पौधों के बीज से प्राप्त तेल के दो विभिन्न प्रकार सरसों का तेल और सूरजमुखी का तेल हैं।
शहद, क्योंकि इसमें विटामिन और खनिज पदार्थ होते हैं जो इसकी रोगों के विरुद्ध लड़ने में सहायता करते हैं और कार्बोहाइड्रेट जो ऊर्जा प्रदान करते हैं।
a) भिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रीयों में भिन्न - भिन्न पोषक तत्व होते हैं। इसलिए एक भोजन में एक से अधिक डिश खाने से हम हमारे शरीर के लिए अधिक पोषक तत्व प्राप्त कर सकते हैं।
b) मछली, ओमेगा− 3 वसीय अम्ल की एक अच्छी स्त्रोत है।
a) भोजन दिन में एक बार लिए जाने वाला खाना है।
b) प्याज का खाने योग्य भाग शल्ककंद है।
केले के खाने योग्य भाग हैं:-
1. बिना पका केला
2. पका हुआ केला
3. पुष्प
4. तना
1. जल हमारे शरीर का ताप नियमन में सहायक है।
2. हमारे आहार में से कैल्शियम का घटना हड्डियों की कोमलता और दांतों की क्षति को प्रेरित करता है।
1. सब्जियाँ
2. फल
3. मसाले
4. वनस्पति तेल
मछली को भोजन के रूप में लेने के दो प्रमुख लाभ हैं-
1. मछली प्रोटीन का प्रचूर स्त्रोत है।
2. मछली का उपभोग हृदय रोगों के खतरे को कम करता है।
1. दूध में अत्यधिक प्रोटीन (जिनमें कैसीन अत्यधिक महत्वपूर्ण में से एक है) और कुछ मात्रा वसा की होती है। दूध फोस्फोरस और कैल्शियम जैसे खनिज जो हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक हैं से समृद्ध स्रोत है। यह एक ऊर्जादायक पेय है जो मांसपेशियों और हड्डियों के निर्माण में और शरीर के विकास में भी सहायता करता है। दूध एक पूर्ण भोजन के रूप में माना जाता है।
2. दुग्ध उत्पाद दही, चीज, बटर, और घी हमारे दैनिक आहार में काम आते हैं।
3. खाद्य को बनाने के लिए आवश्यक पदार्थ, सामग्री कहलाते हैं।
| स्थान | मुख्य भोजन |
| राजस्थान | |
| तमिल नाडु | |
| पंजाब | |
| गुजरात |
a) गिलहरी अनाज और बीज खाती है, छिपकली कीड़ों को खाती है और एक मच्छर खून पीता है।
b) स्प्राउट्स को पानी से निकाल कर एक बर्तन में गीले कपड़े से ढक कर पूरी रात छोड़ दे। पर्याप्त नमी की उपलब्धता पर, पौधों के बीज एक छोटी सफेद संरचना को बाहर निकालते हैं। इस अवस्था पर, बीज को अंकुरित कहते हैं। अंकुरित बीज प्रोटीन, विटामिन और खनिज पदार्थों में समृद्ध होता है। इसलिए, ये स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।
c)
|
स्थान |
मुख्य भोजन |
|
राजस्थान |
दाल-बाटी |
|
तमिल नाडु |
रसम |
|
पंजाब |
सरसों-का-साग और मक्की-की-रोटी |
|
गुजरात |
ढोकला |
a) हरे पादप अपना भोजन प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा प्राप्त करते हैं। इस प्रक्रिया में पर्णहरित की सहायता से हरे पादप सूर्य के प्रकाश को पकड़ते हैं और शर्करा को संश्लेषित करते हैं जिससे कार्बन डाइऑक्साइड और जल से ग्लुकोज़ की प्राप्ति होती है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीज़न सह-उत्पाद के रूप में निकाली जाती है।
b) आयोडीन
c) कोड लीवर ऑयल विटामिन D का एक अच्छा स्त्रोत है।
|
कार्ओहाइड्रेट |
प्रोटीन |
|
ये उर्जादायक हैं। |
ये शरीर निर्माणकारी पदार्थ हैं। |
|
उदाहरण: अनाज, आलू आदि। |
उदाहरण: दूध और अण्डे |
2. स्कर्वी
| भोजन | स्त्रोत |
| अण्डे | |
| चावल | |
| दही |
|
भोजन |
स्त्रोत |
|
अण्डे |
जंतु |
|
चावल |
पादप |
|
दही |
जंतु |
A.
