृत रस्मों और मुस्लिम धार्मिक विद्वानों द्वारा मांगी जाने वाली आचार संहिता की निंदा की, उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने वाली कविताओं की भी रचना की


Q. 184258 गुरू अर्जुन की ह्त्या का आदेश किसने और क्यों दिया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

मुगल बादशाह जहांगीर ने गुरू अर्जुन देव की ह्त्या का आदेश दिया था, सत्रहवीं सदी की शुरुआत तक, रामदासपुर (अमृतसर) का शहर गुरुद्वारा के आसपास विकसित हो चूका था जिसे हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) भी कहा जाता है, यह एक स्वशासी राज्य की तरह था, मुगल सम्राट ने इस विकास को अपने शासन के खिलाफ एक संभावित खतरे के रूप में देखा, अतः उसने ह्त्या का आदेश दे दिया


Q. 184259 खानकाह क्या थे ?
Right Answer is:

SOLUTION

खानकाह आश्रम की तरह होते थे यह वो स्थान होता था जहाँ सूफी धर्मगुरु उनकी सभाओं का आयोजन करते थेशाही और कुलीन समूहों के सदस्यों, और आम लोगों सहित सभी तरह के भक्तगण यहाँ एकत्र होते थे, वे आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा करते थे और संतों का आशीर्वाद प्राप्त करते थे


Q. 184260 नाथपंथी, सिद्ध और योगियों पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

अनेक धार्मिक समूहों ने रस्मों और पारंपरिक धर्म के अन्य पहलुओं की आलोचना की और सरल तार्किक तर्क का उपयोग कर सामाजिक व्यवस्था का प्रचार किया, उन्होंने संसार का त्याग करने की वकालत की मोक्ष प्राप्त करने के लिए, उन्होंने योगासन जैसे अभ्यास के माध्यम से मन और शरीर के गहन प्रशिक्षण की वकालत कीवे शीघ्र ही उत्तर भारत में निम्न जातियों के बीच लोकप्रिय हो गए


Q. 184261 महाराष्ट्र के संतों ने क्या शिक्षाएं दीं?
Right Answer is:

SOLUTION

महाराष्ट्र के संतशक्तिशाली और मुखर थे।वेसभी सामाजिक वर्गों से थे। इनकी भक्ति पंढरपुर के विठ्ठल (विष्णु भगवान का एक रूप) पर केन्द्रित थी जिन्हें वो कृष्ण का अवतार मानते थे।इनकी भक्ति जन-मन के ह्रदय में विराजमान व्यक्तिगत देव सम्बन्धी विचारों पर आधारित थी

इन सतं-कवियों नेसभी प्रकार के कर्मकांडो, पवित्रता के ढोंगों और जन्म पर आधारित सामाजिक अंतरों का विरोध किया। यहाँतक कि उन्होंने सन्ंयास के विचारे को भी ठकुरा दिया आरै किसी भी अन्य व्यक्ति की तरह रोजी-रोटी कमाते हुए परिवार के साथ रहने और विनमत्रापवूर्क जरूरतमंद लोगों की सवेा करते हुए जीवन बिताने को अधिक पसदं किया।


Q. 184262 सिलसिला क्या थे?
Right Answer is:

SOLUTION

सूफी सिलसिलाहालांकि किसी विशेष संप्रदाय से नहीं थे।

सूफी सिलसिले इसलिए पले-बड़े क्योंकि लोग शेखों या मुर्शिदो (धार्मिक गुरु) के पास आध्यात्मिक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के लिए जाने लगे

सूफ़ी यही मानतेथेकि दुनिया के प्रति अलग नज़रिया अपनाने के लिए दिल को सिखाया-पढा़या जा सकता है।उन्होंने किसी औलिया या पीर की देख-रेख में ज़िक्र(नाम का जाप), चितंन, समा (गाना), रक्स (नृत्य), नीति-चर्चा, सासँ पर नियंत्रण आदि के ज़रिये प्रशिक्षण की कई रीतियों का विकास किया। इस पक्रार सूफ़ी उस्तादों की पीढ़ियों, सिलसिला फैलने लगा।


