गुरु गोबिंद सिंह ने, इस विश्वास के साथ कि उनके भाग्य मैं राज करना लिखा है (राज करेगा खालसा),खालसा को प्रेरित किया
चूड़ामन, जाटों का प्रसिद्ध नेता था
शिवाजी द्वारा सम्पूर्ण क्षेत्र में लगाए गए दो कर, चौथ और सरदेशमुखी थे।
अलीवर्दी खान के शासनकाल के दौरान जगत सेठ साहूकार का घर लोकप्रिय बन गया था।
मुर्शीद कुली खान, बंगाल के राज्य का संस्थापक था।
निजाम उल मुल्क आसफ जाह हैदराबाद का संस्थापक था। वह फ़र्रुखसिंयार के दरबार के शक्तिशाली सदस्यों में से एक था।
सम्राट औरंगजेब ने दक्कन में दीर्घावधिक लड़ाई द्वारा अपने साम्राज्य के सैन्य और वित्तीय संसाधनों को समाप्त कर दिया था, जिसने 17 वीं सदी के समापन के वर्षों में मुगल साम्राज्य में संकट उत्त्पन्न किया।
गुरु गोबिंद सिंह ने, इस विश्वास के साथ कि उनके भाग्य मैं राज करना लिखा है (राज करेगा खालसा),खालसा को प्रेरित किया
चूड़ामन, जाटों का प्रसिद्ध नेता था
पेशवा के शासन के अधीन पूना, मराठा साम्राज्य की राजधानी बन गया था।
बन्दा बहादुर को 1715 में बंदी बना लिया गया था और मुगल बादशाह फर्रुखसिंयर के आदेश पर 1716 में उसकी ह्त्या कर दी गई थी।
वातावरण में प्राकृतिक और मानव निर्मित घटनाओ का एक संयोजन है। जबकि प्राकृतिक वातावरण जैविक तत्वों से सम्बंधित है जैसे- पौधे और जानवर अजैव निर्जीव तत्वों की दुनिया से सम्बंधित है उदा- भूमि, खनिज आदि।
जैव मंडल


पारिस्थितिकी तंत्र पारिस्थितिकी के जैविक और अजैविक घटकों और एक पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना के भीतर उनके प्रभाव का एकीकृत अध्ययन है।
अध्ययन द्वारा जाँच की जाती है कि पारिस्थितिकी प्रणालियाँ कैसे काम करती हैं और उनके घटकों से कैसे संबंधित है जैसे- रसायन, आधार, मिट्टी, पौधे और जानवर आदि।
भूमि के विशिष्ट क्षेत्र विभिन्न तरीकों से मनुष्यों द्वारा उपयोग किये जा सकते है। इसमें आवासीय, संस्थागत, व्यापार, औद्योगिक, कृषि, वानिकी, पार्क शामिल है और अन्य तरीको से प्राकृतिक भूमि का उपयोग किया जाता है। इन प्रत्येक को व्यापक श्रेणियों में आगे विभाजित किया जा सकता है जो प्रकृति पर और गतिविधियों की तीव्रता पर आधारित है।
1. पौधे (O2) ऑक्सीजन छोड़ते है और कार्बन डाई ऑक्साइड (सीओ 2) ग्रहण करते है। और जानवर कार्बन डाई ऑक्साइड 2 छोड़ते है और O2 ग्रहण करते है।
2. पौधे लकड़ी, दवाइयाँ, रबर और आश्रय प्रदान करते हैं।
3. जानवरों भोजन के लिए पौधों पर निर्भर करते हैं।
4. पौधे सूर्य से ऊर्जा प्राप्त कर खाद्य का उत्पादन करते है; जानवरो को पौधों से परोक्ष रूप से सूर्य की ऊर्जा मिलती है।
उत्पाद, प्रजातियाँ और वस्तुऍ जो हमारे वातावरण में उपलब्ध है आम तौर परपर्यावरण के रूप में जानी जाती है। दूसरे शब्दों में सभी जैविक और अजैविक स्तिथियाँ जो हमारे चारों ओर मौजूद है पर्यावरण के रूप में जानी जाती है। पर्यावरण हमे सांस लेने के लिए वायु, पीने के लिए पानी, खाने के लिए खाना और जहां हम रहते है भूमि प्रदान करता है।
सभी जैविक और अजैविक स्थितियां जो हमारे आसपास मौजूद है, सामान्य रूप में पर्यावरण है। पर्यावरण के तीन अलग अलग क्षेत्र हैं:
1. स्थलमंडल
2. वायुमंडल
3. जलमण्डल
और उपर्युक्त सभी का संयोजन जैवमंडल के रूप में माना जाता है।
जैवमंडल जलवायु पर काफी प्रभाव पड़ता है क्योंकि यह नजदीकी तौर पर वातावरण से जुड़ा है। पौधे प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से सूर्य की ऊर्जा का दोहन करते हैं, ऑक्सीजन वातावरण में मुक्त की जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित की जाती है। जब पौधे और जानवर साँस लेते हैं, तब कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में जड़ जाती है और ऑक्सीजन ग्रहण की जाती है।
व्यक्ति ने विकास और विस्तार के दौरान पूरी तरह से पर्यावरण पर ध्यान नहीं दिया है। उसने पर्यावरण पर इसके प्रभाव को विचार किए बिना निर्दयतापूर्वक कार्य किया है। इस विस्तार के बुनियादी प्रभाव हैं:
1. वनों की कटाई: पेड़ प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के द्वारा जीवन भर में कार्बन अवशोषित करते है। जैसे ही आदमी ने विकास करना शुरू किया, उसने धीरे धीरे जंगलों को नष्ट कर दिया। जिसके कारण कई समस्याऍ उत्पन्न होती है: वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड की कम अवशोषण शुरू हुआ और अधिक कार्बनडाइऑक्साइड वायु में फैल जाती है।
2. प्रदूषण: मनुष्य विभिन्न प्रकार के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है: हवा, पानी, शोर और भूमि। जले हुए जीवाश्म ईंधन और कचरे को जल निकायों में फेंकना प्रदूषण के कुछ उदाहरण हैं।
1. घास के मैदान पारिस्थितिकी तंत्र।
2. रेगिस्तान पारिस्थितिकी तंत्र।
3. पर्वत पारिस्थितिकी तंत्र।
4. झील और तालाब पारिस्थितिकी तंत्र ।
5. नदी पारिस्थितिकी तंत्र।
6. महासागर और समुद्र पारिस्थितिकी तंत्र।
पानी का विभिन्न प्रयोजनों के लिए प्रयोग किया जाता है जैसे:
1. व्यवसायिक पानी का उपयोग जिसमे ताजा पानी भी शामिल है का उपयोग मोटलों, होटल, रेस्तरां, कार्यालय भवन और अन्य वाणिज्यिक सुविधाओ में किया जाता है।
2. घरेलू पानी का शायद ज्यादातर उपयोग लोग महत्वपूर्ण दैनिक कार्यो में करते है। इसमे पीने, भोजन तैयार करने, नहाने, कपड़े धोने और बर्तन, शौचालय निस्तब्धता और लॉन और उद्यान में पानी के लिए हर दिन घर पर पानी का उपयोग भी शामिल है।
3. औद्योगिक पानी का उपयोग देश के उद्योगों के प्रयोजनों के लिए एक मूल्यवान संसाधन है जैसे- प्रसंस्करण, सफाई, परिवहन, विलियन और विनिर्माण सुविधाओं में ठंडा करने के लिए।
4. सिंचाई पानी के उपयोग खेतों, बागों, चरागाहो और बागवानी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए पानी की कृत्रिम उपयोग भी शामिल है।
A.
प्राथमिक, अंतर्भेदी, बहिर्भेदी
B.
पर्पटी, मैंटल तथा क्रोड
C.
आग्नेय, अवसादी एवं कायांतरित
D.
प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक
शैलों के तीन प्रमुख प्रकार होते हैं। वे आग्नेय, अवसादी एवं कायांतरित हैं। मैग्मा के ठंडा होकर कठोर होने पर आग्नेय शैल का निर्माण होता है, अवसादी शैलों का निर्माण निक्षेपित पदार्थ के संपीडन तथा कायांतरित शैलों का निर्माण कायांतरण प्रक्रिया से होता है।
A.