छोटे कीट
B.
पराग
C.
अंकुरित बीज
D.
अनंकुरित बीज
तितली पराग को खाती है।
A.
मकड़ी
B.
छिपकली
C.
चमगादड़
D.
मधुमक्खी
मकड़ी, छिपकली और चमगादड़ कीटाहारी हैं।
A.
अंकुरित बीज
B.
केवल घरेलू पशु
C.
केवल हरी पत्तियाँ
D.
अन्य जंतुओं का मांस
जो जन्तु अन्य जंतुओं का मांस खाते हैं वे मांसाहारी कहलाते हैं।
A.
दूध
B.
दही
C.
काबुली चना
D.
शहद
केवल काबुली चना एक पादप उत्पाद है। दूध एक जन्तु द्वारा उत्पादित उत्पाद है। दही, दूध से प्राप्त होता है और शहद एक जन्तु उत्पाद है।
A.
अदरक
B.
आलू
C.
गाजर
D.
प्याज़
गाजर जो हम हमारे प्रतिदिन खाद्य में खाते हैं वह एक खाद्य जड़ है। अन्य सभी संशोधित तने हैं।
A.
मगरमच्छ
B.
मेंढक
C.
छिपकली
D.
साँप
मगरमच्छ एक मांसाहारी जन्तु है। ये अन्य जंतुओं के मांस को खाता है।
A.
क्रीम
B.
चीज़
C.
रोटी
D.
घी
रोटी अनाज से प्राप्त होती है।
A.
बिल्ली
B.
बंदर
C.
चील
D.
साँप
बंदर पेड़ों के फलों को खाता है। अन्य सभी जन्तु मांसाहारी हैं।
A.
मांसाहारी
B.
शाकाहारी
C.
सर्वाहारी
D.
कीटाहारी
चूहा सर्वाहारी है जो पादप और जंतुओं दोनों को अपने प्राथमिक खाद्य स्रोत के रूप में खाता है।
A.
हल्दी
B.
मिर्च
C.
दालचीनी
D.
अदरक
मिर्च के पौधों के फल मसालों के रूप में उपयोग में लिए जाते हैं। अन्य मसाले पेड़ों के तने या छाल से प्राप्त होते हैं।
A.
बाघ
B.
शेर
C.
गीदड़
D.
भालू
भालू सर्वाहारी जन्तु है लेकिन अन्य सभी मांसाहारी जन्तु है जो अन्य जंतुओं का मांस खाते हैं।
A.
तेल प्रदान करता है।
B.
गोंद बनाता है।
C.
कागज बनाता है।
D.
रबर प्रदान करता है।
नारियल के पेड़ तेल प्रदान करता है, जो भोजन की तैयारी में प्रयोग किया जाता है।
A.
इसकी पत्तियों का आस्वादन करना
B.
उसकी पत्ती के प्रकार का परीक्षण
C.
एक प्रयोगशाला में उसके भागों का परीक्षण
D.
उसकी शारीरिकी का अध्ययन
कुछ पौधों की पत्तियाँ जहरीली होती है इसलिए पौधे के परीक्षण के लिए उनकी पत्तियों का स्वाद लेना गलत है।
A.
गिद्ध
B.
कौवा
C.
तोता
D.
