हैदराबाद राज्य पश्चिम में मराठों के खिलाफ और दक्कन पठार के नायक के रूप में पहचाने जाने वाले स्वतंत्र तेलुगू योद्धा प्रमुख के साथ निरन्तर संघर्षरत था।
मुर्शिद कुली खान द्वारा बंगाल में मुगल प्रभाव को कम करने के लिए निम्न कदम उठाए थे -
1. सभी मुगल जागीरदारों को उड़ीसा स्थानांतरित कर दिया।
2. बंगाल के राजस्व के वृहद पुनर्मूल्यांकन का आदेश दिया।
तीन प्रमुख राज्य, अवध, बंगाल और हैदराबाद थे, तीनों राज्यों का निर्माण मुगल उच्च कुलीन वर्ग के सदस्यों- सआदत खान, (अवध), मुर्शिद कुली खान (बंगाल) और आसफ जाह (हैदराबाद) - जो कि मुगल साम्राज्य में राज्यपाल के पद पर आसीन थे, के द्वारा किया गया था – तीनों को उच्च मनसबदारी स्थिति प्राप्त थी।
किसानों और जमींदारों के विद्रोह के लिए कई कारण उत्तरदायी थे:-
1. बढ़ते करों का दबाव।
2. शक्तिशाली सरदारों द्वारा अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास।
पेशवाओं के अधीन मराठा साम्राज्य एक बहुत ही सफल सैन्य संगठन के रूप में विकसित हुआ। उन्होंने मुगलों का सामना करने के लिए सुदृढ़ किलों का निर्माण करवाया। 1720 ई० से 1761 ई० के बीच मराठा साम्राज्य का विस्तार हुआ। इसने धीरे-धीरे मुगल साम्राज्य के कुछ हिस्सों पर अधिकार कर लिया। 1720 ई० में मालवा और गुजरात को मुगलों द्वारा छीन लिया गया था। 1730 ई० के दशक तक मराठा साम्राज्य क सम्पूर्ण दक्कन पर वर्चस्व हो गया था।
शब्द राखी का अक्षरशः अभिप्राय 'सुरक्षा' होता है। यह व्यवहार में सिख-दल-खालसा के संयुक्त बलों द्वारा इसका भुगतान करने वाले किसानों की बाह्य आक्रमण के खिलाफ प्रतिरक्षा उपलब्ध अथवा सुनिश्चित करने के बदलें में प्राप्त किया जाने वाला एक शुल्क होता था। किसानों को उनकी सुरक्षा के लिए दल खालसा के सिखों को उपज का 20 प्रतिशत कर के रूप में भुगतान करना पड़ता था।
शिवाजी की मृत्यु के बाद मराठा साम्राज्य पर चितपावन ब्राह्मणो के परिवार द्वारा शासन किया गया था। उन्होंने शिवाजी के उत्तराधिकारियों की पेशवा अथवा मुख्यमंत्री के रूप में सेवा की थी। बाद में 1749 ई० से 1818 ई० तक मध्य भारत के मराठा साम्राज्य के वंशानुगत शासक बन गये। उनके शासन के दौरान अधिकांश भारतीय उपमहाद्वीपों पर सत्तारूढ़ होकर मराठा साम्राज्य को अपने चरम तक पहुंचा।
खालसा ने 1765 ई० में अपने सम्प्रभुत्व शासन की घोषणा की थी और अपने स्वयं के सिक्के भी ढलवाए थे। पौराणिक कथा के अग्रभाग पर वही शिलालेख 'डेग ओ तेघ ओ फ़तेह' उत्त्कीर्ण है। जो बन्दा बहादुर द्वारा जारी किये गये सिक्कों पर उत्त्कीर्ण है।
महाराजा रणजीत सिंह, सिख साम्राज्य के प्रथम महाराजा था और वो अठारहवीं सदी के उत्तरार्द्ध में शेरे पंजाब के रूप में भी जाने जाते थे। सिख प्रदेश सिंधु से जमुना तक विस्तृत थे लेकिन वे विभिन्न शासकों के अन्तर्गत विभाजित थे। महाराजा रणजीत सिंह ने सभी समूहों को फिर से संगठित किया और 1799 में लाहौर में अपनी राजधानी स्थापित की।
यह गुरु ग्रंथ साहिब की उपस्थिति में "गुरु के संकल्प " के रूप में जाना जाने वाला,सामूहिक निर्णय लेने के लिए, अमृतसर में एक परीषद में, दल खालसा के रूप में विख्यात सिखों के संयुक्त बलों द्वारा गृहण की जाने वाली सलाह अथवा संकल्प होता है, एक गुरमत केवल सिख धर्म के मौलिक सिद्धांतों को प्रभावित करने वाले विषयों पर पारित किया जा सकता है, और यह सभी सिखों पर बाध्यकारी होता है
जत्था से क्या अभिप्राय है ?