महासागरीय
पर्पटी
B. एस्थेनोस्फीयर
C. ऊपरी मैन्टल
D. निचला मैन्टल
चित्र निचले मैन्टल को दर्शा रहा है। यह ठोस क्षेत्र 700 किलोमीटर पर प्रारम्भ होता है। यह समरूप कठोर शैलों से बना होता है।
A.
(क)-(iii), (ख)-(ii), (ग)-(i), (घ)-(iv)
B.
(क)-(i), (ख)-(ii), (ग)-(iii), (घ)-(iv)
C.
(क)-(iii), (ख)-(i), (ग)-(ii), (घ)-(iv)
D.
(क)-(iv), (ख)-(iii), (ग)-(ii), (घ)-(i)
सूची क में दी गई पृथ्वी की परतों को सूची ख में दिए गए इसके मुख्य घटकों के साथ मिलान किया गया है।
A.
आग्नेय
B.
अवसादी
C.
कायांतरित
D.
अंतर्भेदी
पेट्रोलियम एवं जीवाश्म ईंधन अवसादी शैलों में पाए जाते हैं।
A.
बेसाल्ट
B.
ग्रेनाइट
C.
चूना पत्थर
D.
क्वार्ट्ज
दक्कन पठार बेसाल्ट शैलों से बना है, जो एक आग्नेय शैल है।
A.
बहिर्भेदी
आग्नेय शैल
B. अंतर्भेदी आग्नेय शैल
C. अवसादी शैल
D. कायांतरित शैल
ग्रेनाइट, अंतर्भेदी आग्नेय शैल का एक प्रकार है, जो बनावट में दानेदार होता है।
A.
बहिर्भेदी
आग्नेय शैल
B. अंतर्भेदी आग्नेय शैल
C. अवसादी शैल
D. कायांतरित शैल
बेसाल्ट, बहिर्भेदी आग्नेय शैल का एक उदाहरण है। इसका निर्माण पृथ्वी की सतह पर मैग्मा के तेजी से ठंडा होकर ठोस बनने के कारण होता है।
यह परत पृथ्वी के केंद्र में पाई जाती है और मुख्यतः निकेल तथा लोहे जैसी भारी धातु से बनी हैl | अधिक तापमान एवं दाब के कारण यह गाढ़े व तरल अवस्था में पाई जाती है l
पृथ्वी की आन्तारिक परतें हैं -
i. भूपर्पटी
ii. मेंटल - ऊपरी मेंटल तथा निचला मेंटल
iii क्रोड़ - बाह्य क्रोड़ तथा आतंरिक क्रोड़|
पतली एवं ठोस परत जो पृथ्वी को बाहर से घेरे हुए है, भूपर्पटी कहलाती है l इसकी मोटाई विभिन्न सतहों पर अलग अलग होती है |
शैल तीन प्रकार के होते हैं:क. आग्नेय शैलक. अवसादी शैल, औरख. कायांतरित शैल
किसी भी प्रकार का प्राकृतिक खनिज पदार्थ जो पृथ्वी की पर्पटी को बनाता है, उसे शैल कहा जाता है|
1.
2.
3.
4.
1.
2.
3.
4.
परतदार तथा आग्नेय शैलों में दाब एवं ताप द्वारा परिवर्तन के फलस्वरूप रूपांतरित शैलों का निर्माण होता हैl l इस क्रिया के दौरान चट्टानों का संगठन और रूप रंग बदल जाता है उदाहरण - कोयला तेज़ ताप और दाब के कारण हीरे में बदल जाता हैl
परतदार शैलों की विशेषताएं -
iii. इनमें जीवाश्म पाए जातें हैं l
|
(1) आग्नेय शैल |
(a) परतदार शैल |
|
(2) लोएस |
(b) क्रोड़ |
|
(3) क्वार्टज़ |
(c) 30 कि. मी. गहराई |
|
(4) निफे |
(d) ज्वालामुखी |
|
(5) ऊपरी मेंटल |
(e) रूपांतरित शैल |
|
(6) भूपर्पटी |
(f) सिमै |
1. - (d)
2. - (a)
3. - (e)
4. - (b)
5. - (f)
6. - (c)
1. स्थलमंडल
2. 2000
3. सीऐल
4. मेग्मा
5. रूपांतरित
6. अपरदन
यह शैल द्रवित मैग्मा के ठन्डे होकर ठोस हो जाने के कारण बनता है| ‘आग्नेय’ शब्द लैटिन शब्द ‘इग्निस’ से व्युत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ ‘अग्नि’ है। इस प्रकार के शैल का एक उदाहरण है, ग्रेनाइट|
आग्नेय शैलों को दो प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है:
क. अंतर्भेदी आग्नेय शैल: यह शैल पृथ्वी की गहराई में द्रवित मैग्मा के ठन्डे होने के कारण बनता है| उदाहरण के लिए: ग्रेनाइट और पेग्मेटाइट|ख. बहिर्भेदी आग्नेय शैल: ये शैल पृथ्वी की सतह पर द्रवित लावा के तेजी से ठंडा होने के कारण बनते हैं। उदाहरण के लिए: बेसाल्ट और ओब्सीडियन|
आग्नेय शैल की प्रमुख विशेषताएं -
5. सोना, चांदी और लोहे जैसे खनिज पदार्थ पाए जातें हैंl
A.
