CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 187901 उन कुछ देशों के नाम बताइये जहाँ अशोक ने धम्म प्रसार हेतु अपने अधिकारियों को भेजा था ।
Right Answer is:

SOLUTION

अशोक ने सीरिया, मिस्र, ग्रीस, और श्रीलंका में धम्म प्रसार हेतु अपने अधिकारियों को भेजा था ।


Q. 187902 अशोक द्वारा क्या कल्याणकारी कार्य किये गए थे ?
Right Answer is:

SOLUTION

अशोक ने सड़कों का निर्माण करवाया, कुँए खुदवाए, और विश्रामगृहों का निर्माण करवाया। इसके अलावा, उसने मानव और पशुओं दोनों के लिए चिकित्सा उपचार की व्यवस्था की।


Q. 187903 किन स्रोतों से हमें मौर्य काल के बारे में पता चलता हैं ?
Right Answer is:

SOLUTION

मौर्य साम्राज्य के बारे में हमें निम्न पुस्तकों से जानकारी प्राप्त होती हैं - 
1.    इण्डिका 
2.    अर्थशास्त्र 
इससे पता चलता है कि चन्द्रगुप्त समस्त अधिकार अपने हाथों में रखता था 


Q. 187904 चन्द्रगुप्त मौर्य की सैन्य व्यवस्था किस प्रकार संगठित थी?
Right Answer is:

SOLUTION

मौर्य शासन में सुसंगठित सैन्य व्यवस्था थी बाहरी आक्रमण आंतरिक विद्रोह को दबाने के लिए थल और जल सेना भी थी


Q. 187905 चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में क्या उद्देश्य बनाया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में अपनी राजगद्दी अपने पुत्र बिन्दुसार को सौंप दी और दक्षिण भारत चला गया वह श्रवणबेलगोला में चन्द्रगिरी नामक पहाड़ी पर तपस्या करने लगा


Q. 187906 यह सिंहचतुर्मुख स्तम्भ शीर्ष का चित्र है। इस तस्वीर से संबंधित निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिये:

1.सिंहचतुर्मुख स्तम्भ शीर्ष के निर्माण में किस सामग्री का प्रयोग किया गया है ? 2.हमारे राष्ट्रीय ध्वज और सिंहचतुर्मुख स्तम्भ शीर्ष के मध्य आम विशेषता क्या है ? 3.इस सिंहचतुर्मुख स्तम्भ शीर्ष को मूल रूप से कहाँ स्थापित किया गया था ? 4.इस सिंहस्तम्भ शीर्ष में कितने सिंह हैं ?
Right Answer is:

SOLUTION

1.सिंहचतुर्मुख स्तम्भ शीर्ष पाषाण पर उत्कीर्ण है ।

2. "अशोक चक्र" हमारे राष्ट्रीय ध्वज और सिंहचतुर्मुख स्तम्भ शीर्ष दोनों में उपस्थित है।

3. इस सिंहचतुर्मुख स्तम्भ शीर्ष को मूल रूप से सारनाथ (वर्तमान में उत्तर प्रदेश के राज्य में स्थित) में अशोक स्तंभ के ऊपर रखा गया था।

4.इस सिंहस्तम्भ शीर्ष में चार सिंह हैं।


Q. 187907 अशोक ने युद्ध का परित्याग क्यों कर दिया था ? 
Right Answer is:

SOLUTION

अशोक द्वारा कलिंग पर विजय प्राप्त करने के लिए एक युद्ध लड़ा गया था । यह उसका अंतिम युद्ध था। उसने कलिंग पर विजय के बाद युद्ध का परित्याग करने का निर्णय लिया क्योंकि वह इसमें हुई हिंसा और रक्तपात को देख भयभीत हो गया था। इतिहास में वह एकमात्र शासक है जिसने युद्ध विजय के उपरान्त अपनी जीत का परित्याग कर दिया।


Q. 187908 हम कैसे कह सकते हैं कि अशोक एक अद्वितीय शासक था ?
Right Answer is:

SOLUTION

 

अशोक सर्वाधिक प्रसिद्ध मौर्य शासक था।

  1. वह प्रथम शासक था जिसने शिलालेख के माध्यम से लोगों तक अपने संदेश पहुंचाने का प्रयत्न किया।
  2. इतिहास में वह एकमात्र शासक है जिसने युद्ध विजय के उपरान्त अपनी जीत का परित्याग कर दिया।
  3. उसने अपनी स्वयं की एक धार्मिक नीति का अनुसरण किया और प्रसिद्ध धम्म नीति का निर्माण किया ।


Q. 187909 मौर्य शासन में गुप्तचर विभाग की क्या भूमिका थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

मौर्य शासन में गुप्तचर विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका थी  मौर्य शासन में गुप्तचरों की व्यस्था थी गुप्तचर राज्य में चारों ओर फैले रहते थे गुप्तचर राज्य के अन्दर बाहर की सभी सूचनाओ को राजा तक पहुंचाते थेचन्द्रगुप्त स्वयं प्रान्तों  गाँवों का दौरा करता थावह वस्तुस्थिति को जानकर स्वयं उसका समाधान करता थागुप्तचर साम्राज्य के सभी स्थानों पर अपनी नज़र रखते थेकई भी घटना घटने पर तुरंत राजा को सूचना दी जाती थी।


Q. 187910 चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन के बारे में मेगास्थनीज ने किन बातों को बताया ?
Right Answer is:

SOLUTION

चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन के बारे में मेगास्थनीज ने निम्न  बातों को बताया  :- मौर्य काल में सभ्य होते थे वे लोग अपने घर की सुरक्षा के लिए घरों में ताले नहीं लगाते थे वे अपनी कही बातों का पूर्ण पालन करते थे उनके महल सोने-चाँदी से बने थे इस समय मगध साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र थी तक्षशिला से पाटलिपुत्र तक की सडकों के दोनों तरफ छायादार वृक्ष थे जगह-जगह पर कुएं भी खुदवाएं गये थे ।


Q. 187911 मौर्य वंश के तीन महत्वपूर्ण शासक कौन थे ?
Right Answer is:

SOLUTION

चंद्रगुप्त, उसका पुत्र बिन्दुसार, और बिन्दुसार का पुत्र अशोक मौर्य वंश के तीन महत्वपूर्ण शासक थे।


Q. 187912 चन्द्रगुप्त मौर्य का भारतीय इतिहास में क्या महत्व है ?
Right Answer is:

SOLUTION

चन्द्रगुप्त मौर्य का भारतीय इतिहास में विशेष महत्व है चन्द्रगुप्त मौर्य एक महान शासक था उसने प्रजा की भलाई के लिए अनेक कार्य किये चन्द्रगुप्त मौर्य ने भारत को एकता के सूत्र में बांधने का प्रयास किया


Q. 187913 हम कैसे कह सकते हैं कि अशोक एक अद्वितीय शासक था? किस युद्ध ने उसे बौद्ध धर्म की ओर प्रवृत किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