सिख परंपरा में जत्था, स्वयंसेवकों के एक समूह का प्रतीक होता है,यह एक सशस्त्र युद्ध या एक शांतिपूर्ण आंदोलन के रूप में, एक विशिष्ट कार्य को अपने चरम तक पहुंचाने के लिए आगे आता है,बंदा सिंह बहादुर की कैद और हत्या के बाद सिखों ने, उत्पीड़कों के खिलाफ लड़ने के लिए, स्वयं को अनेक जत्था कहलाने वाले दलों में संगठित कर लिया था,प्रत्येक जत्था, एक जत्थेदार या एक नेता के अधीन समूहीकृत किया गया था, ये जत्थे अंततः 1748 की वैशाखी पर, 11 मिसल में पुनर्गठित किये गये थे, सिखों के पूरे योद्धा बल का नाम, दल खालसा रखा गया था
मुगलों के आगमन के साथ, इस नृत्य शैली में एक क्रांतिकारी परिवर्तन आया। कथक, जिसे हम वर्तमान में देखते हैं। यह हिंदू और मुस्लिम संस्कृतियों के मध्य समागम का परिणाम है। फारसी और मुस्लिम प्रभाव ने नृत्य को मंदिर की एक रस्म से शाही मनोरंजन के एक साधन के रूप में परिवर्तित कर दिया। धार्मिक के स्थान पर सौंदर्य पर बल दिया जाने लगा। कथक का विकास घराना सम्बोधित की जाने वाली दो परंपराओं के रूप में हुआ था, उदाहरणतः राजस्थान घराना, लखनऊ घराना और बनारस घराना।
1.इस चित्रकला में कौन चित्रित है?
2.17 वीं सदी के उत्तरार्द्ध में, हिमाचल प्रदेश में लघुचित्र की कौनसी शैली विकसित हुई थी ?
3.रसमंजरी की रचना किसने की थी ?
4.कांगड़ा चित्रों में प्रेरणा का स्रोत क्या था?
1.इस चित्रकला में कृष्ण, राधा एवं उनके साथीगण चित्रित हैं।
2. 7 वीं सदी के उत्तरार्द्ध में, हिमाचल प्रदेश में लघुचित्र की, बसोहली नामक, एक सुस्पष्ट एवं गहन शैली विकसित हुई थी
3.रसमंजरी की रचना भानुदत्ता द्वारा की गई थी।
4.कांगड़ा चित्रों में प्रेरणा का स्रोत, वैष्णव परम्पराएं थीं।
1.नाथ, विभिन्न योग प्रथाओं में संलग्न संन्यासी होते थे।
2.नाथ साहित्य में, मायनमति और गोपीचन्द्र के गीतों, धर्म ठाकुर की पूजा से सम्बंधित कहानियों और परी कथाओं, लोक कथाओं और गाथागीतों को सम्मिलित किया गया है।
3.धर्म ठाकुर, पूर्वी भारत के एक लोकप्रीय लोक देवता हैं, इनका कोई निर्धारित रूप नहीं होता है, अतः प्रायः एक पाषाण अथवा लकड़ी के एक टुकड़े के रूप में इनकी पूजा की जाती है।
1.नाथ, विभिन्न योग प्रथाओं संलग्न संन्यासी होते थे
2.नाथ साहित्य में, मायनमति और गोपीचन्द्र के गीतों, धर्म ठाकुर की पूजा से सम्बंधित कहानियों और परी कथाओं, लोक कथाओं और गाथागीतों को सम्मिलित किया गया है।
3.धर्म ठाकुर, पूर्वी भारत के एक लोकप्रीय लोक देवता हैं, इनका कोई निर्धारित रूप नहीं होता है, अतः प्रायः एक पाषाण अथवा लकड़ी के एक टुकड़े के रूप में इनकी पूजा की जाती है
कत्थक, मूलतः उत्तर भारत के मंदिरों में कहानीकारों की एक जाति होती थी, जो
कत्थक, पंद्रहवीं और सोलहवीं सदी में भक्ति आंदोलन के प्रसार के साथ नृत्य की एक विशिष्ट विधा के रूप में विकसित होना प्रारम्भ हो गया था। राधा कृष्ण की किंवदंतियों को रासलीला नामक लोक कथा के रूप में प्रस्तुत किया जाता था, जो कत्थक, कहानीकारों के बुनियादी हाव-भाव के साथ लोक नृत्य, का संयोजन होता था।