भारत में
B.
चीन में
C.
पाकिस्तान में
D.
नेपाल में
जब बालू कण विस्तृत क्षेत्र में निक्षेपित हो जाते है, तो इसे लोएस कहते हैं। ये चीन में पाए जाते हैं।
A.
स्टैक
B.
मेहराब
C.
भृगु
D.
हिमोढ़
हिमोढ़ का निर्माण बर्फ द्वारा लाई गयी शैल, रेत एवं तलछट मिट्टी से होता है। जब हिमनद नीचे की तरफ गति करती है, वे पर्वत के किनारे का अपरदन करती हैं। जैसे ही वे मैदानों में पहुँचती हैं, वे पिघलना प्रारम्भ कर देती हैं और अपने भार को निक्षेपित करती हैं। इन्हें हिमोढ़ कहा जाता है।
A.
लोएस
B.
मेहराब
C.
हिमोढ़
D.
डेल्टा
समुद्र द्वारा निर्मित एक स्थलाकृति मेहराब है।
A.
बाढ़कृत मैदान
B.
तटबंध
C.
समुद्र तट
D.
स्टंप
तटबंध नदी के किनारे प्राकृतिक या कृत्रिम निर्मित दीवार होती है। नदी की प्राकृतिक गति अपने अवसादों को एक तरफ धकेलती है और प्राकृतिक तटबंध का निर्माण करती है।
A.
चाप झील
B.
लवण झील
C.
विवर्तनिक झील
D.
स्वच्छ जल झील
नदी के विसर्पी लूप से कट कर बनने वाली अलग झील को चाप झील कहते हैं।
A.
जलप्रपात
B.
विसर्प
C.
बाढ़कृत मैदान
D.
डेल्टा
नदी के मार्ग में मोड़ और बदलाव विसर्प के रूप में जाना जाते हैं, और इस प्रकार की नदी को विसर्पी नदी कहते हैं।
A.
जल प्रपात
B.
विसर्प
C.
बाढ़कृत मैदान
D.
सर्क
जब नदी किसी खडे़ ढाल वाले स्थान से अत्यधिक कठोर शैल या खड़े ढाल वाली घाटी में गिरती है, तो जलप्रपात का निर्माण करती है।
जब रेत के कण महीन और हल्के होते हैं तो हवा बहुत लंबी दूरी तक उठा कर ले जा सकती है। जब ये रेत के कण एक बड़े विस्तृत क्षेत्र में निक्षेपित हो जाते है तो ऐसे लोएस कहते है। लोएस के विशाल निक्षेप आम तौर पर चीन में पाए जाते हैं।
रेगिस्तान में कटाव और निक्षेपण का सक्रिय आधार हवा होती है। रेगिस्तान में हवाए रेत का कटाव ऊपरी भाग की तुलना में चट्टान के निचले खंडो पर पर अधिक होता है। इसलिए चट्टानों आधार संकरा और शीर्ष व्यापक होता है जो मशरूम के आकार की चट्टानों को जन्म देता है।
स्थलमण्डल अनेक प्लेटों में विभाजित है, जिन्हे स्थलमण्डलीय प्लेट कहते है। ये बहुत धीमी गति से घूमती है। इनमें से कुछ बड़ी, कुछ छोटी एवं कुछ कठोर असमान आकार की प्लेटे होती है, जिन पर महाद्वीप एवं महासागर की सतहे टिकी होती है।
स्थलमण्डलीय प्लेट हमेशा धीमी गति से चारो तरफ घूमती रहती है - प्रत्येक वर्ष कुछ मिलीमीटर के लगभग। पृथ्वी के अंदर पिघले हुए मैग्मा में होने वाली गति के कारण ऐसा होता है। पृथ्वी के अंदर पिघला हुआ मैग्मा एक वृतीय रूप में घूमता रहता है।