अशोक सर्वाधिक प्रसिद्ध मौर्य शासक था। वह प्रथम शासक था जिसने शिलालेख के माध्यम से लोगों तक अपने संदेश पहुंचाने का प्रयत्न किया, उसके अधिकाँश शिलालेख प्राकृत में थे और ब्राह्मी लिपि में लिखित थे। कलिंग युद्ध अशोक द्वारा लड़ा गया सर्वाधिक प्रसिद्द युद्ध था।

 खून और हिंसा ने उसे वृहद स्तर पर युद्ध का परित्याग करने के लिए बाध्य कर दिया। कलिंग युद्ध ने उसे बुद्ध की शिक्षाओं की ओर उन्मुख कर दिया। इतिहास में वह एकमात्र शासक है जिसने युद्ध विजय के उपरान्त अपनी जीत का परित्याग कर दिया।


Q. 187914 आम लोगों द्वारा रचित और बौद्ध भिक्षुओं द्वारा लिखी और संकलित की गई कहानियां कहलाती थीं-


A. विनय पीटक

B. सुत्त पीटक

C. अभिधम्म पीटक

D. जातक

Right Answer is: D

SOLUTION

जातक बौद्ध दृष्टान्त और कहानियाँ हैं। वे पंचतंत्र की कहानियों से साम्यता रखती हैं। उदाहरण के लिए, जातक में एक कहानी किसा गौतमी है।


Q. 187915 रोम साम्राज्य से भारत में आयत की जाने वाली मुख्य वस्तुएं थीं -


A. कृषि उपज

B. विलासिता की सामग्री

 

 

C. उत्पादक वस्तुएँ

D. उद्योगों के लिए कच्चे माल

 

Right Answer is: B

SOLUTION

अरिकमेडू रोम के साथ व्यापार का एक बहुत ही महत्वपूर्ण केंद्र था,महत्वपूर्ण केंद्र था रोमन सोना, चांदी, रत्न, दीपक, कांच के पात्र , शराब, गेरम (मछली का सॉस) और जैतून के तेल का भारत में आयात किया जाता था।  


Q. 187916 अरिकमेडू से प्राप्त किये गए मृदभांड को क्या नाम दिया गया है?
Right Answer is:

SOLUTION

अरिकमेडू से प्राप्त किया गया लाल-चमकीला मृदभांड, अर्रेटाईन वेयर के रूप में जाना जाता है


Q. 187917 श्रेणी का एक कार्य बताइये ।
Right Answer is:

SOLUTION

श्रेणियाँ, बैंकों के रूप में कार्य करती थीं, जहाँ पर अमीर पुरुष और महिलाएं अपने पैसे जमा कराते थे


Q. 187918 मथुरा के लोगों के व्यवसायों की सूची दीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

मथुरा के लोग, व्यापारी, शिल्पकार, सुनार, लोहार, बुनकर, टोकरी निर्माता, माला निर्माता, इत्रफ़रोश, आदि थे


Q. 187919 कौनसा शहर कुषाणों की दूसरी राजधानी बना था ?
Right Answer is:

SOLUTION

मथुरा, कुषाणों की दूसरी राजधानी बना था


Q. 187920 लौह उपकरणों और हथियारों का सबसे बड़ा संग्रह कहाँ से प्राप्त किया गया था?
Right Answer is:

SOLUTION

लौह उपकरणों और हथियारों का सबसे बड़ा संग्रह, महा पाषणिक शवाधान से प्राप्त किया गया है


Q. 187921 ग्राम भोजक कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

उत्तरी भारत में गांव के मुखिया को ग्राम भोजक के रूप में जाना जाता था


Q. 187922 तमिल क्षेत्र में बड़े भू-स्वामियों (जमींदारों) को क्या नाम दिया गया था?
Right Answer is:

SOLUTION

तमिल क्षेत्र में बड़े जमींदारों को वेल्लालर कहा जाता था


Q. 187923 कुषाणों की दूसरी राजधानी कौन सी थी?
Right Answer is:

SOLUTION

लगभग 2000 साल पहले कुषाणों की दूसरी राजधानी मथुरा थी


Q. 187924 2500 साल पहले सिंचाई हेतु क्या निर्माण कार्य किये गए थे ?
Right Answer is:

SOLUTION

इस समय के दौरान सिंचाई हेतु नहरों, तालाबों और कृत्रिम झीलों का निर्माण किया गया था


Q. 187925 उपमहाद्वीप में लोहे का उपयोग कब शुरू हुआ था?
Right Answer is:

SOLUTION

उपमहाद्वीप में, लोहे का उपयोग लगभग 3000 साल पहले शुरू हुआ था


Q. 187926 अरिकमेडु में कौनसे पुरातात्विक स्रोतों का उत्त्खनन किया गया है ?
Right Answer is:

SOLUTION

अरिकमेडु में पुरातात्विक खोजों में भूमध्य क्षेत्र से ईंटों की वृहद संरचना, जार के रूप में मृदभांड, मुहर लगा लाल चमकीला मृदभांड प्राप्त हुआ है,यह एक इतालवी शहर पर नामित अर्रेटाइन वेयर के रूप में जाना जाता है, रोमन दीपक, कांच के बर्तन और जवाहरात भी प्राप्त किये गए हैं


Q. 187927 अरिकमेडु में व्यापार गतिविधियों के बारे में लिखिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

2200 और 1900 साल पूर्व मध्यांश में, अरिकमेडु एक तटीय क्षेत्र था जहाँ पर सुदूर क्षेत्र से जहाज माल उतारा करते थे, पुरातात्विक साक्ष्य दर्शाते हैं कि अरिकमेडु के भूमध्य क्षेत्र के साथ व्यापार संबंध थे


Q. 187928 उत्तरी काले चमकीले मृदभांड पर एक टिप्पणी लिखिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

पुरातत्वविदों, को उत्कृष्ट मृदभांड के साक्ष्य का पता लगाते समय उत्तरी काले चमकीले मृदभांड प्राप्त हुए थे, इसे यह नाम उपमहाद्वीप के उत्तरी भाग में प्राप्त होने, इसके काले रंग के होने एवं इसके चमकीले होने के कारण प्राप्त हुआ था


Q. 187929 दो महत्वपूर्ण कपड़ा उत्पादन केन्द्र कौनसे थे?
Right Answer is:

SOLUTION

दो महत्वपूर्ण कपड़ा उत्पादन केन्द्र- उत्तर में वाराणसी और दक्षिण में मदुरै था, पुरुष और महीलाएँ दोनों कपड़ा उद्योग में काम करते थे


Q. 187930 मथुरा के धार्मिक महत्व के बारे में लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

मथुरा, एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र था, वहां बौद्ध मठ और जैन मंदिर थे, और यह भगवान कृष्ण की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र था