बाज़
गिद्ध और बाज मांसाहारी हैं, कौवा एक सर्वाहारी है और तोता एक शाकाहारी है।
जो जन्तु अन्य जंतुओं को खाते हैं उन्हें मांसाहारी कहते हैं। उदाहरण − शेर और बाघ।
हमारे भोजन के मुख्य स्रोत पादप और जन्तु हैं। दूध, अंडे, मांस और चिकन जन्तु द्वारा हमें प्राप्त भोजन पदार्थ हैं।
जन्तु जो पादप और अन्य जंतुओं दोनों को खाते हैं उन्हें सर्वाहारी कहते हैं। उदाहरण- मनुष्य, कौवा आदि।
मधुमक्खियाँ पुष्पों से पराग एकत्रित करती हैं और शहद में परिवर्तित कर देती हैं। शहद पूरे साल उपयोग करने के लिए करंड में संग्रहित होता है।
अनेक पादप बीज जैसे सरसों के बीज, धनिये के बीज, कालीमिर्च और जीरा मसालों के रूप में काम आते हैं।
हमें विभिन्न गतिविधियों को करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ये ऊर्जा हमें हमारे खाने से प्राप्त होती है जो कोशिकाओं में ऊर्जा मुक्त करने के लिए ऑक्सीकृत होते हैं।
A.
दवाइयों
B.
केवल दूध
C.
संतुलित आहार
D.
आराम
एक कुपोषित बच्चे को दवाइयों, आराम आदि की आवश्यकता नहीं है। केवल दूध शरीर के पोषक तत्वों की मांग को पूरा नहीं कर सकता है। इसलिए उसे एक संतुलित आहार की अवशयकता है।
A.
केवल कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं।
B.
कार्बोहाइड्रेट्स और खनिज पदार्थ समान मात्रा में होते हैं।
C.
कार्बोहाइड्रेट्स कम मात्रा में और खनिज पदार्थ अधिक मात्रा में होते हैं।
D.
कार्बोहाइड्रेट्स अन्य पोषक तत्वों की तुलना में अधिक मात्रा में होते हैं।
विभिन्न खाद्य पदार्थों में विभिन्न पोषक तत्वों की मात्रा उपस्थित होती है। एक खाद्य को एक विशिष्ट पोषक तत्व का अच्छा स्रोत इसलिए कहा जाता है क्योंकि उसमें वह पोषक तत्व अन्य पोषक तत्वों की तुलना में अधिक मात्रा में होता है। इसी के समान चावल में भी कार्बोहाइड्रेट्स अन्य पोषक तत्वों की तुलना में अधिक मात्रा में होते हैं।
A.
प्रोटीन
B.
विटामिन
C.
सेलुलोज़
D.
कार्बोहाइड्रेट्स
प्रोटीन शरीर के विकास में सहायता करते हैं। सेलुलोज़ ऊर्जा नहीं देता है। विटामिन स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायता करता है। कार्बोहाइड्रेट्स ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ हैं।
A.
प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स
B.
प्रोटीन और खनिज पदार्थ
C.
विटामिन और खनिज पदार्थ
D.
प्रोटीन और विटामिन
विटामिन और खनिज पदार्थ हमें संक्रमण और बीमारियों से बचाते हैं।
चावल
भोजन में अपाच्य सामग्री को रुक्षांश कहते हैं।
विटामिन K रक्त के थक्के के निर्माण में सहायता करता है।
कैलोरी ।
सब्जियाँ और फल ।
प्रोटिन्स ।
मछली, समुद्री खाद्य पदार्थ, आयोडीन युक्त नमक को खाने से इसे रोका जा सकता है।
आयोडीन की कमी के कारण होने वाला रोग घेंघा है।
विटामिन और खनिज पदार्थों को सुरक्षात्मक खाद्य पदार्थ के रूप में जाना जाता है।
ये हमारे शरीर को रोगों से बचाते हैं।
(i) कार्बोहाइड्रेट्स (ii) वसा
एक आहार जिसमें वृद्धि के लिए सभी पोषक तत्व शामिल हैं और अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायता करता है उसे संतुलित आहार कहते हैं।
संतुलित आहार का सेवन कर अभावजन्य रोगों को रोका जा सकता है।
नरम और मुड़ी हुई हड्डियाँ ।
प्रोटीन ।
केला ।