Q. 184263 सूफ़ी कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

सूफी मुसलमान फकीर थे उन्होंने जावक धार्मिकता को अस्वीकृत कर दिया और ईश्वर के प्रति प्रेम और भक्ति एवं सभी साथी मनुष्यों के प्रति दया रखने पर बल दिया उन्होंने विस्तृत रस्मों और मुस्लिम धार्मिक विद्वानों द्वारा मांगी जाने वाली आचार संहिता की निंदा की उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने वाली कविताओं की भी रचना की


Q. 184264 गुरू अर्जुन की ह्त्या का आदेश किसने और क्यों दिया था?
Right Answer is:

SOLUTION

मुगल बादशाह जहांगीर ने गुरू अर्जुन देव की ह्त्या का आदेश दिया था सत्रहवीं सदी की शुरुआत तक, रामदासपुर (अमृतसर) का शहर गुरुद्वारा के आसपास विकसित हो चूका था जिसे हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) भी कहा जाता है यह एक स्वशासी राज्य की तरह था मुगल सम्राट ने इस विकास को अपने शासन के खिलाफ एक संभावित खतरे के रूप में देखा अतः उसने ह्त्या का आदेश दे दिया


Q. 184265 खानकाह क्या थे?
Right Answer is:

SOLUTION

खानकाह आश्रम की तरह होते थे यह वो स्थान होता था जहाँ सूफी धर्मगुरु उनकी सभाओं का आयोजन करते थेशाही और कुलीन समूहों के सदस्यों और आम लोगों सहित सभी तरह के भक्तगण यहाँ एकत्र होते थे, वे आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा करते थे और संतों का आशीर्वाद प्राप्त करते थे

 


Q. 184266 नाथपंथी, सिद्ध और योगियों पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

अनेक धार्मिक समूहों ने रस्मों और पारंपरिक धर्म के अन्य पहलुओं की आलोचना की और सरल तार्किक तर्क का उपयोग कर सामाजिक व्यवस्था का प्रचार किया उन्होंने संसार का त्याग करने की वकालत की मोक्ष प्राप्त करने के लिए उन्होंने योगासन जैसे अभ्यास के माध्यम से मन और शरीर के गहन प्रशिक्षण की वकालत कीवे शीघ्र ही उत्तर भारत में निम्न जातियों के बीच लोकप्रिय हो गए


Q. 184267 धार्मिक महानुभावों से चर्चा करते बाबा गुरु नानक,जब वे युवक थे। गुरु नानक से संबंधित निम्न प्रश्नों के उत्तर दें: 1. बाबा गुरु नानक का जन्म कहाँ हुआ था? 2. अपने उत्तराधिकारी के रूप में गुरु नानक ने किसे नियुक्त किया? 3. बाबा गुरु नानक का निधन कब हुआ? 4. बाबा गुरु नानक ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में किसे नियुक्त किया? [1+1+1+ 2=5]
Right Answer is:

SOLUTION

1. बाबा गुरु नानक तलवंडी (अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब) में 1469 में पैदा हुए थे। 2. गुरु नानक ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में अपने  अनुयायियों में से एक को नियुक्त किया। उसका नाम लहना था, लेकिन वह गुरू अंगद के नाम से जाना गया, जिसका महत्त्व यह था कि वह बाबा गुरु नानक के ही अंग माने गए। 3. बाबा गुरु नानक का निधन 1539  में हुआ। 4.अपनी मृत्यु से पहले, गुरु नानक ने लहना नाम के अपने एक अनुयायी को उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया।


Q. 184268 यह मार्टिन लूथर द्वारा अनुवादितजर्मन बाइबल का शीर्षक पृष्ठ है। निम्नलिखित प्रश्नो के उत्तर दो 1. मार्टिन लूथर कौन थे? 2. उनकी रोमन कैथोलिक चर्च के बारे में क्या राय थी? 3. ईसाई धर्म के भीतर किये गए परिवर्तनों के लिए मार्टिन लूथर के दो योगदान बताएं। [1+2+2=5]
Right Answer is:

SOLUTION

1. इसाई धर्म में अनेक परिवर्तन हुए, जिन्हें लाने वाले महत्वपूर्ण नेताओं में से एक मार्टिन लूथर थे
2. लूथर नेयह महससू किया कि रामेन कैथोलिक  चर्च के अनके आचार-व्यवहार बाइबिल की शिक्षाओं के विरुद्ध जाते हैं।
3. मार्टिन लूथर के ईसाई धर्म के भीतर किये गए परिवर्तनों में ये दो योगदान बहुत महत्वपूर्ण थे:
अ. लूथर नेलैटिन भाषा की बजाय आम लोगों की भाषा के प्रयोग को प्रोत्साहन दिया।

. उन्होंने बाइबिल का जमर्न भाषा में अनवुाद किया।


Q. 184269 भक्ति संत कबीर की शिक्षाएं क्या थी?
Right Answer is:

SOLUTION

कबीर के उपदेश प्रमुख धार्मिक परम्पराओं की पूर्ण एवं प्रचंड अस्वीकृति पर आधारित थे:

1. उनके उपदेशों में ब्राह्मणवादी हिंदू धर्म और इस्लाम दोनों की बाहय् आडंबरपूर्ण पूजा के सभी रूपों का मजाक उड़ाया गया है, जो की पुरोहित वर्ग और जाति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है 2. उनके काव्य की भाषा बोलचाल की हिंदी थी, जो आम आदमियों द्वारा आसानी से समझी जा सकती थी। उन्होंने कभी-कभी रहस्यमयी भाषा का भी प्रयोग किया, जिसे समझना कठिन होता है।

3. कबीर, निराकार परमेश्वर में विश्वास रखतेथे। उन्होंने यह उपदेश दिया कि भक्ति के माध्यम सेही मोक्ष यानी मुक्ति की प्राप्त हो सकती है।
4. हिन्दू तथा मुसलमान दोनों लोग उनके अनुयायी हो गए 
5. उनकी शिक्षाएं जीवन के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को दर्शाती हैं


Q. 184270 खोकर्स----क्षेत्र में प्रभावशाली थे:


A. पंजाब।

B. हिमाचल।

C. दिल्ली।

D. राजस्थान।

Right Answer is: A

SOLUTION

खोकर्स पंजाब क्षेत्र में प्रभावशाली थे|


Q. 184271 चेरा राजवं

अनंतावर्मन ----- का सबसे महत्वपूर्ण शासक था<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

" अनंतावर्मन" गंगा राजवंश का सबसे महत्वपूर्ण शासक था|


Q. 184272 मुगल दरबार दिल्ल

कथक ----- में प्रदर्शित किया जाता  था<div class= Right Answer is: A

SOLUTION

कथक मुगल दरबार में प्रदर्शित किया जाता था|


Q. 184273 भगवान जगन्नाथ की लकड़ी की मूर्ती----- द्वारा बनाया जाता है
Right Answer is: D

SOLUTION

भगवान जगन्नाथ की लकड़ी की मूर्ती आदिवासी लोग द्वारा बनाया जाता है|


Q. 184274 कौन सा क्षेत्र राजपूताना कहलाता था?
Right Answer is:

SOLUTION

उन्नीसवीं सदी में, वह क्षेत्र जिसमे वर्तमान के राजस्थान का अधिकाँश भाग सम्मिलित था, उस क्षेत्र को अंग्रेजों द्वारा राजपूताना के रूप में सम्बोधित किया जाता था, इस क्षेत्र में मुख्य रूप से राजपूत निवास करते थे


Q. 184275 लिलातिलकम् की रचना कहां की गई थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

लिलातिलकम् ,व्याकरण और काव्यशास्त्र पर एक 14 वीं सदी का ग्रंथ है, इसकी रचना दो भाषाओं, संस्कृत और क्षेत्रीय भाषा के अंतर्गत, मणिप्रवलम (शाब्दिक अर्थ, हीरे और मूंगों का हार ) में की गई थी