Q. 187931 इस अवधि के दौरान मथुरा एक महत्वपूर्ण शहर क्यों था?
Right Answer is:

SOLUTION

इस अवधि के दौरान मथुरा एक महत्वपूर्ण शहर था क्योंकि यह यात्रा और व्यापार के दो प्रमुख मार्गों के चौराहे पर स्थित था, यह कुछ अत्यधिक उत्कृष्ट मूर्तिकला के उत्पादन हेतु एक महत्वपूर्ण केंद्र भी था


Q. 187932 पंच मार्क सिक्के क्या थे?
Right Answer is:

SOLUTION

आरंभिक सिक्के जो लगभग 500 वर्षों के लिए उपयोग में लिए गए थे, पंच मार्क सिक्के कहलाते थे, क्योंकि चांदी और तांबे के रूप में धातु पर आकृतियां ठप्पा मारकर चिन्हित की गई थीं


Q. 187933 जातक की रचना किसने की थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

जातक, जनसाधारण द्वारा रचित, और फिर बौद्ध भिक्षुओं द्वारा लिखित और संरक्षित की गई कहानियाँ थीं


Q. 187934 भिक्षु तथा भिक्षुणी किसके___ के सदस्य थे।


A. आश्रम

B. शाही परिवार

C. क्षत्रीय परिवार

D. संघ

Right Answer is: D

SOLUTION

यह बौद्ध संघ के सदस्य थे। यह अत्यधिक समय चिन्तन करते थे, तथा भोजन के लिए गांव तथा शहरों में भीख मांगने जाते थे। वह दूसरों को शिक्षित करते थे तथा एक दूसरे की मदद करते थे।


Q. 187935 संघ के भीतर कलेश का समाधान कैसे किया गया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

संघ के भीतर बैठकों(संगीति) के माध्यम से कलेश का समाधान किया गया था।


Q. 187936 संघ में प्रवेश पाने वालों का मुख्य व्यवसाय क्या था?
Right Answer is:

SOLUTION

संघ में प्रवेश पाने वालों में ब्राह्मण, क्षत्रिय, व्यापारी, श्रमिक और नाई शामिल थे।


Q. 187937 आश्रम व्यवस्था किसके द्वारा विकसित की गई थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

ब्राह्मणों द्वारा आश्रम व्यवस्था विकसित की गई थी।


Q. 187938 जैन धर्म का समर्थन किसके द्वारा किया गया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

जैन धर्म का समर्थन मुख्य रूप से व्यापारियों द्वारा किया गया था।


Q. 187939 महावीर और उनके अनुयायियों की शिक्षा का प्रसार कैसे हुआ था ?
Right Answer is:

SOLUTION

महावीर और उनके अनुयायियों की शिक्षाओं को कई सदियों तक मौखिक रूप से प्रेषित किया गया था।


Q. 187940 उत्तरोत्तर काल में उपनिषद के विचार को किसने विकसित किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

उपनिषद के कईं विचारों को उत्तरोत्तर काल में प्रसिद्ध विचारक शंकराचार्य द्वारा विकसित किया गया था।


Q. 187941 बुद्ध की मृत्यु(निर्वाण)कहां हुई थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

बुद्ध की मृत्यु(निर्वाण)कुशीनारा नामक स्थान पर हुई थी।


Q. 187942 बुद्ध ने प्रथमतः अपना धर्मोपदेश कहां दिया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

भगवान बुद्ध ने वाराणसी के निकट सारनाथ में अपना प्रथम धर्मोपदेश दिया था।


Q. 187943 उस गण का क्या नाम था जिससे बुद्ध सम्बंधित थे ?
Right Answer is:

SOLUTION

बुद्ध शाक्य गण अथवा कबीले के रूप में पहचाने जाने वाले एक छोटे से गण से थे और वे एक क्षत्रिय थे।


Q. 187944 बुद्ध का जन्म कब हुआ था ?
Right Answer is:

SOLUTION

बुद्ध का जन्म लगभग 2500 वर्ष पूर्व 563 ईसा पूर्व में हुआ था।


Q. 187945 बौद्ध धर्म के संस्थापक कौन थे?
Right Answer is:

SOLUTION

गौतम बुद्ध के रूप में विख्यात सिद्धार्थ ने, बौद्ध धर्म की नींव रखी थी ।


Q. 187946 महावीर ने किस आयु में गृह का त्याग कर दिया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

महावीर ने तीस वर्ष की आयु में अपने गृह का त्याग कर दिया था। बारह वर्ष तक उन्होंने एकाकी जीवन यापन किया था, और अंततः उन्हें आत्मज्ञान प्राप्त हुआ।


Q. 187947 भारत के किन भागों में जैन धर्म का प्रसार हुआ था?
Right Answer is:

SOLUTION

जैन धर्म उत्तर भारत, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक के विभिन्न भागों में प्रसारित हो गया था ।


Q. 187948 जैन धर्म की शिक्षाओं की रचना कब एवं कहाँ की गई थी ?  
Right Answer is:

SOLUTION

जैन धर्म की शिक्षाओं की रचना लगभग 1500 वर्ष पूर्व, गुजरात में, वल्लभी नामक स्थान पर की गई थी।


Q. 187949 विहार के निर्माण हेतु भूमि दान किसने किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

एक धनी व्यापारी अथवा एक ज़मींदार, या राजा द्वारा विहार के निर्माण हेतु भू-दान किया गया था।

 


Q. 187950   शब्द आश्रम से क्या अभिप्राय था ?
Right Answer is:

SOLUTION

शब्द आश्रम का उपयोग जीवन के एक चरण के लिए किया गया था। ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास को चार आश्रम के रूप में जाना जाता था ।


Q. 187951 बुद्ध ने अपना शेष जीवन कैसे व्यतीत किया था ?
Right Answer is:

SOLUTION

बुद्ध ने अपना शेष जीवन, पैदल यात्रा करके, एक स्थान से दूसरे स्थान भ्रमण करके एवं लोगों को उपदेश देकर व्यतीत किया था ।


Q. 187952 बुद्ध ने किस भाषा में उपदेश दिए थे और क्यों ?
Right Answer is:

SOLUTION

बुद्ध ने जनसाधारण की भाषा प्राकृत में अपनी शिक्षाएं दी थी, जिससे प्रत्येक व्यक्ति उनके संदेश को समझ सके।


Q. 187953 महात्मा बुद्ध के चार आर्य सत्य का क्या अभिप्राय हैं ?
Right Answer is:

SOLUTION

महात्मा बुद्ध ने मध्यम मार्ग अपनाने की शिक्षा दी जिसका अर्थ होता है  - 'न तो विलासिता और न तो अधिक कठोर तप' इन्होने चार आर्य सत्य को बाताया :- 
1 - दुःख है |
2 - दुःख दूर करने का उपाय भी है |
3 - दुःख का कारण |
4  - दुखों के दूर करने का उपाय अष्टांगिक मार्ग है |