शरीर की वृद्धि के लिए आवश्यक मुख्य पोषक तत्व कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटिन्स, वसा, विटामिन, खनिज पदार्थ, रेशे और जल हैं।
a) अंकुरित बीज, नवपादप सहित बीज हैं। बीजों को एक दिन पहले जल में भिगोया जाता है। पानी निकालकर गीले कपड़े में लपेटकर एक दिन के लिए और छोड़ देते हैं। अंकुरण के बाद, इन्हें कच्चा भी खाया जा सकता है । इन्हें उबाल भी सकते हैं । इनमें मसाले मिलाकर टेस्टी स्नेक्स भी बना सकते हैं।
b) जंतुओं से प्राप्त वसा, घी और कोड (मछली) लिवर ऑयल हैं। सरसों का तेल, मूंगफली का तेल पादपों से प्राप्त वसा हैं।
1. प्याज़ : शल्ककंद
2. बैंगन : फल
3. सरसों : बीज और पत्तियाँ
4. चाय : पत्तियाँ
5. गन्ना : तना
1. यह सजीवों की वृद्धि और विकास में सहायक है।
2. यह सजीवों को भौतिक कार्य करने के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं।
3. यह क्षतिग्रस्त शारीरिक अंगों की मरम्मत और प्रतिस्थापन के लिए आवश्यक है।
4. यह हमें रोगों के प्रति प्रतिरोधकता देता है और संक्रमण से बचाता है।
5. यह शारीरिक कार्य जैसे श्वसन और परिसंचरण के लिए ऊर्जा प्रदान करने में सहायता करता है।
1. शाकाहारी
2. कार्बोहाइड्रेट
3. सलाद पत्ता
4. दालें और मांस
5. एनिमिया
A.
विटामिन A
B.
विटामिन C
C.
विटामिन D
D.
विटामिन B
खाना पकाने के दौरान गर्मी विटामिन C को नष्ट करती है। विटामिन C की कमी से रोग होता है जिसे स्कर्वी कहते हैं।
A.
कमजोर मांसपेशियाँ और नरम अस्थियाँ
B.
मज़बूत अस्थियाँ और मज़बूत मांसपेशियाँ
C.
आँखों की रोशनी का कम होना
D.
श्वसन की कमजोर क्षमता
कैल्शियम शरीर की अस्थियों में जमा होता है। इसकी कमी बच्चों में रिकेट्स का कारण बनती है।
A.
कार्बोहाइड्रेट्स
B.
प्रोटिन्स
C.
आयोडीन
D.
आयरन
आयोडीन थायरॉयड ग्रंथि के समुचित कार्य के लिए हमारे शरीर में आवश्यक होता है।
A.
ऊर्जा देने वाला भोजन है।
B.
शरीर वर्धक भोजन है।
C.
सुरक्षात्मक भोजन है।
D.
रुक्षांश है।
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए आवश्यक है क्योंकि ये जीव के शरीर के विकास और मरम्मत में सहायता करता है।
A.
बीज जो घास से प्राप्त होते हैं।
B.
फल जो घास से प्राप्त होते हैं।
C.
सब्जियाँ
D.
जन्तु उत्पाद
अनाज बीज हैं जो घास से उत्पादित होते हैं जैसे जौ, गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा, जई, चावल, राई और सोरगम।
A.
विटामिन A
B.
विटामिन D
C.
विटामिन E
D.
विटामिन K
हमारे शरीर में विटामिन D की कमी से रिकेट्स (कमजोर अस्थियाँ और दाँतों में सड़न) होता है।
A.
शर्करा
B.
शहद
C.
गुड़
D.
जाम
शहद मधुमक्खियों द्वारा प्राप्त होता है जो एक प्रकार की कीट है।
A.
कास्टिक सोडा
B.
लवण
C.
HCl
D.
आयोडीन
आयोडीन की उपस्थिति में स्टार्च नीला काला रंग देता है।
A.
खनिज पदार्थ
B.
वसा
C.
शर्करा
D.
प्रोटिन्स
ग्लूकोज़ और फ्रुक्टोज शर्करा है जो कार्बोहाइड्रेट वर्ग के अंतर्गत आते हैं।
A.
तना
B.
फल
C.
पत्ती
D.
पुष्प
हम या तो पादप के उत्पाद या फिर जन्तु उत्पाद हमारे भोजन के स्रोत के रूप में उपयोग में लेते हैं। पादपों के मामले में कोई भी भाग जैसे पुष्प, तना या फल खाने योग्य होते हैं। गोभी के मामले में पत्तियाँ भोजन के रूप में उपयोग हुई हैं।
A.