Q. 184276 बंगाली भाषा के उद्भव एवं इसके विकास क्रम को समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

यद्यपि बंगाली का उद्भव संस्कृत से ही हुआ है, पर यह अपने क्रम विकास की अनेक अवस्थाओं से गुजरी है। इसके अलावा गैर-संस्कृत शब्दों का एक विशाल शब्द भंडार, जो जनजातीय भाषाओं, फारसी और यूरोपीय भाषाओं सहित अनेक स्त्रोतों से इसे प्राप्त हुआ है, आधुनिक बंगाली का एक हिस्सा बन गया है।


Q. 184277 प्रारम्भिक बंगाली साहित्य को कितनी श्रेणियों में विभाजित किया गया है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रारंभिक बंगाली साहित्य को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:

1. प्रथम श्रेणी में, संस्कृत महाकाव्यों के अनुवाद, मंगलकाव्य एवं चैतन्यदेव की जीवनी के रूप में भक्ति साहित्य को सम्मिलित किया गया है।

2. द्वितीय श्रेणी में, नाथ साहित्य जैसे कि मायनमति और गोपीचन्द्र के गीतों, धर्म ठाकुर की पूजा से सम्बंधित कहानियों और परी कथाओं, लोक कथाओं और गाथागीतों को सम्मिलित किया गया है।


Q. 184278 हिमाचल प्रदेश की लघु चित्रकला में किस ग्रन्थ का वर्णन किया गया है?
Right Answer is:

SOLUTION

भानुदत्ता द्वारा लिखित सर्वाधिक लोकप्रिय ग्रन्थ रसमंजरी का हिमाचल प्रदेश की लघु चित्रकला में वर्णन किया गया है


Q. 184279 कत्थक कौन होते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

कत्थक, उत्तर भारत के मंदिरों में कहानीकारों की एक जाति होती थी वे ग्रामीण इलाकों और मंदिर प्रांगण में अपना प्रदर्शन किया करते थे,वे ज्यादातर शास्त्रों से पौराणिक और नैतिक कथाओं को सुनाने में पारंगत हुआ करते थे वे अपने हाथ की मुद्राओं एवं चेहरे के हाव-भाव के साथ अपने गायन को अलंकृत किया करते थे


Q. 184280 कौनसा क्षेत्र राजपूताना कहलाता था?
Right Answer is:

SOLUTION

उन्नीसवीं सदी में, वह क्षेत्र जिसमे वर्तमान के राजस्थान का अधिकाँश भाग सम्मिलित था उस क्षेत्र को अंग्रेजों द्वारा राजपूताना के रूप में सम्बोधित किया जाता था इस क्षेत्र में मुख्य रूप से राजपूत निवास करते थे


Q. 184281 लिलातिलकम् की रचना कहां की गई थी?
Right Answer is:

SOLUTION

लिलातिलकम्, व्याकरण और काव्यशास्त्र पर एक 14वीं सदी का ग्रंथ है, इसकी रचना दो भाषाओं, संस्कृत और क्षेत्रीय भाषा के अंतर्गत, मणिप्रवलम (शाब्दिक अर्थ, हीरे और मूंगों का हार) में की गई थी


Q. 184282 चेर साम्राज्य की स्थापना कब की गई थी?
Right Answer is:

SOLUTION

चेर साम्राज्य, महोदयपुरम की स्थापना नौवीं शताब्दी में, प्रायद्वीप के दक्षिण पश्चिमी भाग, जो वर्तमान समय में केरल का हिस्सा है, में की गई थी इस क्षेत्र की भाषा मलयालम थी


Q. 184283 बंगाली भाषा के उद्भव एवं इसके विकास क्रम को समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

यद्यपि बंगाली का उद्भव संस्कृत से ही हुआ है, पर यह अपने क्रम विकास की अनेक अवस्थाओं से गुजरी है। इसके अलावा गैर-संस्कृत शब्दों का एक विशाल शब्द भंडार, जो जनजातीय भाषाओं, फारसी और यूरोपीय भाषाओं सहित अनेक स्त्रोतों से इसे प्राप्त हुआ है, आधुनिक बंगाली का एक हिस्सा बन गया है।