पृथ्वी की गति को उन बलो के आधार पर विभाजित किया गया है जिनके कारण ये गतियाँ उत्पन्न होती है। जो बल पृथ्वी के आंतरिक भाग में घटित होते है। उन्हें अंतर्जनित बल कहते है।
भूकंप तरंगे तीन प्रकार हैं:
1. पी तरंगे या अनुदैर्ध्य तरंगे
2. एस तरंगे या अनुप्रस्थ तरंगे
3. एल तरंगे या पृष्ठीय तरंगे
भूकम्प से बचाव के उपाय: सुरक्षित स्थान- रसोई के काउंटर या मेज के नीचे, दीवार के अंदरुनी कोने में।
इनसे दूर रहे- आग वाले स्थान, आस-पास तथा टूट सकने वाली खिड़कियों, दर्पण एवं तस्वीर फ़्रेम से।
पहले से तैयार रहे - अपने दोस्तों एवं पारिवारिक सदस्यों के बीच जागरूकता फैलाए एवं आपदा का सामना विश्वास से करें।
तीन लैगून हैं:
1. चिल्का झील।
2. पुलिकट झील।
3. कोल्लेरू झील।
समुद्र की लहरो का अपरदन और निक्षेपण तटीय भू-आकृतियों को जन्म देता है। तटीय क्षेत्रों के विभिन्न भू-आकृतिया लगभग विशेष रूप से समुद्र की लहरों के टकराने से निर्मित होने का परिणाम है। लहरो ने दुनिया की सबसे शानदार कटावदार भू-आकृतियों का निर्माण किया है जैसे- समुद्र गुफाऍ, समुद्र मेहराब, स्टैक और समुद्र भृगु। जहां लहरो की ऊर्जा निक्षेपित भू-आकृतियों को कम करती है जैसे- समुद्री तटों का निर्माण।
भूकंप को इसकी तीव्रता के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है:
(1) जिस भूकम्प की तीव्रता 2.0 अथवा उससे कम होती है, उसका प्रभाव नही के बराबर होता है।
(2) जिस भूकम्प की तीव्रता 5.0 होती है, वह वस्तुओ के गिरने से क्षति पहुँचा सकता है।
(3) जिस भूकम्प की तीव्रता 6.0 अथवा उससे अधिक होती है। वह बहुत शक्तिशाली होता है।
(4) जिस भूकम्प की तीव्रता 7.0 अथवा उससे अधिक होती है, वह सर्वाधिक शक्तिशाली माना जाता है।
भूकंप पृथ्वी के आंतरिक भाग से ऊर्जा के अचानक मुक्त होने पर पृथ्वी की सतह पर झटके है। भूकंप को भूकम्पलेखी मशीन से मापा जाता है। भूकंप की तीव्रता को रिक्टर पैमाने पर मापा जाता है। 1935 में चार्ल्स रिक्टर ने इसे विकसित किया था। भूकंप को उसकी तीव्रता के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है।
रेगिस्तान में चट्टानों एक मशरूम के आकार में बनती हैं। यह हवा के अपरदन से खुदी हुई होती है। छत्रक शैल कटाव और प्रतिकूल मौसम की प्रक्रियाओं की सबसे प्रबल अभिव्यक्तियों में से एक हैं। इनका निर्माण होता हैं जब एक अलग चट्टान का अपरदन शीर्ष से तल तक परत दर परत होता है। रेत के हवा जनित कण घर्षण से सबसे ऊपर की तुलना में नीचे की और अधिक तेजी से जमीन के पहले तीन फीट के भीतर अधिक फैल जाते है।
A.