Q. 187954 महा-दण्ड-नायक शीर्षक .............के लिए इस्तेमाल किया गया


A. मुख्य न्यायिक अधिकारी

B. मुख्य आयुक्त

C. राजा

D. प्रधानमंत्री

Right Answer is: A

SOLUTION

महा-दण्ड-नायक से अर्थ मुख्य न्यायिक अधिकारी है। कवि हरिसेन एक महा-दण्ड-नायक थे।


Q. 187955 रविकीर्ति ............ के राज कवि थे।


A. कुमारा देवी

B. हर्षवर्धन

C. पुलकेशिन द्वितीय

D. जुआन जेंग

Right Answer is: C

SOLUTION

रविकीर्ति चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय का राज कवि था। उसने एक प्रशस्ति लिखी जिसमें पुलकेशिन द्वितीय की विजयों का वर्णन दर्शाया गया है। इसमें पुलकेशिन की विशाल नौसेना का उल्लेख भी है।


Q. 187956 हरिसेना प्रशस्ति ..............के कार्यों को संदर्भित करता है।


A. समुद्रगुप्त

B. रामागुप्त

C. चन्द्रगुप्त विक्रामादित्य

D. श्रीगुप्त

Right Answer is: A

SOLUTION

हरिसेना प्रशस्ति उन राजाओं व क्षेत्रों की एक प्रभावशाली सूची प्रदान करता है जिन्होने देशभर में समुद्रगुप्त के विजयी अभियान के आगे घुटने टेक दिए। हरिसेना ने इस प्रशस्ति में समुद्रगुप्त के अभियानों का वर्गीकरण किया है।


Q. 187957 हर्षवर्धन की जीवनी ............. द्वारा लिखी गई थी।


A. आर्यभट्ट

B. कालीदास

C. हरिसेना

D. बनाभट्ट

Right Answer is: D

SOLUTION

बनाभट्ट, वह व्यक्ति था जिसे संस्कृत के गद्य लेखकों के बीच उच्चतम स्तर प्राप्त था। वह 7वीं शताब्दी में थे, वह हर्षवर्धन के ‘राज कवी’ थे जिन्होने अपने कार्य के बीच में हर्ष तथा कादम्बरी की जीवन ‘हर्षा चरित्र’ लिखी।


Q. 187958 पूर्व गुप्त साम्राज्य के सोने व चांदी के सिक्के .......... सिक्कों पर आधारित थे।


A. कुषाण

B. सुंगास

C. साकास

D. मौर्या

Right Answer is: A

SOLUTION

गुप्त साम्राज्य के इतिहास की अत्यधिक व अतिमहत्त्वपूर्ण जानकारी उनके सिक्कों से प्राप्त की जा सकती है। गुप्त साम्राज्य के पूर्व सोने के सिक्के कुषाण पश्चात के सिक्कों से बहुत अधिक मिलते जुलते हैं।


Q. 187959 महान गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त की माता ..............थीं।


A. कुमारा देवी

B. लक्ष्मी बाई

C. हजरत महल

D. गौतमी शातकर्णी

Right Answer is: A

SOLUTION

समुद्रगुप्त के पिता चन्द्रगुप्त प्रथम ने लिच्छावी की राजकुमारी कुमारादेवी से विवाह किया, यह विवाह बहुत महत्वपूर्ण था, उन्होने अपने वैवाहिक गठबन्धन के बदले लच्छवी पर स्वामित्वी मांगा जिसके अधीन पाटलीपुत्र आता था।


Q. 187960 गुप्त काल के दौरान आंतरिक व्यापार के विस्तार के लिए मुख्य कारण ........ था।


A. वस्तु उत्पादन में तकनीकी उन्नति

B. लोगों में अधिक से अधिक समृद्धि

C. एक कठोर गुप्त नियम के कारण शांति और व्यवस्था

D. संघ के बेहतर संगठन

Right Answer is: C

SOLUTION

गुप्त काल के दौरान, आंतरिक तथा विदेशी दोनों व्यापार फले-फूले। आंतरिक व्यापार सड़क व नदियों के माध्यम से किया जाता था। इस काल में व्यापार के बढ़ने का कारण राज्य द्वारा व्यापारियों व यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं व सुरक्षा को माना जा सकता है।


Q. 187961 प्रशस्ती एक............ है।


A. निजी बंदोबस्त

B. एक राजा की प्रशंसा

C. शाही घोषणा पत्र

D. ताम्र पत्र

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रशस्ती एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ ‘की प्रशंसा में’ है। राजाओं की प्रशंसा में लिखे गए शिलालेखों को प्रशस्ती कहा गया। इन शिलालेखों में सत्तारूढ़ राजाओं तथा उनकी उपलब्धियों का वर्णन किया गया है। प्रशस्ती हमें सामान्यतः राजाओं की वंशावली की जानकारी प्रदान करती है।


Q. 187962 चीन ............. बनाने की तकनीक के आविष्कार के लिए जाना जाता है।


A. रेशम

B. कपास

C. छींट

D. मलमल

Right Answer is: A

SOLUTION

लगभग 2100 वर्ष पूर्व, चीन ने रेशम बुनाई की परिकृष्ठ तकनीक में महारत प्राप्त की थी। रेशम के परिवहन के लिए प्रयोग में लिए गए मार्ग को सिल्क रोड कहा जाता है, आज भी चीन विश्व का सबसे बड़ा रेशम उत्पादक देश है।


Q. 187963 हर्ष .......... का शासक था।


A. मगध

B. उज्जैन

C. इलाहाबाद

D. थानेश्वर

Right Answer is: D

SOLUTION

हर्ष थानेश्वर का शासक था जो वर्तमान पंजाब में स्थित है। परवकरवाधना इस क्षेत्र का शासक था। उसने थानेश्वर का निर्माण किया, जो एक शक्तिशाली साम्राज्य का केन्द्र तथा महाराज का शीर्षक ग्रहण बना।


Q. 187964 गुप्त अभिलेख में, महाराजा शीर्षक ........के लिए प्रयोग किया गया था।


A. श्रीगुप्त एवं घटोटघच

B. श्रीगुप्त एवं चन्द्रगुप्त प्रथम

C. श्रीगुप्त एवं कुमारागुप्त

D. श्रीगुप्त एवं समुद्रगुप्त

Right Answer is: A

SOLUTION

श्रीगुप्त ने पटना या पाटलीपुत्र को अपनी राजधानी के रूप में लेकर गुप्त वंश की स्थापना की। उन्होने तथा उनके पुत्र घटोटघच ने अपने शासन के बहु कम साक्ष्य छोड़े हैं और न ही उन्होने अपने कोई सिक्कों का प्रचलन किया। गुप्त अभिलेखों में महाराजा शीर्षक श्रीगुप्त एवं घटोटघच दोनों के लिए प्रयोग में लिया गया है।


Q. 187965 गुप्त राजवंश का प्रसिद्ध शासक कौन था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समुद्रगुप्त गुप्त राजवंश का प्रसिद्ध शासक था।


Q. 187966 इलाहाबाद का प्राचीन नाम क्या था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रयाग इलाहाबाद का प्राचीन नाम था।