Q. 184284 प्रारम्भिक बंगाली साहित्य को कितनी श्रेणियों में विभाजित किया गया है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रारंभिक बंगाली साहित्य को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:

1.प्रथम श्रेणी में-  संस्कृत महाकाव्यों के अनुवाद, मंगलकाव्य एवं चैतन्यदेव की जीवनी के रूप में भक्ति साहित्य को सम्मिलित किया गया है

2.द्वितीय श्रेणी में-  नाथ साहित्य जैसे कि मायनमति और गोपीचन्द्र के गीतों, धर्म ठाकुर की पूजा से सम्बंधित कहानियों और परी कथाओं,लोक कथाओं और गाथागीतों को सम्मिलित किया गया है


Q. 184285 दोचला एवं चौचला क्या होते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

दोचला का अर्थ दोहरी छप्पर एवं चौचला का अर्थ चार छप्पर होता है, इन शब्दों को, बंगाल में घास-फूस की झोपड़ियों की संरचना के लिए प्रयुक्त किया जाता था


Q. 184286 अवधि सर्वात्मवाद(जीववाद) का क्या अर्थ होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

सर्वात्मवाद इस विश्वास को दर्शाता है, कि सभी प्राकृतिक वस्तुओं जैसे कि पौधों, पशुओं, चट्टानों, बिजली और भूकंप में आत्मा (अदृश्य जीव )का वास होता है, और ये मानवीय घटनाओं को प्रभावित कर सकते हैं


Q. 184287 चित्रकला की कांगड़ा शैली क्या थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

प्राचीन भारत की कांगड़ा चित्रकला,17 वीं और 19 वीं शताब्दी के मध्य, राजपूत शासकों द्वारा संरक्षण प्राप्त, पहाड़ी चित्रों की शाखा, से सम्बंधित है, कांगड़ा से लिया गया, इस प्राचीन कला का सर्वाधिक लोकप्रिय विषय, राधा कृष्ण कथा थी, कांगड़ा शैली के चित्र, रूप और रंग के काव्यात्मक संयोजन के लिए विख्यात हैं, कांगड़ा चित्रकार, सब्जीयों और प्राकृतिक रस से निर्मित रंगों का प्रयोग किया करते थे वे, नीले और हरे रंग की भांति शीतल और ताजा रंगों का प्रयोग किया करते थे


Q. 184288 शास्त्रीय नृत्य को परिभाषित कीजिये? कुछ शास्त्रीय नृत्य रूपों एवं उनसे सम्बंधित राज्यों के नाम बताइये ?
Right Answer is:

SOLUTION

शब्द "शास्त्रीय" की शुरुआत, नाट्य शास्त्र के आधार पर, प्रदर्शन कला शैलियों को निरूपित करने के लिए, संगीत नाटक अकादमी द्वारा की गई थी, भारतीय शास्त्रीय नर्तक, एक कहानी को वर्णित करने हेतु एवं कुछ निश्चित अवधारणाओं जैसे कि वस्तु, मौसम और भावनाओं को प्रदर्शित करने हेतु मुद्रा अथवा हाथों के इशारों का प्रयोग करते हैं,चेहरे के भाव, कई शास्त्रीय नृत्य रूपों का एक अभिन्न अंग होता है कुछ शास्त्रीय नृत्य और उनसे सम्बंधित राज्यों के नाम इस प्रकार हैं :

भरतनाट्यम - तमिलनाडु

कथकली - केरल

ओडिसी - उड़ीसा

कुचिपुड़ी - आंध्र प्रदेश

मणिपुरी - मणिपुर


Q. 184289 कथक अपने वर्त्तमान स्वरूप में कैसे पंहुचा ?
Right Answer is:

SOLUTION

मुगलों के आगमन के साथ, इस नृत्य शैली में एक क्रांतिकारी परिवर्तन आया कथक, जिसे हम वर्तमान में देखते हैं, यह हिंदू और मुस्लिम संस्कृतियों के मध्य समागम का परिणाम है, फारसी और मुस्लिम प्रभाव ने नृत्य को मंदिर की एक रस्म से, शाही मनोरंजन के एक साधन के रूप में परिवर्तित कर दिया,धार्मिक के स्थान पर सौंदर्य पर बल दिया जाने लगा, कथक का विकास घराना सम्बोधित की जाने वाली, दो परंपराओं के रूप में हुआ था, उदाहरणतः राजस्थान घराना, लखनऊ घराना और बनारस घराना