कत्थक मूलतः उत्तर भारत के मंदिरों में कहानीकारों की एक जाति होती थी, जो अपनी मुद्राओं एवं गायन के साथ अपनी प्रस्तुति को अलंकृत किया करते थे।
कत्थक पंद्रहवीं और सोलहवीं सदी में भक्ति आंदोलन के प्रसार के साथ नृत्य की एक विशिष्ट विधा के रूप में विकसित होना प्रारम्भ हो गया था। राधा कृष्ण की किंवदंतियों को रासलीला नामक लोक कथा के रूप में प्रस्तुत किया जाता था, जो कत्थक कहानीकारों के बुनियादी हाव-भाव के साथ लोक नृत्य का संयोजन होता था। मुग़ल सम्राटों एवं उनके अमीरों के अधीन कत्थक की प्रस्तुति दरबार में दी जाती थी। जहाँ इसने अपनी वर्तमान विशेषताओं को प्राप्त किया था एवं विशिष्ट शैली के साथ एक नृत्य-शैली में विकसित हुआ था। उत्तरोत्तर यह दो परम्पराओं अथवा घरानों यथा राजस्थान(जयपुर) के दरबारों में एवं दूसरा लखनऊ में अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह के संरक्षण में विकसित हुआ था।
बंगाली साहित्य को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:
1.प्रथम श्रेणी में:- संस्कृत महाकाव्यों के अनुवाद, मंगलकाव्य (मांगलिक कविताओं) एवं चैतन्यदेव की जीवनी के रूप में भक्ति साहित्य को सम्मिलित किया गया है।
2.द्वितीय श्रेणी में:- नाथ साहित्य,जैसे कि मायनमति और गोपीचन्द्र के गीतों, धर्म ठाकुर की पूजा से सम्बंधित कहानियों और परी कथाओं, लोक कथाओं और गाथागीतों को सम्मिलित किया गया है।
A. मोहम्मद शाह
B. फारुख सियार
C. जहान्दर शाह
D. आलमगीर द्वितीय
बांदा बहादुर को फारुख सियारके आदेश पर मारा गया था|
फारसी शासक नादिर शाह ने भारत पर १७३९ में आक्रमण किया |
मुगल शासन के दौरान, सवाई राजा जय सिंह मालवा के गवर्नर थे|
चुरामन एक जाट शासक थे |
पुणे पेशवाओं की राजधानी थी।
A. 1799.
B. 1798.
C. 1797.
D. 1796.
रणजीत सिंह ने १७९९ में लाहौर में अपनी राजधानी स्थापित कि|
A. 1712.
B. 1714.
C. 1716.
D. 1718.
बांदा बहादुर को १७१६ में मार दिया गया था|
बुरहान उल मुल्क सआदत खान ने अवध राज्य की स्तापना की|
A. राजस्व किसान
B. रैयत
C. नमक व्यापारी
D. मुगल सलाहकार
इजरादार्स राजस्व किसान थे|
खालसा को १६९९ में स्थापित किया गया था|
सिखों का पूरा समूह सामूहिक रूप से बैसाखी और दीवाली के समय अमृतसर में सम्मिलित होकर सामूहिक निर्णय लेते थे जिन्हें गुरुमतास कहा जाता है|
A. राजस्व किसान
B. रईस
C. मराठा वारियर्स किसान।
D. मुगल या सिख योद्धा
कुंबिस योद्धा किसान थे जिनका शिनजी ने मुग़लों के खिलाफ इस्तेमाल किया था|
A. अवध
B. बंगाल
C. पंजाब
D. हैदराबाद
राखी कर प्रणाली पंजाब में पेश की गयी थी|
A.
पर्वत पारिस्थितिकी तंत्र में
B.
रेगिस्तान पारिस्थितिकी तंत्र में
C.
जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में
D.
घास के मैदान में
सरीसृप आमतौर पर गर्म जलवायु में पाए जाते हैं और सर्दियों के दौरान शीत निद्रा में चले जाते हैं।
A.
सूचना क्रांति
B.
औद्योगिक क्रांति
C.
रजत क्रांति
D.
श्वेत क्रांति
औद्योगिक क्रांति के कारण उत्पादन में वृद्धि हुई क्योंकि मांग में वृद्धि हुई। मशीनों से कम समय में अधिक उत्पादन करना आसान था।
A.