Q. 187967 चन्द्रगुप्त II के पिता कौन थे ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त द्वितीय के पिता थे।


Q. 187968 चन्द्रगुप्त द्वितीय का दरबारी कवि कौन था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कालिदास, चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबारी कवि थे।


Q. 187969 चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबार में प्रसिद्ध खगोलशास्त्री कौन था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आर्यभट्ट, चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबार में एक प्रसिद्ध खगोलशास्त्री थे ।


Q. 187970 ह्वेनसांग किसके दरबार में दीर्घकाल तक रहा था ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ह्वेनसांग हर्षवर्धन के दरबार में दीर्घकाल तक रहा था।


Q. 187971 किस गुप्त शासक ने बंगाल के शासक के विरुद्ध सेना का नेतृत्व किया था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हर्ष ने बंगाल के शासक के विरुद्ध सेना का नेतृत्व किया था।


Q. 187972 हर्ष को दक्कन की ओर कूच करने से किसने रोका था ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हर्ष को दक्कन की ओर कूच करने से पुलकेशिन द्वितीय द्वारा रोक दिया गया था।


Q. 187973 हर्ष का क्या अर्थ होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हर्ष का  तात्पर्य खुशी  होता है।


Q. 187974 आप प्रशस्ति से क्या समझते हैं और ये इतिहास की पुनर्रचना में सहायक कैसे रहे ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रशस्ति एक विशेष प्रकार का शिलालेख होता है जिसका तात्पर्य "की प्रशंसा में" होता है। प्रशस्ति की रचना शासकों की प्रशंसा में की गई थी।

समुद्रगुप्त की प्रशस्ति इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह लगभग 1700 वर्ष पूर्व उसके दरबारी कवि हरिसेन द्वारा संस्कृत में रचित एक कविता है। यह इलाहाबाद में अशोक स्तंभ पर उत्त्कीर्ण है। इसमें कवि ने राजा की महिमामय प्रशंसा की है। उन्हें ईश्वर के समतुल्य रूप में वर्णित किया गया है। यह उनके  विजय अभियान के बारे में बताता है।

अधिकांश प्रशस्तियों में शासक के पूर्वजों का भी उल्लेख किया गया है। समुद्रगुप्त के परदादा, दादा, पिता और माता का हरिषेण द्वारा प्रशस्ति में उल्लेख किया गया है ।


Q. 187975 “हर्ष में अशोक एवं समुद्रगुप्त दोनों के गुण सम्मिलित थे” इस कथन की विवेचना कीजिए। [3+3]
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हर्ष में अशोक एवं समुद्रगुप्त दोनों के गुण विद्यमान थे, वह समुद्रगुप्त एवं अशोक की भांति एक महान योद्धा था समुद्रगुप्त के इसी गुण के कारण उसे स्मिथ ने भारत का नेपोलियन कहकर सम्बोधित किया हैं। अशोक अपनी महान कलिंग विजय के लिए विख्यात हैं। हर्ष इन दोनों महान सम्राटों की भांति एक महान साम्राज्य निर्माता था।

 

अशोक एवं समुद्रगुप्त की भांति वह एक सफल और सुयोग्य शासन- प्रबन्धक था। उसका शासन भी उदार, दयालु एवं प्रजा हितकारी था। उसके शासन में सुख-शान्ति एवं समृद्धि का वास था।

समुद्रगुप्त की भांति वह एक महान कूटनीतिज्ञ था, जिस प्रकार समुद्रगुप्त ने दूरस्थ नरेशों के प्रति ‘ग्रहण मोक्ष’ की नीति अपनाई एवं विग्रह के स्थान पर अनुग्रह का पालन किया, हर्षवर्धन ने भी अपनी कूटनीतिज्ञता का परिचय देते हुए कामरूप नरेश भास्कर वर्मा एवं वल्लभी नरेश ध्रुवसेन से मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध स्थापित किये।

अशोक एवं समुद्रगुप्त की भाँति वह एक महान धर्मपरायण एवं दानप्रिय शासक था। समुद्रगुप्त धर्म की मर्यादा स्थापित करने वाला एक धर्मप्रवर्तक शासक था, उसे धर्म की प्राचीर कहा गया है। अशोक का धार्मिक दृष्टिकोण बहुत उदार एवं व्यापक था, उसका धर्म सार्वभौमिक एवं सर्वांगीण था, इसी तरह हर्षवर्धन उच्च कोटि का धर्मपरायण व्यक्ति था वह सभी धर्मों का आदर करता था। प्रयाग की पंचवर्षीय सभा में वह सभी धर्मवालों का आदर करता था, एवं उन्हें अपारदान से मुग्ध कर देता था।

मोटे तौर पर हर्षवर्धन की समुद्रगुप्त एवं अशोक से गुणों में साम्यता निम्न बिन्दुओं के अन्तर्गत की जा सकती है।

विजेता के रूप में -अपनी महान विजयों के लिए भारतीय नेपोलीयन के रूप में विख्यात समुंद्रगुप्त, एवं कलिंग योद्धा अशोक की भांति हर्षवर्धन भी एक महान योद्धा था।

उसने निम्न विजयों के द्वारा अपने शौर्य को प्रदर्शित किया-

हर्ष की विजय- हर्ष के राजा बनते समय भारत की राजनीतिक दशा अत्यन्त खराब थी। देश में अनेक छोटे-छोटे राज्य थे। कन्नौज व थानेश्वर की शक्ति पाकर हर्ष ने सम्पूर्ण भारत में एकता स्थापित करने की योजना बनाई।

(1) आसाम विजय- आसाम के शासक भास्कर वर्मन ने हर्ष को अनेक भेटें भेजीं तथा उसके अधीन और उसका मित्र हो गया।

(2) मालवा विजय- हर्ष ने मालवा के राजा देवगुप्त को बुरी तरह हराया और इस प्रकार अपनी बहन के अपमान का बदला लिया।

(3) बल्लभी राज्य पर आक्रमण -हर्ष ने बल्लभी राज्य पर आक्रमण किया। वहाँ का शासक ध्रुवसेन द्वितीय हार कर भडौंच भाग गया, किन्तु हर्ष ने अपनी कन्या का विवाह उसके साथ करके उससे मित्रता कर ली।

(4) बंगाल विजय - प्रारम्भ में शशांक के विरूद्ध हर्ष को सफलता नहीं मिली, किन्तु अन्त में आसाम नरेश की सहायता से हर्ष शशांक को हराने में सफल हुआ।

(5) अन्य विजय- हर्ष ने सिन्ध तथा गुजरात पर भी अधिकार कर लिया तथा नेपाल नरेश भी उसके अधीन हो गया, किन्तु पुलकेशिन द्वितीय के विरूद्ध युद्ध में उसे सफलता नहीं मिली तथा नर्मदा उसके राज्य की सीमा रही।