पवन
B. समुद्र तल में वृद्धि
C. भूकंप
D. जनसँख्या में वृद्धि
भूमंडलीय तापन के कारण तापमान में वृद्धि होती है। इस तापमान वृद्धि के कारण ध्रुवीय बर्फ चोटियाँ और हिमनद पिघलतें हैं| परिणामस्वरूप समुद्र के जलस्तर में वृद्धि होती है, जिससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ आ जाती है।
A.
कार्बन
डाइआक्साइड
B. ऑक्सीजन
C. नाइट्रोजन
D. हीलियम
कार्बन डाइऑक्साइड एक ग्रीन हाउस गैस माना जाता है। वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैसें वे गैसें होती हैं, जो विकरित ऊष्मा पृथ्वी पर रोककर ग्रीन हाउस पैदा करती हैं।
A.
वायुदाब
B. आतपन
C. तापमान
D. ऊँचाई
वायु में उपस्थित ताप एवं शीतलता के परिमाण को तापमान कहते हैं। है। वायुमंडल के तापमान में परिवर्तन न केवल दिन और रात के बीच बल्कि विभिन्न मौसमों के बीच भी होता है।
A.
आयनमंडल
B. समतापमंडल
C.
बहिर्मंडल
D. मध्यमंडल
मध्यमंडल, समतापमंडल के ऊपर स्थित होती है। इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में कमी आती है और यह -85 डिग्री तक गिर जाता है।
A.
4 परतों
B.
3 परतों
C.
5 परतों
D.
6 परतों
हमारा वायुमंडल 5 परतों में विभाजित है। ये हैं : 1. क्षोभमंडल 2. समतापमंडल 3. मध्यमंडल 4. बाह्य वायुमंडल 5. बहिर्मंडल
A.
ऑक्सीजन
B. नाइट्रोजन
C. कार्बन डाइऑक्सइड
D. हीलियम
नाइट्रोजन वायुमंडल का सबसे प्रमुख गैस है। कुल वायु में इसकी भागीदारी 78% है।
A.
ऑक्सीजन
B.
नाइट्रोजन
C.
कार्बन डाईऑक्साइड
D.
आर्गन
वायुमंडल गैसों का मिश्रण है। इसके कुल संघटन में 99% हिस्सेदारी नाइट्रोजन और ऑक्सीजन की है। कार्बन डाईऑक्साइड की 0.03% की हिस्सेदारी है।
A.
नदी
B.
समुद्र
C.
पर्वत
D.
घाटी
चक्रवात समुद्र से उठते हैं। ये गर्म जल की विशाल राशि के ऊपर बनते हैं और स्थल के ऊपर चलने पर अपनी ऊर्जा खो देते हैं। यही कारण है कि तटीय क्षेत्रों को उष्णकटिबंधीय चक्रवात से भारी नुकसान होता है।
i) ऊष्मा संतुलन- कार्बन डाइऑक्साइड और पानी की वाष्प पृथ्वी की सतह से उत्सर्जित ऊष्मा विकिरणों को अवशोषित कर और रात में वातावरण को गर्म रखती हैं।
ii) अल्ट्रा वायलेट किरणों के लिए शील्ड - ओजोन गैस की परत 15-35 किमी की ऊंचाई पर वातावरण की आंशिक रूप से हानिकारक अल्ट्रा वायलेट किरणों को अवशोषित कर लेती है।
iii) मौसम और जलवायु - सभी मौसम सम्बन्धी घटनाए वातावरण में होती है जैसे- वाष्पीकरण, वर्षा, हवाए आदि।
|
समताप मंडल |
ताप मंडल |
|
i) क्षोभ मंडल के ऊपर है। |
i) मध्यम मंडल के ऊपर है। |
|
ii) तापमान स्थिर रहता है। |
ii) तापमान मे ऊंचाई के प्रारंभ होने के साथ वृद्धि होती है। |
|
iii) ओजोन गैस शामिल है। |
iii) विद्युत आयन कण शामिल है। |
विशाल चक्रवात 28 अक्टूबर 1999 को उड़ीसा में आया था। विशाल चक्रवात के दौरान हवा की गति 300किमी/घंटा थी। इन हवाओं ने किनारे पर पानी को तेजी से एक ऊंची दीवार पर धक्का देने के समान तेजी से उछाल दिया जिससे बड़े क्षेत्र में बाढ़ आयी। गरीब मछुआरो के घर आसानी से नष्ट हो गए थे। 10,000 से अधिक लोग और जानवर बड़ी संख्या में मारे गए थे। लाखों बेघर हो गए थे। फसलों को भी क्षति हुई थी।