खीरा
B. गेहूँ
C. अलसी
D. मूंगफली
मूँगफली एक खरीफ फसल है, क्योंकि इसे जुलाई माह में बोया जाता है और अक्टूबर में इसकी कटाई होती है।
A.
गर्मियों में
B.
जाड़े में
C.
वसंत ऋतु में
D.
शरद ऋतु में
तरबूज गर्मियों के मौसम के साथ जुड़ा हुआ है। इसमें काफी मात्रा में पानी होता है और इसे गर्मियों के दौरान पैदा किया जाता है।
A.
बेरोजगारी में वृद्धि हो रही है।
B.
जूट बैग के लिए मांग बढ़ रही है।
C.
पर्यावरण को हानि होती है।
D.
साफ-सफाई कम करनी होती है।
प्लास्टिक की थैलियों को प्रतिबंधित किया जा रहा है, क्योंकि इनसे प्राकृतिक पर्यावरण को हानि पहुँचती है। विघटित न होने के कारण इनसे पर्यावरण प्रदूषित होता है।
A.
एक
प्रकार
B. दो प्रकार
C. तीन प्रकार
D. चार प्रकार
पर्यावरण को मोटे तौर पर तीन प्रकार में वर्गीकृत किया जा सकता है। ये प्रकार प्राकृतिक, मानव निर्मित और मानव पर्यावरण हैं।
A.
जंतु
B.
पादप
C.
मानव
D.
सूक्ष्म जीव
मानव की आवश्यकताओं के कारण पर्यावरण में परिवर्तन हो रहा है। मानव की इच्छाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप वह पर्यावरण को क्षति पहुँचाता है।
A.
जल
B. वायु
C. पड़ोस
D. भौतिक स्वरूप
एनवायरोनेर का अर्थ ‘आसपास के क्षेत्र’, ‘चारों ओर’, ‘आसपास एक वृत्त बनाना’ ‘घेरा रचना या घेरना’ होता है। शब्द ‘एनवायरनमेंट’ फ्रेंच शब्द से लिया गया है।
A.
ऑक्सीजन
B. कार्बन डाइआक्साइड
C. सल्फर डाइऑक्साइड
D. नाइट्रोजन
नाइट्रोजन वायुमंडल में सबसे प्रचुर मात्रा में पायी जाती है। यह वायुमंडल के कुल परिमाण के 78% भाग का गठन करती है।
मनुष्य अपने लाभ के लिए प्राकृतिक वातावरण को संशोधित करता है। व्यक्ति कारो, मिलो, कारखानों और विनिर्माण कंटेनर निर्माण करता है। कार का धुआं हवा को प्रदूषित करता है, पानी एक बर्तन में एकत्र किया जाता है, भोजन बर्तन में परोसा जाता है और भूमि का उपयोग कारखानों के निर्माण के लिए किया जाता है। वे वातावरण को नष्ट करते है और पर्यावरण को दूषित बनाते है।
पर्यावरण के तीन घटक इस प्रकार दिए गए हैं: -
क. प्राकृतिक घटक, उदा- जल, वायु, भूमि।
ख. मानव निर्मित घटक, उदा- भवन, पार्क, पुल, सड़के, और स्मारक।
ग. मानवीय घटक, उदा- व्यक्ति, परिवार।
ऊंट, सांप, छिपकली और कीड़े रेगिस्तान पारिस्थितिकी तंत्र में पाए जाते हैं।
हम 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं।
यह एक व्यापार है जिसमें माल का विनिमय पैसे के उपयोग के बिना किया जाता हैं।
स्थलमंडल वह क्षेत्र है जो हमें जंगल, चराई के लिए घास के मैदान, कृषि के लिए भूमि और मानव बस्तियाँ और उद्योगों के लिए खनिज प्रदान करते है।
नदियाँ
जलमण्डल - भूमि
पारिस्थितिकी तंत्र प्रणाली में सभी जीवित और निर्जीव प्रजातियाँ या चीजे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीकों से एक दूसरे से जुडी हुई होती हैं।
प्राकृतिक और भौतिक वातावरण और पर्यावरण के साथ लोगों का संबंध दिए गए क्षेत्रो में भौतिक, जैविक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक कारकों सहित मानवीय पर्यावरण है।
जल पृथ्वी पर कई स्थानों में पाया जाता है जैसे- सतह पर, सतह के नीचे चट्टानों के भीतर और वातावरण में। जल जल चक्र के माध्यम से पृथ्वी के विभिन्न स्थानो के बीच बहता है। पृथ्वी की सतह पर 70% पानी है और इसमें से अधिकांश जल महासागरो में है। केवल एक छोटा सा हिस्सा मीठे पानी के रूप में दिखाई देता हैं जो नदियों, झीलों और भूजल के रूप में पाया जाता है। मीठे पानी पीने, खेती और वाशिंग के लिए आवश्यक है इसलिये पानी के बिना जीवन का कोई अस्तित्व नहीं है।
A.