सेना- हर्ष के पास एक विशाल सेना थी। प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्येनसांग के अनुसार उसकी सेना में 60,000 हाथी, 50,000 पैदल और 1 लाख घुड़सवार थे। प्रधान सेनानायक को महाबलाधिकृत पुकारा जाता था।

लोकहितकारी कार्य (सांस्कृतिक उपलब्धियाँ) - हर्ष अशोक एवं समुंद्रगुप्त के समान ही लोकहितकारी राजा था। उसने प्रजा की भलाई के लिये सड़के बनवाई, पेड लगवाये, औषधालय खोले, अनेक बौद्ध विहारों का निर्माण किया। वह शिक्षा संस्थाओं को बहुत दान देता था, वह प्रत्येक वर्ष प्रयाग में एक सभा का आयोजन करता था जहाँ वह समस्त सम्पत्ति दान कर देता था। वह एक धार्मिक व उदार शासक था।

विद्या प्रेमी - अशोक का शासनकाल, शिक्षा के प्रसार के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। देश में शिलालेख और स्तम्भ लेखों का पाया जाना इस बात का प्रमाण है कि उसके शासन काल में जितनी शिक्षा संस्थायें थी उतनी सम्भवतः भारत में ब्रिटिश काल में भी नहीं थी (पांचाल, तक्षशिला आदि उस समय के विशाल विद्यालय थे जहाँ पर दर्शन, विज्ञान, गणित, ज्योतिष, कला, साहित्य आदि अनेक विषयों की शिक्षा दी जाती थी।)

समुद्रगुप्त स्वंय उच्चकोटि का विद्वान एवं विद्या का उदार संरक्षक था। साहित्य में उसे बहुत रूचि थी, प्रयाग प्रशस्ति का प्रतिभाशाली रचयिता हरिषेण उसकी राजसभा में रहता था। प्रयाग प्रशस्ति में उसे ‘कविराज’ की उपाधि से विभूषित किया गया है। उसे शास्त्रों और संगीत का ज्ञान था, वह उच्च कोटि का लेखक और कवि था।

इसी तरह हर्ष भी एक विद्यानुरागी एंव साहित्य प्रेमी था।

 

हर्ष एक विद्या प्रेमी सम्राट था। चीनी यात्री ह्येनसांग के अनुसार हर्ष ने नालन्दा विश्वविद्यालय को एक सौ ग्राम दे रखे थे। इन ग्रामों के निवासी प्रतिदिन कई मन चावल एंव बहुत अधिक मात्रा में दूध यहाँ भेजते थे। वह स्वयं भी एक विद्वान शासक था। उसके दरबार में बाणभट्ट मयूर, मातंग, दिवाकर आदि प्रमुख विद्वान रहते थे।

साहित्य का संरक्षक - हर्ष एक विद्याप्रेमी सम्राट ही नहीं था वरन् वह रचयिता भी था। उसने प्रियदर्शिका, रत्नावली एवं नागानन्द तीन संस्कृत के महान् नाटक लिखे हैं। इसके दरबार में रहने वाले संस्कृत के महान कवि एवं गद्यकार बाणभट्ट ने कादम्बरी, हर्षचरित एवं चण्डीशतक नामक ग्रन्थ लिखे। कादम्बरी को बाणभट्ट के यशस्वी पुत्र भूषणभट्ट या पुलिन्दभट्ट ने पूर्ण किया जो हर्ष के ही काल में हुआ। मयूर ने सूर्यशतक लिखा। इसके अतिरिक्त उस काल के प्रसिद्ध विद्वान एवं साहित्यकार थे- शीलभद्र, उद्योतकर एवं ब्रह्मगुप्त नामक गणितज्ञ एवं ज्योतिषज्ञ। कहने का प्रयोजन है कि हर्ष साहित्यकार एवं साहित्यकारों का संरक्षक था। परवर्ती संस्कृत विद्वानों के अनुसार उसने बाणभट्ट आदि विद्वानों को प्रचुर मात्रा में धन दिया था।

निष्कर्ष - संक्षेप में कहा जा सकता है कि हर्ष प्राचीन भारत का एक महान विजेता, साम्राज्य निर्माता, तथा लोकहितकारी शासक था। डॉ. आर सी मजूमदार के अनुसार निःसन्देह हर्ष प्राचीन भारत का एक महान् सम्राट था जिसने एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की थी और अपनी प्रजा के लिये न्यायपूर्ण शासन व्यवस्था की थी। वह परम विद्या प्रेमी तथा साहित्य प्रेमी एवं विद्वानों का संरक्षक था।


Q. 187976 शासक के रूप में हर्ष का मूल्यांकन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1) आदर्श एवं प्रजापालक शासक - हर्ष ने गुप्तकालीन शासन व्यवस्था को आधार मानकर उसमें परिस्थिति के अनुसार आवश्यक परिवर्तन किए । गुप्त शासन प्रणाली इतनी सुव्यवस्थित व सुंगठित थी कि उसका अनुकरण अनेक परवर्ती राज्यों ने किया । देश व जनता की दशा को जानने के लिए हर्ष संपूर्ण राज्य का दौरा करता था । वह दुष्टों को दण्ड व सदाचारियों को पुरस्कार किया करता था । 2) केन्द्रीय शासन - शासन का सर्वोच्च पदाधिकारी स्वयं राजा था । समस्त बड़े-बड़े अधिकारियों की नियुक्ति, आज्ञा पत्र व घोषणा पत्र का प्रवर्तन व आय-व्यय की देख-रेख वह स्वयं ही करता था । साम्राज्य का सर्वोच्च न्यायाधीश होता था व प्रत्येक विभाग का सर्वोच्च अधिकारी स्वयं राजा ही था व उसका निर्णय अंतिम होता था । 3) मंत्रि-परिषद - शासन-संचालन में राजा की सहायता के लिए मंत्रि-परिषद का उल्लेख मिलता है । मंत्रियों को अमात्य कहा जाता था । 4) प्रांतीय शासन - हर्ष का साम्राज्य शासन व्यवस्था के लिए कई इकाइयों में बँटा हुआ था । समस्त साम्राज्य को राज्य या “मण्डल“ कहते थे । मण्डल अनेक प्रांतों में विभक्त था । प्रांतों को “भुक्ति“ कहा जाता था जिनके शासक महासामंत, महाराज या कुमारामात्य कहे जाते थे। इनकी नियुक्ति स्वयं सम्राट करता था । भुक्ति अनेक “विषयों“ में विभक्त थे जिनका शासक “विषयपति“ कहलाता था । ’पथक’ वर्तमान तहसील की तरह एक छोटा भू-भाग था । 5) ग्राम शासन - शासन की सबसे छोटी इकाई ग्राम थी जिसका शासक गांव के प्रतिष्ठित लोगों द्वारा चलाया जाता था । गाँव का मुखिया ग्रामिक कहलाता था। ग्राम व ग्राम समूहों में विभिन्न उच्च अधिकारियों की नियुक्ति ग्राम के सुशासन के लिए की जाती थी । इस प्रकार शासन व्यवस्था पूर्णत: सुसंगठित थी व ग्राम स्वावलंबी थे । 6) सैन्य संगठन - हर्ष का सैन्य संगठन उच्च कोटि का था । उसके पास 6 लाख सैनिकों की स्थायी सेना थी । आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी सैनिकों को बुला लिया जाता था । रथ सेना का उपयोग समाप्त हो गया था । सेना के तीन अंग थे - पदाति, अश्वारोही और हस्ति । 7) पुलिस-व्यवस्था - पुलिस व्यवस्था गुप्त शासन के समरूप थी । गुप्तचर व्यवस्था का भी उल्लेख मिलता है । 8) न्याय व्यवस्था - न्याय के प्रति हर्ष का विशेष ध्यान था । शासन व्यवस्था व्यवस्थित होने के कारण प्रजा द्वारा नियमों की अवज्ञा कम ही होती थी । शासन ईमानदारी से चलता था इसलिए अपराधी वर्ग बहुत छोटा था । फौजदारी का शासन अत्यंत कठोर था । राजद्रोह के लिए आजीवन कारावास, अंग-भंग, देश निष्कासन आदि दिए जाते थे।