कार्बोहाइड्रेट
B.
वसा
C.
प्रोटीन
D.
विटामिन
स्टार्च ग्लूकोज़ की कई इकाइयों का बना होता है और एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट होता है।
A.
वसा
B.
कार्बोहाइड्रेट्स
C.
प्रोटीन
D.
कैल्शियम
प्रोटीन एक शरीर की लगभग सभी संरचनाओं के गठन में शामिल हैं।
A.
क्वाशियोरकॉर
B.
मोटापा
C.
एनेमिया
D.
स्कर्वी
अधिक खाने से पाचन समस्याएँ और मोटापा होता है। मोटे व्यक्ति अस्वस्थ होते है। मोटापा कई बीमारियों का कारण बनता है।
A.
हीमोग्लोबिन
B. श्वेत रक्त कोशिका
C. जल
D. कार्बोहाइड्रेट्स
हीमोग्लोबिन रक्त में उपस्थित वर्णक है। ये ऑक्सीज़न को शरीर के ऊतकों में ले जाता है।
A.
वसा
B.
विटामिन
C.
कार्बोहाइड्रेट्स
D.
रुक्षांश
वसा और कार्बोहाइड्रेट्स ऊर्जा देते हैं। विटामिन सुरक्षात्मक भोजन है। रुक्षांश में आहारी रेशे होते हैं जो कब्ज को होने से रोकते हैं।
A.
विटामिन A
B.
आयरन
C.
आयोडीन
D.
कैल्शियम
विटामिन A की कमी से रतौंधी होती है। एनेमिया आयरन का कमी के कारण होता है और घेंघा आयोडीन की कमी के कारण होता है। दंत क्षय कैल्शियम की कमी के कारण होता है।
A.
तरबूज के बराबर
B.
नींबू के बराबर
C.
नारियल के बराबर
D.
अंगूर के बराबर
कपास के पौधे के फल (कपास गोलक) लगभग एक नींबू के आकार का होता है । पकने के पश्चात गोलक फटकर खुल जाते हैं और कपास के रेशों से घिरे हुए बीज देखे जा सकते हैं ।
A.
जंतुओं की खाल
B.
कागज
C.
ऊन
D.
रेयॉन
प्राचीनकाल में संश्लेषित रेशे और मशीनें उपलब्ध नहीं थी । प्राचीनकाल में लोग घास, जंतुओं की खाल आदि का उपयोग स्वयं को ढकने के लिए करते थे ।
A.
जन्तु
B.
प्लास्टिक
C.
पौधा
D.
वस्त्र
फ्लेक्स एक पौधा है जो प्राकृतिक रेशा प्रदान करता है ।
A.
जम्मू और कश्मीर में
B.
राजस्थान में
C.
मणिपुर में
D.
असम में
भारत में बिहार, पश्चिम बंगाल और असम सर्वाधिक जूट उत्पादन करने वाले राज्य है ।
A.
स्वेटर
B.
ब्रुश
C.
चटाई
D.
कपड़े
चटाई नारियल के रेशों से बनायी जाती है । यह नारियल के फल की जटाओं से प्राप्त होता है ।
A.
नाइलॉन और रेयॉन
B.
नाइलॉन और कपास
C.
रेयॉन और रेशम
D.
रेशम और कपास
नाइलॉन और रेयॉन संश्लेषित रेशे हैं । रेशम, रेशम कीट से प्राप्त किया जाता है अतः यह एक प्राकृतिक रेशा है । चूंकि कपास पौधे से प्राप्त किया जाता है अतः यह भी एक प्राकृतिक रेशा है ।
A.
रेयॉन और ऊन
B.
रेशम और पॉलियस्टर
C.
नाइलॉन और पॉलियस्टर
D.
रेशम और ऊन
रेशम और ऊन जंतुओं से प्राप्त किये जाते हैं इसलिए ये प्राकृतिक रेशे हैं । रेयॉन, नाइलॉन और पॉलियस्टर संश्लेषित रेशें हैं ।
A.
कटाई अवस्था आती है ।
B. परिपक्वन अवस्था आती है ।
C.