आग्नेय
शैल
B. अवसादी शैल
C. प्लूटोनिक शैल
D. कायांतरित शैल
आग्नेय शैलों का निर्माण द्रवित मैग्मा के ठोस बनने के कारण होता है। इन्हें प्राथमिक शैल भी कहते हैं। ये शैल दो प्रकार की होती हैं: अंतर्भेदी शैल एवं बर्हिभेदी शैल।
A.
आग्नेय
शैल
B. अवसादी शैल
C. कायांतरित शैल
D. चूना पत्थर
द्रवित मैग्मा पृथ्वी की सतह पर या पृथ्वी के अंदर ठंडा हो सकता है। यह ठंडा मैग्मा आग्नेय चट्टानों के गठन का कारण होता है।
A.
जीवाश्म
B.
अवसादी
C.
एलुमिना
D.
मैग्मा
अवसादी शैल के प्रकार का एक उदाहरण है।
A.
निकल
और लोहा
B. लोहा तथा एलुमिना
C. तांबा एवं लोहा
D. एलुमिना और निकल
पृथ्वी की सबसे आंतरिक परत के मुख्य घटक निकल और लोहा हैं। इसे 'निफे' के रूप में भी जाना जाता है।
A.
दक्षिण
अमेरिका
B. दक्षिण ऑस्ट्रेलिया
C. दक्षिण एशिया
D. दक्षिण अफ्रीका
विश्व की सबसे गहरी खदान दक्षिण अफ्रीका में स्थित है। यह लगभग 4 किलोमीटर गहरी है।
A.
सिलिका
और एलुमिना
B. सिलिका और मैग्नीशियम
C. मैग्नीशियम और लोहा
D. लोहा और सिलिका
महासागरीय पर्पटी के मुख्य घटक सिलिका और मैग्नीशियम हैं| इसे सिमा भी कहा जाता है।
A.
सिलिका
एवं एलुमिना
B. एलुमिना और मैग्नीशियम
C. मैग्नीशियम और तांबा
D. सिलिका और लोहा
महाद्वीपीय संहति मुख्य रूप से सिलिका एवं एलुमिना जैसे खनिजों से बनी है| इसे सीएल कहा जाता है।
A.
पृथ्वी
अनेक
संकेन्द्री
परतों से
मिलकर बनी होती
है।
B. समुद्री सतह पर पर्पटी का विस्तार 5 किलोमीटर तक सीमित होता है।
C. महाद्वीपीय संहति में पर्पटी का विस्तार 35 किलोमीटर होता है।
D. महाद्वीपीय पर्पटी को सिमा भी कहा जाता है।
समुद्री सतह पर पर्पटी का विस्तार 5 किलोमीटर तक सीमित होता है।
A.
लगभग 20
किलोमीटर
B. लगभग 25 किलोमीटर
C. लगभग 35 किलोमीटर
D. लगभग 30 किलोमीटर
पर्पटी का विस्तार महाद्वीपीय संहति में लगभग 35 किलोमीटर एवं समुद्री सतह में 5 किलोमीटर तक है।
A.
पर्पटी
B. मैंटल
C. क्रोड
D. एस्थेनोस्फीयर
पृथ्वी की सतह की सबसे ऊपरी परत जिस पर हम रहते हैं, पर्पटी कहलाती है। यह पृथ्वी की सबसे ठोस परत होती है।
A.
पाँच
परतों
B. तीन परतों
C. दो परतों
D. एक परत
पृथ्वी का आंतरिक भाग प्याज की तरह संकेंद्री परतों से बना है। पृथ्वी की तीन परतें होती हैं: (i) पर्पटी (ii) मैंटल (iii) क्रोड
A.
रेत
पत्थर
B. कंगलोमेरट
C. चूना पत्थर
D. शेल
संगमरमर, अवसादी शैल से कायांतरित चूना पत्थर से बना होता है। ताजमहल संगमरमर से बना है, जो एक कायांतरित शैल है।
A.