Q. 187977 जिस वर्ग को वेदों के अध्ययन से छूट दी गयी थी -


A. वैश्य और शूद्र।

B. महिला एवं वैश्य।

C. महिला और शूद्र।

D. शूद्र और नर्तक।

Right Answer is: C

SOLUTION

महिलाओं एवं शूद्रों को वेदों का अध्ययन करने की अनुमति नहीं थी। वेदों का मंदिरों में पुजारियों द्वारा उच्चारण किया जाता था और लोग उन्हें सुनने के लिए आया करते थे।


Q. 187978 राष्ट्रीय संग्रहालय स्थित है-


A. कोलकाता

B. नई दिल्ली

C. चेन्नई

D. मुंबई

Right Answer is: B

SOLUTION

यह भारत का सबसे बड़ा संग्रहालय है। इस संग्रहालय में पूर्व ऐतिहासिक युग से लेकर आधुनिक काल की विभिन्न कलात्मक वस्तुएँ सुरक्षित हैं।


Q. 187979 महाबलीपुरम जिस राज्य में स्थित है -


A. आंध्र प्रदेश

B. कर्नाटक

C. तमिल नाडु

D. केरल

Right Answer is: C

SOLUTION

महाबलीपुरम चेन्नई के समीप भारतीय पूर्वी तट के साथ, बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है। महाबलिपुरम, पहाड़ियों को तराश कर बनाए जाने वाले अपने एकाश्म मंदिरों व मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है। प्रसिद्ध शोर मंदिर यहाँ स्थित है।


Q. 187980 भीतरगांव मंदिर में गर्भगृह के ऊपर एक बुर्ज का निर्माण किया जाता था, जिसे कहते थे-


A. विमान

B. गर्भगृह

C. शिखर

D. मण्डप

Right Answer is: C

SOLUTION

शिखर का निर्माण गर्भगृह के शीर्ष पर किया जाता है , जो इसे पवित्र स्थल के रूप में चिन्हित करता है। शिखर निर्माण के कठिन कार्य के लिए सावधानीसे योजना बनानी पड़ती थी।


Q. 187981 सारनाथ में स्थित अशोक स्तम्भ की अनूठी विशेषता है -


A. एकाश्म संरचना

B. नक्काशी

C. पाषाण की गुणवत्ता

D. चमक

Right Answer is: D

SOLUTION

अशोक स्तंभ का निर्माण तीसरी  शताब्दी ईसा पूर्व में किया गया था। स्तम्भ पर अशोक के अभिलेख उत्कीर्ण हैं। इन स्तंभों की अनूठी विशेषता इसकी उत्कृष्ट पॉलिश है।


Q. 187982 शून्य था-


A. अरबों का आविष्कार।

B. इंग्लैंड का आविष्कार।

C. चीन का आविष्कार।

D. भारत का आविष्कार।

 

Right Answer is: D

SOLUTION

शून्य के आधार पर गिनती की प्रणाली को बाद में अरबों द्वारा अपनाया गया था और फिर इसका यूरोप में प्रसार हुआ था।


Q. 187983 सम्राट अशोक द्वारा अपने साम्राज्य में स्तूपों का निर्माण किनके अवशेषों को सुरक्षित रखने हेतु करवाया गया था-


A. महात्मा बुद्ध

 

B. महावीर जैन

C. भगवान राम

D. भगवान शिव

Right Answer is: A

SOLUTION

स्तूप एक प्रकार का बौद्ध स्मारक है। यह केंद्रीय कक्ष के साथ एक गुम्बदाकार संरचना होती है। इसमें बुद्ध के अवशेषों से युक्त एक मंजूषा को कक्ष के अंदर प्रतिष्ठापित किया जाता है।


Q. 187984 शब्द "स्तूप" का अर्थ है एक-


A. टीला

B. पहाड़ी

C. नदी

D. समुद्र

 

Right Answer is: A

SOLUTION

स्तूप का शाब्दिक अर्थ टीला होता है । स्तूप विभिन्न आकार के होते हैं – जैसे गोल और लंबे, बड़े और  छोटे। इन सबमें सांची स्तूप सर्वाधिक प्रसिद्ध है।


Q. 187985 आर्यभट्टीयम के रचयेता थे -


A. आर्यभट्ट

B. अरबी

C. अरावली गुप्त

D. अरिकम गुप्त।

 

Right Answer is: A

SOLUTION

आर्यभट्ट एक गणितज्ञ और एक खगोलशास्त्री थे। उन्होंने संस्कृत में आर्यभट्टीयम पुस्तक की रचना की थी।


Q. 187986 मणिमेखलई में वर्णित है -


A. कोवलन तथा माधवी की पुत्री की कहानी

B. एक गणिका माधवी के जीवन के बारे में 

C. कैसे विभिन्न प्रमुखों के बीच युद्धों का आयोजन कैसे होता था।

D. राजा, जिसने कोवलन को मृत्यु की सजा सुनाई थी के जीवन के विषय में।

 

Right Answer is: A

SOLUTION

मणिमेखलई में सिलप्पदिकारम के पात्र कोवलन तथा माधवी की पुत्री की कहानी का वर्णन है।


Q. 187987 महाकाव्य हैं-


A. पारंपरिक नृत्य रूप।

B. महाकाव्यों में स्त्री-पुरुषों की वीरगाथाएँ तथा देवताओं से जुड़ी भव्य और दीर्घ कथाएँ हैं।

C. उपासकों द्वारा उनके आदर्शों के बारे में लिखित जीवनीयां हैं।

D. पारंपरिक संगीत

 

Right Answer is: B

SOLUTION

महाकाव्यों में स्त्री-पुरुषों की वीरगाथाएँ तथा देवताओं से जुड़ी भव्य और दीर्घ कथाएँ हैं।