वातावरण एक कंबल के रूप में कार्य करता है। सभी जीवित चीजें अपने अस्तित्व के लिए उस पर निर्भर करते हैं। यह हमे सांस लेने के लिए हवा प्रदान करती है और हानिकारक सूरज की किरणों से बचाता है। अन्यथा हम दिन के दौरान सूरज की गर्मी से जिंदा पक जाएंगे और रात के दौरान जम जाते।

|
क्षोभ मंडल |
समताप मंडल |
|
1) यह वातावरण के निम्नतम और सघनतम परत है। 2) 8-18 किमी तक फैली हुई है। 3) इसमे बादल शामिल है। 4) सभी मौसम संबंधी घटनाए यहाँ होती है। |
1) यह वातावरण की दूसरी परत है 3) इसमे ओजोन परत शामिल है। 4) यह मौसम संबंधी घटनाओ और बदलो मुक्त है। |
कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण की महत्वपूर्ण गैस है। यह जुडी हुई है और इसका प्रयोग भी किया जाता है। इसने संतुलन निम्न तरीकों से बनाए रखा है:
• हरे पौधों इसे भोजन बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
• पशु और मनुष्य वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।
• यह एक सही संतुलन है, जो जीवाश्म ईंधन के जलने से असंतुलित होता है जो कि आवश्यकता पड़ने पर बड़ी मात्रा में जुड़ जाती है।
स्टीवेंसन स्क्रीन को सीधे धूप और पानी से दूर रखा जाता है, लेकिन वहाँ हवा का प्रवाह स्वतंत्र रूप से होता है।
यदि थर्मामीटर को विभिन्न रंगों में रखा जाता है, यह ठंडी दीवारों के कारण विकिरण से गर्मी खो देता है। इसलिए रीडिंग सामान्य हवा के तापमान में ली जाती है। जब थर्मामीटर को सीधे धूप में रखा जाता है, तो यह सूर्य की अधिक विकिरण का अवशोषण करता है। इसलिए, इसकी रीडिंग हवा के तापमान में थोड़ी अधिक होती है।
इस त्रुटि को दूर करने के लिए गर्म और ठंडे स्रोतों से थर्मामीटर की रक्षा करना आवश्यक है इसलिए इसे स्टीवेंसन स्क्रीन में रखा जाता है।
1. वर्षा
2. साफ आसमान
3. आंशिक रूप से बादल छाना
4. मेघ गर्जन
5. बर्फबारी
पर्यावरण गैसों, धूल और पानी भाप से बना होता है। गैसे:
नाइट्रोजन - यह तेजी से श्वसन और दहन को नियंत्रित करती है। यह पौधों में प्रोटीन भी पैदा करती है।
ऑक्सीजन - यह साँस लेने के लिए आवश्यक है और ईंधन के जलने में भी मदद करती है।
कार्बन डाईऑक्साइड - यह वनस्पति के विकास के लिए आवश्यक है।
उत्कृष्ट गैस - इसमे हीलियम, आर्गन, जिनॉन, नियॉन और रेडॉन भी शामिल है। वे रासायनिक निष्क्रिय गैसे हैं और बहुत कम मात्रा में पायी जाती हैं।
जल वाष्प - इसमे गर्मी को अवशोषित करने की क्षमता है और जलवायु घटनाएं नियंत्रित करती हैं।
धूल – यह आर्दृता ग्राही नाभिक के रूप में कार्य करता है और बादलों और कोहरे का कारण बनता है।

वातावरण की निम्नलिखित परते हैं:
क) क्षोभ मंडल - सभी बदलते मौसम घटनाए इस परत में होती है।
ख) समताप मंडल - ओजोन परत इस परत में मौजूद है।
ग) मध्यम मंडल - यह परत का तापमान बहुत कम है।
घ) ताप मंडल – इसमे विद्युत चार्ज कण शामिल है। यह आयनों के रूप में जाना है।
ई) बहिर्मंडल - तापमान 300 डिग्री सेल्सियस से 1650 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है।
A.
अफ्रीकी प्लेट
B.
बर्मा प्लेट
C.