चूना
पत्थर
B. ग्रेनाइट
C. बेसाल्ट
D. संगमरमर
चूना पत्थर अवसादी शैल का उदाहरण है। इन शैलों में पौधें, जानवरों एवं अन्य सूक्ष्म जीवाणु, जो कभी इन शैलों पर रहे हैं, के जीवाश्म भी हो सकते हैं।
एस्थेनोस्फीयर, पृथ्वी की सतह से 100 से 250 किलोमीटर की गहराई पर स्थित है। यह ऊपरी मैंटल का वह हिस्सा है ठीक स्थलमंडल के ठीक नीचे स्थित है|
मैंटल को निम्नलिखित में विभाजित किया गया है:क. ऊपरी मैंटल, औरख. निचला मैंटल
महाद्वीपीय संहति वह परत है जिसपर महाद्वीप स्थित हैं | यह सिलिका (सि) और एल्यूमिनियम (एल) से बना है। महाद्वीपीय संहति, सिएल के नाम से भी जानी जाती है|
पर्पटी सबसे बाहरी और सबसे पतली परत है जो मैंटल के ऊपर स्थित है| पृथ्वी के आयतन का 0.5% हिस्सा इसमें शामिल है, और यह एक कठोर परत है जिस पर हम रहते हैं । यह महाद्वीपीय संहति में 35 किलोमीटर एवं समुद्री सतह में केवल 5 किलोमीटर तक है। इसमें विभिन्न प्रकार के आग्नेय, अवसादी और कायांतरित शैल पाए जाते हैं |
पृथ्वी तीन मुख्य परतों से मिलकर बनी है:क. बाहरी परत: पर्पटीख. मध्य परत: मैंटलग. भीतरी परत : क्रोड
पृथ्वी की भूपर्पटी के पदार्थों को शैल कहते हैं, यह पत्थर की तरह कठोर भी हो सकती है तथा मिट्टी की तरह मुलायम भी l
शैलों को तीन भाग में विभाजित किया जाता है -
1. आग्नेय शैल - इसकी रचना भूगर्भ से निकलने वाले तत्वों और तरल पदार्थों के ठंडा होकर कठोर होने से हुई है l उदाहरण - बेसाल्ट, ग्रानाईट
2. परतदार शैल - इनका निर्माण अवसादों या मलवा के जमाव से हुआ हैl
उदाहरण - लोएस का निर्माण वायु निर्मित अवसादों के जमाव से हुआ हैl
3. रूपांतरित शैल - अन्य चट्टानों के रूप परिवर्तन के फलस्वरूप बनती हैl
उदाहरण - स्लेट, डोलोमाईट तथा खड़िया मिट्टी अत्यधिक ताप एवं दाब के कारण संगमरमर में बदल जाता है l
सिऐल - यह परत सिलिका तथा एलुमिनियम के मिश्रण से बनी है इस परत को ऊपरी मेंटल भी कहतें हैं
सिमै - यह परत सिऐल के नीचे पाई जाती lइसका निर्माण सिलिका एवं मैग्नीशियम से हुआ है इसे निचला मेंटल भी कहतें हैं l
2. दूसरे, उन्होंने मुगलों द्वारा नियुक्त किये गए जागीरदारों पर विश्वास करने के बजाय उनकी संख्या में कटौती कर दी। उन्होंने सभी राज्यों ने राजस्व की वसूली हेतु किसानों के साथ अनुबंध किया।
3. इन सभी क्षेत्रीय राज्यों में तीसरी सामान्य विशेषता अमीर साहुकारों और व्यापारियों के साथ उनके उभरते संबन्ध थे।
अठारहवीं सदी के राज्यों को तीन अतिव्यापी समूहों में बांटा जा सकता है:
मुगल साम्राज्य का पतन और चरम पतन अनेक कारकों के संयोजन का परिणाम था:
यह गुरु ग्रंथ साहिब की उपस्थिति में "गुरु के संकल्प " के रूप में जाना जाने वाला सामूहिक निर्णय लेने के लिए अमृतसर में एक परीषद में दल खालसा के रूप में विख्यात सिखों के संयुक्त बलों द्वारा गृहण की जाने वाली सलाह अथवा संकल्प होता है। एक गुरमत केवल सिख धर्म के मौलिक सिद्धांतों को प्रभावित करने वाले विषयों पर पारित किया जा सकता है और यह सभी सिखों पर बाध्यकारी होता है।
मराठा साम्राज्य, मुगल शासन के खिलाफ़ एक निरंतर विरोध के कारण उत्पन्न होने वाला एक और शक्तिशाली क्षेत्रीय राज्य था, उन्होंने मुगलों के खतरे का सामना किया। उन पर काबू पाने के लिए उन्होंने दशमुख के रूप में पहचानें जाने वाले शक्तिशाली योद्धा परिवारों की सहायता ली। कुन्बी अथवा किसान चरवाहे सामाजिक पदानुक्रम में उनकी स्थिति को ऊंचा उठाने के लिए बड़ी संख्या में शिवाजी के इर्द-गिर्द एकत्रित हो गये और उन्होंने मराठा सेना के मुख्य आधार का गठन किया। शिवाजी ने प्रायद्वीप में मुगलों को चुनौती देने के लिये इस सेना का इस्तेमाल किया।