Q. 187988 सत्तनार द्वारा रचित तमिल महाकाव्य है-


A. अभिज्ञान शाकुंतलम

B. मणिमेखलई

C. रामायण

D. महाभारत

 

Right Answer is: B

SOLUTION

तमिल महाकाव्य, मणिमेखलई को करीब 1400 साल पहले सत्तनार द्वारा लिखा गया था।


Q. 187989 पुराण की रचना जिस भाषा में की गयी थी-


A. पालि

B. पाकृत

C. संस्कृत

D. मराठी

Right Answer is: C

SOLUTION

पुराणों की रचना सरल संस्कृत श्लोक में की गयी थी, जिन्हें स्त्रियों और शूद्र सहित सभी सुनते थे। स्त्रियों तथा शूद्रों को वेद पढ़ने की अनुमति नहीं थी।


Q. 187990 प्रसिद्ध लौह स्तम्भ स्थित है-


A. दिल्ली

B. पटना

C. आगरा

D. फ़तेहपुर

 

Right Answer is: A

SOLUTION

महरौली, दिल्ली में स्थित लौह स्तंभ भारतीय शिल्पकारों की कुशलता का एक अद्भुत उदाहरण है।आश्चर्य की बात यह है कि इसके निर्माण के 1900 वर्षों के बाद भी इसमें जंक नहीं लगा है।


Q. 187991 ‘गर्भगृह’ है -


A. स्थान जहां मुख्य देवता की प्रतिमा को स्थापित किया जाता था।

B. एक टीला

C. एक मीनार।

D. स्तूप के चारों ओर का प्रदक्षिणा पथ।

 

Right Answer is: A

SOLUTION

गर्भगृह ऐसा स्थान है जहां मुख्य देवता की प्रतिमा को स्थापित किया जाता था।


Q. 187992 सिलप्पादिकारम की रचना जिस प्रसिद्ध तमिल कवि द्वारा की गयी थी-


A. सत्तनार

B. इलांगों

C. अगत्तीयर

D. तिरुवल्लूवर

 

Right Answer is: B

SOLUTION

इलांगों आदिगल एक चेर राजकुमार था। वह चेर राजवंश में पैदा हुआ था जो अब आधुनिक केरल में स्थित है। वह चेर राजा सेनागुत्तुवन का भाई था।


Q. 187993 राम की पत्नी सीता का अपहरण कहाँ के राजा द्वारा किया गया था-


A. मगध

B. हस्तिनापुर

C. लंका

D. अवन्ति

 

Right Answer is: C

SOLUTION

वन में राम की पत्नी सीता का लंका के राजा रावण ने अपहरण कर लिया था। सीता को वापस पाने के लिए राम को युद्ध लड़ना पड़ा था।इस संघर्ष को बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में माना जाता है। यह भारत में दशहरा त्यौहार के रूप में मनाया जाता है।


Q. 187994 संगम काल के प्रमुख अपने संसाधनों का संग्रहण कैसे करते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

ये प्रमुख नियमित रूप से करों का संग्रह नहीं करते थे, इसके स्थान पर वे लोगों से उपहार की मांग करते थे और लोगों से विभिन्न भेंट प्राप्त किया करते थे। वे सैन्य अभियानों पर भी जाया करते थे और आसपास के इलाकों से शुल्क एकत्र करते थे। वे धन की कुछ मात्रा अपने पास रख लेते थे और शेष धन को उनके परिवार के सदस्यों और समर्थकों के बीच वितरित कर देते थे।


Q. 187995 सिल्क रूट क्या था?
Right Answer is:

SOLUTION

चीन में रेशम बनाने की तकनीक को बहुत गोपनीय रखा गया था। जो लोग चीन से दूरस्थ क्षेत्रों की यात्रा घोड़े की पीठ पर, ऊंटों पर, और पैदल किया करते थे वो अपने साथ रेशम ले जाते थे। वे जिस मार्ग से ये यात्रा करते थे वो मार्ग सिल्क रूट के रूप में पहचाना जाने लगा।


Q. 187996 वे प्रसिद्ध शासक कौन थे जिन्होनें सिल्क रूट पर नियंत्रण स्थापित किया था?
Right Answer is:

SOLUTION

मध्य एशिया और उत्तर-पश्चिम भारत पर शासन करने वाले कुषाणों ने सिल्क रूट पर नियंत्रण स्थापित किया था। पेशावर और मथुरा उनकी सत्ता के दो प्रमुख केंद्र थे। उनके शासन के दौरान, सिल्क रूट की एक शाखा मध्य एशिया से निम्नस्थ सिंधु नदी के मुहाने पर स्थित बंदरगाहों तक विस्तृत थी।


Q. 187997 शब्द 'हिन्दू' कहाँ से लिया गया है ?
Right Answer is:

SOLUTION

शब्द 'हिन्दू' इंडस(सिंधु)नदी से लिया गया है। इस शब्द का प्रयोग अरब और ईरानी द्वारा नदी के पूर्व में निवासित लोगों, उनके धार्मिक विश्वासों सहित उनकी सांस्कृतिक प्रथाओं को सम्बोधित करने हेतु किया गया था।


Q. 187998 भक्ति प्रणाली में विश्वास का आधार क्या था?
Right Answer is:

SOLUTION

इस विश्वास प्रणाली के अनुसार चयनित देवता की स्तुति सच्चे मन से किये जाने पर देवता व्यक्ति द्वारा इच्छित रूप में प्रकट होते थे। अतएव मानव, शेर, वृक्ष अथवा किसी अन्य रूप में देवता की कल्पना की जा सकती थी। एक बार इस विचार को स्वीकृति प्राप्त होने के बाद, कलाकारों द्वारा इन देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं निर्मित की गई ।


Q. 187999 भारत से लौटते समय ह्वेनसांग द्वारा क्या वस्तुएं साथ में ले जायी गई थीं ?
Right Answer is:

SOLUTION

ह्वेनसांग अपने साथ सोने, चांदी और चंदन से निर्मित बुद्ध की प्रतिमाएं और 20 घोड़ों की पीठ पर लदी हुई 600 से अधिक पांडुलिपियों को अपने साथ में ले गया था।कुछ 50 पांडुलिपियां उसके द्वारा सिंधु नदी पार करते समय नाव के पलट जाने से खो गई थीं ।


Q. 188000 उन यात्रियों के नाम बताइये जो भारत में बौद्ध स्थानों की यात्रा करने के लिए आए थे ।
Right Answer is:

SOLUTION

व्यापारी दूरस्थ स्थानों की यात्रा कारवां और जहाजों में किया करते थे, तब तीर्थयात्रियों ने भी उनके साथ संलग्न हो यात्रा की। फाह्यान अत्यधिक प्रसिद्ध चीनी बौद्ध तीर्थयात्री था जो लगभग 1600 वर्ष पूर्व उपमहाद्वीप में आया था। ह्वेनसांग चीन से एक अन्य लोकप्रिय तीर्थयात्री था जो लगभग 1400 वर्ष पूर्व आया था।

 


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