भारत-ऑस्ट्रेलिया के प्लेट
D.
उत्तर अमेरिकी प्लेट
भारतीय प्लेट, बर्मा प्लेट के नीचे धँस गई थी। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 9.0 थी। समुद्र तल में अकस्मात गति उत्पन्न होने के कारण यह भूकंप आया।
A.
पोटेशियम क्लोराइड
B.
कैल्शियम क्लोराइड
C.
सोडियम क्लोराइड
D.
मैग्नीशियम क्लोराइड
हमारे भोजन में प्रयोग किये जाने वाले नमक का रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड (NaCl) है। क्लोराइड और सोडियम आयन, नमक के दो प्रमुख घटक हैं। यह नमक सभी ज्ञात जीवित प्राणियों और साथ-साथ मानव के अस्तित्व के लिए आवश्यक है।
A.
जकार्ता
B.
सुमात्रा
C.
जावा
D.
लक्षद्वीप
इस भूकंप का अधिकेंद्र सुमात्रा की पश्चिमी सीमा पर था। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 9.0 मापी गई थी।
A.
उद्योग
B.
कृषि
C.
विनिर्माण क्रियाकलाप
D.
घरेलू गतिविधि
हम सभी जानते हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है| हम कृषि के लिए सबसे अधिक जल का उपयोग करते हैं।
A.
लेब्राडोर धारा
B.
गल्फ धारा
C.
ओयाशिओ धारा
D.
पेरू धारा
गल्फ धारा एक गर्म महासागरीय जलधारा होती है, जो उत्तर अटलांटिक महासागर में बहती है।
A.
भूमध्य रेखा
B.
निम्न अक्षांश से उच्च अक्षांश की ओर
C.
ध्रुवों से कटिबंध की ओर
D.
भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर
ठंडी धाराएँ, ध्रुवों या उच्च अक्षांशों से उष्णकटिबंधीय या निम्न अक्षांशों की ओर प्रवाहित होती हैं।
A.
भूमध्य रेखा
B.
निम्न अक्षांश
C.
उच्च अक्षांश
D.
ध्रुव
गर्म महासागरीय धाराएँ, भूमध्य रेखा के निकट उत्पन्न होती हैं एवं ध्रुवों की ओर प्रवाहित होती हैं।
A.
4 प्रकार
B.
2 प्रकार
C.
5 प्रकार
D.
6 प्रकार
महासागरीय धाराएँ दो प्रकार की होती हैं - गर्म धाराएँ और ठंडी धाराएँ।
A.
दिन में दो बार नियम से महासागरीय जल का उठना एवं गिरना
B.
विशाल तरंगें जो बंदरगाहों को नष्ट कर सकती हैं।
C.
महासागरीय जल का लगातार उठना एवं गिरना
D.
बढ़ते जल से तटीय क्षेत्रों में बाढ़
दिन में दो बार नियम से महासागरीय जल का उठना एवं गिरना ‘ज्वार-भाटा’ कहलाता है।
इसका आविष्कार 1805 ईस्वी में ब्रिटेन के सर फ्रांसिस बोफ़र्ट द्वारा किया गया था।
वायुमंडल गैसों, धूल के कण, पानी वाष्प आदि का एक मिश्रण है। इसने चारों ओर से पृथ्वी को घेरे हुए है।
क्षोभ मंडल भूमध्य रेखा पर 18 किमी और ध्रुवों पर 8 किमी की ऊंचाई तक फैली है।
यह एक प्रक्रिया है जिसमे कुछ पदार्थों के अणु विद्युत चार्ज होते हैं।
संघनित जल वाष्प का गिरना वर्षा के रूप में जाना जाता है। यह बर्फ, ओले, बारिश आदि के रूप में हो सकती है।
चक्रवाती वर्षा को संवहनीय वर्षा भी कहा जाता है। चक्रवात के दौरान गर्म हवाऍ और ठंडी हवाऍ विपरीत दिशाओं में अक्सर मिलती है। जहाँ यह मिलती हैं, वह अलग क्षेत्र का निर्माण होता है उसे फ्रंट के रूप में जाना जाता है। गर्म हवा तिरछी होकर ठंडी हवा से ऊपर उठती है। यह ठंडक संघनित होकर बारिश का कारण बनती है।