जत्था से अभिप्राय है :- सिख परंपरा में जत्था, स्वयंसेवकों के एक समूह का प्रतीक होता है। यह एक सशस्त्र युद्ध या एक शांतिपूर्ण आंदोलन के रूप में एक विशिष्ट कार्य को अपने चरम तक पहुंचाने के लिए आगे आता है। बंदा सिंह बहादुर की कैद और हत्या के बाद सिखों ने उत्पीड़कों के खिलाफ लड़ने के लिए स्वयं को अनेक जत्था कहलाने वाले दलों में संगठित कर लिया था। प्रत्येक जत्था एक जत्थेदार या एक नेता के अधीन समूहीकृत किया गया था। ये जत्थे अंततः 1748 ई० की वैशाखी पर 11 मिसल में पुनर्गठित किये गये थे। सिखों के पूरे योद्धा बल का नाम दल खालसा रखा गया था।
अठारहवीं सदी से, मुगल साम्राज्य शनेः शनेः अनेक स्वतंत्र, क्षेत्रीय राज्यों में विभक्त हो गया था, अठारहवीं सदी के राज्यों को मुख्य तौर पर तीन अतिव्यापी समूहों में बांटा जा सकता है:
1.प्रथम समूह में, अवध, बंगाल और हैदराबाद जैसे पुराने मुगल प्रांत अस्तित्व में थे, यद्यपि वे अत्यंत शक्तिशाली और पूर्णतः स्वतंत्र थे, किन्तु इन राज्यों के शासकों ने मुगल सम्राट के साथ उनके औपचारिक संबंधों को समाप्त नहीं किया।
2.दूसरे समूह में वे राज्य थे, जिन्हें मुगलों के अन्तर्गत,वतन जागीर के रूप में काफी स्वतंत्रता प्राप्त थी, इनमें कईं राजपूत रियासतें सम्मिलित थी।
3.अंतिम समूह में, मराठा, सिख और जाट और इस जैसे ही अन्य के नियंत्रण के अधीन राज्य शामिल थे
अठारहवीं सदी से मुगल साम्राज्य शनेः शनेः अनेक स्वतंत्र, क्षेत्रीय राज्यों में विभक्त हो गया था, अठारहवीं सदी के राज्यों को मुख्य तौर पर तीन अतिव्यापी समूहों में बांटा जा सकता है:
औरंगजेब की मृत्यु के पश्चात परवर्ती मुगल सम्राटों के लिए उनके शक्तिशाली मनसबदारों पर नियंत्रण रखना उत्तरोत्तर मुश्किल होता चला गया। राज्यपाल(सूबेदार) के रूप में नियुक्त अमीर, प्रायः राजस्व और सैन्य प्रशासन (दीवानी और फ़ौजदारी) के कार्यालयों को भी नियंत्रित किया करते थे।
इससे उन्हें मुगल साम्राज्य के विशाल क्षेत्रों पर असाधारण राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य शक्तियां प्राप्त हो गई थी। जैसे ही राज्यपालों ने प्रांतों पर अपने नियंत्रण को संगठित किया। राजधानी को दी जाने वाली राजस्व की आवधिक छूट में कमी आई, ये मनसबदार, उनकी स्थिति को मजबूत करने के लिए अब क्षेत्र के आर्थिक संसाधनों को अधिकृत करने में सक्षम थे। औरंगजेब के बाद मुगल सम्राट, प्रांतीय गवर्नरों, स्थानीय सरदारों और अन्य समूहों के हाथों में राजनीतिक और आर्थिक सत्ता के क्रमिक स्थानांतरण को रोक पाने में असमर्थ थे।
A.
जंतु
B. मानव जनसँख्या
C. फसलें
D. पौधे
मानव अपने पर्यावरण के साथ पारस्परिक क्रिया करता है और उसमें अपनी आवश्यकता के अनुसार परिवर्तन करता है। जनसंख्या में अनियंत्रित वृद्धि हमारे पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है।
A.
स्थलमंडल
B.
वायुमंडल
C.
जलमंडल
D.
जैवमंडल
स्थलमंडल खनिज सम्पदा का स्रोत होता है। यह क्षेत्र हमें वन, पशुओं को चरने के लिए घासस्थल, कृषि एवं मानव बस्तियों के लिए भूमि प्रदान करता है।
A.