वृद्धि अवस्था आती है ।
D. पुष्पन अवस्था आती है ।
जूट के रेशे जूट के पौधे के तने से प्राप्त किए जाते हैं । इसकी खेती वर्षा ऋतु में की जाती है । भारत में जूट की खेती मुख्यतः पश्चिम बंगाल, बिहार और असम में की जाती है । जूट के पौधे का संवर्धन सामान्यतः पुष्पन अवस्था तक किया जाता है ।
A.
रेयॉन
B.
कपास
C.
ऊन
D.
पॉलियस्टर
ऊन का रेशा सिकुड़ और जल जाता है लेकिन पिघलता नहीं है । इस दौरान जलते हुए बाल की एक प्रबल गंध आती है । संश्लेषित रेशे जलाने पर सिकुड़ जाते हैं । ये पिघल भी जाते हैं और एक जलते हुए प्लास्टिक के समान गंध उत्पन्न करते हैं ।
A.
पत्ती
B.
जड़
C.
तना
D.
फूल
जूट के रेशे तने के बाहरी भाग पर उपस्थित होते हैं । जूट के रेशे जूट के पौधे से रेटिंग की प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किए जाते हैं ।
A.
एक पौधे के फल से
B.
एक पौधे की छाल से
C.
कीट के कोकून से
D.
एक जन्तु के बालों से
रेशम एक जन्तु रेशा है जिसे रेशम कीट के कोकून से प्राप्त किया जाता है ।
A.
पौधे की जड़ से
B.
कपास के पौधे के गोलकों से
C.
कपास के पौधे के तने से
D.
पौधे की पत्तियों से
गोलक कपास के पौधे के फल होते हैं । ये भूरे गोलक फटकर एक सफेद फूला हुआ पदार्थ मुक्त करते हैं जिसका उपयोग कपास के रेशों के निर्माण में किया जाता है ।
A.
कपास और ऊन
B.
कपास और फ्लेक्स
C.
रेशम और जूट
D.
ऊन और रेशम
ऊन भेड़, ऊँट और बकरी के बालों से प्राप्त की जाती है । रेशम, रेशम कीट द्वारा अपने चारो ओर बुने जाने वाले कोकून से प्राप्त किया जाता है ।
A.
यह फूली हुई होती है और वायु को रोककर रखती है।
B.
यह एक पादप रेशा है ।
C.
यह अपने में से वायु प्रवाहित होने देती है ।
D.
इसमें खुरदरे रेशे होते हैं ।
ऊन वायु को रेशों के मध्य रोककर रखती है । चूंकि वायु ऊष्मा की कुचालक होती है यह ऊष्मा को बाहर नहीं निकलने देती है और हमें गर्म रखती है ।
मानव निर्मित रेशे संश्लेषित रेशे कहलाते हैं जैसे नाइलॉन
पौधे और जन्तुओं से प्राप्त होने वाले रेशे प्राकृतिक रेशे कहलाते हैं। जूट एक प्राकृतिक रेशा है जो पटसन से प्राप्त होता है।
जूट एक लंबा, पतला तथा चमकीला पादप रेशा है।
बंधाई अथवा निटिंग वह प्रक्रिया है जिसमें एक ही धागे का उपयोग करके वस्त्र बनाया जाता है |
जूट के पौधे के संवर्धन के लिए गर्म तथा नम जलवायु उपयुक्त होती है।
अनाज़ की बोरियों के निर्माण हेतु जूट का उपयोग किया जाता है।
जूट के पौधे का संवर्धन फूल आने तक किया जाता है।
प्राचीन मिस्त्र में नील नदी के पास वस्त्रों के निर्माण हेतु कपास और पटसन के पौधों की खेती की जाती थी ।
चरखा कताई हेतु इस्तेमाल किया जाने वाला हस्तचालित उपकरण है । इसे महात्मा गाँधी ने प्रचलित किया था ।
महाराष्ट्र उन राज्यो में से एक है जहाँ कपास की खेती की जाती है ।
बंधाई विभिन्न प्रकार के स्वेटर, मफ़लर आदि बनाने में उपयोग की जाने वाली प्रक्रिया है ।
तेल के दीये की बत्ती बनाने के लिए रूई का उपयोग किया जाता है ।