Q. 184290 बंगाली साहित्य को कितनी श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

बंगाली साहित्य को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:

1.प्रथम श्रेणी में, संस्कृत महाकाव्यों के अनुवाद, मंगलकाव्य (मांगलिक कविताओं)एवं चैतन्यदेव की जीवनी के रूप में भक्ति साहित्य को सम्मिलित किया गया है।

2. द्वितीय श्रेणी में, नाथ साहित्य,जैसे कि मायनमति और गोपीचन्द्र के गीतों, धर्म ठाकुर की पूजा से सम्बंधित कहानियों और परी कथाओं, लोक कथाओं और गाथागीतों को सम्मिलित किया गया है।


Q. 184291 चित्रकला की कांगड़ा शैली क्या थी?
Right Answer is:

SOLUTION

प्राचीन भारत की कांगड़ा चित्रकला 17 वीं और 19 वीं शताब्दी के मध्य राजपूत शासकों द्वारा संरक्षण प्राप्त, पहाड़ी चित्रों की शाखा से सम्बंधित है।  कांगड़ा से लिया गया प्राचीन कला का सर्वाधिक लोकप्रिय विषय राधा कृष्ण कथा थी कांगड़ा शैली के चित्र रूप और रंग के काव्यात्मक संयोजन के लिए विख्यात हैंकांगड़ा चित्रकार, सब्जियों और प्राकृतिक रस से निर्मित रंगों का प्रयोग किया करते थे।  वे नीले और हरे रंग की भांति शीतल और ताजा रंगों का प्रयोग किया करते थे


Q. 184292 लघु चित्रकारी क्या होती हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

लघुचित्र सूक्ष्म आकार के चित्र होते हैं और प्रायः कपड़े या कागज पर जलीय रंगों (वॉटर कलर) के साथ बनाये जाते हैं प्रारम्भिक लघुचित्र ताड़ के पत्तों अथवा लकड़ी पर बनाये जाते थे कुछ सर्वाधिक सुंदर लघु चित्र, पश्चिमी भारत में पाए जाते हैं और बौद्ध और जैन ग्रंथों का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किये जाते थे लघु चित्रों में इस्तेमाल में लिए जाने वाले विषय भारतीय महाकाव्यों जैसे: रामायण, महाभारत, भागवत पुराण, रसमंजरी के साथ ही भारतीय शास्त्रीय संगीत की रागों आदि से लिए गए थे


Q. 184293 शास्त्रीय नृत्य को परिभाषित कीजिये? कुछ शास्त्रीय नृत्य रूपों एवं उनसे सम्बंधित राज्यों के नाम बताइये?
Right Answer is:

SOLUTION

शब्द "शास्त्रीय" की शुरुआत नाट्य शास्त्र के आधार पर प्रदर्शन कला शैलियों को निरूपित करने के लिए, संगीत नाटक अकादमी द्वारा की गई थी। भारतीय शास्त्रीय नर्तक,एक कहानी को वर्णित करने हेतु एवं कुछ निश्चित अवधारणाओं जैसे कि वस्तु, मौसम और भावनाओं को प्रदर्शित करने हेतु मुद्रा अथवा हाथों के इशारों का प्रयोग करते हैंचेहरे के भाव कई शास्त्रीय नृत्य रूपों का एक अभिन्न अंग होता है कुछ शास्त्रीय नृत्य और उनसे सम्बंधित राज्यों के नाम इस प्रकार हैं :