व्यापार
B.
भोजन
C.
पर्यावरण
D.
पारिस्थितिकी
यह एक ऐसा व्यापार है, जिसमें धन के उपयोग के बिना वस्तुओं की अदला-बदली होती है।
A.
कृषि
प्रणाली
B. औद्योगीकरण
C. वस्तु-विनिमय पद्धति
D. पारिस्थितिकी तंत्र
व्यापार की वह पद्धति जिसमें बिना धन के प्रयोग किए ही वस्तुओं की अदला-बदली होती है, उसे वस्तु-विनिमय पद्धति कहा जाता है। यह पद्धति प्राचीन दिनों में प्रचलित थी।
A.
पृथ्वी के अंदर
B.
समुद्र तल
C.
मानव जनसँख्या
D.
मौसम एवं जलवायु
वायुमंडल सूर्य की झुलसाने वाली गर्मी एवं हानिकारक किरणों से हमारी रक्षा करता है। इसमें कई प्रकार की गैस, धूल-कण एवं जलवाष्प उपस्थित रहते हैं। वायुमंडल में परिवर्तन होने से मौसम एवं जलवायु में परिवर्तन होता है।
A.
जलमंडल
B. स्थलमंडल
C. वायुमंडल
D. जैवमंडल
वायुमंडल सूर्य की झुलसाने वाली गर्मी एवं हानिकारक किरणों से हमारी रक्षा करता है। पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल अपने चारों ओर वायुमंडल को थामे रखता है।
A.
जैवमंडल
B.
स्थलमंडल
C.
पारितंत्र
D.
वायुमंडल
जीवधरियों का आपसी एवं अपने आस-पास के भौतिक एवं रासायनिक पर्यावरण के बीच का संबंध जिसमें वे रहते हैं, पारितंत्र का निर्माण करता है। सभी ऊर्जा और सामग्री के हस्तांतरण से जुड़े होते हैं।
A.
विश्व
वन्य जीव
दिवस
B. अंतरराष्ट्रीय वन दिवस
C. विश्व स्वास्थ्य दिवस
D. विश्व पर्यावरण दिवस
प्रत्येक वर्ष 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस इसलिए मनाया जाता है ताकि लोग पर्यावरण के मुद्दों के प्रति जागरूक हों और सतत विकास को प्राप्त किया जा सके।
A.
समरूप
B. स्तरीकृत
C. चौरस
D. विषम
स्थलमंडल विभिन्न उच्चावच स्वरूपों, जैसे पर्वतों, पहाड़ों, मैदानों, पठारों, घाटियों, आदि से ढका होता है। महाद्वीपों के अलावा महासागर की सतह पर भी स्थलाकृतियाँ पाई जाती हैं।
A.
राजस्थान
B.
केरल
C.
उत्तर प्रदेश
D.
कर्नाटक
कीकर छोटे कांटेदार पेड़ होते हैं। यह रेगिस्तान की उस मिट्टी उगते हैं जहाँ ऊपरी परत में कुछ आर्द्रता होती है।
A.
वायुमंडल
B. जलमंडल
C. जैवमंडल
D. स्थलमण्डल
शब्द हाइड्रोस्फियर ग्रीक शब्द हाइड्रोस्फैरा से लिया गया है, भौतिक भूगोल में हाइड्रो का अर्थ ‘जल’ और स्फैरा का अर्थ ‘मंडल’ है। इसके अंतर्गत पृथ्वी के नीचे और ऊपर पाए जाने सभी जल संसाधन सम्मिलित हैं।
A. भरतपुर
B. गुजरात
C. बंगाल
D. अवध
जगत सेठ बंगाल के बैंकर थे|
पानीपत की तीसरी लड़ाई 1761 में हुई थी|
A. राजा रणजीत सिंह।
B. गुरु गोबिंद सिंह।
C. बांदा बहादुर।
D. राजा दिलीप सिंह।
१७०८ के विद्रोह के बाद, सिख विद्रोह का नेत्रित्व बांदा बहादुरद्वारा किया गया था|
जाटों का स्वतंत्र राज्य चुरामन के द्वारा स्थापित किया गया था|
सिखों ने खुद को कई समूहों में संगठित किया, जिन्हें जथा कहा जाता हैं |
A. डेक्कन सुल्तानों।
B. नवाबों।
C. सिखों।
D. मराठो
“चौथ” कर मराठों द्वारा लगाया गया था|
A. मुर्शीद कुली खान।
B. टीपू सुल्तान।
C. सआदत खान।
D. नासिर जंग