भरतनाट्यम - तमिलनाडु

कथकली - केरल

ओडिसी - उड़ीसा

कुचिपुड़ी - आंध्र प्रदेश

मणिपुरी - मणिपुर


Q. 184294 दक्कन क्षेत्र में शिवाजी द्वारा कौनसे दो कर लगाए गए थे?
Right Answer is:

SOLUTION

शिवाजी द्वारा सम्पूर्ण क्षेत्र में लगाए गए दो कर, चौथ और सरदेशमुखी थे


Q. 184295 कुन्बी कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

अत्यधिक घुमंतू, किसान चारागाहों के समूह कुन्बी कहलाते थे, वे मराठा सेना का आधार थे


Q. 184296 पेशवाओं के अधीन मराठा साम्राज्य के विकासक्रम को दर्शाइये ?
Right Answer is:

SOLUTION

पेशवाओं के अधीन, मराठा साम्राज्य एक बहुत ही सफल सैन्य संगठन के रूप में विकसित हुआ, उन्होंने मुगलों का सामना करने के लिए सुदृढ़ किलों का निर्माण करवाया, 1720 से 1761 के बीच, मराठा साम्राज्य का विस्तार हुआ, इसने धीरे - धीरे मुगल साम्राज्य के कुछ हिस्सों पर अधिकार कर लिया, 1720 में मालवा और गुजरात को मुगलों द्वारा छीन लिया गया था, 1730 के दशक तक, मराठा साम्राज्य क सम्पूर्ण दक्कन पर वर्चस्व हो गया था


Q. 184297 राखी प्रणाली क्या थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

शब्द राखी का अक्षरशः अभिप्राय 'सुरक्षा' होता है, व्यवहार में, यह सिख-दल-खालसा के संयुक्त बलों द्वारा, इसका भुगतान करने वाले किसानों की बाह्य आक्रमण के खिलाफ प्रतिरक्षा उपलब्द्ध अथवा सुनिश्चित करने के बदलें में प्राप्त किया जाने वाला एक शुल्क होता था, किसानों को उनकी सुरक्षा के लिए दल खालसा के सिखों को उपज का 20 प्रतिशत का, कर के रूप में भुगतान करना पड़ता था


Q. 184298 शिवाजी की मृत्यु के बाद मराठा राज्य पर किसने शासन किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

शिवाजी की मृत्यु के बाद, मराठा साम्राज्य पर चितपावन ब्राह्मणो के परिवार द्वारा शासन किया गया था, उन्होंने, शिवाजी के उत्तराधिकारियों की पेशवा अथवा मुख्य मंत्री के रूप में सेवा की थी, और बाद में 1749 से1818 तक मध्य भारत के मराठा साम्राज्य के वंशानुगत शासक बन गये, उनके शासन के दौरान, अधिकांश भारतीय उपमहाद्वीपों पर सत्तारूढ़ होकर मराठा साम्राज्य, अपने चरम पर पहुंच गया


Q. 184299 खालसा ने अपने सम्प्रभुत्व शासन की घोषणा कब की थी, और अपने स्वयं के सिक्के कब ढलवाए थे ?
Right Answer is:

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खालसा ने, 1765 में अपने सम्प्रभुत्व शासन की घोषणा की थी, और अपने स्वयं के सिक्के भी ढलवाए थे, पौराणिक कथा के अग्रभाग पर वही शिलालेख 'डेग ओ तेघ ओ फ़तेह' उत्त्कीर्ण है, जो बन्दा बहादुर द्वारा जारी किये गये सिक्कों पर उत्त्कीर्ण है


Q. 184300 महाराजा रणजीत सिंह कौन थे?
Right Answer is:

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महाराजा रणजीत सिंह, सिख साम्राज्य के प्रथम महाराजा था और वो अठारहवीं सदी के उत्तरार्द्ध में शेरे पंजाब के रूप में भी जाने जाते थे,सिख प्रदेश सिंधु से जमुना तक विस्तृत थे, लेकिन वे विभिन्न शासकों के अन्तर्गत विभाजित थे, महाराजा रणजीत सिंह ने सभी समूहों को फिर से संगठित किया और 1799 में लाहौर में अपनी राजधानी स्थापित की।


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